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Wed 24 Jun, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

चार डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन का शुभारंभ

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन के दौरान चार डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन का शुभारंभ किया।
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित ये एप्लिकेशन लंबित मामलों के त्वरित निपटान और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने में गेम-चेंजर साबित होंगे।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

चार नए एप्लिकेशन :

  • NCRB-अभिज्ञान (Abhigyan): संदिग्धों के ऑन-द-स्पॉट (सड़क स्तर पर) फिंगरप्रिंट मिलान के लिए.
  • CrPI (Criminal Re-offender Pattern Identifier): बार-बार अपराध करने वालों के पैटर्न की पहचान के लिए.
  • e-Prosecution 2.0 (ई-अभियोजन): जांच और अदालती कार्यवाही को गति देने के लिए.
  • e-Forensics 2.0 (ई-फोरेंसिक्स): DNA, आइरिस और फेस-मैचिंग जैसी वैज्ञानिक जांच के एकीकरण के लिए

26वां अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन :

  • आयोजन स्थल (शहर): नई दिल्ली.
  • आयोजन स्थल (सभागार): सरदार वल्लभभाई पटेल ऑडिटोरियम, नई दिल्ली.
  • उद्घाटनकर्ता (मुख्य अतिथि): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह.
  • आयोजक संस्था: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB - National Crime Records Bureau).

NCRB (National Crime Records Bureau):

  • स्थापना: 11 मार्च 1986.
  • मुख्यालय: नई दिल्ली.
  • मंत्रालय: गृह मंत्रालय

'दिशा 2.0' कार्यक्रम को मंज़ूरी

  • विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 'दिशा 2.0' कार्यक्रम को मंज़ूरी दी, जो 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
  • यह योजना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत समाज के वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और 'न्याय की सुगमता' सुनिश्चित करने के संवैधानिक जनादेश को पूरा करती है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पूरा नाम: न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान तैयार करना (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice - DISHA)
  • योजना का प्रकार: यह 100% केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके लिए पूरी वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा दी जाएगी
  • कुल वित्तीय आवंटन: अगले पांच वर्षों (2026-31) के लिए ₹255 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है (नोट: पूर्व दिशा योजना 2021-26 का परिव्यय ₹250 करोड़ था)
  • समयावधि का महत्व: यह अवधि 16वें वित्त आयोग के चक्र के साथ सह-समानार्थी है।
  • लक्ष्य: दिशा 2.0 के तहत सभी घटकों के माध्यम से कुल 3 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है

दिशा 2.0 के चार मुख्य घटक :

  • टेली-लॉ (Tele-Law): इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) के नेटवर्क का उपयोग कर वीडियो या टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आम नागरिकों को वकीलों से मुक़दमेबाज़ी-पूर्व कानूनी सलाह दिलाई जाती है।
  • न्याय बंधु (Nyaya Bandhu): यह देश में 'प्रो-बोनो' (Pro-Bono / मुफ्त कानूनी सेवा) संस्कृति को बढ़ावा देता है, जिसके तहत पंजीकृत निजी अधिवक्ता और लॉ स्कूलों के 'प्रो-बोनो क्लब' पात्र लाभार्थियों को मुफ्त कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं।
  • कानूनी साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम (LLLAP): इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कानूनी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण करना और हाशिए पर मौजूद समुदायों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
  • विधि संजीवनी (VIDHI Sanjeevani) - नया घटक: दिशा 2.0 में इस नए डिजिटल घटक को जोड़ा गया है। यह 'समन्वित कानूनी उपायों के एकीकृत वितरण' के विज़न पर काम करेगा। इसके तहत एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई (AI) संचालित बहुभाषी 'न्याय सेतु चैटबॉट' (भाषिणी - BHASHINI के सहयोग से विकसित) का उपयोग तकनीक-सक्षम न्याय वितरण के लिए किया जाएगा
  • संवैधानिक प्रावधान: यह योजना प्रस्तावना के साथ-साथ अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार), और विशेष रूप से अनुच्छेद 39A (समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता) को धरातल पर उतारती है।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 16 (SDG-16) का सीधे समर्थन करती है, जो शांति, न्याय और मजबूत संस्थाओं से संबंधित है।

ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ

  • केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नेफेड (NAFED) के नए ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया।

नेफेड (NAFED) :

  • पूरा नाम: नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • स्थापना: 2 अक्टूबर 1958 (गांधी जयंती के दिन)
  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • मंत्रालय: यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है
  • पंजीकरण: यह 'मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट' के तहत पंजीकृत है

‘वेत्री तमिलगम’ दस्तावेज़ को स्वीकृति

  • तमिलनाडु सरकार ने ₹755 करोड़ के बजट के साथ ‘वेत्री तमिलगम’ दस्तावेज़ को स्वीकृति दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इसमें मामा की ओर से सोने की अंगूठी देने की बात कही गई है।
  • योजना के तहत, सरकारी अस्पतालों में बच्चे का जन्म होने पर राज्य के स्थायी बाशिंदों के नवजात शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी।
  • राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
  • इसके लिए 755 करोड़ 83 लाख रुपये का सालाना बजट निर्धारित किया गया है।

तमिलनाडु :

  • स्थापना: 1 नवंबर 1956.
  • राजधानी: चेन्नई (जिसे 'दक्षिण एशिया का डेट्रायट' कहा जाता है)
  • आधिकारिक भाषा: तमिल (विश्‍व की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक) और अंग्रेजी
  • राजकीय पशु: नीलगिरी तहर
  • राजकीय पक्षी: मरकत कपोत
  • राजकीय वृक्ष: ताड़ का पेड़
  • राजकीय फूल: कंदल या 'ग्लोरियोसा लिली'
  • राजकीय फल: कटहल
  • राजकीय खेल: कबड्डी
  • राजकीय प्रतीक चिन्ह: श्रीविल्लीपुत्तुर मंदिर का गोपुरम
  • शास्त्रीय नृत्य: भरतनाट्यम, जिसकी उत्पत्ति यहाँ के मंदिरों में हुई.
  • प्रमुख त्यौहार: पोंगल (प्रमुख फसल उत्सव), पुथंडु (तमिल नव वर्ष).

देश के प्रथम 3डी-प्रिंटेड आर्टिफिशियल रीफ की स्‍थापना

  • तमिलनाडु के रामनाथपुरम तट पर देश की पहली 3डी-प्रिंटेड आर्टिफिशियल रीफ (कृत्रिम प्रवाल भित्ति) स्थापित की जा रही है।
  • यह पहल समुद्री आवास को बचाने, जैव विविधता को बढ़ाने और मछुआरों की आय में सुधार करने में बहुत मदद करेगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • परियोजना का नाम: भारत की पहली 3डी-प्रिंटेड आर्टिफिशियल रीफ
  • स्थान: रामनाथपुरम तट (तमिलनाडु)
  • योजना: यह पहल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के दूसरे चरण का हिस्सा है।
  • विकासकर्ता (Developer): इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CMFRI) और चेन्नई की एक स्टार्ट-अप कंपनी त्वष्टा (TVASTA) ने मिलकर विकसित किया है। त्वष्टा IIT Madras द्वारा समर्थित है।

मुख्य विशेषताएँ और उद्देश्य:

  • 3डी प्रिंटिंग: 3डी प्रिंटिंग (इसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहते हैं) एक ऐसी तकनीक है जो कंप्यूटर डिजाइन का उपयोग करके प्लास्टिक या सीमेंट जैसी सामग्री से परतों (Layers) में 3D वस्तुएं बनाती है।
  • जैव विविधता: इन रीफ में कई दरारें और विशेष आकार बनाए गए हैं। इनसे मछलियों और अन्य समुद्री जीवों को छिपने और अंडे देने के लिए सुरक्षित जगह मिलती है।
  • समुद्री संरक्षण: यह ग्लोबल वार्मिंग के कारण खराब हो रही प्राकृतिक मूंगा चट्टानों (Coral Reefs) और घटती समुद्री मछलियों की समस्या को कम करने में सहायक है।

स्वर्णागिरी खदान ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू

  • आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के तुग्गली मंडल में स्थित जोन्नागिरी (स्वर्णागिरी) स्वर्ण खदान ने अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
  • यह स्वतंत्रता के बाद भारत की पहली बड़ी निजी क्षेत्र की प्राथमिक स्वर्ण खदान बन गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खदान का नाम: जोन्नागिरी गोल्ड फील्ड्स। हाल ही में आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने इस गांव का नाम बदलकर 'स्वर्णागिरी' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
  • स्थान: कुरनूल जिला, आंध्र प्रदेश (रायलसीमा क्षेत्र)
  • संचालक कंपनी: इसका विकास और संचालन जियोमैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (GMSI) द्वारा डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड (DGML) और थ्रिवेनी अर्थमूवर्स के सहयोग से किया गया है
  • कुल निवेश: इस परियोजना में लगभग ₹405 करोड़ का निवेश किया गया है
  • उत्पादन क्षमता: वर्ष 2026-27 के दौरान इससे लगभग 400 किलोग्राम सोने के उत्पादन का अनुमान है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 2 टन (2,000 किलोग्राम) सालाना करने का लक्ष्य है
  • रॉयल्टी: इस परियोजना से उत्पादित सोने पर आंध्र प्रदेश सरकार को 4% रॉयल्टी प्राप्त होगी

भारत में स्वर्ण खनन :

  • हट्टी गोल्ड माइन्स : जोन्नागिरी से पहले, वर्तमान में भारत में वाणिज्यिक स्तर पर सोना उत्पादन करने वाली एकमात्र प्रमुख खदान 'हट्टी गोल्ड माइन्स' है, जो कर्नाटक के रायचूर जिले में स्थित है और यह सरकारी (राज्य) स्वामित्व में है।
  • कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF): कर्नाटक में स्थित यह खदान भारत की सबसे प्रसिद्ध और गहरी सोने की खदानों में से एक थी, जिसे अयस्क की कमी और उच्च लागत के कारण वर्ष 2001 में बंद कर दिया गया था।

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

23 करोड़ डॉलर के पैकेज को मंजूरी

  • अमेरि‍का ने भारत की M777A2 तोपों के रखरखाव के लिए 23 करोड़ डॉलर के पैकेज को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल सैन्य सहयोग पैकेज: अमेरिका ने भारत के लिए कुल 48.22 करोड़ डॉलर के लॉजिस्टिक्स पैकेज को मंजूरी दी है।
  • M777A2 होवित्जर सपोर्ट: 23 करोड़ डॉलर (स्पेयर पार्ट्स, रिपेयरिंग, ट्रेनिंग और डिपो-स्तर की क्षमता विकास के लिए)।
  • AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर सपोर्ट: 19.82 करोड़ डॉलर (तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक्स के लिए)
  • मुख्य अनुबंधित कंपनी : इस तोप के रखरखाव का मुख्य काम BAE सिस्टम्स (BAE Systems) संभालेगी।
  • प्रक्रिया (FMS Route): यह समझौता अमेरिकी सरकार के फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत किया गया है, जिसकी अधिसूचना जून 2026 में जारी की गई।
  • कोई नई तोप नहीं: ध्यान रहे कि इस सौदे में नई तोपें नहीं खरीदी जा रही हैं, बल्कि भारतीय सेना के बेड़े में पहले से मौजूद 145 M777 तोपों को हमेशा ऑपरेशली रेडी (मिशन-तैयार) रखने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है

अमेरिका :

  • राजधानी: वॉशिंगटन डी.सी.
  • सबसे बड़ा शहर: न्यूयॉर्क सिटी
  • महाद्वीप: उत्तरी अमेरिका
  • राष्ट्रप्रमुख: राष्ट्रपति
  • संसद: कांग्रेस (प्रतिनिधि सभा, सीनेट)
  • मुद्रा: अमेरिकी डॉलर (USD)
  • मुख्य नदियाँ: मिसीसिपी, मिसौरी, कोलोराडो
  • मुख्य पर्वत श्रृंखलाएँ: रॉकी पर्वत, एप्पलाचियन पर्वत
  • आधिकारिक भाषा : अंग्रेजी(डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में कार्यकारी आदेश जारी कर इसे संघीय स्तर पर आधिकारिक रूप से मान्यता दी)

UNSC प्रस्ताव 2823

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 23 जून 2026 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव 2823 (2026) अपनाया है, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हमलों के खिलाफ जवाबदेही को मजबूत करना और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रस्ताव का मसौदा (Draft): इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव का मसौदा डेनमार्क और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था। ये दोनों देश 2025-2026 कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य हैं।
  • सह-प्रायोजक : संयुक्त राष्ट्र महासभा के 150 से अधिक सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन और सह-प्रायोजन किया है।
  • वरिष्ठ संपर्क बिंदु : इस प्रस्ताव के तहत संयुक्त राष्ट्र महासचिव से शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के मामलों में समन्वय और सुधार के लिए यूएन के भीतर एक "वरिष्ठ संपर्क बिंदु" नियुक्त करने की मांग की गई है।
  • वार्षिक रिपोर्ट: शांति सैनिकों पर हुए हमलों की जांच और अदालती कार्यवाही की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र को एक वार्षिक प्रगति रिपोर्ट देनी होगी, जिसकी पहली रिपोर्ट 120 दिनों के भीतर पेश की जाएगी।
  • युद्ध अपराध : सुरक्षा परिषद ने यह स्पष्ट किया है कि शांति सैनिकों पर जानबूझकर किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं।
  • प्राथमिक जिम्मेदारी: यूएन कर्मियों और शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेजबान देश की होती है

संयुक्त राष्ट्र शांति सेना :

  • स्थापना: संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों की शुरुआत 1948 में हुई थी, जब मध्य पूर्व में पहला सैन्य पर्यवेक्षक मिशन तैनात किया गया था।
  • 'ब्लू हेलमेट्स' : संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को उनकी विशिष्ट नीली टोपी या हेलमेट के कारण 'ब्लू हेलमेट्स' भी कहा जाता है।
  • ऐतिहासिक नुकसान: 1948 से अब तक लगभग 4,500 शांति सैनिकों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। अकेले वर्ष 2025 में ही 59 शांति सैनिकों की मौत दर्ज की गई।
  • भारत ऐतिहासिक रूप से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं (Troop-contributing countries) में से एक रहा है।
  • भारत ने साल 2007 में लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र के तहत पहली बार पूरी तरह से महिला पुलिस इकाई (FPU) तैनात कर इतिहास रचा था।
  • भारत की मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय द्वारा "वर्ष 2023 की यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट" पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है

रिर्पोट एवं सूचकांक

विश्‍व का नंबर-1 सुपरकंप्यूटर

  • TOP500 रैंकिंग में चीन के 'लाइनशाइन' को विश्‍व का नंबर-1 सुपरकंप्यूटर घोषित किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शीर्ष स्थान: चीन के 'लाइनशाइन' ने अमेरिका के 'एल कैपिटन' सुपरकंप्यूटर को पछाड़कर दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है।
  • लोकेशन: यह सुपरकंप्यूटर चीन के शेनझेन शहर में स्थित 'नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर' में स्थापित है।
  • प्रोसेसिंग स्पीड: इसकी गति 2.198 एक्साफ्लॉप्स दर्ज की गई है। यह प्रति सेकंड 2 क्विंटिलियन (2 के बाद 18 शून्य) से अधिक गणनाएं कर सकता है।
  • चीनी इतिहास: साल 2017 (सनवे ताइहुलाइट) के बाद यह पहली बार है जब किसी चीनी सुपरकंप्यूटर ने ग्लोबल रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया है।
  • विशेषता: लाइनशाइन दुनिया का पहला ऐसा एक्सास्केल कंप्यूटर है जो बिना किसी AI ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU) के, पूरी तरह से घरेलू स्तर पर निर्मित पारंपरिक CPU चिप्स पर काम करता है।

विश्व के टॉप-5 सुपरकंप्यूटर :

  • रैंक 1 - लाइनशाइन (LineShine): यह वर्तमान में दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर है, जिसे चीन द्वारा विकसित किया गया है।
  • रैंक 2 - एल कैपिटन (El Capitan): यह दुनिया का दूसरा सबसे तेज सुपरकंप्यूटर है, जो अमेरिका के पास है।
  • रैंक 3 - ऑरोरा (Aurora): यह तीसरे स्थान पर है और यह भी अमेरिका का सुपरकंप्यूटर है।
  • रैंक 4 - फ्रंटियर (Frontier): चौथे स्थान पर मौजूद यह सुपरकंप्यूटर भी अमेरिका का ही है।
  • रैंक 5 - जुपिटर बूस्टर (JUPITER Booster): यह दुनिया का पांचवां सबसे तेज सुपरकंप्यूटर है, जो जर्मनी में स्थित है।

महत्‍वपूर्ण परीक्षा उपयोगी तथ्‍य :

  • सुपरकंप्यूटर की गति का मापन: सुपरकंप्यूटर की गति को FLOPS में मापा जाता है। वर्तमान में सबसे तेज कंप्यूटर एक्साफ्लॉप्स की श्रेणी में आते हैं।
  • विश्व के सुपरकंप्यूटिंग के जनक: सीमोर क्रे को दुनिया के सुपरकंप्यूटर का जनक माना जाता है।
  • दुनिया का पहला सुपरकंप्यूटर: CDC 6600 (वर्ष 1964 में सीमोर क्रे द्वारा डिजाइन किया गया)।
  • भारत में सुपरकंप्यूटिंग के जनक: डॉ. विजय भटकर को भारत में सुपरकंप्यूटर का जनक कहा जाता है।
  • भारत का पहला सुपरकंप्यूटर: परम 8000 (PARAM 8000), जिसे वर्ष 1991 में C-DAC द्वारा विकसित किया गया था।
  • भारत का वर्तमान सबसे तेज सुपरकंप्यूटर: भारत का सबसे तेज AI सुपरकंप्यूटर 'ऐरावत' (AIRAWAT) है, जो C-DAC पुणे में स्थापित है

क्यूएस वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027

  • भारत को क्यूएस वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027 में एआई-अर्थव्यवस्था तैयारी के मामले में 13वां स्थान प्राप्त हुआ।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • भारत का वैश्विक स्थान: भारत एआई-अर्थव्यवस्था तैयारी के मामले में 13वें स्थान पर रहा।
  • कुल स्कोर: भारत ने 100 में से 89.4 अंक हासिल किए।
  • जारीकर्ता संस्था: यह सूचकांक 'क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स' द्वारा 23 जून 2026 को जारी किया गया
  • क्षेत्रीय रिकॉर्ड: भारत दक्षिण एशिया का एकमात्र देश है जिसे शीर्ष 15 देशों में जगह मिली है। साथ ही यह निम्न-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष स्थान पर है।

विभिन्न श्रेणियों में भारत का प्रदर्शन :

  • फ्यूचर ऑफ वर्क : इस श्रेणी में भारत का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा, जहाँ वह 5वें स्थान (स्कोर: 96.0) पर रहा।
  • आर्थिक क्षमता : आर्थिक क्षमता उप-सूचक में भारत को 100 में से 100 (परफेक्ट स्कोर) मिला, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
  • आर्थिक परिवर्तन : इस संकेतक में भारत को 14वां स्थान मिला
  • कौशल तालमेल : कौशल संरेखण या तालमेल में भारत 18वें स्थान पर रहा, जो यह दर्शाता है कि यूनिवर्सिटी स्तर पर कुशल वर्कफोर्स तैयार करने में अभी और सुधार की आवश्यकता है।

शीर्ष 5 देश :

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) – प्रथम स्थान (स्कोर: 99.2)
  • ऑस्ट्रेलिया – दूसरा स्थान (स्कोर: 97.5)
  • यूनाइटेड किंगडम (UK) – तीसरा स्थान (स्कोर: 96.6)
  • जर्मनी – चौथा स्थान (स्कोर: 95.5)
  • कनाडा – पांचवां स्थान (स्कोर: 93.7)

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

NHS में टेप्लिज़ुमैब के इस्तेमाल को मंज़ूरी

  • नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (NICE) ने शुरुआती स्टेज वाले टाइप 1 डायबिटीज के मरीज़ों के लिए NHS में टेप्लिज़ुमैब के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • ऐतिहासिक मंजूरी: टाइप-1 डायबिटीज को टालने वाली पहली दवा अब NHS पर उपलब्ध!
  • कब मिली मंजूरी? : जून 2026 (हालिया अंतिम गाइडलाइंस जारी)
  • किसने दी मंजूरी? ]: NICE (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस, यूके)
  • कहाँ मिलेगी? : NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस, यूनाइटेड किंगडम) के माध्यम से
  • दवा का नाम (ब्रांड) : टेप्लिज़ुमैब (Teplizumab - Tzield)
  • निर्माता कंपनी : सनोफी (Sanofi)

यह मंजूरी किसके लिए है? (Eligibility) :

  • उम्र सीमा: 8 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चे और वयस्क।
  • बीमारी का चरण: केवल 'स्टेज-2' (शुरुआती चरण) के टाइप-1 मधुमेह मरीजों के लिए।
  • जोखिम: जिनमें रक्त परीक्षण के जरिए बीमारी के लक्षण बढ़ने का बहुत अधिक खतरा पाया गया हो।
  • यह दवा क्या काम करती है? :
  • बीमारी को टालना: यह गंभीर लक्षणों (स्टेज-3) की शुरुआत को औसतन "3 साल" के लिए आगे बढ़ा देती है।
  • इंसुलिन से राहत: मरीजों को शुरुआती उम्र में ही रोज इंसुलिन इंजेक्शन और शुगर जांच की झंझटों से मुक्ति मिलती है।

इलाज की प्रक्रिया :

  • 14 दिनों का कोर्स: यह एक लिक्विड दवा है जिसे लगातार 14 दिनों तक दिया जाता है।
  • अंतःशिरा (IV) इन्फ्यूजन: दवा को सीधे मरीज की नस (Vein) के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है।
  • चिकित्सा जगत में महत्व: इंसुलिन की खोज के बाद इसे टाइप-1 मधुमेह के इतिहास में
  • सबसे बड़ी और क्रांतिकारी उपलब्धि माना जा रहा है।

बैंगन की एक नई जंगली प्रजाति की खोज

  • अंडमान में बैंगन की एक नई जंगली प्रजाति, सोलनम पांडेयी की खोज की गई है, जिसका उपयोग ग्रेट अंडमानी की स्वदेशी जनजाति द्वारा किया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खोजकर्ता संगठन: भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के वैज्ञानिकों (डॉ. लाल जी सिंह) द्वारा यह खोज की गई है.
  • सटीक स्थान: यह नई प्रजाति मध्य अंडमान के सदाबहार वनों के किनारों पर पाई गई है.
  • स्थानीय नाम: इसे स्थानीय स्तर पर 'वाइल्ड ऑरेंज एगप्लांट' (जंगली संतरी बैंगन) कहा जाता है
  • नामकरण का आधार: इसका नाम दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध पादप वर्गीकरण विशेषज्ञ प्रोफेसर अरुण कुमार पांडे के नाम पर 'सोलनम पांडेयी' रखा गया है.
  • वैज्ञानिक वर्गीकरण : यह पौधा सोलनम के कांटेदार समूह 'लेप्टोस्टेमोनम क्लेड' से संबंधित है और 'सोलनम लासियोकार्पम' प्रजाति से समानता रखता है

पुरस्‍कार और सम्‍मान

नागरिक अलंकरण समारोह-II

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

नागरिक अलंकरण समारोह-II :

  • शामिल सम्मान : 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्म श्री

प्रमुख हस्तियों को सम्मान :

  • पद्म विभूषण: पत्रकार पी. नारायणन (साहित्य और शिक्षा) और पूर्व न्यायाधीश के.टी. थॉमस (समाज सेवा)
  • पद्म भूषण: अभिनेता ममूटी, गायिका अलका याग्निक, टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरे
  • पद्म श्री: भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा और अभिनेता आर. माधवन
  • सरकार ने इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं
  • 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है

पुस्‍तकें और लेखक

'रिजीम चेंज: इनसाइड द इंपीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप'

  • 'रिजीम चेंज: इनसाइड द इंपीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप' नामक पुस्तक वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में अत्यधिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • लेखक: 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के जाने-माने और पुलित्जर पुरस्कार विजेता वरिष्ठ पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान
  • प्रकाशन: इस पुस्तक को प्रसिद्ध पब्लिशिंग हाउस साइमन एंड शूस्टर द्वारा जून 2026 में जारी किया गया है
  • शक्तियों का अभूतपूर्व विस्तार : पुस्तक दर्शाती है कि कैसे ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शक्तियों का उपयोग एक नए और आक्रामक तरीके से किया है, जिसे लेखक "इंपीरियल प्रेसिडेंसी" (शाही राष्ट्रपति पद) और अमेरिकी लोकतंत्र के भीतर एक आंतरिक "रिजीम चेंज" (शासन परिवर्तन) कह रहे हैं।
  • भारत और यूक्रेन युद्ध को लेकर दावा: किताब में एक बेहद चौंकाने वाला दावा यह किया गया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रूस-यूक्रेन विवाद को सुलझाने की कोशिशों के तहत भारतीय सेना को यूक्रेन में तैनात करना चाहते थे, जिस पर ट्रंप हंस पड़े थे

 

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