17 July, 2026
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच CETA लागू
Thu 16 Jul, 2026
संदर्भ :
- भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हुआ।
मुख्य बिन्दु :
- क्या है : भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA)
- हस्ताक्षर की तिथि: 24 जुलाई, 2025
- प्रभावी तिथि: 15 जुलाई, 2026
- बातचीत के दौर: 14
- कुल अध्याय: 30
- लक्ष्य : 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके $100 अरब तक पहुंचाना
भारत-यूके CETA के प्रमुख लाभ :
- रोजगार सृजन: टेक्सटाइल, चमड़ा और MSME क्षेत्रों में रोजगार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- सेवा क्षेत्र को बढ़ावा: DCC के माध्यम से आईटी, वित्तीय और अन्य पेशेवर सेवाओं को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
- रणनीतिक साझेदारी मजबूत: ब्रेक्सिट के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंध और सुदृढ़ होंगे।
- मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन: PLI योजना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
व्यापारिक लक्ष्य और प्रभाव :
- शून्य-शुल्क बाजार पहुंच: समझौते के तहत भारत के लगभग 99.5% निर्यात मूल्य (98.8% टैरिफ लाइन) को ब्रिटिश बाजार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा। इससे पहले इन वस्तुओं पर 2% से 16% तक का आयात शुल्क लगता था।
- पारस्परिक रियायतें: भारत ने भी अपनी 89.4% टैरिफ लाइनों पर ब्रिटेन को रियायत दी है, जिससे स्कॉच व्हिस्की, प्रीमियम कारें और चॉकलेट जैसी ब्रिटिश वस्तुएं भारतीय बाजार में सस्ती होंगी।
- संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण: भारत ने अपने कृषि, डेयरी, अनाज, दालें और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखकर सुरक्षित किया है।
- डिजिटल उत्पत्ति प्रमाण पत्र (eCoO 2.0): लेनदेन की लागत और कागजी कार्रवाई को कम करने के लिए स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर पहली बार डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
- दोहरे अंशदान से छूट: इसके तहत 60 महीने (5 वर्ष) तक की अस्थायी अवधि के लिए ब्रिटेन जाने वाले भारतीय पेशेवरों को दोनों देशों में सामाजिक सुरक्षा कर नहीं देना होगा।
- किसे लाभ: इससे लगभग 75,000 भारतीय आईटी और वित्तीय पेशेवरों तथा 900 से अधिक कंपनियों को सीधा वित्तीय लाभ होगा।
- पेशेवर गतिशीलता: भारत और ब्रिटेन नर्सिंग, आर्किटेक्चर और अकाउंटेंसी के क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर 'पारस्परिक मान्यता समझौते' (MRA) करने पर सहमत हुए हैं
भारत द्वारा सुरक्षित किए गए संवेदनशील क्षेत्र :
- भारत ने अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को चोट से बचाने के लिए नकारात्मक सूची और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का स्मार्ट उपयोग किया है:
- कृषि और डेयरी का संरक्षण: भारत ने डेयरी उत्पाद, अनाज, बाजरा, दलहन, सेब और चुनिंदा सब्जियों को शुल्क कटौती से पूरी तरह बाहर रखा है ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
- संवेदनशील विनिर्माण क्षेत्र: सोने, आभूषण, प्रयोगशाला में बने हीरे, स्मार्टफोन, और मेक इन इंडिया/PLI योजनाओं के तहत आने वाले उद्योगों को सुरक्षात्मक समय दिया गया है
ऑटोमोबाइल और शराब पर संतुलित रुख:
- यूके की प्रसिद्ध स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150% से घटाकर तुरंत 75% किया गया है, जिसे 10 वर्षों में धीरे-धीरे 40% पर लाया जाएगा।
- ब्रिटिश कारों के लिए भारत ने प्रति वर्ष एक निश्चित कोटा (TRQ - जैसे पहले वर्ष 20,000 यूनिट्स) तय किया है, जिसके तहत ही रियायती सीमा शुल्क (करीब 30-50%) लगेगा, जिससे घरेलू वाहन निर्माता प्रभावित न हों









