17 July, 2026
'राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज के वैश्विक अनुमान' 2026
Fri 17 Jul, 2026
संदर्भ :
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ (UNICEF) ने 'राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज के वैश्विक अनुमान' (WUENIC रिपोर्ट) जारी किया है।
मुख्य बिन्दु :
- पूर्ण रूप: WHO and UNICEF Estimates of National Immunization Coverage (WUENIC)
- निर्माता संस्थाएं: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF)
- महत्व: यह दुनिया भर में नियमित रूप से बच्चों को दी जाने वाली 13 गंभीर बीमारियों (जैसे डिफ्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, खसरा, पोलियो आदि) के विरुद्ध प्रतिरक्षण कवरेज का सबसे व्यापक डेटासेट प्रस्तुत करती है।
- कार्यप्रणाली: यह अनुमान देशों द्वारा प्रदान किए गए प्रशासनिक डेटा, जनसंख्या-आधारित सर्वेक्षणों (जैसे भारत में NFHS) और स्थानीय विशेषज्ञों की राय के समन्वय पर आधारित होते हैं।
वैश्विक परिदृश्य:
- वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य प्रणालियां कोविड-19 महामारी के व्यवधानों से उबरने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में टीकाकरण का स्तर पूर्व-महामारी स्तरों से पीछे है:
- सामान्य प्रगति: वैश्विक स्तर पर, वर्ष 2025 में लगभग 90% शिशुओं को डिफ्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (DTP) वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक प्राप्त हुई। हालांकि, पूर्ण तीन खुराकों का कवरेज (85%) अभी भी वर्ष 2019 के स्तर (86%) से थोड़ा पीछे है।
- 'शून्य-खुराक' बच्चे: वे बच्चे जिन्हें अपने पहले वर्ष में कोई भी बुनियादी टीका (जैसे DTP1) नहीं मिला है। वैश्विक स्तर पर शून्य-खुराक वाले बच्चों की संख्या में गिरावट आई है और यह लगभग 13.5 मिलियन (साढ़े तेरह मिलियन) पर आ गई है।
- खसरे का खतरा: खसरे के उन्मूलन के लिए न्यूनतम 95% टीकाकरण कवरेज आवश्यक है। वैश्विक स्तर पर खसरे की पहली खुराक (MCV1) का कवरेज 84% और दूसरी खुराक (MCV2) का कवरेज केवल 77% रहा, जो बड़े पैमाने पर खसरे के प्रकोप के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
- क्षेत्रीय रुझान: दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र (जिसमें भारत शामिल है) ने प्रतिरक्षण के मामले में न केवल रिकवरी की है बल्कि महामारी के पहले के स्तरों को पार करते हुए वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम प्रदर्शन दर्ज किया है। इसके विपरीत, पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई है।
- नाइजीरिया 22 लाख (2.2 मिलियन) बिना टीकाकरण वाले बच्चों के साथ पहले स्थान पर है।
- विश्व स्तर पर 90% (11.6 करोड़) शिशुओं को डीटीपी (डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस) वैक्सीन की कम से कम एक खुराक तथा 85% (11 करोड़) शिशुओं को तीनों खुराकें मिलीं।
- बिना टीकाकरण वाले बच्चों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7.5 लाख कम हुई है।
- अनुमानित 73 लाख शिशुओं ने डीटीपी की पहली खुराक लेने के बाद खसरे (MCV1) की पहली खुराक से पहले टीकाकरण छोड़ दिया, जिससे केवल 84% बच्चों को MCV1 और 77% को MCV2 मिल सकी।
- वर्ष 2025 में 57 देशों ने खसरे के बड़े या गंभीर प्रकोपों की सूचना दी।
- 195 देशों के आंकड़ों के अनुसार, 100 देशों ने 2019 से डीटीपी की तीनों खुराकों का 90% या उससे अधिक कवरेज बनाए रखा है, जबकि 2019 में 90% से कम कवरेज वाले देशों में से 30 देशों ने सुधार किया, लेकिन 65 देश अभी भी स्थिर या पिछड़ रहे हैं।
भारत के संदर्भ :
'शून्य-खुराक' वाले बच्चों में भारी कमी :
- भारत ने अपनी नियमित प्रतिरक्षण सेवाओं को सुदृढ़ किया है।
- देश में शून्य-खुराक वाले बच्चों की संख्या जो वर्ष 2023 में 1.59 मिलियन थी, वह वर्ष 2024 में घटकर 9.09 लाख और वर्ष 2025 में घटकर मात्र 6.79 लाख रह गई है। यह देश की सघन टीकाकरण रणनीतियों की बड़ी सफलता है।
- खसरे के प्रतिरक्षण में ऐतिहासिक सुधार :
- वर्ष 2001 में इस रिपोर्ट के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से पहली बार, भारत खसरे के खिलाफ सबसे अधिक गैर-टीकाकृत बच्चों वाले शीर्ष 10 देशों की सूची से बाहर हो गया है।
- भारत में प्रथम खसरा खुराक (MCV1) का कवरेज 98% और द्वितीय खुराक (MCV2) का कवरेज 95% अनुमानित किया गया है।
प्रमुख टीकों की उच्च कवरेज दर :
- DTP3 और MCV2 (पूर्ण सुरक्षा): भारत के 95% बच्चे इन महत्वपूर्ण टीकों से सुरक्षित हैं
- DTP1 (पहली खुराक): 97% कवरेज, जो देश की व्यापक पहुंच को दर्शाता है
- रुबेला (प्रथम खुराक): 98% कवरेज
- न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV3): 97% कवरेज
- पोलियो (IPV1) और हेपेटाइटिस बी (तीसरी खुराक): 95% कवरेज
भारत सरकार की प्रमुख रणनीतिक पहलें :
- मिशन इंद्रधनुष: छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचने के लिए दिसंबर 2014 में शुरू किया गया एक आक्रामक कैच-अप अभियान। इसके तहत अब तक 5.46 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है
- यू-विन पोर्टल : गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण के पंजीकरण और डिजिटल ट्रैकिंग के लिए सरकार का एक क्रांतिकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म, जो 'कोविन' (CoWIN) की तर्ज पर काम कर रहा है।
- सघन मिशन इंद्रधनुष (IMI): इसे विशेष रूप से उन जिलों और शहरी क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ नियमित टीकाकरण कवरेज कम है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) :
- प्रकृति: यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष एजेंसी है जो अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार है
- मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
- सदस्य: वर्तमान में 194 सदस्य देश हैं
- कार्य: वैश्विक स्वास्थ्य मामलों पर नेतृत्व प्रदान करना, स्वास्थ्य अनुसंधान के एजेंडे तय करना, मानक निर्धारित करना और साक्ष्य-आधारित नीति विकल्प प्रदान करना
- भारत और WHO: भारत WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र का सदस्य है और इसका क्षेत्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है
- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 10 अक्तूबर को मनाया जाता है
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) :
- स्थापना: 11 दिसंबर 1946, संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा International Children's Emergency Fund के रूप में।
- स्थायी दर्जा: वर्ष 1953 में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का स्थायी अंग बनाया गया; नाम से "International" एवं "Emergency" शब्द हटाए गए, किंतु UNICEF संक्षिप्त नाम यथावत रखा गया।
- मुख्यालय: न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका।
- मूल संगठन: संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के अधीन कार्य करता है।









