राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रीय राजमार्ग-148AE पर 6-लेन की सड़क सुरंग के निर्माण को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे (NH-248BB) को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-148AE (NH-148AE) पर 6-लेन की सड़क सुरंग के निर्माण को मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल लंबाई और स्वरूप: परियोजना की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर है। इसमें 3.14 किमी लंबी जुड़वां-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसके प्रत्येक ट्यूब में 3-3 लेन होंगी।
- वित्तीय लागत: इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित पूंजीगत लागत ₹6,969.67 करोड़ है।
- कार्यान्वयन मॉडल: इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा
- समय सीमा: केंद्र सरकार ने इस परियोजना को 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- रूट का संरेखण : यह सुरंग दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे (NH-48) पर शिव मूर्ति इंटरचेंज से शुरू होगी और वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग व महरौली-महिपालपुर रोड के चौराहे से पहले समाप्त होगी।
- सदर्न रिज फॉरेस्ट का संरक्षण: इस सुरंग का 1.98 किमी लंबा हिस्सा दिल्ली के 'फेफड़े' कहे जाने वाले दक्षिणी रिज क्षेत्र के नीचे से गुजरेगा
- परियोजना से लगभग 75 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 98 लाख व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
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कानपुर-कबरई खंड के निर्माण को मंजूरी

- सरकार ने उत्तर प्रदेश में 117.7 किलोमीटर लंबे, 4-6 लेन वाले कानपुर-कबरई खंड के निर्माण को मंजूरी दी।
- यह प्रोजेक्ट NH-34 का हिस्सा है और बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर लगभग ₹7,145.14 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।
सम्बन्धित तथ्य :
- रियोजना का नाम: कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे (कानपुर से महोबा तक)
- राजमार्ग का नाम: यह राष्ट्रीय राजमार्ग NH-34 का हिस्सा है
- लंबाई: यह लगभग 117.7 किलोमीटर लंबा है
- लागत: इस पर कुल 7,145 करोड़ रुपये का खर्च आएगा
- लेन (Lanes): इसे शुरू में 4 लेन का बनाया जाएगा, लेकिन ढांचा ऐसा है कि भविष्य में इसे 6 लेन तक बढ़ा सकें
- सफर का समय: यात्रा का समय 3.5 घंटे से घटकर सिर्फ 1.5 घंटे रह जाएगा
- मॉडल: इसे 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) मोड पर बनाया जाएगा
- आर्थिक गलियारा: यह भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक बहुत जरूरी हिस्सा है।
- गतिशक्ति: यह परियोजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों के साथ काम करेगी।
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MLFF आधारित टोलिंग प्रणाली की शुरुआत

- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) आधारित टोलिंग प्रणाली की शुरुआत की गई है।
सम्बन्धित तथ्य :
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मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक :
- यह एक बाधा-रहित (Barrier-less) स्वचालित टोल संग्रह प्रणाली है। इसके तहत वाहनों को टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने या गति धीमी करने की आवश्यकता नहीं होती है।
- कार्यप्रणाली: यह तकनीक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और स्मार्ट सेंसर को वर्तमान FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत करती है।
- सेंसर और गैन्ट्री: सड़क के ऊपर स्थापित विशेष गैन्ट्री और हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे चलते हुए वाहन के फास्टैग और रजिस्ट्रेशन विवरण को पढ़ लेते हैं और शुल्क सीधे लिंक्ड खाते से काट लिया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) :
- स्थापना : NHAI अधिनियम, 1988 के तहत
- परिचालन शुरू : फरवरी 1995 में
- मुख्यालय: नई दिल्ली
- मंत्रालय: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)
- वर्तमान अध्यक्ष : संतोष कुमार यादव
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VB-G RAM G अधिनियम लागू

- मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी अधिनियम आज (1 जुलाई 2026) से लागू किया गया।
'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन ग्रामीण' (VB-G RAM G) योजना :
- किसका स्थान लिया : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का
- विधेयक की यात्रा: यह बिल 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश हुआ और 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद कानून बना
- लक्ष्य : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को 'विकसित भारत @2047' के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ जोड़ना
- रोजगार की गारंटी : न्यूनतम 125 दिन प्रति वर्ष
- खेती के चरम मौसम के दौरान अधिकतम 60 दिनों के कृषि विराम का कानूनी प्रावधान
- वित्तीय भार : सामान्य राज्यों के बीच 60:40 का अनुपात एवं पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10
- मज़दूरी में वृद्धि: राष्ट्रीय औसत मजदूरी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है। साथ ही न्यूनतम आधार मजदूरी (Minimum Base Wage) ₹300 प्रतिदिन तय की गई है।
- वित्तीय प्रावधान: केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹95,692 करोड़ का अंतरिम आवंटन राज्यों को जारी किया है।
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डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 11 वर्ष पूर्ण

- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने 1 जुलाई 2026 को अपने संचालन के 11 वर्ष पूर्ण किया
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम :
- शुरुआत (लॉन्च): 1 जुलाई 2015 (आज 1 जुलाई 2026 को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल 11 वर्ष पूरे हो गए हैं)
- नोडल मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
- मुख्य उद्देश्य: भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना
- मूल मंत्र (मोटो): 'पावर टू एम्पावर' (सशक्त बनाने की शक्ति)
- डिजिटल इंडिया के 3 प्रमुख विजन क्षेत्र :
- प्रत्येक नागरिक के लिए एक उपयोगिता के रूप में बुनियादी ढांचा: उच्च गति इंटरनेट, अद्वितीय डिजिटल पहचान (आधार) और सुरक्षित साइबर स्पेस
- मांग पर शासन और सेवाएं: ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल वित्तीय लेनदेन और विभागों का आपस में जुड़ाव
- नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण: सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता और डिजिटल संसाधनों तक सभी की आसान पहुँच
डिजिटल इंडिया के 9 मुख्य स्तंभ :
- ब्रॉडबैंड हाईवे: पूरे देश (विशेषकर ग्राम पंचायतों) को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ना
- मोबाइल कनेक्टिविटी तक सार्वभौमिक पहुँच: देश के हर कोने में मोबाइल नेटवर्क पहुँचाना
- सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस कार्यक्रम: डाकघरों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को डिजिटल सेवा केंद्रों में बदलना
- ई-गवर्नेंस (तकनीकी के माध्यम से सरकार में सुधार): सरकारी कामकाज को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना
- ई-क्रांति (सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी): शिक्षा (ई-बस्ता), स्वास्थ्य (ई-अस्पताल), और किसानों के लिए ऑनलाइन तकनीक पहुँचाना
- सभी के लिए सूचना: सरकारी डेटा और दस्तावेजों को जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराना
- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: देश के भीतर मोबाइल, चिप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों के उत्पादन को बढ़ावा देना (शून्य आयात का लक्ष्य)
- नौकरी के लिए आईटी (IT): ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रशिक्षित करना
- अंतिम समय में कार्यक्रम (अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम): सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, वाई-फाई और ई-दस्तावेजों को तुरंत लागू करना।
प्रमुख डिजिटल पहल और उपलब्धियां :
- डिजिलॉकर : 1 जुलाई 2015 (इसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही लॉन्च किया गया था)
- उमंग ऐप (UMANG): 23 नवंबर 2017 (नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी सरकारी सेवाएं देने के लिए इसकी शुरुआत की गई थी)।
- यूपीआई (UPI): 11 अप्रैल 2016 (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी, जिसने देश में खुदरा भुगतान का चेहरा बदल दिया)।
- पीएम-वाणी (PM-WANI): 9 दिसंबर 2020 (केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा देश भर में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार की इस योजना को मंजूरी दी गई थी)।
- भाषिनी (Bhashini): 4 जुलाई 2022 (डिजिटल इंडिया सप्ताह 2022 के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भाषा अनुवाद मंच की शुरुआत की गई थी)।
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FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड का शुभारंभ

- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड का शुभारंभ किया।
सम्बन्धित तथ्य :
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FCRA 2.0 पोर्टल :
- पूरा नाम: विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम 2.0 पोर्टल (Foreign Contribution Regulation Act 2.0).
- उद्देश्य: विदेशों से मिलने वाले चंदे/दान के पंजीकरण, नवीनीकरण और वार्षिक रिटर्न की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना।
- होस्टिंग: यह पोर्टल राष्ट्रीय सरकारी क्लाउड 'मेघराज' (MeghRaj) पर सुरक्षित रूप से होस्ट किया गया है, जिससे डेटा चोरी का खतरा न्यूनतम होगा।
- तकनीकी विशेषताएं: इसमें ई-साइन (e-Sign) आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर दस्तावेज विश्लेषण और एनजीओ (NGO) दर्पण बैंक खाता एकीकरण प्रणाली शामिल है।
इलेक्ट्रॉनिक e-OCI कार्ड :
- पूरा नाम: इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (Electronic Overseas Citizen of India Card).
- लाभार्थी: दुनिया भर में फैले 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारक।
- परिवर्तन: यह ओसीआई सेवाओं को पूरी तरह कागज-रहित और डिजिटल बनाता है। अब आवेदक ऑनलाइन ही आवेदन जमा करने से लेकर डिजिटल रूप से जनरेटेड कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
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नियुक्तियां
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन

- लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने 1 जुलाई 2026 को सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of the Army Staff - VCOAS) का पदभार ग्रहण किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- पद : उप सेना प्रमुख (VCOAS : Vice Chief of the Army Staff)
- किसका स्थान लिया: उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का स्थान लिया, जिन्हें भारतीय सेना का नया प्रमुख (Chief of the Army Staff - COAS) नियुक्त किया गया है।
- रेजिमेंट: वे जून 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन हुए थे और 1 अगस्त 2024 से इस रेजिमेंट के कर्नल हैं
- सैन्य सम्मान: उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और सेना पदक (SM) से सम्मानित किया जा चुका है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां :
- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS): जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि (31 मई 2026 से पदभार ग्रहण किया)
- थल सेना प्रमुख (COAS): जनरल धीरज सेठ (30 जून 2026 से पदभार ग्रहण किया)
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एयर मार्शल तेजिंदर सिंह

- एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने 1 जुलाई 2026 को चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CISC) के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया।
सम्बन्धित तथ्य :
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एकीकृत रक्षा स्टाफ (IDS) :
- गठन : 1 अक्टूबर 2001 (कारगिल समीक्षा समिति, 1999 की सिफारिशों के आधार पर)
- मुख्यालय : नई दिल्ली
- मूल मंत्र : 'जीत के लिए एकता'
- मुख्य उद्देश्य: थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्तता स्थापित करना।
- नोडल विभाग: यह रक्षा मंत्रालय के तहत सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के साथ मिलकर काम करता है।
चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) :
- पद का नाम: चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC)
- नवीनतम नियुक्ति : एयर मार्शल तेजिंदर सिंह (कार्यभार: 1 जुलाई 2026)
- पद की स्थिति: यह सेना के तीनों अंगों (Army, Navy, Air Force) के उप-प्रमुखों के समकक्ष थ्री-स्टार रैंक का पद है।
- रैंक रोटेशन: इस पद पर थलसेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों को बारी-बारी से नियुक्त किया जाता है।
- कार्यकारी भूमिका: यह अधिकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के तहत चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CoSC) के सचिव के रूप में सचिवालय का संचालन करता है।
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हेलेन मैकएंटे

- आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएंटे ने यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता ग्रहण की।
सम्बन्धित तथ्य :
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यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता 2026 :
- अध्यक्षता पाने वाला देश: आयरलैंड ने 1 जुलाई 2026 से अगले 6 महीनों के लिए यूरोपीय संघ परिषद की घूर्णन (रोटेटिंग) अध्यक्षता ग्रहण की है
- अवधि: यह अध्यक्षता 1 जुलाई 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी
- हेलेन मैकएंटे की भूमिका: चूंकि वह आयरलैंड सरकार में न्याय मंत्री हैं, इसलिए इस अध्यक्षता के दौरान वे यूरोपीय संघ के न्याय और गृह मामलों की परिषद की बैठकों की अध्यक्षता और नेतृत्व करेंगी
- पिछली अध्यक्षता: आयरलैंड से ठीक पहले (जनवरी से जून 2026 तक) यह अध्यक्षता ऑस्ट्रिया के पास थी
यूरोपीय संघ (EU) :
- यूरोप में स्थित 27 सदस्य देशों का एक अनूठा आर्थिक और राजनीतिक संगठनहै
- स्थापना: 1 नवंबर 1993, मास्ट्रिच संधि के तहत
- मुख्यालय: ब्रुसेल्स (बेल्जियम)
- साझा मुद्रा : यूरो (Euro - €) — इसे वर्तमान में 27 में से 20 सदस्य देश उपयोग करते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से 'यूरोज़ोन'कहा जाता है
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
जून 2026 में भारत का सकल GST संग्रह

- जून 2026 में भारत का सकल GST संग्रह 13.9% की वार्षिक वृद्धि के साथ 1.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
सम्बन्धित तथ्य :
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जून 2026 GST संग्रह :
- कुल सकल संग्रह : ₹1.94 लाख करोड़ (सटीक आंकड़ा: ₹1,93,964 करोड़)
- वार्षिक वृद्धि दर : जून 2025 की तुलना में 13.9% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है
- घरेलू लेनदेन में वृद्धि: घरेलू आर्थिक गतिविधियों और लेनदेन से होने वाले कर संग्रह में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14.2% की बढ़ोतरी हुई है।
- वस्तुओं के आयात पर कर वृद्धि: विदेशों से आने वाली वस्तुओं (इम्पोर्ट) पर जीएसटी संग्रह में 12.1% की वृद्धि देखी गई है।
संग्रह का घटकवार विवरण :
- केंद्रीय GST (CGST): ₹34,250 करोड़
- राज्य GST (SGST): ₹42,850 करोड़
- एकीकृत GST (IGST): ₹1,02,450 करोड़ (इसमें वस्तुओं के आयात पर एकत्र किया गया ₹48,200 करोड़ शामिल है)
- उपकर (Cess): ₹14,414 करोड़ (इसमें वस्तुओं के आयात पर एकत्र किया गया ₹1,215 करोड़ शामिल है)
सकल जीएसटी (GST) :
- यह पूरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है
- लागू होने की तिथि: 1 जुलाई 2017 (संविधान का 101वाँ संशोधन अधिनियम, 2016)
- सकल जीएसटी संग्रह का अर्थ: इसका मतलब है कि एक निश्चित महीने या अवधि में सरकार द्वारा एकत्र किया गया कुल कर (Tax), जिसमें से रिफंड (कर वापसी) को घटाया नहीं गया होता
कर की दरें :
- 0% (कर मुक्त): आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, नमक, अनपैक अनाज आदि
- 5%: सामान्य उपयोग की वस्तुएं जैसे चीनी, चाय, खाद्य तेल आदि
- 12%: मक्खन, मोबाइल फोन, प्रसंस्कृत खाद्य आदि
- 18%: हेयर ऑयल, साबुन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, और अधिकांश सेवाएँ
- 28% (उच्चतम दर): कार, सीमेंट, सिगरेट और विलासिता की वस्तुएं
GST परिषद :
- संविधान का अनुच्छेद: अनुच्छेद 279A के तहत इसका गठन किया गया है
- अध्यक्ष: केंद्रीय वित्त मंत्री (वर्तमान में निर्मला सीतारमण) इसके अध्यक्ष होते हैं
- सदस्य: केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री और सभी राज्यों के वित्त/कर मंत्री इसके सदस्य होते हैं
- मुख्य कार्य: जीएसटी की दरों को तय करना, कर छूट की सीमा निर्धारित करना और कर से जुड़े विवादों का निपटारा करना
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भारत की शुद्ध विदेशी देनदारियां

- RBI के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की शुद्ध विदेशी देनदारियां 52.4 अरब डॉलर घटकर 209.9 अरब डॉलर रह गईं है।
- यह देश में विदेशी स्वामित्व वाली संपत्तियों में गिरावट और भारतीय निवासियों के पास मौजूद विदेशी वित्तीय संपत्तियों में बढ़ोतरी को दर्शाता है।
- भारत पर गैर-निवासियों के शुद्ध दावों में यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी देनदारियों में लगभग 40 अरब डॉलर की कमी और भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय संपत्तियों में लगभग 12 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के कारण हुई।
प्रमुख आंकड़े :
| घटक / पैरामीटर |
स्थिति (मार्च 2026 के अंत में) |
तिमाही बदलाव (Q4 में) |
मुख्य कारण / प्रभाव |
| शुद्ध विदेशी देनदारियां |
$209.9 अरब |
$52.4 अरब की कमी |
भारत के बाहरी वित्तीय संतुलन में मजबूती |
| विदेशी देनदारियां |
$1,420.3 अरब |
$40.1 अरब की कमी |
पोर्टफोलियो और प्रत्यक्ष निवेश मूल्य में कमी |
| विदेशी वित्तीय संपत्तियां |
$1,210.4 अरब |
$12.3 अरब की वृद्धि |
भारतीयों द्वारा विदेशों में निवेश और आरक्षित संपत्तियां |
| परिसंपत्ति-देनदारी अनुपात |
85.2% (दिसंबर में 82% था) |
3.2% का सुधार |
बाहरी वित्तीय संकटों के प्रति भारत की सुभेद्यता कम हुई |
| शुद्ध दावों का GDP से अनुपात |
(-)5.9% (पिछले वर्ष (-)9.0% था) |
3.1% का सुधार |
देश की संप्रभु साख प्रोफाइल के लिए सकारात्मक। |
महत्वपूर्ण दिवस
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस

- इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की स्थापना की स्मृति में प्रतिवर्ष 1 जुलाई को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस मनाया जाता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) दिवस :
- तिथि: प्रतिवर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है (आज 1 जुलाई 2026 को इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना के 77 वर्ष पूरे हो गए हैं)।
- किसकी स्मृति में: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की स्थापना के उपलक्ष्य में
- स्थापना वर्ष: 1 जुलाई 1949 को संसद के एक अधिनियम (चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949) के तहत इसकी स्थापना की गई थी
- मुख्यालय: नई दिल्ली
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) :
- प्रकृति: यह भारत में वित्तीय ऑडिट और लेखांकन (अकाउंटिंग) पेशे के नियमन के लिए एक संवैधानिक निकाय है।
- स्थान: यह अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लेखांकन (अकाउंटिंग) निकाय है।
- प्रशासनिक मंत्रालय: यह भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
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पुरस्कार और सम्मान
'ईट राइट कैंपस' पाने वाला देश का प्रथम एयरपोर्ट

- उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से 'ईट राइट कैंपस' का सर्टिफिकेट पाने वाला देश का पहला एयरपोर्ट बन गया है।
देश का पहला 'ईट राइट कैंपस' हवाई अड्डा :
- स्थान: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी हवाई अड्डा), लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- प्रमाणन (सर्टिफिकेट): 'ईट राइट कैंपस'
- प्रदान करने वाली संस्था: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI - फसाई)
- उपलब्धि: यह गौरव हासिल करने वाला यह देश का पहला हवाई अड्डा बन गया है।
- रेटिंग: FSSAI द्वारा इस हवाई अड्डे को '5-स्टार' (उत्कृष्ट) रेटिंग प्रदान की गई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) :
- स्थापना: FSSAI की स्थापना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत
- प्रभावी: 5 अगस्त 2011
- मुख्यालय : नई दिल्ली
- कार्य क्षेत्र : संपूर्ण भारत
- निगरानी मंत्रालय : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
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