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Sun 05 Jul, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना का अगला चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

‘विकसित उड़ान’ :

  • शुभारंभ तिथि: 4 जुलाई, 2026
  • शुभारंभकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • स्थान: जोधपुर, राजस्थान (नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर)

मुख्य विशेषताएँ:

  • कुल बजट: ₹28,840 करोड़
  • कार्यान्वयन अवधि: 10 वर्ष (2026-27 से 2035-36)
  • मुख्य लक्ष्य: टियर-2 एवं टियर-3 शहरों की हवाई संपर्क सुविधा का विस्तार
  • बुनियादी ढाँचा विकास:100 नए एयरोड्रोम (हवाई अड्डे), 200 आधुनिक हेलीपैड
  • वित्तीय सहायता:एयरलाइनों के लिए ₹10,043 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF)
  • विशेष फोकस:पहाड़ी एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्वदेशी विमानों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • मूल योजना का इतिहास: 'उड़ान' (UDAN - Ude Desh ka Aam Naagrik) योजना को पहली बार अक्टूबर 2016 में लॉन्च किया गया था और पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शिमला से दिल्ली के बीच शुरू हुई थी।

ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए ओडिशा का समझौता

  • ओडिशा ने ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए भारत के ACME ग्रुप और जापान के IHI कॉर्पोरेशन के साथ एक MoU पर साइन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल निवेश और रोजगार: इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत ओडिशा में कुल ₹67,000 करोड़ ($7-8 बिलियन) का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य में लगभग 7,000 से 7,600 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
  • परियोजना के मुख्य घटक (Components): इसके तहत गोपालपुर और पारादीप में तीन एकीकृत स्वच्छ ईंधन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे:
  1. गोपालपुर (गंजाम जिला): ₹20,000 करोड़ की लागत से 0.4 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्षमता का ग्रीन अमोनिया संयंत्र। इसके साथ ही निर्यात को सुगम बनाने के लिए ₹1,000 करोड़ की जेटी-लेस फ्लोटिंग टर्मिनल बुनियादी संरचना विकसित की जाएगी।
  2. पारादीप (जगतसिंहपुर जिला): ₹34,000 करोड़ का निवेश कर 0.8 MTPA क्षमता का ग्रीन अमोनिया संयंत्र।
  3. पारादीप ग्रीन मेथनॉल: ₹12,000 करोड़ की लागत से 0.1 MTPA क्षमता का ग्रीन मेथनॉल प्रोजेक्ट
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समर्थन (जापानी सब्सिडी): इस संयुक्त उद्यम (JV) को जापान सरकार की कांट्रैक्ट फॉर डिफरेंस (CfD) और लॉन्ग-टर्म डिकार्बोनाइज्ड पावर सोर्स ऑक्शन (LTDA) योजनाओं के तहत $5 बिलियन (लगभग ₹41,000 करोड़) की भारी वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
  • निर्यात लक्ष्य: इस संयंत्र से उत्पादित ग्रीन अमोनिया को वर्ष 2029-30 से गोपालपुर और पारादीप बंदरगाहों के माध्यम से सीधे जापान निर्यात किया जाएगा।

माचा चाय का उत्पादन और बिक्री

  • माचा चाय का उत्पादन और बिक्री शुरू करने वाला असम देश का प्रथम राज्‍य बना गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उत्पादन का स्थान: ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले में स्थित छोटा तिंगराई चाय बागान
  • नीलामी केंद्र: माचा चाय के पहले बैच की सफल नीलामी गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (Guwahati Tea Auction Centre - GTAC) में की गई
  • बाजार मूल्य: इसके पहले 5 किलोग्राम के बैच की नीलामी ₹3,000 प्रति किलोग्राम के प्रीमियम दाम पर हुई
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत और जापान के बीच पिछले एक दशक (10 साल) से चल रहे तकनीकी सहयोग का परिणाम है
  • माचा चाय :
  • उत्पत्ति: माचा एक विशेष प्रकार की प्रीमियम ग्रीन टी (हरी चाय) है, जिसकी पारंपरिक शुरुआत जापान में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से इसे चीनी बौद्ध भिक्षुओं द्वारा जापान लाया गया था
  • वैज्ञानिक नाम: चाय के पौधे का वैज्ञानिक नाम कैमेलिया साइनेंसिस (Camellia sinensis) है।
  • उत्पादन विधि: इस चाय को सामान्य धूप के बजाय छाया में उगाया जाता है।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

'जलभरा संदेश' को GI Tag

  • पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में स्थित चंदननगर की प्रसिद्ध मिठाई 'जलभरा संदेश' को GI Tag प्रदान किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उत्पत्ति स्थान: यह मिठाई मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चंदननगर (पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेश) से संबंधित है
  • शाब्दिक अर्थ: बंगाली में 'जोल' का अर्थ पानी (तरल) और 'भोरा' का अर्थ भरा हुआ होता है, यानी "तरल से भरा हुआ संदेश"
  • शाब्दिक अर्थ: बंगाली में 'जोल' का अर्थ पानी (तरल) और 'भोरा' का अर्थ भरा हुआ होता है, यानी "तरल से भरा हुआ संदेश"
  • इतिहास व अविष्कारक: इसका इतिहास लगभग 220 वर्ष पुराना है. इसका आविष्कार 19वीं शताब्दी (लगभग 1843-44) में प्रसिद्ध मोदक परिवार के सूर्य मोदक और उनके पुत्र सिद्धेश्वर मोदक द्वारा किया गया था. इसे स्थानीय रूप से "जामाता ठकानो मिष्टी" (दामाद को चकमा देने वाली मिठाई) भी कहा जाता था
  • अन्य सह-उत्पाद: जून 2026 में जलभरा संदेश के साथ हुगली जिले के दो अन्य उत्पादों— 'जनाई की मनोहरा' मिठाई और 'बालागढ़ की पारंपरिक नाव (डिंगी)' को भी GI टैग दिया गया है

GI टैग :

  • अधिनियम और कानून: भारत में जीआई टैग भौगोलिक संकेत वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 के तहत प्रशासित होता है
  • लागू होने की तिथि: यह अधिनियम 15 सितंबर 2003 से प्रभावी हुआ था
  • नोडल एजेंसी/मुख्यालय: जीआई टैग का पंजीकरण चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री द्वारा किया जाता है
  • मंत्रालय: यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत 'उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग' (DPIIT) के अधीन आता है
  • वैधता : एक बार जारी होने के बाद GI टैग 10 वर्षों के लिए वैध होता है, जिसके बाद इसे नवीनीकृत कराना पड़ता है
  • भारत का पहला GI टैग: वर्ष 2004 में 'दार्जिलिंग चाय' (पश्चिम बंगाल) को भारत का पहला GI टैग मिला था

'ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी परियोजना' का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा में ₹79,450 करोड़ से अधिक लागत वाली देश की प्रथम 'ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी परियोजना' का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्थान: पचपदरा, जिला बालोतरा (पहले बाड़मेर का हिस्सा), राजस्थान
  • विकासकर्ता: हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम
  • लागत: ₹79,450 करोड़ से अधिक
  • क्षमता: रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है और इसके साथ ही 2.4 MMTPA की पेट्रोकेमिकल क्षमता भी शामिल है

संयुक्त उद्यम और हिस्सेदारी :

  • हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL): 74% हिस्सेदारी
  • राजस्थान सरकार: 26% हिस्सेदारी

अन्य विकास परियोजनाएं :

प्रधानमंत्री ने इस दौरे पर राजस्थान को कुल ₹1.06 लाख करोड़ की विभिन्न सौगातें दीं, जिनमें शामिल हैं:

  1. जयपुर मेट्रो फेज-2: ₹13,000 करोड़ से अधिक की लागत वाले प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक (41 किमी) के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का शिलान्यास.
  2. जोधपुर एयरपोर्ट: नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण.
  3. सौर ऊर्जा संयंत्र: बीकानेर में SJVN की 1000 मेगावाट और NHPC की 300 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया

भारत और इस्राएल के बीच BIA लागू

  • भारत और इस्राएल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) 4 जुलाई 2026 से लागू हो गया है।
  • केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस समझौते पर 8 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पुराने समझौते का स्थान: यह नया समझौता दोनों देशों के बीच 29 जनवरी 1996 को हस्ताक्षरित पुराने द्विपक्षीय निवेश संरक्षण ढांचे (BIT) को प्रतिस्थापित करता है
  • पृष्ठभूमि: भारत और इस्राएल के बीच 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। इसके बाद वर्ष 2015 में भारत ने अपने मॉडल 'द्विपक्षीय निवेश संधि' (BIT Model) में संशोधन किया, जिसके तहत पुराने समझौतों को रद्द कर नए सिरे से बातचीत शुरू की गई।
  • नोडल मंत्रालय: भारत सरकार का वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) इसके क्रियान्वयन की देखरेख कर रहा है
  • विशेष महत्व: इस्राएल OECD (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन) का पहला ऐसा सदस्य देश है जिसके साथ भारत ने इस संशोधित रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

गुजरात के साणंद में OSAT सुविधा का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के साणंद में CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल निवेश: यह अत्याधुनिक संयंत्र ₹7,500 करोड़ से अधिक के भारी निवेश के साथ विकसित किया गया है
  • साझेदारी मॉडल: यह परियोजना भारत, जापान और थाईलैंड के औद्योगिक भागीदारों का एक संयुक्त वैश्विक प्रयास है
  • उत्पादन क्षमता: वर्तमान में यह प्रतिवर्ष 20 करोड़ चिप्स का उत्पादन कर रही है। पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने पर इसकी वार्षिक क्षमता 5 अरब (500 करोड़) सेमीकंडक्टर चिप्स तक पहुंच जाएगी
  • लक्ष्य क्षेत्र: यहां बनने वाली चिप्स का उपयोग मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल (कार, स्कूटर), इलेक्ट्रॉनिक्स, 5G, टेलीकॉम और IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) जैसे उन्नत क्षेत्रों में किया जाएगा

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

‘फ्रैक्शनल फर्मी सी’

  • शोधकर्ताओं ने पदार्थ का एक नया और दुर्लभ क्वांटम रूप ‘फ्रैक्शनल फर्मी सी’ विकसित किया है।
  • यह शोध फिजिकल रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित हुआ है और प्री-प्रिंट सर्वर arXiv पर उपलब्ध है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • किसने खोजा: ऑस्ट्रिया के यूनिवर्सिटी ऑफ इंसब्रुक के शोधकर्ताओं (हंस-क्रिस्टोफ नेगेर्ल समूह) ने फ्रांस के CNRS और यूनिवर्सिते पेरिस-डॉफिन के सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी अल्वीज़े बास्तियानेलो के सहयोग से इसे तैयार किया।
  • उपयोग किया गया तत्व: इस प्रयोग में सीज़ियम (Cesium - Cs) परमाणुओं का उपयोग किया गया।
  • अति-शीत तापमान : लगभग 70,000 सीज़ियम परमाणुओं को परम शून्य के करीब, यानी कुछ नैनोकेल्विन तक ठंडा किया गया। इस तापमान पर परमाणु अपनी व्यक्तिगत पहचान खोकर एक एकीकृत क्वांटम क्लाउड की तरह व्यवहार करते हैं।

'प्लेसेंटा-ऑन-चिप' तकनीक विकसित

  • राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, मुंबई और IIT बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने स्वदेशी प्रयोगशाला में 'प्लेसेंटा-ऑन-चिप' तकनीक विकसित की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रमुख वैज्ञानिक: इस शोध का नेतृत्व IIT बॉम्बे के प्रोफेसर अभिजीत मजूमदार (केमिकल इंजीनियरिंग विभाग), प्रोफेसर देबजानी पॉल और ICMR-NIRWoH के डॉ. दीपक मोदी ने किया है।
  • शोध पत्रिका: यह अध्ययन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'बायोफैब्रिकेशन' में प्रकाशित हुआ है।
  • यह एक माइक्रोफ्लूडिक डिवाइस है। इसमें एक छिद्रदार झिल्ली के दोनों ओर मानव प्लेसेंटा और रक्त वाहिकाओं की कोशिकाओं को प्रयोगशाला में विकसित किया गया है।
  • यह चिप पूरी तरह से गर्भाशय में मां और भ्रूण के बीच के इंटरफेस और उसके कार्यों की हूबहू नकल करती है।
  • कार्य: प्लेसेंटा गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में विकसित होने वाला एक अस्थायी अंग है। यह मां से भ्रूण तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों (जैसे ग्लूकोज) को पहुंचाता है और भ्रूण के अपशिष्ट पदार्थों (जैसे यूरिया) को बाहर निकालता है।
  • हार्मोन: यह गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक हार्मोन (जैसे hCG, प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन) का उत्पादन भी करता है।
  • यह किस सिद्धांत पर आधारित है? माइक्रोफ्लूडिक्स और सॉफ्ट लिथोग्राफी।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

651 भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित

  • डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो (DRC) में संयुक्त राष्ट्र के अधीन सेवारत 651 भारतीय सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया।
  • यह सम्मान 3 जुलाई 2026 को DRC के उत्तरी किवू प्रांत के साके (Sake) में स्थित स्थायी परिचालन अड्डे पर आयोजित एक विशेष पदक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मिशन का नाम: ये सैनिक DRC में संयुक्त राष्ट्र के मोनुस्को (MONUSCO - United Nations Organization Stabilization Mission in the Democratic Republic of the Congo) मिशन के तहत तैनात हैं।
  • कठिन परिस्थितियाँ: भारतीय सैनिक पिछले दो दशकों से अधिक समय से अफ्रीका के इस सबसे खतरनाक और संघर्षग्रस्त क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं।
  • सर्वोच्च बलिदान: इस हालिया सम्मान समारोह में दो सैनिकों को मरणोपरांत भी इस पदक से सम्मानित किया गया।

संयुक्त राष्ट्र शांति सेना :

  • स्थापना: संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों की शुरुआत 1948 में हुई थी, जब मध्य पूर्व में पहला सैन्य पर्यवेक्षक मिशन तैनात किया गया था।
  • 'ब्लू हेलमेट्स' : संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को उनकी विशिष्ट नीली टोपी या हेलमेट के कारण 'ब्लू हेलमेट्स' भी कहा जाता है।
  • ऐतिहासिक नुकसान: 1948 से अब तक लगभग 4,500 शांति सैनिकों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। अकेले वर्ष 2025 में ही 59 शांति सैनिकों की मौत दर्ज की गई।
  • भारत ऐतिहासिक रूप से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं (Troop-contributing countries) में से एक रहा है।
  • भारत ने साल 2007 में लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र के तहत पहली बार पूरी तरह से महिला पुलिस इकाई (FPU) तैनात कर इतिहास रचा था।
  • भारत की मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय द्वारा "वर्ष 2023 की यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट" पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है

खेल समाचार

‘क्रोएशिया ग्रैंड चेस टूर 2026’

  • भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रग्नानंद ने ‘क्रोएशिया ग्रैंड चेस टूर 2026’ के रैपिड सेक्शन के अंतिम दिन अपने तीनों मैच जीतकर 12 अंकों के साथ फ्रांस के अलीरेज़ा फ़िरोज़जा के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • टूर्नामेंट का नाम: ग्रैंड चेस टूर 2026 (क्रोएशिया चरण / ज़ाग्रेब लेग)
  • आयोजन स्थल: ज़ाग्रेब, क्रोएशिया
  • प्रारूप (Format): सुपर रैपिड और ब्लिट्ज
  • शीर्ष स्थान विजेता: आर. प्रग्नानंद (भारत) और अलीरेज़ा फ़िरोज़जा (फ्रांस) – दोनों संयुक्त रूप से 12-12 अंकों पर रहे
  • रैपिड स्कोरिंग प्रणाली: रैपिड प्रारूप में प्रत्येक जीत के लिए 2 अंक दिए जाते हैं।

मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश ने अपने तीनों मैच ड्रॉ किए और फिलहाल 10 अंकों के साथ संयुक्त शीर्ष खिलाड़ियों से दो अंक पीछे हैं।

 

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