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भारत का 21वां नामित जैव संग्रह भंडार

Tue 07 Jul, 2026

संदर्भ :

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (NHM) को देश का 21वां नामित भंडार घोषित किया।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • किसने किया?: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की सिफारिश पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा
  • संबंधित कानून: जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत
  • स्थापना वर्ष: मिजोरम विश्वविद्यालय के इस संग्रहालय की स्थापना वर्ष 2022 में हुई थी।
  • वैश्विक महत्व: यह क्षेत्र इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट के अंतर्गत आता है।

नामित भंडार गृह :

  • जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत केंद्र सरकार कुछ चुनिंदा संस्थानों को नामित भंडारगृह के रूप में अधिसूचित करती है। यहाँ अधिनियम के तहत खोजे गए या प्राप्त प्रमाणित जैविक नमूनों को वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रजातियों की पहचान और दीर्घकालिक संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाता है।

इस संग्रहालय की विशेषताएं और संरक्षित जीव :

  • संरक्षित की जाने वाली प्रजातियां: यहाँ मुख्य रूप से टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियां, पतंगे, भृंग और तितलियों के प्रामाणिक नमूने रखे जाएंगे।
  • स्थानिक प्रजाति का उदाहरण: हाल ही में मिजोरम के जंगलों में खोजे गए एक अनोखे उभयचर 'लेप्टोब्राचेला तामडिल' का संरक्षण भी इस भंडारगृह के माध्यम से किया जाएगा।
  • वैज्ञानिक क्षमता: इस संस्थान के पास वर्तमान में ही 500 से अधिक जैविक नमूने (हर्बेरियम शीट और गीले-संरक्षित संग्रह) पहले से मौजूद हैं।

इस निर्णय का महत्व :

  • स्थानीय संरक्षण: अब जैविक नमूनों को उनके मूल स्रोत के करीब ही संरक्षित किया जा सकेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां कम होंगी।
  • राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति: यह कदम भारत की राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (2024-2030) के राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्य 4 और वैश्विक स्तर पर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क को मजबूती देता है।
  • सहयोग: यह संस्थान पहले से मौजूद भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) जैसे राष्ट्रीय नेटवर्क के पूरक के रूप में कार्य करेगा।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) :

  • स्थापना: वर्ष 2003 में
  • मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु
  • प्रकृति: यह एक सांविधिक और स्वायत्त निकाय है
  • संबंधित अधिनियम: जैव विविधता अधिनियम, 2002
  • अध्यक्ष : केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक प्रख्यात पर्यावरणविद् या विशेषज्ञ
  • पदेन सदस्य : विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों (जैसे कृषि, जनजातीय मामले, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान आदि) का प्रतिनिधित्व करने वाले 10 अधिकारी।
  • गैर-आधिकारिक सदस्य: जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और संबंधित विषयों के विशेषज्ञ (5 सदस्य)

त्रि-स्तरीय संस्थागत ढांचा :

  • राष्ट्रीय स्तर: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) - चेन्नई
  • राज्य स्तर: राज्य जैव विविधता बोर्ड (State Biodiversity Boards : SBB) - सभी राज्यों में
  • स्थानीय स्तर: जैव विविधता प्रबंधन समितियां (Biodiversity Management Committees : BMC) - स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) में

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) :

  • भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) पर्यावरण मंत्रालय के अधीन भारत का प्रमुख जीवविज्ञान अनुसंधान संस्थान है
  • स्थापना: इसकी औपचारिक स्थापना 1 जुलाई 1916 को हुई थी. इसकी उत्पत्ति 1875 में कलकत्ता के भारतीय संग्रहालय के प्राणी विज्ञान अनुभाग से हुई थी.
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है.
  • क्षेत्रीय केंद्र: वर्तमान में भारत के विभिन्न जैव-भौगोलिक क्षेत्रों में इसके 16 क्षेत्रीय केंद्र कार्यरत हैं.
  • नेतृत्व: डॉ. धृति बनर्जी ZSI के इतिहास में पहली महिला निदेशक हैं

भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) :

  • भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत देश के जंगली पादप संसाधनों पर वर्गीकरण और वनस्पति विज्ञान संबंधी अध्ययन करने वाला शीर्ष अनुसंधान संगठन है
  • स्थापना: इसकी स्थापना ब्रिटिश राज के दौरान 13 फरवरी 1890 को सर जॉर्ज किंग के निर्देशन में की गई थी.
  • पुनर्गठन: स्वतंत्रता के बाद, केंद्र सरकार द्वारा 1954 में इसका पुनर्गठन किया गया और इसके कार्यों का विस्तार किया गया.
  • मुख्यालय: इसका मुख्य प्रशासनिक कार्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है.
  • क्षेत्रीय केंद्र: वर्तमान में देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में इसके 11 क्षेत्रीय केंद्र कार्यरत हैं.
  • मुख्‍य रिर्पोट : प्लांट डिस्कवरीज, रेड डेटा बुक

भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) :

  • स्‍थापना : 1981
  • मुख्‍यालय : देहरादून (उत्तराखंड)
  • मुख्‍य कार्य : उपग्रह डेटा के जरिए वन आवरण का आकलन
  • मुख्‍य रिर्पोट : इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR) - द्विवार्षिक

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