26 May, 2026
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 6 वर्ष पूर्ण
Tue 02 Jun, 2026
संदर्भ :
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 1 जून 2020 को शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने 1 जून 2026 को अपने छह वर्ष पूरा किया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi - PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi) :
- शुरुआत: 1 जून, 2020, कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका को पुनर्जीवित करने के लिए
- योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्र की योजना
- नोडल मंत्रालय: यह योजना अब आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है
- तकनीकी भागीदार: सिडबी (SIDBI : भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) इस योजना के कार्यान्वयन के लिए तकनीकी भागीदार है
- शामिल 8 प्रमुख योजनाएँ: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), पीएम जन धन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिक (BoCW) के तहत पंजीकरण, पीएम श्रम योगी मानधन योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC), जननी सुरक्षा योजना और पीएम मातृ वंदना योजना (PMMVY)
प्रमुख विशेषताएँ :
- ब्याज सब्सिडी: समय पर या समय से पहले ऋण चुकाने पर लाभार्थियों को 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी मिलती है।
- डिजिटल प्रोत्साहन: स्ट्रीट वेंडर्स खुदरा और थोक डिजिटल लेन-देन के लिए आकर्षक कैशबैक कमा सकते हैं।
- क्रेडिट विस्तार: अपनी दूसरी किस्त का सफल भुगतान करने वाले पात्र वेंडर्स ₹30,000 तक की सीमा वाला यूपीआई-आधारित रूपे क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
- विस्तारित समय सीमा: योजना की ऋण अवधि मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है, जिसका उद्देश्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित कुल 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुँचाना है।
- 2025 में पुनर्गठित किया गया और ऋण देने की अवधि को 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2030 तक कर दिया गया।
- कार्यशील पूंजी ऋण: बिना किसी गारंटी के ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 की क्रमिक किस्तों में ऋण प्रदान किया जाता है।
संशोधित ऋण संरचना :
पहली किश्त:
- पूर्व ऋण राशि: ₹10,000
- संशोधित ऋण राशि: ₹15,000 तक
- भुगतान अवधि: 12 महीने
दूसरी किश्त:
- पूर्व ऋण राशि: ₹20,000
- संशोधित ऋण राशि: ₹25,000 तक
- भुगतान अवधि: 18 महीने
तीसरी किश्त:
- पूर्व ऋण राशि: ₹50,000
- संशोधित ऋण राशि: ₹50,000 (इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है)
- भुगतान अवधि: 36 महीने
- योजना शुरू होने के बाद से अब तक एक करोड़ 12 लाख से अधिक ऋण दिए गए हैं।
प्रमुख उपलब्धियां :
- ऋण सहायता: लगभग 1 करोड़ आवेदकों को ऋण की सुविधा प्रदान की गई और बिना किसी गारंटी (कोलेटरल फ्री) के 17,800 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि वितरित की गई
- बड़ी संख्या में लाभार्थी: औपचारिक वित्तीय संस्थाओं से जोड़कर 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को सशक्त बनाया गया। इस योजना के कारण लाभार्थियों की औसत आय में प्रति वर्ष 20% की वृद्धि दर्ज की गई।
- महिला सशक्तीकरण: लक्षित वित्तीय सहायता के माध्यम से 34.81 लाख महिला स्ट्रीट वेंडर्स को योजना का लाभ मिला है।
- डिजिटल समावेशन: 55 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल तकनीकों से जोड़ा गया, जिससे कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिला है।
- पुरस्कार: इस योजना को नवाचार श्रेणी (केंद्र स्तर) में 'प्रधानमंत्री लोक प्रशासन में उत्कृष्टता पुरस्कार 2023' से सम्मानित किया गया।









