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Wed 17 Jun, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

'किशाऊ बांध परियोजना' पर सहमति

  • गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छह राज्यों ने 'किशाऊ बांध परियोजना' पर सहमति जताई।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शामिल छह हितधारक राज्य : हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणादिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान
  • जल घटक : परियोजना के जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के रूप में देगी
  • राज्यों का हिस्सा: शेष 10 प्रतिशत वित्तीय भार सभी छह राज्यों द्वारा आपस में साझा किया जाएगा
  • बिजली घटक : हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी को दिल्ली और राजस्थान को आवंटित किया जाएगा। इसके बदले में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान मिलकर हिमाचल प्रदेश के बिजली घटक से जुड़े खर्च (लगभग ₹2,000 करोड़) का वहन करेंगे

किशाऊ बांध परियोजना :

  • नदी और स्थान: यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर, यमुना की प्रमुख सहायक नदी 'टोंस' (Tons River) पर स्थित है।
  • बांध की विशेषताएं: इसके तहत टोंस नदी पर 236 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा।
  • राष्ट्रीय परियोजना: इस परियोजना को वर्ष 2008 में ही 'राष्ट्रीय परियोजना' घोषित किया जा चुका था।
  • क्षमता: परियोजना से 600 मेगावाट (150 MW की 4 इकाइयाँ) जलविद्युत का उत्पादन होगा और लगभग 1,324 मिलियन घन मीटर पानी के लाइव भंडारण की सुविधा मिलेगी।

रेलवे ने चंपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी

  • रेलवे ने दक्षिण रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 42 किलोमीटर लंबे चंपा-कोरबा थर्ड लाइन परियोजना को मंज़ूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 755 करोड़ रुपये है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स परियोजना में चंपा और कोरबा के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण शामिल है, जिसमें पहले से मंज़ूर हो चुके मडवारानी-सारगबुंडिया सेक्शन को शामिल नहीं किया गया है।
  • इस कॉरिडोर की पहचान भारतीय रेल के ‘मिशन तीन हजार-एमटी’ और ‘हाई-डेंसिटी नेटवर्क कॉरिडोर’ के अंतर्गत की गई है, जिनका उद्देश्य माल ढुलाई को और बेहतर बनाना तथा देश की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करना है।
  • पूर्व मध्य रेलवे के 42 किलोमीटर लंबे चंपा-कोरबा थर्ड लाइन परियोजना को मंज़ूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत सात सौ 55 करोड़ रुपये है।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

GIC में 5% हिस्सेदारी बेचने का निर्णय

  • भारत सरकार ने जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) में अपनी 5% हिस्सेदारी 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के माध्‍यम से बेचने का निर्णय लिया है।
  • इस रणनीतिक विनिवेश का फ्लोर प्राइस (न्यूनतम मूल्य) ₹352 प्रति शेयर तय किया गया है, जिसका उद्देश्य लगभग ₹3,000 करोड़ जुटाना है।

प्रमुखआंकड़े :

  • कुल हिस्सेदारी बिक्री : सरकार कुल 5% तक हिस्सेदारी बेच रही है
  • 2% बेस ऑफर के रूप में
  • 3% ग्रीन शू विकल्प / ओवरसब्सक्रिप्शन के रूप में
  • फ़्लोर प्राइस (न्यूनतम मूल्य): ₹352 प्रति शेयर तय किया गया है (जो कि तत्कालीन बाजार मूल्य से लगभग 9% की छूट पर है)
  • कुल अनुमानित आय: इस बिक्री के माध्यम से सरकार का लक्ष्य लगभग ₹3,000 करोड़ जुटाना है
  • संबंधित विभाग: यह प्रक्रिया निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (Department of Investment and Public Asset Management : DIPAM) द्वारा संचालित की जा रही है
  • उद्देश्य: SEBI के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंड (Minimum Public Shareholding : MPS) को पूरा करना, जिसके तहत किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में कम से कम 25% हिस्सेदारी जनता/पब्लिक के पास होनी चाहिए। विनिवेश से पहले GIC में सरकार की हिस्सेदारी 82.40% थी।
  • महत्वपूर्ण आर्थिक अवधारणाएं :
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): प्रमोटर (जैसे सरकार) द्वारा सीधे शेयर बाजार के माध्यम से जनता या बड़ी कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी/शेयर बेचने का एक आसान और पारदर्शी तरीका।
  • विनिवेश (Disinvestment): सरकार द्वारा राजस्व जुटाने या वित्तीय घाटा कम करने के लिए सरकारी कंपनियों (PSUs) में अपनी हिस्सेदारी या शेयर बेचने की प्रक्रिया।
  • ग्रीन शू ऑप्शन (Greenshoe Option): शेयर बाजार में मांग बहुत अधिक (ओवरसब्सक्राइब) होने पर प्रमोटर को तय सीमा से अधिक (जैसे अतिरिक्त 3%) शेयर बेचने की अनुमति देने वाला विकल्प।
  • GIC Re (पुनर्बीमा कंपनी): साल 1972 में स्थापित भारत की एकमात्र और सबसे बड़ी घरेलू पुनर्बीमा (Reinsurance) कंपनी, जो साधारण बीमा कंपनियों (जैसे LIC, NIA) को वित्तीय सुरक्षा और रिस्क कवर देती है।

वाद्ययंत्र 'सरिंदा' को GI Tag

  • त्रिपुरा के आदिवासी समुदायों द्वारा बजाए जाने वाले पारंपरिक तंत्री वाद्ययंत्र 'सरिंदा' को GI Tag प्रदान किया गया।

'त्रिपुरा सरिंदा' की मुख्य विशेषताएं :

  • वाद्ययंत्र का प्रकार: यह एक तंत्री वाद्ययंत्र है, जिसे गज की सहायता से बजाया जाता है
  • शिल्प कौशल और बनावट: सरिंदा को लकड़ी के एक एकल ब्लॉक को तराश कर बनाया जाता है, जिसमें एक खोखला रेजोनेटर होता है
  • क्षेत्रीय विशिष्टता: दक्षिण एशिया में सरिंदा के कई रूप मिलते हैं, लेकिन 'त्रिपुरा सरिंदा' के पेगबॉक्स पर विशिष्ट पक्षी के आकार की नक्काशी होती है, जो इसे दूसरों से अलग बनाती है
  • संगीत परंपरा: यह राज्य के आदिवासी लोक संगीत, मौखिक कथा वाचन, अनुष्ठानों और त्योहारों का अभिन्न हिस्सा है। इसे अक्सर त्रिपुरा के अन्य पारंपरिक वाद्यों जैसे 'चोंगप्रेंग' और 'सुमुई' (बांसुरी) के साथ बजाया जाता है।
  • सरिंदा को शामिल करने के बाद, त्रिपुरा में कुल GI-टैग प्राप्त उत्पादों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है
  • अन्य तीन उत्पाद :
  • त्रिपुरा क्वीन अनानास : राज्य का विशेष फल
  • रिसा और पचरा / रिग्नई : स्वदेशी आदिवासी समुदायों का पारंपरिक हाथ से बुना हुआ परिधान।
  • माताबाड़ी पेड़ा : प्रसिद्ध त्रिपुरसुंदरी मंदिर का विशेष प्रसाद (मिठाई)

भौगोलिक संकेतक (GI Tag)

  • एक बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), जो किसी विशिष्ट क्षेत्र के उत्पाद को दिया जाता है।
  • अधिनियम: वस्तुओं का भौगोलिक उपदर्शन (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999।
  • GI रजिस्ट्री मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु।
  • नोडल विभाग: DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
  • वैधता: 10 वर्ष (नवीकरणीय)।
  • भारत का पहला GI टैग: दार्जिलिंग चाय (2004-05)

रैंक एवं सूचकांक

WGC का CBGR सर्वेक्षण 2026

  • वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) द्वारा जारी सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व (CBGR) सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, भारत में सोने की कीमतों में पिछले 12 महीनों में लगभग 40% की भारी वृद्धि दर्ज की गई।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सोने की बढ़ती मांग: 89% केंद्रीय बैंकों को अगले 12 महीनों में वैश्विक स्वर्ण भंडार बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 45% बैंक अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि की योजना बना रहे हैं।
  • डॉलर का घटता प्रभाव: 74% उत्तरदाताओं का मानना है कि अगले 5 वर्षों में वैश्विक आरक्षित निधियों में अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी कम होगी।
  • भारत में सोने की कीमतें: पिछले 12 महीनों में लगभग 40% बढ़ीं, जिसका प्रमुख कारण केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और रुपये का अवमूल्यन रहा।
  • केंद्रीय बैंकों की खरीद: पिछले चार वर्षों में केंद्रीय बैंकों ने औसतन 1,000 टन सोना खरीदा, जो पिछले दशक के औसत (500 टन) से दोगुना है।
  • RBI का स्वर्ण भंडार: वित्त वर्ष 2025 के अंत तक RBI का स्वर्ण भंडार बढ़कर 879.58 टन हो गया, जो वित्त वर्ष 2026 में 880.52 टन पहुंच गया।
  • घरेलू भंडारण में वृद्धि: RBI ने वित्त वर्ष 2025 में विदेशों से 100 टन से अधिक सोना भारत वापस लाकर घरेलू भंडारण में रखा।
  • स्विस नेशनल बैंक की लोकप्रियता में गिरावट: इसकी वरीयता 2025 के 12% से घटकर 2026 में 6% रह गई।

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

52वां G7 शिखर सम्मेलन

  • फ्रांस के एवियां-ले-बैंस शहर में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक प्रमुख 'आउटरीच देश' के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मेजबान देश: फ्रांस (राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों)
  • सम्मेलन का मुख्य एजेंडा : अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करना, यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट का संकट और एनर्जी सुरक्षा पर चर्चा करना
  • ऐतिहासिक महत्व: एवियां-ले-बैं वर्ष 2003 में 29वें G8 शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी कर चुका है। यह दो बार G7/G8 राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन की मेजबानी करने वाला फ्रांस का पहला शहर बन गया है।
  • यह शिखर सम्मेलन जिनेवा झील के फ्रांसीसी तट पर , स्विट्जरलैंड की सीमा के पास आयोजित किया गया
  • 7वीं लगातार उपस्थिति: यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की G7 शिखर सम्मेलन में लगातार 7वीं (2019 से 2025/26) और भारत की कुल 13वीं भागीदारी थी
  • ग्लोबल साउथ की आवाज: भारत ने इस मंच पर 'ग्लोबल साउथ' की प्राथमिकताओं, विकासशील देशों की चिंताओं और वैश्विक एकजुटता को प्रमुखता से उठाया
  • भारत इनोवेट्स 2026 : इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने फ्रांस के नीस (Nice) शहर में 'भारत इनोवेट्स 2026' पहल का उद्घाटन किया, जो यूरोप में पहला भारत नवाचार शोकेस है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी और अनुसंधान क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है।

ग्रुप ऑफ सेवन (G7) :

  • विश्‍व की सात प्रमुख विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) का एक अनौपचारिक अंतर्सरकारी मंच है
  • यूरोपीय संघ (EU) भी इसका एक अभिन्न अंग है।
  • इसकी स्थापना 1975 में हुई थी
  • पहली बैठक: 1975, फ्रांस
  • कनाडा शामिल हुआ: 1976
  • रूस को निष्कासित किया गया: 2014
  • वर्तमान सदस्य: कनाडा, फ्रांस, इटली, जर्मनी, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका
  • मुख्यालय: कोई स्थायी मुख्यालय नहीं
  • जी-7 से जी-8 का सफर: 1997 से 2013 तक रूस के शामिल होने से यह G8 था, लेकिन 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस को बाहर कर दिया गया।

अफ्रीकी संघ का वर्चुअल शिखर बैठक

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अफ्रीकी संघ की वर्चुअल शिखर बैठक में भाग लिया।
  • यह बैठक अफ्रीकी देशों के राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के लिए आयोजित की गई थी।
  • इसका मुख्य उद्देश्य वर्तमान में जारी इबोला (Ebola) प्रकोप से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया तैयार करना था।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • बैठक की अध्यक्षता: इस वर्चुअल शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता अफ्रीकी संघ (AU) के चेयरपर्सन और बुरुंडी के राष्ट्रपति द्वारा की गई
  • वित्तीय सहायता: भारत ने अफ्रीका के स्वास्थ्य प्रयासों और प्रकोप की तैयारियों का समर्थन करने के लिए 1 करोड़ डॉलर (US$ 10 million) की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है
  • चिकित्सा आपूर्ति: भारत पहले ही 45 टन चिकित्सा सामग्री अफ्रीका भेज चुका है। आवश्यकतानुसार आगे भी मेडिकल व प्रयोगशाला आपूर्ति, नैदानिक सामग्री, आवश्यक दवाएं और पोषण संबंधी सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है
  • क्षमता निर्माण: भारत अफ्रीका के स्वास्थ्य संस्थानों को तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और क्षमता निर्माण सहायता भी प्रदान करेगा

अफ्रीकी संघ (AU) :

  • परिचय: यह अफ्रीका महाद्वीप के 55 देशों का एक महाद्वीपीय संघ है।
  • स्थापना: आधिकारिक तौर पर इसकी शुरुआत 2002 में डरबन (दक्षिण अफ्रीका) में हुई थी, जिसने पूर्ववर्ती 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी' (OAU) का स्थान लिया
  • मुख्यालय: अदीस अबाबा, इथियोपिया

इबोला वायरस रोग (Ebola Virus Disease - EVD) :

  • क्या है?: यह मनुष्यों और गैर-मानव प्राइमेट्स (जैसे बंदर, गोरिल्ला) में होने वाली एक गंभीर, घातक बीमारी है
  • प्रसार: यह वायरस संक्रमित जानवरों (जैसे फ्रूट बैट/चमगादड़) के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है। मनुष्यों के बीच भी यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त, लार या अन्य स्राव के माध्यम से फैलता है
  • नामकरण: कांगो में यह प्रकोप इबोला नदी के पास स्थित एक गाँव में हुआ था, जिसके नाम पर इस वायरस का नाम 'इबोला' रखा गया।
भारत द्वारा श्रीलंका को 55 लाख डॉलर की सैन्य सहायता

  • भारत ने श्रीलंकाई सेना की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने परिचालन भंडार से 55 लाख डॉलर (लगभग 46 करोड़ रुपये) की सैन्य सामग्री नि:शुल्क प्रदान की है।
  • यह सहायता दोनों देशों के बीच घनिष्ठ रक्षा साझेदारी और 'पड़ोसी पहले' की नीति को पुष्ट करती है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • परिवहन: इस खेप को भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS शारदा के माध्यम से कोलंबो पहुंचाया गया।
  • हस्तांतरण समारोह: श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंका के रक्षा सचिव और सेना कमांडर को यह सामग्री सौंपी.
  • हालिया वित्तीय सहयोग: भारत ने पिछले दो वर्षों में श्रीलंका के लिए 5 अरब श्रीलंकाई रुपये की रक्षा परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास और सैन्य प्रशिक्षण शामिल हैं.

रक्षा साझेदारी की मजबूती और रणनीतिक महत्व :

  • 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'महासागर' (MAHASAGAR) दृष्टिकोण : यह पहल भारत की 'Neighbourhood First' नीति और प्रधानमंत्री के MAHASAGAR (Maritime Cooperation for Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण के अनुरूप है. इसके तहत भारत क्षेत्र में एक 'नेट सुरक्षा प्रदाता' की भूमिका निभा रहा है
  • चीन के प्रभाव को संतुलित करना : श्रीलंका में चीन का बढ़ता दखल (जैसे हंबनटोटा बंदरगाह और अनुसंधान जहाजों का आगमन) भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय रहा है. अप्रैल 2025 में हुए रक्षा समझौते और इस नई सहायता के माध्यम से भारत ने श्रीलंका के रक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है. श्रीलंका ने भी आश्वस्त किया है कि उसकी भूमि का उपयोग भारत के खिलाफ नहीं होगा
  • ऑपरेशन सागर बंधु: चक्रवात 'दित्वाह' के दौरान भारतीय नौसेना ने श्रीलंका में खोज, बचाव और बुनियादी ढांचा बहाली का काम किया.
  • आरोग्य मैत्री: अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका को दो BHISM (भीष्म) क्यूब BHISM (भीष्म) क्यूब (आधुनिक पोर्टेबल मोबाइल अस्पताल) सौंपे थे

भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग के अन्य प्रमुख स्तंभ :

  • सैन्य अभ्यास : मित्र शक्ति (थल सेना) और स्लिनेक्स (SLINEX) (नौसेना)
  • क्षमता निर्माण : प्रतिवर्ष लगभग 1200 श्रीलंकाई सैन्य कर्मियों को भारतीय रक्षा संस्थानों में प्रशिक्षित किया जाता है
  • तटीय सुरक्षा : अप्रैल 2026 में भारत ने श्रीलंका कोस्ट गार्ड की समुद्री खोज और बचाव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (PWCs) प्रदान किए

अंतर्राष्ट्रीय हर्बल फार्माकोपिया के विकास पर WHO की 5वीं विशेषज्ञ बैठक

  • अंतर्राष्ट्रीय हर्बल फार्माकोपिया के विकास पर WHO की 5वीं विशेषज्ञ बैठक का आयोजन चीन में किया जा रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आयोजन और तिथि: यह 3-दिवसीय बैठक 16 से 18 जून 2026 तक हांगकांग SAR, चीन में आयोजित की जा रही है।
  • मुख्य उद्देश्य: पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हर्बल दवाओं के वैश्विक मानकों को विकसित करना और उन पर चर्चा करना है।
  • प्रतिभागी: इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सभी 6 क्षेत्रों के सदस्य देशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
  • भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत आने वाला भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग (PCIM&H) इस बैठक में भारत का नेतृत्व कर रहा है।

वर्ष 2030 तक फ्रांस में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ाकर तीस हजार

  • भारत और फ्रांस शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे और वर्ष 2030 तक फ्रांस में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ाकर तीस हजार की जाएगी।
  • पेरिस में भारतीय छात्रों का कहना है कि फ्रांस उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

फ्रांस :

  • वैश्विक स्थिति: यह देश मुख्य भूमि यूरोप के पश्चिमी छोर पर 42° और 51° उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है।
  • भू-सीमाएँ (8 देश): फ्रांस की सीमाएँ बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, इटली, मोनाको, स्पेन और अंडोरा से मिलती हैं।
  • समुद्री सीमाएँ: उत्तर-पश्चिम में इंग्लिश चैनल, पश्चिम में बिस्के की खाड़ी (अटलांटिक महासागर) और दक्षिण में भूमध्य सागर स्थित हैं।
  • राजधानी: पेरिस
  • महाद्वीप: यूरोप
  • राष्ट्रपति: इमैनुएल मैक्रों

महत्‍वपूर्ण दिवस

'विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस'

  • प्रतिवर्ष 17 जून को 'विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस' मनाया जाता है, जिसका इस वर्ष विषय "चारागाह: पहचानें। सम्मान करें। पुनर्स्थापित करें" है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मुख्‍य उद्देश्‍य : भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण और सूखे के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्‍य से
  • घोषणा: यह दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 1994 में घोषित किया गया था
  • रियो समिट: 1992 के रियो 'अर्थ समिट' के दौरान मरुस्थलीकरण को जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता की हानि के साथ सतत विकास के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना गया था
  • सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह दिवस विशेष रूप से SDG 15 (भूमि पर जीवन - Life on Land) से जुड़ा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भूमि क्षरण को रोकना और उलटना है।
  • वैश्विक प्रभाव: दुनिया का लगभग 40% भूमि क्षेत्र पहले ही क्षरित
  • हो चुका है
  • भूमि बहाली का लक्ष्य: भारत ने 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को बहाल करने का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा है

पुरस्‍कार और सम्‍मान

गुवाहाटी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा विश्व के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डा 2026 की की सूची में शामिल

  • गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (LGBIA) के नए टर्मिनल-2 को वास्तुकला और डिज़ाइन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 'प्रिक्स वर्साय' द्वारा विश्व के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डा 2026 की की सूची में शामिल किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वैश्विक मान्यता: प्रिक्स वर्साय वास्तुकला और डिज़ाइन के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक वार्षिक वैश्विक पुरस्कार है, जिसकी घोषणा पेरिस स्थित यूनेस्को (UNESCO) मुख्यालय में की जाती है
  • भारत के दो हवाई अड्डे शामिल: विश्व के शीर्ष 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की इस सूची में भारत के दो हवाई अड्डों ने जगह बनाई है—पहला गुवाहाटी का टर्मिनल-2 और दूसरा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल-1)
  • प्रबंधन: इन दोनों हवाई अड्डों का संचालन और प्रबंधन 'अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड' (AAHL) द्वारा किया जा रहा है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धी: इस सूची में शामिल अन्य प्रमुख हवाई अड्डों में ग्वांगझू (चीन), फ्रैंकफर्ट (जर्मनी), कांडल स्टुंग (कंबोडिया), पिट्सबर्ग और सैन डिएगो (यूएसए) शामिल हैं

लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (LGBIA) :

  • पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा और व्यस्ततम विमानक्षेत्र है
  • यह असम के गुवाहाटी शहर के बोराझार में स्थित है और पूरे पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में कार्य करता है
  • नाम: लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (LGBIA) - इसका नाम असम के पहले मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर रखा गया है।
  • स्थान: बोराझार, गुवाहाटी, असम (शहर के केंद्र से लगभग 24 किमी दूर)।
  • IATA कोड: GAU | ICAO कोड:
  • प्रकार: नागरिक हवाई अड्डा : इसका संचालन भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ साझा आधार पर होता है।
  • प्रचालक (Operator): वर्तमान में इसका विकास और संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया जा रहा है
  • इस क्षेत्र की जैव विविधता के प्रतीक बांस के फूल से प्रेरित यह संरचना आधुनिक वास्तुकला को स्थानीय सांस्कृतिक प्रभावों के साथ मिश्रित करती है

खेल समाचार

FIH हॉकी महिला नेशंस कप 2025-26

  • भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑकलैंड, न्यूजीलैंड में आयोजित FIH हॉकी महिला नेशंस कप (2025-26) के अपने दूसरे पूल ए मैच में जापान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • गोल स्कोरर: भारत की ओर से कप्तान सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में पहला गोल दागा। इसके बाद लालरेम्सियामी ने 49वें मिनट में निर्णायक विजयी गोल किया। जापान की ओर से एकमात्र गोल ऐ हिरामीत्सु ने 35वें मिनट में किया था।
  • ऐतिहासिक उपलब्धि: इस मैच में भारतीय मिडफील्डर ज्योति ने अपने करियर का 100वां सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा किया।
  • पूल स्थिति: भारत अपने पहले मैच में अमेरिका को 3-2 से हरा चुका है। लगातार दो जीत के साथ भारतीय टीम 6 अंकों के साथ पूल-ए में शीर्ष पर बनी हुई है।
  • टूर्नामेंट का महत्व: एफआईएच (FIH) नेशंस कप का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा किया जाता है।

 

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