26 May, 2026
11वीं क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक
Thu 28 May, 2026
संदर्भ :
- 11वीं क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन नई दिल्ली में किया गया, जिसकी मेजबानी भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा किया गया।
मुख्य बिन्दु :
- बैठक का स्थान : नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस
- भाग लिया : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के तोशिमित्सु मोटेगी और ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग
- मेजबानी : भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा
- सितंबर 2024 के बाद से इस प्रकार की तीसरी बैठक थी
- शिखर सम्मेलन वैश्विक संघर्षों के कारण उत्पन्न बाजार तनावों के विरुद्ध क्षेत्रीय और एक मुक्त इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने पर केंद्रित था
- क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक (QFMM) क्वाड ढाँचे के “शेरपा और वास्तुकार” के रूप में कार्य करती है
- आवृत्ति: यह एक चक्रीय प्रक्रिया है, जिसके तहत वर्ष में कम-से-कम एक या दो बैठकें आयोजित की जाती हैं, आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान या सदस्य देशों की राजधानियों में स्वतंत्र मंत्रिस्तरीय बैठकों के रूप में
- आतंकवाद विरोधी अभ्यास: जून 2026 में ऑस्ट्रेलिया एक क्वाड आतंकवाद विरोधी टेबलटॉप अभ्यास की मेजबानी करेगा
- डिजिटल और पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर: क्वाड देश प्रशांत द्वीपीय देशों (जैसे फिजी) में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्ष 2026 तक समुद्र के नीचे केबल नेटवर्क (Undersea Cable Projects) का विकास करेंगे
प्रमुख बहुपक्षीय ढाँचों की घोषणा की गई:
- इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल: इसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी और सूचना-साझाकरण में सुधार करना है।
- इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस इनिशिएटिव: इसका विस्तार किया जाएगा ताकि क्षेत्र के देशों को लगभग वास्तविक समय का वाणिज्यिक समुद्री डेटा उपलब्ध कराया जा सके।
- क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप: यह प्रशांत द्वीप समूह में बंदरगाह अवसंरचना विकास के लिए है। इसके तहत, क्वाड फिजी के साथ मिलकर उसकी बंदरगाह अवसंरचना में सुधार करने के लिए काम करेगा।
- क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क: इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं और उनके पुनर्चक्रण को मजबूत करना है। वर्तमान में चीन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी है (प्रसंस्करण क्षमता का 85 प्रतिशत हिस्सा चीन के पास है)। पिछले वर्ष बीजिंग द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद, कई देशों ने स्रोतों में विविधता लाने पर विचार किया है। पैक्स सिलिका ऐसी ही एक पहल थी, जिसमें भारत ने इस वर्ष फरवरी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान आधिकारिक तौर पर भाग लिया।
भारत और अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों पर द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया:
- भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय समझौते को अंतिम रूप दिया
- इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ मृदा तत्वों) की खनन, प्रसंस्करण और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
- आधिकारिक नाम: इस द्विपक्षीय समझौते को आधिकारिक तौर पर “महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों के खनन और प्रसंस्करण में आपूर्ति की सुरक्षा”नाम दिया गया है।
- बहुपक्षीय जुड़ाव : इस द्विपक्षीय समझौते के साथ-साथ चारों क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) ने 'क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क' पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए $20 बिलियन का निवेश जुटाया जाएगा।
- सहयोग के क्षेत्र: इसमें खनिजों की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग (ई-कचरे से), संयुक्त निवेश और प्रोजेक्ट्स की फंडिंग शामिल है
- पृष्ठभूमि: यह समझौता भारत द्वारा 20 फरवरी 2026 को अमेरिका के नेतृत्व वाली 'पैक्स सिलिका' पहल पर हस्ताक्षर करने और 2025 में दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ताओं का अगला चरण है
क्वाड (QUAD) :
- पूरा नाम: चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD - Quadrilateral Security Dialogue)
- प्रकृति: यह समान विचारधारा वाले देशों का एक अनौपचारिक रणनीतिक समूह है।
- सदस्य देश (चार): भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
- मूल उद्देश्य: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और एक 'मुक्त, खुले व समावेशी' क्षेत्र को बढ़ावा देना। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों (विशेषकर UNCLOS) पर आधारित वैश्विक व्यवस्था का समर्थन करता है।
QUAD का इतिहास :
- 2004 (नींव): हिंद महासागर सुनामी के बाद आपदा राहत के लिए चारों देशों ने 'सुनामी कोर ग्रुप' बनाया.
- 2007 (क्वाड 1.0): जापानी पीएम शिंजो आबे द्वारा औपचारिक प्रस्ताव. चीन के विरोध और ऑस्ट्रेलिया के हटने से मंच निष्क्रिय हुआ.
- 2012 (संकल्पना): शिंजो आबे ने समुद्री सुरक्षा हेतु ‘डेमोक्रेटिक सिक्योरिटी डायमंड’ का विचार दिया.
- 2017 (क्वाड 2.0): हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए मनीला (आसियान) में समूह का पुनर्जीवन.
- 2021 (शिखर सम्मेलन): अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन की मेजबानी में प्रथम लीडर्स समिट (आभासी और इन-पर्सन) आयोजित









