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'विश्व निवेश रिपोर्ट 2026'

Thu 09 Jul, 2026

संदर्भ :

  • संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने 'विश्व निवेश रिपोर्ट 2026' जारी किया है, जिसका शीर्षक 'एक अशांत युग में अंतर्राष्ट्रीय निवेश' है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • जारीकर्ता संगठन: संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD)
  • रिपोर्ट का मुख्य शीर्षक : "इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट इन ए टर्बुलेंट एरा"
  • शीर्ष FDI प्राप्तकर्ता देश: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) विश्‍व का सबसे बड़ा FDI गंतव्य बना रहा। इसके बाद क्रमशः सिंगापुर, हांगकांग (चीन) और चीन का स्थान है
  • वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह: वर्ष 2025 में वैश्विक FDI 6% बढ़कर $1.6 ट्रिलियन हो गया, जिसने लगातार दो वर्षों की गिरावट को समाप्त कर दिया
  • शीर्ष प्राप्तकर्ता क्षेत्र: विकासशील एशिया $644 बिलियन (वैश्विक प्रवाह का लगभग 40%) के साथ सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता क्षेत्र बना रहा
  • भारत 2025 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का विश्व का 11वां सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बन गया, जबकि 2024 में उसका स्थान 13वां था।
  • भारत में FDI प्रवाह 44% बढ़कर 2024 के 27.09 अरब डॉलर से 2025 में 38.89 अरब डॉलर हो गया।
  • यह सुधार भारत को दो वर्ष पहले वैश्विक शीर्ष-10 से बाहर होने के बाद पुनः मजबूत स्थिति में लाने में सहायक रहा।
  • रिपोर्ट में भारत की नीतियों को विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, उन्नत प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल बताया गया है।
  • विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में FDI प्रवाह केवल 2% तथा विकासशील एशिया में 3% बढ़ा, जबकि भारत में 44% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका 2025 में 277 अरब डॉलर के FDI के साथ विश्व का सबसे बड़ा FDI प्राप्तकर्ता बना रहा, जबकि चीन 104.66 अरब डॉलर के साथ चौथे स्थान पर रहा।
  • भारत में घोषित ग्रीनफील्ड निवेश परियोजनाओं का मूल्य 2024 के 111.14 अरब डॉलर से घटकर 2025 में 74.12 अरब डॉलर रह गया।
  • इसके बावजूद भारत ने वर्ष 2025 की विश्व की सबसे बड़ी घोषित ग्रीनफील्ड परियोजना आकर्षित की, जिसमें Alphabet Inc. ने भारत में 14.5 अरब डॉलर के डेटा सेंटर निवेश की घोषणा की।
  • पोलैंड की कंपनी Hynfra ने आंध्र प्रदेश में 4 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।
  • भारत का बाह्य FDI 2025 में 47% बढ़कर 35.66 अरब डॉलर हो गया, जो 2024 में 24.26 अरब डॉलर था।
  • बाह्य FDI में वृद्धि के कारण भारत FDI निवेशक देशों की सूची में 18वें स्थान पर पहुंच गया।
  • रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला पुनर्संरेखण तथा वैश्विक निवेश वातावरण की कमजोरी के बावजूद भारत की निवेश-अनुकूल नीतियों ने FDI प्रवाह को मजबूती प्रदान की।

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :

  • जब किसी एक देश की कंपनी या व्यक्ति किसी दूसरे देश में स्थित कंपनी में व्यावसायिक हिस्सेदारी खरीदता है या वहां अपना नया व्यवसाय शुरू करता है, तो उसे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) कहते हैं।
  • भारत में FDI का विनियमन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (Foreign Exchange Management Act- FEMA), 1999 के अंतर्गत किया जाता है।
  • नीति निर्माण: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) द्वारा।
  • प्रशासन: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा।
  • नियम: भारत में, यदि कोई विदेशी निवेशक किसी लिस्टेड (शेयर बाजार में पंजीकृत) भारतीय कंपनी में 10% या उससे अधिक की हिस्सेदारी खरीदता है, तो उसे FDI माना जाता है (10% से कम होने पर उसे FPI यानी फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट कहते हैं)
  • नियामक संस्था: भारत में FDI नीति का निर्धारण DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) करता है और इसे FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रबंधित किया जाता है

भारत में FDI के दो मार्ग :

  • विदेशी कंपनियां भारत में दो अलग-अलग तरीकों से निवेश कर सकती हैं:
  • स्वतः अनुमोदित मार्ग : इसके तहत विदेशी निवेशकों को निवेश से पहले भारत सरकार या RBI से किसी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है। भारत में 90% से अधिक FDI इसी मार्ग से आता है
  • सरकारी मार्ग : इसके तहत निवेश करने से पहले संबंधित मंत्रालय या सरकारी विभाग से पूर्वानुमोदन (Prior Approval) लेना अनिवार्य होता है। निवेशक National Single Window System (NSWS) पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं।

प्रमुख क्षेत्रों में FDI की सीमाएँ :

क्षेत्र FDI सीमा निवेश मार्ग
विनिर्माण 100% ऑटोमैटिक
दूरसंचार 100% ऑटोमैटिक
बीमा 100% (2025-26 बजट में संसोधित) ऑटोमैटिक
रक्षा 74% तक ऑटोमैटिक; 100% तक सरकारी मंजूरी से मिश्रित
रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर 100% ऑटोमैटिक
पब्लिक सेक्टर बैंकिंग 20% सरकारी
मल्टी-ब्रांड रिटेल 51% सरकारी

वे क्षेत्र जहाँ FDI पूरी तरह प्रतिबंधित है :

  • लॉटरी व्यवसाय (सरकारी या निजी)
  • जुआ और सट्टेबाजी (Casinos आदि)
  • चिट फंड और निधि कंपनियां
  • परमाणु ऊर्जा
  • तंबाकू उद्योग (सिगार, सिगरेट आदि का निर्माण)
  • रेलवे संचालन (ध्यान दें: रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100% अनुमति है, लेकिन सामान्य ऑपरेशंस प्रतिबंधित हैं)

भारत के लिए शीर्ष FDI स्रोत :

  • मॉरीशस
  • सिंगापुर
  • अमेरिका
  • नीदरलैंड
  • जापान

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