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Thu 09 Jul, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

GCPRS का आयोजन

  • प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और स्थिरता पर तीसरे वैश्विक सम्मेलन (GCPRS) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजक: अखिल भारतीय प्लास्टिक निर्माता संघ (AIPMA) और रसायन एवं पेट्रोकेमिकल निर्माता संघ (CPMA) द्वारा संयुक्त रूप से
  • उद्घाटन: रसायन और उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (DCPC) के सचिव तेजवीर सिंह द्वारा
  • केंद्रीय विषय : इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना, अत्याधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों का प्रदर्शन करना और पर्यावरण-अनुकूल प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना था।
  • महत्व: इसे एशिया में प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और स्थिरता के क्षेत्र में सबसे बड़े मंचों में से एक माना गया है।
  • भारतीय पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक बाजार के 2032 तक 3.81 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है
  • यह 2024-2032 के दौरान 10.95 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है
  • वैश्विक स्तर पर अपशिष्ट प्लास्टिक रीसाइक्लिंग बाजार के 2033 तक 80.5 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है

देश का पहला इनडोर वनस्पति उद्यान

  • बिहार की राजधानी पटना में देश का पहला इनडोर वनस्पति उद्यान बनाया जाएगा।
  • यह अत्याधुनिक इंडोर वनस्पति उद्यान जेपी गंगा पथ के किनारे लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इसका निर्माण सिंगापुर के प्रसिद्ध इंडोर गार्डन की तर्ज पर किया जाएगा।
  • तकनीक और संरचना: यह पूरी तरह से एक बंद (Enclosed) संरचना होगी, जिसकी छत टेम्पर्ड ग्लास या पारदर्शी प्लास्टिक से बनी होगी। इससे प्राकृतिक सूर्य की रोशनी अंदर आ सकेगी।
  • क्रियान्वयन एजेंसी: बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) ने इसकी कार्ययोजना तैयार की है और इसे प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।

13वीं AITIGA संयुक्त समिति की बैठक

  • 13वीं आसियान-भारत व्यापार समझौता (AITIGA) संयुक्त समिति की बैठक हाइब्रिड प्रारूप में नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित की जा रही है।
  • यह बैठक 6 से 10 जुलाई 2026 तक निर्धारित है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सह-अध्यक्षता: भारत के नितिन कुमार यादव और मलेशिया की मस्तुरा अहमद मुस्तफा द्वारा
  • प्रतिभागी: आसियान के सभी 10 सदस्य देशों ने भाग लिया
  • मुख्य उद्देश्य: AITIGA समीक्षा प्रक्रिया को गति देना, लंबित अध्यायों को अंतिम रूप देना और समझौते को आधुनिक व व्यापार-अनुकूल बनाना
  • कार्यवाही: 3 प्रमुख उप-समितियों (सीमा शुल्क, राष्ट्रीय व्यवहार, उत्पत्ति के नियम) की बैठकें भी आयोजित की गईं

आसियान :

  • पूरा नाम: एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (Association of Southeast Asian Nations)
  • स्थापना: 8 अगस्त, 1967 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में (इसीलिए 8 अगस्त को 'आसियान दिवस' मनाया जाता है)
  • मुख्यालय (सचिवालय): जकार्ता, इंडोनेशिया
  • आसियान में वर्तमान में कुल 11 सदस्य देश हैं
  • संस्थापक सदस्य (5 देश) : इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड
  • बाद में शामिल हुए (6 देश) : ब्रुनेई (1984), वियतनाम (1995), लाओस (1997), म्यांमार (1997), कंबोडिया (1999) और तिमोर-लेस्ते (2025 में 11वें सदस्य के रूप में शामिल)
  • भारत और आसियान के बीच वर्ष 2009 में वस्तु व्यापार समझौता (AITIGA) हस्ताक्षरित हुआ था
  • भारत के वैश्विक व्यापार में आसियान का योगदान लगभग 11% है
  • भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 के दौरान 128 अरब डॉलर तक पहुंचा

'ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक' का आयोजन

  • भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 'ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक' का आयोजन केरल, कोच्चि में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजक मंत्रालय: यह बैठक केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित की गई (जिसमें केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने भाग लिया)
  • पूर्ववर्ती बैठक: मंत्रिस्तरीय बैठक से ठीक पहले 6-7 जुलाई 2026 को कोच्चि में ही ब्रिक्स महिला कार्य समूह (Women Working Group : WWG) की बैठक आयोजित की गई थी
  • भारत की वर्ष 2026 में ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत विषय : "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण"

ब्रिक्स (BRICS) :

  • विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है
  • पूरा नाम: ब्रिक्स का मतलब Brazil (ब्राजील), Russia (रूस), India (भारत), China (चीन) और South Africa (दक्षिण अफ्रीका) है
  • संकल्पना: 'BRIC' शब्द पहली बार 2001 में ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील द्वारा दिया गया था
  • प्रथम औपचारिक बैठक: विदेश मंत्रियों की पहली बैठक सितंबर 2006 में न्यूयॉर्क में हुई थी
  • प्रथम शिखर सम्मेलन: 16 जून, 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ था
  • दक्षिण अफ्रीका का शामिल होना: दक्षिण अफ्रीका 2010 में इस समूह का हिस्सा बना, जिसके बाद इसका नाम BRIC से BRICS हो गया
  • नए सदस्य (1 जनवरी 2024 से प्रभावी): मिस्र (Egypt), इथियोपिया (Ethiopia), ईरान (Iran), और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • वर्ष 2025 में इंडोनेशिया पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुआ
  • ब्रिक्स (BRICS) में वर्तमान में कुल 11 पूर्ण सदस्य देश शामिल हैं।
  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): इसे 'ब्रिक्स बैंक' भी कहा जाता है। इसकी स्थापना जुलाई 2014 में (फोर्टालेज़ा सम्मेलन के दौरान) हुई थी
  • NDB मुख्यालय: शंघाई, चीन
  • आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था (CRA): वैश्विक तरलता संकट से निपटने के लिए बनाया गया एक ढांचा
  • ब्रिक्स विश्व की 45% जनसंख्या तथा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 37.3% हिस्सा रखता है, जो यूरोपीय संघ के 14.5% और G7 के 29.3% से अधिक है।
  • ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ब्रिक्स में शामिल होने के साथ ब्रिक्स अब वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन का लगभग 44% हिस्सा रखता है

पीएम-सेतु योजना को लागू करने की मंजूरी

  • केंद्र सरकार ने ₹60,000 करोड़ के कुल बजट वाली पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना को अपने शुरुआती चरण से आगे बढ़ाते हुए सभी 200 चिन्हित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) समूहों में देशव्यापी स्तर पर लागू करने की मंजूरी दी।
  • इसके साथ ही, ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के पांच आईटीआई क्लस्टरों के लिए ₹1,237.58 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।

पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना :

  • पूरा नाम: 'प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITI' (PM-SETU)
  • शुभारंभ : 4 अक्टूबर 2025
  • प्रकार : केंद्रीय योजना है
  • उद्देश्य: देश भर के 1,000 सरकारी ITI संस्थानों को 200 हब और 800 स्पोक (हब-एंड-स्पोक) मॉडल के तहत आधुनिक बनाकर, 5 वर्षों में 20 लाख युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना
  • नोडल मंत्रालय: यह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है

वित्तीय संरचना :

  • केंद्रीय हिस्सेदारी: ₹30,000 करोड़ (50%)
  • राज्य सरकारों की हिस्सेदारी: ₹20,000 करोड़ (33.3%)
  • उद्योग जगत/औद्योगिक साझेदार: ₹10,000 करोड़ (16.6%)

ULLAS कार्यक्रम के तहत देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्‍य

  • उत्तराखंड को ULLAS कार्यक्रम के तहत भारत का छठे पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वर्तमान साक्षरता दर: उत्तराखंड ने 98.7% वयस्क साक्षरता दर हासिल की है, जो राष्ट्रीय मानदंड से काफी अधिक है
  • प्रगति का ग्राफ: वर्ष 2023-24 में राज्य की साक्षरता दर 83.8% थी, जिसमें मात्र दो वर्षों में लगभग 14.9% अंकों का अभूतपूर्व सुधार हुआ है
  • सर्वेक्षण का आधार: 7 वर्ष से अधिक आयु की कुल 1.23 करोड़ से अधिक की आबादी में से केवल 1,31,986 व्यक्ति ही निरक्षर पाए गए
  • 'उल्लास' कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर घोषित अन्‍य राज्‍य : मिजोरम (देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य)गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम

उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम :

  • पूरा नाम: Understanding Lifelong Learning for All in Society (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम)
  • मंत्रालय: यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक 'केंद्र प्रायोजित योजना' है
  • लक्षित समूह: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वे नागरिक जो औपचारिक स्कूली शिक्षा का लाभ नहीं उठा सके
  • मुख्य घटक: बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता के अलावा, इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल और कानूनी जागरूकता से जोड़ना है
  • कार्यान्वयन: यह कार्यक्रम पूरी तरह से 'स्वयंसेवकवाद' और जनभागीदारी पर आधारित है

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

'ऑस्ट्रेलियनसुपर' ने NIIF में अतिरिक्त निवेश की घोषणा की

  • ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड, 'ऑस्ट्रेलियनसुपर' ने भारत के 'राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष' (NIIF) में $500 मिलियन का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • निवेशक: ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा पेंशन फंड, 'ऑस्ट्रेलियनसुपर'
  • निवेश की राशि: $500 मिलियन (अतिरिक्त निवेश)। इससे पहले भी ऑस्ट्रेलियनसुपर ने NIIF के मास्टर फंड में निवेश किया था
  • प्राप्तकर्ता: भारत का राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF - National Investment and Infrastructure Fund)
  • उद्देश्य: भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, बंदरगाह, स्वच्छ ऊर्जा आदि) को दीर्घकालिक पूंजी प्रदान करना

राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) :

  • स्थापना: इसकी स्थापना 2015 में भारत सरकार द्वारा एक 'सवेरिन वेल्थ फंड' के रूप में की गई थी
  • पंजीकरण: यह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के तहत एक वैकल्पिक निवेश कोष (Alternative Investment Fund - AIF) के रूप में पंजीकृत है
  • स्वामित्व: इसमें 49% हिस्सेदारी भारत सरकार की है, और शेष 51% हिस्सेदारी विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (जैसे पेंशन फंड, सवेरिन फंड, बैंक) की है
  • कार्य: इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करना है
  • तीन प्रमुख फंड: NIIF तीन अलग-अलग फंड संचालित करता है:
  • मास्टर फंड : मुख्य रूप से कोर इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, बिजली, बंदरगाह) में निवेश।
  • फंड ऑफ फंड्स : अन्य निजी इक्विटी फंडों में निवेश जो बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं।
  • रणनीतिक निवेश फंड : आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण और बड़े पैमाने के उद्योगों में निवेश।

IMF के अनुमानानुसार भारत की विकास दर

  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जुलाई 2026 में जारी 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' (WEO) अपडेट के अनुसार, भारत कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए 7% की विकास दर के साथ विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
  • हालांकि, चालू वित्त वर्ष (FY 2026-27) के आधार पर IMF ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.4% रखा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

मुख्य आंकड़े: वैश्विक तुलना (कैलेंडर वर्ष 2026) :

  • भारत: 7.0% (विश्व की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था)
  • चीन: 4.6% (दूसरी सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था)
  • अमेरिका: 2.3%
  • यूरोपीय संघ (EU): 0.9%
  • वैश्विक विकास दर (Global Growth): 3.0%
  • IMF के अनुसार, यूरोपीय संघ (ईयू) की अर्थव्यवस्था इस वर्ष केवल 0.9 प्रतिशत और अगले वर्ष 1.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है
  • विश्व बैंक ने पिछले महीने जारी अपनी रिपोर्ट में भारत की चालू वित्त वर्ष में 6.6 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया था।
  • संयुक्त राष्ट्र ने भी इस वर्ष भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी पिछले महीने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।
  • बैंक ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि अप्रैल में उसका अनुमान 6.2 प्रतिशत था
  • गोल्डमैन सैक्स ने भी पिछले महीने के अंत में कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अपने अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया था

कला और संस्‍कृति

अल्पना शब्दऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में शामिल

  • ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी (OED) ने अपने नवीनतम संस्करण में पश्चिम बंगाल की पारंपरिक लोककला 'अल्पना' (Alpona) शब्द को आधिकारिक रूप से शामिल किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मूल और अर्थ: 'अल्पना' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'आलिम्पन' (Alimpana) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ 'लेप लगाना' या 'कोट करना' होता है
  • सामग्री: यह कला मुख्य रूप से चावल के आटे के पेस्ट (पिठुली) और पानी के मिश्रण से तैयार की जाती है। इसमें किसी भी कृत्रिम रंग का प्रयोग नहीं होता है
  • कला का प्रकार: यह एक पारंपरिक फर्श चित्रकला (Floor Painting) है, जिसे त्योहारों (जैसे दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा) और शुभ अवसरों पर घरों के आंगनों तथा प्रवेश द्वारों पर बनाया जाता है
  • विशेषता: इसे बिना किसी ब्रश या सांचे के, केवल हाथ की उंगलियों की मदद से बेहद सूक्ष्म और ज्यामितीय या प्राकृतिक डिजाइनों (जैसे कमल, धान की बालियाँ) में उकेरा जाता है

अन्य क्षेत्रीय फर्श चित्रकलाएं :

  • पश्चिम बंगाल : अल्पना
  • महाराष्ट्र एवं कर्नाटक : रंगोली
  • तमिलनाडु : कोलम
  • आंध्र प्रदेश : मुग्गु
  • उत्तराखंड : ऐपण
  • उत्तर प्रदेश : चौक पूरना
  • बिहार : अरिपन
  • केरल : कलाम (कलामेझुथु)

रिर्पोट एवं सूचकांक

हैप्पी सिटी इंडेक्स 2026 : ग्लोबल मीडिया आउटलेट

  • ग्लोबल मीडिया आउटलेट ने हैप्पी सिटी इंडेक्स 2026 जारी किया है।
  • सर्वेक्षण के लिए कई अलग-अलग पहलुओं पर विचार किया गया, जिनमें प्रत्येक शहर की संस्कृति, उसके पार्क और हरित क्षेत्र, उसके मैत्रीपूर्ण पड़ोस और उसकी मनोरंजक सड़कें शामिल हैं।

रिर्पोट के अनुसार :

  • कुल मिलाकर, दुनिया भर से 24,000 से अधिक लोगों ने इस विशाल वार्षिक सर्वेक्षण में भाग लिया।
  • भारत के राजस्थान की राजधानी जयपुर ने इस सूची में जगह बनाई और छठे स्थान पर रहा।
  • रोमन काल में बने स्नानागारों के लिए प्रसिद्ध इंग्लैंड का शहर बाथ पहले स्थान पर रहा।
  • सर्वेक्षण में शामिल 93% से अधिक लोगों ने माना कि यह शहर उन्हें खुशी देता है।
  • बाथ के 83% स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में समुदाय खोजना आसान है।

विश्व के 10 सबसे खुशहाल शहर 2026 :

  • बाथ: इंग्लैंड
  • पनामा सिटी: पनामा
  • ग्वाडलाजारा: मेक्सिको
  • मेडेलिन : कोलंबिया
  • क्राकोव : पोलैंड
  • जयपुर : भारत
  • शिकागो : संयुक्त राज्य अमेरिका
  • केप टाउन : दक्षिण अफ्रीका
  • शंघाई : चीन
  • गोटेबोर्ग : स्वीडन

पुरस्‍कार और सम्‍मान

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2025

  • आचार्य रणछोड़लाल गोस्वामी को पुष्टिमार्ग हवेली संगीत परंपरा के संरक्षण हेतु 2024-25 के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2025 :

  • स्थापना: संगीत नाटक अकादमी द्वारा वर्ष 2006 में, हान शहनाई वादक और भारत रत्न विजेता उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की स्मृति में
  • आयु सीमा: यह केवल 40 वर्ष से कम आयु के असाधारण प्रतिभावान युवा कलाकारों को दिया जाता है। आयु की गणना उस वर्ष की 1 अप्रैल से की जाती है
  • पुरस्कार राशि: इसके तहत विजेताओं को ₹25,000 की नकद राशि, एक ताम्रपत्र (प्रशस्ति पट्टिका) और एक अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है
  • प्रदाता: यह पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष द्वारा एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है (ध्यान दें: अकादमी फेलोशिप और मुख्य अकादमी पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं)
  • पुरस्कार के निर्धारित क्षेत्र :
  • 5 क्षेत्रों में दिया जाता है: संगीत, नृत्य, रंगमंच / थिएटर, पारंपरिक / लोक / आदिवासी कलाएं और कठपुतली कला, प्रदर्शन कला में योगदान / छात्रवृत्ति

संगीत नाटक अकादमी :

  • यह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत संगीत, नृत्य और नाटक के लिए देश की राष्ट्रीय अकादमी है।
  • इसके द्वारा दिए जाने वाले मुख्य 'अकादमी पुरस्कार' वर्ष 1952 से प्रदान किए जा रहे हैं।

पुष्टिमार्ग और हवेली संगीत परंपरा :

  • भारतीय शास्त्रीय और भक्ति संगीत का एक अत्यंत समृद्ध रूप है, जो विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण की आराधना के लिए समर्पित है
  • उत्पत्ति और संप्रदाय: हवेली संगीत वैष्णव संप्रदाय के पुष्टिमार्ग से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसकी स्थापना 15वीं-16वीं शताब्दी में महाप्रभु वल्लभाचार्य ने की थी।
  • हवेली नाम क्यों पड़ा?: मध्यकाल में (विशेषकर मुगल शासक औरंगजेब के समय) भव्य मंदिरों पर संकट के कारण, भगवान कृष्ण के विग्रहों को बड़े घरों या 'हवेलियों' में सुरक्षित रखा गया। इन हवेलियों में गाए जाने वाले संगीत को ही 'हवेली संगीत' कहा जाने लगा
  • प्रमुख केंद्र: वर्तमान में राजस्थान का नाथद्वारा (श्रीनाथजी मंदिर) इसका सबसे बड़ा और जीवंत केंद्र माना जाता है। इसके अलावा गुजरात और ब्रज (मथुरा-वृंदावन) में भी यह अत्यधिक प्रचलित है
  • संगीत शैली: इसमें शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद, धमार, ख्याल, ठुमरी और विष्णुपद जैसी शैलियों का समावेश होता है। इसका प्रभाव बाद में 'ख्याल' गायकी के विकास पर भी पड़ा।
  • अष्टछाप कवि: इस परंपरा में सूरदास, परमानंददास और कुंभनदास जैसे अष्टछाप कवियों के भक्तिमय पदों और भजनों का गायन किया जाता है
  • भाषा: इसके अधिकांश पद ब्रजभाषा में रचे गए हैं। कुछ पद संस्कृत और मारवाड़ी में भी मिलते हैं।

आचार्य रणछोड़लाल गोस्वामी का योगदान :

  • पृष्ठभूमि: वह अहमदाबाद के कालूपुर स्थित ऐतिहासिक गोस्वामी हवेली के 16वें आचार्य हैं।
  • ऐतिहासिक कीर्तिमान: स्वतंत्रता के बाद वह भारत के पहले ऐसे हवेली संगीत साधक हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है।
  • सांस्कृतिक कार्य: लगभग 31-32 वर्ष की आयु में उन्होंने ब्रजभाषा, संस्कृत और चारणी सहित 7 भाषाओं में 20,000 से अधिक मूल पदों/भजनों की रचना की है और कई पुस्तकें लिखी हैं।

गुजरात से अन्य पुरस्कार विजेता (2024-25) :

  • त्विशा व्यास: गरबा कला के क्षेत्र में।
  • किशोरभाई सोमाभाई मिस्त्री: रुद्र वीणा निर्माण कला के लिए।
  • कपिलदेव शुक्ला: रंगमंच (थिएटर) निर्देशन के क्षेत्र में।

 

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