राष्ट्रीय समाचार
पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) द्वारा क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन

- पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने असम के गुवाहाटी में सेवा वितरण विषयक क्षेत्रीय कार्यशाला ‘सेवा से समृद्धि: पंचायत-नेतृत्वित सेवा वितरण’ का आयोजन किया।
- • कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर तक सार्वजनिक सेवाओं की पहुँच (Last-Mile Service Delivery) को सुदृढ़ करना, डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देना तथा सशक्त एवं उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के माध्यम से ग्रामीण भारत में जीवन सुगमता (Ease of Living) में सुधार करना था।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)-6 : 2023–24

- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने वर्ष 2023–24 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट जारी की। यह एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण है, जिसका स्वतंत्र समन्वयन मुंबई स्थित अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (IIPS) द्वारा भारत के प्रमुख स्वास्थ्य एवं जनसांख्यिकीय संकेतकों के मूल्यांकन हेतु किया गया।
NFHS-6 (2023–24) के प्रमुख निष्कर्ष
- संस्थागत प्रसव में वृद्धि: संस्थागत प्रसव की दर 88.6% से बढ़कर 90.6% हो गई, जो प्रसवकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता को दर्शाती है।
- प्रसवपूर्व देखभाल (ANC) में सुधार: लगभग 95.9% गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल (Antenatal Care-ANC) सेवाएँ प्राप्त हुईं।
- प्रथम तिमाही में ANC सेवाओं की वृद्धि: गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में ANC प्राप्त करने वाली माताओं का अनुपात 70% से बढ़कर 76.2% हो गया।
- कुल प्रजनन दर (TFR) स्थिर: भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate-TFR) 2.0 पर स्थिर रही, जो जनसंख्या स्थिरीकरण की प्रवृत्ति को दर्शाती है।
- उच्च टीकाकरण कवरेज: 12–23 माह आयु वर्ग के बच्चों में टीकाकरण कवरेज 96% से अधिक बनी रही।
- परिवार नियोजन कार्यक्रमों का प्रभाव: यह प्रगति मिशन परिवार विकास सहित राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता को रेखांकित करती है।
- महिलाओं का डिजिटल समावेशन: इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का अनुपात 33.3% से बढ़कर 64.3% हो गया, जो डिजिटल सशक्तिकरण में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में वित्तीय सशक्तिकरण: आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) तथा विस्तारित स्वास्थ्य सुरक्षा पहलों ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ किया।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में प्रगति: रिपोर्ट भारत की स्वास्थ्य, लैंगिक समावेशन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति की दिशा में निरंतर प्रगति की पुष्टि करती है।
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कुल प्रजनन दर (TFR): किसी महिला के जीवनकाल में जन्म लेने वाले बच्चों की औसत संख्या को कुल प्रजनन दर कहा जाता है।
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)
- प्रारंभ तिथि: 23 सितंबर, 2018
- नोडल मंत्रालय: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW)
- क्रियान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)
- वित्तीय साझेदारी: केंद्र एवं राज्यों के बीच 60:40, उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, तथा बिना विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्रीय वित्तपोषण।
- बीमा कवरेज: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज।
सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
- संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा वर्ष 2015 में स्वीकृत 17 वैश्विक लक्ष्य, जिन्हें 2030 तक प्राप्त करना निर्धारित किया गया है।
लक्ष्य 1–5:
- गरीबी उन्मूलन
- भूखमुक्त विश्व
- उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- लैंगिक समानता
लक्ष्य 6–10:
- स्वच्छ जल एवं स्वच्छता
- सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा
- सम्मानजनक कार्य एवं आर्थिक विकास
- उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत संरचना
- असमानताओं में कमी
लक्ष्य 11–15:
- सतत शहर एवं समुदाय
- उत्तरदायी उपभोग एवं उत्पादन
- जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई
- जलमंडलीय जीवन (Life Below Water)
- स्थलीय पारिस्थितिकी का संरक्षण (Life on Land)
लक्ष्य 16–17:
- शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएँ
- लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु वैश्विक साझेदारी
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समग्र शिक्षा अभियान

- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निधियों के आवंटन एवं उपयोग की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का प्रमुख फोकस समग्र शिक्षा 3.0 की ओर संक्रमण पर रहा, जिसका व्यापक उद्देश्य इस प्रमुख शैक्षिक कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख (Outcome-Oriented) बनाना है।
समग्र शिक्षा अभियान (SSA)
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM-POSHAN)
- समाज में सभी के लिए आजीवन अधिगम की समझ (ULLAS - Understanding of Lifelong Learning for All in Society)
- प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI)
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का क्रियान्वयन
- वित्तीय आवंटनों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन को सुदृढ़ समर्थन प्रदान करने के अनुरूप व्यवस्थित किया जा रहा है।
योजनाओं के बारे में
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समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan)
- प्रारंभ वर्ष: 2018 (शिक्षा मंत्रालय, पूर्व में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा)
- योजना का स्वरूप: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme - CSS) है, जिसमें वित्तीय भागीदारी केंद्र एवं राज्यों द्वारा साझा की जाती है।
समाहित योजनाएँ (Subsumed Schemes)
- समग्र शिक्षा अभियान ने पूर्व की तीन स्वतंत्र योजनाओं का एकीकरण किया है—
- सर्व शिक्षा अभियान (SSA) – प्रारंभिक/प्राथमिक शिक्षा हेतु
- राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) – माध्यमिक शिक्षा हेतु
- शिक्षक शिक्षा (Teacher Education - TE) – संस्थागत शिक्षक प्रशिक्षण हेतु
- यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के क्रियान्वयन का प्रमुख माध्यम है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप पूर्णतः समन्वित है।
- शिक्षा संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची (सूची-III) में सम्मिलित विषय है।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM-POSHAN)
- शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित यह एक व्यापक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को प्रत्येक विद्यालयी दिवस पर एक गर्म पका हुआ भोजन (Hot Cooked Meal) सुनिश्चित किया जाता है।
- उद्गम: इस योजना ने राष्ट्रीय विद्यालय मध्याह्न भोजन कार्यक्रम (Mid-Day Meal Scheme) का स्थान लिया, जिसे पहली बार 15 अगस्त 1995 को राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ किया गया था।
- यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के अंतर्गत एक महत्त्वपूर्ण अधिकार-आधारित सेवा वितरण तंत्र के रूप में कार्य करती है।
- इसका लाभ बाल वाटिका (पूर्व-प्राथमिक स्तर) से कक्षा VIII तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रदान किया जाता है।
उल्लास (ULLAS – समाज में सभी के लिए आजीवन अधिगम की समझ)
- शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक शिक्षा से वंचित 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के वयस्कों को सशक्त बनाना है।
- कार्यान्वयन अवधि: 5 वर्ष (वित्तीय वर्ष 2022–23 से 2026–27 तक)
- मूलमंत्र: “जन-जन साक्षर”
- प्रथम पूर्ण साक्षर राज्य: मिजोरम को उल्लास योजना के अंतर्गत देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI)
- प्रारंभ वर्ष: 2022
- नोडल मंत्रालय: शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
- लक्षित दायरा: केंद्र सरकार द्वारा संचालित विद्यालय (केंद्रीय विद्यालय एवं जवाहर नवोदय विद्यालय), राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों तथा स्थानीय निकायों (पंचायत/नगरपालिका) द्वारा प्रबंधित विद्यमान विद्यालय।
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तंबाकू-मुक्त नियमों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए ऐप

- वर्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर, यूनियन हेल्थ सेक्रेटरी पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने नई दिल्ली में टोबैको-फ्री एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स- ToFEI एप्लीकेशन का पायलट वर्जन लॉन्च किया।
- इससे एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को सेल्फ-असेसमेंट और रिपोर्टिंग में आसानी होगी, तंबाकू-फ्री गाइडलाइंस के पालन पर नज़र रखी जा सकेगी, तंबाकू कंट्रोल साइनेज का लागू होना पक्का होगा, और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के 100 गज के अंदर तंबाकू प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
राज्य विशेष समाचार
गोवा ने 39वां राज्य दिवस मनाया

- गोवा ने 30 मई, 2026 को अपना 39 वां राज्य दिवस मनाया, जो 1987 में भारत का 25वां राज्य बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
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गोवा राज्य निर्माण: ऐतिहासिक समयरेखा
- पुर्तगाली शासन (1510–1961): अल्फोंसो डी अल्बुकर्क के स्थानीय शासकों को हराने के बाद गोवा पर 450 से ज़्यादा सालों तक पुर्तगालियों का कब्ज़ा रहा।
- ऑपरेशन विजय (1961): 19 दिसंबर, 1961 को भारतीय सेना ने गोवा को विदेशी शासन से सफलतापूर्वक आज़ाद कराया। इस मील के पत्थर को अलग से गोवा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा: आज़ादी के बाद, गोवा और पास के तटीय इलाकों दमन और दीव को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर चलाया गया।
- 1967 का ओपिनियन पोल: एक ऐतिहासिक रेफरेंडम हुआ जिसमें गोवा के लोगों ने पड़ोसी महाराष्ट्र के साथ मर्ज होने के खिलाफ़ वोट दिया, और इसके बजाय अपनी खास पहचान बनाए रखने का फैसला किया।
- ऑफिशियल भाषा मान्यता (1987): कोंकणी को ऑफिशियल क्षेत्रीय भाषा के तौर पर मान्यता मिलने से राज्य की ऑटोनॉमी का आखिरी रास्ता बन गया।
- पूर्ण राज्य का दर्जा (30 मई, 1987): गोवा, दमन और दीव पुनर्गठन अधिनियम के तहत, गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला, जिससे पणजी इसकी राजधानी बनी, जबकि दमन और दीव एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बने रहे।
गोवा
- मुख्यमंत्री : प्रमोद सावंत
- राज्यपाल: पुष्पति अशोक गजपति राजू
- लोकेशन: कोंकण इलाके में पश्चिमी तट पर है, जो वेस्टर्न घाट की वजह से दक्कन के ऊंचे इलाकों से अलग है।
- क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य।
- नदी: मंडोवी ( दूधसागर झरना मंडोवी नदी पर स्थित है ) और जुआरी
प्रमुख संरक्षित क्षेत्र:
- भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य और मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान
- सलीम अली पक्षी अभयारण्य ( मांडोवी नदी के किनारे चोराओ द्वीप पर स्थित )
- कोटिगाओ वन्यजीव अभयारण्य
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अंतरराष्ट्रीय समाचार
UN में इज़राइल और रूस के सुरक्षा बलों को ब्लैकलिस्ट किया गया

- संयुक्त राष्ट्र (UN) ने आधिकारिक रूप से इज़राइल और रूस की सशस्त्र एवं सुरक्षा बलों को संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा (Conflict-Related Sexual Violence) में संलिप्तता के संदेह के आधार पर अपनी वार्षिक ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है।
- संयुक्त राष्ट्र ने इज़राइल रक्षा बल (Israel Defense Forces-IDF), इज़राइल कारागार सेवा (Israel Prison Service) तथा विशेष पुलिस इकाइयों द्वारा गाज़ा और पश्चिमी तट (West Bank) के फ़िलिस्तीनी बंदियों के विरुद्ध अनेक घटनाओं की पुष्टि की। दर्ज मामलों में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, जननांगों पर शारीरिक हिंसा तथा यातना के रूप में जबरन नग्नता शामिल थी। पीड़ितों में नागरिक बंदी, पत्रकार तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मिलित थे।
- यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन ने रूसी सशस्त्र एवं सुरक्षा बलों द्वारा किए गए संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के 310 मामलों की पुष्टि की। ये अत्याचार मुख्यतः युद्धबंदियों (POWs) और नागरिक बंदियों—जिनमें अधिकांश पुरुष थे—को निशाना बनाकर किए गए। इनमें सामूहिक बलात्कार, जननांग विकृति तथा मानसिक एवं शारीरिक यातना हेतु विद्युत झटकों का प्रयोग शामिल था।
संयुक्त राष्ट्र (यूएन)
- स्थापना चार्टर: संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर 26 जून 1945 को सैन फ्रांसिस्को में हस्ताक्षर किए गए तथा यह 24 अक्टूबर 1945 को प्रभावी हुआ। इसी दिन को प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र दिवस (UN Day) के रूप में मनाया जाता है।
- आधिकारिक भाषाएँ: संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाएँ हैं— अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश।
- मुख्यालय: संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर (अमेरिका) में स्थित है, जबकि इसके प्रमुख कार्यालय जेनेवा, नैरोबी और वियना में भी स्थापित हैं।
- नवीनतम सदस्य देश: दक्षिण सूडान वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र का 193वाँ सदस्य देश बना।
- वित्तपोषण: संयुक्त राष्ट्र का वित्तपोषण सदस्य देशों के अनिवार्य अंशदान (Gross National Income के आधार पर) तथा स्वैच्छिक योगदान से होता है। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) इसका सबसे बड़ा वित्तीय योगदानकर्ता है।
विशेष संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और मुख्यालय
| संगठन |
परिवर्णी शब्द |
मुख्यालय |
| अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन |
आईएलओ |
जिनेवा, स्विट्जरलैंड |
| खाद्य एवं कृषि संगठन |
एफएओ |
रोम, इटली |
| संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन। |
यूनेस्को |
पेरिस, फ्रांस |
| विश्व स्वास्थ्य संगठन |
कौन |
जिनेवा, स्विट्जरलैंड |
| अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष / विश्व बैंक |
आईएमएफ / डब्ल्यूबी |
वाशिंगटन, डीसी, यूएसए |
| विश्व बौद्धिक संपदा संगठन |
डब्ल्यूआईपीओ |
जिनेवा, स्विट्जरलैंड |
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रिपोर्ट, रैंक और सूचकांक
आरबीआई की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट

- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) जारी की, जिसमें अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान देश के आर्थिक प्रदर्शन तथा केंद्रीय बैंक की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
- रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में 7.6% की मजबूत वृद्धि (Economic Expansion) दर्ज की गई, किन्तु साथ ही भुगतान संतुलन (Balance of Payments-BOP) घाटे में तीव्र बहुगुणित वृद्धि तथा बढ़ती भूराजनैतिक चुनौतियों (Geopolitical Headwinds) को भी प्रमुख चिंता के रूप में रेखांकित किया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)
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भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI)
- स्थापना: भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को ‘भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934’ के प्रावधानों के अंतर्गत की गई।
- सिफारिश: इसकी स्थापना हिल्टन यंग आयोग (Hilton Young Commission), 1926 की अनुशंसाओं के आधार पर की गई थी।
- मुख्यालय: प्रारंभ में RBI का केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थित था, जिसे वर्ष 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।
- राष्ट्रीयकरण: प्रारंभ में निजी स्वामित्व के अंतर्गत कार्यरत RBI का 1 जनवरी 1949 को पूर्ण राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।
- गवर्नर: वर्तमान में संजय मल्होत्रा भारतीय रिज़र्व बैंक के 26वें गवर्नर हैं।
- प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख (1943–1949) RBI के प्रथम भारतीय गवर्नर थे। उन्हें अगस्त 1943 में नियुक्त किया गया तथा वे स्वतंत्रता प्राप्ति (1947) के समय भी इस पद पर कार्यरत थे।
- प्रथम महिला उप-गवर्नर: के.जे. उदेशी (2003) RBI के इतिहास में इस पद तक पहुँचने वाली पहली महिला थीं।
- RBI के गवर्नर रहने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री: डॉ. मनमोहन सिंह, जिन्होंने 1982–1985 के दौरान RBI के 15वें गवर्नर के रूप में कार्य किया।
- प्रथम मुख्यालय: RBI का पहला मुख्यालय कोलकाता (1935) में स्थापित किया गया था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।
- सबसे लंबा कार्यकाल: सर बेनेगल रामा राव ने RBI गवर्नर के रूप में 7 वर्ष से अधिक का सबसे लंबा कार्यकाल निभाया।
- सबसे छोटा कार्यकाल: अमिताव घोष का कार्यकाल मात्र 20 दिनों का रहा, जो RBI इतिहास का सबसे अल्पकालिक कार्यकाल है।
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पुरस्कार और सम्मान
हज समन्वय के लिए लब्बयतुम पुरस्कार

- भारतीय हज मिशन ने पहली बार सऊदी हज और उमराह मंत्रालय से दो प्रतिष्ठित लबायतुम अवॉर्ड पाकर इतिहास रच दिया है।
- इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कन्फर्म किया कि ये अवॉर्ड हज 2026 के मुख्य चरण के दौरान हज कोऑर्डिनेशन और कम्युनिकेशन में भारत की बेहतरीन उपलब्धियों को पहचान देते हैं।
- लबायतुम अवॉर्ड्स समय-समय पर सऊदी अरब द्वारा इंटरनेशनल सरकारी संस्थाओं और हज मामलों के ऑफिसों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं, जो तीर्थयात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए बेहतरीन डिजिटल, लॉजिस्टिकल और कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क दिखाते हैं।
अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी रहने के बीच 30 दिनों का LPG भंडार

- सरकार ने पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से कहा है कि वे कम से कम 30 दिनों के लिए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का रिज़र्व बनाएं, क्योंकि वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट आ रही है।
- सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) , भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को यह निर्देश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया।
नीति आयोग की रोडमैप रिपोर्ट का टाइटल है 'भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य'

- नीति आयोग ने 'भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का भविष्य' नाम से 10 साल का रोडमैप जारी किया है। इसका मकसद 2035 तक 120-150 बिलियन अमेरिकी डॉलर की घरेलू सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन बनाना और भारत को ग्लोबल चिप इकोसिस्टम में एक बड़ा प्लेयर बनाना है। इसे फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने पेश किया ।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 पर आधारित है , जिसमें फुल-स्टैक इंडियन IP और एडवांस्ड नोड्स (2-नैनोमीटर टेक तक) टॉप प्रायोरिटी हैं।
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रणनीतिक लक्ष्य और फंडिंग संरचना
- मार्केट स्केल : 2035 तक US$ 120–150 बिलियन का डोमेस्टिक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने का टारगेट ।
- ज़रूरी निवेश : मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और डिज़ाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए अगले दशक में लगभग 135-180 बिलियन US$ की ज़रूरत होगी।
- एंकर कैपिटल : इसमें एंकर कैपिटल के तौर पर काम करने, लॉन्ग-साइकिल प्रोजेक्ट्स का रिस्क कम करने और प्राइवेट इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार से 45-60 बिलियन US$ (कुल ज़रूरी इन्वेस्टमेंट का कम से कम एक-तिहाई) देने का प्रस्ताव है।
प्रौद्योगिकी फोकस क्षेत्र
सिर्फ़ पारंपरिक लेगेसी मैन्युफैक्चरिंग के पीछे भागने के बजाय, NITI आयोग फ्रंटियर टेक हब रोडमैप ग्लोबल लीडरशिप के लिए अलग-अलग सेगमेंट बताता है:
- एडवांस्ड पैकेजिंग और टेस्टिंग : एडवांस्ड टेक्नोलॉजी नोड्स और असेंबली में तेज़ी से आगे बढ़ना।
- कंपाउंड सेमीकंडक्टर और वाइड-बैंडगैप मटीरियल : इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल टेक में मौकों का फ़ायदा उठाना।
- AI-नेटिव चिप डिज़ाइन : सॉवरेन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) बनाने के लिए घरेलू डिज़ाइन कंपनियों को मज़बूती से सपोर्ट करना।
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सरकार ने अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स की खोज के लिए पोर्टल लॉन्च किया

- डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज़ (DFS) ने पब्लिक सेक्टर बैंक अलायंस (PSBA) के साथ मिलकर अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स के लिए कॉमन लैंडिंग पोर्टल लॉन्च किया है , ताकि एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स की जानकारी आसानी से मिल सके ।
- यह पोर्टल, www.unclaimedassetsportal.in, एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है, जो पूरे फाइनेंशियल इकोसिस्टम में अनक्लेम्ड बैंक डिपॉजिट, इंश्योरेंस क्लेम, शेयर, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड के लिए सर्च की सुविधा देता है।
ओडिशा में एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास कोर सबस्ट्रेट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए MoU साइन किया गया

- ओडिशा में एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास कोर सबस्ट्रेट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने के फ्रेमवर्क के लिए ओडिशा सरकार, इंटेल कॉर्पोरेशन और 3DGS इंक USA के बीच एक लैंडमार्क मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए गए।
- भुवनेश्वर -खुर्दा इलाके में इन्फो वैली में मौजूद यह बड़ा हाई-टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट अगले पांच से छह सालों में अलग-अलग फेज़ में शुरू किया जाएगा ।
सेमीकंडक्टर और भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
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अर्धचालक
- सेमीकंडक्टर क्या हैं? कंडक्टर (जैसे कॉपर) और इंसुलेटर (जैसे ग्लास) के बीच इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी वाले मटीरियल।
- प्राथमिक सामग्री: तत्व-आधारित अर्धचालकों में सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) शामिल हैं ।
- डोपिंग: इंट्रिंसिक सेमीकंडक्टर में अशुद्धियाँ मिलाने का प्रोसेस, ताकि उनके इलेक्ट्रिकल गुण बदल सकें (P-टाइप और N-टाइप सेमीकंडक्टर बनाना)।
- नेक्स्ट-जेन कंपाउंड सेमीकंडक्टर: गैलियम नाइट्राइड ( GaN ) और सिलिकॉन कार्बाइड ( SiC ) जैसे मटीरियल मिक्सचर । ये हाई-वोल्टेज, हाई-टेम्परेचर ऑपरेशन जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EVs), डिफेंस और एयरोस्पेस एप्लीकेशन के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
- विनिर्माण श्रृंखला:
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- फैब (फैब्रिकेशन): बहुत ज़्यादा कैपिटल वाला "फ्रंट-एंड" प्रोसेस जिसमें सर्किट को कच्चे सिलिकॉन वेफर्स पर केमिकली एच किया जाता है।
- ATMP / OSAT: असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग। यह "बैक-एंड" प्रोसेस है जो वेफर्स को अलग-अलग डाई में काटता है और रिटेल इंटीग्रेशन से पहले उन्हें प्रोटेक्टिव केसिंग में सील कर देता है।
नीतियाँ और योजनाएँ
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM): इसे 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक सस्टेनेबल सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले इकोसिस्टम बनाने के लिए लॉन्च किया गया था।
- ISM 1.0 बनाम ISM 2.0:
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- ISM 1.0 (2021): ₹76,000 करोड़ के खर्च से सपोर्टेड । यह सिलिकॉन फैब्स, डिस्प्ले फैब्स और ATMP यूनिट्स लगाने के लिए पैरी -पासु बेसिस पर 50% तक फिस्कल सपोर्ट देता है ।
- ISM 2.0 (यूनियन बजट 2026–27): शुरुआती सेटअप से एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग कंसोलिडेशन पर फोकस करता है। यह लोकल रॉ मटेरियल (केमिकल, गैस, इक्विपमेंट), फुल-स्टैक इंडिजिनस इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) डेवलपमेंट और एडवांस्ड R&D को प्रायोरिटी देता है।
- डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) स्कीम: यह घरेलू स्टार्टअप्स और MSMEs को लोकल लेवल पर चिप्स डिज़ाइन करने के लिए फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिज़ाइन सपोर्ट (हर एप्लीकेशन पर ₹15 करोड़ तक) देती है।
- चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) प्रोग्राम: एक टारगेटेड एकेडमिक पहल जिसका मकसद 85,000 से ज़्यादा स्पेशलाइज़्ड VLSI और चिप-डिज़ाइन इंजीनियरों की स्ट्रक्चरल पाइपलाइन को ट्रेनिंग देना है।
अन्य तथ्य
- टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स फैब ( धोलेरा ) - भारत का पहला वाणिज्यिक चिप फैब।
- कर्नाटक को भारत की चिप डिज़ाइन कैपिटल के तौर पर जाना जाता है , यह चिप डिज़ाइन और बड़ी ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (EDA) फर्मों में भारत के 85% से ज़्यादा R&D को होस्ट करता है।
- भारत की पुरानी, स्ट्रेटेजिक फैब्रिकेशन फैसिलिटीज़ में SITAR (बेंगलुरु, DRDO के तहत) और चंडीगढ़ में सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) शामिल हैं।
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चर्चित व्यक्ति
सीडीएस जनरल अनिल चौहान

- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान 30 मई 2026 को मिलिट्री सर्विस से ऑफिशियली रिटायर हो गए, और टॉप मिलिट्री कमांड लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को सौंप दी।
- भारत के दूसरे CDS के तौर पर, उन्होंने आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के जॉइंटनेस और इंटीग्रेशन को तेज़ करने, जॉइंट एयर डिफ़ेंस डॉक्ट्रिन जारी करने और इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड्स को लागू करने में अहम भूमिका निभाई ।
कला और संस्कृति
वेसाक पोया दिवस

- भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की याद में वेसाक पोया दिवस मनाया।
- वेसाक पोया दिवस , जिसे बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध दिवस के नाम से भी जाना जाता है , सबसे पवित्र बौद्ध त्योहार है, जो गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और निर्वाण की याद में मनाया जाता है।
- वैशाख महीने की पहली पूर्णिमा को मनाया जाता है , जो आमतौर पर मई में पड़ता है।
पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी
नेत्रसेमी ने एज AI चिप A2000 लॉन्च

- ज़ोहो के सपोर्ट वाले सेमीकंडक्टर स्टार्टअप नेत्रसेमी ने अपना फ्लैगशिप एज AI सिस्टम-ऑन-चिप (SoC), A2000 सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
- चिप ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के 12nm टेक्नोलॉजी नोड पर बनाई गई है और इसे सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन, रोबोटिक्स, इंटेलिजेंट वीडियो गेटवे और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन में स्मार्ट विज़न और रियल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- A2000 को भारत सरकार की डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) और डिज़ाइन इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट स्कीम की मदद से बनाया गया था।
IIMC ने दिल्ली में अपनी AI अकादमी लॉन्च की

- AI से चलने वाली मीडिया एजुकेशन को मज़बूत करने और भविष्य के लिए तैयार मीडिया प्रोफेशनल्स की कैपेसिटी बनाने के लिए नई दिल्ली में AIME एकेडमी (AI एकेडमी फॉर मीडिया एंड एंटरटेनमेंट) लॉन्च की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)
- परिभाषा: मशीनों, खासकर कंप्यूटर सिस्टम द्वारा इंसानी बुद्धि का सिमुलेशन, जिससे वे सीख सकें, तर्क कर सकें और खुद को ठीक कर सकें।
- AI के जनक: जॉन मैकार्थी, जिन्होंने 1956 में डार्टमाउथ कॉन्फ्रेंस में यह शब्द गढ़ा था।
- कोर टेक्नोलॉजीज़: मशीन लर्निंग (ML), डीप लर्निंग (न्यूरल नेटवर्क), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), कंप्यूटर विज़न और रोबोटिक्स।
- ट्यूरिंग टेस्ट: एलन ट्यूरिंग ने 1950 में यह टेस्ट इसलिए पेश किया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि मशीन इंसान जैसा इंटेलिजेंट व्यवहार दिखा सकती है या नहीं।
- जेनरेटिव AI: AI मॉडल (जैसे ChatGPT, क्लाउड, जेमिनी) जो ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर से चलने वाले ट्रेनिंग डेटा का इस्तेमाल करके नया कंटेंट (टेक्स्ट, इमेज, कोड) बनाते हैं।
- डीपफेक: जेनरेटिव एडवर्सरियल नेटवर्क (GANs) का इस्तेमाल करके बनाया गया सिंथेटिक मीडिया, जिसमें दो न्यूरल नेटवर्क एक-दूसरे से मुकाबला करते हैं।
- AI सुपरकंप्यूटर: भारत का AIRAWAT सुपरकंप्यूटर दुनिया भर में टॉप 100 सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर की लिस्ट में शामिल हो गया है।
भारत में सरकारी पहल
- AI के लिए नेशनल स्ट्रेटेजी: नीति आयोग ने #AIforAll थीम के साथ इसे लॉन्च किया है, जिसमें हेल्थ, एग्रीकल्चर, एजुकेशन, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट मोबिलिटी पर फोकस किया गया है।
- ऐरावत (AI रिसर्च, एनालिटिक्स और नॉलेज डिसेमिनेशन प्लेटफॉर्म): AI के लिए भारत का क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म, जिसे नीति आयोग के गाइडेंस में बनाया गया है।
- इंडियाAI मिशन: कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने और AI सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ से ज़्यादा के बजट एलोकेशन वाली एक बड़ी सरकारी पहल।
- GPAI (ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): भारत AI के ज़िम्मेदार और इंसानी-केंद्रित विकास को सपोर्ट करने के लिए इस इंटरनेशनल पहल का एक फाउंडिंग मेंबर है।
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