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Sat 20 Jun, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि जारी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PM-VBRY) के तहत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वितरित राशि: लगभग ₹2,400 करोड़
  • कुल वित्तीय परिव्यय : इस महत्वाकांक्षी योजना का कुल बजट ₹99,446 करोड़ है
  • योजना की अवधि: इसे 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक दो वर्षों के लिए लागू किया गया है
  • लाभार्थियों की संख्या: इस विशिष्ट कार्यक्रम में 15 लाख से अधिक लाभार्थियों (नव-नियुक्त युवाओं और नियोक्ताओं) को प्रोत्साहन दिया गया

'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PM-VBRY) :

  • भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-उन्मुख प्रोत्साहन योजना है।
  • इसे केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित 'रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन' (Employment Linked Incentive : ELI) योजना के स्थान पर 1 अगस्त, 2025 से लागू किया गया है
  • नोडल मंत्रालय : श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (MoLE)
  • कार्यान्वयन एजेंसी : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)
  • कुल बजट आवंटन : ₹99,446 करोड़
  • योजना की अवधि : 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 (दो वर्ष)

इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

भाग 'A' – कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन :

  • वित्तीय सहायता: पहली बार EPFO में पंजीकृत होने वाले नए कर्मचारियों को दो किस्तों में ₹15,000 तक का प्रत्यक्ष प्रोत्साहन दिया जाता है।
  • किस्त संरचना: पहली किस्त सेवा के 6 महीने पूरे होने के बाद और दूसरी किस्त अनिवार्य वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के साथ 12 महीने बाद दी जाती है।
  • कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1,00,000 तक होना चाहिए।
  • प्रतिष्ठान में शामिल होने की तिथि 01.08.2025 और 31.07.2027 के बीच होनी चाहिए।

भाग 'B' – नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन :

  • वित्तीय सहायता: नए रोजगार के अवसर बनाने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलता है।
  • विनिर्माण क्षेत्र : इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को देखते हुए नियोक्ताओं को 4 वर्षों की अवधि के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
  • अन्य सभी क्षेत्र : नियोक्ताओं को 2 वर्षों की अवधि के लिए यह लाभ देय होगा।
  • भुगतान विधि: नियोक्ताओं को भुगतान सीधे उनके PAN (स्थायी खाता संख्या) से जुड़े बैंक खातों में किया जाता है।

BRICS सदस्य और साझेदार देशों से निर्यात

  • वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश सरकार ने BRICS सदस्य और साझेदार देशों को 5 अरब 36 करोड़ डॉलर से अधिक का निर्यात किया।
  • आगरा में आयोजित तीन दिवसीय BRICS MSME फोरम में राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने इन आंकड़ों को साझा किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

निर्यात के प्रमुख बिंदु:

  • सदस्य देशों को निर्यात: BRICS सदस्य देशों को लगभग $3.94 बिलियन (लगभग 3.938 अरब डॉलर) का माल भेजा गया।
  • साझेदार देशों को निर्यात: सहयोगी व साझेदार देशों को $1.43 बिलियन (लगभग 1.429 अरब डॉलर) का निर्यात किया गया।
  • प्रमुख उत्पाद: राज्य से मशीनरी, परिधान, चमड़े के सामान, कालीन और बहुमूल्य रत्नों का भारी मात्रा में निर्यात हुआ है।
  • महत्वपूर्ण योजना: एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने स्थानीय शिल्पों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण :

  • 2017 का आधार: वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात मात्र 88 हजार करोड़ रुपये का था।
  • 2025-26 की छलांग: वर्ष 2025-26 में यूपी का निर्यात बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है।
  • रिकॉर्ड वृद्धि: राज्य का निर्यात एक लाख करोड़ रुपये से भी अधिक बढ़ा है, जो इसकी मजबूत विनिर्माण क्षमता और नीति-आधारित विकास को साबित करता है।
  • प्रमुख प्रेरक क्षेत्र: यह भारी वृद्धि मुख्य रूप से वस्त्र (टेक्सटाइल), इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) जैसे उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों के विस्तार के कारण हुई है।

ODOP योजना की मुख्य उपलब्धियाँ :

  • ई-कॉमर्स उपस्थिति: स्थानीय ओडीओपी उत्पादों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया गया है।
  • टूलकिट्स वितरण: कारीगरों की दक्षता बढ़ाने के लिए 1.50 लाख से अधिक आधुनिक टूलकिट्स बांटे गए हैं।
  • वित्तीय सहायता: छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ₹7,000 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया गया है।
  • विपणन सहायता: उत्पादों की सही ब्रांडिंग और बिक्री के लिए 8,000 से अधिक लाभार्थियों को सहायता मिली है।
  • सीएफसी (CFC) स्वीकृति: साझा सुविधा केंद्रों को मजबूत करने के लिए 30 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्वीकृत किए गए हैं।
  • भौगोलिक संकेतक (GI Tag): उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की विशिष्ट पहचान के लिए 44 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है।

प्रमुख जिले और उनके ओडीओपी (ODOP) उत्पाद :

  • मेरठ: खेल सामग्री और इंडोर गेम्स (अंतर्राष्ट्रीय निर्माण केंद्र)
  • आजमगढ़: काली मिट्टी की कलाकृतियां (बर्तन, सुराही और फूलदान)
  • गौतमबुद्ध नगर: रेडीमेड गारमेंट्स (नोएडा का 'सिटी ऑफ अपैरल')
  • पीलीभीत: बांसुरी (देश में बांसुरी निर्माण का एकमात्र केंद्र)
  • फर्रुखाबाद: ब्लॉक प्रिंटिंग (लकड़ी व पीतल के प्रिंटिंग ब्लॉक)
  • मुरादाबाद: धातु शिल्प उत्पाद (पीतल के बर्तन और मूर्तियां)
  • ललितपुर: जरी सिल्क साड़ी (पारंपरिक परिधान)
  • शामली: रिम एवं धुरा (एक्सेल) (वाहनों के पुर्जे)
  • प्रयागराज: मूंज उत्पाद (इको-फ्रेंडली सजावटी वस्तुएं)
  • सहारनपुर: लकड़ी की नक्काशीदार फर्नीचर व सजावटी वस्तुएं
  • कानपुर: चमड़े के उत्पाद (लेदर प्रोडक्ट्स)
  • वाराणसी: बनारसी सिल्क साड़ी (विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ी)
  • बागपत: घरेलू सजावटी सामान (हैंडलूम निर्मित चादर, तौलिया आदि)
  • हरदोई: हैंडलूम (हैंडलूम वस्त्र)
  • अलीगढ़: ताले और पीतल के दीये (तालों का शहर)
  • लखनऊ: चिकनकारी (पारंपरिक सुई-धागे की कढ़ाई)
  • कन्नौज: इत्र (परफ्यूम) (प्राकृतिक खुशबूदार इत्र)
  • श्रावस्ती: शिल्प एवं फर्नीचर (पारंपरिक शिल्प)
  • जौनपुर: इमरती (पारंपरिक जायका) व ऊनी कालीन
  • अमरोहा: वाद्य यंत्र (ढोलक और अन्य संगीत उपकरण)

पूर्वोत्तर क्षेत्र की सबसे बड़ी 'ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण इकाई' का उद्घाटन

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने मेघालय में पूर्वोत्तर क्षेत्र की सबसे बड़ी 'ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण इकाई' का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्थान: भोइरिमबोंग, री-भोई जिला, मेघालय
  • विकासकर्ता: 'ईस्टर्न री-भोई ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी'
  • लागत व क्षमता: लगभग ₹32 करोड़ की लागत से निर्मित इस संयंत्र की वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 10,346 मीट्रिक टन (MT) मसालों की है
  • प्रसंस्कृत होने वाले मुख्य मसाले: इसमें उच्च मूल्य वाले जैविक मसालों जैसे—अदरक, हल्दी, काली मिर्च और मिर्च का प्रसंस्करण किया जाएगा
  • प्रमाणन: यह इकाई NPOP (National Programme for Organic Production) और यूरोपीय संघ (EU) ऑर्गेनिक मानकों से प्रमाणित है, जो इसे वैश्विक बाजारों में सीधे पहुंच प्रदान करेगी

मसाला बोर्ड :

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत काम करने वाला एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
  • इसका मुख्य कार्य भारतीय मसालों का वैश्विक स्तर पर विकास, विनियमन और निर्यात संवर्द्धन करना है
  • अधिनियम: इसका गठन मसाला बोर्ड अधिनियम, 1986 के तहत किया गया था
  • गठन की तिथि: यह बोर्ड 26 फरवरी, 1987 को अस्तित्व में आया
  • विलय : पूर्ववर्ती इलायची बोर्ड (1968) और मसाला निर्यात संवर्द्धन परिषद (1960) को आपस में मिलाकर इस एकल बोर्ड का निर्माण किया गया था
  • मुख्यालय : कोच्चि, केरल
  • मध्य प्रदेश: कुल उत्पादन में प्रथम (लहसुन, धनिया, अदरक)
  • राजस्थान: बीज मसालों का गढ़ (जीरा, धनिया, मेथी, सौंफ)
  • गुजरात: जीरा और सौंफ का मुख्य उत्पादक (ऊँझा बाजार)
  • आंध्र प्रदेश: लाल मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक (गुंटूर बाजार)
  • तेलंगाना: हल्दी और मिर्च उत्पादन में अग्रणी।
  • केरल: "भारत का मसाला उद्यान" (काली मिर्च और छोटी इलायची)

विशिष्ट मसालों के अग्रणी उत्पादक राज्य :

  • काली मिर्च : केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु
  • छोटी इलायची : केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु
  • बड़ी इलायची: सिक्किम (भारत का सबसे बड़ा उत्पादक)
  • लाल मिर्च: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक
  • हल्दी : तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु
  • जीरा : गुजरात, राजस्थान
  • धनिया : मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान
  • अदरक और लहसुन : मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह

  • आयकर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में 17 जून तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.64 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह: ₹5,21,024.82 करोड़ (पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹4,54,499.18 करोड़ था)
  • सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह : 12.46% की वृद्धि के साथ ₹6.10 लाख करोड़
  • अग्रिम कर संग्रह : 15.30% की वृद्धि के साथ ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंचा
  • प्रतिभूति लेनदेन कर (STT): लगभग 45% की भारी उछाल के साथ ₹18,856.12 करोड़ दर्ज किया गया
  • कर रिफंड : ₹89,025.71 करोड़ जारी किए गए (1.19% की मामूली वृद्धि)

महत्‍वपूर्ण दिवस

'विश्व शरणार्थी दिवस'

  • प्रतिवर्ष 20 जून को 'विश्व शरणार्थी दिवस' मनाया जाता है, जिसका इस वर्ष विषय "सभी के सुरक्षित होने तक" है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • घोषणा: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दिसंबर 2000 में इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव पारित किया था।
  • प्रथम आयोजन: यह दिवस पहली बार 20 जून 2001 को मनाया गया, जो 1951 के 'शरणार्थी कन्वेंशन' की 50वीं वर्षगांठ थी
  • नोडल एजेंसी: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR : United Nations High Commissioner for Refugees) इसका नेतृत्व करता है

वैश्विक शरणार्थी आँकड़े (2025) :

  • जबरन विस्थापित लोगों की कुल संख्या: 117.3 मिलियन
  • शरणार्थी: 36.4 मिलियन
  • आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति: 73.5 मिलियन
  • शरण चाहने वाले: 8.4 मिलियन
  • राज्यविहीन व्यक्ति: 4.4 मिलियन
  • 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे: 49 मिलियन (विस्थापित आबादी का 40%)
  • निम्न और मध्यम आय वाले देश 71% शरणार्थियों को शरण देते हैं, जबकि सबसे कम विकसित देश कुल शरणार्थियों में से 25% को शरण प्रदान करते हैं।
  • प्रमुख विस्थापन की स्थिति: सूडान (13.4 मिलियन)
  • 66% शरणार्थी अपने मूल देश के पड़ोसी देशों में रहते हैं

शरणार्थी कौन है :

संयुक्त राष्ट्र के 1951 के शरणार्थी कन्वेंशन के अनुसार, शरणार्थी (Refugee) वह व्यक्ति है जो:

  • देश छोड़ने पर मजबूर: अपनी राष्ट्रीयता वाले देश से बाहर है।
  • गंभीर उत्पीड़न का डर: नस्ल, धर्म, राष्ट्रीयता, किसी विशेष सामाजिक समूह की सदस्यता, या राजनीतिक राय के कारण उत्पीड़न के वास्तविक डर से पीड़ित है।
  • सुरक्षा का अभाव: अपने देश की सरकार से सुरक्षा पाने में असमर्थ है या उस डर के कारण सुरक्षा नहीं लेना चाहता है।
  • वापसी का खतरा: युद्ध, हिंसा, या व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण अपने गृह देश लौटने में असमर्थ है।

पश्चिम बंगाल दिवस

  • 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पहली बार आधिकारिक तौर पर 'पश्चिम बंग दिवस' मनाया गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में हिस्सा लिया।
  • 20 जून, 1947 को बंगाल विधानसभा के सदस्यों ने भारत के विभाजन के समय एक अलग प्रांत बनाने के पक्ष में मतदान किया था।
  • 20 जून, 1947 को बंगाल विधानसभा के सदस्यों ने भारत के विभाजन के समय एक अलग प्रांत बनाने के पक्ष में मतदान किया था।
  • इसी निर्णय के फलस्वरूप पश्चिम बंगाल का गठन हुआ और इसे भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ऐतिहासिक भूमिका रही है

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि :

  • 20 जून 1947 की घटना: इसी दिन अविभाजित बंगाल प्रांत की विधानसभा की बैठक हुई थी। इस बैठक में आधिकारिक रूप से बंगाल के विभाजन का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था।
  • विभाजन का निर्णय: इस मतदान के बाद तय हुआ कि मुस्लिम बहुल इलाका पूर्वी पाकिस्तान (जो वर्तमान में बांग्लादेश है) बनेगा और हिंदू बहुल इलाका भारत संघ के तहत पश्चिम बंगाल राज्य बनेगा।
  • प्रमुख व्यक्तित्व: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विभाजन और पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के प्रस्ताव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • नया निर्णय (वर्ष 2026): पश्चिम बंगाल सरकार ने जून 2026 में आधिकारिक घोषणा की कि अब से प्रत्येक वर्ष 20 जून को ही राज्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
  • पिछला विवाद/बदलाव: इससे पहले, राज्य सरकार बंगाली नववर्ष के पहले दिन यानी 'पोइला बोइशाख' (14/15 अप्रैल) को 'पश्चिम बंगाल दिवस' के रूप में मनाती थी, जिसे अब बदलकर पुनः ऐतिहासिक 20 जून कर दिया गया है।

पश्चिम बंगाल :

  • राजधानी: कोलकाता, जो हुगली नदी के किनारे स्थित है
  • राज्य पशु: फिशिंग कैट (मछुआरी बिल्ली)
  • राज्य पक्षी: सफेद छाती वाला किंगफिशर (रामचिरैया)
  • प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान: सुंदरबन (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल), बक्सा, गोरुमारा, नेओरा वैली, जलदापारा और सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान
  • प्रमुख लोक नृत्य: छाऊ, जात्रा, काठी, गंभीरा और ढाली
  • प्रसिद्ध त्योहार: दुर्गा पूजा, जिसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है

नियुक्तियां

विवेक अग्रवाल

  • केन्‍द्रीय संस्‍कृति सचिव विवेक अग्रवाल को वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) का उपाध्‍यक्ष चुना गया।
  • ब्रिटेन के गाइल्स थॉमसन को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
  • पेरिस में संपन्न हुई FATF की पूर्ण बैठक में इस ऐतिहासिक नियुक्ति की घोषणा की गई।
  • यह पहली बार है जब भारत को FATF के शीर्ष नेतृत्व (उपाध्यक्ष पद) में स्थान मिला है।

विवेक अग्रवाल का प्रशासनिक अनुभव व कार्यकाल :

 

  • कार्यकाल: इनका उपाध्यक्ष के रूप में कार्यकाल 1 वर्ष का होगा, जो जुलाई 2026 से जून 2027 तक रहेगा।
  • किसका स्थान लेंगे: यह यूनाइटेड किंगडम (UK) के गाइल्स थॉमसन का स्थान लेंगे (गाइल्स थॉमसन अब FATF के अगले अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे)।
  • महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि: संस्कृति सचिव बनने से पहले विवेक अग्रवाल भारत के वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) के निदेशक रह चुके हैं और उन्होंने FATF पारस्परिक मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का सफल नेतृत्व किया था।

वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) :

  • एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी निकाय है, जो वैश्विक वित्तीय प्रणाली को मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्तपोषण और सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) के प्रसार से सुरक्षित रखने के लिए नीतियां और मानक निर्धारित करता है
  • स्थापना: 1989 में पेरिस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
  • मुख्यालय/सचिवालय: पेरिस (फ्रांस) में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के मुख्यालय में स्थित है।
  • जनादेश : शुरुआत में इसका कार्य केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकना था। वर्ष 2001 (9/11 हमलों के बाद) में इसमें आतंकवादी वित्तपोषण और 2012 में परमाणु प्रसार वित्तपोषण को जोड़ा गया।
  • सदस्यता: वर्तमान में इसके 40 सदस्य हैं (38 देश और 2 क्षेत्रीय संगठन - यूरोपीय संघ और खाड़ी सहयोग परिषद)
  • भारत और FATF: भारत 2010 में FATF का पूर्ण सदस्य बना था। भारत मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ इसकी नीतियों का कड़ा समर्थन करता है।

FATF की दो प्रमुख सूचियाँ :

  • ग्रे लिस्ट : इसमें उन देशों को रखा जाता है जिनकी वित्तीय प्रणालियों में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग का उच्च जोखिम होता है, लेकिन वे इस कमी को सुधारने के लिए FATF के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताते हैं। अंतरराष्ट्रीय बैंकों और संस्थाओं (IMF, World Bank) से ऋण मिलना मुश्किल हो जाता है तथा विदेशी निवेश प्रभावित होता है
  • ब्लैक लिस्ट : इसमें वे गैर-सहयोगी देश शामिल होते हैं जो टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह विफल रहते हैं और सहयोग नहीं करते हैं। वर्तमान में इस सूची में ईरान, उत्तर कोरिया और म्यांमार शामिल हैं।

विविध

सांस्कृतिक कूटनीति के तहत स्लोवाकिया के नेताओं को भेट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2026 में फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी यात्रा के दौरान सांस्कृतिक कूटनीति के तहत स्लोवाकिया के नेताओं को भारत की समृद्ध कला, साहित्य और पाक कला से जुड़े कई पारंपरिक उपहार भेंट किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

थेवा मोटिफ कफलिंक्स :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को
  • कला का क्षेत्र: यह प्रतापगढ़ (राजस्थान) की एक अत्यंत विशिष्ट और पारंपरिक आभूषण कला है।
  • तकनीक: इसमें रंगीन कांच (मुख्य रूप से बेल्जियम ग्लास) के आधार पर सोने की बेहद बारीक नक्काशीदार शीट को पिघलाकर (Fuse) जोड़ा जाता है। इसके डिजाइन अक्सर प्रकृति, शिकार के दृश्यों और पौराणिक कथाओं से प्रेरित होते हैं।

हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को
  • कला का क्षेत्र: यह छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद, महाराष्ट्र) की पारंपरिक बुनाई शैली है
  • विशेषता: यह रेशम (Silk) और कपास (Cotton) के मिश्रण से बना वस्त्र है जो अपनी दोनों तरफ इस्तेमाल हो सकने वाली बुनाई, मुलायम बनावट और बारीक फूलों/पैस्ले (बूटेदार) डिजाइनों के लिए जाना जाता है। यह कला जीआई (GI) टैग और 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) पहल के तहत संरक्षित है

डोकरा एंटीलोप/डीयर सेट :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को
  • कला का क्षेत्र: छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के आदिवासी क्षेत्रों की धातु कला
  • तकनीक: डोकरा कला में लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग यानी 'ढोकरा धातु ढलाई' तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की सबसे पुरानी ज्ञात धातु ढलाई तकनीकों में से एक है, जिसका इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता (जैसे- नर्तकी की मूर्ति) से जुड़ा है।

कश्मीरी सिल्क कारपेट :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को
  • कला का क्षेत्र: कश्मीर घाटी (विशेषकर श्रीनगर) का विश्व प्रसिद्ध हस्तनिर्मित शिल्प
  • विशेषता: यह शुद्ध प्राकृतिक रेशम से तैयार किया जाता है और अपने अत्यधिक जटिल गांठदार पैटर्न, पैस्ले और फूलों के बेल-बूटे वाले डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है।

चरक संहिता और सुश्रुत संहिता :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के संसद अध्यक्ष (स्पीकर) रिचर्ड रासी को

ठेकुआ :

  • किन्हें दिया गया: स्लोवाकिया के स्पीकर रिचर्ड रासी को
  • सांस्कृतिक महत्व: यह बिहार और झारखंड का एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मीठा व्यंजन है, जिसे मुख्य रूप से छठ पूजा के पावन अवसर पर प्रसाद के रूप में बनाया जाता है। इसे गेहूं के आटे, गुड़/चीनी, सौंफ और घी से तैयार किया जाता है।

52वें जी7 शिखर सम्मेलन में अनूठे उपहार भेंट किया

  • फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन (जून 2026) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद) और जीआई-टैग (GI-Tagged) उत्पादों से जुड़े विशेष उपहार भेंट किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

बनारसी सिल्क स्टोल :

  • संबंधित राज्य: उत्तर प्रदेश (वाराणसी)
  • परीक्षा के लिए तथ्य: यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित कपड़ा शिल्पों में से एक है, जिसे भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त है। इसमें जरी (सोने/चांदी के धागे) का बारीक काम होता है

नागौरी अश्वगंधा :

  • संबंधित राज्य: राजस्थान (नागौर)
  • परीक्षा के लिए तथ्य: आयुर्वेद में इसे 'रसायन' जड़ी-बूटी माना जाता है। यह अपनी उच्च गुणवत्ता, मानसिक स्पष्टता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है

रामबन शहद :

  • संबंधित राज्य: जम्मू और कश्मीर (रामबन जिला)
  • परीक्षा के लिए तथ्य: यह हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और पारंपरिक मधुमक्खी पालन का प्रतीक है, जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंजाइम से भरपूर होता है

लकाडोंग हल्दी :

  • संबंधित राज्य: मेघालय (जयंतिया हिल्स)
  • परीक्षा के लिए तथ्य: इस हल्दी में curcumin (करक्यूमिन) की मात्रा दुनिया में सबसे अधिक पाई जाती है, जो इसे बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर बनाती है

कलमकारी पेंटिंग :

  • संबंधित राज्य: आंध्र प्रदेश
  • परीक्षा के लिए तथ्य: यह हाथ से सूती कपड़े पर की जाने वाली एक पारंपरिक ब्लॉक-प्रिंटिंग या पेन-पेंटिंग कला है, जिसमें केवल प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है।

थेवा कला :

  • संबंधित राज्य: राजस्थान (प्रतापगढ़)
  • परीक्षा के लिए तथ्य: इस कला में कांच के ऊपर सोने की महीन नक्काशी की जाती है, जो अपनी बेजोड़ कारीगरी के लिए जानी जाती है।

रक्षा समाचार

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

  • रूस द्वारा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
  • ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस विषय पर द्विपक्षीय बातचीत अत्यंत उन्नत चरण में पहुंच चुकी है।

ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली :

  • प्रकार: मध्यम दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Two-stage)
  • संयुक्त विकास: DRDO (भारत) + NPO Mashinostroyenia (रूस)
  • नामकरण: ब्रह्मपुत्र नदी (भारत) + बोस्िया नदी (रूस)
  • गति: 2.8 से 3.0 मैक (ध्वनि की गति से लगभग 3 गुना तेज)
  • सिद्धांत: Fire-and-Forget ('दागो और भूल जाओ')
  • लॉन्च प्लेटफॉर्म: भूमि, समुद्र, वायु, पनडुब्बी
  • प्रणोदन: चरण 1 - ठोस ईंधन बूस्टर, चरण 2 - तरल ईंधन रैमजेट
  • मारक क्षमता: 290 किमी

 

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