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Tue 30 Jun, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

'सुमन रोडमैप 2030' का शुभारंभ

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने माताओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्‍य से 'सुमन रोडमैप 2030' का शुभारंभ किया।
  • यह रणनीतिक ढांचा भारत में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने और 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए तैयार किया गया है

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इस रोडमैप में 2030 तक मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर 70 से नीचे लाने, नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को और कम करने, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की सार्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करने और अंततः रोकी जा सकने वाली मातृ एवं नवजात मृत्यु को शून्य करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की परिकल्पना की गई है।
  • किसके द्वारा : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा

मुख्य उद्देश्य :

  • मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी: वर्ष 2030 तक देश में मातृ मृत्यु दर को प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर 70 से कम करना.
  • शिशु मृत्यु दर में सुधार: नवजात मृत्यु दर (NMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाना.
  • रोके जा सकने वाली मौतों को शून्य करना: उचित चिकित्सा देखभाल के माध्यम से रोकी जा सकने वाली मातृ एवं नवजात शिशुओं की मृत्यु को पूरी तरह समाप्त करना.
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा: देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करना.

दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी को मंज़ूरी दी

  • दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य 31 मार्च 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और शून्य-उत्सर्जन परिवहन वाला शहर बनाना है।
  • इसके तहत 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर पंजीकरण शुल्क और सड़क कर नहीं लगेगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रभावी अवधि : 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक (उपराज्यपाल की अंतिम मंजूरी के बाद)
  • कुल बजटीय लाभ : ₹15,000 करोड़ (जिसमें ₹7,000 करोड़ सीधे प्रोत्साहन और ₹8,000 करोड़ बुनियादी ढांचे/टैक्स छूट के लिए हैं)
  • मुख्य लक्ष्य : 2030 तक दिल्ली के कुल वाहन बेड़े में कम से कम 30% पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन सुनिश्चित करना
  • प्राथमिकता फोकस : हाइब्रिड वाहनों के बजाय प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों (Pure EVs) को प्राथमिकता
  • 31 मार्च 2028 के बाद दिल्ली में किसी भी नए पेट्रोल दोपहिया वाहन का पंजीकरण पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा
  • 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और हल्के मालवाहक वाहनों (N1 ट्रक्स) का ही नया पंजीकरण होगा
  • स्कूल बसों को नीति लागू होने के दो वर्षों के भीतर अपने बेड़े का कम से कम 10% हिस्सा ईवी में बदलना अनिवार्य होगा
  • दिल्ली सरकार ने शहर भर में 32,000 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए भूमि पहले ही चिन्हित की जा चुकी है

'सुजलम सुफलम जल अभियान'

  • गुजरात के 'सुजलम सुफलम जल अभियान' ने इस वर्ष जल भंडारण क्षमता में 20,789 लाख घन फीट की वृद्धि की है, जिससे पिछले आठ वर्षों में कुल वृद्धि 1,38,039 लाख घन फीट हो गई है।

सुजलम सुफलम जल अभियान :

  • संबंधित राज्य: गुजरात
  • नवीनतम चरण का शुभारंभ: 23 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा गांधीनगर से किया गया
  • इस वर्ष जल क्षमता में वृद्धि: 20,789 लाख घन फीट
  • 8 वर्षों में कुल संचयी क्षमता वृद्धि: 1,38,039 lakh cubic feet की कुल वृद्धि
  • इस वर्ष सृजित रोजगार: इस अभियान के माध्यम से लगभग 2.30 लाख मानव-दिवस (Man-Days) का रोजगार उत्पन्न हुआ
  • 8 वर्षों में कुल सृजित रोजगार: पिछले आठ वर्षों में कुल 206.73 लाख मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया गया है
  • केंद्रीय योजना से समन्वय: यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय 'कैच द रेन' अभियान के उद्देश्यों के बिल्कुल अनुरूप है

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

भारत और सऊदी अरब के बीच समझौता

  • भारत और सऊदी अरब ने जल संसाधनों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
  • यह द्विपक्षीय समझौता सऊदी अरब के जेद्दा शहर में आयोजित पहले 'सऊदी वॉटर वीक' सम्मेलन के दौरान संपन्न हुआ।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजन स्थल और तिथि: यह समझौता 29 जून 2026 को जेद्दा में आयोजित राष्ट्रीय जल सम्मेलन ('सऊदी वॉटर वीक') के पहले संस्करण के दौरान हुआ।
  • हस्ताक्षरकर्ता: भारत की ओर से सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान और सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री अब्दुल रहमान अब्दुल मोहसिन अल-फदली ने इस पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत फहाद सूरी भी मौजूद थे।

राजधानी: रियाद

  • मुद्रा: सऊदी रियाल
  • समुद्री सीमा: फारस की खाड़ी, लाल सागर
  • सीमावर्ती देश : जॉर्डन, इराक, कुवैत, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, यमन

महत्‍वपूर्ण दिवस

अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस

  • संसदों और संसदीय लोकतंत्र की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 30 जून को मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस :

  • उद्देश्य: संसदों के कामकाज की समीक्षा करना, राजनीतिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • कब मनाया जाता है : प्रतिवर्ष 30 जून को
  • स्थापना: 22 मई 2018, UNGA द्वारा
  • प्रथम दिवस का आयोजन : 30 जून 2018 को
  • 30 जून का महत्व: 30 जून 1889 को अंतर-संसदीय संघ (IPU) की स्थापना की वर्षगांठ का प्रतीक
  • अंतर-संसदीय संघ (Inter-Parliamentary Union - IPU) :
  • प्रकृति: संप्रभु राज्यों की राष्ट्रीय संसदों का एक वैश्विक संगठन
  • मुख्यालय : जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  • वर्तमान सदस्यता: 180 से अधिक राष्ट्रीय संसदें, भारत एक सक्रिय सदस्य है
  • स्थायी पर्यवेक्षक: संयुक्त राष्ट्र (UN) में
  • नोबेल पुरस्कार: 1901-1927 के दौरान इसके प्रमुख संस्थापकों और नेताओं को आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है

हूल दिवस

  • आदिवासी क्रांतिकारियों सिद्धो-कान्हो, चांद-भैरव और फूलो-झानो के बलिदान की समृति तें प्रतिवर्ष 30 को झारखंड में हूल दिवस मनाया जाता है।

संथाल हूल (विद्रोह) :

  • प्रारंभ तिथि : 30 जून 1855 (भोगनाडीह गाँव, साहिबगंज जिला, झारखंड)
  • मुख्य नेतृत्वकर्ता : सिद्धो, कान्हो, चांद और भैरव मुर्मू (चार भाई) तथा फूलो और झानो (बहनें)
  • भौगोलिक क्षेत्र : दामिन-ए-कोह (Damin-i-Koh) (भागलपुर से राजमहल तक का पहाड़ी क्षेत्र)
  • विद्रोह का नारा : "करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो"
  • ऐतिहासिक महत्व : कतिपय इतिहासकारों द्वारा इसे भारत का "प्रथम संगठित स्वतंत्रता संग्राम" माना जाता है।

विद्रोह के कारण:

  • स्थायी बंदोबस्त (1793): ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लागू इस व्यवस्था ने संथालों की पारंपरिक भूमि पर जमींदारी कर थोप दिया
  • आर्थिक शोषण: साहूकारों और महाजनों द्वारा अत्यधिक ब्याज दरों पर कर्ज देना तथा ऋण न चुका पाने पर आदिवासियों को 'कमोती/हरवाही' (बंधुआ मजदूरी) प्रणाली में धकेलना।
  • दामिन-ए-कोह में हस्तक्षेप: राजमहल की पहाड़ियों के इस क्षेत्र में ब्रिटिश समर्थित बाहरी लोगों (जिन्हें आदिवासी 'दुकू' कहते थे) का प्रवेश और पुलिस का दमनकारी रवैया।

जनजातीय एकजुटता और स्वरूप:

  • 30 जून 1855 को भोगनाडीह में लगभग 20,000 संथाल और अन्य स्थानीय समुदायों के लोग एकत्र हुए और सशस्त्र संघर्ष का बिगुल फूंका।
  • इस विद्रोह ने लगभग 32 गैर-जनजातीय जातियों/समुदायों को भी ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट किया, जो दुर्लभ सामाजिक समरसता का उदाहरण है।
  • कार्ल मार्क्स ने अपनी पुस्तक 'नोट्स ऑन इंडियन हिस्ट्री' में संथालों द्वारा अपनाई गई गुरिल्ला युद्ध नीति और अंग्रेजों द्वारा इसके क्रूर दमन का विशेष उल्लेख किया है।

विद्रोह के परिणाम और प्रभाव:

  • संथाल परगना का निर्माण: अंग्रेजों ने प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने के लिए भागलपुर और बीरभूम के जिलों को काटकर 'संथाल परगना' नामक एक नए गैर-रेगुलेशन जिले का गठन किया।
  • संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act), 1876: आदिवासियों की भूमि की सुरक्षा के लिए यह विशेष कानून पारित किया गया, जिसके तहत गैर-आदिवासियों को आदिवासी भूमि का हस्तांतरण प्रतिबंधित कर दिया गया।

मिजोरम शांति समझौता दिवस

  • प्रतिवर्ष 30 जून को मिजोरम शांति समझौता दिवस मनाया जाता है।
  • इस वर्ष मिजोरम शांति समझौता की 40वीं वर्षगांठ मनाई गई।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • समझौता कब हुआ था?: 30 जून, 1986 को
  • समझौते का स्थानीय नाम: मिजोरम में इस दिन को 'रेमना नी' के रूप में मनाया जाता है।
  • हस्ताक्षरकर्ता : इस त्रिपक्षीय ऐतिहासिक समझौते पर तीन मुख्य पक्षों ने हस्ताक्षर किए थे:
  • केंद्र सरकार (तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव आर.डी. प्रधान)
  • मिजो नेशनल फ्रंट - MNF (इसके तत्कालीन भूमिगत नेता लालडेंगा)
  • मिजोरम सरकार (तत्कालीन मुख्य सचिव लालखमा)
  • तत्कालीन प्रधानमंत्री: यह समझौता प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान हुआ था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और परिणाम :

  • विद्रोह की शुरुआत का कारण: 1950 के दशक के अंत में मियामी हिल्स (अब मिजोरम) में आए विनाशकारी 'मौतम अकाल' (Mautam Famine) से निपटने में केंद्र की कथित निष्क्रियता के विरोध में 1959 में MNF का गठन हुआ। इसके बाद लालडेंगा के नेतृत्व में 1966 में सशस्त्र उग्रवाद की शुरुआत हुई।
  • पूर्ण राज्य का दर्जा: इस शांति समझौते के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, 20 फरवरी 1987 को मिजोरम को भारतीय संघ का 23वां पूर्ण राज्य बनाया गया (इससे पहले यह 1972 से एक केंद्र शासित प्रदेश था)।
  • चर्चा में क्यों?: वर्ष 2026 में इसके सफल 40 वर्ष (Ruby Jubilee) पूरे होने के उपलक्ष्य में मिजोरम के वर्तमान राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 'विवाद समाधान' (Conflict Resolution) मॉडल के रूप में सराहा है।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा‍ बैंकिंग

NIIF में भारत सरकार का कुल निवेश

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) में ₹30,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी देने के बाद कोष में भारत सरकार का कुल निवेश ₹60,000 करोड़ हो गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • यह बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय महत्व के अन्‍य क्षेत्रों में केंद्र की निवेश प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • वित्त मंत्रालय के अनुसार इस अतिरिक्त निवेश का उपयोग NIIF के अवसंरचना केंद्रित दूसरे कोष की स्थापना के लिए किया जाएगा।
  • अवसंरचना कोष द्वितीय के लिए लगभग 30 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है और इससे परिवहन, ऊर्जा, डिजिटल और शहरी अवसंरचना तथा ई-मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष भारत का संप्रभु कोष है, जिसका संचालन और प्रबंधन राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष लिमिटेड करता है।
  • NIIF में केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
  • प्रबंधन: इसका प्रबंधन राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष लिमिटेड (NIIFL) द्वारा किया जाता है

NIIF के प्रमुख फंड:

  • मास्टर फंड : यह भारत का सबसे बड़ा घरेलू बुनियादी ढांचा कोष है। यह मुख्य रूप से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाता है।
  • रणनीतिक अवसर फंड : यह बड़ी रणनीतिक कंपनियों और देश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में निवेश करता है।
  • निजी बाजार फंड : यह अन्य स्वतंत्र फंड प्रबंधकों द्वारा चलाए जा रहे फंडों में पूंजी लगाता है।
  • भारत-जापान फंड : यह द्विपक्षीय फंड पर्यावरण संरक्षण और भारत-जापान व्यापार गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।

मई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन वार्षिक आधार पर

  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन वार्षिक आधार पर 5.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो पिछले महीने (अप्रैल 2026 में 4.9%) से अधिक है।
  • सरकार ने औद्योगिक उत्‍पादन वृद्धि दर को मापने के लिए वर्ष 2022-23 को नए आधार वर्ष के रूप में संशोधित किया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

क्षेत्र-वार प्रदर्शन :

  • विनिर्माण क्षेत्र : इसमें 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई। राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (NIC) के 23 विनिर्माण समूहों में से 16 समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
  • बिजली और गैस आपूर्ति : इसने 9.9% की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की, जिसे तीव्र गर्मी और उच्च मांग का समर्थन मिला।
  • जल आपूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन: इसमें 5.5% की वृद्धि देखी गई।
  • खनन क्षेत्र : इस क्षेत्र में 1.6% का संकुचन (गिरावट) दर्ज किया गया, जिससे समग्र सूचकांक पर कुछ दबाव रहा।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण :

  • कैपिटल गुड्स (पूंजीगत वस्तुएं): इसमें 12.9% की शानदार वृद्धि हुई, जो अर्थव्यवस्था में मजबूत निवेश चक्र का संकेत देती है।
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं): घरेलू मांग मजबूत होने से यह 7.2% की दर से बढ़ा।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन गुड्स: बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निरंतर निवेश के कारण इसमें 5.9% की वृद्धि हुई।
  • मध्यवर्ती वस्तुएं : इसमें 5.8% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • प्राइमरी गुड्स (प्राथमिक वस्तुएं): यह क्षेत्र 2.6% की दर से बढ़ा।

भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP - Index of Industrial Production) :

  • कार्य: यह एक निश्चित अवधि में भारत के औद्योगिक क्षेत्र के उत्पादन में होने वाले बदलावों को मापता है
  • जारीकर्ता: यह सूचकांक केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किया जाता है।
  • अवधि: इसे हर महीने जारी किया जाता है।
  • नया आधार वर्ष: वर्तमान में IIP का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
  • पुराना आधार वर्ष: इससे पहले आधार वर्ष 2011-12 था।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

नए मिलीसेकंड पल्सर PSR J0125-5854 की खोज

  • खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दक्षिणी आकाश में संचालित स्मार्ट (SMART) सर्वे के दौरान एक नए मिलीसेकंड पल्सर PSR J0125-5854 की खोज की है।
  • यह खोज ऑस्ट्रेलिया स्थित मर्चिसन वाइडफील्ड एरे (MWA) रेडियो दूरबीन की मदद से की गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खोज का नाम: वैज्ञानिकों ने दक्षिणी आकाश (Southern Sky) में एक नए मिलीसेकंड पल्सर की खोज की है, जिसे PSR J0125-5854 नाम दिया गया है।
  • किस सर्वे के तहत खोज हुई?: यह खोज स्मार्ट (SMART - Southern MeerKAT ATCA Pulsar Timing) सर्वे के दौरान की गई है।
  • खोज में शामिल दूरबीन : इस खोज में मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका में स्थित MeerKAT रेडियो टेलीस्कोप का उपयोग किया गया।
  • इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के ATCA (Australia Telescope Compact Array) का भी इसमें योगदान रहा
  • पल्सर क्या है?: यह एक अत्यधिक चुंबकीय, तेजी से घूमने वाला न्यूट्रॉन तारा है, जो अपने चुंबकीय ध्रुवों से विद्युत चुंबकीय विकिरण की बीम उत्सर्जित करता है। पृथ्वी से देखने पर यह एक लाइटहाउस की तरह चमकता-बुझता हुआ प्रतीत होता है।
  • मिलीसेकंड पल्सर (MSP) क्या है?: यह एक ऐसा पल्सर होता है जिसका घूर्णन काल 1 से 10 मिलीसेकंड के दायरे में होता है। यानी यह एक सेकंड में सैकड़ों बार अपनी धुरी पर घूम जाता है।
  • PSR J0125-5854 की खासियत: यह एक "श्रोता" पल्सर है, जो एक बाइनरी सिस्टम का हिस्सा है। यह अपने साथी तारे से पदार्थ को खींचकर अपनी घूर्णन गति को बेहद तेज कर लेता है। इसका घूर्णन काल लगभग 3.99 मिलीसेकंड है।

खेल समाचार

AVC पुरुष वॉलीबॉल कप 2026

  • अहमदाबाद में आयोजित AVC पुरुष वॉलीबॉल कप 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने कांस्‍य पदक अपने नाम किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मेजबान देश: भारत (अहमदाबाद, गुजरात)
  • यह प्रतियोगिता पहली बार भारत की मेजबानी में आयोजित हुई
  • अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल संघ विश्व रैंकिंग में भारत की स्थिति : पुरुष वॉलीबॉल टीम 60वें से 42वें स्थान पर पहुंची
  • भारतीय कप्तान : जेरोम विनीत चार्ल्स
  • ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत ने बहरीन को 3-1 से हराकर प्रतियोगिता का अपना पहला (डेब्यू) कांस्य पदक जीता
  • टूर्नामेंट विजेता: इंडोनेशिया ने इस प्रतियोगिता में अपना पहला स्वर्ण पदक (पहला खिताब) जीता
  • रनर-अप: कोरिया की टीम ने रजत पदक जीता
  • आयोजक: एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ (Asian Volleyball Confederation - AVC)
  • AVC एशिया में वॉलीबॉल का सर्वोच्च महाद्वीपीय शासी निकाय है।
  • वॉलीबॉल खेल का आविष्कार 1895 में विलियम जी. मॉर्गन द्वारा मैसाचुसेट्स, अमेरिका में किया गया था
  • भारत में इस खेल का व्यवस्थित ढांचा 1951 में तैयार हुआ, जब वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (VFI) की स्थापना की गई
  • यह खेल पहली बार 1964 के टोक्यो ओलंपिक में आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया था
  • कोर्ट का आकार: वॉलीबॉल कोर्ट 18 मीटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा होता है। इसे नेट द्वारा दो बराबर भागों (9m x 9m) में बांटा जाता है।
  • गेंद का वजन: वॉलीबॉल का वजन लगभग 260 से 280 ग्राम और इसकी परिधि 65 से 67 सेंटीमीटर होती है।
  • कुल खिलाड़ी: एक टीम में कुल 12 खिलाड़ी होते हैं, लेकिन खेल के दौरान कोर्ट पर एक समय में केवल 6 खिलाड़ी ही खेलते हैं।
  • लिबेरो (Libero): यह टीम का एक विशेष रक्षात्मक (Defensive) खिलाड़ी होता है। यह अलग रंग की जर्सी पहनता है और इसे सर्विस करने, ब्लॉक करने या कोर्ट के आगे के हिस्से (Front Zone) से आक्रमण करने की अनुमति नहीं होती है।
  • अधिकतम टच: एक टीम गेंद को नेट के पार भेजने से पहले अधिकतम 3 बार टच (छू) कर सकती है। (ब्लॉक को टच नहीं गिना जाता)।
  • लगातार टच नहीं: कोई भी एक खिलाड़ी लगातार दो बार गेंद को टच नहीं कर सकता।
  • अंक प्रणाली (Scoring): मैच आमतौर पर 'बेस्ट ऑफ 5' सेट का होता है। पहले 4 सेट 25 अंकों के होते हैं, और जीतने के लिए कम से कम 2 अंकों का अंतर (जैसे 25-23) होना जरूरी है। यदि मैच पांचवें सेट (Tie-breaker) तक जाता है, तो वह केवल 15 अंकों का होता है।
  • रैली पॉइंट सिस्टम: हर रैली (चाहे सर्विस करने वाली टीम जीते या रिसीव करने वाली) के जीतने पर एक अंक मिलता है।
  • प्रमुख तकनीक और शब्दावली :
  • सर्विस (Service): खेल की शुरुआत करने के लिए बेसलाइन के पीछे से गेंद को नेट के पार मारना।
  • डिग (Dig): प्रतिद्वंद्वी के तेज शॉट या स्मैश को नीचे झुककर रक्षात्मक रूप से संभालना।
  • सेट (Set/Pass): गेंद को हवा में इस तरह उछालना ताकि साथी खिलाड़ी उस पर हमला (Attack) कर सके। इसे करने वाले को 'सेटर' कहते हैं।
  • स्पाइक/स्मैश (Spike/Smash): गेंद को पूरी ताकत से प्रतिद्वंद्वी के कोर्ट में नीचे की ओर मारना।
  • ब्लॉक (Block): नेट के पास कूदकर प्रतिद्वंद्वी के स्मैश को रोकना।

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026

  • ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 में भारतीय टीम ने तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित कुल पांच पदक जीते।

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 :

  • भारत का प्रदर्शन : 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक
  • इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, चीन, अमेरिका, जापान, फ्रांस, कोरिया और अन्य 16 वर्ल्डस्किल्स सदस्य देशों के लगभग 600 प्रतियोगियों, विशेषज्ञों, अनुवादकों और अधिकारियों ने भाग लिया।
  • भारतीय खिलाड़ियों में कर्नाटक के पवन भद्रावती सुरेश ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, बिहार के मौसम कुमार गिरि ने क्लाउड कंप्यूटिंग और दिल्ली की विष्णुप्रिया सुनील ने हेल्थ एंड सोशल केयर में स्वर्ण पदक जीता।
  • महाराष्ट्र के हर्ष रमेश पवार ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदक हासिल किया, जबकि हरियाणा की मुस्कान ने पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग (चित्रकला एवं साज-सज्जा) में कांस्य पदक अपने नाम किया।
  • भारतीय दल ने 15 प्रतियोगियों और 15 विशेषज्ञों सहित 30 सदस्यीय टीम के साथ 15 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। इनमें 3डी डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ एंड सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल एंड फ्लोर टाइलिंग और वेब टेक्नोलॉजीज शामिल थीं।

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज :

  • प्रकृति: यह वर्ल्डस्किल्स ऑस्ट्रेलिया (WorldSkills Australia) द्वारा आयोजित एक बड़े पैमाने का अंतर्राष्ट्रीय सिमुलेशन कार्यक्रम है.
  • प्रतिभागी: इसमें भारत, अमेरिका, चीन, जापान और फ्रांस सहित 16 सदस्य देशों के लगभग 600 प्रतियोगियों ने भाग लिया.
  • उद्देश्य: यह प्रतियोगिता इस वर्ष के अंत में शंघाई (चीन) में आयोजित होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए एक महत्वपूर्ण प्री-कॉम्पिटिशन (अभ्यास सत्र) के रूप में कार्य करती है.

रिर्पोट एवं सूचकांक

'राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ग्राम सभाओं में कम भागीदारी' पर राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट

  • पंचायती राज मंत्रालय ने नई दिल्ली में 'राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ग्राम सभाओं में कम भागीदारी' पर राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट जारी की।
  • नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रह्मण्यम द्वारा जारी यह रिपोर्ट ग्रामीण भारत में सहभागी लोकतंत्र, स्थानीय जवाबदेही और समुदाय-केंद्रित विकास को मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित ढांचा प्रदान करती है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • व्यापक क्षेत्र अनुसंधान: यह रिपोर्ट राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRD&PR) द्वारा पंचायती राज मंत्रालय के लिए तैयार की गई है।
  • सर्वेक्षण का दायरा: अध्ययन के लिए 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लगभग 400 ग्राम पंचायतों में व्यापक फील्ड सर्वे किया गया।
  • समावेशी दृष्टिकोण: इसमें कुल 7,790 उत्तरदाताओं की राय ली गई, जिसमें पेसा (PESA) क्षेत्रों और महिला नेतृत्व वाली ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से शामिल किया गया।
  • ग्राम सभा में कम भागीदारी के मुख्य कारक :
  • सामाजिक-आर्थिक और व्यावहारिक कारक: विभिन्न वर्गों में जागरूकता का निम्न स्तर और नागरिकों का स्थानीय शासन के प्रति उदासीन रवैया।
  • संस्थागत और शासन संबंधी कमियां: सूचना और संचार प्रणालियों की कमजोरी तथा पंचायतों की निर्णय लेने की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी।
  • वंचित वर्गों और महिलाओं की स्थिति: बैठकों के आयोजन के समय और स्थान के कारण महिलाओं तथा हाशिए पर मौजूद वर्गों की भागीदारी प्रभावित होती है।
  • संस्थागत विश्वसनीयता का अभाव: नागरिकों में यह धारणा कि उनकी प्राथमिकताओं और सुझावों को ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) में उचित स्थान नहीं मिलता है।

रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें :

  • गतिशीलता से परे जुड़ाव: नागरिकों को केवल बैठक में आने के लिए प्रेरित करने के बजाय ग्राम सभा को अधिक प्रासंगिक, विश्वसनीय और उत्तरदायी बनाना जरूरी है।
  • समावेशिता सुनिश्चित करना: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243A के तहत ग्राम सभा को सहभागी लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में विकसित करने हेतु महिलाओं और वंचित समूहों को सशक्त मंच देना आवश्यक है।
  • स्थानीय जवाबदेही: जनसंसाधनों की समीक्षा और ग्राम सभाओं को सार्वजनिक मंचों के रूप में पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय संस्थाओं की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

नियुक्तियां

जनरल धीरज कुमार सेठ

  • जनरल धीरज कुमार सेठ ने 30 जून को भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पदभार की तिथि: 30 जून 2026
  • क्रम: वे भारत के 31वें थल सेनाध्यक्ष होंगे
  • किसका स्थान लेंगे: वे वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे
  • वर्तमान पद: वर्तमान में वे भारतीय सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं
  • कार्यकाल: बतौर सेना प्रमुख उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा
  • कमीशन: उन्हें दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन मिला था

भारतीय सेना :

  • सर्वोच्च कमांडर: भारत के राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं
  • प्रशासनिक नियंत्रण: यह पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है
  • आदर्श वाक्य: "स्वयं से पहले सेवा"
  • सेना प्रमुख: भारतीय सेना के प्रमुख चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) होते हैं, जो एक फोर-स्टार जनरल होते हैं
  • स्थापना: आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश भारतीय सेना की स्थापना 1 अप्रैल 1895 को हुई थी
  • भारतीय सेना दिवस (15 जनवरी): हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ (जनरल सर फ्रांसिस बुचर) से भारतीय सेना की कमान संभाली थी
  • भारतीय सेना को प्रशासनिक और परिचालन सुगमता के लिए 7 कमानों में विभाजित किया गया है, जिसमें 6 परिचालन और 1 प्रशिक्षण कमान शामिल हैं
  • पश्चिमी कमान: चंडीमंदिर (हरियाणा)
  • पूर्वी कमान: कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
  • उत्तरी कमान: उधमपुर (जम्मू और कश्मीर)
  • दक्षिणी कमान: पुणे (महाराष्ट्र)
  • केंद्रीय कमान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
  • दक्षिण-पश्चिमी कमान: जयपुर (राजस्थान)
  • सेना प्रशिक्षण कमान: शिमला (हिमाचल प्रदेश)

 

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