26 May, 2026
FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड का शुभारंभ
Thu 02 Jul, 2026
संदर्भ :
- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड का शुभारंभ किया।
मुख्य बिन्दु :
- मुख्य उद्देश्य : डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता तथा नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाना
- मंत्रालय: यह दोनों पहल गृह मंत्रालय (MHA) के अंतर्गत आती हैं
- सिद्धांत: यह पहल 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' के सिद्धांत पर आधारित हैं
- FCRA 1.0 पोर्टल का शुभारंभ वर्ष 2015 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया गया था
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम 2.0 (FCRA 2.0 पोर्टल) :
- FCRA 2.0 पोर्टल विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के प्रशासन हेतु विकसित एक उन्नत डिजिटल प्लेटफार्म है।
- उद्देश्य: विदेशी फंड के नियमों (अनुपालन) को सरल बनाना और गलत इरादों से आने वाले विदेशी धन की सख्त निगरानी करना
- नोडल निकाय: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA)
- मेजबान: राष्ट्रीय सरकारी क्लाउड (मेघराज)
मुख्य विशेषताएं:
- एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण: पंजीकरण, नवीनीकरण, वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और अन्य वैधानिक स्वीकृतियों की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी। भौतिक दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
- क्लाउड होस्टिंग: इस पोर्टल को नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड 'मेघराज' पर होस्ट किया गया है, जो साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करता है और डेटा चोरी के जोखिम को कम करता है।
- उन्नत तकनीकी उपकरण: इसमें आधार-आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन (e-Sign) सुविधा और OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) आधारित दस्तावेज़ विश्लेषण शामिल हैं।
- डेटाबेस एकीकरण: यह पोर्टल PAN, आधार, OCI डेटाबेस, NGO दर्पण और ICAI के UDIN (यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर) सिस्टम के साथ एकीकृत है, जिससे वास्तविक समय में सत्यापन आसान होगा।
- आगामी विशेषताएं: आने वाले महीनों में एक AI-संचालित चैटबॉट, मोबाइल एप्लिकेशन और बैंकों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी लॉन्च किया जाएगा।
- आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक रिटर्न और अन्य सेवाओं से संबंधित सभी प्रमुख प्रक्रियाओं को अब पूरी तरह से डिजिटल (शुरू से अंत तक) कर दिया गया है।
- वर्तमान में, देश भर में लगभग 14,500 सक्रिय FCRA संगठन कार्यरत हैं।
- प्रतिवर्ष लगभग 15,000 से 20,000 आवेदन और लगभग 17,000 वार्षिक रिटर्न प्राप्त होते हैं।
FCRA 1.0 बनाम FCRA 2.0 (परीक्षा के लिए तुलनात्मक अंतर) :
| विशेषता | FCRA 1.0 पोर्टल | FCRA 2.0 पोर्टल |
| प्रणाली का प्रकार | आंशिक रूप से डिजिटल (स्कैन दस्तावेज़ों की आवश्यकता) | पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस (एंड-टू-एंड ऑनलाइन) |
| डेटाबेस लिंकेज | पृथक (Isolated) प्रणाली थी, मैन्युअल जांच जरूरी थी | PAN, Aadhaar, NGO Darpan और ICAI से सीधे लिंक |
| सत्यापन तकनीक | पारंपरिक यूजरनेम और पासवर्ड आधारित लॉगिन | Aadhaar प्रमाणीकरण, e-Sign और OCR तकनीक युक्त |
| निगरानी | आवधिक समीक्षा और तिमाही/वार्षिक रिपोर्ट आधारित | रीयल-टाइम (Real-time) ट्रैकिंग और AI-संचालित निगरानी |
इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (e-OCI कार्ड) :
- एक महत्वपूर्ण नागरिक-केंद्रित पहल है
- उद्देश्य : वैश्विक स्तर पर फैले भारतीय प्रवासियों के लिए ओसीआई सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली के माध्यम से बेहतर बनाना
- यह प्रणाली वैश्विक स्तर पर रहने वाले 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारकों के लिए शुरू की गई है, जो नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप है
मुख्य विशेषताएं और सुधार:
- पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया: नए आवेदक पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं, दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं और मंजूरी के बाद डिजिटल रूप से जनरेट किया गया e-OCI कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसे मोबाइल पर रखकर इमिग्रेशन चेक पोस्ट और एयरलाइंस को दिखाया जा सकता है।
- 20 वर्ष की आयु का नियम बदला (एक बड़ी राहत): पहले के नियमों के अनुसार, 20 वर्ष की आयु पार करने के बाद नया पासपोर्ट बनने पर OCI बुकलेट को भी दोबारा जारी (Re-issue) करवाना पड़ता था। अब इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। e-OCI कार्डधारकों को नया पासपोर्ट मिलने पर केवल अपनी पासपोर्ट डिटेल्स को ऑनलाइन अपडेट करना होगा।
- दस्तावेजों के खोने का डर खत्म: डिजिटल ओसीआई कार्ड के कारण भौतिक बुकलेट के खोने या फटने की समस्या समाप्त हो जाएगी और वास्तविक समय में इसका डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा।
ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) :
- भारत सरकार द्वारा भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दी जाने वाली एक आव्रजन सुविधा है, जिसे 'आजीवन वीजा' भी कहा जाता है
- शुरुआत: OCI योजना को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2005 के माध्यम से प्रवासी भारतीय दिवस (9 जनवरी 2006) को हैदराबाद में लॉन्च किया गया था
- समिति की सिफारिश: इस योजना की पृष्ठभूमि एल.एम. सिंघवी समिति की सिफारिशों पर तैयार की गई थी
- PIO का विलय: वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 'पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन' (PIO) कार्ड योजना को समाप्त कर उसे पूरी तरह OCI योजना में विलय कर दिया
पात्रता मानदंड :
- कोई भी विदेशी नागरिक OCI कार्ड के लिए पात्र है, यदि वह:
- 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत का नागरिक बनने के लिए पात्र था।
- 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद किसी भी समय भारत का नागरिक था।
- ऐसे किसी क्षेत्र से संबंध रखता हो जो 15 अगस्त 1947 के बाद भारत का हिस्सा बना।
- उपर्युक्त नागरिकों का बच्चा, पोता/पोती या परपोता/परपोती हो।
- अपवाद: यदि कोई व्यक्ति, उसके माता-पिता या दादा-दादी कभी भी पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रहे हों, तो वह OCI कार्ड के लिए पात्र नहीं होगा।
OCI कार्डधारकों पर प्रतिबंध :
- मतदान का अधिकार नहीं: वे भारत में किसी भी चुनाव में वोट नहीं डाल सकते।
- संवैधानिक पद नहीं: वे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट के जज, या सांसद/विधायक जैसे संवैधानिक पदों पर आसीन नहीं हो सकते
- सरकारी नौकरी नहीं: वे सार्वजनिक रोजगार (सरकारी नौकरियों) के लिए पात्र नहीं होते हैं, जब तक कि सरकार द्वारा कोई विशेष आदेश न दिया गया हो
- कृषि भूमि पर रोक: वे भारत में कृषि भूमि, वृक्षारोपण संपत्ति या फार्महाउस नहीं खरीद सकते। वे केवल आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति खरीद सकते हैं।
- विशेष अनुमति की आवश्यकता: पर्वतारोहण, अनुसंधान, पत्रकारिता, और प्रतिबंधित/संरक्षित क्षेत्रों (जैसे मिशनरी गतिविधियां या कुछ पूर्वोत्तर राज्य) का दौरा करने के लिए उन्हें सरकार से विशेष अनुमति लेनी होती है
NRI बनाम OCI :
| विशेषता | अनिवासी भारतीय (NRI) | ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) |
| नागरिकता | भारतीय नागरिक (केवल विदेश में रह रहे हैं)। | विदेशी नागरिक (जिनके पास विदेशी पासपोर्ट है)। |
| पासपोर्ट | भारतीय पासपोर्ट धारक। | विदेशी पासपोर्ट धारक। |
| मतदान का अधिकार | हाँ, वे भारत में मतदान कर सकते हैं। | नहीं, वे मतदान नहीं कर सकते। |
| कर | भारत में अर्जित आय पर भारतीय कर नियमों के अनुसार कर लगता है। | भारत में अर्जित आय पर विदेशी नागरिकों/NRI के समान कर लगता है। |









