26 May, 2026
'ULLAS' कार्यक्रम के तहत भारत का छठा पूर्ण साक्षर राज्य
Sun 12 Jul, 2026
संदर्भ :
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और 'ULLAS' कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड को 98.7% वयस्क साक्षरता दर के साथ भारत का छठा पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।
मुख्य बिन्दु :
- घोषणा : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा
- निर्धारित मानदंड: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में वयस्क साक्षरता दर 95% के स्तर को पार कर जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जा सकता है
- मानक : शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, जब किसी राज्य/UT में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की वयस्क साक्षरता दर 95% या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जाता है। सिक्किम ने इसे बड़े अंतर से पार किया है।
- दर्जा और क्रम: उत्तराखंड देश का छठा (6th) पूर्ण साक्षर राज्य बना है।
- उत्तराखंड की छलांग: राज्य की साक्षरता दर जो वर्ष 2023-24 में 83.8% थी, वह मात्र दो वर्षों में बढ़कर 98.7% हो गई
- इससे पूर्व जून 2026 में इस प्रस्ताव को उत्तराखंड राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था
- आधिकारिक मान्यता: यह मान्यता केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा निर्धारित साक्षरता मानकों को पूरा करने के बाद प्रदान की गई
अन्य पूर्ण साक्षर राज्य :
| राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश | घोषणा वर्ष | साक्षरता दर | विशेषताएँ |
| मिज़ोरम | 2025 | 98.2% | सामुदायिक भागीदारी, महिलाओं की शिक्षा पर जोर |
| गोवा | 2025 | 96% | प्रशासनिक दक्षता, उच्च निवेश |
| त्रिपुरा | 2025 | 95.6% | साइबर साक्षरता अभियान, जनजातीय पहुँच |
| हिमाचल प्रदेश | 2025 | 99.3% | स्वतंत्रता के बाद 7% से लगभग सार्वभौमिक साक्षरता |
| लद्दाख (UT) | 2024 | 97% | पहला UT जिसने कार्यात्मक साक्षरता हासिल की |
| सिक्किम | 2026 | 99.82% | दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों तक समावेशी पहुँच |
| चंडीगढ़ | 2026 | 99.93% |
'उल्लास' (ULLAS) पहल:
- पूरा नाम: Understanding Lifelong Learning for All in Society (समाज में सभी के लिए आजीवन शिक्षा की समझ) - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम।
- प्रकृति: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप वर्ष 2022 में शुरू किया गया था।
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education)।
- लक्ष्य समूह: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वे गैर-साक्षर नागरिक जो औपचारिक स्कूली शिक्षा का लाभ उठाने से वंचित रह गए।
- मूल मंत्र (Tagline): "जन-जन साक्षर" (Education for All)।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2022-2027 के दौरान 5 करोड़ गैर-साक्षर लोगों को कवर करना (प्रति वर्ष लगभग 1 करोड़ का लक्ष्य)।
- पूर्ण साक्षरता का मानक (Benchmark): शिक्षा मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार, यदि किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वयस्कों की साक्षरता दर 95% या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जा सकता है।
'उल्लास' के पांच प्रमुख स्तंभ (Five Key Components):
- बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (Foundational Literacy & Numeracy - FLN): बुनियादी पढ़ना, लिखना और अंकगणित।
- महत्वपूर्ण जीवन कौशल (Critical Life Skills): वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता, चुनावी साक्षरता, पर्यावरण साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता।
- व्यावसायिक कौशल विकास (Vocational Skills Development): स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसरों के लिए कौशल प्रशिक्षण।
- बुनियादी शिक्षा (Basic Education): प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक स्तर की समकक्षता प्रदान करना।
- सतत शिक्षा (Continuing Education): कला, विज्ञान, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और मनोरंजन में उन्नत जीवनपर्यंत सीखने के अवसर।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) :
परिचय :
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को घोषित की गई थी।
- यह नीति 1986 में जारी हुई पिछली शिक्षा नीति के बाद पहली बार व्यापक बदलाव लेकर आई है।
- नीति का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना और शिक्षा को समावेशी, समग्र, लचीला तथा 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
मुख्य उद्देश्य :
- 2030 तक 100% सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio) प्राप्त करना।
- शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 6% तक सार्वजनिक व्यय सुनिश्चित करना।
- गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और समान शिक्षा सबके लिए उपलब्ध कराना।
- छात्रों के सर्वांगीण विकास (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, नैतिक) पर बल देना।
- तकनीकी, व्यावसायिक और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना।
प्रमुख विशेषताएँ :
| क्षेत्र | विशेषताएँ |
| स्कूली शिक्षा |
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| उच्च शिक्षा |
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| भाषा नीति |
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| शिक्षक प्रशिक्षण |
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| अन्य पहलें |
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संरचना (5+3+3+4) :
- 5 वर्ष: फाउंडेशनल स्टेज (3 साल प्री-प्राइमरी + कक्षा 1-2)
- 3 वर्ष: प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5)
- 3 वर्ष: मिडिल स्टेज (कक्षा 6-8)
- 4 वर्ष: सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9-12)
भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार साक्षरता दर :
- कुल साक्षरता दर : 74.04%
- पुरुषों की साक्षरता दर : 82.14%
- महिलाओं की साक्षरता दर : 65.46%
- सबसे अधिक साक्षरता दर वाला राज्य : केरल, लगभग 93.91%(मिजोरम की 91.58%)
- केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक साक्षरता दर : लक्षद्वीप, लगभग 92.28%
- सबसे कम साक्षरता दर वाला राज्य : बिहार, 63.82%
- पुरुष साक्षरता सबसे अधिक : केरल, 96.11% (लक्षद्वीप, 95.56%)
- महिला साक्षरता सबसे अधिक : केरल, 91.98%(मिजोरम में 89.40%)









