राज्य विशेष समाचार
वायु प्रदूषण से निपटने हेतु AI-संचालित पोर्टल

- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में निर्माण एवं विध्वंस (Construction and Demolition) स्थलों पर धूल नियंत्रण मानकों के अनुपालन की निगरानी हेतु AI-संचालित 'डस्ट पोर्टल 2.0' (Dust Portal 2.0) वेब प्लेटफॉर्म एवं मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया।
दिल्ली
- आधिकारिक नाम: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (National Capital Territory of Delhi - NCT of Delhi)।
- संवैधानिक स्थिति: 69वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1991 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत विशेष केंद्रशासित प्रदेश।
- प्रशासन: दिल्ली में विधानसभा एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद है, जबकि लोक व्यवस्था, पुलिस एवं भूमि विषय उपराज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार के अधीन हैं।
- जिले: 11।
- विधानमंडल: एकसदनीय (70 विधानसभा सीटें)।
- संसदीय प्रतिनिधित्व: 7 लोकसभा सीटें एवं 3 राज्यसभा सीटें।
- भूकंपीय क्षेत्र: भूकंपीय क्षेत्र-IV (Seismic Zone-IV) में स्थित, जो उच्च भूकंप जोखिम वाला क्षेत्र है।
- जैव विविधता: असोला-भट्टी वन्यजीव अभयारण्य अरावली पर्वतमाला में स्थित है।
- प्राचीन इतिहास: महाभारत के अनुसार इसे इंद्रप्रस्थ का स्थल माना जाता है।
- मध्यकालीन इतिहास: दिल्ली पर गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैय्यद एवं लोदी वंश तथा बाद में मुगल साम्राज्य का शासन रहा।
- आधुनिक इतिहास: वर्ष 1911 में ब्रिटिश शासन ने भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की।
- वास्तुकार: एडविन लुटियंस एवं हर्बर्ट बेकर।
- केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा: वर्ष 1956 में प्राप्त हुआ।
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मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026

- बिहार सरकार ने पटना में मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026 का शुभारंभ किया। यह योजना पर्यटन विभाग एवं नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल है, जिसके अंतर्गत चयनित पर्यटन स्थलों के लिए रियायती हेलीकॉप्टर एवं वायु पर्यटन सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
- बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐतिहासिक, पारिस्थितिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों तक किफायती एवं अत्यधिक सब्सिडी युक्त हवाई यात्रा उपलब्ध कराकर बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।
बिहार (Bihar)
- बिहार दिवस: 22 मार्च।
- मुख्यमंत्री: सम्राट चौधरी।
- राज्यपाल: सैयद अता हसनैन।
- प्रमुख जनजातियाँ: अगरिया, बैगा, बेड़िया, गोंड, गोरैत, खोंड, कोरा, मुंडा, सावर, कंवर, कोल एवं थारू।
- प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान, कैमूर वन्यजीव अभयारण्य एवं विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन वन्यजीव अभयारण्य।
- प्रमुख पर्यटन स्थल: शेरशाह सूरी का मकबरा, बराबर गुफाएँ (भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट गुफाएँ), विक्रमशिला विश्वविद्यालय, बोधिवृक्ष, महाबोधि मंदिर, तख्त श्री हरिमंदिर पटना साहिब, राजगीर, नालंदा, वैशाली एवं प्राचीन पाटलिपुत्र।
- प्रमुख नृत्य एवं संगीत: मिथिला का जट-जटिन नृत्य, बिदेसिया, विद्यापति गीत, छऊ जनजातीय नृत्य, झिझिया, कजरी, सोहर-खिलौना एवं झूमरी नृत्य।
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लद्दाख में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदें (Hill Development Councils in Ladakh)

- लद्दाख प्रशासन केंद्रशासित प्रदेश के सभी सात जिलों में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों (Autonomous Hill Development Councils - AHDCs) की स्थापना करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ किया जाएगा।
- इन प्रशासनिक इकाइयों के बेहतर समन्वय हेतु सातों स्थानीय परिषदों के ऊपर कार्य करने वाली केंद्रशासित प्रदेश स्तर की प्रथम निर्वाचित सर्वोच्च परिषद (Apex Elected Body) के गठन का भी प्रस्ताव किया गया है।
उत्तराखंड की पहली GI प्रोडक्ट्स गैलरी

- उत्तराखंड ने हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड वन प्रशिक्षण अकादमी में राज्य की प्रथम भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पाद गैलरी का उद्घाटन किया।
- यह गैलरी राज्य की समृद्ध कृषि-जैव विविधता, पारंपरिक हस्तशिल्प एवं विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है।
- गैलरी में बेडू, रामनगर लीची, रामगढ़ आड़ू, तेजपत्ता, मुनस्यारी सफेद राजमा, कुमाऊँ च्यूरा तेल एवं अल्मोड़ा लखौरी मिर्च जैसे GI उत्पादों के साथ-साथ ऐपण कला, चमोली के लकड़ी के राम्माण मुखौटे तथा उत्तराखंड के ताम्र (Tamta) ताम्र-शिल्प को भी प्रदर्शित किया गया है।
उत्तराखंड
- स्थापना दिवस: 9 नवंबर 2000।
- राजधानी: देहरादून।
- मुख्यमंत्री: पुष्कर सिंह धामी।
- राज्यपाल: गुरमीत सिंह।
- सर्वोच्च शिखर: नंदा देवी।
- देवप्रयाग: भागीरथी एवं अलकनंदा नदियों का संगम।
- राष्ट्रीय उद्यान: राजाजी, जिम कॉर्बेट, फूलों की घाटी, नंदा देवी, गंगोत्री एवं गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान।
- जोशीमठ के निकट प्रमुख विवर्तनिक भ्रंश (Tectonic Faults): वैकृत थ्रस्ट (VT), मेन सेंट्रल थ्रस्ट (MCT) तथा पांडुकेश्वर थ्रस्ट (PT)।
- प्रमुख पर्व एवं मेले: कुमाऊँ की होली, हरेला एवं भिटौली, माघ मेला, कुंभ मेला, नंदा देवी मेला एवं बिस्सू मेला।
- उत्तराखंड की प्रमुख हिमालयी पर्वत श्रेणियाँ: बंदरपूँछ, गंगोत्री, कामेट, नंदा देवी, पंचचूली एवं आदि कैलाश।
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अंतरराष्ट्रीय समाचार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की सदस्यता हेतु भारत का अभियान

- भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 2028–29 की अस्थायी सदस्यता के लिए अपना आधिकारिक अभियान प्रारंभ करते हुए 'SHANTI' नामक अपनी प्रमुख दृष्टि (Vision) प्रस्तुत की।
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान भारत की उम्मीदवारी की घोषणा की।
- एशिया-प्रशांत समूह (Asia-Pacific Group) के लिए निर्धारित एकमात्र सीट पर भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा।
संयुक्त राष्ट्र (United Nations - UN)
- पूर्ववर्ती संगठन: राष्ट्र संघ (League of Nations), जो द्वितीय विश्व युद्ध को रोकने में असफल रहा।
- चार्टर पर हस्ताक्षर: 26 जून 1945, सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में।
- आधिकारिक स्थापना: 24 अक्टूबर 1945 (प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता है)।
- मुख्यालय: न्यूयॉर्क सिटी, संयुक्त राज्य अमेरिका (अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र)।
- आधिकारिक भाषाएँ (6): अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रेंच, रूसी एवं स्पेनिश।
- वर्तमान महासचिव: एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल)।
संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंग (Six Principal Organs)
1. संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly - UNGA)
- भूमिका: संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख विचार-विमर्श, नीति-निर्माण एवं प्रतिनिधिक अंग।
- सदस्यता: सभी 193 सदस्य देशों को समान प्रतिनिधित्व प्राप्त है (1 देश = 1 मत)।
- महत्वपूर्ण तथ्य: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अनुशंसा पर नए सदस्य देशों को प्रवेश प्रदान करती है।
2. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council - UNSC)
- भूमिका: अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना।
- सदस्यता: कुल 15 सदस्य (5 स्थायी + 10 अस्थायी)।
- स्थायी सदस्य (P5) एवं वीटो शक्ति: संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, रूस एवं चीन।
- अस्थायी सदस्य: 10 सदस्य, जिन्हें महासभा द्वारा 2 वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है तथा वे तत्काल पुनः निर्वाचित नहीं हो सकते।
3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (Economic and Social Council - ECOSOC)
- भूमिका: आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय नीतियों का समन्वय।
- सदस्यता: 54 सदस्य, जिन्हें महासभा द्वारा 3 वर्ष के क्रमिक कार्यकाल के लिए चुना जाता है।
4. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice - ICJ)
- भूमिका: संयुक्त राष्ट्र का प्रधान न्यायिक अंग।
- स्थान: हेग, नीदरलैंड (संयुक्त राष्ट्र का एकमात्र प्रमुख अंग जो न्यूयॉर्क के बाहर स्थित है)।
- संरचना: 15 न्यायाधीश, जिनका निर्वाचन महासभा एवं सुरक्षा परिषद द्वारा 9 वर्ष के लिए किया जाता है।
5. संयुक्त राष्ट्र सचिवालय (UN Secretariat)
- भूमिका: संयुक्त राष्ट्र के दैनिक प्रशासनिक कार्यों का संचालन।
- प्रमुख: महासचिव, जिनकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की अनुशंसा पर महासभा द्वारा 5 वर्ष के नवीकरणीय कार्यकाल के लिए की जाती है।
6. न्यास परिषद (UN Trusteeship Council)
- स्थिति: वर्तमान में निष्क्रिय।
- कार्य समाप्ति: 1 नवंबर 1994 को पलाऊ (अंतिम न्यास क्षेत्र) की स्वतंत्रता के बाद इसकी गतिविधियाँ स्थगित कर दी गईं।
संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट एजेंसियाँ एवं निकाय (Specialized Agencies & Bodies)
- ब्रेटन वुड्स ट्विन्स: विश्व बैंक समूह (World Bank Group - WBG) एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)।
- यूनेस्को (UNESCO): संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (मुख्यालय: पेरिस)।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): मुख्यालय जिनेवा।
- विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO): मुख्यालय जिनेवा।
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA): मुख्यालय वियना; यह महासभा एवं सुरक्षा परिषद दोनों को रिपोर्ट करती है तथा एक स्वायत्त निकाय है।
भारत एवं संयुक्त राष्ट्र
- संस्थापक सदस्य: भारत संयुक्त राष्ट्र का चार्टर सदस्य है तथा उसने स्वतंत्रता से पूर्व 1945 में ही चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।
- शांति स्थापना: भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों (UN Peacekeeping Missions) में सैनिक योगदान देने वाले प्रमुख देशों में से एक है।
- G4 समूह: भारत ब्राज़ील, जर्मनी एवं जापान के साथ G4 समूह का सदस्य है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता है।
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यूरोप की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली

- यूक्रेन तथा यूरोप के नौ देशों ने पेरिस में आयोजित 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' (Coalition of the Willing) शिखर सम्मेलन के दौरान आधिकारिक रूप से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल गठबंधन (Anti-Ballistic Missile Coalition) की स्थापना की।
- इस पहल का उद्देश्य बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से यूरोप की सुरक्षा के लिए एकीकृत एवं पूर्णतः रक्षात्मक मिसाइल सुरक्षा कवच विकसित करना है।
- यह गठबंधन सदस्य देशों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थान नहीं लेगा, बल्कि उन्हें पूरक (Complementary) रूप से सुदृढ़ करेगा। इस नेटवर्क का प्रमुख आधार 'प्रोजेक्ट फ्रेया (Project FREYJA)' है, जिसे रक्षा कंपनी फायर पॉइंट (Fire Point) ने विकसित किया है।
शिखर सम्मेलन और आयोजन
अखिल भारतीय जल सचिव सम्मेलन

- जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा नई दिल्ली में 'अखिल भारतीय जल सचिव सम्मेलन' का आयोजन किया गया।
- इस अवसर पर तीन महत्वपूर्ण दस्तावेज़ भी जारी किए गए—
- "वाराणसी हेतु उपचारित जल के पुनः उपयोग की नगर-स्तरीय कार्ययोजना" – उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग एवं परिपत्र जल अर्थव्यवस्था (Circular Water Economy) को बढ़ावा देने हेतु रूपरेखा।
- "कृत्रिम भूजल पुनर्भरण एवं भूजल संरक्षण संरचनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) मैनुअल" – राष्ट्रीय जल मिशन एवं केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार।
- "ड्रिलिंग एवं संबद्ध कार्यों हेतु दर अनुसूची (Schedule of Rates - SoR)" – केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) द्वारा पारदर्शिता एवं मानकीकरण सुनिश्चित करने हेतु तैयार मैनुअल।
महत्वपूर्ण दिवस
तीसरा नमस्ते दिवस

- भारत ने 14 जुलाई को तीसरा 'नमस्ते दिवस' (NAMASTE Day) मनाया, जो राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (NAMASTE) योजना के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नेतृत्व में मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित हुआ, जबकि देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) ने स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, यंत्रीकृत सफाई एवं कल्याण पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए।
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्रवाई (नमस्ते) योजना
- प्रकार: केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme)।
- शुभारंभ: जुलाई 2023।
- संयुक्त कार्यान्वयन: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)।
- उद्देश्य: सीवर एवं सेप्टिक टैंकों की जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई समाप्त करना, सफाई कार्यों का यंत्रीकरण सुनिश्चित करना तथा स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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'डिजिटल गवर्नेंस के लिए एआई चैंपियंस' शिखर सम्मेलन

- इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ITDC) ने स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (SCOPE) तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित होटल सम्राट में तीन दिवसीय 'AI Champions for Digital Governance' शिखर सम्मेलन का आयोजन किया।
- इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत सरकार के IndiaAI मिशन के अनुरूप वरिष्ठ नेतृत्व एवं परिचालन टीमों को अपने संगठनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक उपयोग हेतु प्रशिक्षित करना है।
अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
भारत का व्यापार घाटा

- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार जून 2026 में भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर 15.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में चार गुना से अधिक है। इसका प्रमुख कारण कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरणों तथा स्वर्ण के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि रहा।
व्यापार घाटा (Trade Deficit)
- व्यापार घाटा तब उत्पन्न होता है जब किसी देश के आयातित वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल मूल्य उसके निर्यात के कुल मूल्य से अधिक होता है, जिससे नकारात्मक व्यापार संतुलन (Negative Balance of Trade) बनता है।
- यह चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit - CAD) का सबसे महत्वपूर्ण घटक है, जो भुगतान संतुलन (Balance of Payments - BoP) का एक हिस्सा है।
सूत्र:
व्यापार घाटा = कुल आयात – कुल निर्यात
- भुगतान संतुलन (Balance of Payments - BoP): व्यापार चालू खाते (Current Account) के अंतर्गत आता है, जिसमें दृश्य व्यापार (वस्तुएँ) तथा अदृश्य मदें (सेवाएँ, आय एवं अंतरण) सम्मिलित होती हैं।
- समष्टि आर्थिक प्रभाव (Macroeconomic Impact): लगातार बढ़ता व्यापार घाटा घरेलू मुद्रा (जैसे भारतीय रुपया) पर अवमूल्यन का दबाव डालता है क्योंकि विदेशी वस्तुओं की खरीद हेतु देश से अधिक पूँजी बाहर जाती है।
- जुड़वाँ घाटा (Twin Deficit) परिघटना: यदि सरकार राजकोषीय घाटे की पूर्ति हेतु अत्यधिक उधारी लेती है, तो घरेलू मांग बढ़ने से व्यापार घाटा और अधिक बढ़ सकता है।
व्यापार घाटे के प्रमुख कारण
- घरेलू मांग में वृद्धि।
- घरेलू मुद्रा का अपेक्षाकृत मजबूत होना।
- कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्वर्ण जैसे आवश्यक आयातों पर अधिक निर्भरता।
- निर्यात प्रतिस्पर्धा में कमी।
सुधारात्मक उपाय
- मुद्रा का नियंत्रित अवमूल्यन।
- आयात शुल्क एवं कोटा लागू करना।
- निर्यात प्रोत्साहन (सब्सिडी, कर लाभ एवं सस्ती ऋण सुविधा)।
- आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution) को बढ़ावा देना।
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जून 2026 में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 4.38%

- जून 2026 में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक - CPI) बढ़कर 4.38% हो गई, जो मई 2026 के 3.93% से अधिक है तथा 17 महीनों में पहली बार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यमावधि लक्ष्य से ऊपर पहुँची।
- खाद्य मुद्रास्फीति: जून में उपभोक्ता खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 5.32% हो गई, जो मई में 4.78% थी।
- क्षेत्रीय स्थिति: लगभग आधे राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में खुदरा मुद्रास्फीति RBI के 4% लक्ष्य से अधिक रही। तेलंगाना में सर्वाधिक 6.36%, जबकि उत्तर प्रदेश में 4.56% दर्ज की गई।
- नीतिगत परिदृश्य: मुद्रास्फीति के 4% से ऊपर जाने के बावजूद RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा फिलहाल नीतिगत ब्याज दरों में यथास्थिति बनाए रखने की संभावना है तथा वर्षा एवं ऊर्जा कीमतों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation)
- खुदरा मुद्रास्फीति, जिसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI) द्वारा मापा जाता है, वह व्यापक समष्टि आर्थिक सूचकांक है, जो उपभोक्ताओं द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं की एक निश्चित टोकरी पर समय के साथ भुगतान किए जाने वाले औसत मूल्य परिवर्तन को दर्शाता है।
प्रमुख अवधारणाएँ
मांग-प्रेरित एवं लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति
- मांग-प्रेरित (Demand-Pull Inflation): धन आपूर्ति अथवा आय बढ़ने से मांग बढ़ती है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।
- लागत-प्रेरित (Cost-Push Inflation): आपूर्ति शृंखला में व्यवधान, कमजोर मानसून अथवा भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण उत्पादन लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ती हैं।
हेडलाइन एवं कोर मुद्रास्फीति
- हेडलाइन मुद्रास्फीति: CPI की संपूर्ण टोकरी (खाद्य एवं ईंधन सहित) पर आधारित कुल मुद्रास्फीति।
- कोर मुद्रास्फीति: खाद्य एवं ईंधन को हटाकर निकाली गई मुद्रास्फीति, जो अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक मांग आधारित दबाव को दर्शाती है।
आधार प्रभाव (Base Effect)
- यदि पिछले वर्ष संबंधित माह का मूल्य सूचकांक बहुत कम रहा हो, तो वर्तमान वर्ष में मामूली मूल्य वृद्धि भी उच्च मुद्रास्फीति दर के रूप में दिखाई दे सकती है।
CPI एवं WPI में अंतर
- WPI मुख्यतः वस्तुओं के थोक मूल्य को मापता है, जबकि CPI अंतिम उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए खुदरा मूल्य को दर्शाता है।
CPI, WPI एवं PPI का तुलनात्मक अंतर
| मानदंड |
CPI |
WPI |
PPI |
| स्तर |
खुदरा उपभोक्ता |
थोक बाजार |
उत्पादक/कारखाना स्तर |
| कवरेज |
वस्तुएँ एवं सेवाएँ |
केवल वस्तुएँ |
वस्तुएँ एवं सेवाएँ |
| जारीकर्ता |
NSO, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय |
आर्थिक सलाहकार कार्यालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय |
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय |
| सर्वाधिक भार |
खाद्य एवं पेय पदार्थ |
विनिर्मित उत्पाद |
उत्पादन एवं इनपुट आधारित |
CPI की संरचना
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) निम्नलिखित चार प्रकार के CPI संकलित करता है—
- औद्योगिक श्रमिकों हेतु CPI (CPI-IW) – महँगाई भत्ते (DA) निर्धारण हेतु। (श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित)
- कृषि श्रमिकों हेतु CPI (CPI-AL) – ग्रामीण कृषि श्रमिकों की खपत का आकलन। (श्रम ब्यूरो)
- ग्रामीण श्रमिकों हेतु CPI (CPI-RL) – ग्रामीण असंगठित श्रमिकों की खपत का आकलन। (श्रम ब्यूरो)
- CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त) – देश की प्रमुख समष्टि आर्थिक मुद्रास्फीति का सूचक। (NSO द्वारा संकलित)
CPI (Combined) का महत्व
- वर्ष 2014 से RBI ने CPI (Combined) को मौद्रिक नीति का प्रमुख आधार बनाया है।
- लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Flexible Inflation Targeting) के अंतर्गत केंद्र सरकार ने RBI को 4% (±2%) अर्थात 2% से 6% के बीच मुद्रास्फीति बनाए रखने का लक्ष्य दिया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- आधार वर्ष: NSO ने CPI का नया आधार वर्ष 2024 = 100 निर्धारित किया है।
- नई उपभोक्ता टोकरी: HCES 2023–24 के आधार पर वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी गई है।
- खाद्य भार में कमी: एंगेल के नियम (Engel's Law) के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थों का भार 45.86% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है।
- डिजिटल मूल्य संग्रहण: अब ग्रामीण एवं शहरी बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी वास्तविक समय (Real-time) में मूल्य आँकड़े संकलित किए जा रहे हैं।
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भारत टेक्स 2026

- भारत का सबसे बड़ा वैश्विक वस्त्र आयोजन 'भारत टेक्स 2026' का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में हुआ।
- चार दिवसीय इस आयोजन में वस्त्र, फैशन, सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा।
एनटीपीसी बोंगाईगाँव ने 'प्रोजेक्ट सृजन' हेतु समझौता किया

- एनटीपीसी बोंगाईगाँव ने जांकला स्टूडियो की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) इकाई जांकला फाउंडेशन के साथ 'प्रोजेक्ट सृजन (Project SRIJAN)' के कार्यान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए।
- यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत समाज के समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की एक विशिष्ट पहल है।
चर्चित व्यक्ति
अनिल मेनन

- नासा (NASA) के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने 14 जुलाई 2026 को कज़ाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रूस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपने प्रथम अंतरिक्ष मिशन का प्रक्षेपण किया। उनके साथ रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव एवं अन्ना किकिना भी रवाना हुए।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station - ISS)
- साझा स्वामित्व: NASA (संयुक्त राज्य अमेरिका), Roscosmos (रूस), ESA (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी), JAXA (जापान) एवं CSA (कनाडा)।
- संचालन का आधार: 1998 का स्पेस स्टेशन अंतर-सरकारी समझौता (Intergovernmental Agreement - IGA)।
- ऊँचाई: पृथ्वी से लगभग 370 से 460 किमी की ऊँचाई पर परिक्रमा करता है।
- कक्षा: निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit - LEO)।
- गति: लगभग 27,600 किमी/घंटा की गति से परिक्रमा करते हुए प्रतिदिन लगभग 15.5 चक्कर (हर 90 मिनट में एक चक्कर) लगाता है।
- सेवा अवधि: ISS को 2030–31 तक सुरक्षित रूप से सेवा से हटाने (Decommission) की योजना है।
- अंतिम गंतव्य: NASA इसे नियंत्रित तरीके से पॉइंट नीमो (Point Nemo) (दक्षिण प्रशांत महासागर का सबसे दूरस्थ समुद्री क्षेत्र) में गिराने की योजना बना रहा है।
- यूएस डी-ऑर्बिट वाहन (USDV): ISS को सुरक्षित रूप से पृथ्वी के वायुमंडल में लाने हेतु SpaceX जैसी निजी अंतरिक्ष कंपनियों को विशेष अंतरिक्ष यान विकसित करने का दायित्व दिया गया है।
- रूस की योजना: रोस्कोस्मोस ने 2028 के बाद ISS परियोजना से अलग होकर अपना स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन ROS विकसित करने की घोषणा की है।
- भारत की पहल: इसरो (ISRO) 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bhartiya Antariksha Station - BAS)' के विकास पर कार्य कर रहा है। इसका पहला मॉड्यूल 2028 तक तथा पूर्ण संचालन 2035 तक प्रस्तावित है।
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कला और संस्कृति
भगवान जगन्नाथ का 'नव यौवन दर्शन'

- ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा का पवित्र 'नव यौवन दर्शन' (Naba Jaubana Darshan) आयोजित किया गया। यह पंद्रह दिवसीय 'अनासार' (Anasara) अवधि के पश्चात देवताओं के प्रथम सार्वजनिक दर्शन का अवसर होता है।
पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर
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स्थापत्य विशेषताएँ (कलिंग शैली)
- स्थापत्य शैली: कलिंग शैली, जो नागर मंदिर स्थापत्य की एक उपशैली है।
- निर्माता: पूर्वी गंगा वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव द्वारा 12वीं शताब्दी में निर्मित।
- संरचना: मंदिर में ऊँचा वक्राकार रेखा देउल (Rekha Deula) तथा स्तंभयुक्त सभा मंडप जगमोहन (Pidha Deula) स्थित है।
- परकोटा: बाहरी दीवार मेघनाद पचेरी तथा आंतरिक दीवार कूर्म बेड़ा कहलाती है।
- विशेषताएँ: मंदिर पूर्वाभिमुख है तथा इसके शिखर पर नीलचक्र एवं पतित पावन ध्वज स्थापित है।
ऐतिहासिक एवं भौगोलिक महत्व
- चारधाम: भारत के चार प्रमुख धामों (बद्रीनाथ, द्वारका, रामेश्वरम् एवं पुरी) में से एक।
- यमनिक तीर्थ: प्राचीन ग्रंथों में पुरी को 'यमनिक तीर्थ' कहा गया है, जहाँ यमराज का प्रभाव समाप्त माना जाता है।
- गजपति परंपरा: 13वीं शताब्दी में राजा अनंगभीम तृतीय ने स्वयं को भगवान जगन्नाथ का प्रतिनिधि घोषित कर अपना राज्य भगवान को समर्पित किया।
धार्मिक परंपराएँ
- त्रिमूर्ति: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की प्रतिमाएँ नीम (दारु) की लकड़ी से निर्मित होती हैं।
- नवकलेवर: 12 से 19 वर्षों के अंतराल पर ज्योतिषीय गणना के अनुसार लकड़ी की प्रतिमाओं का प्रतिस्थापन किया जाता है।
- रथ यात्रा: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा विशाल रथों पर गुंडिचा मंदिर की यात्रा करते हैं।
- विश्व की विशाल रसोई: मंदिर में विश्व के सबसे बड़े सामुदायिक मंदिर रसोईघरों में से एक स्थित है, जहाँ महाप्रसाद मिट्टी के बर्तनों में तैयार किया जाता है।
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ऊंझा जीरा और सौंफ को GI टैग

- उत्तर गुजरात के उंझा जीरा (Jeera) एवं उंझा वरीयाली (Fennel) को भारत सरकार की GI रजिस्ट्री द्वारा भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication - GI) टैग प्रदान किया गया।
- इससे इन उत्पादों को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा तथा वैश्विक बाजार में उत्तर गुजरात के मसाला उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
भौगोलिक संकेतक (GI Tag)
- संबंधित कानून: भौगोलिक संकेतक वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999।
- प्रशासनिक प्राधिकरण: पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक, जो GI रजिस्ट्रार भी होते हैं।
- नोडल विभाग: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु।
- वैधता: GI टैग 10 वर्ष के लिए मान्य होता है तथा इसे अनिश्चित काल तक नवीनीकृत किया जा सकता है।
- प्रथम GI उत्पाद: दार्जिलिंग चाय (2004–05)।
अंतरराष्ट्रीय ढाँचा
- पेरिस कन्वेंशन के अनुच्छेद 1(2) एवं 10 के अंतर्गत GI संरक्षण का प्रावधान।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के TRIPS समझौते के अनुच्छेद 22–24 के अंतर्गत वैश्विक संरक्षण।
विशेषताएँ
- GI टैग सामुदायिक अधिकार है, जबकि ट्रेडमार्क एवं पेटेंट व्यक्तिगत अधिकार होते हैं।
- GI टैग कृषि उत्पाद, प्राकृतिक उत्पाद, हस्तशिल्प, विनिर्मित वस्तुएँ एवं खाद्य उत्पादों को प्रदान किया जाता है।
- लाभ: नकली उत्पादों पर रोक, निर्यात वृद्धि, ग्रामीण विकास तथा उपभोक्ता संरक्षण।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सर्वाधिक GI टैग वाले राज्य: तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक प्रमुख हैं।
- GI का लोगो एवं स्लोगन: "Invaluable Treasures of Incredible India" (अतुल्य भारत की अमूल्य निधि)।
- दार्जिलिंग चाय को उसके लोगो एवं नाम दोनों के लिए GI संरक्षण प्राप्त है।
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पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी
WHO-ICHI फ्रेमवर्क पर पांच दिवसीय संपादकीय कार्यशाला

- आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के International Classification of Health Interventions (ICHI) फ्रेमवर्क के अल्फा ड्राफ्ट की उच्च स्तरीय संरचना एवं सामग्री मॉडल विकसित करने हेतु पाँच दिवसीय संपादकीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।
- इस कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा उसके WHO सहयोगी केंद्र, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (NIIMH), हैदराबाद के माध्यम से किया जा रहा है।
NIDAR 2.0

- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ड्रोन फेडरेशन इंडिया (DFI) के साथ मिलकर स्वयान पहल के तहत ड्रोन एप्लीकेशन और रिसर्च के लिए नेशनल इनोवेशन चैलेंज (NIDAR 2.0, 2026-27) का दूसरा एडिशन लॉन्च किया।
- NIDAR 2025-26 का पहला एडिशन मार्च 2025 में लॉन्च किया गया था।
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स्वयान (SwaYaan) पहल
- भारत के मानवरहित विमान प्रणाली (UAS) एवं ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास एवं क्षमता निर्माण हेतु एक राष्ट्रीय कार्यक्रम।
- नोडल मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) एवं ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI)।
- स्वीकृति: जुलाई 2022।
- कार्यान्वयन मॉडल: हब-एंड-स्पोक मॉडल, जिसमें IISc, IITs, NITs, C-DAC एवं NIELIT सहित 30 प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।
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रक्षा समाचार
सेल बोस्टन 2026

- भारतीय नौसेना का सेल प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship) आईएनएस सुदर्शिनी अपनी 10 माह एवं 22,000 समुद्री मील लंबी 'लोकायन 2026' ट्रांस-ओशेनिक यात्रा के अंतर्गत बोस्टन फिश पियर (अमेरिका) पहुँचा।
- भारत के सद्भावना के समुद्री दूत (Maritime Ambassador of Goodwill) के रूप में आईएनएस सुदर्शिनी ने 20 से अधिक देशों के 60 से अधिक विशाल नौकायन पोतों (Tall Ships) के साथ 'सेल बोस्टन 2026' में भाग लिया।
भारतीय नौसेना
- स्थापना: 26 जनवरी 1950
- नौसेना दिवस: 4 दिसंबर
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- आदर्श वाक्य: शं नो वरुणः
- सुप्रीम कमांडर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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- नौसेना प्रमुख (CNS): एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
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खेल
भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट मैच 2026

- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए प्रथम महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक विजय दर्ज की।
- यह लॉर्ड्स में आयोजित पहला महिला टेस्ट मैच था, जो पुरुषों के पहले टेस्ट मैच के 142 वर्ष बाद खेला गया।
- क्रांति गौड़ पहली महिला क्रिकेटर बनीं, जिनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुआ। उन्होंने पहली पारी में पाँच विकेट लिए।
- यास्तिका भाटिया ने भारत की दूसरी पारी में 113 रन बनाए और लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
प्रथम बिष्णुपुर जिला ओलंपिक खेल 2026

- मणिपुर में जिला प्रशासन, बिष्णुपुर एवं बिष्णुपुर जिला ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित प्रथम बिष्णुपुर जिला ओलंपिक खेल 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ।