राष्ट्रीय समाचार
कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026

- कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026
- भारत की संसद ने कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। इसका उद्देश्य आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को प्रतिस्थापित करना, विदेशी पूंजी के प्रवाह को गति देना, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना तथा डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित नियमों को सरल बनाना है।
विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ
- UPI एवं मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR): यह विधेयक भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन करता है तथा इसे आयकर अधिनियम से अलग करता है। इसका उद्देश्य ऐसा सक्षम ढाँचा तैयार करना है, जिसके अंतर्गत सरकार विशिष्ट डिजिटल लेनदेन, जैसे UPI और RuPay, को शुल्क-मुक्त रखने या व्यापारियों पर MDR लागू करने के संबंध में अधिसूचना जारी कर सके।
- विनिर्माण क्षेत्र में कर प्रोत्साहन: यह विधेयक विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट निर्माताओं तथा अधिसूचित विशेष क्षेत्रों में कच्चे हीरों की बिक्री के लिए आयकर छूट को 31 मार्च 2041 तक बढ़ाता है। इससे मेक इन इंडिया पहल को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
- विदेशी पूंजी एवं FII: यह विधेयक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) तथा बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) से प्राप्त ब्याज एवं पूंजीगत लाभ पर विशिष्ट कर छूट प्रदान करता है।
- ऑफशोर फंड के नियमों का युक्तिकरण: भारत से परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाले पात्र ऑफशोर/निवेश फंडों के लिए कठोर शर्तों को सरल बनाया गया है। आवश्यकताओं को 13 नियमों से घटाकर 5 प्रमुख सिद्धांतों तक सीमित किया गया है।
- REITs एवं InvITs: यह विधेयक रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के यूनिटधारकों के लिए लाभांश आय पर कर छूट को पुनर्स्थापित करता है तथा स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) पर अधिभार में आवश्यक समायोजन करता है।
कृषि छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल

- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित ICAR-IARI, पूसा में कृषि छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली का शुभारंभ किया।
- इस प्रणाली के माध्यम से 6,000 से अधिक छात्रों को प्रतिमाह ₹21.35 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है, जिससे वित्तीय सहायता को पारदर्शी, समयबद्ध और परेशानी-मुक्त बनाया जा सके।
भारत की पहली मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रत्यायन प्रणाली

- गुणवत्ता परिषद भारत (QCI) की घटक संस्था NABL ने नई दिल्ली में भारत की पहली मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रत्यायन योजना शुरू की।
- यह व्यवस्था गुणवत्तापूर्ण परीक्षण सुविधाओं को समुदायों के अधिक निकट उपलब्ध कराएगी, खाद्य निगरानी को मजबूत करेगी तथा स्थायी प्रयोगशालाओं के बाहर भी त्वरित नियामकीय कार्रवाई को सक्षम बनाएगी।
भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI)
- स्थापना: 1997 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से स्थापित।
- कानूनी स्थिति: यह सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एक स्वायत्त, गैर-लाभकारी सोसायटी है। यह न तो वैधानिक निकाय है और न ही संवैधानिक निकाय।
- नोडल मंत्रालय: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
- संयुक्त संस्थापक: भारत सरकार तथा तीन प्रमुख उद्योग संगठन—ASSOCHAM, CII और FICCI।
- नेतृत्व संरचना: अध्यक्ष की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा उद्योग जगत की सिफारिशों के आधार पर की जाती है।
5 घटक बोर्ड
QCI पाँच विशिष्ट बोर्डों के माध्यम से कार्य करता है:
- NABL – प्रयोगशालाएँ
- NABH – अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा
- NABCB – प्रमाणन निकाय
- NABET – शिक्षा एवं प्रशिक्षण
- NBQP – गुणवत्ता संवर्धन
- NABL अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन सहयोग (ILAC) तथा एशिया-प्रशांत प्रत्यायन सहयोग (APAC) की पारस्परिक मान्यता व्यवस्थाओं (MRA) का सदस्य एवं हस्ताक्षरकर्ता है।
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राज्य विशेष समाचार
गुजरात में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना

- गुजरात वन विभाग ने रामसर स्थल के रूप में नामित नलसरोवर पक्षी अभयारण्य के आसपास प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना शुरू की।
गुजरात
- गठन की तिथि: 1 मई 1960
- मुख्यमंत्री: भूपेंद्र पटेल
- राज्यपाल: आचार्य देवव्रत
- प्रमुख स्थल: रानी की वाव, सोमनाथ मंदिर, लोथल (अहमदाबाद), धोलावीरा (कच्छ)
- प्रमुख त्योहार: नवरात्रि, पतंग महोत्सव, कच्छ उत्सव, मोढेरा नृत्य महोत्सव
- नृत्य, नाटक एवं संगीत की प्रमुख लोक शैलियाँ: डांडिया रास, गरबा नृत्य, टिप्पणी, पधार नृत्य, भवई लोक नाट्य, हलीसका, डांगी नृत्य
- द्वीप: खादिर, पीरोटन, नोरा, भैदर, बेट/पीरम बेट, शियाल बेट, साधु बेट
- राष्ट्रीय उद्यान: गिर, वांसदा, ब्लैक बक, मरीन नेशनल पार्क
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: ग्रेट रण ऑफ कच्छ जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
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अंतरराष्ट्रीय समाचार
मृत्युदंड समाप्त करने वाला पहला अरब देश बना लेबनान

- लेबनान की संसद ने मृत्युदंड को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही लेबनान मृत्युदंड समाप्त करने वाला अरब विश्व का पहला देश बन गया है। इसके स्थान पर कठोर श्रम सहित आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है।
- लेबनान में पहले से ही 17 जनवरी 2004 से मृत्युदंड पर वास्तविक/अनौपचारिक रोक लागू थी। इसका अर्थ था कि दो दशकों से अधिक समय तक किसी व्यक्ति को मृत्युदंड नहीं दिया गया, हालांकि न्यायालय मृत्युदंड की सजा सुनाते रहे।
लेबनान
- आधिकारिक नाम: लेबनानी गणराज्य
- राजधानी एवं सबसे बड़ा शहर: बेरूत
- मुद्रा: लेबनानी पाउंड
- राष्ट्रपति: जोसेफ आउन
- स्वतंत्रता वर्ष: 1943
- प्रमुख नदी: लितानी नदी (देश के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी)
- सर्वोच्च पर्वत: क़ुरनत अस-सौदा
- सीमावर्ती देश: उत्तर एवं पूर्व में सीरिया तथा दक्षिण में इज़राइल
- जल निकाय: पश्चिम में भूमध्य सागर स्थित है। साइप्रस भूमध्य सागर के पार थोड़ी दूरी पर स्थित है।
- महत्वपूर्ण सीमा रेखा: ब्लू लाइन लेबनान और इज़राइल के बीच संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त वास्तविक सीमा-निर्धारण रेखा है।
- “मध्य-पूर्व का पेरिस”: बेरूत को ऐतिहासिक रूप से फ्रांसीसी संस्कृति, फैशन और शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में यह उपनाम दिया गया है।
- “मध्य-पूर्व का स्विट्जरलैंड”: लेबनान के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रयुक्त उपनाम, जो इसके समृद्ध बैंकिंग क्षेत्र तथा पर्वतीय एवं बर्फ से ढके पर्यटन स्थलों के कारण प्रचलित हुआ।
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पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति असद एवं अन्य अधिकारियों को मृत्युदंड

- दमिश्क की एक सीरियाई अदालत ने अपदस्थ पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद तथा उनके भाई माहेर अल-असद सहित शासन के प्रमुख अधिकारियों को सीरिया के 14 वर्ष लंबे गृहयुद्ध के दौरान किए गए युद्ध अपराधों, यातना और मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई।
- बशर अल-असद और उनके भाई माहेर दिसंबर 2024 में शासन के पतन के समय रूस के मॉस्को भाग गए थे।
- अनुपस्थिति में मुकदमा चलाए जाने से सजा के प्रवर्तन, प्रत्यर्पण संबंधी बाधाओं तथा निर्वासित पूर्व राष्ट्राध्यक्षों पर घरेलू न्यायाधिकार की सीमाओं से जुड़े प्रश्न उत्पन्न होते हैं।
सीरिया
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सीरिया
- राजधानी: दमिश्क — विश्व के सबसे पुराने निरंतर आबाद शहरों में से एक
- मुद्रा: सीरियाई पाउंड (SYP)
- सीरिया में राष्ट्राध्यक्ष एवं शासनाध्यक्ष: अहमद अल-शारा
- महाद्वीप: एशिया (मध्य-पूर्व/पश्चिमी एशिया)
सीमावर्ती देश: सीरिया की स्थलीय सीमा 5 देशों से लगती है:
- तुर्किये – उत्तर
- इराक – पूर्व
- जॉर्डन – दक्षिण
- इज़राइल – दक्षिण-पश्चिम
- लेबनान – पश्चिम
- समुद्री सीमा: पश्चिम में भूमध्य सागर
प्रमुख नदियाँ
- यूफ्रेट्स नदी: सीरिया की सबसे लंबी एवं सबसे महत्वपूर्ण नदी।
- ओरॉन्टेस नदी: सीरिया से होकर उत्तर दिशा में बहती है।
संघर्ष क्षेत्र
- गोलान हाइट्स: 1967 के छह-दिवसीय युद्ध में इज़राइल द्वारा सीरिया से कब्जा किया गया रणनीतिक पठार।
- इदलिब: उत्तर-पश्चिमी सीरिया में विद्रोहियों के नियंत्रण वाला अंतिम प्रमुख गढ़।
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MASHAV (माशाव)

- इज़राइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह ने यरूशलम में इज़राइल की अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एजेंसी MASHAV की प्रमुख एयनात श्लीन से मुलाकात की।
- बैठक में MASHAV के माध्यम से भारत-इज़राइल विकास साझेदारी को और विस्तृत एवं सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की गई।
- MASHAV इज़राइल के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य साझेदार देशों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में सहायता देने के लिए इज़राइल के तकनीकी ज्ञान, नवाचार और बुनियादी ढाँचे से संबंधित विशेषज्ञता का हस्तांतरण करना है।
इज़राइल
- राजधानी: यरूशलम (इज़राइल द्वारा दावा किया गया; अनेक विदेशी दूतावास तेल अवीव में स्थित हैं)
- मुद्रा: इज़राइली न्यू शेकेल (ILS)
- राष्ट्रपति (राष्ट्राध्यक्ष): आइज़ैक हर्ज़ोग — औपचारिक पद; एकल 7-वर्षीय कार्यकाल के लिए निर्वाचित
- प्रधानमंत्री (शासनाध्यक्ष): बेंजामिन नेतन्याहू — कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग करते हैं
- संसद का नाम: नेसेट — 120 सदस्यों वाली एकसदनीय विधायिका
- आधिकारिक भाषाएँ: हिब्रू (अरबी को विशेष दर्जा प्राप्त है)
- स्थापना: 14 मई 1948 को ब्रिटिश जनादेश की समाप्ति के बाद स्थापना की घोषणा की गई।
- खुफिया एजेंसियाँ: मोसाद (बाह्य खुफिया) और शिन बेट (आंतरिक सुरक्षा)
- भारत-इज़राइल संबंध: पूर्ण राजनयिक संबंध 29 जनवरी 1992 को स्थापित हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इज़राइल की पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक यात्रा की।
- प्रमुख सीमावर्ती देश: लेबनान (उत्तर), सीरिया (उत्तर-पूर्व), जॉर्डन (पूर्व), मिस्र (दक्षिण-पश्चिम)
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नियुक्तियाँ
दीप्ति गौर मुखर्जी

- दीप्ति गौर मुखर्जी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
रिपोर्ट, रैंक और सूचकांक
QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027

- QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली 118वीं वैश्विक रैंक के साथ भारत का सर्वोच्च रैंक प्राप्त संस्थान रहा। इसके बाद IIT बॉम्बे 134वें और IIT मद्रास 170वें स्थान पर रहे।
- IIT दिल्ली 118वीं वैश्विक रैंक के साथ भारत का सर्वोच्च रैंक प्राप्त संस्थान बना। वैश्विक स्तर पर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) प्रथम, इंपीरियल कॉलेज लंदन द्वितीय और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तृतीय स्थान पर रहे।
- QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 को लंदन, यूनाइटेड किंगडम स्थित वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषण कंपनी Quacquarelli Symonds (QS) द्वारा जारी किया गया।
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के बारे में
- कुल भारतीय संस्थान: इस सूची में भारत के 52 विश्वविद्यालय एवं संस्थान शामिल हुए, जो हाल के वर्षों में भारत की वैश्विक शैक्षणिक उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
- शीर्ष 3 भारतीय संस्थान:
- IIT दिल्ली – वैश्विक रैंक: 118
- IIT बॉम्बे – वैश्विक रैंक: 134
- IIT मद्रास – वैश्विक रैंक: 170
- मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), USA
- इंपीरियल कॉलेज लंदन, UK
- स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, USA
- महत्वपूर्ण उपलब्धि: भारत अब इन रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर 5वाँ सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया है।
प्रमुख कारण
- नीतिगत कारक: संस्थानों की संख्या में वृद्धि भारत में अनुसंधान उत्पादन, अंतरराष्ट्रीयकरण और उद्योग के साथ संबंधों पर बढ़ते जोर को दर्शाती है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत किए जा रहे सुधारों के लक्ष्यों के अनुरूप है।
- क्षेत्रीय अंतर — महत्वपूर्ण तथ्य: यद्यपि भारतीय संस्थानों की कुल संख्या में वृद्धि हुई है, फिर भी भारत का प्रतिनिधित्व एशिया के शीर्ष 10 संस्थानों में नहीं है। भारत का सर्वोच्च रैंक वाला संस्थान IIT दिल्ली, एशियाई क्षेत्रीय रैंकिंग में 30वें स्थान पर है।
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पुरस्कार और सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय भाषाविज्ञान ओलंपियाड 2026

- भारत ने बुखारेस्ट, रोमानिया में आयोजित 23वें अंतरराष्ट्रीय भाषाविज्ञान ओलंपियाड (IOL) में एक स्वर्ण पदक, तीन कांस्य पदक और एक सम्माननीय उल्लेख (Honourable Mention) प्राप्त किया।
- श्रीलक्ष्मी वेंकटरमण ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि आरव अनिल राव, निशांत शंकर लक्ष्मणन और अद्वय मिश्रा ने कांस्य पदक जीते। सोहम अमित पेडणेकर को सम्माननीय उल्लेख प्राप्त हुआ।
- IOL में औपचारिक भाषाविज्ञान या व्याकरण के पूर्व ज्ञान का परीक्षण नहीं किया जाता। इसके बजाय, इसमें क्रिप्टविश्लेषण क्षमता, पैटर्न पहचान, तर्कशक्ति और संरचनात्मक विश्लेषण का परीक्षण किया जाता है तथा प्रतिभागियों के समक्ष अपरिचित या संकटग्रस्त प्राकृतिक भाषाओं से संबंधित समस्याएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
क्लाइमेट स्टैक इनोवेशन चैलेंज के विजेता

- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने नेशनल क्लाइमेट स्टैक इनोवेशन चैलेंज के अंतिम विजेताओं की घोषणा की।
- SatSure Analytics India Pvt Ltd ने प्रथम पुरस्कार (₹15 लाख), EXPERIQS Pvt Ltd ने द्वितीय पुरस्कार (₹10 लाख) और VARSAPRADAYA Pvt Ltd ने तृतीय पुरस्कार (₹5 लाख) प्राप्त किया।
- इस पहल का नेतृत्व NABARD ने Bill & Melinda Gates Foundation और Dalberg Advisors के सहयोग से किया।
- इसका मुख्य उद्देश्य DiCRA (Data in Climate Resilient Agriculture) को एक इंटरऑपरेबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में विकसित करना है, ताकि कृषि, ग्रामीण वित्त, बीमा और सार्वजनिक नियोजन के लिए निर्णय-उपयोगी जलवायु संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
नाबार्ड
- स्थापना: 12 जुलाई 1982 को छठी पंचवर्षीय योजना (1980–1985) के दौरान NABARD अधिनियम, 1981 के तहत।
- मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र।
- समिति: बी. शिवरामन समिति (CRAFICARD) द्वारा इसकी स्थापना की सिफारिश की गई थी।
- पूर्ववर्ती संस्थाएँ: RBI की कृषि ऋण/योजना इकाइयों तथा ARDC का स्थान लिया।
- वर्तमान अध्यक्ष: डॉ. शाजी के.वी.
- प्रथम महिला अध्यक्ष: रंजना कुमार।
कार्य
- NABARD प्रत्यक्ष रूप से व्यक्तिगत किसानों को ऋण देने के बजाय मुख्य रूप से शीर्ष पुनर्वित्त एवं विनियामक संस्था के रूप में कार्य करता है।
- यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सहकारी बैंकों की निगरानी करता है, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को बढ़ावा देता है, SHG-बैंक लिंकेज माइक्रोफाइनेंस मॉडल को विकसित करने में अग्रणी रहा है तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) का प्रबंधन करता है।
- स्वामित्व: RBI की प्रारंभिक हिस्सेदारी अधिग्रहित किए जाने के बाद यह पूर्णतः भारत सरकार के स्वामित्व में है।
- अधिकृत पूंजी: ₹30,000 करोड़।
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अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
V.O. चिदंबरनार पोर्ट

- तमिलनाडु के तूतीकोरिन (थूथुकुडी) स्थित V.O. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण ने भारत के पहले प्रमुख बंदरगाह के रूप में स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त दर्जा प्राप्त किया।
स्कोप उत्सर्जन
स्कोप-1 – प्रत्यक्ष उत्सर्जन: संगठन के स्वामित्व या प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले स्रोतों से होने वाला ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन, जैसे बंदरगाह के वाहन, टगबोट और डीजल जनरेटर।
स्कोप-2 – अप्रत्यक्ष उत्सर्जन: संगठन द्वारा खरीदी या प्राप्त की गई बिजली, भाप, हीटिंग और कूलिंग के उत्पादन से संबंधित अप्रत्यक्ष GHG उत्सर्जन। स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त होने का अर्थ है कि बंदरगाह की बिजली खपत की पूरी भरपाई या तो स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों, जैसे पवन एवं सौर ऊर्जा, से की जाती है या स्वच्छ स्रोतों से बिजली उत्पन्न की जाती है।
स्कोप-3 – अन्य अप्रत्यक्ष उत्सर्जन: मूल्य श्रृंखला में होने वाले अन्य सभी अप्रत्यक्ष उत्सर्जन, जैसे तृतीय-पक्ष माल परिवहन और बंदरगाह पर आने वाले जहाजों से होने वाला उत्सर्जन।
वीओ चिदंबरनार पोर्ट के बारे में
- स्थान: थूथुकुडी (तूतीकोरिन), तमिलनाडु का दक्षिण-पूर्वी तट; मन्नार की खाड़ी के निकट स्थित।
- ऐतिहासिक संदर्भ: इसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी वी.ओ. चिदंबरनार (कप्पलोट्टिया तमिलन) के नाम पर रखा गया है। उन्होंने ब्रिटिश समुद्री व्यापार के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए 1906 में स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी की स्थापना की थी।
- प्रशासनिक निकाय: यह बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित होता है।
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ई-वीजा प्रवेश के लिए 11 और बंदरगाह

- गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत के ई-वीजा प्रवेश नेटवर्क का विस्तार करते हुए 11 अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं को अधिसूचित किया है। इसके साथ देश में ई-वीजा के लिए नामित प्रवेश बिंदुओं की कुल संख्या 88 हो गई है।
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88 प्रवेश बिंदुओं का वर्गीकरण
- भारत में अद्यतन 88 प्रवेश बिंदुओं को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- हवाई अड्डे: 37 — इनमें 2 नए जोड़े गए।
- समुद्री बंदरगाह: 38 — कोई नया बंदरगाह नहीं जोड़ा गया।
- स्थलीय बंदरगाह: 13 — 9 नए जोड़े गए।
11 नए प्रवेश बिंदु
1. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे — 2
- भोपाल हवाई अड्डा (राजा भोज हवाई अड्डा) – मध्य प्रदेश।
- तिरुपति हवाई अड्डा – आंध्र प्रदेश।
2. स्थलीय बंदरगाह / एकीकृत जांच चौकियाँ — 9
- अटारी रोड – पंजाब (भारत-पाकिस्तान सीमा)
- अगरतला – त्रिपुरा (भारत-बांग्लादेश सीमा)
- दावकी – मेघालय (भारत-बांग्लादेश सीमा)
- मोरेह – मणिपुर (भारत-म्यांमार सीमा)
- दर्रांगा – असम (भारत-भूटान सीमा)
- जयगांव – पश्चिम बंगाल (भारत-भूटान सीमा)
- गेदे – पश्चिम बंगाल (भारत-बांग्लादेश सीमा)
- घोजाडांगा – पश्चिम बंगाल (भारत-बांग्लादेश सीमा)
- हरिदासपुर – ओडिशा (स्थलीय/सीमा शुल्क जांच चौकी संपर्क)
भारत की ई-वीजा व्यवस्था का विकास
- प्रारंभ वर्ष: 2014 में शुरुआत, प्रारंभ में 43 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध।
- वर्तमान वैश्विक पहुंच: अब 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध।
- शामिल उप-श्रेणियाँ: कुल 17 उप-श्रेणियाँ, जिनमें पर्यटक, व्यवसाय, चिकित्सा, विद्यार्थी, पारगमन और पर्वतारोहण आदि शामिल हैं।
- डिजिटल वीजा की हिस्सेदारी: वर्तमान में भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में लगभग 78% इलेक्ट्रॉनिक वीजा हैं।
- प्रसंस्करण दक्षता: लगभग 95% ई-वीजा आवेदनों का सफलतापूर्वक 72 घंटे के भीतर प्रसंस्करण किया जाता है।
- प्रबंधन
- नोडल मंत्रालय: गृह मंत्रालय (MHA) के पास आव्रजन, वीजा नीति और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित अधिकार हैं।
- नीतिगत उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य वास्तविक विदेशी यात्रियों के लिए भारत में प्रवेश की प्रक्रिया को उदारीकृत, सुव्यवस्थित और सरल बनाना है।
- सुरक्षा एकीकरण: इस विस्तार में प्रौद्योगिकी-आधारित सीमा प्रबंधन प्रणालियों का उपयोग किया गया है, जिससे आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
- वैधानिक अनुरूपता: यह व्यवस्था संशोधित आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित मानक आव्रजन दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।
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1601-सीरीज़ शुरू

- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1601-सीरीज़ शुरू करने का निर्देश जारी किया है। इसका उद्देश्य गैर-वित्तीय कॉर्पोरेट संस्थाओं की वॉइस कॉल को बैंकिंग और सरकारी क्षेत्र से संबंधित संवेदनशील संचार से अलग पहचान प्रदान करना है।
1601-सीरीज़ नंबरिंग सिस्टम के बारे में
| नंबर सीरीज़ |
निर्धारित उद्देश्य एवं लक्षित क्षेत्र |
प्रमुख नियामकीय प्रतिबंध |
| 1600-सीरीज़ |
BFSI संस्थाओं — बैंक, बीमा तथा RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA द्वारा विनियमित वित्तीय क्षेत्रों — एवं सरकार से नागरिक (G2C) संचार के लिए आरक्षित। |
केवल गैर-प्रचारात्मक उपयोग। तृतीय-पक्ष ऐप द्वारा इन्हें स्पैम के रूप में चिह्नित करने पर कड़े प्रतिबंध। |
| 1601-सीरीज़ (नई) |
गैर-BFSI और गैर-सरकारी कॉर्पोरेट क्षेत्रों के वैध लेन-देन/सेवा संबंधी वॉइस कॉल के लिए आवंटित। |
प्रचारात्मक उपयोग की अनुमति नहीं। नंबर सीधे संबंधित संस्थाओं को दिए जाएंगे तथा एग्रीगेटरों को दरकिनार किया जाएगा। |
| 140-सीरीज़ |
सभी उद्योगों में पंजीकृत वाणिज्यिक संस्थाओं द्वारा प्रचारात्मक एवं टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए निर्धारित। |
TRAI के डू नॉट डिस्टर्ब (DND) वरीयता नियमों के अधीन। |
1601-सीरीज़ निर्देश की प्रमुख विशेषताएँ
- चरण-I के कार्यान्वयन का फोकस: प्रारंभिक चरण में महत्वपूर्ण नागरिक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है:
- उपयोगिता सेवाएँ: विद्युत वितरण, जलापूर्ति, शहर गैस वितरण तथा LPG वितरण एजेंसियाँ।
- लॉजिस्टिक्स एवं कूरियर सेवाएँ: ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई सेवाएँ।
- एंटी-एग्रीगेटर प्रावधान: दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) को ये नंबर सीधे मूल व्यावसायिक संस्थाओं को आवंटित करने होंगे। पारदर्शिता की कमी को रोकने के लिए तृतीय-पक्ष संचार एग्रीगेटरों के माध्यम से उप-पट्टे पर देना या रूट करना प्रतिबंधित होगा।
- समयबद्ध ऑनबोर्डिंग: TSPs को पात्र संस्थाओं का सत्यापन, माइग्रेशन और ऑनबोर्डिंग 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।
- अनिवार्य शपथ-पत्र/घोषणा: कंपनियों को कानूनी घोषणा देनी होगी कि इन नंबरों का उपयोग केवल लेन-देन संबंधी संदेशों — जैसे पार्सल डिलीवरी सूचना या बिजली कटौती संबंधी सूचना — के लिए किया जाएगा तथा इनका उपयोग किसी भी प्रचारात्मक विज्ञापन के लिए नहीं होगा।
महत्व
- प्रतिरूपण आधारित धोखाधड़ी पर रोक: साइबर अपराधी अक्सर सामान्य 10-अंकीय मोबाइल नंबरों का उपयोग कूरियर सेवा या बिजली विभाग जैसी संस्थाओं का प्रतिनिधि बनकर नागरिकों को ठगने के लिए करते हैं। एक मानकीकृत नंबर सीरीज़ नागरिकों को कॉल की वैधता की पहचान करने में सहायता करेगी।
- महत्वपूर्ण वित्तीय संचार की सुरक्षा: सामान्य उपयोगिता सेवाओं की कॉल को 1600-सीरीज़ के साथ मिलाने से महत्वपूर्ण वित्तीय सूचनाओं की प्राथमिकता कम हो सकती थी। बैंकिंग कॉल को 1600-सीरीज़ में अलग रखने से नागरिकों के लिए धोखाधड़ी या OTP जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं को पहचानना आसान होगा।
- “Trusted Calling Framework” को मजबूती: यह व्यवस्था भारत में डिजिटल सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक पहल का हिस्सा है और दूरसंचार विभाग के संचार साथी (Sanchar Saathi) – चक्षु (Chakshu) पोर्टल, जिसका उपयोग सक्रिय दूरसंचार धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के लिए किया जाता है, जैसी पहलों के साथ काम करती है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI)
- स्थापना वर्ष: 20 फरवरी 1997
- मुख्यालय: नई दिल्ली, भारत
- प्रशासनिक मंत्रालय: संचार मंत्रालय, भारत सरकार
- अध्यक्ष: अनिल कुमार लाहोटी (पूर्व रेलवे बोर्ड अध्यक्ष)
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चर्चित व्यक्ति
खुदीराम बोस का 119वां शहादत दिवस

- 11 अगस्त 2026 को भारत ने स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे कम उम्र के और प्रतिष्ठित क्रांतिकारियों में से एक खुदीराम बोस का 119वाँ शहादत दिवस मनाया।
खुदीराम बोस के बारे में
| तथ्य |
विवरण |
| जन्म एवं मूल स्थान |
बंगाल प्रेसिडेंसी के मिदनापुर स्थित मोहबानी गाँव में त्रैलोक्यनाथ बोस और लक्ष्मीप्रिया देवी के घर जन्म। |
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नाम की उत्पत्ति
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उनके माता-पिता के दो पुत्रों की कम उम्र में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद समय से पहले मृत्यु से बचाने की स्थानीय परंपरा के तहत उन्हें प्रतीकात्मक रूप से उनकी बहन को तीन मुट्ठी अनाज के बदले “बेचा” गया। स्थानीय परंपरा में अनाज को ‘खुद’ कहा जाता था। |
| गुप्त क्रांतिकारी संगठन |
1905 के बंगाल विभाजन से गहराई से प्रभावित होकर 15 वर्ष की आयु में अनुशीलन समिति से जुड़े। वे क्रांतिकारी संगठन युगांतर से भी निकटता से जुड़े थे। |
| प्रेरणा एवं मार्गदर्शन |
अरविंद घोष और बारींद्र घोष जैसे राष्ट्रवादी नेताओं के मार्गदर्शन एवं विचारों से प्रभावित। |
मुजफ्फरपुर बम कांड (1908)
- लक्ष्य: डगलस एच. किंग्सफोर्ड, जो कलकत्ता के मुख्य प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट थे और बाद में मुजफ्फरपुर स्थानांतरित किए गए। भारतीय राष्ट्रवादियों को कठोर शारीरिक दंड देने के कारण वे अत्यंत अलोकप्रिय थे।
- सहयोगी: खुदीराम बोस ने इस अभियान में क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी के साथ मिलकर कार्य किया।
- घटना — 30 अप्रैल 1908: दोनों ने बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित यूरोपियन क्लब के बाहर एक घोड़ा-गाड़ी पर बम फेंका, यह मानते हुए कि उसमें मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड सवार थे।
- गलती: किंग्सफोर्ड दूसरी गाड़ी में थे। हमले में गलती से बैरिस्टर प्रिंगल कैनेडी की पत्नी और पुत्री — श्रीमती एवं मिस कैनेडी — की मृत्यु हो गई।
गिरफ्तारी, मुकदमा एवं शहादत
- भागने एवं गिरफ्तारी: खुदीराम पैदल भागे, लेकिन अगले दिन सुबह बिहार के वाणी रेलवे स्टेशन (समस्तीपुर) पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
- प्रफुल्ल चाकी का अंत: गिरफ्तारी और ब्रिटिश पुलिस द्वारा संभावित यातना से बचने के लिए प्रफुल्ल चाकी ने स्वयं को गोली मार ली।
- मुकदमा: खुदीराम बोस पर ऐतिहासिक मुजफ्फरपुर षड्यंत्र मामला चलाया गया। उन्होंने अदालत में बम विस्फोट की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की।
- फाँसी: उन्हें 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में फाँसी दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे हाथ में भगवद्गीता लेकर निर्भीक मुस्कान के साथ फाँसी के तख्ते की ओर बढ़े।
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कला और संस्कृति
MSME मंत्रालय और DPIIT ने GI उत्पादों की बाजार पहुँच बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने भारत के भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों के व्यावसायीकरण और वैश्विक बाजार तक पहुँच को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
भौगोलिक संकेत (GI) टैग
| संबंधित कानून |
भौगोलिक संकेतक वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 |
| नोडल एजेंसी |
पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक, जो भौगोलिक संकेतक के रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करते हैं। |
| विभाग |
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय |
| मुख्यालय |
भारत का GI रजिस्ट्री कार्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है। |
| वैधता |
GI टैग 10 वर्षों के लिए वैध होता है और इसे अनिश्चितकाल तक नवीनीकृत किया जा सकता है। |
| पहला GI उत्पाद |
दार्जिलिंग चाय को 2004–05 में पहला भारतीय GI टैग प्राप्त हुआ। |
अंतरराष्ट्रीय ढाँचा
- पेरिस कन्वेंशन: औद्योगिक संपदा के संरक्षण के लिए पेरिस कन्वेंशन के अनुच्छेद 1(2) और 10 के अंतर्गत GI संरक्षण को मान्यता प्राप्त है।
- TRIPS समझौता: विश्व व्यापार संगठन (WTO) के Trade-Related Aspects of Intellectual Property Rights (TRIPS) समझौते के अनुच्छेद 22 से 24 के अंतर्गत GI संरक्षण का वैश्विक ढाँचा निर्धारित किया गया है। भारत WTO का सदस्य होने के कारण इन दायित्वों के अनुरूप अपना घरेलू GI कानून लेकर आया।
कानूनी एवं कार्यात्मक विशिष्टता
- सामुदायिक बनाम व्यक्तिगत अधिकार: ट्रेडमार्क या पेटेंट के विपरीत, जो किसी व्यक्ति या एक कंपनी के स्वामित्व में हो सकते हैं, GI टैग एक सामूहिक/सामुदायिक अधिकार है। यह निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले सभी उत्पादकों से संबंधित होता है।
- शामिल श्रेणियाँ: GI टैग कृषि उत्पाद जैसे बासमती चावल, प्राकृतिक उत्पाद जैसे मकराना संगमरमर, निर्मित वस्तुएँ जैसे मैसूर सिल्क, हस्तशिल्प जैसे पश्मीना शॉल तथा खाद्य पदार्थ जैसे हैदराबादी हलीम को प्रदान किया जाता है।
- लाभ: अनधिकृत उपयोग को रोकना, निर्यात को बढ़ावा देना, ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करना और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाना।
तथ्य
- सर्वाधिक GI टैग वाला राज्य: ऐतिहासिक रूप से तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सर्वाधिक पंजीकृत GI टैग वाले राज्यों की सूची में प्रमुख रहे हैं। परीक्षा से पहले नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण/आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर वर्तमान क्रम की पुष्टि करना उचित होगा।
- लोगो एवं स्लोगन: “Invaluable Treasures of Incredible India” — “अतुल्य भारत की अमूल्य निधि”।
- दार्जिलिंग चाय: इसे लोगो और “Darjeeling” शब्द दोनों के लिए GI संरक्षण प्राप्त है।
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पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी
TDB ने AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को समर्थन दिया

- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने विशाखापत्तनम स्थित M/s Griva Healthcare Pvt. Ltd. के साथ AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को समर्थन देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर असामान्य ओजोन परत

- वैज्ञानिकों ने उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 21 से 23 किलोमीटर की ऊँचाई पर असामान्य रूप से मोटी और अत्यधिक संकेंद्रित ओजोन परत का पता लगाया।
- यह घटना NetRAD-ASMA अभियान के दौरान दर्ज की गई और इसके निष्कर्ष Earth and Space Science में प्रकाशित हुए।
- यह घटना एक दिन से अधिक समय तक बनी रही और इसका कारण स्थानीय प्रकाश-रासायनिक निर्माण के बजाय वायुमंडलीय परिवहन और वायु के संपीड़न को माना गया।
खेल
भारत ने U-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में 17 मेडल जीते

- भारत ने नाइजीरिया के लागोस में U-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में 17 मेडल जीते।