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Fri 10 Jul, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

भारतीय गुणवत्ता परिषद और नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन के बीच समझौता

  • भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) और नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (NSIC) नेनई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया।
  • इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ZED प्रमाणन प्राप्त करने, डिजिटल बाज़ार तक पहुंच बढ़ाने और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से सशक्त बनाना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

समझौते के मुख्य बिंदु:

  • एकीकृत पहल: MSME सस्टेनेबल (ZED) प्रमाणन, MSME ग्लोबल मार्ट और 'टीम' (TEAM) पहल को आपस में जोड़ना।
  • डिजिटल और निर्यात सहायता: ZED प्रमाणित इकाइयों को ONDC और AI-सक्षम कैटलॉगिंग के माध्यम से बेहतर डिजिटल बाजार और निर्यात सहायता उपलब्ध कराना।
  • प्रमाणीकरण: NSIC की परीक्षण सुविधाओं के लिए NABL मान्यता और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए NABET-आधारित मूल्यांकन का समर्थन।
  • कार्यान्वयन: प्रगति की समीक्षा के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति (JCC) का गठन जो हर तीन महीने में बैठक करेगी।

भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) :

  • स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 1997 में भारत सरकार और भारतीय उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से की गई थी।
  • प्रकृति: यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित एक स्वायत्त और गैर-लाभकारी संगठन है।
  • पंजीकरण: यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत है।
  • नोडल मंत्रालय: यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है
  • अध्यक्ष : QCI के अध्यक्ष की नियुक्ति भारत के प्रधानमंत्री द्वारा उद्योग जगत की सिफारिशों के आधार पर 3 वर्ष के लिए की जाती है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष श्री जक्से शाह हैं

नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (NSIC) :

  • स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 1955 में भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • नोडल मंत्रालय: यह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
  • मुख्यालय: इसका कॉर्पोरेट मुख्यालय ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट, नई दिल्ली में स्थित है
  • प्रमाणन: यह एक ISO 9001:2015 प्रमाणित उद्यम है
  • नेटवर्क: यह देश भर में फैले अपने शाखा कार्यालयों और तकनीकी सेवा केंद्रों (NTSC) के नेटवर्क के माध्यम से काम करता है

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

श्विक एआई शिखर सम्मेलन 2027

  • स्विट्जरलैंड वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन 2027 की मेजबानी करेगा।
  • इस कार्यक्रम का आयोजन जिनेवा के पैलेक्सपो में 21-22 जून 2027 को आयोजित किया जाएगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजन स्थल: यह ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन जिनेवा, स्विट्जरलैंड के पैलेक्सपो में आयोजित किया जाएगा
  • घोषणा: स्विस संघीय पार्षद अल्बर्ट रोस्टी ने 8 जुलाई 2026 को आयोजित 'एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट' के दौरान आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की।
  • वैश्विक क्रम: यह वैश्विक एआई शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला का अगला चरण है। इससे पहले 2023 में ब्लेचली पार्क (यूके), 2024 में सियोल (दक्षिण कोरिया), 2025 में पेरिस (फ्रांस) और फरवरी 2026 में नई दिल्ली (भारत) में इसका आयोजन हो चुका है। इसके बाद 2028 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इसकी मेजबानी करेगा।
  • सह-आयोजन: यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के 'AI for Good Global Summit' के साथ आयोजित किया जाएगा

स्विट्जरलैंड :

  • राजधानी: बर्न (Bern)
  • मुद्रा : स्विस फ्रैंक
  • राष्ट्रपति (2026): गाइ पार्मेलिन
  • जिनेवा : इसे 'अंतरराष्ट्रीय संगठनों का केंद्र' कहा जाता है।
  • यहाँ WHO, WTO, ILO, और UNHCR जैसी वैश्विक संस्थाओं के मुख्यालय हैं।

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) :

  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  • स्थापना: 17 मई 1865 (यह संयुक्त राष्ट्र की सबसे पुरानी विशिष्ट एजेंसियों में से एक है)

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (ACITI) साझेदारी का शुभारंभ

  • उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्‍य से ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (ACITI) साझेदारी का शुभारंभ किया गया।
  • इस साझेदारी की आधिकारिक घोषणा नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर 9 जुलाई 2026 को समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करके लागू किया गया है।

सम्बन्धित तथ्य : 

 

मुख्य उद्देश्य :

  • महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में त्रिपक्षीय सहयोग को मजबूत करना।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाना और उसे अधिक सुरक्षित व लचीला बनाना।
  • नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों को बढ़ावा देना।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र :

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): नागरिकों के जीवन स्तर और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए AI का जिम्मेदार विकास और बड़े पैमाने पर उपयोग। AI स्टार्टअप्स, नीति विनियमन (AI Policy) और जोखिमों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना।
  • महत्वपूर्ण खनिज : इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा प्रणालियों के लिए आवश्यक लिथियम, कोबाल्ट जैसे खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकी (Green Energy Tech): हरित हाइड्रोजन, बैटरी तकनीक और कम उत्सर्जन वाले विनिर्माण क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अनुसंधान और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना।
  • डिजिटल बुनियादी ढांचा और सुरक्षा: साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर अनुसंधान जैसी सुरक्षित तकनीकी प्रणालियों का विकास

तीनों देशों की पूरक शक्तियां :

  • कनाडा: AI अनुसंधान, डीप-टेक और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में अग्रणी।
  • भारत: विशाल तकनीकी प्रतिभा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर विनिर्माण (Manufacturing) क्षमता।
  • ऑस्ट्रेलिया: समृद्ध खनिज संसाधन भंडार और वाणिज्यिकरण क्षमता

भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स सहयोग रोडमैप का किया शुभारंभ

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में संयुक्त रूप से 'भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप' का शुभारंभ किया।
  • यह रोडमैप खेल में सहयोग पर 2023 के समझौता ज्ञापन पर आधारित है और दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं, क्षमताओं और संसाधनों के अनुरूप सहयोग के लक्षित क्षेत्रों की पहचान करता है।

रोडमैप की मुख्य विशेषताएं :

  • 2036 ओलंपिक का समर्थन: यह रोडमैप भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक व पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करता है
  • बिग बैश लीग (BBL) का आयोजन: इस पहल के तहत दिसंबर में प्रतिष्ठित बिग बैश लीग का उद्घाटन मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। यह भारत में होने वाला पहला विदेशी क्रिकेट लीग मैच है
  • महिला खेल साझेदारी : रोडमैप में महिला एथलीटों के लिए द्विपक्षीय टूर्नामेंट, नेतृत्व कार्यक्रमों और खेल में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल शामिल हैं
  • उद्योग और निवेश: मुंबई में आयोजित खेल उद्योग शिखर सम्मेलन की तर्ज पर, खेल उपकरण निर्माण, खेल विज्ञान, कोचिंग, और एथलीट कल्याण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया जाएगा
  • इस रोडमैप में दिसंबर 2026 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया द्वारा वित्त पोषित खेल उद्योग शिखर सम्मेलन के आधार पर खेल उपकरण निर्माण, खेल मीडिया और प्रसारण, इवेंट मैनेजमेंट और खेल स्टार्टअप्स में सहयोग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच समझौता

  • भारत और ऑस्ट्रेलिया ने यूरेनियम आपूर्ति और समर्पित महत्वपूर्ण खनिज गलियारे पर ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किया।

विज्ञान ओर प्रौद्यौगिकी

'स्पडसेल' नामक कृत्रिम कोशिका का निर्माण

  • यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के वैज्ञानिकों ने 'स्पडसेल' नामक दुनिया की पहली पूर्णतः कृत्रिम कोशिका विकसित की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • नामकरण: 'स्पुतनिक' उपग्रह से प्रेरित; माइक्रोस्कोप में इसका आकार छोटे आलू (Spud) जैसा दिखाई देता है।
  • संरचना: लिपिड की सूक्ष्म बूंद से बनी कृत्रिम कोशिका झिल्ली
  • न्यूनतम जीनोम: केवल 36 जीन (लगभग 90,000 बेस पेयर्स) के साथ विकसित; इसने जीवन के लिए आवश्यक न्यूनतम जीनों की पूर्व धारणा को चुनौती दी।
  • जैविक क्षमता: पोषण ग्रहण (Feeding), वृद्धि , DNA प्रतिकृति तथा कोशिका विभाजन करने में सक्षम
  • निर्माण तकनीक: Bottom-Up Approach द्वारा निर्जीव रसायनों, 36 एंजाइमों एवं प्रोटीनों से शून्य से निर्मित।
  • Top-Down Approach: इसमें पहले से मौजूद जीवित कोशिका के जीन हटाकर न्यूनतम जीनोम तैयार किया जाता है।
  • कोशिका विभाजन: साइटोस्केलेटन के बिना बाहरी प्रोटीनों से उत्पन्न यांत्रिक तनाव के कारण विभाजन होता है।
  • प्राकृतिक चयन: तेज़ी से बढ़ने वाले स्पडसेल ने कई पीढ़ियों में धीमी वृद्धि वाले स्पडसेल को प्रतिस्पर्धा में पीछे छोड़ दिया, जिससे विकासवाद के सिद्धांत का समर्थन हुआ।
  • सीमाएँ: स्वयं राइबोसोम नहीं बना सकता तथा बाहरी पोषक तत्वों एवं राइबोसोम पर निर्भर रहता है।
  • महत्त्व: भविष्य में लिविंग थेरैप्यूटिक्स, सटीक दवा विकास तथा जीवन की उत्पत्ति के अध्ययन में उपयोगी।

भारत साप्ताहिक इंसुलिन शॉट अविकली लॉन्च

  • डेनमार्क की दवा निर्माता कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में अपना साप्ताहिक बेसल इंसुलिन इंजेक्शन, अविक्ली, लॉन्च किया।
  • नोवो ने अविक्ली को दुनिया का पहला सप्ताह में एक बार लिया जाने वाला बेसल या बैकग्राउंड लॉन्ग-एक्टिंग इंसुलिन बताया है, जिसे नैदानिक ​​उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है।
  • कंपनी के अनुसार, यह इंसुलिन वयस्कों में टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के इलाज के लिए निर्धारित किया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इंसुलिन क्या है?: यह मानव शरीर में बनने वाला एक पेप्टाइड हार्मोन है, जो रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) के स्तर को नियंत्रित करता है।
  • कहाँ से स्रावित होता है?: यह अग्न्याशय के 'लैंगरहेंस के द्वीपिका' की बीटा-कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है।
  • खोजकर्ता: इंसुलिन की खोज 1921 में फ्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने की थी। (बैंटिंग के जन्मदिन को ही 14 नवंबर को 'विश्व मधुमेह दिवस' के रूप में मनाया जाता है)।

डायबिटीज के प्रकार:

  • टाइप-1: इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है (इंसुलिन की पूर्ण कमी)।
  • टाइप-2: इसमें शरीर इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन कोशिकाएं उसके प्रति प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया नहीं कर पातीं (इंसुलिन रेजिस्टेंस)।

कला और संस्‍कृति

ऑस्ट्रेलिया भारत की प्राचीन कलाकृतियों को लौटाएगा

  • ऑस्ट्रेलिया ने भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान तमिलनाडु के मंदिरों से चोरी हुई तीन बहुमूल्य प्राचीन कलाकृतियों को भारत को लौटाने की घोषणा की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

वापस आने वाली तीन ऐतिहासिक कलाकृतियां :

  • देवी भद्रकाली का कांस्य त्रिशूल: यह एक पारंपरिक धातु का त्रिशूल है, जिसके शीर्ष पर सुरक्षा और शक्ति की देवी मां भद्रकाली की छवि अंकित है। यह तमिलनाडु के तिरुवरूर जिले में स्थित श्री काशी विश्वनाथ स्वामी मंदिर (कोल्लू मंगुडी) का है।
  • नंदी की भव्य ग्रेनाइट प्रतिमा: भगवान शिव के वाहन और परम भक्त नंदी की यह सुंदर पत्थर की मूर्ति भी श्री काशी विश्वनाथ स्वामी मंदिर से ही जुड़ी हुई है।
  • छह मुख वाले भगवान कार्तिकेय की बेसाल्ट मूर्ति: इस मूर्ति में भगवान कार्तिकेय (षण्मुख/मुरुगन) को छह मुखों के साथ दर्शाया गया है। यह कलाकृति तंजावुर जिले के नागनाथस्वामी मंदिर (मनमबाडी) की है, जिसे राजा राजेंद्र चोल प्रथम के शासनकाल में बनाया गया था।
  • भारत का योगदान: ऐतिहासिक न्याय और सम्मान की मिसाल पेश करते हुए भारत भी चेन्नई के सरकारी संग्रहालय में रखे गए ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी (फर्स्ट नेशंस पूर्वज) के अवशेषों को पूर्ण सम्मान के साथ उनके पारंपरिक संरक्षकों को सौंपेगा
  • संस्थानों की भूमिका: भारत की ये तीनों कलाकृतियां पहले नेशनल गैलरी ऑफ ऑस्ट्रेलिया और आर्ट गैलरी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के संग्रह का हिस्सा थीं।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

‘वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फार्मेशन सोसाइटी’ (WSIS )2026

  • दूरसंचार विभाग की प्रमुख परियोजना ‘समृद्ध ग्राम: भारत नेट द्वारा समर्थित एकीकृत भौतिक सेवा वितरण मॉडल’ को ‘वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फार्मेशन सोसाइटी’ (WSIS )2026 के वैश्विक विजेता घोषित किया गया।
  • इस पहल को अंतर्राष्ट्रीय दूरसचार संघ द्वारा समर्थित: एक्शन लाइन सी – 6 के तहत पुरस्कृत किया गया है।
  • ‘वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फार्मेशन सोसाइटी’ 2026 पुरस्कार सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाली परियोजनाओं के लिए विश्व के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक हैं।

समृद्ध ग्राम परियोजना :

  • दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा डिज़ाइन किया गया एक एकीकृत भौतिक-डिजिटल सेवा वितरण मॉडल है
  • यह भारतनेट के हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड बैकबोन का उपयोग करके ग्रामीण कनेक्टिविटी को आवश्यक सामाजिक और आर्थिक सेवाओं के लिए एक मंच में परिवर्तित करता है ।
  • प्रारंभ: यह पहल 2024-25 तक अपने प्रायोगिक चरण में सक्रिय थी, और मध्य प्रदेश के उमरी गांव में केंद्रीय मंत्री द्वारा हाल ही में पहले समृद्धि केंद्र का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया।
  • उद्देश्य:
  • आवश्यक सेवाओं के लिए एक ही स्थान पर सामुदायिक केंद्र उपलब्ध कराकर ग्रामीण और डिजिटल क्षेत्र के बीच की खाई को पाटना ।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन में एकीकृत सेवा वितरण के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को प्रदर्शित करना।

 

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