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Tue 04 Aug, 2026

राष्ट्रीय समाचार

जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय कटक

  • भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के कटक में जगद्गुरु कृपालु यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया।

शिखर सम्मेलन और सम्मेलन

ब्रिक्स भ्रष्टाचार-रोधी कार्य समूह (BRICS Anti-Corruption Working Group)

  • भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत द्वितीय ब्रिक्स भ्रष्टाचार-रोधी कार्य समूह (ACWG) की बैठक का आयोजन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा हैदराबाद, तेलंगाना में किया गया।
  • यह बैठक भारत की अध्यक्षता की मुख्य थीम "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability)" के अनुरूप आयोजित की गई।

ब्रिक्स (BRICS)

  • प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है।
  • BRIC शब्द का प्रतिपादन: वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील (Jim O'Neill) द्वारा किया गया।
  • औपचारिक गठन: सितंबर 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA), न्यूयॉर्क के दौरान।
  • प्रथम शिखर सम्मेलन: वर्ष 2009, येकातेरिनबर्ग (रूस) में आयोजित।
  • मूल सदस्य: ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन (2006); दक्षिण अफ्रीका वर्ष 2010 में शामिल हुआ।
  • हाल के सदस्य (2024–2025): मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 जनवरी 2024 से पूर्ण सदस्य बने। इंडोनेशिया 6 जनवरी 2025 को पूर्ण सदस्य बना।
  • साझेदार देश (Partner Countries): वर्ष 2024 में "पार्टनर कंट्री" श्रेणी बनाई गई। वर्तमान साझेदार देश हैं— बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कज़ाख़स्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम।
  • 2025 की अध्यक्षता: ब्राज़ील ने "Strengthening Global South Cooperation for More Inclusive and Sustainable Governance" थीम के साथ अध्यक्षता की।
  • 2026 की अध्यक्षता: भारत ने 1 जनवरी 2026 से ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण की तथा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

  • मुख्यालय: शंघाई, चीन।
  • उद्देश्य: ब्रिक्स एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढाँचा (Infrastructure) एवं सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाना।
  • Contingent Reserve Arrangement (CRA): अल्पकालिक भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट की स्थिति में सदस्य देशों को परस्पर वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था।

नियुक्तियाँ

विश्वेश नेगी

  • भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी विश्वेश नेगी को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया।

ईरान

  • राजधानी: तेहरान
  • राष्ट्राध्यक्ष (Head of State): सर्वोच्च नेता (Supreme Leader), जिसके पास सर्वोच्च संवैधानिक शक्तियाँ होती हैं।
  • संसद: मजलिस (Majlis / Islamic Consultative Assembly)
  • सर्वोच्च नेता: मोजतबा खामेनेई
  • राष्ट्रपति: मसूद पेज़ेशकियन
  • संसद के अध्यक्ष: मोहम्मद बाकिर गालिबाफ
  • मुद्रा: ईरानी रियाल (Iranian Rial)
  • स्थलीय सीमाएँ (7 देश): उत्तर में आर्मेनिया, अज़रबैजान एवं तुर्कमेनिस्तान, पूर्व में अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान, तथा पश्चिम में इराक एवं तुर्की।
  • समुद्री सीमाएँ: उत्तर में कैस्पियन सागर (रूस, कज़ाख़स्तान, तुर्कमेनिस्तान एवं अज़रबैजान के साथ साझा) तथा दक्षिण में फारस की खाड़ी (Persian Gulf) एवं ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman)।
  • प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ: अल्बोर्ज पर्वतमाला (माउंट दमावंद) तथा ज़ाग्रोस पर्वतमाला।
  • प्रमुख मरुस्थल: दश्त-ए-कवीर (Great Salt Desert) एवं दश्त-ए-लूत।

RBI ने मोनिशा चक्रवर्ती को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 3 अगस्त 2026 से प्रभावी श्रीमती मोनिशा चक्रवर्ती को अपना नया कार्यकारी निदेशक (Executive Director-ED) नियुक्त किया।
  • अपने नए दायित्व में वे विदेशी विनिमय विभाग (Foreign Exchange Department) तथा वित्तीय बाजार विनियमन विभाग (Financial Markets Regulation Department) का कार्यभार संभालेंगी।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)

  • स्थापना की सिफारिश: हिल्टन यंग आयोग (1926)
  • स्थापना: 1 अप्रैल 1935, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत।
  • प्रारंभिक मुख्यालय: कोलकाता
  • स्थायी मुख्यालय (1937 से): मुंबई
  • राष्ट्रीयकरण: 1 जनवरी 1949, Reserve Bank of India (Transfer to Public Ownership) Act, 1948 के अंतर्गत।
  • प्रथम गवर्नर: सर ओसबोर्न स्मिथ
  • प्रथम भारतीय गवर्नर: सी. डी. देशमुख
  • वर्तमान गवर्नर (2026): संजय मल्होत्रा
  • उप-गवर्नर: स्वामीनाथन जे., डॉ. पूनम गुप्ता, एम. राजेश्वर राव एवं टी. रबी शंकर।
  • प्रशासन: केंद्रीय निदेशक मंडल (Central Board of Directors) द्वारा संचालित।
  • लेखा वर्ष: अप्रैल–मार्च
  • मुद्रा निर्गमन: ₹1 के नोट एवं सिक्कों को छोड़कर सभी मुद्रा नोट जारी करता है।
  • मौद्रिक नीति: मौद्रिक नीति समिति (MPC) के माध्यम से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने हेतु मौद्रिक नीति का निर्माण एवं क्रियान्वयन करता है।
  • सरकार एवं बैंकों का बैंकर।
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन: FEMA, 1999 का प्रशासन तथा देश के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन।

वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा

  • वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा, एवीएसएम, वीएसएम ने नौसेना संचालन महानिदेशक (Director General Naval Operations-DGNO) का पदभार ग्रहण किया।
  • उन्होंने वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद का स्थान लिया, जिन्हें उप-नौसेना प्रमुख (Deputy Chief of Naval Staff) नियुक्त किया गया है।

महत्वपूर्ण दिवस

अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस

  • अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस प्रतिवर्ष 4 अगस्त को क्लाउडेड लेपर्ड के संरक्षण, सुरक्षा तथा इसकी विशिष्ट विशेषताओं के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

क्लाउडेड लेपर्ड (Clouded Leopard)

  • वैज्ञानिक नाम: Neofelis nebulosa (यह सुंडा क्लाउडेड लेपर्ड - Neofelis diardi से भिन्न है।)
  • भौतिक विशेषताएँ: इसके शरीर पर बादल जैसी बड़ी गहरे रंग की आकृतियाँ होती हैं, शरीर की तुलना में अत्यधिक लंबे कैनाइन दाँत तथा पेड़ों पर चढ़ने के लिए चौड़े पंजे होते हैं।
  • आवास: घने उपोष्णकटिबंधीय एवं उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन।

संरक्षण स्थिति एवं कानूनी संरक्षण

  • IUCN स्थिति: सुभेद्य (Vulnerable)
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (भारत): अनुसूची-I (Schedule I) में सूचीबद्ध, जिससे इसे शिकार एवं अवैध शिकार के विरुद्ध सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
  • CITES: परिशिष्ट-I (Appendix I)

भारत में वितरण

  • मुख्यतः पूर्वोत्तर भारत के राज्यों— अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय तथा उत्तरी पश्चिम बंगाल में पाया जाता है।
  • क्लाउडेड लेपर्ड राष्ट्रीय उद्यान: त्रिपुरा के सेपाहिजाला वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है (लगभग 5.08 वर्ग किमी, स्थापना 2007)।
  • नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान: अरुणाचल प्रदेश में स्थित है तथा यह भारत के उन दुर्लभ संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जहाँ चार प्रमुख बिल्ली प्रजातियाँ—बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ एवं क्लाउडेड लेपर्ड—एक साथ पाई जाती हैं।

अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

भारत ने ईंधन निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया

  • वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, भारत सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल तथा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) सहित ईंधन के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) में वृद्धि की।
  • यह निर्णय पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बढ़ती अस्थिरता के मद्देनज़र लिया गया है। इसका उद्देश्य ईंधन के अत्यधिक निर्यात को नियंत्रित कर घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा निजी रिफाइनरियों द्वारा अर्जित असाधारण लाभ (Supernormal Profits) पर कर लगाना है।

विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax)

  • विंडफॉल टैक्स वह अस्थायी एवं उच्च कर है, जिसे सरकार उन उद्योगों या कंपनियों पर लगाती है जो अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण असाधारण अथवा "सुपर-नॉर्मल" लाभ अर्जित करती हैं।

विशेषताएँ (Features)

  • आर्थिक अधिशेष (Economic Rent) की वसूली: इसका उद्देश्य व्यवसाय के सामान्य संचालन हेतु आवश्यक लाभ से अधिक अर्जित अतिरिक्त लाभ (Economic Rent) पर कर लगाना है।
  • कर की प्रकृति: भारत में इसे मुख्यतः विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty-SAED) के माध्यम से वसूला जाता है। चूँकि उत्पाद शुल्क उत्पादन स्तर पर लगाया जाने वाला अप्रत्यक्ष कर है, इसलिए यह केंद्र सरकार (संघ सूची) के अधिकार क्षेत्र में आता है।
  • गतिशील एवं अस्थायी कर: यह कर स्थायी नहीं होता। इसे संकट की परिस्थितियों में लागू किया जाता है तथा वैश्विक बाजार सामान्य होने पर इसकी दरों में संशोधन अथवा इसे समाप्त कर दिया जाता है।

भारत की विंडफॉल टैक्स व्यवस्था

  • प्रथम लागू: भारत ने 1 जुलाई 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के बाद पहली बार विंडफॉल टैक्स लागू किया।
  • लक्षित क्षेत्र: यह मुख्यतः घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल तथा पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) जैसे परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू किया गया।
  • बी.के. चतुर्वेदी समिति (2008): तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर गठित इस उच्चस्तरीय समिति ने तेल उत्पादकों द्वारा अर्जित अप्रत्याशित लाभ पर कर लगाने की अनुशंसा की थी।
  • पाक्षिक समीक्षा प्रणाली: वित्त मंत्रालय प्रत्येक 14–15 दिनों में इस कर की दरों की समीक्षा करता है। यह संशोधन ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों तथा ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) के आधार पर किया जाता है।
  • छूट: क्षेत्रीय व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक रूप से नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा किए जाने वाले ईंधन निर्यात को इस कर से छूट प्रदान की है।

BEL ने Esri India के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), लोकेशन इंटेलिजेंस (Location Intelligence) तथा जियोएआई (GeoAI) समाधान विकसित करने हेतु Esri India के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  • GeoAI (Geospatial Artificial Intelligence) रक्षा क्षेत्र में मशीन लर्निंग को भौगोलिक (Location) डेटा के साथ जोड़कर खुफिया विश्लेषण को तेज करता है, युद्धक्षेत्र की निगरानी को स्वचालित बनाता है तथा स्वायत्त नेविगेशन (Autonomous Navigation) को बेहतर बनाता है। इससे डेटा प्रसंस्करण में लगने वाला समय कई दिनों से घटकर कुछ मिनटों में आ जाता है, जिससे सैन्य कमांडरों को महत्वपूर्ण सामरिक बढ़त प्राप्त होती है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)

  • स्थापना: वर्ष 1954, बेंगलुरु (कर्नाटक)।
  • मूल मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (Department of Defence Production) के अधीन कार्यरत।
  • वर्गीकरण: जून 2007 में नवरत्न (Navratna) का दर्जा प्राप्त (इससे पूर्व रक्षा मंत्रालय का पहला मिनीरत्न श्रेणी-I सार्वजनिक उपक्रम था)।
  • मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक।
  • वर्तमान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD): मनोज जैन।
  • विनिर्माण इकाइयाँ: भारत में कुल 9 इकाइयाँ— बेंगलुरु, गाज़ियाबाद, पुणे, मछलीपट्टनम, कोटद्वार, पंचकूला, चेन्नई, हैदराबाद तथा नवी मुंबई।

व्यावसायिक चाय परीक्षण (Professional Tea Tasting) पाठ्यक्रम

  • टी बोर्ड इंडिया (Tea Board India) ने पश्चिम बंगाल के कर्सियांग स्थित दार्जिलिंग टी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (DTR&DC) में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) द्वारा अनुमोदित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच की शुरुआत की।
  • इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेशेवर टी टेस्टर (Tea Tasters) एवं टी सोमेलियर (Tea Sommeliers) तैयार करना है।
  • यह पहल भारतीय चाय की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता, ब्रांडिंग तथा गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance) को सुदृढ़ करेगी।

चाय

भौगोलिक एवं जलवायु संबंधी परिस्थितियाँ

  • जलवायु: वर्षभर गर्म, आर्द्र एवं पाला (Frost) रहित जलवायु।
  • तापमान: आदर्श तापमान 20°C से 30°C के बीच। 10°C से कम अथवा 35°C से अधिक तापमान चाय की वृद्धि के लिए हानिकारक होता है।
  • वर्षा: प्रतिवर्ष 150 से 300 सेमी तक समान रूप से वितरित वर्षा, जिसमें जलभराव न हो।
  • मिट्टी: गहरी, उपजाऊ, अच्छी जल-निकासी वाली, अम्लीय (Acidic) तथा ह्यूमस एवं कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध मिट्टी। जलभराव चाय की जड़ों के लिए अत्यंत हानिकारक होता है।

भारत में प्रमुख उत्पादक क्षेत्र

  • असम: भारत में प्रथम स्थान; देश के कुल चाय उत्पादन का 52% से अधिक उत्पादन, मुख्यतः ब्रह्मपुत्र एवं कछार घाटी से।
  • पश्चिम बंगाल: भारत में द्वितीय स्थान; दार्जिलिंग, डुआर्स एवं तराई क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध हैं।
  • तमिलनाडु एवं केरल: दक्षिण भारत के प्रमुख उत्पादक राज्य, जहाँ नीलगिरि पर्वतमाला में चाय की खेती होती है।

भौगोलिक संकेतक (GI Tag)

  • दार्जिलिंग चाय वर्ष 2004 में GI टैग प्राप्त करने वाला भारत का पहला उत्पाद बना।
  • अन्य GI टैग प्राप्त चायों में असम टी, नीलगिरि टी तथा कांगड़ा टी शामिल हैं।

टी बोर्ड ऑफ इंडिया (Tea Board of India)

  • चाय अधिनियम, 1953 (Tea Act, 1953) के अंतर्गत स्थापित एक वैधानिक निकाय (Statutory Body)।
  • यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) के अधीन कार्य करता है।
  • मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल।

आबाद गाँवों में लगभग सार्वभौमिक बैंकिंग कवरेज

  • भारत ने लगभग सार्वभौमिक बैंकिंग कवरेज (Near-Universal Banking Coverage) प्राप्त कर लिया है, जहाँ अब 99.92% आबाद गाँवों में 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है।
  • वित्त मंत्रालय के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, देश के 6,01,328 आबाद गाँवों में से 6,00,868 गाँवों को औपचारिक बैंकिंग नेटवर्क से सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है।
  • जन धन दर्शक (Jan Dhan Darshak-JDD) मोबाइल ऐप के माध्यम से संकलित आँकड़ों के अनुसार, यह उपलब्धि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण-शहरी वित्तीय असमानता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

जन धन दर्शक (Jan Dhan Darshak) ऐप

  • विकसितकर्ता: वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services-DFS) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित।
  • यह उपयोगकर्ताओं को निकटतम बैंक शाखा, एटीएम, बैंक मित्र (Business Correspondent), डाकघर तथा ग्राहक सेवा केंद्र (Customer Service Point) खोजने में सहायता करता है।

भारत में बैंकिंग (Banking in India)

भारत में बैंकिंग का विकास (Evolution of Banking in India)

  • प्रथम बैंक: बैंक ऑफ हिंदुस्तान (1770), इसके बाद जनरल बैंक ऑफ इंडिया (1786)।
  • प्रेसीडेंसी बैंक: बैंक ऑफ बंगाल (1806), बैंक ऑफ बॉम्बे (1840) तथा बैंक ऑफ मद्रास (1843)।
  • इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया: वर्ष 1921 में तीनों प्रेसीडेंसी बैंकों के विलय से स्थापित। बाद में SBI अधिनियम, 1955 के अंतर्गत इसका राष्ट्रीयकरण कर इसका नाम भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India-SBI) रखा गया।
  • प्रथम पूर्णतः भारतीय बैंक: पंजाब नेशनल बैंक (1894), जिसकी स्थापना लाला लाजपत राय के प्रयासों से हुई।
  • राष्ट्रीयकरण (Nationalisation):

1969: ₹50 करोड़ से अधिक जमा राशि वाले 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण।

1980: ₹200 करोड़ से अधिक जमा राशि वाले 6 अन्य निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण।

अनुसूचित (Scheduled) एवं गैर-अनुसूचित (Non-Scheduled) बैंक

  • अनुसूचित बैंक (Scheduled Banks):

○ भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में शामिल होते हैं।

○ इन्हें न्यूनतम चुकता पूंजी एवं आरक्षित निधि बनाए रखना अनिवार्य होता है।

○ ये RBI से बैंक दर (Bank Rate) पर ऋण प्राप्त करने के पात्र होते हैं।

  • गैर-अनुसूचित बैंक (Non-Scheduled Banks):

○ RBI अधिनियम की द्वितीय अनुसूची में शामिल नहीं होते।

○ सामान्य परिस्थितियों में RBI से ऋण प्राप्त नहीं कर सकते; केवल अत्यधिक आपातकालीन परिस्थितियों में ही सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

विभेदित बैंक (Differentiated Banks)

लघु वित्त बैंक (Small Finance Banks - SFBs)

  • नचिकेत मोर समिति की अनुशंसा पर स्थापित।
  • उद्देश्य: छोटे व्यवसायों, सूक्ष्म उद्योगों एवं बैंकिंग सेवाओं से वंचित वर्गों को वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराना।
  • तथ्य: इन्हें अपने समायोजित शुद्ध बैंक ऋण (Adjusted Net Bank Credit-ANBC) का 75% प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending-PSL) में देना अनिवार्य है, जबकि वाणिज्यिक बैंकों के लिए यह सीमा 40% है।

पेमेंट्स बैंक (Payments Banks)

  • नचिकेत मोर समिति की अनुशंसा पर स्थापित।
  • प्रतिबंध: प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹2 लाख तक जमा स्वीकार कर सकते हैं, परंतु ऋण अथवा क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते।
  • निवेश: अपनी जमा राशि का निवेश सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में करना अनिवार्य है।

RBI के मौद्रिक एवं नियामक उपकरण (Monetary and Regulatory Tools of RBI)

भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकिंग प्रणाली में तरलता (Liquidity) एवं मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने के लिए मात्रात्मक एवं गुणात्मक उपकरणों का उपयोग करता है।

उपकरण प्रकार परिभाषा एवं परीक्षा की दृष्टि से महत्व
CRR (Cash Reserve Ratio) मात्रात्मक बैंकों को अपनी नेट डिमांड एवं टाइम लायबिलिटीज़ (NDTL) का एक निश्चित भाग नकद के रूप में RBI के पास रखना होता है। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
SLR (Statutory Liquidity Ratio) मात्रात्मक NDTL का वह भाग जिसे बैंक स्वयं नकद, सोना अथवा सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखते हैं।
रेपो दर (Repo Rate) मात्रात्मक वह दर जिस पर RBI अल्पकालिक आवश्यकता हेतु सरकारी प्रतिभूतियों के बदले वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है।
रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) मात्रात्मक वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है, जिससे बाजार की अतिरिक्त तरलता को अवशोषित किया जाता है।
बैंक दर (Bank Rate) मात्रात्मक वह दीर्घकालिक दंडात्मक दर जिस पर RBI बिना किसी प्रतिभूति के वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है।
मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) मात्रात्मक यह सुविधा बैंकों को अपनी SLR प्रतिभूतियों का उपयोग कर RBI से दंडात्मक दर पर रात्रिकालीन (Overnight) ऋण लेने की अनुमति देती है।

महत्त्वपूर्ण बैंकिंग अवधारणाएँ (Financial Concepts & Terminologies)

NDTL (Net Demand and Time Liabilities)

    • डिमांड लायबिलिटीज़ (Demand Liabilities): वह राशि जिसका भुगतान बैंक को माँगने पर तुरंत करना होता है (जैसे बचत एवं चालू खाते)।
    • टाइम लायबिलिटीज़ (Time Liabilities): वह राशि जिसका भुगतान निश्चित अवधि के बाद किया जाता है (जैसे सावधि जमा एवं आवर्ती जमा)।

NPA (Non-Performing Assets)

  • ऐसा ऋण या अग्रिम जिसकी मूलधन अथवा ब्याज की अदायगी 90 दिनों या उससे अधिक समय तक बकाया रहे।
    • Sub-standard Asset: 12 माह तक बकाया।
    • Doubtful Asset: 12 माह से अधिक बकाया।
    • Loss Asset: ऐसा ऋण जिसकी वसूली की संभावना अत्यंत कम हो तथा जिसे बैंक अथवा RBI के लेखा परीक्षकों द्वारा हानि परिसंपत्ति घोषित किया गया हो।

CAR / CRAR (Capital Adequacy Ratio)

  • बैंक की पूंजी एवं उसकी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों (Risk Weighted Assets) का अनुपात। यह बेसल मानकों (Basel Accords) के अनुसार बैंकों की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है।
  • दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), 2016
  • कॉर्पोरेट संस्थाओं एवं व्यक्तियों के दिवाला मामलों के समयबद्ध समाधान हेतु विधिक ढाँचा, जिसमें सामान्यतः 180 दिन (आवश्यक होने पर 90 दिन का विस्तार) का प्रावधान है।

 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)

  • स्थापना: 1 अप्रैल 1935, हिल्टन यंग आयोग (Royal Commission on Indian Currency and Finance) की सिफारिशों पर। 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • RBI के प्रथम गवर्नर: सर ऑसबोर्न स्मिथ।
  • RBI के प्रथम भारतीय गवर्नर: सी. डी. देशमुख।
  • वर्तमान गवर्नर (2026): संजय मल्होत्रा।

तमिलनाडु में आदि पेरुक्कू उत्सव

  • आदि पेरुक्कु तमिलनाडु का एक पारंपरिक त्योहार है, जिसे तमिल माह 'आदि' के 18वें दिन (सामान्यतः 3 अगस्त) मनाया जाता है। यह जीवनदायिनी जल, मानसूनी वर्षा के प्रति कृतज्ञता तथा कृषि समृद्धि की कामना हेतु आयोजित किया जाता है।
  • इस अवसर पर श्रद्धालु विशेष रूप से कावेरी नदी के तटों—जैसे तिरुचिरापल्ली (Trichy), तंजावुर तथा श्रीरंगम—पर एकत्र होकर पूजा-अर्चना करते हैं।

पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी

अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ झील भारत का 101वाँ रामसर स्थल घोषित

  • अरुणाचल प्रदेश स्थित ग्लॉ झील (Glaw Lake) को आधिकारिक रूप से भारत का 101वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया, जिससे यह राज्य का प्रथम रामसर आर्द्रभूमि (Wetland) बन गया।
  • ग्लॉ झील अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित कमलांग टाइगर रिज़र्व एवं वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है।

रामसर साइटें और वेटलैंड

आर्द्रभूमि (Wetland) क्या है? (रामसर परिभाषा)

  • गहराई सीमा: दलदल (Marsh), पीटलैंड (Peatland), फेन (Fen) अथवा प्राकृतिक या कृत्रिम, स्थायी या अस्थायी जल क्षेत्र, जहाँ निम्न ज्वार (Low Tide) के समय जल की गहराई 6 मीटर से अधिक न हो।
  • दायरा: इसमें प्राकृतिक (झीलें, नदियाँ, भूमिगत जलभृत, मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियाँ) तथा मानव निर्मित (मत्स्य तालाब, धान के खेत, नमक के मैदान, जलाशय) दोनों प्रकार की आर्द्रभूमियाँ सम्मिलित हैं।

रामसर अभिसमय के तीन प्रमुख स्तंभ

  • सतत उपयोग (Wise Use): राष्ट्रीय नीतियों के माध्यम से सभी आर्द्रभूमियों का सतत उपयोग।
  • रामसर सूची (Ramsar List): "अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों" का नामांकन।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: सीमापार आर्द्रभूमियों एवं साझा प्रजातियों का संयुक्त संरक्षण।

मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record)

  • परिभाषा: ऐसे रामसर स्थलों का रजिस्टर जहाँ मानव हस्तक्षेप (प्रदूषण, प्रौद्योगिकी आदि) के कारण पारिस्थितिक परिवर्तन हो रहे हों या होने की आशंका हो।
  • भारत के स्थल: वर्तमान में केवल केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) एवं लोकटक झील (मणिपुर) इस सूची में शामिल हैं।
  • (नोट: चिलिका झील पहले सूची में थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।)

महत्त्वपूर्ण तथ्य 

श्रेणी विवरण राज्य
भारत में कुल रामसर स्थल 100 स्थल (मध्य-2026 तक) सम्पूर्ण भारत
100वाँ/99वाँ रामसर स्थल जयप्रकाश नारायण (100वाँ) एवं शेखा झील (99वाँ) उत्तर प्रदेश
सर्वाधिक रामसर स्थल तमिलनाडु, इसके बाद उत्तर प्रदेश तमिलनाडु
प्रथम रामसर स्थल (1981) चिलिका झील एवं केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा एवं राजस्थान
सबसे बड़ा/सबसे छोटा सुंदरबन (सबसे बड़ा, 4230 वर्ग किमी) एवं रेणुका/वेम्बन्नूर (सबसे छोटा) पश्चिम बंगाल / हिमाचल प्रदेश एवं तमिलनाडु
विशिष्ट विशेषता लोकटक झील – विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान (केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान) मणिपुर

महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय तथ्य

  • विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day): 2 फ़रवरी।
  • भारत की सदस्यता: 1 फ़रवरी 1982 को रामसर अभिसमय में शामिल हुआ।
  • कानूनी स्थिति: रामसर सूची में शामिल होना स्वयं में कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है; संरक्षण मुख्यतः आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 जैसे राष्ट्रीय कानूनों के माध्यम से किया जाता है।

भारत में अंग प्रत्यारोपण

  • भारत ने वर्ष 2025 में 20,138 अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplants) करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह वर्ष 2024 की तुलना में 6.5% की वृद्धि दर्शाता है तथा यह पहली बार है जब देश में एक वर्ष में अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या 20,000 के आँकड़े को पार कर गई।
  • राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (National Organ and Tissue Transplant Organisation-NOTTO) द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, यह वर्ष 2024 की तुलना में 6.5% की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। साथ ही, वर्ष 2013 में हुए 4,990 प्रत्यारोपणों की तुलना में यह लगभग चार गुना वृद्धि है।
  • समग्र अंग प्रत्यारोपण के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है तथा इस मामले में केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन भारत से आगे हैं।

राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO)

मूल मंत्रालय (Parent Ministry): स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), भारत सरकार।

मुख्यालय: नई दिल्ली (सफदरजंग अस्पताल परिसर)।

वैधानिक/कानूनी आधार: यह मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (Transplantation of Human Organs and Tissues Act, 1994) तथा वर्ष 2011 में किए गए इसके संशोधनों के ढाँचे के अंतर्गत कार्य करता है।

प्रमुख कार्यक्रम का क्रियान्वयन: यह राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (National Organ Transplant Program-NOTP) के लिए शीर्ष केंद्र (Apex Centre) के रूप में कार्य करता है।

संगठनात्मक पदानुक्रम (तीन-स्तरीय नेटवर्क)

  • NOTTO (राष्ट्रीय स्तर): अखिल भारतीय नेटवर्किंग, राष्ट्रीय रजिस्ट्री डेटा तथा अंग आवंटन प्रोटोकॉल के लिए शीर्ष समन्वय केंद्र।
  • ROTTO (क्षेत्रीय स्तर): क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (Regional Organ and Tissue Transplant Organisations) मध्य-स्तरीय परिचालन केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं।
  • SOTTO (राज्य स्तर): राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (State Organ and Tissue Transplant Organisations) स्थानीय अस्पताल नेटवर्किंग तथा जिला स्तर पर आउटरीच गतिविधियों का संचालन करते हैं।

राष्ट्रीय टेक्नोथॉन

  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences-MoES) के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Ocean Technology-NIOT) ने राष्ट्रीय टेक्नोथॉन (National Technothon) का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य भारत के डीप ओशन मिशन (Deep Ocean Mission) को आगे बढ़ाने के लिए गहरे समुद्र में खनन तथा रणनीतिक खनिजों के निष्कर्षण हेतु नवोन्मेषी, स्वदेशी एवं सतत प्रौद्योगिकियों की खोज करना है।
  • टेक्नोथॉन का लक्ष्य समुद्र तल से लगभग 4,500 से 6,000 मीटर की गहराई पर पाए जाने वाले पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स (Polymetallic Nodules) का सतत दोहन करना है। आलू के आकार जैसे ये नोड्यूल भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (Clean Energy Transition) के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनमें निकेल, कोबाल्ट, तांबा और मैंगनीज जैसी रणनीतिक धातुएँ पाई जाती हैं, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और उन्नत बैटरियों में किया जाता है।

भारत का डीप ओशन मिशन (India's Deep Ocean Mission)

  • नोडल मंत्रालय: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences-MoES)।
  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) — केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित।
  • प्रमुख परियोजना: समुद्रयान मिशन (Samudrayaan Mission) — भारत की पहली विशिष्ट मानवयुक्त गहरे समुद्र की अन्वेषण परियोजना।
  • प्रमुख सबमर्सिबल: मत्स्य 6000 (Matsya 6000) — स्वदेशी रूप से विकसित मानवयुक्त पनडुब्बी/सबमर्सिबल, जिसे 3 एक्वानॉट्स (Aquanauts) को समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका विकास राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT), चेन्नई द्वारा किया गया है।
  • रणनीतिक अन्वेषण अधिकार: अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (International Seabed Authority-ISA) ने भारत को कार्ल्सबर्ग रिज (Carlsberg Ridge), उत्तर-पश्चिम हिंद महासागर में पॉलीमेटैलिक सल्फाइड्स (Polymetallic Sulphides) तथा मध्य हिंद महासागर बेसिन (Central Indian Ocean Basin) में पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स (Polymetallic Nodules) के अन्वेषण का लाइसेंस प्रदान किया है।

रक्षा समाचार

अभ्यास रोटर क्लैप-III (Exercise ROTOR CLAP III)

  • भारतीय वायु सेना (Indian Air Force-IAF) ने राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास रोटर क्लैप-III (Exercise ROTOR CLAP III) का आयोजन किया।
  • इस रोटरी-विंग अभ्यास (Rotary-Wing Exercise) के तीसरे संस्करण का मुख्य फोकस विशेष रूप से काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (Counter-Unmanned Aerial Systems/Counter-UAS) पर केंद्रित था।

भारतीय वायु सेना

स्थापना (Foundation)

  • स्थापना तिथि: 8 अक्टूबर 1932 — प्रतिवर्ष इस दिन को वायु सेना दिवस (Air Force Day) के रूप में मनाया जाता है।
  • आधिकारिक आदर्श वाक्य: "नभः स्पृशं दीप्तम्" (Nabha Sparsham Deeptam – Touch the Sky with Glory), जिसे श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है।
  • वैश्विक रैंकिंग: भारतीय वायु सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी परिचालन वायु सेना है; इससे आगे संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन हैं।
  • सर्वोच्च कमांडर (Supreme Commander): भारत के राष्ट्रपति।

नेतृत्व एवं रैंक (Leadership and Ranks)

  • प्रथम वायु सेना प्रमुख (First Chief of Air Staff): एयर मार्शल सर थॉमस एल्महर्स्ट (1947–1948)।
  • प्रथम भारतीय वायु सेना प्रमुख: एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी (1954–1960) — इन्हें प्रायः "भारतीय वायु सेना का जनक" (Father of the Indian Air Force) कहा जाता है।
  • वायु सेना के एकमात्र मार्शल (Only Marshal of the Air Force): अर्जन सिंह, जिन्हें वर्ष 2002 में फाइव-स्टार रैंक प्रदान की गई।
  • सर्वोच्च कमीशंड रैंक: एयर चीफ मार्शल — अमर प्रीत सिंह।

प्रमुख ऐतिहासिक एवं परिचालन उपलब्धियाँ (Key Historical & Operational Milestones)

  • मूल नाम: प्रारंभ में इसे रॉयल इंडियन एयर फोर्स (Royal Indian Air Force-RIAF) के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1950 में इसके नाम से "Royal" शब्द हटा दिया गया।
  • ऑपरेशन मेघदूत (1984): इस अभियान के माध्यम से सियाचिन ग्लेशियर को सुरक्षित किया गया, जिसमें भारतीय वायु सेना ने महत्वपूर्ण परिवहन एवं लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की।
  • ऑपरेशन सफेद सागर (1999): कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना का महत्वपूर्ण अभियान, जिसमें अत्यधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में वायु शक्ति (Air Power) का प्रयोग किया गया।

85वां सशस्त्र बल मुख्यालय नागरिक सेवा दिवस

  • 85वां आर्म्ड फोर्सेज़ हेडक्वार्टर्स (AFHQ) सिविलियन सर्विसेज़ डे 3 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में मनाया गया।
  • यह इवेंट रक्षा मंत्रालय के अंदर भारत की सेना के साथ काम करने वाले सिविलियन कर्मचारियों के ज़रूरी योगदान का सम्मान करता है ।
  • यह सालाना दिन 1 अगस्त, 1942 को बने AFHQ कैडर की ऐतिहासिक स्थापना की याद में मनाया जाता है।

खेल

ब्राजील में BWF पैरा वर्ल्ड सर्किट

  • अरुणाचल प्रदेश के स्टार पैरा-शटलर बीरी ताकर ने BWF पैरा वर्ल्ड सर्किट के एक मशहूर टूर्नामेंट, ब्राज़ील पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में शानदार डबल पोडियम फिनिश हासिल किया।
  • मेन्स डबल्स (SL3–SU5) में गोल्ड मेडल और मेन्स सिंगल्स (SL4) में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत के कैंपेन का शानदार अंत किया ।

हर्षिता जाखड़

  • युवा साइकिलिस्ट हर्षिता जाखड़ स्विट्जरलैंड में टूर डी फ्रांस फेम्स का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचने में कामयाब रहीं।

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