GK Update
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




GK Update

Tue 28 Jul, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

पर्यटन मंत्रालय और एयर इंडिया के बीच समझौता

  • इंक्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) ब्रांड के अंतर्गत भारत को पसंदीदा वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से पर्यटन मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • किसके बीच समझौता हुआ: पर्यटन मंत्रालय और एयर इंडिया
  • उद्देश्य: भारत को वैश्विक स्तर पर एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देना
  • प्रमुख ब्रांड/थीम: 'इंक्रेडिबल इंडिया' (अतुल्य भारत) ब्रांड के तहत
  • उपस्थिति: यह समझौता केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ
  • समय अवधि: यह समझौता शुरुआत में 2 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे बाद में 1 वर्ष और बढ़ाया जा सकता है
  • हब शहर: दिल्ली और मुंबई को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा
  • प्रकृति: यह एक गैर-वित्तीय और गैर-बाध्यकारी समझौता है।

अतुल्य भारत अभियान :

  • भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक अंतरराष्ट्रीय विपणन अभियान है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देना है
  • लॉन्च वर्ष: यह अभियान वर्ष 2002 में शुरू किया गया था।
  • मंत्रालय: यह पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
  • प्रथम ब्रांड एंबेसडर: अभिनेता आमिर खान को इसका पहला ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था।
  • वर्तमान/नवीनतम ब्रांड एंबेसडर: बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस अभियान का मुख्य चेहरा बने।
  • टैगलाइन/नारा: इस अभियान की मुख्य टैगलाइन "अतुल्य भारत" ही है।
  • थीम सॉन्ग/क्रिएटिव एजेंसी: इस अभियान की कल्पना और डिजाइन प्रसिद्ध विज्ञापन एजेंसी 'ओगिल्वी एंड माथेर' द्वारा की गई थी।
  • अतुल्य भारत 2.0 अभियान : शुरुआत: वर्ष 2017-18 के केंद्रीय बजट के तहत

मेघालय इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 को मंजूरी

  • मेघालय मंत्रिमंडल ने मेघालय इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 को मंजूरी दी।
  • इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन और वाहन पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट मिलेगी।
  • यह नीति दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर लागू होती है, जबकि राज्य की स्क्रैपेज नीति से जुड़े अतिरिक्त प्रोत्साहनों पर भी विचार किया जा रहा है।
  • मेघालय में वर्तमान में 5 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन हैं और राज्य सरकार का लक्ष्य इनके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

मेघालय :

  • स्थापना: 21 जनवरी 1972 (इससे पहले यह असम का हिस्सा था)
  • राजधानी: शिलांग (Shillong) — इसे 'पूर्व का स्कॉटलैंड' भी कहा जाता है।
  • सीमाएं: यह राज्य केवल एक भारतीय राज्य (असम) और एक देश (बांग्लादेश) के साथ अपनी सीमा साझा करता है।
  • प्रमुख पहाड़ियां: गारो, खासी और जयंतिया। ये पहाड़ियां प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा हैं और यहां की प्रमुख जनजातियों के नाम पर हैं।
  • सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान: मासिनराम, यह खासी पहाड़ियों में स्थित है और विश्‍व का सबसे नमी वाला/सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है (इससे पहले चेरापूंजी था)

राजकीय प्रतीक :

  • राजकीय पशु: धूमिल तेंदुआ
  • राजकीय पक्षी: पहाड़ी मैना
  • राजकीय वृक्ष: गामहर
  • राजकीय फूल: लेडी स्लिपर ऑर्किड

कला, संस्कृति और त्योहार :

  • वांगला महोत्सव : इसे '100 ड्रमों का त्योहार' कहा जाता है। यह गारो जनजाति द्वारा फसल कटाई के बाद मनाया जाने वाला सबसे प्रमुख त्योहार है।
  • नोंगक्रेम नृत्य महोत्सव : खासी जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला पांच दिवसीय धार्मिक त्योहार।
  • बेहदीनखलम : जयंतिया जनजाति का सबसे महत्वपूर्ण फसल त्योहार।
  • शाद सुक मायन्सिएम : खासी समुदाय का थैंक्सगिविंग (कृतज्ञता प्रकट करने वाला) त्योहार।
  • प्रमुख भाषाएँ: खासी, गारो और अंग्रेजी (अंग्रेजी यहाँ की आधिकारिक भाषा है)

पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना

  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत 12 जुलाई 2026 तक देश के 76.95 लाख स्ट्रीट वेंडरों को 18,475.06 करोड़ रुपये के कुल 1.15 करोड़ ऋण वितरित किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शुरुआत : 1 जून 2020 को कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए की गई थी।
  • नोडल मंत्रालय : आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सहयोग से कार्यान्वित।
  • योजना का प्रकार : यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, यानी इसका शत-प्रतिशत वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।
  • संशोधित अवधि : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया है

संशोधित ऋण संरचना :

पहली किश्त:

  • पूर्व ऋण राशि: ₹10,000
  • संशोधित ऋण राशि: ₹15,000 तक
  • भुगतान अवधि: 12 महीने

दूसरी किश्त:

  • पूर्व ऋण राशि: ₹20,000
  • संशोधित ऋण राशि: ₹25,000 तक
  • भुगतान अवधि: 18 महीने

तीसरी किश्त:

  • पूर्व ऋण राशि: ₹50,000
  • संशोधित ऋण राशि: ₹50,000 (इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है)
  • भुगतान अवधि: 36 महीने
  • योजना शुरू होने के बाद से अब तक एक करोड़ 12 लाख से अधिक ऋण दिए गए हैं।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत, ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक 4 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया था।
  • इसका उद्देश्य लाभार्थियों के परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा के दायरे का निर्माण करना और उनके रहन-सहन की स्थिति को बेहतर बनाना था।
  • यह योजना पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारों को संरक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई केन्द्र सरकार की 8 चुनिंदा कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ती है।
  • 12 जुलाई 2026 तक, 50.63 लाख पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों और उनके 1.06 करोड़ परिवार के सदस्यों के सामाजिक-आर्थिक विवरण तैयार किए जा चुके हैं और उन्हें इस योजना से जुड़ी कुल मिलाकर 1.56 करोड़ मंजूरियां दी गई हैं।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

खिलौना क्षेत्र कार्य बल का गठन

  • केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय खिलौना क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से कार्य बल गठन करेगा, जिसका लक्ष्‍य 2032 तक वैश्विक बाजार में 5% हिस्सेदारी हासिल करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • यह घोषणा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित हितधारक सम्मेलन, "खिलौनों के लिए एकजुट हों: विस्तार, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देना" में की गई।
  • पारिस्थितिकी तंत्र का आकार: वर्तमान में भारत के खिलौना क्षेत्र में 21,000 से अधिक MSMEs, DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त 770 से अधिक स्टार्टअप्स, लगभग 50 खिलौना क्लस्टर और 1,800 से अधिक BIS लाइसेंस धारक शामिल हैं।
  • रोजगार: इस क्षेत्र में संगठित रोजगार 2018-19 के 8,685 श्रमिकों से बढ़कर 2023-24 में 17,693 से अधिक हो चुका है।
  • लक्ष्य वर्ष : वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य वर्ष 2032 निर्धारित किया गया है।
  • हिस्सेदारी का लक्ष्य : वैश्विक खिलौना बाजार में भारत की हिस्सेदारी को 5% तक ले जाना है।
  • वर्तमान हिस्सेदारी : वैश्विक खिलौना व्यापार में वर्तमान में भारत की हिस्सेदारी 1.9% है।
  • संयोजक/अध्यक्ष : नवगठित खिलौना क्षेत्र कार्य बल के संयोजक जलज दानी
  • DPIIT का पूर्ण रूप: Department for Promotion of Industry and Internal Trade (उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग), इसी विभाग के तहत हितधारकों की बैठक आयोजित हुई थी।
  • SCALE समिति का पूर्ण रूप: Steering Committee on Advancing Local Value-add and Exports। इसके अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका हैं।
  • BIS का पूर्ण रूप: Bureau of Indian Standards (भारतीय मानक ब्यूरो)। खिलौनों की गुणवत्ता जांचने के लिए इसका प्रमाणन अनिवार्य है

प्रमुख पारंपरिक खिलौने और संबंधित राज्य :

  • चन्नपटना खिलौने (कर्नाटक): ये हाथीदांत की लकड़ी और जैविक/प्राकृतिक रंगों से बनाए जाने वाले प्रसिद्ध लकड़ी के खिलौने हैं।
  • कोंडापल्ली खिलौने (आंध्र प्रदेश): ये 'पुनिकी' नामक विशेष हल्की लकड़ी से बनाए जाते हैं, जिनमें विदूषक और पौराणिक पात्र प्रमुख हैं।
  • एटिकोप्पाका खिलौने (आंध्र प्रदेश): ये खिलौने अपनी अनूठी लाख कलाकारी और शुद्ध वनस्पति रंगों के उपयोग के लिए जाने जाते हैं।
  • तंजावुर गुड़िया (तमिलनाडु): ये टेराकोटा (मिट्टी) से बनी रोली-पोली और विशेष प्रकार की नृत्य करती हुई पारंपरिक गुड़िया हैं।
  • अशारीकंडी टेराकोटा खिलौने (असम): यह असम के धुबरी जिले का एक प्रसिद्ध शिल्प है, जहाँ मिट्टी के खिलौने और मूर्तियाँ बनाई जाती हैं।
  • इंदौर के चमड़े के खिलौने (मध्य प्रदेश): इसके तहत चमड़े का उपयोग करके हूबहू वास्तविक दिखने वाले विभिन्न जानवरों के खिलौने तैयार किए जाते हैं।
  • वाराणसी लकड़ी के लाख के खिलौने (उत्तर प्रदेश): इनमें मुख्य रूप से सीशम या कोुरैया की लकड़ी पर लाख की कोटिंग करके चमकीले खिलौने बनाए जाते हैं।
  • कठपुतली (राजस्थान): हालांकि यह कपड़े और लकड़ी का पारंपरिक लोक शिल्प है, लेकिन यह राजस्थान की सांस्कृतिक खिलौना कला का मुख्य हिस्सा है

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

दुर्लभ ब्लू स्ट्रैगलर तारेकी खोज

  • भारतीय खगोलविदों ने निर्माण की प्रक्रिया में एक दुर्लभ ब्लू स्ट्रैगलर तारे (BSS) की खोज की है, जो द्रव्यमान स्थानांतरण का प्रत्यक्ष प्रमाण देता है।
  • इस खोज से जुड़े मुख्य बिंदु कोलिंडर 261 तारा समूह, टीआईसी 327546480 बाइनरी सिस्टम और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खोजकर्ता संस्थान: भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग - DST का एक स्वायत्त संस्थान)
  • मुख्य शोधकर्ता: गौहाटी विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र और इंस्पायर (INSPIRE) फेलो अली हसन शेख।
  • तारा प्रणाली का नाम: TIC 327546480 (यह एक द्विआधारी या बाइनरी तारा प्रणाली है)।
  • उपयोग किए गए मिशन/टेलीस्कोप: नासा (NASA) का TESS अंतरिक्ष मिशन और चिली में यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला का वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT)

ब्लू स्ट्रैगलर तारा (BSS) क्या है?:

  • विशेषता: तारा समूहों में ये अधिक गर्म, चमकीले और विशाल तारे होते हैं।
  • 'वैम्पायर स्टार': ये साथी तारे से पदार्थ सोखकर या विलय से बनते हैं, इसलिए इन्हें 'वैम्पायर तारे' कहा जाता है।
  • खोज: सर्वप्रथम 1953 में एलन सैंडेज ने 'M3' क्लस्टर में खोजा था

इस खोज की वैज्ञानिक विशेषता :

  • यह बाइनरी सिस्टम 'अर्ध-पृथक' (Semidetached) है।
  • ब्लू स्ट्रैगलर का द्रव्यमान सूर्य का 1.67 गुना है, जो छोटे साथी तारे से पदार्थ ले रहा है।
  • तीव्र एक्स-रे उत्सर्जन का पता चला है
  • खोज का इतिहास: इनकी खोज सबसे पहले 1953 में एलन सैंडेज द्वारा 'M3' नामक गोलाकार तारा समूह में की गई थी।
  • सूर्य : पृथ्वी का सबसे निकटतम तारा है।
  • प्रॉक्सिमा सेंचुरी: सूर्य के बाद पृथ्वी का दूसरा सबसे नजदीकी तारा है।
  • साइरस या डॉग स्टार : पृथ्वी से दिखाई देने वाला सबसे चमकीला तारा है।
  • ध्रुव तारा : यह हमेशा उत्तर दिशा को दर्शाता है और एक ही स्थान पर स्थिर रहता है
  • ताराघर / नेबुला (Nebula): गैस और धूल का बादल जहाँ तारों का जन्म होता है।
  • रेड जाइंट (Red Giant): जब तारे का हाइड्रोजन ईंधन खत्म होने लगता है, तो वह फैलकर लाल हो जाता है।
  • व्हाइट ड्वार्फ (White Dwarf): छोटे आकार के तारों का अंतिम अवशेष (इन्हें 'जीवाश्म तारा' भी कहते हैं)।
  • सुपरनोवा (Supernova): विशाल तारों में होने वाला एक भयानक विस्फोट।
  • न्यूट्रॉन तारा / ब्लैक होल (Black Hole): सुपरनोवा विस्फोट के बाद भारी तारों के बचे हुए अवशेष अत्यधिक घनत्व के कारण ब्लैक होल बन जाते हैं।

खेल समाचार

राष्ट्रमंडल खेल 2026

  • भारतीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल उठाया गया भार: ज्ञानेश्वरी यादव ने कुल 199 किलोग्राम का भार उठाया, जिसमें स्नैच (Snatch) में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम शामिल था।
  • राष्ट्रीय रिकॉर्ड: उनका 111 किलोग्राम (क्लीन एंड जर्क) और कुल 199 किलोग्राम का प्रदर्शन नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
  • स्वर्ण पदक विजेता: इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला दिदिह ने कुल 206 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ जीता।
  • कांस्य पदक विजेता: कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया
  • ग्लासगो 2026 में भारत का अन्य भारोत्तोलन प्रदर्शन :
  • मीराबाई चानू (स्वर्ण पदक): महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलोग्राम के रिकॉर्ड भार के साथ लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक जीता।
  • वल्लुरी अजय बाबू (रजत पदक): पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग में कुल 330 किलोग्राम भार उठाकर रजत हासिल किया।
  • ऋषिकांत सिंह और मुथुपंडी राजा (रजत पदक): क्रमशः पुरुषों के 60 किलोग्राम और 65 kg वर्ग में रजत पदक जीते।
  • बिंद्यारानी देवी (कांस्य पदक): महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया

महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा

  • ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय पैरा-शॉट पुट खिलाड़ी शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खिलाड़ी का नाम: शर्मिला धनखड़ (उम्र: 40 वर्ष, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से)
  • खेल स्पर्धा: पैरा शॉट पुट (Para Shot Put / गोला फेंक)
  • कैटेगरी / वर्ग: F57 (यह श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जो बैठकर थ्रो करते हैं और जिनके निचले अंगों में विकार या मांसपेशियों की शक्ति कम होती है)
  • आयोजन स्थल: ग्लासगो, स्कॉटलैंड (स्कॉटस्टाउन स्टेडियम)
  • सर्वश्रेष्ठ थ्रो (दूरी): 9.81 मीटर (सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)

आदित्य पटनायक का प्रथम अंतरराष्ट्रीय कार रेसिंग खिताब

  • भारतीय रेसर आदित्य पटनायक ने मलेशिया में अपना प्रथम अंतरराष्ट्रीय कार रेसिंग खिताब जीता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खिलाड़ी का नाम: आदित्य पटनायक
  • खेल का नाम: कार रेसिंग
  • गृह राज्य/शहर: मुंबई, भारत
  • खिताब का नाम: गोल्ड वियोस चैंपियनशिप मलेशिया (स्पोर्टिंग क्लास श्रेणी)
  • आयोजन स्थल: सेपांग इंटरनेशनल सर्किट, मलेशिया
  • टीम का नाम: रायो रेसिंग / टीम एक्सेल स्पोर्ट्स
  • उन्हें 15 हजार मलेशियाई रिंगिट का पुरस्कार भी मिला।
  • इससे पहले वे लगातार दो साल पोलो कप इंडिया में उप-राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं।

नियुक्तियां

दिल्ली महिला आयोग

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग (DCW) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जुलाई 2026 में इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पद की रिक्ति: स्वाति मालीवाल द्वारा जनवरी 2024 में इस्तीफा देने और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से यह पद ढाई साल से अधिक समय से खाली पड़ा था।
  • अंतरिम प्रभार: इस अवधि के दौरान आयोग का प्रशासनिक कामकाज महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि सिंह संभाल रही थीं
  • लता गुप्ता का परिचय: वह दिल्ली भाजपा की उपाध्यक्ष और पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) में लक्ष्मी नगर से दो बार पार्षद रह चुकी हैं।
  • अन्य नियुक्तियाँ: आयोग के पुनर्गठन के तहत पाँच नए सदस्यों — श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला की भी नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही निर्मल जैन को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है

दिल्ली महिला आयोग (DCW):

  • निकाय की प्रकृति : दिल्ली महिला आयोग एक वैधानिक निकाय है, न कि संवैधानिक। इसका गठन दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित अधिनियम के तहत किया गया है।
  • स्थापना और अधिनियम: इसकी स्थापना दिल्ली महिला आयोग अधिनियम, 1994 के तहत की गई थी
  • शक्तियाँ: जांच करते समय आयोग के पास सिविल कोर्ट (Civil Court) की शक्तियाँ होती हैं। यह किसी भी गवाह को समन भेज सकता है और सार्वजनिक दस्तावेजों की मांग कर सकता है

विविध

भारत की दुर्लभ 'व्हाइट कैमेल'

  • भारत की दुर्लभ 'व्हाइट कैमेल' यानी मालवी ऊंट नस्ल वर्तमान में तीव्र विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है, जिसकी देश में कुल संख्या घटकर अब केवल 102 रह गई है।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी ऊंट नस्ल में प्रजनन योग्य मादाओं की संख्या 300 से कम हो जाती है, तो उसे 'संकटग्रस्त' माना जाता है।
  • इसी गंभीर खतरे को देखते हुए बीकानेर स्थित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC) ने इस रेगिस्तानी धरोहर को बचाने के लिए एक विशेष वैज्ञानिक मुहिम शुरू की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पहचान: यह ऊंट अपने विशिष्ट चमकीले सफेद रंग के लिए जाना जाता है।
  • आकार: भारत की 9 मान्यता प्राप्त ऊंट नस्लों में यह सबसे छोटी नस्ल मानी जाती है।
  • उपयोगिता: यह नस्ल दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतरीन है; मादा ऊंटनी प्रति दुग्ध चक्र 4 से 5 किलोग्राम दूध देती है।
  • पारंपरिक कार्य: पूर्व में इनका उपयोग परिवहन और कठिन क्षेत्रों में भार ढोने के लिए बहुतायत में होता था।

भौगोलिक वितरण :

  • मध्य प्रदेश (मालवा क्षेत्र): मंदसौर, नीमच, रतलाम और ग्वालियर
  • राजस्थान: कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां

महत्‍वपूर्ण दिवस

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस

  • प्रतिवर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • तिथि: 28 जुलाई (प्रतिवर्ष)
  • घोषणा: वर्ष 1997 में अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा आधिकारिक तौर पर इसकी शुरुआत की गई थी
  • मुख्य उद्देश्य: जैव विविधता के नुकसान को रोकना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना
  • वर्ष 2025/2026 का फोकस: हालिया वर्षों में यह दिन वैश्विक स्तर पर 'पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली', प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली पर आधारित रहा है
  • अनुच्छेद 48A (DPSP): राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने तथा देश के वनों और वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा।
  • अनुच्छेद 51A(g) (मौलिक कर्तव्य): प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन करे

अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) :

  • स्थापना: 5 अक्टूबर 1948, फ्रांस के फॉन्टेनब्लो में
  • मुख्यालय: ग्लैंड, स्विट्जरलैंड
  • प्रकार: गैर-सरकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठन
  • उद्देश्य: प्रकृति संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना
  • नोट : - सितंबर 2025 में IUCN ने भारत के प्रथम डुगोंग संरक्षण रिजर्व को आधिकारिक मान्यता प्रदान की है।

वर्ष के प्रमुख पर्यावरण दिवस :

  • 2 फरवरी: विश्व आर्द्रभूमि दिवस, इसी दिन 1971 में रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर हुए थे।
  • 3 मार्च: विश्व वन्यजीव दिवस
  • 21 मार्च: अंतरराष्ट्रीय वन दिवस
  • 22 मार्च: विश्व जल दिवस
  • 23 मार्च: विश्व मौसम विज्ञान दिवस
  • 22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस
  • 22 मई: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस
  • 5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस
  • 8 जून: विश्व महासागर दिवस
  • 16 सितंबर: विश्व ओजोन दिवस
  • 26 नवंबर: राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण दिवस

 

Latest Courses