GK Update
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




GK Update

Wed 05 Aug, 2026

राष्ट्रीय समाचार

विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 पारित

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 [Appropriation (No. 3) Bill, 2026] को लोकसभा ने पारित कर दिया। इस विधेयक के माध्यम से 31 मार्च, 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष के दौरान भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से विभिन्न सेवाओं पर किए गए ₹54,067 करोड़ के अतिरिक्त व्यय को नियमित (Regularize) किया गया।

भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)

यह भारत सरकार का प्रमुख संवैधानिक कोष है, जिसमें सरकार की सभी राजस्व प्राप्तियाँ, ऋण एवं ऋणों की वसूली जमा होती है तथा सभी सरकारी व्यय इसी निधि से किए जाते हैं।

संवैधानिक आधार (Constitutional Basis)

  • अनुच्छेद 266(1): भारत की संचित निधि तथा प्रत्येक राज्य की पृथक संचित निधि की स्थापना का प्रावधान करता है।
  • अनुच्छेद 266 के अंतर्गत तीन प्रमुख कोष:
  • भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)
  • भारत का लोक लेखा (Public Account of India)
  • भारत की आकस्मिक निधि (Contingency Fund of India)

आय के स्रोत (Inflows and Sources)

  • केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त सभी कर राजस्व (आयकर, सीमा शुल्क, GST, उत्पाद शुल्क आदि) तथा गैर-कर राजस्व।
  • ट्रेजरी बिल, बाजार ऋण तथा विदेशी उधार के माध्यम से प्राप्त सभी ऋण।
  • सरकार द्वारा दिए गए ऋणों की वापसी से प्राप्त धनराशि।

भारित (Charged) एवं मतदान योग्य (Voted) व्यय

  • भारित व्यय (Charged Expenditure):
  • संविधान द्वारा संरक्षित ऐसे व्यय जिन पर संसद में मतदान नहीं होता, केवल चर्चा की जा सकती है। इनमें शामिल हैं—
  • राष्ट्रपति का वेतन एवं भत्ते
  • राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति का वेतन
  • लोकसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का वेतन
  • सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों का वेतन
  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का वेतन
  • मतदान योग्य व्यय (Voted Expenditure):

सरकार के अन्य सभी सामान्य व्यय, जिनके लिए लोकसभा द्वारा अनुदान की मांग (Demands for Grants) पर मतदान आवश्यक होता है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Facts)

  • संसद द्वारा विनियोग अधिनियम (Appropriation Act) पारित किए बिना सरकार संचित निधि से कोई धनराशि नहीं निकाल सकती।
  • लोक लेखा (Public Account) में जमा धन (जैसे भविष्य निधि, लघु बचत आदि) निजी व्यक्तियों अथवा ट्रस्टों का होता है, इसलिए इसकी निकासी के लिए संसद की स्वीकृति आवश्यक नहीं होती।

विनियोग विधेयक (Appropriation Bill)

  • यह एक महत्वपूर्ण धन विधेयक (Money Bill) है, जो भारत की संचित निधि से धन निकालने को वैधानिक अनुमति प्रदान करता है ताकि सरकारी व्यय किया जा सके।
  • • इसके पारित हुए बिना कार्यपालिका संचित निधि से कोई धन व्यय नहीं कर सकती। इसलिए यह भारत की बजटीय प्रक्रिया का प्रमुख विधायी साधन है।

संवैधानिक प्रावधान (Constitutional Provisions)

  • अनुच्छेद 114: संसद में विनियोग विधेयक के प्रस्तुतीकरण एवं पारित होने से संबंधित प्रावधान करता है।
  • • अनुच्छेद 204: राज्य विधानमंडलों में विनियोग विधेयक से संबंधित प्रावधान करता है।
  • • अनुच्छेद 114(3): किसी भी धनराशि को भारत की संचित निधि से केवल विधि द्वारा स्वीकृत विनियोग के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

तथ्य

  • वर्गीकरण (Classification): यह अनुच्छेद 110 के अंतर्गत धन विधेयक (Money Bill) है।
  • प्रस्तुतीकरण का चरण (Stage of Introduction): इसे लोकसभा में अनुदान की मांगों (Demands for Grants) पर चर्चा एवं मतदान के बाद ही प्रस्तुत किया जाता है।
  • संशोधन की अनुमति नहीं (No Amendments Allowed): किसी भी सदन में ऐसा संशोधन नहीं किया जा सकता जिससे किसी अनुदान की राशि, उद्देश्य अथवा भारित व्यय की राशि में परिवर्तन हो।
  • राज्यसभा की शक्तियाँ (Rajya Sabha Powers): राज्यसभा इस विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती। इसे 14 दिनों के भीतर सिफारिशों सहित या बिना सिफारिशों के लोकसभा को लौटाना होता है। लोकसभा उन सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है।
  • अनुपूरक अनुदान (Supplementary Grants): अनुच्छेद 115 के अंतर्गत अनुपूरक, अतिरिक्त तथा अधिक व्यय (Excess Grants) के लिए भी पृथक विनियोग विधेयक आवश्यक होता है।

ऑपरेशन त्रिशूल के तहत 274 भगोड़ों की वापसी

  • भारत ने ऑपरेशन त्रिशूल (Operation Trishul) के अंतर्गत वर्ष 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों का सफल प्रत्यर्पण किया। इस अभियान में उन्नत डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैकिंग, उपग्रह निगरानी (Satellite Surveillance) तथा INTERPOL एवं BHARATPOL के माध्यम से वैश्विक समन्वय का उपयोग किया गया।
  • ऑपरेशन त्रिशूल को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा इस उद्देश्य से विकसित किया गया है कि वास्तविक समय (Real-Time) में अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के माध्यम से विश्वभर में भगोड़े अपराधियों का पता लगाया जा सके।

BHARATPOL एवं INTERPOL

BHARATPOL पोर्टल (भारतीय प्रणाली)

  • विकसितकर्ता (Developed By): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)।
  • नोडल मंत्रालय (Nodal Ministry): गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs-MHA)।
  • विकेंद्रीकरण (Decentralization):

पूर्व में केवल CBI ही सीधे INTERPOL से संपर्क कर सकती थी। अब 1,400 से अधिक राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस इकाइयाँ नामित INTERPOL Liaison Officers (ILOs) के माध्यम से सीधे अनुरोध भेज सकती हैं।

  • डेटाबेस क्षमता (Database Power):

यह पोर्टल भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को INTERPOL के 19 विभिन्न डेटाबेस (फिंगरप्रिंट, DNA, चोरी हुए यात्रा दस्तावेज आदि) तक त्वरित पहुँच प्रदान करता है।

BHARATPOL के पाँच प्रमुख मॉड्यूल (The 5 Core Modules)

  1. CBI (NCB–नई दिल्ली) को राज्य पुलिस प्रमुखों, पुलिस अधीक्षकों तथा पुलिस आयुक्तों से एकीकृत करता है।
  2. अंतरराष्ट्रीय अपराध संबंधी सूचनाएँ एवं विदेशी अनुरोध सीधे फील्ड अधिकारियों तक पहुँचाता है।
  3. भारत द्वारा विदेशों में चल रही जाँच से संबंधित अनुरोधों की प्रक्रिया को तीव्र बनाता है।
  4. रेड कॉर्नर नोटिस तथा अन्य रंग-आधारित नोटिसों के मसौदे एवं प्रसंस्करण को स्वचालित बनाता है।
  5. जाँच संबंधी मानकीकृत प्रारूप, कानूनी दस्तावेज तथा क्षमता निर्माण (Capacity Building) हेतु संसाधन उपलब्ध कराता है।

INTERPOL

  • अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (INTERPOL) विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है, जिसके 195 सदस्य देश हैं।

संरचनात्मक एवं ऐतिहासिक तथ्य (Structural & Historical Facts)

  • स्थापना: वर्ष 1923 में International Criminal Police Commission (ICPC) के रूप में स्थापित; वर्ष 1956 में इसका नाम INTERPOL रखा गया।
  • मुख्यालय: ल्यों (Lyon), फ्रांस।
  • भारत की सदस्यता: 4 जून 1949।
  • अनुच्छेद 3 (महत्वपूर्ण तथ्य):

INTERPOL का संविधान इसे राजनीतिक, सैन्य, धार्मिक अथवा नस्लीय मामलों में हस्तक्षेप करने से प्रतिबंधित करता है। यह कोई वैश्विक पुलिस बल नहीं है तथा किसी व्यक्ति को गिरफ्तार, तलाशी या अभियोजन चलाने की शक्ति नहीं रखता। इसका कार्य केवल सूचना एवं समन्वय प्रदान करना है।

  • संचार नेटवर्क:

यह I-24/7 नामक अत्यधिक सुरक्षित एवं एन्क्रिप्टेड वैश्विक पुलिस संचार प्रणाली पर कार्य करता है।

INTERPOL की रंग-आधारित नोटिस प्रणाली (INTERPOL Color-Coded Notices System)

नोटिस का रंग उद्देश्य / प्रयोजन
Red Notice (रेड नोटिस) वांछित अपराधियों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी एवं प्रत्यर्पण हेतु।
Blue Notice (ब्लू नोटिस) किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान अथवा अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने हेतु।
Green Notice (ग्रीन नोटिस) ऐसे अपराधियों के संबंध में चेतावनी जारी करना जो अन्य देशों में भी अपराध दोहरा सकते हैं।
Yellow Notice (येलो नोटिस) लापता व्यक्तियों (विशेषकर बच्चों) का पता लगाने अथवा अपनी पहचान बताने में असमर्थ व्यक्तियों की पहचान हेतु।
Black Notice (ब्लैक नोटिस) अज्ञात शवों की पहचान से संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु।
Orange Notice (ऑरेंज नोटिस) सार्वजनिक सुरक्षा के लिए तात्कालिक खतरा उत्पन्न करने वाली घटना, व्यक्ति, वस्तु या प्रक्रिया के संबंध में चेतावनी जारी करना।
Purple Notice (पर्पल नोटिस) अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली (Modus Operandi), तकनीकों, उपकरणों एवं छिपने के तरीकों की जानकारी साझा करना।
UN Security Council Special Notice संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं के संबंध में जारी किया जाता है।

 

अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा

  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने नए निजी कारों एवं दोपहिया वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा (Third-Party Insurance) की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया है।
  • नए निर्देश के अनुसार, नई निजी कारों के लिए खरीद के समय 4 वर्ष (पूर्व में 3 वर्ष) तथा नए दोपहिया वाहनों के लिए 6 वर्ष (पूर्व में 5 वर्ष) का थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य होगा।
  • यह ऐतिहासिक निर्णय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 146 के व्यापक अनुपालन न होने की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से दिया गया है। वाहन बीमा कवरेज को सुव्यवस्थित करने तथा कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएँ लागू की हैं।

भारत का सर्वोच्च न्यायालय

स्थापना एवं संरचना (Establishment & Composition) क्षेत्राधिकार एवं शक्तियाँ (Jurisdiction & Powers) महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान (Landmark Constitutional Provisions)
स्थापना: 26 जनवरी 1950 (उद्घाटन: 28 जनवरी 1950)

संवैधानिक आधार: भाग V, अध्याय IV (अनुच्छेद 124–147)

पूर्ववर्ती संस्थाएँ: संघीय न्यायालय (1937) एवं प्रिवी काउंसिल (यूके)

वर्तमान न्यायाधीशों की संख्या: 34 (मुख्य न्यायाधीश सहित)

नियुक्ति: भारत के राष्ट्रपति द्वारा

सेवानिवृत्ति आयु: 65 वर्ष

प्रथम मुख्य न्यायाधीश (CJI): न्यायमूर्ति एच. जे. कानिया

 

मूल क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 131): केंद्र-राज्य एवं अंतर्राज्यीय विवाद

रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 32): मौलिक अधिकारों का प्रवर्तन

अपीलीय क्षेत्राधिकार: दीवानी, आपराधिक एवं संवैधानिक अपीलें

परामर्शी क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 143): राष्ट्रपति को परामर्श

न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review): कानूनों एवं कार्यपालिका की कार्रवाइयों की समीक्षा

अभिलेख न्यायालय (अनुच्छेद 129): अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति

पुनर्विचार क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 137): अपने निर्णयों की समीक्षा

संविधान का संरक्षक एवं भारत का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय

अनुच्छेद 21: जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार

अनुच्छेद 32: संवैधानिक उपचारों का अधिकार

अनुच्छेद 136: विशेष अनुमति याचिका (SLP)

अनुच्छेद 141: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी

अनुच्छेद 142: पूर्ण न्याय करने की शक्ति

अनुच्छेद 129: सर्वोच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय

अनुच्छेद 145: न्यायालय को नियम बनाने की शक्ति

44वाँ संविधान संशोधन (1978): आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 21 निलंबित नहीं किया जा सकता

मूल संरचना सिद्धांत (Basic Structure Doctrine): न्यायिक व्याख्या द्वारा विकसित

डिजिटल अरेस्ट पर सर्वोच्च न्यायालय ने नियम किए सख्त

  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने स्वप्रेरणा (Suo Motu) से दर्ज मामले "In Re: Victims of Digital Arrest Related to Forged Documents" में देशव्यापी दिशा-निर्देश जारी किए।
  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहन की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट के आधार पर ये अंतरिम निर्देश जारी किए।
  • इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में तब हुई, जब हरियाणा के एक वरिष्ठ नागरिक दंपत्ति ने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखकर बताया कि जालसाजों ने फर्जी न्यायालय आदेश तथा कानून प्रवर्तन अधिकारियों का प्रतिरूपण (Impersonation) कर उनसे ₹1.5 करोड़ की ठगी की।

न्यायालय द्वारा जारी राष्ट्रव्यापी निर्देश

  • म्यूल बैंक खातों (Mule Accounts) हेतु SOP:

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को चार सप्ताह के भीतर ऐसी बैंक खातों की पहचान, अस्थायी डेबिट रोक (Temporary Debit Hold) तथा जांच के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करनी होगी।

  • शिकायत निवारण एवं धन वापसी प्रणाली:

सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों को Grievance Redressal तथा Money Restoration Modules तत्काल लागू करने होंगे, ताकि साइबर ठगी के पीड़ितों की धनराशि शीघ्र वापस कराई जा सके।

  • राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र:

सभी राज्यों को चार सप्ताह के भीतर विशेष State Cyber Crime Coordination Centres स्थापित करने होंगे।

  • ई-ज़ीरो FIR प्रणाली (e-Zero FIR Mechanism):

राज्यों को I4C के सहयोग से देशव्यापी e-Zero FIR प्रणाली लागू करनी होगी, जिससे साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने में क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) संबंधी विलंब समाप्त हो सके।

  • पीड़ित मुआवजा ढाँचा (Victims Compensation Framework):

न्यायालय ने एक अंतर-विभागीय समिति को साझा दायित्व (Shared Liability) एवं पीड़ित मुआवजा व्यवस्था का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।

  • दूरसंचार संबंधी प्रतिबंध:

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा दूरसंचार विभाग (DoT) को धोखाधड़ी रोकने के लिए ऑडियो एवं वीडियो कॉल पर समय-आधारित प्रतिबंध लगाने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre – I4C)

  • मूल मंत्रालय (Parent Ministry): गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs - MHA)
  • स्थिति (Status): गृह मंत्रालय के अधीन एक संलग्न कार्यालय (Attached Office) के रूप में कार्यरत (यह कोई वैधानिक निकाय नहीं है)।

I4C के प्रमुख घटक / इकाइयाँ (Key Components / Units under I4C)

  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal):

नागरिकों को ऑनलाइन अपराधों की शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है, विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराधों पर केंद्रित।

  • राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (जाँच) [National Cyber Forensic Laboratory (Investigation)]:

नई दिल्ली में स्थापित, जो राज्य पुलिस को प्रारंभिक स्तर पर साइबर फोरेंसिक सहायता उपलब्ध कराती है।

  • संयुक्त साइबर समन्वय दल (Joint Cyber Coordination Team - JCCT):

साइबर अपराध के संवेदनशील क्षेत्रों (Cyber Fraud Hotspots) के लिए गठित, जिसका उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

राज्य विशेष समाचार

केरल ने AI-संचालित शासन पहल (AI-Led Governance Initiative) शुरू की

  • केरल सरकार ने अपने प्रशासनिक तंत्र के आधुनिकीकरण तथा व्यवसाय सुगमता (Ease of Doing Business) में सुधार हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शासन सुधार पहल शुरू की।

केरल

  • राज्य गठन: 1 नवंबर 1956 (राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के तहत त्रावणकोर-कोचीन और मालाबार के विलय से गठन)
  • वर्तमान मुख्यमंत्री: वी. डी. सतीशन (18 मई 2026 से)
  • वर्तमान राज्यपाल: राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
  • विधानमंडल: एकसदनीय (140 विधानसभा सीटें)
  • संसदीय प्रतिनिधित्व: 20 लोकसभा सीटें एवं 9 राज्यसभा सीटें
  • राजधानी: तिरुवनंतपुरम (पूर्व नाम: त्रिवेन्द्रम)
  • राजभाषा: मलयालम
  • कुल जिले: 14
  • सर्वाधिक साक्षरता दर: 94% (भारत में प्रथम)
  • सर्वाधिक लिंगानुपात: प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएँ (भारत में प्रथम)

आधिकारिक राज्य प्रतीक (Official State Symbols)

  • राज्य पशु: भारतीय हाथी
  • राज्य पक्षी: ग्रेट हॉर्नबिल
  • राज्य वृक्ष: नारियल

भूगोल एवं पर्यावरण (Geography & Environment)

  • सर्वोच्च चोटी: अनामुडी (2,695 मीटर) — पश्चिमी घाट एवं दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी
  • सबसे लंबी नदी: पेरियार नदी (केरल की "जीवन रेखा")
  • दूसरी सबसे लंबी नदी: भरतपुझा (नीला नदी)
  • सबसे बड़ी झील: वेम्बनाड झील (भारत की सबसे लंबी झील; प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ का आयोजन)
  • मीठे पानी की सबसे बड़ी झील: शास्तामकोट्टा झील
  • तटरेखा का नाम: मालाबार तट (लगभग 590 किमी)

संस्कृति, कला एवं नृत्य (Culture, Art & Dance Forms)

  • शास्त्रीय नृत्य:
    • कथकली (भव्य श्रृंगार एवं पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य)
    • मोहिनीयाट्टम (महिलाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य; अर्थ—"मोहिनी का नृत्य")
  • मार्शल आर्ट: कलारीपयट्टु (विश्व की सबसे प्राचीन मार्शल आर्ट प्रणालियों में से एक)
  • प्रमुख त्योहार: ओणम (राजा महाबली की स्मृति में मनाया जाने वाला फसल उत्सव), विषु (मलयाली नववर्ष)

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध

  • महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में "एनालॉग" अथवा गैर-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन तथा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
  • यह राज्यव्यापी प्रतिबंध 30 जुलाई 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए लागू किया गया है।

महाराष्ट्र

  • गठन (विभाजन द्वारा): 1 मई 1960
  • राज्यपाल: जिष्णु देव वर्मा
  • मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस (भाजपा)
  • संसदीय प्रतिनिधित्व: 48 लोकसभा सीटें एवं 19 राज्यसभा सीटें
  • सर्वोच्च चोटी: कलसुबाई (1,646 मीटर), सह्याद्रि पर्वतमाला
  • प्रमुख त्योहार: गणेश चतुर्थी, गुड़ी पड़वा (मराठी नववर्ष) एवं पोला
  • लोककलाएँ: लावणी एवं तमाशा; वारली चित्रकला प्रसिद्ध जनजातीय कला
  • संत परंपरा: "संतों की भूमि" (संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव)
  • प्रमुख नदियाँ: गोदावरी (राज्य की सबसे लंबी नदी, "दक्षिण गंगा"), कृष्णा, ताप्ती एवं भीमा
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: अजंता गुफाएँ, एलोरा गुफाएँ, एलीफेंटा गुफाएँ, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तथा मुंबई के विक्टोरियन गोथिक एवं आर्ट डेको समूह सहित कुल सात स्थल

अंतरराष्ट्रीय समाचार

चीन की सुरंग-बोरिंग एवं ब्लास्टिंग मशीन

  • चीन ने वुहान स्थित एक विनिर्माण केंद्र में "श्यांगलोंग (Xianglong)" नामक विश्व की पहली स्वदेशी एकीकृत सुरंग-बोरिंग एवं ब्लास्टिंग मशीन का अनावरण किया।

चीन

  • आधिकारिक नाम: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC)
  • राजधानी: बीजिंग
  • सबसे बड़ा शहर: शंघाई
  • राष्ट्रपति: शी जिनपिंग (चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव के रूप में सर्वोच्च शक्ति धारक)
  • प्रधानमंत्री (Premier): ली च्यांग (राज्य परिषद के प्रमुख)
  • मुद्रा: रेनमिन्बी (RMB) (मुख्य इकाई: युआन)
  • संसद: नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC)
  • सीमावर्ती देश: 14 (रूस के साथ विश्व की सबसे लंबी स्थलीय सीमा साझा करता है)

भूगोल (Geography)

  • सबसे लंबी नदी: यांग्त्ज़ी (चांग जियांग) — एशिया की सबसे लंबी तथा विश्व की तीसरी सबसे लंबी नदी
  • चीन का शोक: हुआंग हो (पीली नदी) — विनाशकारी बाढ़ों के कारण
  • सर्वोच्च शिखर: माउंट एवरेस्ट (नेपाल के साथ साझा सीमा)

प्रमुख मरुस्थल:

    • तकलामकान मरुस्थल (शिनजियांग क्षेत्र)
    • गोबी मरुस्थल (मंगोलिया के साथ साझा)
  • प्रसिद्ध स्मारक: चीन की महान दीवार (Great Wall of China)

औद्योगिक केंद्र एवं विनिर्माण क्षेत्र (Industrial Hubs & Manufacturing Zones)

  • पर्ल रिवर डेल्टा (गुआंगडोंग): इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी हार्डवेयर, खिलौने एवं वस्त्र; प्रमुख केंद्र—शेन्ज़ेन एवं ग्वांगझोउ
  • यांग्त्ज़ी रिवर डेल्टा (शंघाई, जिआंगसू, झेजियांग): भारी मशीनरी, ऑटोमोबाइल, रसायन एवं वस्त्र
  • बोहाई रिम (बीजिंग, तिआनजिन, हेबेई): लौह एवं इस्पात उद्योग, एयरोस्पेस तथा भारी विनिर्माण
  • वुहान: विशाल ऑटोमोबाइल उद्योग के कारण "चीन का मोटर सिटी"

वैश्विक उत्पादन रैंकिंग (Global Production Rankings)

चीन निम्न क्षेत्रों में विश्व का अग्रणी उत्पादक है—

  • खनिज एवं धातुएँ: कोयला, सोना, इस्पात एवं दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements)
  • कृषि: गेहूँ, आलू, चाय एवं कपास
    • परीक्षा तथ्य: चावल उत्पादन में भारत एवं चीन शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं।
  • विनिर्माण: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्टफोन एवं सीमेंट

भारत-चीन संबंध (India–China Relations)

  • सीमा रेखा: मैकमोहन रेखा (पूर्वोत्तर भारत/अरुणाचल प्रदेश एवं तिब्बत के बीच)
  • वास्तविक नियंत्रण रेखा: लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC)
  • सीमावर्ती भारतीय राज्य/केंद्रशासित प्रदेश: लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम एवं अरुणाचल प्रदेश
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास: "हैंड-इन-हैंड" (वर्तमान में स्थगित)
  • प्रमुख विवाद: अक्साई चिन (पश्चिमी क्षेत्र) एवं अरुणाचल प्रदेश/दक्षिण तिब्बत (पूर्वी क्षेत्र)
  • बहुपक्षीय संगठन: भारत एवं चीन दोनों ब्रिक्स (BRICS), शंघाई सहयोग संगठन (SCO) तथा G-20 के सदस्य हैं।
  • पंचशील समझौता: 1954 में हस्ताक्षरित
  • 1962 का युद्ध: अक्साई चिन एवं अरुणाचल प्रदेश (तत्कालीन NEFA) के क्षेत्रीय विवादों पर
  • प्रमुख दर्रे: नाथू ला (सिक्किम), शिपकी ला (हिमाचल प्रदेश) एवं लिपुलेख (उत्तराखंड)

बहुपक्षीय संगठन (भारत एवं चीन दोनों सदस्य हैं)

  • BRICS: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका तथा विस्तारित सदस्य
  • SCO (शंघाई सहयोग संगठन): स्थापना 2001; मुख्यालय—बीजिंग, चीन; भारत एवं पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने।
  • G-20 तथा AIIB (एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक): AIIB का मुख्यालय बीजिंग, चीन में स्थित है।

शिखर सम्मेलन और सम्मेलन

ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक 2026

  • भुवनेश्वर, ओडिशा में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक तथा तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों (Senior Officials) की बैठक आयोजित की गई।

ब्रिक्स (BRICS)

  • प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है।
  • BRIC शब्द का प्रयोग पहली बार 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील (Jim O'Neill) ने किया था।
  • इस समूह का औपचारिक गठन सितंबर 2006 में न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुआ।
  • पहला आधिकारिक BRIC शिखर सम्मेलन 2009 में येकातेरिनबर्ग (रूस) में आयोजित किया गया।
  • मूल सदस्य: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन (2006) तथा दक्षिण अफ्रीका (2010)।
  • हाल में शामिल सदस्य (2024–2025): मिस्र, इथियोपिया, ईरान तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 जनवरी 2024 को पूर्ण सदस्य बने। इंडोनेशिया 6 जनवरी 2025 को पूर्ण सदस्य बना।
  • साझेदार देश (Partner Countries): 2024 में नई "पार्टनर कंट्री" श्रेणी बनाई गई। वर्तमान साझेदार देश हैं— बेलारूस, बोलिविया, क्यूबा, कज़ाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान तथा वियतनाम।
  • 2025 अध्यक्षता: ब्राज़ील
  • थीम: "Strengthening Global South Cooperation for More Inclusive and Sustainable Governance"
  • 2026 अध्यक्षता: भारत ने 1 जनवरी 2026 से BRICS की अध्यक्षता ग्रहण की। भारत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

  • मुख्यालय: शंघाई, चीन
  • उद्देश्य: BRICS एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में आधारभूत संरचना (Infrastructure) तथा सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाना।
  • कंटिन्जेंट रिज़र्व अरेंजमेंट (CRA): भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के अल्पकालिक दबावों से निपटने हेतु सदस्य देशों को पारस्परिक वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था।

अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

RBI की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने तथा अपनी "तटस्थ (Neutral)" नीति-स्थिति को बनाए रखने का निर्णय लिया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)

  • स्थापना की अनुशंसा: हिल्टन यंग आयोग (1926)
  • स्थापना: 1 अप्रैल 1935 (भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत)
  • प्रारंभिक मुख्यालय: कोलकाता
  • स्थायी मुख्यालय (1937 से): मुंबई
  • राष्ट्रीयकरण: 1 जनवरी 1949 (Reserve Bank of India (Transfer to Public Ownership) Act, 1948)
  • प्रथम गवर्नर: सर ऑसबोर्न स्मिथ
  • प्रथम भारतीय गवर्नर: सी. डी. देशमुख
  • वर्तमान गवर्नर (2026): संजय मल्होत्रा
  • उप-गवर्नर: स्वामीनाथन जे., डॉ. पूनम गुप्ता, एम. राजेश्वर राव एवं टी. रबी शंकर
  • प्रशासन: केंद्रीय निदेशक मंडल (Central Board of Directors)
  • लेखा वर्ष: अप्रैल–मार्च
  • मुद्रा निर्गमन: ₹1 के नोट एवं सिक्कों को छोड़कर सभी बैंक नोट जारी करता है।
  • मौद्रिक नीति: मुद्रास्फीति नियंत्रण हेतु मौद्रिक नीति समिति (MPC) के माध्यम से मौद्रिक नीति का निर्माण एवं क्रियान्वयन।
  • सरकार एवं बैंकों का बैंकर
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन: FEMA, 1999 का प्रशासन एवं देश के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन।

पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी

IARC ने तीन दवाओं को कैंसरकारी घोषित किया

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) ने हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड (Hydrochlorothiazide), वोरिकोनाज़ोल (Voriconazole) तथा टैक्रोलिमस (Tacrolimus) को औपचारिक रूप से समूह-1 कैंसरकारी (Group 1 Carcinogens – मनुष्यों के लिए कैंसरकारी) के रूप में वर्गीकृत किया है।
  • यह मूल्यांकन IARC Monographs के Volume 137 में प्रकाशित किया गया है, जो महामारी विज्ञान एवं जैविक (Mechanistic) साक्ष्यों की व्यापक समीक्षा पर आधारित है।
  • चिकित्सा विशेषज्ञों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के बिना इन दवाओं का सेवन बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये गंभीर एवं संभावित रूप से जीवनरक्षक उपचारों में उपयोग की जाती हैं।
  • हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड (रक्तचाप की दवा): यह स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर तथा होंठ के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी है। इसका कारण फोटो-टॉक्सिसिटी है, जिससे त्वचा पर पराबैंगनी (UV) किरणों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है और DNA क्षति होती है।
  • वोरिकोनाज़ोल (फंगल संक्रमण की दवा): गंभीर फंगल संक्रमणों के उपचार में प्रयुक्त यह दवा भी फोटो-टॉक्सिसिटी के कारण विशेषकर प्रत्यारोपण (Transplant) रोगियों में लंबे समय तक उपयोग पर स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर से जुड़ी पाई गई है।
  • टैक्रोलिमस (प्रतिरक्षा-दमनकारी दवा): अंग प्रत्यारोपण के बाद अस्वीकृति (Rejection) रोकने हेतु प्रयुक्त यह दवा नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा तथा पोस्ट-ट्रांसप्लांट लिम्फोप्रोलिफेरेटिव डिसऑर्डर से संबंधित पाई गई है।

अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC)

  • मूल संगठन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
  • स्थापना: 20 मई 1965 (विश्व स्वास्थ्य सभा के प्रस्ताव द्वारा)
  • मुख्यालय: ल्यों, फ्रांस
  • वर्तमान निदेशक: डॉ. एलिज़ाबेते वीडरपास
  • सदस्य देश: 30
  • प्रमुख कार्य: कैंसर अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना तथा कैंसरकारी कारकों (Carcinogens) का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

  • स्थापना: 7 अप्रैल 1948 (प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है)
  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड
  • मूल संगठन: संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC)
  • सदस्य देश: 194
  • महानिदेशक: डॉ. टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस (2022 में दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्निर्वाचित)

देशभर के सभी आर्द्रभूमि संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों के चारों ओर बफर ज़ोन

  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आसन आर्द्रभूमि संरक्षण आरक्षित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के खनन प्रतिबंध संबंधी उसका पूर्व आदेश अब देश के सभी अधिसूचित आर्द्रभूमि संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों (Wetland Conservation Reserves) पर समान रूप से लागू होगा।
  • इस निर्धारित 10 किलोमीटर की परिधि में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) अथवा पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बिना किसी प्रकार का खनन नहीं किया जा सकेगा।

आर्द्रभूमि (Wetland)

आर्द्रभूमि क्या है? (रामसर परिभाषा)

  • गहराई सीमा: दलदली क्षेत्र, पीटलैंड अथवा जल क्षेत्र—चाहे प्राकृतिक हों या कृत्रिम, स्थायी हों या अस्थायी—जहाँ निम्न ज्वार (Low Tide) के समय जल की गहराई 6 मीटर से अधिक न हो।
  • दायरा: प्राकृतिक आर्द्रभूमियाँ (झीलें, नदियाँ, भूमिगत जलभृत, मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियाँ) तथा मानव निर्मित आर्द्रभूमियाँ (मत्स्य तालाब, धान के खेत, नमक पैन, जलाशय)।

रामसर अभिसमय के तीन स्तंभ (Three Pillars of the Convention)

  • विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use): राष्ट्रीय नीतियों के माध्यम से सभी आर्द्रभूमियों का सतत उपयोग।
  • रामसर सूची (Ramsar List): "अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों" का नामांकन।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग (International Cooperation): अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ी आर्द्रभूमियों एवं साझा प्रजातियों का संरक्षण।

मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record)

  • परिभाषा: उन रामसर स्थलों का रजिस्टर जहाँ मानवीय हस्तक्षेप (जैसे प्रदूषण या तकनीकी गतिविधियाँ) के कारण महत्वपूर्ण पारिस्थितिक परिवर्तन हो रहे हैं या होने की आशंका है।
  • भारत के स्थल: वर्तमान में केवल केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) तथा लोकटक झील (मणिपुर) इस सूची में हैं। (नोट: चिलिका झील पहले इस सूची में थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।)

महत्वपूर्ण तथ्य

श्रेणी विवरण राज्य
भारत में कुल रामसर स्थल 100 स्थल (मध्य-2026 तक) पूरे भारत में
100वाँ/99वाँ स्थल जय प्रकाश नारायण (100वाँ) एवं शेखा झील (99वाँ) उत्तर प्रदेश
सर्वाधिक रामसर स्थल तमिलनाडु (प्रथम), उसके बाद उत्तर प्रदेश तमिलनाडु
प्रथम रामसर स्थल (1981) चिलिका झील एवं केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा एवं राजस्थान
सबसे बड़ा/सबसे छोटा सुंदरबन (सबसे बड़ा, 4230 वर्ग किमी) एवं रेणुका/वेम्बन्नूर (सबसे छोटे) पश्चिम बंगाल / हिमाचल प्रदेश एवं तमिलनाडु
विशिष्ट विशेषता

लोकटक झील (विश्व का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान—केइबुल लामजाओ)

 

मणिपुर

महत्वपूर्ण पर्यावरणीय तथ्य

  • विश्व आर्द्रभूमि दिवस: 2 फरवरी
  • भारत की सदस्यता: 1 फरवरी 1982
  • कानूनी स्थिति: रामसर सूची में शामिल होना स्वयं कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है; संरक्षण आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 जैसे राष्ट्रीय कानूनों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश में दो दशक बाद हिमालयन सीरो दिखा

  • दुर्लभ हिमालयन सीरो ( कैप्रिकॉर्निस थार) को दो दशकों के बाद हिमाचल प्रदेश के डलहौजी कैचमेंट जंगलों में कैमरे में कैद किया गया।

हिमालयन सेरो

  • वैज्ञानिक नाम: कैप्रिकॉर्निस थार (अक्सर कैप्रिकॉर्निस की उप-प्रजाति के रूप में वर्गीकृत) सुमात्राएंसिस थार )।
  • परिवार और गण: परिवार बोविडे , उपपरिवार कैप्रिने , गण आर्टियोडैक्टाइला (सम-उँगलियों वाला अनगुलेट)।
  • आम नाम: बकरी-एंटीलोप (बकरी, गधे, गाय और सुअर का मिक्सचर जैसा दिखता है).
  • राज्य पशु: मिजोरम का आधिकारिक राज्य पशु ।
  • IUCN रेड लिस्ट स्टेटस: कमज़ोर (पहले इसे खतरे के करीब माना गया था; रीजनल और ग्लोबल असेसमेंट में अपडेट किया गया)।
  • CITES परिशिष्ट: परिशिष्ट I .
  • वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 (इंडिया): शेड्यूल I (कानूनी सुरक्षा का सबसे ऊंचा लेवल)।
  • ऊंचाई रेंज: आमतौर पर 2,000 मीटर और 4,000 मीटर के बीच ऊबड़-खाबड़, खड़ी और पथरीली पहाड़ी ढलानों पर पाई जाती है।
  • भौगोलिक फैलाव: पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिमालय में फैला हुआ है, लेकिन ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र से गायब है।

भारत का पहला स्वदेशी अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन

  • भारत में सूअरों के लिए पहली देसी अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन ICAR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (ICAR-NIHSAD), भोपाल ने बनाई है।

आईसीएआर ने पहला पूर्ण रूप से एनोटेटेड अरहर T2T जीनोम विकसित किया

  • इंडियन काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) ने अरहर ( केजनस केजन ) की किस्म 'आशा' के लिए भारत का पहला पूरी तरह से एनोटेटेड टेलोमियर-टू-टेलोमियर (T2T) रेफरेंस जीनोम डेवलप करके एक बड़ी कामयाबी हासिल की है , जिसे इस फसल के लिए ग्लोबल रेफरेंस जीनोम के तौर पर भी मंज़ूरी मिल गई है।
  • अरहर या तूर के नाम से मशहूर यह दाल भारत के खाने में प्रोटीन और खेती की सुरक्षा का आधार है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)

  • स्थापना तिथि: 16 जुलाई, 1929 (तत्कालीन इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च)।
  • कानूनी स्थिति: सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड सोसायटी।
  • मूल मंत्रालय: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
  • ICAR के अध्यक्ष: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री (पदेन)।
  • महानिदेशक (डीजी): डॉ. मांगी लाल जाट (सचिव, डीएआरई के रूप में भी कार्य करते हैं)।
  • मुख्यालय: कृषि भवन, नई दिल्ली।
  • उत्पत्ति: कृषि पर रॉयल आयोग की सिफारिश पर बनाया गया।
  • प्रथम राष्ट्रपति (स्वतंत्रता के बाद): डॉ. राजेंद्र प्रसाद।
  • कृषि शिक्षा दिवस: 3 दिसंबर (डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती) को मनाया जाता है।
  • ग्लोबल स्टैंडिंग: दुनिया के सबसे बड़े नेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च और एजुकेशन नेटवर्क में से एक चलाता है

हीटवेव और बिजली NDRF प्रोटोकॉल में शामिल

  • स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फंड (SDRF) और नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फंड (NDRF) के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइंस के तहत हीटवेव और बिजली गिरने को ऑफिशियली नोटिफाइड नेचुरल कैलेमिटीज़ की लिस्ट में जोड़ा गया।
  • बड़ी लिस्ट : वे 12 मौजूदा एंट्री में शामिल हो गए हैं, जिनमें साइक्लोन, सूखा, बाढ़, लैंडस्लाइड और कोल्ड वेव शामिल हैं।
  • क्लाइमेट रिस्पॉन्स : यह बदलाव क्लाइमेट चेंज से जुड़ी बढ़ती फ्रीक्वेंसी, इंटेंसिटी और मृत्यु दर को संबोधित करता है।
  • फाइनेंशियल एक्सेस : राज्य अब बिना किसी प्रोसेस में देरी के सीधे तुरंत राहत के लिए केंद्र से मिलने वाली फंडिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ)

  • नोडल मंत्रालय: गृह मंत्रालय (MHA) के एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल में काम करते हैं ।
  • केंद्रीय गृह मंत्री: अमित शाह .
  • एनडीआरएफ के महानिदेशक (डीजी): श्री पीयूष आनंद,
  • NDRF का मोटो: " आपदा सेवा पूर्ववर्ती सर्वत्र " (जीवन बचाना और उससे परे )

एसडीआरएफ बनाम एनडीआरएफ

विशेषता राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ)
वैधानिक प्रावधान आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 48 (1) (ए) । आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 46 ।
प्राथमिक उद्देश्य राज्य सरकारों को तुरंत राहत फंड सीधे उपलब्ध होगा । गंभीर आपदाओं में SDRF को सपोर्ट करने के लिए टॉप नेशनल लेवल का फंड।
खाता प्लेसमेंट राज्य के पब्लिक अकाउंट में मौजूद है । भारत के पब्लिक अकाउंट में "ब्याज न देने वाले रिज़र्व फंड" के तहत मौजूद है।
संसदीय अनुमोदन विड्रॉल के लिए ज़रूरी नहीं है । ज़रूरी नहीं है (क्योंकि यह पब्लिक अकाउंट्स में रहता है)।
लेखा परीक्षा प्राधिकरण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) । भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ।
पिछला नामकरण आपदा राहत कोष (CRF)। राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता निधि (एनसीसीएफ)।

 

Latest Courses