28 July, 2026
BIMCO, ICS नाविक कार्यबल रिपोर्ट 2026
Wed 29 Jul, 2026
संदर्भ :
- बाल्टिक और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री परिषद (BIMCO), इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (ICS) नाविक कार्यबल रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा नाविक आपूर्तिकर्ता देश बन गया है।
मुख्य बिन्दु :
- भारत चीन और रूस जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए विश्व का दूसरा सबसे बड़ा नाविक आपूर्तिकर्ता देश बन गया है।
- यह उपलब्धि भारत के समुद्री क्षेत्र, कौशल विकास, और नीली अर्थव्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु एवं आंकड़े :
| कुल भारतीय नाविक कार्यबल | 3,11,936 समुद्री पेशेवर |
| वैश्विक कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी | 12.16% |
| वैश्विक रैंकिंग | द्वितीय (प्रथम: फिलीपींस) |
| समुद्री अधिकारी कैडर (Officer Cadre) | 1,40,718 (वैश्विक अधिकारियों का 13.41%) |
| रेटिंग्स / क्रू मेंबर्स (Ratings) | 1,71,218 (वैश्विक रेटिंग्स का 11.29%) |
| कुल वैश्विक नाविक आपूर्ति एवं मांग | आपूर्ति: 2.57 मिलियन | मांग: 2.55 मिलियन |
भारत की ऐतिहासिक प्रगति (2015 - 2026) :
- 2015: 5वां स्थान (वैश्विक हिस्सेदारी 5.2%)
- 2021: 5वां स्थान (वैश्विक हिस्सेदारी 6.0%)
- 2026: 2रा स्थान (वैश्विक हिस्सेदारी 12.16%) — 10 वर्षों में हिस्सेदारी दोगुनी से अधिक बढ़ी है।
इस तीव्र वृद्धि के मुख्य कारक :
- तटीय शिपिंग अधिनियम मर्चेंट शिपिंग अधिनियम (Merchant Shipping Act), तथा भारतीय बंदरगाह अधिनियम जैसे विधायी सुधारों ने अनुपालन को सरल और पारदर्शी बनाया है।
- भारत में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थानों में STCW (Standards of Training, Certification and Watchkeeping) मानकों के अनुरूप वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण दिया जाना।
- 'बायोमेट्रिक सेफैरर आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट' (BSID), डिजिटल सीमेन प्रामाणिक बुक (CDC), और ऑनलाइन प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं के माध्यम से सेवा वितरण में सुगमता
- भारतीय समुद्री क्षेत्र में महिला नाविकों की संख्या वर्ष 2021 में लगभग 1,600 से बढ़कर 2025-2026 तक 7,000 से अधिक हो गई है।
- विश्व के मर्चेंट जहाजों पर योग्य और अंग्रेजी भाषी नौवहन अधिकारियों (Officers) की कमी को भारतीय जनशक्ति ने कुशलतापूर्वक पूरा किया है।
सरकार का आगामी लक्ष्य: 'मिशन 20%' :
- केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस रिपोर्ट के बाद 'मिशन 20' (Mission 20%) पहल की घोषणा की है।
- उद्देश्य: वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20% करना है।
- लक्ष्य: दुनिया के व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाला प्रत्येक 5वां नाविक भारतीय हो।
बाल्टिक और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री परिषद :
- स्थापना वर्ष: इसकी स्थापना 1905 में हुई थी। (यह दुनिया के सबसे पुराने जहाजरानी संगठनों में से एक है)।
- मूल नाम: शुरुआत में इसे "द वॉल्टिक एंड वाइट सी कॉन्फरेंस" के नाम से जाना जाता था।
- मुख्यालय : बैग्सवैर्ड, डेनमार्क (कोपेनहेगन के पास)
- वैश्विक हिस्सेदारी: दुनिया के कुल मर्चेंट फ्लीट (व्यापारिक जहाजों) का लगभग 62% हिस्सा BIMCO के सदस्यों के पास है।
- सदस्य देश: इसके सदस्य दुनिया के 130 से अधिक देशों में फैले हुए हैं।
- सदस्यों के प्रकार: इसके सदस्यों में जहाज मालिक मैनेजर्स, ब्रोकर्स और एजेंट शामिल हैं।
इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग :
- ICS फुल फॉर्म: International Chamber of Shipping
- स्थापना: 1921
- मुख्यालय: लंदन, यूके (London, UK)
- प्रतिनिधित्व: वैश्विक मर्चेंट फ्लीट का ~80%
- भारतीय सदस्यता: भारत की ओर से 'इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन' (INSA) इसका एक प्रमुख सदस्य है









