26 May, 2026
दिल्ली-NCR क्षेत्र में दो वर्षीय योजना को मंजूरी
Thu 04 Jun, 2026
संदर्भ :
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी।
मुख्य बिन्दु :
- बजट आवंटित : ₹9,585 करोड़
- केंद्रीय योगदान: ₹5,041 करोड़ की सीधी वित्तीय सहायता
- राज्यों का योगदान: भाग लेने वाले राज्यों द्वारा लगभग ₹1,601 करोड़ की टैक्स रियायतें
सहयोगी मंत्रालय:
- वित्तपोषित : आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) द्वारा
- कार्यान्वयन : सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) द्वारा संयुक्त रूप से
- लक्षित क्षेत्र: दिल्ली सहित NCR में आने वाले चार राज्य/केंद्र शासित प्रदेश—दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश
- मुख्य उद्देश्य और लक्ष्य : दिल्ली-NCR में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले लगभग 2.07 लाख वाणिज्यिक वाहनों (1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें) को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से बदलना
स्क्रैपेज और प्रतिस्थापन नियम :
- BS-III या उससे पुराने वाहन: इन्हें पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (RVSFs) में अनिवार्य रूप से स्क्रैप (नष्ट) करना होगा।
- BS-IV वाहन: इन्हें या तो स्क्रैप किया जा सकता है या फिर NCR से बाहर (गैर-NCAP शहरों/कस्बों में) बेचा जा सकता है।
- दिल्ली के लिए विशेष नियम: दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले सभी हल्के मालवाहक वाहन (LGVs) केवल इलेक्ट्रिक होने चाहिए, और बसें केवल BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए।
- अपवाद: सरकारी वाहनों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
वाहन मालिकों को मिलने वाले प्रमुख प्रोत्साहन :
- ब्याज सहायता: नए वाहन के ऋण (Loan) पर 5 वर्षों के लिए 5% ब्याज सबवेन्शन दिया जाएगा
- ईंधन कूपन: वाहन की श्रेणी के आधार पर प्रति माह ₹4,800 तक के मासिक ईंधन वाउचर मिलेंगे
- राज्यों द्वारा छूट: राज्य सरकारें नए वाहनों पर 100% तक और पुराने (सर्टिफाइड) वाहनों पर 10 वर्षों के लिए 50% मोटर वाहन कर में छूट देंगी और पंजीकरण शुल्क भी माफ करेंगी। इसके अलावा, पुराने वाहनों की पुरानी देनदारियाँ भी माफ की जाएंगी
- ऑटो कंपनियों की छूट: वाहन निर्माता (OEMs) एक्स-शोरूम कीमत पर 8% की छूट प्रदान करेंगे
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य :
- प्रदूषण का कारण: ARAI और TERI की रिपोर्ट (2018) के अनुसार, दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण (PM 2.5) में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 14%, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) में 40% और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) में 63% है।
- समानुपातिक प्रभाव: भारी वाणिज्यिक ट्रक और बसें कुल वाहनों का केवल 3% हैं, लेकिन परिवहन क्षेत्र से होने वाले कुल PM 2.5 उत्सर्जन में इनका योगदान 36% है।
- उत्सर्जन में अंतर: एक पुराना (Pre-BS) भारी वाहन, 14 आधुनिक BS-VI वाहनों के बराबर प्रदूषण फैलाता है। यहाँ तक कि एक BS-IV वाहन भी BS-VI वाहन की तुलना में 2.7 गुना अधिक उत्सर्जन करता है।
- डिजिटल गवर्नेंस (पारदर्शिता): इस योजना का कार्यान्वयन पूरी तरह से एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे रीयल-टाइम पात्रता जांच, स्वचालित दावों का निपटान और प्रदूषण में कमी की निगरानी सुनिश्चित होगी।









