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Sun 31 May, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

एक दिन में रिकॉर्ड 15 हज़ार छतों पर लगाए गए सौर पैनल

 

  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार, 29 मई 2026 को देश में रिकॉर्ड 15 हज़ार छतों पर लगाए गए सौर पैनल लगाया गया।
  • यह पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना के तहत किसी एक दिन में सौर पैनल स्थापित करने का रिकार्ड है।
  • सबसे अधिक पैनल महाराष्ट्र में लगाए गए और महाराष्ट्र, गुजरात के बाद देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है जहां अब तक छह लाख से अधिक छतों पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PMSGMBY) :

 

  • विश्‍व की की सबसे बड़ी घरेलू रूफटॉप सौर योजना है
  • शुरूआत : फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा
  • उद्देश्य : छत पर सौर पैनल लगाने की सुविधा देकर घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना
  • बजट: इस योजना के लिए कुल 75,021 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय स्वीकृत किया गया है
  • कार्यान्वयन अवधि: इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाना है
  • नोडल मंत्रालय: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
  • कार्यान्वयन एजेंसियां: राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसी' (NPIA) और राज्य स्तर पर विद्युत वितरण कंपनियां (DISCOM)

सब्सिडी का विवरण :

  • 150 यूनिट तक खपत: 1-2 kW का प्लांट लगेगा, जिसपर ₹30,000 से ₹60,000 तक सब्सिडी मिलेगी।
  • 150-300 यूनिट खपत: 2-3 kW का प्लांट लगेगा, जिसपर ₹60,000 से ₹78,000 तक सब्सिडी मिलेगी।
  • 300 यूनिट से अधिक खपत: 3 kW से ऊपर का प्लांट लगेगा, जिसपर अधिकतम ₹78,000 सब्सिडी मिलेगी।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु सरकारी योजनाएँ :

  • रूफटॉप सोलर योजना, 2015
  • पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM), 2019
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, 2015
  • राष्ट्रीय सौर मिशन, 2010
  • वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड, 2018

ABDM के तहत देश भर में आभा कार्ड

 

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा कार्यान्वित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत देश भर में 90 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (ABHA - आभा) कार्ड बनाया जा चुका है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • आभा कार्ड की संख्‍या वर्ष 2021 में 14 करोड से अधिक थी जो बढकर इस वर्ष 90 करोड हो गई है।
  • यह उपलब्धि राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी से संभव हुई है।
  • राज्यों का प्रदर्शन: आभा (ABHA) खाता निर्माण में उत्तर प्रदेश 15.3 करोड़ से अधिक खातों के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र प्रत्येक 7 करोड़ खातों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
  • पूर्ण संतृप्ति (100% Saturation): अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, लक्षद्वीप, तथा दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव ने अपने जनसंख्या अनुपात में पूर्ण संतृप्ति हासिल कर ली है। बड़े राज्यों में आंध्र प्रदेश 98.5% संतृप्ति के साथ सबसे आगे है।
  • लैंगिक समावेशन: कुल आभा कार्डधारकों में महिलाएं लगभग 49.75% हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र में महिलाओं की बढ़ती और समावेशी भागीदारी को दर्शाता है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) :

  • लॉन्च: सितंबर 2021 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में शुरू किया गया था
  • कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)
  • मुख्य उद्देश्य: देश में एक एकीकृत, सुरक्षित और सुलभ डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (Digital Public Infrastructure) का निर्माण करना

ABDM के प्रमुख डिजिटल घटक :

  • ABHA (Ayushman Bharat Health Account): यह प्रत्येक नागरिक के लिए 14-अंकीय विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान संख्या है, जो स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से स्टोर करती है।
  • स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री (HPR): आधुनिक और पारंपरिक प्रणालियों (AYUSH) के सभी प्रमाणित डॉक्टरों और नर्सों का एक केंद्रीय डेटाबेस।
  • स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (HFR): देश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं की एक एकीकृत डायरेक्ट्री।
  • एकीकृत स्वास्थ्य इंटरफ़ेस (UHI): एक ओपन नेटवर्क जो टेली-परामर्श, अपॉइंटमेंट बुकिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं को सुगम बनाता है।
  • स्वास्थ्य सूचना विनिमय और सहमति प्रबंधक (HIE-CM): मरीज की सहमति (Consent) के आधार पर विभिन्न अस्पतालों के बीच सुरक्षित रूप से डेटा साझा करने की प्रणाली।

नोट: ध्यान रखें कि आभा कार्ड (ABHA) स्वास्थ्य रिकॉर्ड का एक डिजिटल रिपॉजिटरी/आईडी है, जबकि आयुष्मान कार्ड (PM-JAY) पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने की योजना है। ये दोनों अलग लेकिन परस्पर जुड़े हुए हैं

AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट ‘समाधान दीदी’ का शुभारंभ

 

  • केंद्रिय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट ‘समाधान दीदी’ का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • लॉन्चकर्ता: कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा नई दिल्ली में इसका शुभारंभ किया गया।
  • विकासकर्ता: इसे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने 'भाषिनी' (Bhashini) एआई डिवीजन के सहयोग से विकसित किया है।
  • मुख्य उद्देश्य: देश के आम नागरिकों के लिए लोक शिकायत निवारण प्रणाली का लोकतंत्रीकरण और सरलीकरण करना।
  • बहुभाषी समर्थन : यह वर्तमान में भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है। भविष्य में अन्य क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को भी जोड़ने की योजना है।
  • द्वि-आयामी इनपुट (Voice & Text): नागरिक इस चैटबॉट पर बोलकर (Voice) या लिखकर (Text) दोनों ही माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह उन ग्रामीण या कम पढ़े-लिखे नागरिकों के लिए वरदान है जो टाइपिंग नहीं जानते
  • स्मार्ट वर्गीकरण : चैटबॉट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके नागरिक द्वारा बताई गई समस्या का विश्लेषण करता है। इसके बाद वह शिकायत की उपयुक्त श्रेणी और उप-श्रेणी का निर्धारण स्वतः कर लेता है
  • उपयोगकर्ता के अनुकूल: नागरिकों को अब स्वयं यह खोजने की आवश्यकता नहीं होगी कि उनकी शिकायत किस विशिष्ट मंत्रालय, विभाग या श्रेणी के अंतर्गत आती है।
  • मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, वर्ष 2014 से पहले प्रतिवर्ष दर्ज होने वाली लोक शिकायतों की संख्या लगभग 2 लाख थी।
  • ई-गवर्नेंस और तकनीकी सुधारों के कारण आज यह संख्या बढ़कर 25 से 30 लाख प्रतिवर्ष हो गई है।

'कॉमन लैंडिंग पोर्टल' का शुभारंभ

 

  • वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने देश में लावारिस पड़ी वित्तीय संपत्तियों को उनके सही हकदारों तक पहुंचाने के उद्देश्‍य से 'कॉमन लैंडिंग पोर्टल' का शुभारंभ किया।
  • यह पोर्टल सरकार के राष्ट्रव्यापी अभियान "आपकी पूँजी, आपका अधिकार" का एक हिस्सा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • सहयोग : इसे 'PSB एलायंस' के सहयोग से विकसित किया गया है, जो देश के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक केंद्रीकृत कंपनी है।
  • एकल खिड़की प्रणाली : यह पोर्टल देश के वित्तीय पारितंत्र में मौजूद विभिन्न प्रकार की लावारिस संपत्तियों को एक ही मंच पर खोजने की सुविधा प्रदान करता है।
  • ट्रैक की जाने वाली सम्‍पत्ति : लावारिस बैंक जमा, बीमा दावे, शेयर और लाभांश, म्यूचुअल फंड

अंतरराष्ट्रीय समाचार

म्यांमार के राष्ट्रपति भारत की यात्रा पर

 

  • म्यांमार के राष्ट्रपति 'यू मिन आंग ह्लाइंग' भारत की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।
  • राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक विदेशी दौरा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • सांस्कृतिक शुरुआत: राष्ट्रपति ने अपने दौरे की शुरुआत बिहार के पवित्र बौद्ध स्थल बोधगया में महाबोधि मंदिर के दर्शन से की।
  • द्विपक्षीय वार्ता: 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुख्य द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है।
  • व्यापारिक जुड़ाव: इस यात्रा के दौरान वह भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई भी जाएंगे और एक प्रमुख बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे।

म्यांमार :

  • यह भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के संगम पर स्थित एकमात्र देश है
  • सीमा: भारत और म्यांमार के बीच 1,643 किमी लंबी थल सीमा है, जो अरुणाचल प्रदेश (520 किमी), नागालैंड (215 किमी), मणिपुर (398 किमी) और मिजोरम (510 किमी) से लगती है।
  • दक्षिण-पूर्व एशिया का द्वार: म्यांमार आसियान (ASEAN) देशों के साथ भारत का एकमात्र थल मार्ग है।
  • समुद्री सुरक्षा: बंगाल की खाड़ी में स्थित होने के कारण यह भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
  • कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट: यह कोलकाता बंदरगाह को म्यांमार के सितवे (Sittwe) बंदरगाह से जोड़ता है
  • भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग: यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को थाईलैंड और शेष दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने का प्रयास है।
  • इतिहास: म्यांमार (बर्मा) 1937 में ब्रिटिश भारत से अलग हुआ था और इसे 1948 में स्वतंत्रता मिली थी।

नियुक्तियां

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

 

  • एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff : CNS) के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • उन्होंने एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी का स्थान लिया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • कमीशन: वह 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे
  • विशेषज्ञता: उन्हें कम्युनिकेशन (संचार) और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (इलेक्ट्रॉनिक युद्ध) का विशेषज्ञ माना जाता है
  • प्रमुख कमान: वे भारत के प्रमुख विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य के दूसरे कमांडिंग ऑफिसर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने निर्देशित मिसाइल विध्वंसक INS मैसूर की भी कमान संभाली है
  • पिछला पद: नौसेना प्रमुख बनने से पहले वे मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और नौसेना स्टाफ के उप-प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं
  • सैन्य सम्मान: उन्हें विशिष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है

नौसेना प्रमुख (CNS) :

  • पद का स्तर: यह भारतीय नौसेना में सर्वोच्च पद है, जो फोर-स्टार (4-Star) रैंक का होता है।
  • नियुक्ति : नौसेना प्रमुख की नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा की जाती है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
  • कार्यकाल: नौसेना प्रमुख का कार्यकाल 3 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है। एडमिरल स्वामीनाथन का कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा

भारतीय नौसेना :

  • स्थापना: 26 जनवरी 1950
  • नौसेना दिवस: 4 दिसंबर
  • आदर्श वाक्य: “शं नो वरुण:'
  • प्रमुख: एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी
  • नौसेना की नौसेना कमान :
  • पश्चिमी नौसेना कमान (मुंबई)
  • दक्षिणी नौसेना कमान (कोच्चि)
  • पूर्वी नौसेना कमान (विशाखापत्तनम)

जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि

 

  • लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष (CDS) का कार्यभार ग्रहण किया।
  • CDS बनने से पहले वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार और सेना के उप-प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • पदभार : वे भारत के तीसरे CDS होंगे (जनरल बिपिन रावत और जनरल अनिल चौहान के बाद)।
  • अतिरिक्त जिम्मेदारी: वे भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग (DMA) में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।
  • अनुभव: उनका भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का शानदार करियर रहा है। वे दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन हुए थे।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) :

  • पद का सृजन: आधिकारिक तौर पर 24 दिसंबर, 2019 को कैबिनेट ने इस पद को मंजूरी दी थी।
  • सिफारिशें: इसकी सिफारिश सबसे पहले कारगिल समीक्षा समिति (1999) द्वारा की गई थी। बाद में नरेश चंद्र समिति (2012) और शेकातकर समिति (2016) ने भी इसका समर्थन किया।
  • प्रथम CDS: जनरल बिपिन रावत ने 1 जनवरी, 2020 को भारत के पहले CDS के रूप में कार्यभार संभाला।

भूमिका और जिम्मेदारियाँ :

  • सैन्य सलाहकार: CDS रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं।
  • विभाग प्रमुख: वे रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नवनिर्मित सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के प्रमुख (सचिव) होते हैं।
  • समन्वय: वे 'चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी' (COSC) के स्थायी अध्यक्ष होते हैं।
  • परमाणु कमान: वे 'न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी' (NCA) के सैन्य सलाहकार भी होते हैं

वाइस एडमिरल अजय कोचर

 

  • वाइस एडमिरल अजय कोचर ने 48वें नौसेना उप प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • कमिशनिंग: वह 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन हुए थे.
  • अकादमी: वह पुणे स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं.
  • विशेषज्ञता: उन्हें गनरी (तोप) और मिसाइल रक्षा प्रणालियों का विशेषज्ञ माना जाता है.
  • अनुभव: उनके पास अग्रिम मोर्चों, रणनीतिक मुख्यालयों और त्रि-सेवा (tri-services) कमानों में 37 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है

चर्चित व्‍यक्ति

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर

 

  • लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती प्रतिवर्ष 31 मई को मनाई जाती है।
  • वर्ष 2025 में उनकी 300वीं जयंती और वर्ष 2026 में उनकी 301वीं जयंती मनाई गई है।

जीवन परिचय :

 

 

  • जन्म: उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। उनके पिता मनकोजी राव शिंदे गांव के पाटिल (प्रधान) थे।
  • विवाह: वर्ष 1733 में उनका विवाह होल्कर वंश के संस्थापक और मालवा के मराठा सूबेदार मल्हार राव होल्कर के पुत्र खांडेराव होल्कर से हुआ था।
  • त्रासदी और संकट: वर्ष 1754 में कुम्हेर के युद्ध में उनके पति खांडेराव वीरगति को प्राप्त हुए। मल्हार राव होल्कर ने अहिल्याबाई को सती होने से रोका और उन्हें सैन्य व प्रशासनिक कार्यों में प्रशिक्षित किया।

शासनकाल और प्रशासनिक कुशलता (1767–1795) :

  • सत्ता की बागडोर: वर्ष 1766 में ससुर मल्हार राव और 1767 में पुत्र मालेराव की मृत्यु के बाद, अहिल्याबाई ने स्वयं मालवा साम्राज्य की कमान संभाली और इंदौर की शासिका बनीं।
  • राजधानी का स्थानांतरण: उन्होंने अपनी राजधानी को इंदौर से नर्मदा नदी के तट पर स्थित महेश्वर स्थानांतरित किया।
  • सैन्य नेतृत्व: उन्होंने तुकोजी राव होल्कर को अपना सैन्य कमांडर (सेनापति) नियुक्त किया। वह स्वयं एक कुशल तीरंदाज थीं और युद्धों में सेना का नेतृत्व करती थीं।
  • न्यायप्रिय सुशासन: ब्रिटिश इतिहासकार जॉन मैल्कम ने उन्हें "दार्शनिक रानी" की उपाधि दी थी। वे प्रतिदिन जनता दरबार लगाकर निष्पक्ष न्याय करती थीं।

सांस्कृतिक एवं धार्मिक योगदान :

  • प्रमुख मंदिरों का पुनर्निर्माण: उन्होंने मुगलों द्वारा तोड़े गए काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी) और सोमनाथ मंदिर (गुजरात) का पुनर्निर्माण करवाया।
  • अखिल भारतीय बुनियादी ढांचा: उन्होंने चार धामों (बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी, रामेश्वरम) सहित पूरे भारत में सैकड़ों मंदिरों, घाटों, कुओं, धर्मशालाओं और सड़कों का निर्माण करवाया।
  • सांस्कृतिक प्रतीक: उन्होंने अपने सिक्कों पर विदेशी प्रतीकों को हटाकर शिवलिंग, नंदी और बेलपत्र जैसे शुद्ध भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों को अंकित करवाया।

आर्थिक और सामाजिक सुधार :

  • महेश्वरी साड़ी उद्योग: उन्होंने महेश्वर में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बुनकरों को बसाया, जिससे प्रसिद्ध 'महेश्वरी साड़ियों' की शुरुसुब्रमणि आत हुई और स्थानीय रोजगार बढ़ा।
  • महिला सशक्तिकरण: उन्होंने महिलाओं को संपत्ति के अधिकार दिलाने और विधवा महिलाओं को बच्चे गोद लेने का अधिकार सुरक्षित करने की दिशा में कार्य किया।

श्रेय पारिख

 

  • कैलिफोर्निया के 14 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी छात्र श्रेय पारिख ने ईशान गुप्ता को हराकर स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी 2026 का राष्ट्रीय खिताब जीता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • उपविजेता: न्यू जर्सी के ईशान गुप्ता (यह भी भारतीय मूल के हैं)
  • निर्णायक शब्द: श्रेय ने अंतिम शब्द 'ब्रोमोक्रिप्टिन' (Bromocriptine) की सही स्पेलिंग बताई
  • पुरस्कार राशि: विजेता ट्रॉफी (स्क्रिप्स कप) के साथ $50,000 (लगभग ₹41.5 लाख) की इनामी राशि और अन्य संदर्भ सामग्रियां मिलीं।

स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी :

  • स्थापना: इसकी शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। यह अमेरिका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में से एक है।
  • आयोजक: इसे 'द ई.डब्ल्यू. स्क्रिप्स कंपनी' (The E.W. Scripps Company) द्वारा संचालित किया जाता है।
  • पात्रता: इसमें केवल 8वीं कक्षा तक के (या 15 वर्ष से कम आयु के) छात्र ही भाग ले सकते हैं।

रिर्पोट एवं सूचकांक

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24

 

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, अनुसार, संस्थागत प्रसव 88.6% से बढ़कर 90.6% हो गया है।

रिर्पोट के अनुसार :

 

 

1. मातृ स्वास्थ्य

  • संबंधित योजनाएँ: जननी सुरक्षा योजना (JSY), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY 2.0) आदि।
  • संस्थागत प्रसव: NFHS-5 में 88.6% था, जो NFHS-6 में बढ़कर 90.6% हो गया।
  • कम-से-कम 4 प्रसवपूर्व जांच (ANC): NFHS-5 के 58.5% से बढ़कर NFHS-6 में 65.2% हुआ।

2. बाल टीकाकरण

  • संबंधित योजनाएँ: सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम, U-WIN पोर्टल, शीत श्रृंखला अवसंरचना (Cold Chain Infrastructure)।
  • 12-23 माह के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण: NFHS-5 में 83.8% से सुधरकर NFHS-6 में 87.1% हुआ।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से टीकाकरण: NFHS-6 में यह आंकड़ा 95.6% दर्ज किया गया।

3. बाल पोषण

  • संबंधित योजनाएँ: पोषण अभियान, सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण पुनर्वास केंद्र, MAA कार्यक्रम आदि।
  • बौनापन (Stunting): NFHS-5 के 35.5% से घटकर NFHS-6 में 29.3% हुआ (सकारात्मक सुधार)।
  • अत्यधिक दुर्बलता (Wasting): NFHS-5 के 7.7% से कम होकर NFHS-6 में 5.2% पर आया।
  • कम वजन वाले बच्चे (Underweight): NFHS-5 में 32.1% था, जिसमें मामूली सुधार के साथ NFHS-6 में 31.8% हुआ।

4. स्वास्थ्य सुरक्षा

  • संबंधित योजनाएँ: आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)
  • स्वास्थ्य बीमा वाले परिवार: NFHS-5 के 41.0% से एक बड़ी उछाल के साथ NFHS-6 में 60.2% हो गया।
  • 5. परिवार नियोजन (TFR 2.0 पर स्थिर)
  • संबंधित योजनाएँ: मिशन परिवार विकास।म्यांमार
  • गर्भनिरोधक उपयोग दर: NFHS-5 में 66.7% से बढ़कर NFHS-6 में 69.1% दर्ज की गई।

6. महिला सशक्तिकरण

  • संबंधित योजनाएँ: सुकन्या समृद्धि योजना, स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री जन धन योजना आदि।
  • इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाएँ: NFHS-5 के 33.3% से लगभग दोगुना होकर NFHS-6 में 64.3% हुआ।
  • बैंक/बचत खाता रखने वाली महिलाएँ: NFHS-5 के 78.6% से बढ़कर NFHS-6 में 89.0% तक पहुँच गया।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के नीचे उप-सतही जल-बर्फ के मजबूत साक्ष्य

 

  • अहमदाबाद की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 के DFSAR (Dual Frequency Synthetic Aperture Radar) पेलोड के डेटा का उपयोग करके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के नीचे उप-सतही जल-बर्फ के मजबूत साक्ष्य खोजे हैं ।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • खोज का स्रोत: वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 के ड्यूल फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक एपर्चर रडार (DFSAR) पेलोड से प्राप्त माइक्रोवेव इमेजिंग डेटा का उपयोग किया है
  • लक्षित क्षेत्र: यह अध्ययन चंद्रमा के स्थायी रूप से छायादार क्षेत्रों (Permanently Shadowed Regions : PSR) के भीतर स्थित "दोहरी छाया वाले क्रेटरों" पर केंद्रित था
  • फाउस्टिनी क्रेटर : सबसे मजबूत और ठोस संकेत दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित विशाल फाउस्टिनी क्रेटर के अंदर मौजूद एक 1.1 किलोमीटर चौड़े छोटे गड्ढे (F2) में मिले हैं
  • डबली शैडो क्रेटर : वैज्ञानिकों ने कुल चार ऐसे क्रेटरों की पहचान की है जो 'स्थायी रूप से छायादार क्षेत्रों' (PSR) के भीतर आते हैं और जहां सूर्य का प्रकाश कभी नहीं पहुंचता
  • इन डबली शैडो क्रेटरों का तापमान लगभग 25 केल्विन (-248°C) के आसपास बना रहता है

चंद्रयान-2 :

  • प्रक्षेपण: वर्ष 2019 में
  • लॉन्च व्हीकल: GSLV Mk-III
  • प्रक्षेपण स्‍थल : सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)
  • मिशन के घटक: 'विक्रम लैंडर' और 'प्रज्ञान रोवर'
  • पेलोड्स: इसमें 8 पेलोड्स थे(CHACE 2 नामक पेलोड ने चंद्रमा के बहिर्मंडल (exosphere) में 'आर्गन 40' नामक नोबल (अक्रिय) गैस का पता लगाया था)

चंद्रयान-1 (पहला मिशन) :

  • लॉन्च तिथि: 22 अक्टूबर 2008
  • लॉन्च व्हीकल: PSLV-C11
  • मुख्य उपलब्धि: चंद्रमा की सतह पर पानी (बर्फ) के अणुओं की खोज की

चंद्रयान-3 (ऐतिहासिक सफल मिशन) :

  • लॉन्च तिथि: 14 जुलाई 2023
  • सफल लैंडिंग: 23 अगस्त 2023
  • लॉन्च व्हीकल: LVM3-M4
  • मुख्य उपलब्धि: भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। इसके साथ ही भारत चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश है
  • प्रमुख खोज: रोवर प्रज्ञान ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सल्फर (Sulphur) जैसे तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि की थी।
  • लैंडिंग पॉइंट: इस बिंदु को 'शिव शक्ति पॉइंट' के नाम से जाना जाता है।

“स्काईकास्ट सिस्टम” सुविधा का उद्घाटन

 

  • केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत की पहली “स्काईकास्ट सिस्टम” सुविधा का उद्घाटन किया।
  • इस उन्नत प्रणाली को स्थापित करने के साथ ही भारत विमानन मौसम निगरानी के लिए इस प्रकार की उच्च तकनीक का उपयोग करने वाला दुनिया का 19वां देश बन गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • प्राथमिक उद्देश्य : प्रतिकूल मौसम के कारण उड़ान देरी (Delays), रद्दीकरण और मार्ग परिवर्तन को न्यूनतम करना है।
  • भविष्य का विस्तार: दिल्ली के बाद इस प्रणाली को उत्तर प्रदेश के जेवर (नोएडा) हवाई अड्डे पर स्थापित किया जाएगा, और बाद में पूरे देश में लागू किया जाएगा।

विकासकर्ता और पृष्ठभूमि :

  • मिशन मौसम (Mission Mausam): इसे भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मिशन मौसम' के तहत विकसित किया गया है।
  • मंत्रालय: इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा तैयार किया गया है।
  • वैज्ञानिक आधार: इसकी नींव 2015 में IITM और IMD द्वारा शुरू किए गए विंटर फॉग एक्सपेरिमेंट (WiFEX) के वैज्ञानिक निष्कर्षों पर टिकी है।

शामिल प्रमुख अत्याधुनिक तकनीकें :

  • रडार विंड प्रोफाइलर: हवा की गति, दिशा, ऊर्ध्वाधर वेग और विक्षोभ (Turbulence) को मापता है।
  • ग्राउंड-बेस्ड फॉग एरोसोल स्पेक्ट्रोमीटर (GFAS): कोहरे की बूंदों के आकार और प्रदूषण जनित एरोसोल-कोहरे के बीच की परस्पर क्रिया का सूक्ष्म अध्ययन करता है।
  • CL61 लिडार-आधारित सीलोमीटर: कोहरे की ऊर्ध्वाधर संरचना और वास्तविक समय की दृश्यता को ट्रैक करता है।
  • अन्य: इसमें SODAR और माइक्रोवेव रेडियोमीटर जैसे उपकरण भी एकीकृत हैं

महत्‍वपूर्ण दिवस

'विश्व तंबाकू निषेध दिवस'

 

  • तंबाकू के सेवन के घातक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 31 मई को 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • उद्देश्‍य : तंबाकू के सेवन के घातक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना
  • इस वर्ष (2026) का विषय : "आकर्षण का पर्दाफाश करना - निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना"
  • शुरुआत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 1987 में
  • पहली बार : 7 अप्रैल 1988 को 'विश्व धूम्रपान निषेध दिवस' मनाया गया
  • नियत तिथि: 1988, 31 मई से मनाया जाने लगा

तंबाकू नियंत्रण पर वैश्विक रूपरेखा :

  • WHO FCTC (Framework Convention on Tobacco Control): यह सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पहली अंतरराष्ट्रीय कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि है, जिसे 2003 में अपनाया गया था
  • MPOWER रणनीति: WHO ने FCTC के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए इसे विकसित किया है
  • Monitor (तंबाकू उपयोग की निगरानी)
  • Protect (धूम्रपान मुक्त कानून)
  • Offer (तंबाकू छोड़ने में सहायता)
  • Warn (तंबाकू के खतरों के प्रति चेतावनी - चित्रों के माध्यम से)
  • Enforce (विज्ञापनों पर प्रतिबंध)
  • Raise (तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाना)

भारत में तंबाकू की स्थिति और सरकारी पहल :

  • भारत विश्‍व में तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है। यहाँ सिगरेट से अधिक 'धुआंरहित तंबाकू' (जैसे खैनी, गुटखा) का प्रचलन है।
  • COTPA, 2003: 'सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम' के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू के विज्ञापनों और नाबालिगों को इसकी बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
  • राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP): इसका उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और तंबाकू की खपत को कम करना है।
  • ई-सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019: भारत सरकार ने स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (Vapes) के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री और विज्ञापन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
  • सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी: भारत में तंबाकू उत्पादों के पैकेट के 85% हिस्से पर सचित्र चेतावनी अनिवार्य है।
  • राष्ट्रीय तंबाकू मुक्ति हेल्पलाइन: तंबाकू छोड़ने में मदद के लिए टोल-फ्री नंबर (1800-11-2356) का संचालन किया जा रहा है।

तंबाकू की खेती :

  • तंबाकू मूल रूप से दक्षिण अमेरिका का पौधा है और इसमें 60 से अधिक ज्ञात प्रजातियां शामिल हैं
  • भारत में आगमन: भारत में तंबाकू लाने का श्रेय पुर्तगालियों (Portuguese) को जाता है। वे इसे 16वीं शताब्दी (लगभग 1605 ई.) में जहांगीर के शासनकाल के दौरान भारत लेकर आए थे।
  • कुल : यह सोलेनेसी कुल का पौधा है। इसी कुल में आलू, टमाटर और बैंगन भी शामिल हैं

आदर्श परिस्थितियाँ:

  • तापमान : 20°–27° सेल्सियस
  • वर्षा : न्यूनतम 500 मिमी
  • मिट्टी : रेतीली या रेतीली दोमट
  • अवधि : 90-120 दिन की पाला रहित

भारत में उगाई जाने वाली तंबाकू की विभिन्न किस्में :

1. फ्लू-क्योर वर्जीनिया (FCV) तंबाकू :

  • मुख्‍य क्षेत्र: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना
  • विशेषताएँ और उपयोग: इसे नियंत्रित तापमान पर कृत्रिम रूप से (Flue-curing विधि से) सुखाया जाता है। इसका मुख्य उपयोग सिगरेट निर्माण में होता है।

2. बीड़ी तंबाकू (गैर-एफसीवी) :

  • मुख्‍य क्षेत्र: गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक
  • विशेषताएँ और उपयोग: यह गैर-एफसीवी श्रेणी का तंबाकू है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पारंपरिक भारतीय सिगरेट यानी 'बीड़ी' बनाने में किया जाता है।

3. चबाने वाला तंबाकू :

  • मुख्‍य क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल
  • विशेषताएँ और उपयोग: इसे सीधे चबाकर खाया जाता है। इस श्रेणी में जर्दा, खैनी, सुरती और गुटखा जैसे उत्पाद शामिल हैं।

4. हुक्का तंबाकू :

  • मुख्‍य क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, राजस्थान
  • विशेषताएँ और उपयोग: यह तंबाकू नम और सुगंधित होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पारंपरिक हुक्का में किया जाता है।

5. सूंघनी (Snuff) :

  • मुख्‍य क्षेत्र: तमिलनाडु, महाराष्ट्र
  • विशेषताएँ और उपयोग: यह बारीक पिसा हुआ पाउडर के रूप में होता है। इसे नाक के माध्यम से सांस द्वारा अंदर खींचा जाता है।

6. बर्ली (Burley) तंबाकू :

  • मुख्‍य क्षेत्र: आंध्र प्रदेश
  • विशेषताएँ और उपयोग: इसे प्राकृतिक हवा में (Air-curing विधि से) सुखाया जाता है। इसका उपयोग सिगरेट और अन्य प्रकार के तंबाकू मिश्रणों (Blends) में किया जाता है।

7. ओरिएंटल तंबाकू :

  • मुख्‍य क्षेत्र: तमिलनाडु
  • विशेषताएँ और उपयोग: इसे धूप में (Sun-curing विधि से) सुखाया जाता है। यह बहुत सुगंधित होता है और सिगरेट के मिश्रण में बेहतरीन स्वाद जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है।

8. एचडीबीआरजी (हुनसुर डार्क फायर-क्योरड - HDBRG) :

  • मुख्‍य क्षेत्र: कर्नाटक
  • विशेषताएँ और उपयोग: इसे सीधे आग और धुएं की गर्मी से (Fire-curing विधि से) संसाधित किया जाता है। इसका उपयोग चबाने वाले तंबाकू और सूंघनी बनाने में होता है।

भारतीय तंबाकू बोर्ड :

  • भारत में तंबाकू उद्योग के विकास और विनियमन के लिए जिम्मेदार सबसे प्रमुख प्रशासनिक निकाय
  • प्रकृति: यह संसद के अधिनियम 'तंबाकू बोर्ड अधिनियम, 1975' के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
  • स्थापना: जनवरी 1976
  • मुख्यालय: गुंटूर, आंध्र प्रदेश
  • नोडल मंत्रालय: यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय

 

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