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डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 11 वर्ष पूर्ण

Wed 01 Jul, 2026

संदर्भ :

  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने 1 जुलाई 2026 को अपने संचालन के 11 वर्ष पूर्ण किया।

प्रमुख उपलब्धियां :

  • भारत वैश्विक स्तर पर होने वाले वास्तविक समय के डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49% हिस्सा UPI के माध्यम से संभालता है।
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था GDP में लगभग 12 से 14% का योगदान देती है ।
  • भारतनेट ने लगभग 97% ग्राम पंचायतों को जोड़ दिया है ।
  • डिजिलॉकर के 70 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं ।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई लेनदेन 24,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
  • ONDC का विस्तार 1,000 शहरों तक हो चुका है ।
  • एग्रीस्टैक ने 9 करोड़ से अधिक किसान आईडी तैयार की हैं ।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम :

  • शुरुआत (लॉन्च): 1 जुलाई 2015 (आज 1 जुलाई 2026 को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल 11 वर्ष पूरे हो गए हैं)
  • नोडल मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
  • मुख्य उद्देश्य: भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना
  • मूल मंत्र (मोटो): 'पावर टू एम्पावर' (सशक्त बनाने की शक्ति)

डिजिटल इंडिया के 3 प्रमुख विजन क्षेत्र :

  • प्रत्येक नागरिक के लिए एक उपयोगिता के रूप में बुनियादी ढांचा: उच्च गति इंटरनेट, अद्वितीय डिजिटल पहचान (आधार) और सुरक्षित साइबर स्पेस
  • मांग पर शासन और सेवाएं: ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल वित्तीय लेनदेन और विभागों का आपस में जुड़ाव
  • नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण: सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता और डिजिटल संसाधनों तक सभी की आसान पहुँच

डिजिटल इंडिया के 9 मुख्य स्तंभ :

स्तंभ 1: ब्रॉडबैंड राजमार्ग :

  • लक्ष्य एवं प्रगति: इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर तीन उप-घटकों (ग्रामीण, शहरी और राष्ट्रीय सूचना अवसंरचना) पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • भारतनेट परियोजना: इसके तहत देश भर की 2.2 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2026 तक लगभग 21 लाख ग्राम पंचायतें (लगभग 97%) जोड़ी जा चुकी हैं, जिसमें 7 लाख किमी से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई जा चुकी है।
  • महत्व: इसने ग्रामीण भारत में ई-गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन शिक्षा की नींव रखी है।

स्तंभ 2: मोबाइल कनेक्टिविटी तक सार्वभौमिक पहुंच :

  • प्रगति: मार्च 2026 तक भारत में ब्रॉडबैंड इंटरनेट ग्राहकों की संख्या बढ़कर 106.58 करोड़ हो गई है।
  • प्रशासनिक निहितार्थ: यह सुनिश्चित करता है कि सरकार की हर नागरिक-केंद्रित नीति 'अंतिम छोर तक' बिना किसी बाधा के पहुंचे।

स्तंभ 3: सार्वजनिक इंटरनेट पहुंच कार्यक्रम

  • सामान्य सेवा केंद्र (CSC): 65 लाख से अधिक सीएससी और 16 लाख डाकघर वर्तमान में डिजिटल हब के रूप में कार्य कर रहे हैं।
  • निहितार्थ: ये केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाकर 'डिजिटल समावेशन' के वास्तविक वाहक बने हैं।

स्तंभ 4: ई-गवर्नेंस: प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार में सुधार :

  • सिद्धांत: "कम सरकार, अधिक शासन"
  • प्रमुख प्लेटफॉर्म: डिजीलॉकर, नेशनल सिंगल साइन-ऑन (NSSO)
  • लाभ: प्रक्रियाओं का सरलीकरण, एकल खिड़की मंजूरी, और अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार

स्तंभ 5: ई-क्रांति: सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी (e-Kranti)

  • दर्शन: सरकार के सभी विभागों में सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदान करना।
  • मुख्य क्षेत्र: ई-एजुकेशन, ई-हेल्थ, ई-न्याय (ई-कोर्ट्स) और ई-प्लानिंग।
  • मामला अध्ययन (Case Study) - ई-कोर्ट्स मिशन मोड परियोजना: इसने भारतीय न्यायिक प्रणाली को डिजिटल रूप दिया है। इसके तहत 660 करोड़ से अधिक न्यायिक पेजों का डिजिटलीकरण किया गया है और 1.07 करोड़ से अधिक मामले ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है।

स्तंभ 6: सभी के लिए जानकारी :

  • सिद्धांत: पारदर्शिता और भागीदारी
  • प्लेटफॉर्म: MyGov (नागरिक सहभागिता पोर्टल) और ओपन गवर्नमेंट डेटा (OGD) प्लेटफॉर्म
  • लाभ: नागरिक नीतियों के निर्माण में सीधे सुझाव दे सकते हैं, जिससे लोकतंत्र अधिक सहभागी बनता है।

स्तंभ 7: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण :

  • प्रगति: वित्त वर्ष 2014-15 में ₹1.9 लाख करोड़ के उत्पादन से बढ़कर यह मार्च 2026 तक लगभग ₹12 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
  • वैश्विक स्थिति: भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है।
  • सहायक नीतियां: उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना और 'मेक इन इंडिया' ने इसमें उत्प्रेरक का कार्य किया है।

स्तंभ 8: रोजगार के लिए आईटी :

  • रोजगार सृजन: नैसकॉम (NASSCOM) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में आईटी-बीपीएम उद्योग का राजस्व 283 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs): भारत में 2,100 से अधिक जीसीसी काम कर रहे हैं, जो साइबर सुरक्षा, एआई और एनालिटिक्स जैसे उन्नत क्षेत्रों में लगभग 26 लाख पेशेवरों को रोजगार प्रदान करते हैं।

स्तंभ 9: प्रारंभिक फसल कटाई कार्यक्रम :

  • त्वरित प्रभाव वाली पहलें: बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, सुरक्षित सरकारी ईमेल, सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट और मौसम संबंधी एसएमएस अलर्ट आदि ने शुरुआती चरण में ही शासन में सुधार की तात्कालिकता को सिद्ध किया।

प्रमुख डिजिटल पहल:

  • डिजिलॉकर : 1 जुलाई 2015 (इसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही लॉन्च किया गया था)
  • उमंग ऐप (UMANG): 23 नवंबर 2017 (नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी सरकारी सेवाएं देने के लिए इसकी शुरुआत की गई थी)।
  • यूपीआई (UPI): 11 अप्रैल 2016 (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी, जिसने देश में खुदरा भुगतान का चेहरा बदल दिया)।
  • पीएम-वाणी (PM-WANI): 9 दिसंबर 2020 (केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा देश भर में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार की इस योजना को मंजूरी दी गई थी)।
  • भाषिनी (Bhashini): 4 जुलाई 2022 (डिजिटल इंडिया सप्ताह 2022 के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भाषा अनुवाद मंच की शुरुआत की गई थी)।

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