27 July, 2026
प्रमुख उद्योगों का सूचकांक का आधार वर्ष 2022–23
Thu 23 Jul, 2026
संदर्भ :
- केंद्र सरकार ने प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (Index of Core Industries : ICI) की अद्यतन शृंखला जारी करते हुए इसका आधार वर्ष 2011–12 से संशोधित कर वर्ष 2022–23 कर दिया है।
मुख्य बिन्दु :
- ICI भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की सेहत मापने का एक मुख्य आर्थिक संकेतक है।
- जारीकर्ता निकाय: आर्थिक सलाहकार का कार्यालय (Office of Economic Adviser : OEA), DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- ICI का आधार वर्ष अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP), थोक मूल्य सूचकांक (WPI) तथा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के समान हो गया है, जिससे सभी प्रमुख समष्टि आर्थिक संकेतकों में एकरूपता स्थापित होगी।
- नया आधार वर्ष (Base Year): अब 2022-23 है (पुराना आधार वर्ष 2011-12 था) [pwonlyias.com].
- कुल उद्योगों की संख्या: अब 9 हो गई है (पहले 8 उद्योग थे).
- नया शामिल उद्योग: लौह अयस्क (Iron Ore) को नवें उद्योग के रूप में जोड़ा गया है.
- समिति का नाम: यह बदलाव प्रवीण महतो समिति की सिफारिशों पर किया गया है.
- IIP में हिस्सेदारी: इन 9 उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में अब कुल भार 32.88% है (पहले 40.27% था)
नए ICI सूचकांक की मुख्य विशेषताएं :
- उद्योगों की संख्या में वृद्धि (8 से बढ़कर 9) : नए सूचकांक में औद्योगिक विकास और इस्पात निर्माण में इसकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए लौह अयस्क को नवें (9th) प्रमुख उद्योग के रूप में शामिल किया गया है।
- IIP में कुल भार (Weight) का पुनर्संतुलन : नया संयुक्त भार: नए आधार वर्ष (2022-23) के तहत अब इन 9 प्रमुख उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में कुल भार 32.88% है, जो पुरानी श्रृंखला (2011-12) में 40.27% था।
- यह गिरावट दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विनिर्माण और सेवा जैसे अन्य उभरते क्षेत्रों का दायरा बढ़ा है।
- कार्यप्रणाली में सुधार :
- दोहरी गणना पर रोक: कोयला क्षेत्र में अब केवल कच्चे कोयले को शामिल किया गया है। धोए गए कोयले और 'कोल मिडलिंग' को हटा दिया गया है
- IIP के साथ सामंजस्य: इस्पात सूचकांक की गणना अब शुद्ध उत्पादन (Net Production) के स्थान पर सकल उत्पादन डेटा के आधार पर होगी।
- संयोजक गुणांक : पुरानी और नई श्रृंखला के डेटा में ऐतिहासिक निरंतरता बनाए रखने के लिए समग्र सूचकांक हेतु 1.47 का लिंकिंग फैक्टर निर्धारित किया गया है।
9 प्रमुख उद्योग और उनके संशोधित भार :
| क्रम | उद्योग (Sector) | नया भार (Weight %) |
| 1 | बिजली (Electricity) | 30.932% (सबसे अधिक) |
| 2 | रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products) | 22.572% |
| 3 | इस्पात (Steel) | 17.584% |
| 4 | कच्चा तेल (Crude Oil) | 7.430% |
| 5 | कोयला (Coal) | 5.596% |
| 6 | लौह अयस्क (Iron Ore) — नया शामिल | 4.905% |
| 7 | सीमेंट (Cement) | 4.410% |
| 8 | प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | 3.841% |
| 9 | उर्वरक (Fertilizers) | 2.731% (सबसे कम) |
आधार वर्ष में संशोधन की आवश्यकता क्यों थी? :
- संरचनात्मक परिवर्तनों का समावेशन: पिछले एक दशक (2011 से) में भारतीय अर्थव्यवस्था के उपभोग और उत्पादन पैटर्न में भारी बदलाव आया है।
- व्यापक आर्थिक संकेतकों में एकरूपता: इस संशोधन के बाद भारत के सभी प्रमुख आर्थिक संकेतक जैसे— सकल घरेलू उत्पाद (GDP), थोक मूल्य सूचकांक (WPI), IIP और ICI अब एक ही साझा आधार वर्ष (2022-23) पर संरेखित हो गए हैं।
- डेटा की सटीकता: 'सकल इस्पात उत्पादन' को अपनाने और कोयले की दोहरी गणना हटाने से औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी
प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (ICI) :
- एक मासिक उत्पादन मात्रा सूचकांक है, जो भारत के कोर अवसंरचना उद्योगों के संयुक्त तथा व्यक्तिगत प्रदर्शन का मापन करता है
- नोडल एजेंसी: इस सूचकांक का संकलन एवं मासिक प्रकाशन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) द्वारा
- यह कब जारी होता है? : यह हर महीने (मासिक आधार पर) जारी किया जाता है
- IIP कौन जारी करता है? : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) को MoSPI (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय) द्वारा जारी किया जाता है
- कवरेज: नौ कोर उद्योग को (कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, विद्युत तथा लौह अयस्क)
संशोधित शृंखला का प्रभाव :
- जून 2026 में भारत के बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर 5% पर पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों का उच्चतम स्तर है।
- यह पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले जून 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ 1.1% थी, जबकि मई 2026 में यह 3.2% दर्ज की गई थी।









