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विकसित उड़ान’ का शुभारंभ

Sun 05 Jul, 2026

संदर्भ :

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के जोधपुर से क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना (RCS) के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ (संशोधित उड़ान योजना) का शुभारंभ किया।

मुख्य बिंदु :

  • यह योजना मूल 'उड़ान' योजना का संशोधित और उन्नत संस्करण है, जिसे अगले 10 वर्षों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • कुल वित्तीय आवंटन: इस योजना के लिए ₹28,840 करोड़ का ऐतिहासिक बजट निर्धारित किया गया है।
  • समय अवधि: यह वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक (10 वर्ष) लागू रहेगी।
  • नोडल मंत्रालय: यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) के अंतर्गत संचालित है, जिसके वर्तमान केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू हैं।
  • मुख्य उद्देश्य: देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ सुदूर और पहाड़ी क्षेत्रों में किफायती हवाई यात्रा को बढ़ावा देना।
  • बुनियादी ढाँचा विकास:100 नए एयरोड्रोम (हवाई अड्डे), 200 आधुनिक हेलीपैड
  • वित्तीय सहायता:एयरलाइनों के लिए ₹10,043 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF)
  • विशेष फोकस:पहाड़ी एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्वदेशी विमानों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशीकरण : योजना के तहत कम सेवा वाले और दूरदराज के क्षेत्रों में परिचालन के लिए भारत में निर्मित HAL ध्रुव और डोर्नियर (Dornier Do 228) जैसे स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों को शामिल करने पर विशेष बल दिया गया है।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी।

प्रमुख घटक और बजट आवंटन :

घटक (Component) आवंटित राशि (₹ करोड़ में) उद्देश्य/लक्ष्य
एयरोड्रोम विकास ₹12,159 करोड़ मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 नए एयरोड्रोम (हवाई अड्डे/वाटर एयरोड्रोम) विकसित करना।
हेलीपैड विकास ₹3,661 करोड़ देश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण।
संचालन और रखरखाव ₹2,577 करोड़ क्षेत्रीय हवाई अड्डों के सतत संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
वायबिलिटी गैप फंडिंग ₹10,043 करोड़ क्षेत्रीय एयरलाइंस के संचालन को बनाए रखने और टिकट की कीमतों को किफायती रखने के लिए निरंतर सब्सिडी।

जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन :

  • इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया
  • कुल निर्माण लागत: इस विश्वस्तरीय टर्मिनल को ₹480 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है।
  • कनेक्टिविटी को बढ़ावा: यह नया टर्मिनल जोधपुर (राजस्थान का प्रसिद्ध "ब्लू सिटी" और थार रेगिस्तान का प्रवेश द्वार) के लिए हवाई संपर्क को मजबूत करेगा।
  • आर्थिक विकास: इससे क्षेत्र की बढ़ती पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आर्थिक क्षमता को भारी बढ़ावा मिलेगा।

क्षमता और आकार :

  • कुल क्षेत्रफल: यह आधुनिक टर्मिनल 23,342 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • वार्षिक यात्री क्षमता: यह सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • पीक ऑवर क्षमता: यह व्यस्त समय के दौरान एक साथ 1,500 यात्रियों को निर्बाध सेवा देने में सक्षम है।

उड़ान (UDAN - Ude Desh ka Aam Nagrik) :

  • लॉन्च तिथि: इस योजना की शुरुआत 21 अक्टूबर 2016 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा की गई थी।
  • पहली उड़ान: पहली आधिकारिक उड़ान 27 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिमला से दिल्ली के बीच शुरू की गई थी।
  • नोडल मंत्रालय: यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
  • मूल विज़न: देश के आम नागरिक के लिए हवाई यात्रा को सुलभ और सस्ता बनाना

उड़ान योजना के विभिन्न चरण :

  • उड़ान 1.0 (2017): 5 एयरलाइन कंपनियों को 128 उड़ान मार्ग आवंटित किए गए, जिससे 36 नए हवाई अड्डे जुड़े।
  • उड़ान 2.0 (2018): पहली बार हेलीपैड और दूरदराज के क्षेत्रों (जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तर-पूर्व) को जोड़ा गया।
  • उड़ान 3.0 (2019): इसके तहत पर्यटन मार्गों और जलविमानों (Seaplanes) को जोड़ने के लिए 'वॉटर एयरोड्रोम' को शामिल किया गया।
  • उड़ान 4.0 (2020): उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों (जैसे लक्षद्वीप, अंडमान) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
  • उड़ान 5.0 (2023): श्रेणी-2 (20-80 सीटें) और श्रेणी-3 (>80 सीटें) के विमानों पर ध्यान दिया गया और रूट की दूरी की सीमा हटा दी गई।
  • विकसित उड़ान (2026): वर्तमान में शुरू किया गया नवीनतम चरण, जो अगले 10 वर्षों के लिए ₹28,840 करोड़ के बजट के साथ बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।

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