26 May, 2026
'ULLAS' कार्यक्रम के तहत भारत का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य
Sun 31 May, 2026
संदर्भ :
- केंद्र सरकार की 'ULLAS' कार्यक्रम के तहत सिक्किम को 99.82% साक्षरता दर के साथ भारत का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।
मुख्य बिन्दु :
- घोषणा : सिक्किम यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में
- निर्धारित मानदंड: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में वयस्क साक्षरता दर 95% के स्तर को पार कर जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जा सकता है
- मानक (Benchmark): शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, जब किसी राज्य/UT में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की वयस्क साक्षरता दर 95% या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जाता है। सिक्किम ने इसे बड़े अंतर से पार किया है।
- स्थान/क्रम: सिक्किम भारत का 5वां पूर्ण साक्षर राज्य बना है। पूर्वोत्तर (Northeast) भारत में यह तीसरा ऐसा राज्य है (मिजोरम और त्रिपुरा के बाद)
- स्वयंसेवकों की भूमिका: इस अभियान में राज्य के 4,000 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षकों (बिना किसी मानदेय/Honorarium के) ने योगदान दिया।
- सिक्किम ने भारत सरकार के निर्धारित 95% के बेंचमार्क को पार करते हुए 99.82% की ऐतिहासिक साक्षरता दर हासिल की।
सिक्किम द्वारा अपनाया गया मॉडल निम्नलिखित स्तंभों पर आधारित था:
- माइक्रो-प्लानिंग और गहन सर्वेक्षण: 'उन्नयन सर्वेक्षण 2022' के आंकड़ों के आधार पर, सिक्किम सरकार ने 15 वर्ष से अधिक आयु के 5,30,046 लोगों में से 15,361 गैर-साक्षर वयस्कों की पहचान की।
- लक्षित मूल्यांकन प्रक्रिया: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा आयोजित 'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा' (FLNAT) के पांच चरणों (मार्च 2024 से फरवरी 2026 तक) के माध्यम से 14,447 वयस्कों को प्रमाणित किया गया।
- स्वयंसेवक मॉडल (Volunteerism/Jan Bhagidari): इस अभियान में 4,000 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षकों (स्कूल और कॉलेज के छात्र, शिक्षक, समुदाय के सदस्य) ने बिना किसी मानदेय (Honorarium) के अपनी निस्वार्थ सेवाएं दीं।
- स्थानीय शिक्षण सामग्री का विकास: राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), गंगटोक ने स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश के अनुकूल शिक्षण सामग्री और क्षेत्रीय भाषाओं के प्राइमर विकसित किए।
- प्रौद्योगिकी का एकीकरण: शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों के पंजीकरण, प्रगति और ट्रैकिंग के लिए 'ULLAS App' का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया।
अन्य पूर्ण साक्षर राज्य :
| राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश | घोषणा वर्ष | साक्षरता दर | विशेषताएँ |
| मिज़ोरम | 2025 | 98.2% | सामुदायिक भागीदारी, महिलाओं की शिक्षा पर जोर |
| गोवा | 2025 | 96% | प्रशासनिक दक्षता, उच्च निवेश |
| त्रिपुरा | 2025 | 95.6% | साइबर साक्षरता अभियान, जनजातीय पहुँच |
| हिमाचल प्रदेश | 2025 | 99.3% | स्वतंत्रता के बाद 7% से लगभग सार्वभौमिक साक्षरता |
| लद्दाख (UT) | 2024 | 97% | पहला UT जिसने कार्यात्मक साक्षरता हासिल की |
| सिक्किम | 2026 | 99.82% | दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों तक समावेशी पहुँच |
नोट:
- केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ भी 2025-26 के दौरान 95% से अधिक साक्षरता प्राप्त कर इस सूची में शामिल होने की प्रक्रिया में रहा है।
- केरल (1991): केरल ने पारंपरिक राष्ट्रीय साक्षरता मिशन (NLM) के तहत 1991 में ही पूर्ण साक्षरता (90% से अधिक) का दर्जा पा लिया था। उस समय मानक 90% था, जबकि वर्तमान ULLAS कार्यक्रम में 95% को मानक माना गया है। इसलिए केरल को अक्सर "भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य" कहा जाता है, लेकिन वह अलग कार्यक्रम (NLM) के तहत था।
'उल्लास' (ULLAS) पहल:
- पूरा नाम: Understanding Lifelong Learning for All in Society (समाज में सभी के लिए आजीवन शिक्षा की समझ) - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम।
- प्रकृति: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप वर्ष 2022 में शुरू किया गया था।
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education)।
- लक्ष्य समूह: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वे गैर-साक्षर नागरिक जो औपचारिक स्कूली शिक्षा का लाभ उठाने से वंचित रह गए।
- मूल मंत्र (Tagline): "जन-जन साक्षर" (Education for All)।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2022-2027 के दौरान 5 करोड़ गैर-साक्षर लोगों को कवर करना (प्रति वर्ष लगभग 1 करोड़ का लक्ष्य)।
- पूर्ण साक्षरता का मानक (Benchmark): शिक्षा मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार, यदि किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वयस्कों की साक्षरता दर 95% या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया जा सकता है।
'उल्लास' के पांच प्रमुख स्तंभ (Five Key Components):
- बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (Foundational Literacy & Numeracy - FLN): बुनियादी पढ़ना, लिखना और अंकगणित।
- महत्वपूर्ण जीवन कौशल (Critical Life Skills): वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता, चुनावी साक्षरता, पर्यावरण साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता।
- व्यावसायिक कौशल विकास (Vocational Skills Development): स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसरों के लिए कौशल प्रशिक्षण।
- बुनियादी शिक्षा (Basic Education): प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक स्तर की समकक्षता प्रदान करना।
- सतत शिक्षा (Continuing Education): कला, विज्ञान, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और मनोरंजन में उन्नत जीवनपर्यंत सीखने के अवसर।









