GK Update
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




GK Update

Thu 16 Jul, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

उत्‍तर प्रदेश में दो एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी के लिए ₹25,000 करोड़ से अधिक की दो एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी दी।
  • यह निर्णय 'वाराणसी विभीड़भाड़ मुक्ति योजना' के तहत लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात के दबाव को कम करना और यात्रा समय को घटाना है।

दोनों एलिवेटेड परियोजनाओं का विवरण :

गंगा नदी कॉरिडोर परियोजना :

  • कुल लागत: ₹14,447.64 करोड़
  • लंबाई: 46.039 किलोमीटर
  • संरचना: यह मुख्य रूप से 6-लेन का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा।
  • विशेषताएं: इसके तहत गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज और काशी विश्वनाथ धाम तक पैदल यात्रियों के लिए ट्रैवलर्स (स्वचालित पैदल पथ) से लैस 1.32 किमी लंबा फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाया जाएगा।

वरुणा नदी कॉरिडोर परियोजना :

  • कुल लागत: ₹10,998.32 करोड़
  • लंबाई: 43.218 किलोमीटर
  • संरचना: यह वरुणा नदी के किनारे-किनारे बनने वाला 6-लेन और 4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा
  • हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM): इन दोनों परियोजनाओं को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत कार्यान्वित किया जाएगा।
  • पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: यह बुनियादी ढांचा विकास PM Gati Shakti National Master Plan के अनुरूप लॉजिस्टिक्स दक्षता और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

भारत-ब्रिटेन के बीच CETA लागू

  • भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है।
  • जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके $100 अरब तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।
  • इसके पहले ही दिन भारतीय निर्यातकों ने देश के 20 से अधिक बंदरगाहों, हवाई अड्डों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) से 14 करोड़ डॉलर (140 मिलियन USD) से अधिक मूल्य का सामान शून्य-शुल्क (Zero Duty) पर ब्रिटेन भेजा है।

भारत-UK CETA की मुख्य विशेषताएं :

  • हस्ताक्षर की तिथि: 24 जुलाई, 2025
  • प्रभावी तिथि: 15 जुलाई, 2026
  • बातचीत के दौर: 14
  • कुल अध्याय: 30
  • क्‍या है : भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है
  • शून्य-शुल्क बाजार पहुंच: समझौते के तहत भारत के लगभग 99.5% निर्यात मूल्य (98.8% टैरिफ लाइन) को ब्रिटिश बाजार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा। इससे पहले इन वस्तुओं पर 2% से 16% तक का आयात शुल्क लगता था।
  • पारस्परिक रियायतें: भारत ने भी अपनी 89.4% टैरिफ लाइनों पर ब्रिटेन को रियायत दी है, जिससे स्कॉच व्हिस्की, प्रीमियम कारें और चॉकलेट जैसी ब्रिटिश वस्तुएं भारतीय बाजार में सस्ती होंगी।
  • संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण: भारत ने अपने कृषि, डेयरी, अनाज, दालें और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखकर सुरक्षित किया है।
  • डिजिटल उत्पत्ति प्रमाण पत्र (eCoO 2.0): लेनदेन की लागत और कागजी कार्रवाई को कम करने के लिए स्व-प्रमाणन (Self-Certification) के आधार पर पहली बार डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
  • दोहरे अंशदान से छूट: इसके तहत 60 महीने (5 वर्ष) तक की अस्थायी अवधि के लिए ब्रिटेन जाने वाले भारतीय पेशेवरों को दोनों देशों में सामाजिक सुरक्षा कर नहीं देना होगा।
  • किसे लाभ: इससे लगभग 75,000 भारतीय आईटी और वित्तीय पेशेवरों तथा 900 से अधिक कंपनियों को सीधा वित्तीय लाभ होगा।
  • पेशेवर गतिशीलता: भारत और ब्रिटेन नर्सिंग, आर्किटेक्चर और अकाउंटेंसी के क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर 'पारस्परिक मान्यता समझौते' (MRAs) करने पर सहमत हुए हैं

अन्य देशों/समूहों के साथ सक्रिय एवं हालिया समझौते :

देश / व्यापारिक समूह  समझौते का प्रकार मुख्य विशेषताएं और लाभ
यूनाइटेड किंगडम (UK) CETA (Comprehensive Economic & Trade Agreement) 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ। भारत के 99% निर्यात को शून्य-शुल्क पहुंच। साथ ही सामाजिक सुरक्षा हेतु DCC समझौता लागू।
यूरोपीय संघ (EU)

FTA (Free Trade Agreement)

27 जनवरी 2026 को घोषित। भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर केंद्रित।
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) Interim Trade Deal (अंतरिम व्यापार ढांचा) 7 फरवरी 2026 को वैश्विक व्यापारिक कदमों को मजबूत करने के लिए अंतरिम समझौते के ढांचे को अंतिम रूप दिया गया।
ओमान (Oman)

CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement)

18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में भारत को अब तक का सबसे व्यापक टैरिफ कवरेज मिला।
न्यूजीलैंड (New Zealand) FTA / CECA 22 दिसंबर 2025 को घोषित। महज 9 महीनों की रिकॉर्ड बातचीत में कृषि, शिक्षा और सेवाओं के लिए बाजार पहुंच सुनिश्चित की गई।
EFTA समूह (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन)

TEPA (Trade & Economic Partnership Agreement)

1 अक्टूबर 2025 से लागू। इसके तहत भारत को अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता मिली है।
यूएई (UAE) CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement)

मई 2022 से प्रभावी। इसके प्रभाव से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर को पार कर चुका है।

 

ऑस्ट्रेलिया (Australia) ECTA (Economic Cooperation & Trade Agreement) दिसंबर 2022 से प्रभावी। भारत का पहला ऐसा व्यापार समझौता जिसमें ऑस्ट्रेलियाई बाजार में 100% टैरिफ लाइनों को समाप्त किया गया।
मॉरीशस (Mauritius) CECPA (Comprehensive Economic Cooperation & Partnership Agreement) अप्रैल 2021 से प्रभावी। किसी भी अफ्रीकी देश के साथ भारत का यह पहला व्यापारिक समझौता था।

'सेमीकॉन 2.0' को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1,27,500 करोड़ (₹1.27 लाख करोड़) के कुल बजटीय आवंटन के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण यानी 'सेमीकॉन 2.0' (Semicon 2.0) को मंजूरी दी।

सेमीकॉन 2.0 के 6 मुख्य स्तंभ :

  • चिप डिजाइन (Design): भारत को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन IP (बौद्धिक संपदा) का वैश्विक केंद्र बनाना और स्टार्टअप्स को डिज़ाइन रिसोर्स उपलब्ध कराना।
  • मशीनें और सामग्री (Machines & Materials): सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण, विशेष रसायन, गैसें और कच्चे माल की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करना।
  • अधिक फैब इकाइयों की स्थापना (More Fabs): वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर भारत में और अधिक सिलिकॉन फैब्स, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्स और डिस्प्ले फैब्स स्थापित करना।
  • ATMP/OSAT उद्योग का सुदृढ़ीकरण: असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) इकाइयों को आधुनिक तकनीकों के साथ बढ़ावा देना
  • अनुसंधान एवं विकास (R&D): दुनिया के अग्रणी अनुसंधान केंद्रों के साथ मिलकर उन्नत नोड्स (Advanced Nodes) और भविष्य की सेमीकंडक्टर तकनीकों पर काम करना।
  • प्रतिभा विकास (Talent Development): विश्वविद्यालयों के माध्यम से कॉलेज स्तर पर ही चिप डिजाइन, क्लीन रूम ऑपरेशन्स और फैब कंस्ट्रक्शन के लिए कुशल इंजीनियरों की फौज तैयार करना।

सेमीकॉन 1.0 बनाम सेमीकॉन 2.0: मुख्य अंतर :

विशेषता सेमीकॉन 1.0 (Phase 1) सेमीकॉन 2.0 (Phase 2)
बजटीय आवंटन ₹76,000 करोड़ ₹1,27,500 करोड़
मुख्य फोकस चिप निर्माण और शुरुआती फैब इकाइयां स्थापित करना। संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (Value Chain) - उपकरण, सामग्री और डिजाइन IP।
प्रगति / लक्ष्य इसके तहत ₹1.64 लाख करोड़ के निवेश वाली 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके जरिए लगभग ₹4 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का अनुमान है।

मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹62,500 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) को मंजूरी दी है।
  • यह योजना पूर्ववर्ती उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई) की अगली कड़ी है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अवधि (Tenure): यह योजना 5 वर्षों के लिए है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी।
  • मूल प्रोत्साहन (Base Incentive): भारत में निर्मित मोबाइल फोन की पात्र बिक्री पर 2.25% से 5% तक की अलग-अलग दरों पर प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • घरेलू सोर्सिंग बोनस (Domestic Sourcing Bonus): प्रमुख कंपोनेंट या सब-असेंबली की घरेलू सोर्सिंग करने पर 1.5% तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
  • स्वदेशी ब्रांडों को बढ़ावा: उत्पाद के डिज़ाइन और R&D के लिए पात्र बिक्री पर 3% की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • संचयी उत्पादन (Cumulative Production): 5 वर्षों की अवधि में देश में लगभग ₹39 लाख करोड़ मूल्य के मोबाइल फोन उत्पादन का अनुमान है।
  • रोजगार सृजन (Employment Generation): इस योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में लगभग 60,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
  • निर्यात में वृद्धि: स्मार्टफोन पहले से ही भारत की सबसे बड़ी एकल निर्यात उत्पाद श्रेणी (2025 के आंकड़ों के अनुसार) बन चुका है, इस योजना से निर्यात को और गति मिलेगी।

यूरिया-2026 (NIPU-2026) की राष्ट्रीय निवेश नीति को मंज़ूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 15 जुलाई 2026 को 'आत्मनिर्भर भारत के लिए यूरिया-2026 की राष्ट्रीय निवेश नीति' (NIPU-2026) को आधिकारिक मंजूरी दी।
  • यह उर्वरक क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयात निर्भरता कम करना: NIPU-2026 का लक्ष्य घरेलू स्तर पर 10 मिलियन टन (1 करोड़ टन) अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता का सृजन करना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो।
  • समान प्रोत्साहन व रिटर्न: यह नीति निजी, सार्वजनिक (PSUs) और सहकारी क्षेत्र के लिए समान है, जिसमें निवेश पर 12% से 16% का इक्विटी पर रिटर्न (RoE) बैंड निर्धारित किया गया है
  • लागत पारदर्शिता: वित्तीय स्थिरता के लिए स्थिर (Fixed) और परिवर्तनीय (Variable) लागतों का पृथक्करण किया गया है
  • आर्थिक दक्षता: यह नीति पिछली NIP-2012 की तुलना में नए संयंत्रों पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत का अनुमान व्यक्त करती है।
  • नीति की आवश्यकता क्यों? भारत में वर्तमान में लगभग 3 करोड़ टन यूरिया का वार्षिक उत्पादन होता है, जबकि कुल मांग करीब 4 करोड़ टन है। इस 1 करोड़ टन के अंतर (आयात निर्भरता) को समाप्त करने के लिए यह नीति लाई गई है।
  • वर्तमान अवसंरचना: देश में अभी 33 चालू यूरिया विनिर्माण इकाइयां हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 269.42 लाख मीट्रिक टन (LMT) है।
  • पिछली नीति का इतिहास: इससे पहले 'नई निवेश नीति (NIP)-2012' लागू थी, जिसके तहत 6 नए संयंत्र स्थापित किए गए थे। इसकी निवेश अवधि अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई थी।

'पिंक ई-रिक्शा योजना' का विस्तार : महाराष्ट्र

  • महाराष्ट्र सरकार ने 'पिंक ई-रिक्शा योजना' का विस्तार कर महिला लाभार्थियों के लिए सब्सिडी को वाहन की कुल लागत के 20% से बढ़ाकर 40% कर दिया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सब्सिडी और ऋण: वाहन लागत पर सब्सिडी 20% से बढ़ाकर 40% कर दी गई है। शेष 50% राशि बैंक ऋण (राष्ट्रीयकृत, निजी, शहरी/जिला सहकारी) अथवा आपूर्तिकर्ता द्वारा ब्याज मुक्त स्थगित भुगतान के माध्यम से जुटाई जाएगी। लाभार्थी का अंशदान कम से कम 10% होगा
  • पूर्वव्यापी लाभ: पहले से पंजीकृत लाभार्थियों को भी बढ़ी हुई 40% सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
  • प्रशासनिक बदलाव: पारदर्शिता के लिए प्रक्रिया का केंद्रीकरण महिला एवं बाल विकास आयुक्त कार्यालय, पुणे के तहत किया गया है
  • सुरक्षा एवं पहुँच: जीपीएस-सक्षम ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य है और निःशुल्क चालक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, योजना का भौगोलिक दायरा बढ़ाकर अधिक जिलों में इसे लागू किया गया है

महाराष्ट्र :

  • राजधानी: मुंबई (Mumbai)
  • उप-राजधानी: नागपुर (शीतकालीन सत्र)
  • स्थापना दिवस: 1 मई 1960 (महाराष्ट्र दिवस)
  • राज्य गीत: जय जय महाराष्ट्र माझा
  • मुख्य नदियाँ: गोदावरी, कृष्णा, भीमा, तापी, पैनगंगा
  • लोकनृत्य: लावणी, तमाशा
  • प्रमुख त्योहार: गणेश चतुर्थी, गुढ़ी पड़वा, दिवाली
  • पारंपरिक भोजन: पूरणपोली, वड़ा पाव, मिसल पाव
  • मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी

पाँचवीं बिम्सटेक NSA बैठक

  • पाँचवीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अध्यक्षता व मेजबानी: भारत
  • सदस्य देश: भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड

प्रमुख फोकस क्षेत्र:

  • साइबर सुरक्षा: आधुनिक तकनीक के खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना।
  • समुद्री सुरक्षा: बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना।
  • सीमा पार अपराध: मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ साझा रणनीति
  • भारत की कूटनीति: यह बैठक भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों को बढ़ावा देने का प्रमुख मंच है

बिम्सटेक (BIMSTEC) :

  • पूरा नाम: बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation).
  • स्थापना: इसकी स्थापना 6 जून, 1997 को बैंकॉक घोषणापत्र के माध्यम से हुई थी
  • सचिवालय: इसका स्थायी सचिवालय ढाका (बांग्लादेश) में स्थित है
  • बिम्सटेक में कुल 7 सदस्य देश शामिल हैं, जिन्हें भौगोलिक रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है
  • दक्षिण एशिया (5 देश): भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका
  • दक्षिण-पूर्व एशिया (2 देश): म्यांमार और थाईलैंड
  • शुरुआत में जून 1997 में यह BIST-EC (बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड) के रूप में गठित हुआ था।
  • दिसंबर 1997 में म्यांमार के जुड़ने के बाद यह BIMST-EC बना।
  • वर्ष 2004 में नेपाल और भूटान के शामिल होने के बाद इसका नाम बदलकर वर्तमान नाम (BIMSTEC) कर दिया गया।

31वां 'दिव्य कला मेला

  • 31वें 'दिव्य कला मेले का शुभारंभ कोलकाता में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजक मंत्रालय: यह मेला केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • विशेष ऐतिहासिक बिंदु: यह पहला ऐसा दिव्य कला मेला है, जो भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार का पहला संयुक्त प्रयास है।
  • उद्घाटनकर्ता: इसका उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
  • अवधि व भागीदारी: यह 8 दिवसीय (14 से 22 जुलाई 2026) आयोजन है, जिसमें देश भर के (विशेषकर पश्चिम बंगाल के) दिव्यांग कारीगरों के लिए लगभग 40 स्टॉल लगाए गए हैं।

'सीफेयरर-फर्स्ट' आपातकालीन समुद्री सुरक्षा योजना की घोषणा

  • भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सीफेयरर-फर्स्ट' आपातकालीन समुद्री सुरक्षा योजना की घोषणा की।
  • केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दूरगामी पहल की शुरुआत की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
  • केंद्रीय मंत्री: इस योजना की घोषणा केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा की गई
  • लॉन्च का कारण: पश्चिम एशिया के 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) में दो मालवाहक जहाजों (MT अल बहियाह और MT मोम्बासा) पर हुए मिसाइल हमलों के बाद इसे लॉन्च किया गया, जिसमें भारतीय नाविकों की मृत्यु और चोटें आई थीं

मुख्य विशेषताएं और संस्थागत ढांचा :

  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग: 'नौवहन महानिदेशालय' द्वारा भारतीय नाविकों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक रीयल-टाइम डैशबोर्ड स्थापित किया जाएगा।
  • नोडल संपर्क (Liaison Officers): प्रभावित क्षेत्रों में फंसे या संकट का सामना कर रहे प्रत्येक भारतीय नाविक की सहायता और उनके परिवारों को मेडिकल, कानूनी या वित्तीय सहायता देने के लिए समर्पित लायजन ऑफिसर (संपर्क अधिकारी) नियुक्त किए जाएंगे।
  • समग्र सरकारी दृष्टिकोण: सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय (MEA) और ईरान, ओमान तथा यूएई (UAE) में स्थित भारतीय दूतावास मिलकर काम करेंगे।
  • 24×7 सहायता प्रणाली: संकट के समय नाविकों और उनके परिवारों के लिए व्हाट्सएप, टोल-फ्री हेल्पलाइन और ईमेल के जरिए राउंड-द-क्लॉक शिकायत निवारण प्रणाली सक्रिय की गई है।

दो रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग (बहु-लाइन) परियोजनाओं को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने ओडिशा और झारखंड में ₹3,907 करोड़ की अनुमानित लागत वाली दो रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग (बहु-लाइन) परियोजनाओं को मंजूरी दी

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल स्वीकृत परियोजनाएं: 2 मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाएं
  • कुल अनुमानित लागत: ₹3,907 करोड़
  • लक्ष्य वर्ष (Deadline): इन परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है
  • नेटवर्क विस्तार: इससे भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 145 किलोमीटर बढ़ जाएगा
  • कवर किए जाने वाले जिले: यह परियोजनाएं ओडिशा और झारखंड के 4 जिलों को कवर करेंगी
  • पारादीप-हरिदासपुर लाइन (ओडिशा): इस रेल खंड का दोहरीकरण (Doubling) किया जाएगा
  • राजखरसावां-डांगोआपोसी खंड (ओडिशा और झारखंड): इस रूट पर चौथी रेलवे लाइन (4th Line) का निर्माण किया जाएगा.
  • योजना का आधार: यह दोनों परियोजनाएं पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan) के तहत तैयार की गई हैं.
  • कनेक्टिविटी: इससे लगभग 1,526 गांवों के 14 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
  • पर्यटन को बढ़ावा: यह मार्ग ललितगिरि बौद्ध परिसर श्री बलदेवज्यू मंदिर और मेघाहातुबुरु पहाड़ियों जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगा.
  • माल ढुलाई (Freight Traffic): इन मार्गों से कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर और डोलोमाइट का परिवहन आसान होगा, जिससे प्रति वर्ष 44 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी.
  • पर्यावरणीय लाभ: इस बुनियादी ढांचे से लगभग 6 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में 29 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी

कला और संस्‍कृति

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ

  • ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ आज 16 जुलाई (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया) से हुआ, इसकी वापसी यात्रा (बहुदा यात्रा) 24 जुलाई 2026 को होगी

जगन्नाथ रथ यात्रा :

  • एक वार्षिक हिंदू त्योहार है
  • आयोजन स्थल: पुरी, ओडिशा
  • प्रमुख मंदिर: श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी
  • देवता: भगवान जगन्नाथ (भगवान विष्णु/कृष्ण के रूप), उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा
  • आयोजन तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (जून–जुलाई के बीच)
  • रथों के नाम: जगन्नाथ जी का रथ – नन्दी घोष, बलभद्र जी का रथ – तालध्वज, सुभद्रा जी का रथ – दर्पदलन
  • प्रस्थान: जगन्नाथ मंदिर से
  • गंतव्य: गुंडीचा मंदिर (भगवान की मौसी का घर)
  • वापसी (बहुड़ा यात्रा): गुंडीचा मंदिर में 7 दिन विश्राम करने के बाद, आषाढ़ शुक्ल दशमी को भगवान वापस अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं।

जगन्नाथ मंदिर :

  • मंदिर की स्थापत्य कला : कलिंग वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नागर शैली की ही एक उप-शैली है।
  • निर्माणकर्ता: निर्माण 12वीं शताब्दी में गंग राजवंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने शुरू करवाया था और इसे राजा अनंगभीम देव ने पूरा किया।

पुस्‍तकें और लेखक

'द वॉयस ऑफ जस्टिस : जस्टिस गवई स्पीक्स' पुस्तक

  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में 'द वॉयस ऑफ जस्टिस : जस्टिस गवई स्पीक्स' पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • विमोचनकर्ता: भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
  • स्थान: उपराष्ट्रपति एन्क्लेव (उपराष्ट्रपति भवन), नई दिल्ली
  • मुख्य अतिथि उपस्थिति: कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने की। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ भी उपस्थित थे।
  • केंद्रीय व्यक्तित्व: यह पुस्तक भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई (Bhushan Ramkrishna Gavai) के भाषणों, व्याख्यानों और विचारों का एक संकलन है
  • संपादक : इस पुस्तक का संपादन प्रो. (डॉ.) एस. शिवकुमार द्वारा किया गया है
  • प्रकाशक: इसे कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (CLEA) के सहयोग से थॉमसन रॉयटर्स द्वारा प्रकाशित किया गया है
  • मुख्य विषय: पुस्तक में मुख्य रूप से संविधानवाद कानून का शासन सामाजिक न्याय (Social Justice) और लोकतांत्रिक शासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर न्यायिक विचारों को संकलित किया गया है

 

Latest Courses