NCB वार्षिक रिपोर्ट 2025 एवं विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




NCB वार्षिक रिपोर्ट 2025 एवं विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)

Sun 28 Jun, 2026

संदर्भ :

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नारको-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए 'NCB वार्षिक रिपोर्ट 2025' और 'विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)' जारी किया।

नारको-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक :

  • अध्यक्षता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
  • आयोजक: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)
  • प्रतिभागी: बैठक में 44 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के प्रमुखों सहित राज्य सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड मोड में भाग लिया
  • नए क्षेत्रीय कार्यालयों का उद्घाटन: जम्मू और गुवाहाटी में नए निर्मित NCB क्षेत्रीय कार्यालयों का डिजिटल उद्घाटन किया गया

"मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029" :

  • उद्देश्य: भारत को वर्ष 2029 तक पूरी तरह से 'नशामुक्त भारत' बनाने के लक्ष्य को हासिल करना
  • अवधि: यह 3 साल की एक समयबद्ध राष्ट्रीय रणनीति है जो 2026 से 2029 तक प्रभावी रहेगी
  • मुख्य मंत्र/रणनीति: गृह मंत्री ने इस विज़न को सफल बनाने के लिए "Detect, Disrupt and Destroy" (पहचानो, बाधित करो और नष्ट करो) का मंत्र दिया है।
  • किस बैठक में जारी हुआ?: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक के दौरान
  • वित्तीय जांच अनिवार्य: गृह मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी बड़े मादक पदार्थ मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत वित्तीय जांच अनिवार्य की जाए ताकि कार्टेल्स की आर्थिक रीढ़ तोड़ी जा सके।
  • विशेष NDPS कोर्ट: मामलों के त्वरित निपटारे और दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष अदालतों के गठन पर काम चल रहा है।
  • एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF): राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी ANTF इकाइयों को पूर्णकालिक, साधन-संपन्न और जवाबदेह विंग में बदलें।
  • अंतर्राष्ट्रीय भगोड़े: विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) और प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाएगी।

विज़न डॉक्यूमेंट के 4 मुख्य स्तंभ :

  1. प्रवर्तन, खुफिया जानकारी और संचालन : इसका मुख्य ध्यान ड्रग तस्करों और अंतरराष्ट्रीय कार्टेल के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर है।
  2. प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग नियंत्रण : इसके तहत दवाओं/केमिकल्स के अवैध डायवर्जन को रोकना और सिंथेटिक ड्रग्स (जैसे मेथामफेटामाइन) पर नकेल कसना शामिल है।
  3. मांग में कमी और पुनर्वास : युवाओं में ड्रग्स की मांग को कम करना और लत के शिकार पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उनके इलाज व पुनर्वास पर ध्यान देना।
  4. क्षमता निर्माण, समन्वय और निगरानी : विभिन्न मंत्रालयों (लगभग 40+ मंत्रालयों और विभागों) और राज्य सरकारों के बीच तालमेल बढ़ाना।

NCB वार्षिक रिपोर्ट 2025 :

  • कुल ड्रग्स की जब्ती: वर्ष 2025 के दौरान देश भर में कुल 1,33,965 किलोग्राम (लगभग 1.34 लाख किग्रा) नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनका कुल बाजार मूल्य लगभग 1,980 करोड़ रुपये था
  • गिरफ्तारियां: ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के लिए 994 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 25 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके लिए कुल 447 केस दर्ज किए गए
  • दोषसिद्धि दर में उछाल: NCB के मजबूत फॉलो-अप के कारण अपराधियों को सजा मिलने की दर बढ़कर 66.8% हो गई है, जो 2024 में 60.8% थी। वर्ष 2025 में 265 अपराधियों को सजा सुनाई गई, जिनमें से 39 को 20 साल की अधिकतम सजा मिली।
  • अवैध संपत्ति फ्रीज: तस्करों की कमर तोड़ने के लिए 96.69 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) किया गया।
  • अवैध अफीम की खेती नष्ट: साल 2025 में रिकॉर्ड 42,282 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया (जो 2020 में केवल 10,000 एकड़ थी)

रिपोर्ट में उजागर हुए नए खतरे :

  • मार बना नया केंद्र : रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा अफीम पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद अब म्यांमार वैश्विक अफीम आपूर्ति का मुख्य स्रोत बनकर उभरा है।
  • नया रूट : मणिपुर में चल रहे जातीय तनाव के कारण तस्करों ने अब मिजोरम के रास्ते भारत के पूर्वी बॉर्डर से ड्रग्स (विशेषकर एम्फ़ैटेमिन-प्रकार के उत्तेजक - ATS) की तस्करी का नया रास्ता चुना है। साल 2025 में देश में कुल जब्त 3,485 किग्रा ATS में से अकेले 1,477 किग्रा मिजोरम से पकड़ा गया।
  • हाई-टेक तस्करी: तस्कर अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर ड्रोन (Drone), डार्कनेट प्लेटफॉर्म, क्रिप्टोकरेंसी भुगतान और कूरियर/पार्सल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए NCB ने 'राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी, गांधीनगर' के साथ एक समझौता (MoU) भी किया है।

पिछले एक दशक का तुलनात्मक डेटा (2004-14 vs 2014-26) :

  • सिंथेटिक ड्रग्स की जब्ती: 2004-2014 के बीच जहां 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त हुई थी, वहीं 2014 से 2026 के बीच यह बढ़कर 1.18 करोड़ किलोग्राम तक पहुंच गई।
  • ड्रग्स की कीमत: 2004-2014 के दौरान जब्त ड्रग्स की कीमत लगभग 40,000 करोड़ रुपये थी, जो 2014-2026 के बीच बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) :

  • गठन : गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा वर्ष 2016 में
  • पुनर्गठन (2019): गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चार-स्तरीय (4-Tier) व्यवस्था में पुनर्गठित किया गया
  • शीर्ष स्तरीय समिति : केंद्रीय गृह सचिव/गृह मंत्री की अध्यक्षता में
  • कार्यकारी स्तरीय समिति : विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), गृह मंत्रालय की अध्यक्षता में
  • राज्य स्तरीय समिति : राज्यों के मुख्य सचिवों की अध्यक्षता में
  • जिला स्तरीय समिति : जिला मजिस्ट्रेटों की अध्यक्षता में

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) :

  • भारत की एक शीर्ष (Apex) केंद्रीय नोडल एजेंसी है, जो देश में मादक पदार्थों (Drugs) की तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध उपयोग से निपटने का काम करती है।
  • स्थापना : मार्च 1986
  • संवैधानिक और कानूनी ढांचा: भारत के संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को निर्देश देता है कि वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पेयों और दवाओं के औषधीय प्रयोजनों से भिन्न उपभोग पर प्रतिबंध लगाए। इसी को लागू करने के लिए संसद द्वारा 'स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985' (NDPS Act, 1985) पारित किया गया, जिसके तहत NCB का गठन हुआ
  • मुख्यालय : नई दिल्ली
  • मंत्रालय: : केंद्रीय गृह मंत्रालय

Latest Courses