राज्य विशेष समाचार
तेलंगाना ने एआई-संचालित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली 112 लॉन्च की

- तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (TGiCCC) में नेक्स्टजेन डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (TG-ERSS) का आधिकारिक शुभारंभ किया।
तेलंगाना
- राजधानी: हैदराबाद
- गठन: 2 जून 2014 को भारत के 29वें राज्य के रूप में (वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद 28वाँ राज्य)
- राज्यपाल: शिव प्रताप शुक्ल
- मुख्यमंत्री: रेवंत रेड्डी
- विधानमंडल: द्विसदनीय (विधानसभा एवं विधान परिषद)
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: तेलंगाना निज़ाम के हैदराबाद राज्य का हिस्सा था, जिसे 1956 में आंध्र राज्य के साथ मिलाकर आंध्र प्रदेश बनाया गया तथा लंबे आंदोलन के बाद 2014 में अलग राज्य बना।
- नाम की उत्पत्ति: "त्रिलिंग देश" (द्राक्षाराम, कालेश्वरम एवं श्रीशैलम के तीन शिवलिंग) अथवा "तेलुगु-अंगना" से।
- महत्वपूर्ण ऐतिहासिक काल: सातवाहन, काकतीय (वारंगल किला), कुतुबशाही (हैदराबाद, चारमीनार) तथा आसफ जाही निज़ाम (1724–1948)।
- प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ: ऑपरेशन पोलो (1948), तेलंगाना विद्रोह (1946–51), जेंटलमैन्स एग्रीमेंट (1956), श्रीकृष्ण समिति (2010), आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम (2014)।
- वन एवं अभयारण्य: कवाल टाइगर रिज़र्व, पाखल वन्यजीव अभयारण्य तथा एतुरनागरम वन्यजीव अभयारण्य।
- प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ: कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना (विश्व की सबसे बड़ी), पालमुरु-रंगारेड्डी तथा मिशन काकतीय।
- प्रमुख त्योहार: बोनालु (देवी महाकाली), बथुकम्मा (पुष्पोत्सव), रमज़ान एवं मुहर्रम।
- कला एवं शिल्प: बिदरी शिल्प, बंजारा सुई-कढ़ाई, ढोकरा धातु शिल्प तथा निर्मल कला।
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छत्तीसगढ़ में ₹500 करोड़ का एआई मिशन

- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने ₹500 करोड़ की कुल वित्तीय लागत वाली छत्तीसगढ़ राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मिशन को पाँच वर्षों की अवधि के लिए स्वीकृति प्रदान की।
- यह प्रमुख पहल भारत सरकार के IndiaAI Mission के अनुरूप राज्य में सुशासन, तकनीकी नवाचार तथा कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।
छत्तीसगढ
- गठन: 1 नवम्बर 2000 (मध्य प्रदेश से अलग होकर भारत का 26वाँ राज्य बना)।
- राजधानी: रायपुर (नवा रायपुर अटल नगर नियोजित स्मार्ट सिटी)।
- प्राचीन नाम: दक्षिण कोसल।
- उच्च न्यायालय: बिलासपुर।
- लोकसभा सीटें: 11
- राज्यसभा सीटें: 5
- विधानमंडल: एकसदनीय (90 सदस्यीय विधानसभा)।
- राज्यपाल: रमेन डेका।
- मुख्यमंत्री: विष्णु देव साय (भाजपा के प्रथम जनजातीय मुख्यमंत्री)।
भूगोल एवं सीमाएँ
- स्थलरुद्ध (Landlocked) राज्य: किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा या समुद्री तट से नहीं जुड़ा।
- सीमावर्ती राज्य: 7 राज्यों से घिरा है।
- उत्तर: उत्तर प्रदेश
- उत्तर-पश्चिम: मध्य प्रदेश
- उत्तर-पूर्व: झारखंड
- पूर्व: ओडिशा
- दक्षिण: आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना
- पश्चिम: महाराष्ट्र
- सर्वोच्च शिखर: गौरलाटा (समरी पाट, बलरामपुर) – 1,225 मीटर।
- कर्क रेखा: कोरिया, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिलों से होकर गुजरती है।
- भारतीय मानक समय (IST) रेखा: 82.5° पूर्व देशांतर राज्य से होकर गुजरती है तथा कर्क रेखा को यहीं काटती है।
नदी तंत्र एवं जलप्रपात
- महानदी: छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा; धमतरी जिले की सिहावा पहाड़ियों से निकलती है।
- प्रमुख नदियाँ: इंद्रावती, अरपा, मनियारी, सोंढुल, पैरी, हसदेव एवं शिवनाथ (महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी)।
- चित्रकोट जलप्रपात: इंद्रावती नदी पर स्थित; चौड़ाई के कारण इसे "भारत का नियाग्रा" कहा जाता है।
- तीरथगढ़ जलप्रपात: मुंगाबहार नदी पर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित।
खनिज एवं अर्थव्यवस्था
- धान का कटोरा: व्यापक धान उत्पादन के कारण प्रसिद्ध।
- टिन अयस्क: भारत में टिन अयस्क का एकमात्र वाणिज्यिक उत्पादक राज्य; मुख्यतः दंतेवाड़ा/बस्तर क्षेत्र।
- लौह अयस्क: बैलाडीला पर्वतमाला में उच्च गुणवत्ता वाला हेमेटाइट लौह अयस्क; विशाखापत्तनम बंदरगाह से जापान निर्यात।
- कोयला: कोरबा में विशाल भंडार; इसे राज्य की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है।
पर्यावरण एवं वन्यजीव
राष्ट्रीय उद्यान:
- इंद्रावती (कुटरू) राष्ट्रीय उद्यान – जंगली भैंस एवं टाइगर रिज़र्व के लिए प्रसिद्ध।
- कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान – बस्तर हिल मैना एवं कुटुमसर गुफाओं के लिए प्रसिद्ध।
- गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान – राज्य का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान।
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: अचानकमार-अमरकंटक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (मध्य प्रदेश के साथ साझा)।
राज्य प्रतीक
- राजकीय पशु: जंगली भैंसा
- राजकीय पक्षी: पहाड़ी मैना
- राजकीय वृक्ष: साल
जनजातियाँ एवं संस्कृति
- प्रमुख जनजातियाँ: गोंड, बैगा, मुरिया, हल्बा एवं अबूझमाड़िया।
लोकनृत्य:
- पंडवानी – महाभारत की संगीतमय प्रस्तुति; तीजन बाई एवं ऋतु वर्मा प्रसिद्ध कलाकार।
- राउत नाचा – यादव/अहीर समुदाय द्वारा दीपावली पर।
- पंथी – सतनामी समुदाय का धार्मिक नृत्य।
- सुवा (सुवा नाचा) – महिलाओं द्वारा दीपावली के अवसर पर किया जाने वाला "तोता नृत्य"।
प्रमुख त्योहार:
- हरेली – कृषि उपकरणों की पूजा का पर्व।
- बस्तर दशहरा – 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे लंबा पर्व, देवी दंतेश्वरी को समर्पित।
- गोंचा उत्सव – बस्तर क्षेत्र का प्रसिद्ध रथोत्सव।
भौगोलिक संकेतक (GI टैग):
- बस्तर ढोकरा शिल्प
- बस्तर लौह शिल्प
- बस्तर लकड़ी शिल्प
- चम्पा सिल्क
- जीराफूल चावल एवं नगरी दुबराज चावल
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अंतरराष्ट्रीय समाचार
मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया

- मैसाचुसेट्स की गवर्नर मौरा हीली ने 15 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से "इंडिया डे" घोषित किया।
- इसी प्रकार, बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी शहर में 15 अगस्त को इंडिया डे घोषित किया।
- यह ऐतिहासिक घोषणा भारत की स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ के सम्मान तथा लगभग 50 लाख भारतीय-अमेरिकी समुदाय के आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से की गई।
शिखर सम्मेलन
भौगोलिक संकेतक (GI) एवं बियॉन्ड 2.0 शिखर सम्मेलन

- केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में "Geographical Indication (GI) and Beyond 2.0 Summit" का उद्घाटन किया।
- वस्त्र मंत्रालय द्वारा हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में भारत के GI टैग प्राप्त हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
भौगोलिक संकेत (GI) टैग
- शासकीय कानून: भौगोलिक संकेतक वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999।
- नोडल एजेंसी: पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क के नियंत्रक महानियंत्रक, जो GI रजिस्ट्रार भी हैं।
- विभाग: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- मुख्यालय: जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई (तमिलनाडु)।
- वैधता: 10 वर्ष (अनिश्चितकाल तक नवीनीकरण संभव)।
- प्रथम GI उत्पाद: दार्जिलिंग चाय (2004–05)।
अंतरराष्ट्रीय ढाँचा
- पेरिस कन्वेंशन: औद्योगिक संपदा संरक्षण संबंधी पेरिस कन्वेंशन के अनुच्छेद 1(2) एवं 10 के अंतर्गत GI संरक्षण मान्य।
- TRIPS समझौता: विश्व व्यापार संगठन (WTO) के TRIPS समझौते के अनुच्छेद 22–24 के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर GI का संरक्षण। भारत ने इसी के अनुरूप अपना GI अधिनियम बनाया।
कानूनी एवं कार्यात्मक विशेषताएँ
- सामुदायिक अधिकार: ट्रेडमार्क या पेटेंट के विपरीत GI किसी व्यक्ति या कंपनी का नहीं, बल्कि निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के सभी पात्र उत्पादकों का सामूहिक अधिकार होता है।
- श्रेणियाँ: कृषि उत्पाद, प्राकृतिक उत्पाद, विनिर्मित वस्तुएँ, हस्तशिल्प तथा खाद्य पदार्थ।
- लाभ: अनधिकृत उपयोग पर रोक, निर्यात को बढ़ावा, ग्रामीण विकास तथा उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से सुरक्षा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सर्वाधिक GI टैग वाले राज्य: ऐतिहासिक रूप से तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक सर्वाधिक GI टैग के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं।
- लोगो एवं स्लोगन: "अतुल्य भारत की अमूल्य निधि" (Invaluable Treasures of Incredible India)।
- दार्जिलिंग चाय की विशेषता: यह भारत का पहला ऐसा उत्पाद है जिसे लोगो एवं "Darjeeling" शब्द—दोनों के लिए GI संरक्षण प्राप्त है।
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नियुक्तियाँ
डॉ. टी. वी. सोमनाथन को कैबिनेट सचिव के रूप में सेवा-विस्तार

- मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) ने भारत के कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी।
- • इस विस्तार के बाद उनका कार्यकाल 30 अगस्त 2026 से आगे बढ़कर 30 अगस्त 2027 तक रहेगा, जिससे वे देश के सर्वोच्च नौकरशाही पद पर बने रहेंगे।
तेवोल्डे गेब्रेमरियम एयर इंडिया के CEO और MD नियुक्त

- एयर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर इथियोपियन एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख तेवोल्डे गेब्रेमरियम को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है ।
महत्वपूर्ण दिवस
अलाबोई रण स्मृति दिवस

- अलाबोई रण स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 5 अगस्त को असम में मनाया जाता है।
- यह दिवस 5 अगस्त 1669 को हुए ऐतिहासिक अलाबोई के युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले लगभग 10,000 अहोम सैनिकों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।
अलाबोई का युद्ध
- युद्ध की तिथि: 5 अगस्त 1669 (शक संवत् 1591)
- स्थान: अलाबोई, ददरा एवं पचारिया के निकट, कामरूप जिला, असम।
- अहोम पक्ष का नेतृत्व: राजा चक्रध्वज सिंघा के आदेश पर लाचित बरफुकन के नेतृत्व में।
- मुगल पक्ष का नेतृत्व: राजा राम सिंह प्रथम।
- परिणाम: इस युद्ध से प्राप्त सामरिक अनुभव ने दो वर्ष बाद 1671 के सरायघाट के युद्ध में लाचित बरफुकन की ऐतिहासिक एवं निर्णायक नौसैनिक विजय का मार्ग प्रशस्त किया।
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रिपोर्ट, रैंक और सूचकांक
रिपोर्ट: “Reimagining Care: Strategies for Empowering Caregivers in Viksit Bharat@2047”

- नीति आयोग (NITI Aayog) ने “Reimagining Care: Strategies for Empowering Caregivers in Viksit Bharat@2047” शीर्षक से एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की।
- यह रिपोर्ट भारत की केयर इकोनॉमी (Care Economy) को पेशेवर स्वरूप प्रदान करने, अनौपचारिक देखभालकर्ताओं (Caregivers) को सशक्त बनाने तथा भारत को कुशल देखभाल पेशेवरों का वैश्विक केंद्र बनाने हेतु एक रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करती है।
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान)
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स्थापित:
1 जनवरी, 2015 (यूनियन कैबिनेट के एग्जीक्यूटिव रेजोल्यूशन के ज़रिए)
प्रकार: गैर-संवैधानिक, गैर-सांविधिक निकाय
एसडीजी नोडल एजेंसी
प्लानिंग होराइजन: 3-साल का एक्शन एजेंडा, 7-साल की स्ट्रैटेजी, 15-साल का विजन।
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संरचनात्मक संरचना
अध्यक्ष : भारत के प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी)
उपाध्यक्ष : अशोक कुमार लाहिड़ी
सीईओ: सुश्री निधि छिब्बर
गवर्निंग काउंसिल : इसमें प्रधानमंत्री , सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर शामिल होते हैं।
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प्रमुख रिपोर्ट/सूचकांक : एसडीजी इंडिया इंडेक्स , राज्य स्वास्थ्य सूचकांक , समग्र जल प्रबंधन सूचकांक और स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (एसईक्यूआई) जारी करता है ।
प्रमुख पहल : अटल नवाचार मिशन (एआईएम), आकांक्षी जिला कार्यक्रम
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पुरस्कार और सम्मान
प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को COSPAR विक्रम साराभाई पदक

- प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित COSPAR विक्रम साराभाई पदक प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला वैज्ञानिक तथा कुल चौथी भारतीय बन गई हैं।
- यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उन्हें इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं Committee on Space Research (COSPAR) Scientific Assembly के दौरान प्रदान किया गया। विश्व स्तर पर यह सम्मान प्राप्त करने वाली वे तीसरी महिला वैज्ञानिक हैं।
- प्रो. सुब्रमण्यम बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (Indian Institute of Astrophysics-IIA) की निदेशक हैं तथा सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) की अतिरिक्त निदेशक का दायित्व भी संभाल रही हैं।
- • यह सम्मान उन्हें तारकीय जनसंख्या (Stellar Populations), ब्लू स्ट्रैगलर तारों (Blue Straggler Stars) एवं आकाशगंगा विकास (Galaxy Evolution) पर उनके उत्कृष्ट शोध तथा भारत की प्रथम समर्पित अंतरिक्ष वेधशाला AstroSat पर स्थापित Ultra-Violet Imaging Telescope (UVIT) की कैलिब्रेशन वैज्ञानिक के रूप में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
पवन हंस ने नोएमी एयरोस्पेस के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

- पवन हंस लिमिटेड ने नई दिल्ली में नॉर्वे स्थित नोएमी एयरोस्पेस (Noemi Aerospace) के साथ इलेक्ट्रिक सीप्लेन प्रौद्योगिकी तथा अन्य सतत विमानन समाधानों के क्षेत्र में सहयोग हेतु एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (Non-binding MoU) पर हस्ताक्षर किए।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए नए लाइसेंस

- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने घोषणा की कि वह लंबे अंतराल के बाद शहरी सहकारी बैंकों (Urban Cooperative Banks-UCBs) के लिए नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करेगा।
शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative Banks-UCBs)
- भारत का पहला सहकारी बैंक: अन्योन्य सहकारी मंडली (Anyonya Sahakari Mandali), जिसकी स्थापना 1889 में बड़ौदा (गुजरात) में हुई थी, भारत की पहली शहरी सहकारी ऋण संस्था मानी जाती है।
- कानूनी आधार: सहकारी ऋण समितियों का कानूनी ढाँचा Cooperative Credit Societies Act, 1904 के माध्यम से लॉर्ड कर्ज़न के शासनकाल में प्रारंभ हुआ।
- लोकतांत्रिक सिद्धांत: इनका संचालन "एक सदस्य, एक मत" (One Member, One Vote) के सिद्धांत पर होता है। इनके ग्राहक ही इनके शेयरधारक एवं स्वामी होते हैं।
- लक्षित वर्ग: ऐतिहासिक रूप से UCBs को केवल गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए ऋण देने की अनुमति थी, यद्यपि वर्तमान में यह सीमा लागू नहीं है।
द्वैध विनियामक (Dual Regulation) व्यवस्था
UCBs दो अलग-अलग संस्थाओं द्वारा विनियमित होते हैं—
1. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI):
बैंकिंग संचालन, लाइसेंस, पूंजी पर्याप्तता, ब्याज दर एवं ऋण नीति का विनियमन Banking Regulation Act, 1949 के अंतर्गत करता है।
2. सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (Registrar of Cooperative Societies-RCS):
पंजीकरण, प्रबंधन, चुनाव एवं प्रशासनिक लेखा-परीक्षण का कार्य करता है।
- एक राज्य में कार्यरत UCBs: संबंधित राज्य के RCS द्वारा विनियमित।
- बहु-राज्यीय UCBs: केंद्रीय RCS (सहकारिता मंत्रालय) के अधीन।
RBI की चार-स्तरीय नियामक संरचना
| स्तर |
मानदंड एवं जमा राशि |
| टियर-1 |
सभी यूनिट UCBs एवं वेतनभोगी UCBs तथा ₹100 करोड़ तक जमा वाले अन्य UCBs |
| टियर-2 |
₹100 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक जमा वाले UCBs |
| टियर-3 |
₹1,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ तक जमा वाले UCBs |
| टियर-4 |
₹10,000 करोड़ से अधिक जमा वाले बड़े UCBs |
एक-पंक्ति तथ्य
- कुल संख्या: RBI के हालिया आँकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 1,457 शहरी सहकारी बैंक कार्यरत हैं।
- सबसे बड़ा UCB: सरस्वत सहकारी बैंक लिमिटेड (Saraswat Co-operative Bank Ltd.), जिसका मुख्यालय मुंबई में है।
- अनुसूचित दर्जा: RBI अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में शामिल UCBs को अनुसूचित UCBs कहा जाता है तथा वे RBI से वित्तीय पुनर्वित्त (Refinancing) के पात्र होते हैं।
- हालिया नीति परिवर्तन (2026): RBI ने लगभग 22 वर्षों (2004 से) के अंतराल के बाद 'ऑन-टैप' लाइसेंसिंग पुनः प्रारंभ करने हेतु मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- निदेशक का कार्यकाल: संशोधित शासन नियमों के अनुसार कोई भी निदेशक लगातार 10 वर्ष से अधिक बोर्ड में नहीं रह सकता; इसके बाद 3 वर्ष का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि होगी।
- पर्यवेक्षण ढाँचा: Prompt Corrective Action (PCA) ढाँचा टियर-2, टियर-3 एवं टियर-4 UCBs पर लागू होता है, ताकि बढ़ते NPA एवं पूंजी में कमी जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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सीमा-पार ई-कॉमर्स निर्यात हेतु नियम

- भारत सरकार ने वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के माध्यम से इन्वेंटरी-आधारित सीमा-पार (Cross-Border) ई-कॉमर्स निर्यात के लिए नए नियम लागू किए।
भारतीय रेल में मॉडल रियायत (Model Concession) समझौता

- नए ऑल इंडिया लाइसेंस के अंतर्गत कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTOs) के लिए एक समान पंजीकरण शुल्क ₹25 करोड़ निर्धारित किया गया है।
- रेल मंत्रालय ने देशभर में सरल एवं एकरूप लाइसेंसिंग व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट (MCA) में इन महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी।
भारतीय रेल
- भारतीय रेल के जनक: लॉर्ड डलहौजी, जिन्होंने 1853 में अपने "रेलवे मिनट्स" के माध्यम से भारतीय रेल नेटवर्क की नींव रखी।
- प्रथम यात्री रेलगाड़ी: 16 अप्रैल 1853 को बोरीबंदर (मुंबई) से ठाणे (34 किमी) के बीच चली।
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- इंजन: साहिब, सिंध एवं सुल्तान नामक तीन भाप इंजन।
- संचालक: ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR)।
- प्रथम औद्योगिक रेल: रेड हिल रेलवे (1837), मद्रास में ग्रेनाइट परिवहन हेतु संचालित, जो यात्री रेल सेवा से पहले प्रारंभ हुई।
- प्रथम विद्युत रेल: 3 फरवरी 1925 को बॉम्बे वीटी (वर्तमान CSMT) से कुर्ला के बीच डीसी ट्रैक्शन पर शुरू हुई।
- राष्ट्रीयकरण: 1951।
- रेल बजट का विलय: 1924 से अलग रेल बजट प्रस्तुत किया जाता था, जिसे 2017 में केंद्रीय बजट में सम्मिलित कर दिया गया।
- रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO: सतीश कुमार।
- प्रथम महिला अध्यक्ष: जया वर्मा सिन्हा।
- वैश्विक रैंक: विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क (अमेरिका, चीन एवं रूस के बाद)।
- क्षेत्रीय संरचना: 18 रेलवे ज़ोन (कोलकाता मेट्रो रेलवे सहित) तथा 68 मंडल।
- सबसे तेज़ ट्रेन: वंदे भारत एक्सप्रेस (स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन)।
- सबसे लंबा रेल मार्ग: विवेक एक्सप्रेस (डिब्रूगढ़–कन्याकुमारी), लगभग 4,234 किमी।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल:
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- दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे
- नीलगिरि माउंटेन रेलवे
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- कालका-शिमला रेलवे
- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई।
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- सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म: गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) – लगभग 1,366 मीटर।
- सबसे ऊँचा रेलवे पुल: चिनाब ब्रिज (एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊँचा)।
महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
- 1909: ट्रेनों में शौचालयों की शुरुआत (ओखिल चंद्र सेन की शिकायत के बाद)।
- 1984: भारत की पहली मेट्रो सेवा कोलकाता में प्रारंभ हुई।
- 1986: नई दिल्ली में प्रथम कम्प्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली शुरू हुई।
- शुभंकर (Mascot): भोलू, गार्ड हाथी (2002 में रेलवे की 150वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत)।
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कला और संस्कृति
‘As Seen on Netflix’ अनुभाग का शुभारंभ

- संस्कृति मंत्रालय एवं पर्यटन मंत्रालय ने इनक्रेडिबल इंडिया पोर्टल पर ‘As Seen on Netflix’ अनुभाग का शुभारंभ किया।
- नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं नेटफ्लिक्स के सह-CEO टेड सारांडोस द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। यह सुविधा वैश्विक पर्यटकों को लोकप्रिय नेटफ्लिक्स फिल्मों एवं वेब सीरीज़ में प्रदर्शित वास्तविक शूटिंग स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं तथा प्रामाणिक पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराती है।
पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी
अंतरिक्ष में उगाई गई पहली चावल की फसल

- चीन के तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में उगाई गई चावल की पहली फसल की कटाई की।
- • शेनझोउ-23 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों—झू यांगझू, झांग झियुआन एवं लाई का-यिंग—ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल किया। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में चावल की लगातार दो पीढ़ियों की खेती करना है।
- • यह परियोजना चीन की 2022 की उस उपलब्धि पर आधारित है, जिसमें अंतरिक्ष में चावल की पूर्ण जीवन-चक्र खेती पहली बार सफल हुई थी। वैज्ञानिक यह अध्ययन कर रहे हैं कि क्या फसलें "पीढ़ीगत स्मृति (Transgenerational Memory)" विकसित कर सकती हैं तथा शून्य गुरुत्वाकर्षण के अनुरूप बेहतर ढंग से अनुकूलित हो सकती हैं। इसके लिए जापोनिका चावल की दो अलग-अलग किस्मों की तुलना की जा रही है।
कांटेदार समुद्री घोड़े (Thorny Seahorse) की नई प्रजाति

- केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज (KUFOS) के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने Hippocampus amandavincentae नामक कांटेदार समुद्री घोड़े की नई प्रजाति की आधिकारिक पहचान की।
- • इस प्रजाति का नाम प्रसिद्ध समुद्री जीव विज्ञानी एवं समुद्री घोड़ों के संरक्षण की अग्रणी विशेषज्ञ अमांडा विन्सेंट के सम्मान में रखा गया है।
- • यह शोध Zootaxa नामक वर्गिकी (Taxonomy) पत्रिका में प्रकाशित हुआ तथा इसने 150 वर्ष पुराने वैज्ञानिक रहस्य को सुलझाते हुए सिद्ध किया कि पहले Hippocampus histrix मानी जाने वाली व्यापक प्रजाति वास्तव में तीन अलग-अलग प्रजातियों का समूह है।
प्रशांत महासागर के टाइफून का भारतीय मानसून पर प्रभाव

- प्रशांत महासागर के टाइफून तथा भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में ऊष्मीकरण भारतीय दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रभावित करते हैं। ये नमी के प्रवाह, पवन पट्टियों की स्थिति तथा बंगाल की खाड़ी एवं उत्तर हिंद महासागर में चक्रवातीय गतिविधियों में परिवर्तन लाते हैं।
- जब भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एल-नीनो जैसी स्थिति उत्पन्न होती है अथवा जापान एवं दक्षिण चीन सागर के निकट शक्तिशाली टाइफून बनते हैं, तब वे वैश्विक वायुमंडलीय पंप की तरह कार्य करते हुए ऊष्मा एवं ऊर्जा का पुनर्वितरण करते हैं, जिससे भारत के चार माह लंबे वर्षा ऋतु चक्र पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
भारतीय मानसून
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भारतीय मानसून मुख्यतः स्थल एवं समुद्र के असमान ऊष्मीकरण के कारण उत्पन्न होने वाली मौसमी पवनों की दिशा-परिवर्तन प्रणाली है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाती है।
कार्यविधि (Mechanics)
- असमान ऊष्मीकरण: ग्रीष्म ऋतु में एशियाई भूभाग (विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत) अत्यधिक गर्म होकर निम्न दाब क्षेत्र बनाता है, जबकि आसपास के महासागर अपेक्षाकृत ठंडे एवं उच्च दाब वाले बने रहते हैं।
- ITCZ का उत्तर की ओर खिसकना: जुलाई में अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) गंगा के मैदानों (20°N–25°N) तक पहुँच जाता है, जिससे निम्न दाब की पट्टी बनती है और नमी युक्त हवाएँ भूमध्य रेखा पार कर भारत की ओर आकर्षित होती हैं।
- कोरिओलिस बल: भूमध्य रेखा पार करने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें कोरिओलिस बल के कारण दाहिनी ओर मुड़कर दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनें बन जाती हैं।
जेट धाराओं की भूमिका
- उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट (Subtropical Westerly Jet): मानसून के आगमन से पहले इसे हिमालय के उत्तर की ओर हटना आवश्यक होता है।
- उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट (Tropical Easterly Jet-TEJ): तिब्बती पठार के तीव्र ऊष्मीकरण से बनती है तथा प्रायद्वीपीय भारत में इसके सक्रिय रहने से मानसून मजबूत होता है।
महासागरीय कारक
- ENSO (एल-नीनो एवं ला-नीना):
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- एल-नीनो: मध्य एवं पूर्वी प्रशांत महासागर के गर्म होने से भारतीय मानसून सामान्यतः कमजोर पड़ता है और सूखे की संभावना बढ़ती है।
- ला-नीना: भारतीय मानसून को मजबूत बनाती है।
- हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole-IOD):
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- सकारात्मक IOD एल-नीनो के प्रभाव को कम कर मानसून वर्षा को बढ़ाने में सहायक होता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की शाखाएँ (जून–सितंबर)
भारतीय भूभाग में प्रवेश करने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून दो प्रमुख शाखाओं में विभाजित हो जाता है—
| मानसून शाखा |
मार्ग एवं प्रभावित क्षेत्र |
प्रमुख विशेषता |
| अरब सागर शाखा |
सर्वप्रथम पश्चिमी घाट से टकराती है, फिर मुंबई, गुजरात होते हुए उत्तर भारत की ओर बढ़ती है। |
पश्चिमी घाट की पवनाभिमुख ढलानों पर अत्यधिक ओरोग्राफिक वर्षा कराती है तथा दक्कन के पठार को वर्षाछाया क्षेत्र बना देती है। |
| बंगाल की खाड़ी शाखा |
अराकान पर्वत (म्यांमार) एवं पूर्वोत्तर भारत से टकराकर गंगा के मैदानों के साथ पश्चिम की ओर बढ़ती है। |
हिमालय द्वारा पश्चिम की ओर मोड़ दी जाती है तथा मौसिनराम जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक वर्षा कराती है; पंजाब की ओर बढ़ते हुए वर्षा की मात्रा घटती जाती है। |
महत्वपूर्ण तथ्य
- मानसून का प्रवेश द्वार: केरल को दक्षिण-पश्चिम मानसून का आधिकारिक प्रवेश द्वार माना जाता है, जहाँ सामान्यतः 1 जून के आसपास मानसून पहुँचता है।
- विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान: मेघालय की खासी पहाड़ियों में स्थित मौसिनराम।
- तमिलनाडु की शीतकालीन वर्षा: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षाछाया क्षेत्र में रहने के कारण तमिलनाडु को अधिकांश वर्षा उत्तर-पूर्व मानसून (अक्टूबर–दिसंबर) से प्राप्त होती है।
- मानसून ब्रेक: जुलाई–अगस्त में ITCZ के अस्थायी स्थानांतरण अथवा प्रतिकूल पवन परिस्थितियों के कारण एक या अधिक सप्ताह तक वर्षा रुक जाना।
- पूर्व-मानसूनी वर्षा: मुख्य मानसून से पहले होने वाले स्थानीय तूफानी वर्षा-चक्र। इन्हें मैंगो शॉवर्स (केरल/कर्नाटक), ब्लॉसम शॉवर्स (केरल के कॉफी क्षेत्र) तथा कालबैशाखी (पश्चिम बंगाल एवं असम) कहा जाता है।
- LPA (Long Period Average): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सामान्य मानसून का आकलन करने हेतु प्रयुक्त 50-वर्षीय औसत वर्षा मानक।
आर्थिक एवं पारिस्थितिक महत्व
- खरीफ फसलें: धान, कपास, मक्का, गन्ना एवं दलहन जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई मानसून के आगमन पर निर्भर करती है।
- मुद्रास्फीति नियंत्रण: कमजोर मानसून कृषि उत्पादन घटाता है, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ती है तथा ग्रामीण मांग प्रभावित होती है।
- जल एवं ऊर्जा सुरक्षा: मानसूनी वर्षा प्रमुख जलाशयों को भरती है, भूजल स्तर का पुनर्भरण करती है तथा जलविद्युत परियोजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करती है।
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