26 May, 2026
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई-85 ईंधन का शुभारंभ
Sun 07 Jun, 2026
संदर्भ :
- केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई-85 ईंधन का शुभारंभ किया।
मुख्य बिन्दु :
- उद्घाटन : केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा इंडियन ऑयल (IOC) के पूसा रोड आउटलेट
- यह पेट्रोल से ₹20 प्रति लीटर सस्ता है।
- दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत : ₹82.12 प्रति लीटर
- दिल्ली के पूसा रोड पर खुला यह स्टेशन देश का पहला पंप है
- शुरुआती फेज में सरकार दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में करीब 50 से 100 ऐसे E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करेगी
- सरकार ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिक्स वाले फ्यूल स्टैंडर्ड्स को भी नोटिफाई किया है
E85 फ्लेक्स फ्यूल :
- एक उच्च-इथेनॉल मिश्रित जैव ईंधन है, जिसमें 80 से 85 प्रतिशत इथेनॉल और 14 से 19 प्रतिशत पारंपरिक पेट्रोल का मिश्रण होता है
- उच्च ऑक्टेन रेटिंग: E85 का रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) लगभग 108 होता है। उच्च ऑक्टेन रेटिंग इंजन में प्री-इग्निशन को रोकती है और इंजन के प्रदर्शन को बेहतर बनाती है।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex-Fuel Vehicles - FFV) :
- परिभाषा: फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे वाहन होते हैं जिनमें एक ऐसा आंतरिक दहन इंजन (Internal Combustion Engine) होता है जो एक से अधिक प्रकार के ईंधन (जैसे शुद्ध पेट्रोल या पेट्रोल और एथेनॉल के विभिन्न मिश्रणों - E20 से लेकर E100 तक) पर चलने में सक्षम होता है।
- तकनीकी बदलाव: इसमें सामान्य वाहनों की तरह ही एक सिंगल फ्यूल टैंक होता है, लेकिन एथेनॉल के संक्षारक (corrosive) गुणों और कम ऊर्जा घनत्व को सहन करने के लिए इसके फ्यूल पंप, फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और इंजन कैलिब्रेशन में विशेष बदलाव किए जाते हैं।
भारत में उपलब्ध अनुकूल मॉडल:
- Hero MotoCorp: स्पलेंडर+ फ्लेक्स फ्यूल (Splendor+ Flex Fuel) और HF डीलक्स फ्लेक्स फ्यूल
- Suzuki: जिक्सर SF 250 FFV (Gixxer SF 250 FFV)
- Toyota: इनोवा हाइक्रॉस फ्लेक्स-फ्यूल (प्रदर्शित प्रोटोटाइप)
सरकार के प्रमुख लक्ष्य और रोडमैप :
- शुरुआती रोलआउट: देश भर में सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के 48 रिटेल आउटलेट्स से इसकी शुरुआत की गई है।
- मध्यम अवधि का लक्ष्य: दिसंबर 2026 तक इन आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य है।
- दीर्घकालिक लक्ष्य: दिसंबर 2027 तक पूरे देश में 5,000 आउटलेट्स तक E85 की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- एकीकृत मिश्रण लक्ष्य: इस पहल की मदद से वर्ष 2030-31 तक भारत का कुल एथेनॉल मिश्रण स्तर लगभग 26% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य समय से पहले ही हासिल कर लिया है (वर्ष 2014 में यह केवल 1.53% था)
आर्थिक लाभ :
- विदेशी मुद्रा की बचत: भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85-88% आयात करता है। इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम से अब तक 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाई जा चुकी है। E85 का बड़े पैमाने पर उपयोग इस बचत को कई गुना बढ़ा देगा।
- उपभोक्ता के लिए किफायती: E85 ईंधन को सामान्य पेट्रोल (या E20 मिश्रित पेट्रोल) की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता रखा गया है।
- कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: चीनी मिलों, मक्का उत्पादकों और कृषि अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार, यह भारतीय किसानों को 'अन्नदाता' से 'ऊर्जादाता' बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
पर्यावरणीय लाभ :
- उत्सर्जन में कमी: पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में E85 ईंधन पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहन लाइफसाइकल ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन में 61% तक की कमी ला सकते हैं
- शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार: इथेनॉल में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होने के कारण इसका दहन अधिक पूर्ण (complete combustion) होता है, जिससे पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) और कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन लगभग शून्य हो जाता है
- जलवायु प्रतिबद्धताएं: यह पहल भारत को वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य (Net-Zero) उत्सर्जन के अपने पंचामृत लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी
एथेनॉल :
- रासायनिक नाम: एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) या आईयूपीएसी (IUPAC) नाम एथेनॉल (Ethanol)
- रासायनिक सूत्र (Chemical Formula): C2H5OH या CH3CH2OH
- क्रियात्मक समूह (Functional Group): अल्कोहल समूह (-OH)
भौतिक गुण:
- यह एक रंगहीन, वाष्पशील (volatile) और अत्यधिक ज्वलनशील तरल है
- इसकी एक विशिष्ट मीठी गंध होती है।
- घुलनशीलता: यह पानी में हर अनुपात में पूरी तरह से घुलनशील है क्योंकि यह पानी के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध (Hydrogen Bonding) बनाता है।
- क्वथनांक (Boiling Point): लगभग 78.37 डिग्री सेल्सियस (351.5 K)
- गलनांक (Melting Point): -114.1 डिग्री सेल्सियस (159 K) (इसीलिए इसका उपयोग अत्यंत ठंडे प्रदेशों में थर्मामीटर में भी किया जाता है)









