राष्ट्रीय समाचार
डाक मतपत्र प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

- भारत निर्वाचन आयोग ने कोलकाता में डाक मतपत्र प्रणाली को अधिक समावेशी, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
सम्बन्धित तथ्य 3
- आयोजक: इस सम्मेलन का आयोजन भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की संस्था 'इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डैमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट' (IIIDEM) और इंटरनेशनल IDEA द्वारा संयुक्त रूप से
- मुख्य उद्देश्य: डाक मतपत्र प्रणाली को अधिक समावेशी, सुरक्षित और सुलभ बनाने की प्रक्रियाओं पर वैश्विक स्तर पर चर्चा करना
डाक मतपत्र तहत पात्र श्रेणियाँ :
- सेवा मतदाता : सशस्त्र बल और सरकारी कर्मचारी जो भारत से बाहर तैनात हैं।
- चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी: पुलिस और मतदान अधिकारी जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर होते हैं।
- निवारक निरोध : जेल में बंद वे लोग जिन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया है (नोट: सामान्य कैदियों को भारत में वोट देने का अधिकार नहीं है)।
- विशेष श्रेणी (संशोधित नियम): 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और 40% से अधिक विकलांगता (PwD) वाले नागरिक
- ETPBS क्या है? इसका पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम है, जो केवल सेवा मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होता है
वैधानिक प्रावधान और नियम :
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 भारत में चुनावी प्रक्रियाओं और योग्यताओं का आधार तय करते हैं
- चुनाव संचालन नियम, 1961 के तहत डाक मतपत्र की पूरी प्रक्रिया संचालित होती है
- मतों की गिनती वाले दिन, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू की जाती है
चुनाव आयोग :
- स्थापना: 25 जनवरी, 1950
- संवैधानिक प्रावधान : भारतीय संविधान का भाग XV (अनुच्छेद 324-329)
- संरचना: चुनाव आयुक्त संशोधन अधिनियम 1989 के बाद इसे एक बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया गया।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त : ज्ञानेश कुमार
- नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा
- मतदान की आयु: 61वें संविधान संशोधन अधिनियम (1989) द्वारा मतदान की न्यूनतम आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया था
- कार्यकाल : 6 साल का एक निश्चित कार्यकाल या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस: 25 जनवरी
निर्वाचन आयोग, संवैधानिक प्रावधान:
- संविधान का भाग: चुनाव का उल्लेख भाग XV (15) में है
- अनुच्छेद 324 : चुनाव आयोग को निर्वाचन की अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्तियाँ प्रदान करता है
- अनुच्छेद 325 : धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर किसी को मतदाता सूची से वंचित नहीं किया जा सकता
- अनुच्छेद 326 : लोकसभा व विधानसभा चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे
- अनुच्छेद 327 : चुनावों के लिए संसद कानून बना सकती है
- अनुच्छेद 328 : राज्य विधायिका अपने चुनावों के लिए प्रावधान बना सकती है
- अनुच्छेद 329 : चुनाव संबंधी मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते, सिवाय चुनाव याचिका के
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डेंगू की प्रथम वैक्सीन को मंजूरी

- भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने जापानी दवा निर्माता ताकेडा की 'क्यूडेंगा' (QDENGA / TAK-003) वैक्सीन को देश की पहली डेंगू वैक्सीन के रूप में मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- वैक्सीन का नाम: क्यूडेंगा (QDENGA) या TAK-003
- विकासकर्ता: ताकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स (जापान की फार्मा कंपनी)
- आयु सीमा: यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को लगाई जा सकेगी
- मुख्य विशेषता: यह वैक्सीन डेंगू वायरस के सभी चार सीरोटाइप्स (DENV-1, 2, 3 और 4) से बचाव करती है। इसे लगाने से पहले किसी पूर्व डेंगू जांच (Test) की आवश्यकता नहीं होती
- डोज़ (Doses): यह दो खुराक वाली वैक्सीन है, जिसे तीन महीने के अंतराल पर दिया जाता है
- भारतीय संदर्भ: भारत में दुनिया के कुल डेंगू मामलों का लगभग एक-तिहाई बोझ है और पिछले दो दशकों में इसके मामलों में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भी मान्यता प्राप्त है
- वैश्विक मान्यता: भारत से पहले इसे यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना सहित 40 से अधिक देशों में मंजूरी मिल चुकी है
डेंगू वायरस :
- एक मच्छर जनित सिंगल-स्ट्रैंडेड RNA वायरस है, जो फ्लेविविरिडे परिवार और फ्लेविवायरस जीनस से संबंधित है।
- वायरस का नाम: डेंगू एक RNA वायरस है।
- वायरस का परिवार: यह फ्लेविविरिडे परिवार से संबंधित है।
- उपनाम: इसे 'हड्डी तोड़ बुखार' भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द होता है।
- मच्छर का नाम: डेंगू वायरस मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।
- पहचान: इस मच्छर के शरीर पर सफेद और काली धारियां होती हैं, इसलिए इसे 'टाइगर मॉस्किटो' भी कहा जाता है।
- विशेषता: यह मच्छर हमेशा साफ और स्थिर पानी (जैसे कूलर, गमले, पुराने टायर) में पनपता है और मुख्य रूप से दिन के समय काटता है।
- रक्त घटक : डेंगू बुखार में मानव शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets / Thrombocytes) की संख्या तेजी से गिरती है।
- प्रभाव: प्लेटलेट्स कम होने से रक्त के थक्के (Blood clotting) जमने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है
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स्माइल योजना की शुरुआत

- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए स्माइल योजना को लागू किया।
- इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
सम्बन्धित तथ्य :
- SMILE : Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise
- हिन्दी अनुवाद: आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए सहायता
- मंत्रालय: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
- लॉन्च तिथि: 12 फरवरी 2022 को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा इसे शुरू किया गया था
- मुख्य संरचना और उप-योजनाएँ :
यह एक अम्ब्रेला योजना है जिसमें दो महत्वपूर्ण उप-योजनाएँ शामिल हैं:
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास की केंद्रीय क्षेत्र की योजना
- भिक्षावृत्ति के कार्य में लगे लोगों के व्यापक पुनर्वास की केंद्रीय क्षेत्र की योजना
- शुरुआती बजट: वर्ष 2021-22 से 2025-26 (5 वर्ष) के लिए ₹365 करोड़ आवंटित किए गए थे
- विस्तार लक्ष्य: वर्तमान में यह योजना 216 शहरों में चल रही है, जिसे वित्त वर्ष 2030-31 तक बढ़ाकर 295 शहरों तक पहुंचाने का लक्ष्य है
- पुनर्वास का लक्ष्य: कुल 35,000 व्यक्तियों के पुनर्वास का लक्ष्य रखा गया है
- डिजिटल ट्रैकिंग: पारदर्शिता के लिए स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल की शुरुआत की गई है
- संवैधानिक जुड़ाव: यह योजना अनुच्छेद 21 (गरिमा के साथ जीने का अधिकार) और अनुच्छेद 46 (वंचित वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देना) के संवैधानिक सिद्धांतों को साकार करती है।
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs): यह सीधे तौर पर SDG 1 (गरीबी उन्मूलन), SDG 8 (सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास), और SDG 10 (असमानता में कमी) को पूरा करने में मदद करती है
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'इंदिराम्मा आवास योजना' का शुभारंभ

- तेलंगाना सरकार ने राज्य के गरीबों और बेघर लोगों के लिए 'इंदिराम्मा आवास योजना' का शुभारंभ किया।
- इसके तहत, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपना पक्का घर बनाने या फ्लैट प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
सम्बन्धित तथ्य :
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योजना की मुख्य विशेषताएं :
- ₹5 लाख की सरकारी सब्सिडी: योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण या फ्लैट के लिए सरकार द्वारा ₹5 लाख की वित्तीय सहायता दी जाती है
- हैदराबाद CURE प्रोजेक्ट: हैदराबाद मुख्य शहरी क्षेत्र में बन रहे फ्लैटों की कुल लागत करीब ₹11 लाख है। इसमें ₹5 लाख की सरकारी सब्सिडी घटाकर लाभार्थी को मात्र ₹6 लाख का अंशदान देना होगा। यह राशि चार आसान किस्तों में चुकाई जा सकती है
- फ्लैट का आकार: शहरी क्षेत्रों में बन रहे इन बहुमंजिला फ्लैटों का निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) 528 वर्ग फुट (कारपेट एरिया 400 वर्ग फुट) होगा
- महिलाओं को आरक्षण: हर श्रेणी के फ्लैटों में 30% घर महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं
- ग्रामीण और अन्य बेघर लोग: ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लाभार्थियों के पास खुद की जमीन है, उन्हें घर बनाने के लिए ₹5 लाख मिलते हैं और जिनके पास जमीन नहीं है, उन्हें मुफ्त प्लॉट और ₹5 लाख दोनों दिए जाते हैं
तेलंगाना :
- स्थापना : 2 जून 2014
- सबसे ऊंची चोटी: डोली गुट्टा, सबसे लंबी नदी: गोदावरी
- राज्य पशु: जिंका (हिरण),राज्य पक्षी: पालपिट्टा
- शेयर सीमा: 4 राज्य, राज्यपाल: जिष्णु देव वर्मा
- प्रमुख जनजातियाँ: सावरा, कोंडा डोरा, गदाबा, गोंडा, मन्ने डोरा, मुखा डोरा और कोया आदि
- राष्ट्रीय उद्यान: मृगावनी, महावीर हरिणा वनस्थली, कासु ब्रह्मानंद रेड्डी
- प्रसिद्ध लोक नृत्य: पेरिनी शिवतांडवम, लामाडी, ढिम्सा नृत्य, गुसाडी नृत्य, डप्पू नृत्य आदि
- झीलें: हुसैन सागर, उस्मान सागर, हिमायत सागर, दुर्गम चेरुवु, पाखल झील, मीर आलम टैंक
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विश्व का सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र

- केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में रखी।
- यह ऐतिहासिक कदम भारत सरकार के "सहकार से समृद्धि" और "श्वेत क्रांति 2.0" (White Revolution 2.0) के संकल्प को गति देने के लिए उठाया गया है।
सम्बन्धित तथ्य :
- दूध प्रसंस्करण क्षमता: प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की कुल क्षमता
- दही उत्पादन: प्रतिदिन करीब 1,000 मीट्रिक टन (10 लाख किलोग्राम) दही और अन्य किण्वित (कल्चर्ड) डेयरी उत्पाद
- पैकेज्ड और यूएचटी दूध: प्रतिदिन 10 लाख लीटर साधारण पैकेट दूध और 2 लाख लीटर यूएचटी (Ultra High Temperature) दूध
- अन्य दुग्ध उत्पाद: हर दिन 1 लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 10 टन घी और 10 टन पारंपरिक मिठाइयों का निर्माण
- फ्लेवर्ड मिल्क: रोजाना लगभग 2.5 लाख पैक सुगंधित दूध
- किसानों को सीधा फायदा: राज्य के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों को इस स्थायी बाजार से सीधा लाभ मिलेगा.
- महिला सशक्तिकरण: लाभान्वित होने वाले उत्पादकों में 30,000 से अधिक महिला डेयरी किसान शामिल हैं.
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'वैकल्पिक स्वच्छ खाना पकाने की नीति'

- केंद्र सरकार द्वारा देश में 'वैकल्पिक स्वच्छ खाना पकाने की नीति' पर काम किया जा रहा है।
- जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक रसोई गैस (LPG) पर देश की निर्भरता को कम करना, ईंधन आयात बिल को घटाना और घरेलू स्तर पर उपलब्ध अधिशेष एथेनॉल का सही उपयोग करना है।
- यह नीति पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा तैयार की जा रही है।
- भारत की वर्तमान में इथेनॉल उत्पादन की वार्षिक क्षमता 20 अरब लीटर से अधिक है, और चालू वित्त वर्ष के दौरान इसमें अतिरिक्त 4 अरब लीटर की वृद्धि होने की उम्मीद है
इथेनॉल :
- रासायनिक सूत्र : C₂H₅OH (या CH₃CH₂OH)
- IUPAC नाम: एथेनॉल (इसे एथिल अल्कोहल या सामान्य भाषा में 'अल्कोहल' या 'स्पिरिट' भी कहा जाता है)
- प्रकृति: यह एक रंगहीन, अत्यधिक ज्वलनशील और वाष्पशील (volatile) तरल है
- लिटमस टेस्ट: यह प्रकृति में उदासीन होता है, यानी यह लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलता
- घुलनशीलता: यह पानी में पूरी तरह से घुलनशील है
- एथेनॉल मुख्य रूप से किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है
- इसके मुख्य स्रोत गन्ना, मक्का, टूटे हुए चावल और अन्य अनाज हैं
- एंजाइम की भूमिका: किण्वन के दौरान इनवर्टेस और जाइमेस एंजाइम मुख्य भूमिका निभाते हैं
एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme - EBP) :
- E20 ईंधन: पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण।
- लक्ष्य: भारत सरकार ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य वर्ष 2025-26 तय किया है (पहले यह लक्ष्य 2030 था)।
- फ्लेक्स-फ्यूल इंजन : ये ऐसे इंजन होते हैं जो 100% पेट्रोल से लेकर 100% एथेनॉल (E100) तक किसी भी मिश्रण पर चल सकते हैं
- अगला दीर्घकालिक लक्ष्य (E27 Target): सरकार ने अब वर्ष 2030 तक पेट्रोल में 27% एथेनॉल सम्मिश्रण (E27) का एक नया महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है
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WTO मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता

- भारत 20 जुलाई, 2026 को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते के स्वीकृति दस्तावेज जमा करके इसका पक्षकार बन गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- समझौते का नाम: मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता (Agreement on Fisheries Subsidies - AFS)
- संस्था: विश्व व्यापार संगठन (WTO - World Trade Organization)
- भारत कब शामिल हुआ? 20 जुलाई, 2026
- भारत का स्थान: भारत इस समझौते को स्वीकार करने वाला 123वां सदस्य देश बना।
- दस्तावेज़ कहाँ जमा किया? डब्ल्यूटीओ (WTO) मुख्यालय, जिनेवा (सविट्जरलैंड) में।
- मूल रूप से कब अपनाया गया था? जून 2022 में WTO के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC12) के दौरान।
- समझौता कब से लागू हुआ? 15 सितंबर, 2025 से (जब 2/3 सदस्यों ने मंजूरी दे दी)
इस समझौते का उद्देश्य :
- मुद्र में अवैध, असूचित और अनियमित (IUU) मछली पकड़ने पर रोक लगाना।
- हानिकारक सरकारी सब्सिडी (वित्तीय सहायता) को बंद करना जो समुद्र में मछलियों की संख्या को खत्म कर रही हैं।
- यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य SDG 14.6 (Life Below Water) से जुड़ा है
विश्व व्यापार संगठन (WTO) :
- स्थापना: 1 जनवरी 1995
- मुख्यालय: Geneva, स्विट्ज़रलैंड
- गठन का आधार: उरुग्वे दौर वार्ता (Uruguay Round)
- पूर्व संगठन: GATT (General Agreement on Tariffs and Trade)
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार
ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री

- ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ने कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- कौन बने हैं नए पीएम?: एंडी बर्नहैम (लेबर पार्टी)
- किसका स्थान लिया?: कीर स्टारमर
- यूके के कौन से नंबर के पीएम हैं?: 59वें प्रधानमंत्री
- उपनाम : 'किंग ऑफ द नॉर्थ' - उत्तरी इंग्लैंड के अधिकारों की मुखर वकालत करने के लिए
- पूर्व पद: ये 2017 से 2026 तक ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर रह चुके हैं
- संसदीय सीट: जून 2026 में इन्होंने मेकरफील्ड सीट से उप-चुनाव जीता
- अस्थिरता का रिकॉर्ड: बर्नहैम पिछले 10 वर्षों (2016 के ब्रेक्सिट के बाद से) में ब्रिटेन के 7वें प्रधानमंत्री बने हैं
बर्नहैम कैबिनेट के प्रमुख नाम (नियुक्तियां) :
- चांसलर (वित्त मंत्री - Chancellor of the Exchequer): जॉन हीली (इन्होंने रेचल रीव्स की जगह ली)
- विदेश मंत्री : एड मिलिबैंड
- गृह मंत्री : शबाना महमूद
- रक्षा मंत्री: वेस स्ट्रीटिंग
- पार्टी: एंडी बर्नहैम और कीर स्टारमर दोनों लेबर पार्टी से संबंधित हैं
- पीएम की नियुक्ति कौन करता है?: ब्रिटेन के राजा (वर्तमान में किंग चार्ल्स तृतीय) बकिंघम पैलेस में औपचारिक रूप से बहुमत दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं
- नीतिगत शब्द 'मैनचेस्टरइज़्म' : बर्नहैम अपनी नीतियों (जैसे सार्वजनिक परिवहन को सरकारी नियंत्रण में लाना) के लिए 'मैनचेस्टरइज़्म' शब्द का प्रयोग करते हैं
ब्रिटेन (United Kingdom):
- आधिकारिक नाम: यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड
- राजधानी: लंदन
- प्रमुख शहर: लंदन, मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ग्लासगो, लिवरपूल
- मुद्रा: पाउंड स्टर्लिंग (£) - GBP
- राष्ट्राध्यक्ष: सम्राट चार्ल्स तृतीय
- संसद: द्विसदनीय : हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स
- महाद्वीप: यूरोप
- प्रसिद्ध नदियाँ: थेम्स, सेवर्न
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बेल्जियम का राष्ट्रीय दिवस

- 21 जुलाई बेल्जियम के पहले राजा, लियोपोल्ड प्रथम द्वारा देश के नए संविधान के तहत शपथ लेने और नीदरलैंड से एक स्वतंत्र संवैधानिक राजतंत्र के रूप में स्थापना की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 जुलाई को बेल्जियम अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है।
सम्बन्धित तथ्य :
- स्वतंत्रता: बेल्जियम पहले नीदरलैंड के यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा था
- क्रांति: 1830 में बेल्जियम की क्रांति के बाद यह एक स्वतंत्र देश बना
- पहले राजा: 21 जुलाई 1831 को राजा लियोपोल्ड प्रथम ने बेल्जियम के पहले राजा के रूप में संवैधानिक शपथ ली थी।
- महत्व: इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल 21 जुलाई को राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया
बेल्जियम :
- राजधानी: ब्रसेल्स (Brussels), जो कि 'यूरोपीय संघ' का प्रशासनिक केंद्र है।
- राजशाही: यहाँ संवैधानिक राजतंत्र है। वर्तमान राजा फिलिप हैं।
- सरकार के प्रमुख: प्रधानमंत्री यहाँ की वास्तविक कार्यपालिका होते हैं।
- मुद्रा (Currency): यूरो, यहाँ 2002 से पहले 'बेल्जियन फ्रैंक' मुद्रा थी
- सीमावर्ती देश: इसकी सीमाएँ फ्रांस, जर्मनी, लक्ज़मबर्ग, और नीदरलैंड से लगती हैं। इसके उत्तर-पश्चिम में उत्तर सागर स्थित है
- उपनाम (Nickname): बेल्जियम को 'कॉकपिट ऑफ यूरोप' कहा जाता है। इतिहास में यूरोप के कई बड़े और निर्णायक युद्ध (जैसे 1815 का वाटरलू का युद्ध, जिसमें नेपोलियन की हार हुई थी) इसी धरती पर लड़े गए थे।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) :
- शुरुआत: 11 अप्रैल 2016, तत्कालीन RBI गवर्नर रघुराम राजन द्वारा
- विकासकर्ता संस्था: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI - National Payments Corporation of India)
- नियामक संस्था: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- उद्देश्य: मोबाइल प्लेटफॉर्म पर तत्काल, सुरक्षित और एकीकृत बैंकिंग लेनदेन की सुविधा प्रदान करना
- लेनदेन का प्रकार: व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M)
- लेनदेन की प्रकृति: 24×7 तत्काल मनी ट्रांसफर (इंटरबैंक ट्रांसफर), QR कोड आधारित भुगतान
- मुख्य विशेषता: केवल वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) या मोबाइल नंबर से भुगतान
- UPI से जुड़ी लोकप्रिय ऐप्स: PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM, Amazon Pay आदि
- BHIM ऐप: NPCI द्वारा विकसित UPI आधारित सरकारी ऐप(शुरूआत : 30 दिसंबर 2016)
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ब्रिटेन के प्रथम AI कैबिनेट-स्तरीय मंत्री

- ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को देश का पहला कैबिनेट-स्तरीय AI मंत्री नियुक्त किया।
- इस महत्वपूर्ण कदम के साथ, ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी शीर्ष रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए इसे पहली बार कैबिनेट स्तर का दर्जा दिया है।
कनिष्क नारायण :
- जन्म और पृष्ठभूमि: कनिष्क नारायण का जन्म भारत के बिहार (मुजफ्फरपुर) राज्य में हुआ था. वह 12 वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ वेल्स (ब्रिटेन) चले गए थे
- शिक्षा: उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से 'दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र' (PPE) में स्नातक किया है और अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की है
- राजनीतिक करियर: वह लेबर पार्टी के राजनेता हैं और साल 2024 से वेल्स के 'वैले ऑफ ग्लैमरगन' क्षेत्र से ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के सदस्य हैं
- पिछला अनुभव: कैबिनेट स्तर का मंत्री बनने से पहले, वह सितंबर 2025 से जुलाई 2026 तक ब्रिटेन सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा के संसदीय उप-मंत्री (सॉफ्टवेयर और तकनीकी जूनियर मंत्री) के रूप में कार्य कर रहे थे
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
जून 2026 तक UPI की उपलब्ध्यिां

- केन्द्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि जून 2026 तक देश में 55.49 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़ चुके हैं।
- वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के माध्यम से ₹314 लाख करोड़ से अधिक मूल्य के 24,162 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल उपयोगकर्ताओं की संख्या: जून 2026 तक 55.49 करोड़ से अधिक
- कुल लेनदेन की संख्या : वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ (241.62 अरब) लेनदेन
- कुल लेनदेन का मूल्य : पूरे वित्त वर्ष में ₹314.23 लाख करोड़ का डिजिटल हस्तांतरण हुआ
- वार्षिक वृद्धि दर : वित्त वर्ष 2024-25 में ₹260.56 लाख करोड़ मूल्य के 18,586.60 करोड़ लेनदेन हुए थे, जिसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में लेनदेन की संख्या और मूल्य दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी: UPI को वर्तमान में व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान के लिए दुनिया के 10 देशों की भुगतान प्रणालियों के साथ जोड़ा जा चुका है।
- सक्रिय देश: भूटान, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल, कतर, ग्रीस और कंबोडिया जैसे देशों में यूपीआई सेवाएं लाइव हैं।
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भारत के कोर सेक्टर में वृध्दि

- जून 2026 में भारत के बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर 5% पर पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों का उच्चतम स्तर है।
- यह पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले जून 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ 1.1% थी, जबकि मई 2026 में यह 3.2% दर्ज की गई थी।
- इस वृद्धि में लौह अयस्क (43.9%), बिजली (9.8%), सीमेंट (9.8%), इस्पात (4.6%) तथा कोयला (1.4%) प्रमुख योगदानकर्ता रहे।
सम्बन्धित तथ्य :
- मंत्रालय: यह डेटा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आर्थिक सलाहकार कार्यालय (Office of the Economic Adviser) द्वारा हर महीने जारी किया जाता है।
- संख्या में बदलाव: पहले भारत में 8 कोर सेक्टर होते थे, लेकिन जून 2026 से इनकी संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
- नया क्षेत्र : 9वें क्षेत्र के रूप में 'आयरन ओर' (लौह अयस्क) को शामिल किया गया है।
- इन उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में लगभग 40.27% योगदान होता है
- नया बेस ईयर : आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर अब 2022-23 कर दिया गया है।
- IIP में हिस्सेदारी: ये 9 कोर सेक्टर मिलकर भारत के 'औद्योगिक उत्पादन सूचकांक' (IIP - Index of Industrial Production) का लगभग 40% से अधिक हिस्सा बनाते हैं।
- सभी 9 कोर सेक्टर्स का नया क्रम (वेटेज के अनुसार) : बिजली (सबसे ज्यादा वेटेज), रिफाइनरी उत्पाद, स्टील, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, सीमेंट, उर्वरक/फर्टिलाइजर, लौह अयस्क(सबसे कम वेटेज)
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RBI की रियायती डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा

- भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, विदेशी मुद्रा के प्रवाह को आकर्षित करने के लिए शुरू की गई उसकी रियायती अदला-बदली सुविधा के तहत 17 जुलाई तक 20.72 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
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विदेशी मुद्रा प्रवाह का घटक-वार वितरण :
- FCNR(B) जमा (विदेशी मुद्रा अनिवासी जमा): $17.41 अरब डॉलर (कुल प्रवाह का लगभग 84% हिस्सा)
- OFCB (विदेशी स्रोतों से विदेशी मुद्रा कर्ज): $1.97 अरब डॉलर
- ECB (बाह्य वाणिज्यिक उधारी): $1.34 अरब डॉलर
योजना की पृष्ठभूमि और मुख्य विशेषताएं :
- घोषणा और संचालन: भुगतान संतुलन को मजबूत करने और पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना की घोषणा 5 जून 2026 को की गई थी और इसे 8 जून 2026 से क्रियान्वित किया गया
- FCNR(B) जमा के लिए यह खिड़की 30 सितंबर 2026 तक खुली है।
- OFCB और ECB के लिए रियायती स्वैप सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) :
- सिफारिश: हिल्टन यंग कमीशन (1926)
- वैधानिक आधार: RBI अधिनियम, 1934
- स्थापना: 1 अप्रैल, 1935
- मुख्यालय: मुंबई राष्ट्रीयकृत: 1949
- प्रथम गवर्नर: ओसबोर्न स्मिथ (1935-37)
- प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख (1943-49)
- वर्तमान गवर्नर: संजय मल्होत्रा
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी
कोरोना वायरस का नए सब-वैरिएंट Omicron RF.5

- आंध्र प्रदेश में हाल ही में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के नए सब-लीनिएज RF.5 की पुष्टि की गई है।
सम्बन्धित तथ्य :
- वैरिएंट का नाम: SARS-CoV-2 का Omicron RF.5 सब-वैरिएंट
- खोज का स्थान: यह नया सब-वैरिएंट भारत में सबसे पहले आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में पाया गया।
- किससे हुआ विकसित: यह मुख्य रूप से JN.1 सब-वैरिएंट से म्यूटेट होकर (बदलकर) बना है।
- पुष्टि करने वाली प्रयोगशाला: इसकी पुष्टि NIV पुणे (National Institute of Virology) में की गई जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए हुई।
- वैश्विक उपस्थिति: भारत से पहले यह सब-वैरिएंट सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशिया के कुछ देशों में रिपोर्ट किया गया था।
कोरोना वायरस (COVID-19) :
- एक संक्रामक रोग है जो SARS-CoV-2 वायरस के कारण फैलता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस छोड़ने से निकलने वाली बूंदों (droplets) के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है
- आधिकारिक नाम: SARS-CoV-2 (Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2)
- बीमारी का नाम: COVID-19 (Coronavirus Disease 2019)
- वायरस का प्रकार: यह एक Single-Stranded RNA वायरस है, जिसके ऊपर प्रोटीन के कांटे (Spike Proteins) होते हैं जो इसे एक "क्राउन" या मुकुट जैसा आकार देते हैं।
- उत्पत्ति: यह पहली बार दिसंबर 2019 में वुहान, चीन में इंसानों में पाया गया था
- RT-PCR टेस्ट: इसका पूरा नाम Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction है। यह वायरस के जेनेटिक मटेरियल (RNA) का पता लगाता है और इसे सबसे सटीक (Gold Standard) टेस्ट माना जाता है।
- Rapid Antigen Test (RAT): यह वायरस की सतह पर मौजूद प्रोटीन (Antigen) का पता लगाता है। यह बहुत तेज़ परिणाम देता है लेकिन RT-PCR जितना सटीक नहीं होता।
- WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन): इसने 30 जनवरी 2020 को इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) और 11 मार्च 2020 को वैश्विक महामारी (Pandemic) घोषित किया था।
- ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद): भारत में बायोमेडिकल रिसर्च और कोरोना के खिलाफ रणनीति बनाने वाली मुख्य संस्था है (मुख्यालय: नई दिल्ली)।
- NIV (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी): भारत की प्रमुख वायरस अनुसंधान प्रयोगशाला (मुख्यालय: पुणे)
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पर्यावरण समाचार
प्रदूषित नदियों के हिस्सों की संख्या में कमी

- केंद्र सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी कि भारत में प्रदूषित नदी खंडों की संख्या वर्ष 2018 के 351 से घटकर 2025 में 296 हो गई है।
- यह जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर दी गई।
सम्बन्धित तथ्य :
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केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी के अनुसार:
- वर्ष 2018: 351 प्रदूषित नदी खंड
- वर्ष 2022: 311 प्रदूषित नदी खंड
- वर्ष 2025: 296 प्रदूषित नदी खंड
- यह आकलन बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (Biochemical Oxygen Demand - BOD) के आधार पर किया जाता है, जो जल में कार्बनिक (Organic) प्रदूषण का प्रमुख संकेतक है।
नदियों के प्रदूषण के प्रमुख कारण :
- शहरों एवं कस्बों से बिना उपचारित अथवा आंशिक रूप से उपचारित सीवेज का प्रवाह।
- औद्योगिक अपशिष्ट का निर्वहन।
- नदियों में पर्याप्त जल प्रवाह का अभाव।
- नदी तटों पर ठोस अपशिष्ट का निस्तारण।
- कृषि अपवाह में उर्वरकों एवं कीटनाशकों का बहाव।
- प्राकृतिक कारण तथा अन्य गैर-बिंदु प्रदूषण स्रोत।
- जल गुणवत्ता की निगरानी
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों एवं प्रदूषण नियंत्रण समितियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (National Water Quality Monitoring Programme - NWMP) के तहत देशभर में 2,265 निगरानी केंद्रों के माध्यम से नदी जल की गुणवत्ता की निगरानी करता है।
सरकारी प्रयास :
- नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत लगभग ₹11,332 करोड़ व्यय किए गए।
- राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (National River Conservation Plan - NRCP) के तहत ₹1,888 करोड़ खर्च किए गए।
- इसके अतिरिक्त आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा भी सीवेज प्रबंधन एवं नदी संरक्षण से संबंधित योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
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खेल समाचार
54th ब्रिटिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप

- न्यूजीलैंड के 'रयान फॉक्स' ने इंग्लैंड के रॉयल बर्कडेल में आयोजित 154th ब्रिटिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप जीतकर अपना प्रथम 'मेजर टाइटल' हासिल किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- विजेता: रयान फॉक्स जो न्यूजीलैंड देश के गोल्फर हैं।
- टूर्नामेंट: 154वीं ब्रिटिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप 2026 (इसे 'द ओपन' भी कहा जाता है)।
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पुरुषों के गोल्फ इतिहास में दूसरे राउंड के बाद 52वें स्थान से वापसी कर खिताब जीतना, 36-होल के इतिहास की सबसे बड़ी वापसी का रिकॉर्ड है।
- ट्रॉफी का नाम: विजेता को दी जाने वाली प्रसिद्ध ट्रॉफी का नाम 'क्लायरेट जग' है।
- न्यूजीलैंड का इतिहास: वह सर बॉब चार्ल्स (1963) के बाद ब्रिटिश ओपन जीतने वाले न्यूजीलैंड के दूसरे पुरुष खिलाड़ी बने हैं।
गोल्फ (Golf) :
- उद्देश्य: खिलाड़ी एक छोटी गेंद को एक विशेष छड़ी की मदद से न्यूनतम शॉट मारकर एक छेद (Hole) में डालने का प्रयास करता है।
- खिलाड़ी: यह एक व्यक्तिगत खेल है, लेकिन इसे टीम (जैसे राइडर कप) के रूप में भी खेला जाता है।
- खेल का मैदान: गोल्फ खेलने के मैदान को 'कोर्स' कहा जाता है।
- होल्स की संख्या: एक मानक गोल्फ कोर्स में कुल 18 होल्स (Holes)
पुरुषों के 4 सबसे बड़े टूर्नामेंट :
- द मास्टर्स : अप्रैल में, ऑगस्टा नेशनल गोल्फ क्लब (अमेरिका) में। (इसके विजेता को प्रसिद्ध 'ग्रीन जैकेट' दी जाती है)।
- पीजीए चैंपियनशिप : मई में, अमेरिका के विभिन्न कोर्सों में।
- यूएस ओपन : जून में, अमेरिका में।
- द ओपन चैंपियनशिप : जुलाई में, यूनाइटेड किंगडम (UK) में। यह दुनिया का सबसे पुराना गोल्फ टूर्नामेंट है (शुरुआत 1860)
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बेल्जियन ग्रांड प्रिक्स 2026

- मर्सिडीज के 19 वर्षीय इतालवी ड्राइवर किमी एंटोनेली ने 19 जुलाई को स्पा-फ्रांकोरचैम्प्स में आयोजित 2026 बेल्जियन ग्रांड प्रिक्स का खिताब जीता।
सम्बन्धित तथ्य :
- छठी सीजन जीत: किमी एंटोनेली की यह 2026 फॉर्मूला वन (F1) सीजन की छठी रेस जीत है।
पोडियम परिणाम:
- प्रथम स्थान: किमी एंटोनेली (मर्सिडीज)
- द्वितीय स्थान: चार्ल्स लेक्लर (फेरारी)
- तृतीय स्थान: मैक्स वेरस्टैपेन (रेड बुल)
- चैंपियनशिप में बढ़त: इस जीत के साथ एंटोनेली ने वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपियनशिप स्टैंडिंग में 204 अंकों के साथ अपनी बढ़त मजबूत कर ली है। उन्होंने फेरारी के लुईस हैमिल्टन (159 अंक) पर 45 अंकों की बढ़त बना रखी है।
- ऐतिहासिक महत्व: एंटोनेली पिछले 73 वर्षों में बेल्जियन ग्रांड प्रिक्स जीतने वाले पहले इतालवी ड्राइवर बन गए हैं।
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मेन्यूयर्स अंतरराष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप 2026

- फ्रांस में आयोजित मेन्यूयर्स अंतरराष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में भारतीय ग्रैंडमास्टर एस. रोहित कृष्णा ने स्वर्ण और ग्रैंडमास्टर राजा रिथविक ने रजत पदक जीता।
- । 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक फ्रेंच आल्प्स के ले ब्रेक दे मेनुइरेस में आयोजित इस प्रतियोगिता में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार और अजेय प्रदर्शन किया।
- एस. रोहित कृष्णा : यह अगस्त 2025 में कजाकिस्तान के अल्माटी मास्टर्स कोनाएव कप में अपना अंतिम नॉर्म हासिल कर भारत के 89वें ग्रैंडमास्टर बने थे।
- राजा रिथविक (Raja Rithvik): यह तेलंगाना के स्थापित ग्रैंडमास्टर हैं, जो इस टूर्नामेंट में चौथी वरीयता के साथ उतरे थे
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पुरस्कार और सम्मान
'लू शुन साहित्य पुरस्कार' 2026

- चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को उनकी कविता संग्रह 'लो फ्लाइट' के लिए चीन के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों में से एक 'लू शुन साहित्य पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- विजेता का नाम: वांग जिबिंग
- उम्र और पेशा: 56 वर्षीय फूड डिलीवरी राइडर (चीन के जियांग्सू प्रांत से)
- कविता संग्रह का नाम: 'लो फ्लाइट' जो वर्ष 2024 में प्रकाशित हुआ
- पुरस्कार का नाम: 'लू शुन साहित्य पुरस्कार' जिसकी घोषणा 15 जुलाई 2026 को की गई
लू शुन साहित्य पुरस्कार :
- महत्व: यह चीन के सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष चार राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कारों में से एक माना जाता है।
- नामकरण: इसका नाम 20वीं सदी के चीन के सबसे प्रभावशाली लेखक और आधुनिक चीनी साहित्य के जनक 'लू शुन' के नाम पर रखा गया है, जो अपनी सामाजिक आलोचना और व्यंग्य के लिए जाने जाते थे।
- आयोजक: यह पुरस्कार 'चाइना राइटर्स एसोसिएशन' (China Writers Association) द्वारा प्रदान किया जाता है।
- अंतराल: यह पुरस्कार हर चार साल में एक बार दिया जाता है
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