26 May, 2026
16वाँ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन
Sat 04 Jul, 2026
संदर्भ :
- 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में किया गया, जिसमें भारत के ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी’ और जापान की प्रधानमंत्री ‘सनाए ताकाइची’ ने भाग लिया।
मुख्य बिन्दु :
- आयोजन तिथि व स्थान: 1-3 जुलाई 2026, नई दिल्ली
- जापानी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा: प्रधानमंत्री बनने के बाद सनाए ताकाइची की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी
- साझेदारी का नाम: दोनों देशों ने भारत-जापान "विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी" की समीक्षा की।
- कुल परिणाम : इस सम्मेलन में कुल 16 प्रमुख परिणाम घोषित किए गए, जिनमें 1 संयुक्त घोषणा, 2 संयुक्त वक्तव्य, 6 सहयोग ज्ञापन (MoC) और 5 समझौता ज्ञापन (MoU) शामिल हैं
16 प्रमुख परिणामों की सूची :
| क्रम सं. | समझौता/घोषणा | मुख्य उद्देश्य |
| 1 | आर्थिक सुरक्षा पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा | सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, AI, ICT, स्वच्छ ऊर्जा एवं औषधि क्षेत्रों में परियोजना-आधारित सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ करना। |
| 2 | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर संयुक्त वक्तव्य | सुरक्षित, विश्वसनीय एवं मानव-केंद्रित AI के लिए संयुक्त अनुसंधान, विकास और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देना। |
| 3 | ऊर्जा क्षेत्र में मज़बूती पर संयुक्त वक्तव्य | कच्चे तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों के रणनीतिक भंडारण तथा समुद्री ऊर्जा परिवहन में सहयोग बढ़ाना। |
| 4 | राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ वर्ष 2027 को "भारत-जापान साझा क्षितिज | वर्ष (India-Japan Year of Shared Horizons)" के रूप में मनाने का निर्णय। |
| 5 | भारत-जापान CBG (Cooperative Biogas for Growth) पहल | भारत में 1,000 बायोगैस एवं जैविक उर्वरक संयंत्र स्थापित करने हेतु सहयोग। |
| 6 | बैटरी क्षेत्र में सहयोग | बैटरी परियोजनाओं एवं सुरक्षित, टिकाऊ बैटरी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना। |
| 7 | औषधि एवं चिकित्सा उपकरण सहयोग | API, KSM, निवेश, तकनीकी सहयोग एवं औषधि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना। |
| 8 | भूविज्ञान एवं खनिज अन्वेषण सहयोग | महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण एवं तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान। |
| 9 | IndiaAI Mission–METI समझौता | AI परियोजनाओं, B2B सहयोग, वेबिनार एवं कंप्यूटिंग संसाधनों में साझेदारी। |
| 10 | अगली पीढ़ी की गतिशीलता साझेदारी (NGMP) | रेल, सड़क, ऑटोमोबाइल, विमानन, जहाज निर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं शहरी विकास में सहयोग बढ़ाना तथा "Make in India for the World" को प्रोत्साहन। |
| 11 | C-CAMP–RIKEN समझौता | स्वास्थ्य, कृषि एवं पर्यावरण क्षेत्र में डीप-टेक, जीवन विज्ञान एवं स्टार्टअप नवाचार को बढ़ावा देना। |
| 12 | NCBS-TIFR–RIKEN समझौता | मूलभूत जीवविज्ञान एवं तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान में सहयोग। |
| 13 | IIT बॉम्बे–भारतजेन–NII समझौता | उन्नत वैज्ञानिक तर्क क्षमता वाले Large Language Models (LLMs) के विकास हेतु संयुक्त अनुसंधान। |
| 14 | Sarvam AI–Preferred Networks समझौता | फाउंडेशन मॉडल सहित AI प्रौद्योगिकी स्टैक में सहयोग। |
| 15 | NIXI–JPNIC समझौता | IPv6, इंटरनेट सुरक्षा, क्षमता विकास, इंटरनेट शासन एवं पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा देना। |
| 16 | IFSCA–JFSA पत्रों का आदान-प्रदान | फिनटेक, रेगटेक, वित्तीय नियमन एवं सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान में सहयोग। |
जापान :
- आधिकारिक नाम: निप्पॉन या निहोन जिसका अर्थ है "सूर्योदय का देश"
- राजधानी: टोक्यो : यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला महानगरीय क्षेत्र है।
- मुद्रा : येन, इसका प्रतीक ¥ है।
- संसद का नाम: डाइट, यह द्विसदनीय संसद है
- राष्ट्रीय खेल: सुमो रेसलिंग (हालाँकि बेसबॉल वहाँ सबसे लोकप्रिय खेल है)
मुख्य द्वीप (उत्तर से दक्षिण के क्रम में :
- होक्काइडो : सबसे उत्तरी द्वीप
- होनशू : सबसे बड़ा द्वीप (इसी द्वीप पर राजधानी टोक्यो और माउंट फुजी स्थित हैं)
- शिकोकू : सबसे छोटा मुख्य द्वीप
- क्यूशू : सबसे दक्षिणी मुख्य द्वीप
- सबसे ऊंची चोटी: माउंट फुजी: यह एक सक्रिय ज्वालामुखी है और होनशू द्वीप पर है।
- रिंग ऑफ फायर : जापान प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है
हिरोशिमा और नागासाकी (द्वितीय विश्व युद्ध):
- 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर "लिटिल बॉय" नामक यूरेनियम बम गिराया गया था
- 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर "फैट मैन" नामक प्लूटोनियम बम गिराया गया था
भारत-जापान के बीच राजनयिक संबंधों का विकास :
- 1952: आधिकारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई
- 2000: द्विपक्षीय संबंधों को 'वैश्विक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया
- 2006: दोनों देशों के बीच 'वार्षिक शिखर सम्मेलन तंत्र' की शुरुआत हुई
- 2011: व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए गए
- 2014: संबंधों को और मजबूत कर 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' में अपग्रेड किया गया
- 2025 (विजन): 'इंडो-पैसिफिक में शांति एवं समृद्धि के लिए जापान-भारत विज़न 2025' के रूप में साझेदारी का चरम स्वरूप सामने आया









