GK Update
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




GK Update

Sat 01 Aug, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

राष्ट्रमंडल शांति मध्यस्थता सम्मेलन-2026

  • मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जयपुर में राष्ट्रमंडल शांति मध्यस्थता सम्मेलन-2026 का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्घाटन: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा
  • आयोजक: राजस्थान राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (RSLSA)
  • आयोजन स्थल: जयपुर, राजस्थान
  • अवधि: 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 (3-दिवसीय सम्मेलन)
  • भागीदारी: राष्ट्रमंडल देशों के न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ, मध्यस्थ और प्रतिनिधि
  • सम्मेलन का विषय : “शांति, मध्यस्थता और कानून का शासन”

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल बजट (Total Outlay): ₹5,070 करोड़
  • लक्ष्य क्षमता (Target Capacity): 5,000 मेगावाट (5 GW) की फ्लोटिंग सौर फोटोवोल्टिक (Floating Solar PV) परियोजनाएं स्थापित करना
  • ऊर्जा भंडारण क्षमता (ESS): न्यूनतम 2 घंटे की स्टोरेज क्षमता के साथ 10,000 MWh का एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Energy Storage System) जोड़ना अनिवार्य
  • कार्यान्वयन अवधि (Tenure): वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक परियोजनाएं स्वीकृत की जाएंगी, जबकि वित्तीय सहायता का वितरण 2032-33 तक जारी रहेगा
  • मंत्रालय: यह नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की एक प्रमुख पहल है.
  • अनुमानित कुल निवेश: ₹28,500 करोड़ का निजी/सार्वजनिक निवेश आकर्षित होने की उम्मीद
  • केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA):
  • परियोजना के सफल कमीशनिंग के बाद ₹1 करोड़ प्रति मेगावाट की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • व्यवहार्यता अध्ययन के लिए ₹50 लाख तक प्रति प्रोजेक्ट की सहायता राशि।
  • संभावित क्षमता (NISE की रिपोर्ट): राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के अनुसार भारत के जलाशयों में लगभग 102.18 GWp तैरती सौर ऊर्जा की क्षमता उपलब्ध है।

पर्यावरणीय एवं आर्थिक प्रभाव:

  • प्रतिवर्ष लगभग 10 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के उत्सर्जन में कमी आएगी।
  • लगभग 16,000 से 17,000 प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • भूमि की कमी की समस्या को दूर करते हुए जल निकायों और जलाशयों का बेहतर उपयोग होगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

  • केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वित्तीय परिव्यय: आगामी 5 वर्षों (2026-31) के विस्तार के लिए कुल ₹3,15,000 करोड़ स्वीकृत किए गए है
  • अब तक की प्रगति: योजना की शुरुआत से अब तक 23 किस्तों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।
  • महिला सशक्तिकरण: इस योजना के तहत महिला किसानों को ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हुई है, जो कुल लाभार्थियों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है
  • विस्तारित अवधि : वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 (5 वर्ष)।

PM-KISAN योजना :

  • शुरुआत: यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी (यह 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी हुई थी)।
  • प्रकृति: यह 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
  • लाभ: इसके तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • वितरण: यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में हर चार महीने पर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित है।
  • लाभार्थियों की पहचान: पात्र किसान परिवारों की पहचान करने की पूरी जिम्मेदारी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों की है

राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2030-31 तक ₹84,084 करोड़ के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना (समुद्र मंथन) को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल बजट : ₹84,084 करोड़
  • कार्यान्वयन अवधि : वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31
  • संबंधित मंत्रालय: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas)।
  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्र की योजना (100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित)।
  • उद्देश्य: भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और गहरे/अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में छिपे हाइड्रोकार्बन (कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस) के भंडारों का पता लगाना और उत्पादन बढ़ाना

योजना के प्रमुख घटक एवं लक्ष्य :

  • सिस्मिक डेटा अधिग्रहण (Seismic Data Acquisition - ₹28,534 करोड़): आधुनिक प्रौद्योगिकियों की मदद से समुद्र तल के नीचे तेल और गैस के भंडारों का सटीक नक्शा और डेटा तैयार करना।
  • गहरे पानी में अन्वेषण ड्रिलिंग (Deepwater Drilling - ₹43,200 करोड़): लगभग 60 खोजपूर्ण कुओं (Exploratory Wells) की ड्रिलिंग के लिए वित्तीय सहायता देना।
  • साझा अवसंरचना विकास (Common Infrastructure - ₹10,000 करोड़): समुद्री उत्पादन और निकासी के लिए एकीकृत जेट्टी, पाइपलाइन व बंकर जैसी साझा सुविधाएं विकसित करना।
  • मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस ज़ोन (₹2,000 करोड़): तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़े उपकरणों के घरेलू निर्माण (Make in India) के लिए 'इंटीग्रेटेड ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज ज़ोन' की स्थापना।
  • भंडार वृद्धि (Reserve Accretion Target): हाइड्रोकार्बन भंडार में 600 मिलियन मीट्रिक टन तेल समकक्ष (MMTOE) से अधिक की वृद्धि करना।
  • वार्षिक उत्पादन वृद्धि: घरेलू उत्पादन को 62 MMTOE से बढ़ाकर 80 MMTOE प्रतिवर्ष तक पहुँचाने का लक्ष्य।

खेल समाचार

खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों को दी जाने वाली सहायता में वृद्धि

  • मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ₹36,441 करोड़ के संयुक्त परिव्यय के साथ विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों को दी जाने वाली सहायता में वृद्धि को मंजूरी दी है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल परिव्यय (Total Outlay): ₹36,441 करोड़ (अगले 5 वर्षों के लिए)
  • विस्तारित खेलो इंडिया योजना: ₹29,054 करोड़
  • राष्ट्रीय खेल संघों को सहायता (ANSF): ₹7,387 करोड़
  • समय अवधि (Tenure): वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31
  • वृद्धि : यह परिव्यय पिछले खेलो इंडिया बजट की तुलना में लगभग 8 गुना अधिक है।
  • संबंधित मंत्रालय: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय

योजना की प्रमुख विशेषताएं एवं नई पहलें :

  • E-KIA (Emerging Khelo India Athletes): खेलो इंडिया एथलीटों के दायरे को 10 गुना बढ़ाने के लिए यह नई श्रेणी जोड़ी गई है।
  • KIFS (खेलो इंडिया फीडर स्कूल्स): जमीनी स्तर पर (स्कूली स्तर) खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए स्थापित किए जाने वाले नए स्कूल।
  • KIUV (खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय): प्रतिभावान छात्रों को उन्नत प्रशिक्षण देने के लिए चिन्हित किए जाने वाले स्कूल।
  • NCAB (National Coach Accreditation Board): देश में खेल प्रशिक्षकों (Coaches) के स्तर और योग्यता को मानकीकृत करने के लिए गठित होने वाला नया बोर्ड
  • नया एथलीट वर्ग (E-KIA): 'इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट्स' श्रेणी शुरू की गई है, जिससे एथलीटों का आधार लगभग 10 गुना तक बढ़ जाएगा।
  • नीतियों से जुड़ाव: यह योजना 'खेलो भारत नीति 2025' और 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020' के साथ एकीकृत की गई है।
  • दीर्घकालिक लक्ष्य: वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) की तैयारी और भविष्य में ओलंपिक/पैरालिंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की दावेदारी को मजबूत करना।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026

  • ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में अस्‍मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने-अपने भार वर्ग में स्‍वर्ण पदक जीते।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अस्मिता डे (महिला -48 किलोग्राम वर्ग): त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने फाइनल मुकाबले में कनाडा की हेइडी क्वाच को 2-1 से हराकर भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का पहला जूडो स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वे इन खेलों में स्वर्ण जीतने वाली देश की पहली जूडोका बनीं।
  • हर्ष सिंह (पुरुष -60 किलोग्राम वर्ग): अस्मिता की जीत के महज 30 मिनट बाद दिल्ली के 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुष फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज़ (Joshua Katz) को 10-0 (वज़ा-अरी / Waza-ari) से हराकर दूसरा स्वर्ण पदक देश के नाम किया। वे स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बने
  • यामिनी मौर्य (महिला -57 किलोग्राम वर्ग): इसी दिन भारत की यामिनी मौर्य ने महिला वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना

  • विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए पांचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सह-अध्यक्षता: भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भूटान की ओर से उनके समकक्ष विदेश सचिव पेमा चोडेन (Pema Choden) द्वारा।
  • संदर्भ: भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-2029) के तहत विकासात्मक सहायता।
  • भारत का प्रतिबद्ध योगदान: भारत सरकार ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए कुल ₹10,000 करोड़ (10,000 Crore INR) की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
  • 12 नई विकास परियोजनाएं: बैठक में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी 332 करोड़ रुपये की 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

भूटान :

  • राजधानी: थिम्पू (यह देश का सबसे बड़ा शहर भी है)
  • आधिकारिक भाषा: जोंगखा (Dzongkha)
  • मुद्रा: न्गुल्ट्रम (Ngultrum)
  • राष्ट्रीय ध्वज: इसमें एक 'थंडर ड्रैगन' बना है, जिसमें पीला रंग राजा की शक्ति और केसरिया-नारंगी रंग बौद्ध धर्म का प्रतीक है।
  • प्रणाली: भूटान एक लोकतांत्रिक संवैधानिक राजतंत्र है।
  • राष्ट्राध्यक्ष: राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (5वें ड्रुक ग्यालपो)।
  • सरकार प्रमुख: प्रधानमंत्री (वर्तमान में दाशो शेरिंग तोबगे)।
  • संसद: इसे शोगडू कहा जाता है।
  • सीमाएँ: उत्तर में चीन और दक्षिण, पूर्व व पश्चिम में भारत (सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश) से घिरा है।
  • कार्बन नेगेटिव: भूटान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से है जो कार्बन नेगेटिव हैं, यानी यह जितनी कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करता है, उससे कहीं अधिक अवशोषित करता है।
  • वन क्षेत्र: देश की 70% से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है।
  • सर्वोच्च शिखर: गंगखर पुएनसुम (7,570 मीटर), जिसे दुनिया का सबसे ऊँचा 'अविजित' पर्वत माना जाता है।

रक्षा समाचार

एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल

  • सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने स्वदेशी रूप से विकसित एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल लॉन्च किया, जो चरम मौसम में लड़ाकू व सैन्य वाहनों की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाएगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • लॉन्चकर्ता: जनरल धीरज सेठ (सेना के शीर्ष नेतृत्व द्वारा)
  • उत्पाद: स्वदेशी रूप से विकसित XWG डीजल
  • तकनीकी विकास: इसे भारतीय अनुसंधान एवं रक्षा निकायों द्वारा घरेलू सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों के सहयोग से विशेष रूप से भारतीय सेना की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है
  • उपयोग: लद्दाख, सियाचिन और पूर्वोत्तर के अत्यधिक ऊंचाई तथा शून्य से बहुत नीचे तापमान वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात लड़ाकू वाहनों, टैंकों, तोपों और सैन्य वाहनों के लिए

XWG डीजल की मुख्य विशेषताएं और लाभ :

  • अत्यधिक कम तापमान में प्रवाह (Low Pour Point): अत्यधिक ठंड (लगभग -40°C से -50°C) में भी साधारण डीजल जम जाता है या उसमें वैक्स (Wax) जमने से ईंधन की लाइनें ब्लॉक हो जाती हैं। XWG डीजल इस तापमान में भी द्रव अवस्था में बना रहता है।
  • इंजन प्रदर्शन एवं सुरक्षा: शून्य से नीचे तापमान में भी सैन्य वाहनों का इंजन तुरंत स्टार्ट हो जाता है और चरम स्थितियों में सैन्य परिचालन (Combat Operational Readiness) बिना किसी रुकावट के जारी रहता है।
  • आयात निर्भरता में कमी: पहले ऐसे विशेष प्रकार के ईंधन या एडिटिव्स के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता रहती थी। स्वदेशी XWG डीजल 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा का निधन

  • भारतीय सेना के पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा (वी. एन. शर्मा) का 96 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पद: भारत के 14वें थल सेनाध्यक्ष (Chief of the Army Staff - COAS)।
  • कार्यकाल: 1 मई 1988 से 30 जून 1990 तक
  • निधन: 96 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में
  • ऐतिहासिक सैन्य पृष्ठभूमि: जनरल वी. एन. शर्मा भारत के पहले परमवीर चक्र (PVC) विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे
  • मेजर सोमनाथ शर्मा को 1947 के बड़गाम युद्ध में अद्वितीय वीरता के लिए मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' प्रदान किया गया था
  • सैन्य करियर एवं उपलब्धियां :
  • 16वीं लाइट कैवलरी : वे 1948 में 16वीं लाइट कैवलरी (बख्तरबंद कोर) में कमीशन हुए थे।

प्रमुख सैन्य अभियान:

  • 1965 और 1971 का भारत-पाक युद्ध: दोनों युद्धों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
  • ऑपरेशन पवन (Op Pawan - श्रीलंका): उनके सेनाध्यक्ष काल के दौरान ही श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) का अभियान संपन्न हुआ था।
  • ऑपरेशन मेघदूत (Op Meghdoot - सियाचिन): सियाचिन ग्लेशियर पर भारतीय सेना की पकड़ मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही।
  • प्रतिष्ठित नागरिक एवं सैन्य सम्मान: उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया गया था

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

UPI चालू करने वाला 11वां देश

  • मॉलदीव ने अपनी त्वरित भुगतान प्रणाली फवारा को भारत के UPI से जोड़ते हुए भारत में वास्तविक समय सीमा पार धन हस्तांतरण सेवा शुरू किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शुभारंभ तिथि: 30 जुलाई 2026
  • भागीदार संस्थाएं: मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण और भारत की NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहयोग से।
  • मुद्रा हस्तांतरण प्रक्रिया: प्रेषक मालदीवियन रुफिया (MVR) या अमेरिकी डॉलर (USD) में भुगतान शुरू कर सकते हैं, जो भारत में लाभार्थी के बैंक खाते में तुरंत भारतीय रुपये (INR) में जमा होगा
  • प्रारंभिक बैंक: बैंक ऑफ मालदीव और मालदीव इस्लामिक बैंक
  • अनुमत प्रेषण : परिवार देखभाल, चिकित्सा उपचार, शिक्षा व्यय और व्यक्तिगत उपहार हस्तांतरण आदि

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) :

  • शुरुआत: 11 अप्रैल 2016, तत्कालीन RBI गवर्नर रघुराम राजन द्वारा
  • विकासकर्ता संस्था: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI - National Payments Corporation of India)
  • नियामक संस्था: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • उद्देश्य: मोबाइल प्लेटफॉर्म पर तत्काल, सुरक्षित और एकीकृत बैंकिंग लेनदेन की सुविधा प्रदान करना
  • लेनदेन का प्रकार: व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M)
  • लेनदेन की प्रकृति: 24×7 तत्काल मनी ट्रांसफर (इंटरबैंक ट्रांसफर), QR कोड आधारित भुगतान
  • मुख्य विशेषता: केवल वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) या मोबाइल नंबर से भुगतान
  • UPI से जुड़ी लोकप्रिय ऐप्स: PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM, Amazon Pay आदि
  • BHIM ऐप: NPCI द्वारा विकसित UPI आधारित सरकारी ऐप(शुरूआत : 30 दिसंबर 2016)
  • UPI स्वीकार करने वाले प्रमुख देश: वर्तमान में UPI सेवाएँ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर में लाइव हैं।

महत्‍वपूर्ण दिवस

विश्व स्तनपान सप्ताह

  • प्रतिवर्ष 1 से 7 अगस्‍त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है, जिसको इस वर्ष "जीवन की सतत शुरुआत के लिए स्तनपान: जो कारगर है उसे मजबूत करें" विषय के तहत मनाया जा रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इनोसेंटी घोषणा : यह सप्ताह वर्ष 1990 में हस्ताक्षरित 'इनोसेंटी घोषणापत्र' की याद में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य स्तनपान का संरक्षण और समर्थन करना था
  • शुरुआत: इसकी आधिकारिक शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी
  • समन्वयक संस्थाएं: इसे WABA (World Alliance for Breastfeeding Action), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNICEF द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है

मुख्य उद्देश्य और महत्व :

  • शिशु स्वास्थ्य व पोषण: नवजात को जन्म के पहले घंटे के भीतर माँ का दूध (कोलोस्ट्रम - पहला पीला गाढ़ा दूध) देना, जिसे शिशु का पहला प्राकृतिक टीका कहा जाता है।
  • अनन्य स्तनपान (Exclusive Breastfeeding): जीवन के पहले 6 महीनों तक शिशु को केवल स्तनपान कराना (पानी, शहद या बाहरी दूध पूरी तरह वर्जित)
  • सतत विकास लक्ष्य (SDGs): यह अभियान सीधे तौर पर SDG 2 (भुखमरी की समाप्ति व बेहतर पोषण) और SDG 3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) को प्राप्त करने में मदद करता है।
  • मातृ स्वास्थ्य: यह माताओं में स्तन व प्रसवोत्तर अवसाद और कैंसर के जोखिम को कम करता है

रिर्पोट एवं सूचकांक

पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2026

  • पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2026 में भारत को 177 देशों में से 176वां स्थान प्राप्त हुआ है, जिसका कुल स्कोर 22.46 रहा है।
  • यह द्विवार्षिक सूचकांक वैश्विक स्तर पर देशों की पर्यावरणीय स्थिरता, पारिस्थितिकी तंत्र की जीवन शक्ति और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों का आकलन करता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • जारीकर्ता संस्थाएं: यह सूचकांक येल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल लॉ एंड पॉलिसी, कोलंबिया विश्वविद्यालय (CIESIN) तथा येल सेंटर फॉर जियोस्पेशियल सॉल्यूशंस द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है.
  • मूल्यांकन का ढांचा: सूचकांक में कुल 177 देशों को शामिल किया गया है. इनका मूल्यांकन 47 संकेतकों (Indicators) के आधार पर किया गया है, जिन्हें 12 विषयगत श्रेणियों में बांटा गया है

मुख्य 3 नीतिगत उद्देश्य :

  • पर्यावरण स्वास्थ्य (Environmental Health)
  • पारिस्थितिकी तंत्र जीवंतता (Ecosystem Vitality)
  • जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

शीर्ष 5 देश :

  • एस्टोनिया, स्कोर: 74.79 (Rank 1)
  • लक्समबर्ग
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • फिनलैंड
  • नीदरलैंड

अंतिम देश :

  • 176वां स्थान: भारत, स्कोर: 22.46 (नीचे से दूसरा)
  • 177वां स्थान: लाओस (Laos) – (सबसे अंतिम स्थान)
  • वैश्विक स्थिति: भारत दुनिया का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश रहा. वर्ष 2022 में भारत 180वें स्थान पर था और 2024 में भी 176वें स्थान पर था.
  • कमजोर क्षेत्र: भारत का प्रदर्शन वायु गुणवत्ता (Air Quality) और जैव विविधता के क्षेत्र में सबसे निराशाजनक रहा, जहाँ इसे 174वीं रैंक मिली.]
  • बेहतर क्षेत्र: भारत ने जलवायु परिवर्तन (130वीं रैंक) तथा अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता (141वीं रैंक) में अपेक्षाकृत थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया है.
  • दक्षिण एशिया में स्थिति: भारत दक्षिण एशिया के 8 देशों में 7वें स्थान पर है
  • चुनौतियाँ: तीव्र शहरीकरण, औद्योगिक विकास और जीवाश्म ईंधन पर अत्यधिक निर्भरता के कारण प्रति व्यक्ति उत्सर्जन में वृद्धि हो रही है, जिससे विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाना कठिन हो रहा है

 

Latest Courses