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Thu 28 May, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

देश का सबसे बड़ा जैव चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुविधा कार्यक्रम

  • भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में भारत के सबसे बड़े जैव चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुविधा कार्यक्रम "मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र: इनोवेटर्स-टू-इंडस्ट्री (I2I) कनेक्ट" का आयोजन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • 41 सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण: ICMR के विभिन्न संस्थानों और नवप्रवर्तकों ने चिकित्सा निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए निजी उद्योग भागीदारों को कुल 41 तकनीकें हस्तांतरित कीं। इसमें 39 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सौदे और 2 सामग्री हस्तांतरण समझौते शामिल हैं।
  • बायोमटेरियल्स का पहला ऐतिहासिक हस्तांतरण: भारत में पहली बार अनुसंधान और टीका निर्माण को मजबूत करने के लिए निष्क्रिय क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज (KFD - मंकी फीवर) वायरस और चांदीपुरा वायरस की जैविक सामग्रियां उद्योग भागीदारों को सौंपी गईं
  • रिपोर्ट और संग्रह का विमोचन: इस अवसर पर 'इंडियन बायोमेडिकल पेटेंट लैंडस्केप रिपोर्ट' और 100 से अधिक गहन-तकनीक स्वास्थ्य नवाचारों को कवर करने वाला 'टेक्नोलॉजी कंपेंडियम' जारी किया गया।

मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र: इनोवेटर्स-टू-इंडस्ट्री (I2I) कनेक्ट :

  • भारत का सबसे बड़ा जैव चिकित्सा (बायोमेडिकल) नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मंच है, जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा लॉन्च किया गया है
  • यह पहल देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और वाणिज्यिक विनिर्माण के बीच की दूरी को पाटने का काम करती है।

भारत और अमेरिका के बीच समझौता

  • 11वीं क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से द्विपक्षीय समझौते को अंतिम रूप दिया।
  • इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ मृदा तत्वों) की खनन, प्रसंस्करण और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आधिकारिक नाम: इस द्विपक्षीय समझौते को आधिकारिक तौर पर “महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों के खनन और प्रसंस्करण में आपूर्ति की सुरक्षा”नाम दिया गया है।
  • बहुपक्षीय जुड़ाव : इस द्विपक्षीय समझौते के साथ-साथ चारों क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) ने 'क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क' पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए $20 बिलियन का निवेश जुटाया जाएगा।
  • सहयोग के क्षेत्र: इसमें खनिजों की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग (ई-कचरे से), संयुक्त निवेश और प्रोजेक्ट्स की फंडिंग शामिल है
  • पृष्ठभूमि: यह समझौता भारत द्वारा 20 फरवरी 2026 को अमेरिका के नेतृत्व वाली 'पैक्स सिलिका' पहल पर हस्ताक्षर करने और 2025 में दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ताओं का अगला चरण है

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा का अधिकार

  • सर्वोच्च न्यायालय ने 'इन री: फलोदी एक्सीडेंट बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और अन्य (2025)' मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग किया है और 'राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा के अधिकार' को अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का एक अभिन्न अंग घोषित किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्वतः संज्ञान (Suo Motu): न्यायालय ने नवंबर 2025 में राजस्थान और तेलंगाना में हुई दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं (जिसमें 34 लोगों की जान गई थी) पर स्वतः संज्ञान लेकर यह निर्देश जारी किया
  • चिंताजनक आँकड़े: भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) कुल सड़क नेटवर्क का केवल 2% हैं, लेकिन देश की कुल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में इनका हिस्सा लगभग 30% है

अनुच्छेद 142 (Article 142) - सर्वोच्च न्यायालय की असाधारण शक्तियां :

  • पूर्ण न्याय (Complete Justice): अनुच्छेद 142(1) सुप्रीम कोर्ट को उसके पास लंबित किसी भी मामले में "पूर्ण न्याय" करने के लिए आवश्यक आदेश या डिक्री पारित करने की विशेष शक्ति देता है
  • विशेष नोट: यह शक्ति केवल उच्चतम न्यायालय (SC) के पास है, उच्च न्यायालयों (High Courts) के पास अनुच्छेद 142 जैसी अवशिष्ट शक्तियां नहीं हैं (HC के पास अनुच्छेद 226 है)

अनुच्छेद 21 (Article 21) - जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार :

  • क्या जोड़ा गया? न्यायालय ने माना कि सुरक्षित और मोटर योग्य सड़कों का रखरखाव करना राज्य का केवल प्रशासनिक काम नहीं बल्कि एक संवैधानिक दायित्व है
  • अधिकार का विस्तार: अनुच्छेद 21 का दायरा केवल 'जीवित रहने' तक सीमित नहीं है, बल्कि गरिमा के साथ सुरक्षित आवागमन और रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षा भी इसका हिस्सा है

PM-WANI योजना

  • दूरसंचार विभाग (DoT) ने सार्वजनिक इंटरनेट को सुलभ बनाने के लिए पीएम-वानी (PM-WANI) योजना में नागरिक-हितैषी अपडेट किए हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • लैपटॉप और अन्य उपकरणों के लिए क्यूआर-आधारित प्रमाणीकरण
  • 15, 30 और 60 मिनट की अवधि वाले लचीले अल्पावधि वाई-फाई प्लान की शुरूआत
  • आसान तरीके से पहचान और बेहतर विश्वसनीयता के लिए पीएम-वाणी हॉटस्पॉट नामों (SSID) का मानकीकरण

पीएम-वाणी (PM-WANI) योजना :

  • पूरा नाम: प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI)
  • मंत्रालय/विभाग: यह संचार मंत्रालय के अंतर्गत दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संचालित है
  • शुभारंभ: इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिसंबर 2020 में मंजूरी दी गई थी। इसकी मूल सिफारिश सर्वप्रथम 2017 में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा की गई थी
  • मूल उद्देश्य: देश के ग्रामीण, दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में डिजिटल संचार बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और किफायती दरों पर उच्च गति का इंटरनेट पहुंचाना

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश

  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

अनुशंसित न्यायाधीशों की सूची :

  • न्यायमूर्ति शील नागू : मुख्य न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
  • न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर : मुख्य न्यायाधीश, बॉम्बे उच्च न्यायालय
  • न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा : मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
  • न्यायमूर्ति अरुण पल्ली : मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय
  • वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना : सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील (यदि केंद्र इसकी मंजूरी देता है, तो वह सीधे 'बार' से सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाली दूसरी महिला वकील होंगी)
  • वर्तमान स्थिति: वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्य कांत सहित 32 न्यायाधीश कार्यरत हैं
  • सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृत संख्या : मई 2026 में सरकार द्वारा जारी एक अध्यादेश के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया है
  • लैंगिक प्रतिनिधित्व : वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में केवल एक महिला न्यायाधीश (न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना) हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना की नियुक्ति से न्यायपालिका में लैंगिक विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

कॉलेजियम प्रणाली :

  • संरचना: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (CJI) करते हैं और इसमें न्यायालय के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं

विकास (Evolution):

  • प्रथम न्यायाधीश मामला (1981): कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति में CJI के परामर्श (Consultation) का अर्थ सहमति (Concurrence) नहीं, बल्कि केवल विचारों का आदान-प्रदान है।
  • द्वितीय न्यायाधीश मामला (1993): कोर्ट ने पूर्व के फैसले को पलटते हुए 'परामर्श' का अर्थ 'सहमति' माना और कॉलेजियम प्रणाली की शुरुआत की (CJI + 2 वरिष्ठतम न्यायाधीश)।
  • तृतीय न्यायाधीश मामला (1998): राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए संदर्भ (अनुच्छेद 143) पर कोर्ट ने कॉलेजियम का विस्तार कर इसे 5 सदस्यीय निकाय (CJI + 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश) बना दिया।

संवैधानिक प्रावधान :

  • अनुच्छेद 124(2): भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं। इसके लिए वे सुप्रीम कोर्ट और राज्यों के हाई कोर्ट के ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श करते हैं, जिन्हें वे आवश्यक समझें

नियुक्ति के लिए पात्रता/योग्यता (अनुच्छेद 124(3)) :

  • वह भारत का नागरिक हो
  • कम से कम 5 वर्ष तक किसी उच्च न्यायालय (High Court) या लगातार दो या अधिक न्यायालयों में न्यायाधीश रहा हो. अथवा
  • किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता (Advocate) के रूप में वकालत की हो. अथवा
  • राष्ट्रपति की राय में वह एक प्रतिष्ठित न्यायविद (Distinguished Jurist) हो

कार्यकाल और सीमाएं :

  • न्यूनतम आयु: संविधान में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है.
  • अधिकतम आयु: वह 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक पद पर बने रह सकते हैं.
  • शपथ: पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची के तहत शपथ लेनी होती है

अंतरराष्ट्रीय समाचार

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC 2.0)

  • चीन और पाकिस्तान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC 2.0) के अगले चरण के विकास में तेजी लाने और ग्वादर बंदरगाह को एक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक 'नई व्यापक सहमति' बनाई है।

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) :

  • चीन की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) की एक प्रमुख परियोजना है, जो चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ती है
  • परियोजना का प्रकार: यह लगभग 3,000 किलोमीटर लंबा एक द्विपक्षीय बुनियादी ढांचा और व्यापार गलियारा है
  • प्रारंभ: इसकी आधिकारिक शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी
  • उद्गम: चीन का उत्तर-पश्चिमी स्वायत्त क्षेत्र शिनजियांग (काशगर)
  • प्रवेश बिंदु: यह काराकोरम राजमार्ग के माध्यम से भारत के पाक अधिकृत कश्मीर (PoK - गिलगित-बाल्टिस्तान) से गुजरते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है
  • अंतिम गंतव्य: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह

पाकिस्तान :

  • आधिकारिक नाम: इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान
  • राजधानी: इस्लामाबाद (वित्तीय केंद्र: कराची)
  • भू-रणनीतिक सीमाएं: दक्षिण एशिया में स्थित इस देश की सीमाएं पूर्व में भारत, पश्चिम में अफगानिस्तान और ईरान, और उत्तर-पूर्व में चीन से लगती हैं

प्रमुख देशों के साथ सीमा रेखा :

  • भारत: सीमा रेखा का नाम रेडक्लिफ रेखा / नियंत्रण रेखा (LoC) है, जिसका निर्धारण 1947 / 1972 में हुआ था और इसकी लंबाई लगभग 3,323 किमी है।
  • अफ़गानिस्तान: सीमा रेखा का नाम डूरंड रेखा (Durand Line) है, जिसका निर्धारण 1893 में हुआ था और इसकी लंबाई लगभग 2,640 किमी है।
  • ईरान: सीमा रेखा का नाम गोल्डस्मिड रेखा (Goldsmid Line) है, जिसका निर्धारण 1871 में हुआ था और इसकी लंबाई लगभग 909 किमी है।
  • चीन: सीमा रेखा का नाम सिनो-पाक बाउंड्री (Sino-Pak Border) है, जिसका निर्धारण 1963 में हुआ था और इसकी लंबाई लगभग 599 किमी है।

चीन :

  • आधिकारिक नाम: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (People's Republic of China : PRC)
  • राजधानी: बीजिंग (वित्तीय केंद्र: शंघाई)
  • शासन प्रणाली: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के नेतृत्व में एक-दलीय समाजवादी राज्य
  • भू-रणनीतिक सीमाएं: पूर्वी एशिया में स्थित चीन की थलीय सीमाएं विश्व में सबसे अधिक 14 देशों (जैसे भारत, रूस, मंगोलिया, वियतनाम आदि) से मिलती हैं
  • भारत और चीन 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसे मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों (Sectors) में विभाजित किया गया
  • मैकमोहन रेखा : 1914 के शिमला समझौते के तहत निर्धारित की गई सीमा रेखा, जो पूर्वी क्षेत्र (अरुणाचल प्रदेश) में स्थित है (चीन इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं करता)
  • वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC): दोनों देशों के बीच की अस्थायी सैन्य सीमा जो लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को छूती है

पर्यावरण समाचार

सऊदी अरब IBCA का 26वां सदस्‍य बना

  • सऊदी अरब इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) का नवीनतम सदस्‍य बना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सदस्यता क्रम: सऊदी अरब इस गठबंधन का 26वां आधिकारिक सदस्य देश बना है।
  • क्षेत्रीय महत्व: सऊदी अरब अरब प्रायद्वीप से इस गठबंधन में शामिल होने वाला पहला देश है, जिससे पश्चिम एशिया में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी
  • पात्र देश: विश्व के कुल 95 'बिग कैट रेंज' देश (जहां ये प्रजातियां प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं) इसके दायरे में आते हैं

इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) :

  • भारत के नेतृत्व में सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए गठित एक वैश्विक अंतर-governmental गठबंधन है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल 2023 को प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसकी घोषणा की थी।
  • यह गठबंधन जनवरी 2025 में एक संधि-आधारित अंतर्राष्ट्रीय विधिक इकाई के रूप में आधिकारिक तौर पर स्थापित हुआ।
  • मुख्यालय : नई दिल्ली, भारत
  • नोडल एजेंसी: भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)
  • वित्तीय सहायता: भारत सरकार ने इसके शुरुआती पांच वर्षों (2023-24 से 2027-28) के लिए 150 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता को मंजूरी दी है
  • जब भारत ने वैश्विक मंच पर इस अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (Alliance) का प्रस्ताव रखा, तो भारत ने एक "एंकर देश" (Host/Anchor Country) के रूप में प्रतिबद्धता जताई कि वह पहले 5 वर्षों में इसके विभिन्न वैश्विक अभियानों और सहायता के लिए कुल 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 830+ करोड़ रुपये) की कुल वित्तीय/अनुदान सहायता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा
  • फोकस प्रजातियां (7 बिग कैट्स) : बाघ (Tiger), शेर (Lion), तेंदुआ (Leopard), हिम तेंदुआ (Snow Leopard), चीता (Cheetah), जगुआर (Jaguar)प्यूमा
  • भारत इन 7 में से 5 प्रजातियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता) का प्राकृतिक/पुनर्वासित आवास है। जगुआर और प्यूमा भारत में प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं। सऊदी अरब गंभीर रूप से लुप्तप्राय 'अरेबियन लेपर्ड' (तेंदुआ) के संरक्षण के लिए इस मंच का उपयोग करेगा।

बिहार और पश्चिम बंगाल जैव द्रव्यमान जलाने से उत्पन्न बढ़ते प्रदूषण के केंद्र में

  • कोलकाता स्थित बोस इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए 25 वर्षों के उपग्रह-आधारित अध्ययन (2000-2024) में बिहार और पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में एरोसोल और कण प्रदूषण के सबसे बड़े और लगातार बढ़ते प्रमुख हॉटस्पॉट्स के रूप में चिन्हित किया गया है।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष :

  • 20% से अधिक की वृद्धि: वर्ष 2000 और 2024 के बीच भारत-गंगा के मैदान (IGP), हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी भारत में कण प्रदूषण में 20% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है
  • हॉटस्पॉट का विस्तार: वर्ष 2000-2009 के दौरान वायु प्रदूषण मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तरी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक सीमित था। लेकिन 2020-2024 तक यह हॉटस्पॉट फैलकर पूरे बिहार और पश्चिम बंगाल (साथ ही बांग्लादेश और असम के कुछ हिस्सों) को अपनी चपेट में ले चुका है
  • उत्तर प्रदेश एक अपवाद: इस पूरे प्रदूषित बेल्ट में उत्तर प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य रहा है, जहां हाल के वर्षों में कार्बन प्रदूषण के स्तर में गिरावट देखी गई है
  • प्रदूषण का मुख्य कारण: बायोमास दहन (ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी/कंडे जलाना और पराली जलाना)
  • प्रभावित संवेदनशील क्षेत्र: सुंदरबन और पूर्वी हिमालय

रिर्पोट एवं सूचकांक

"भारत में एंटी-डंपिंग ड्यूटी का प्रभाव" रिपोर्ट

  • 'सेंटर फॉर डोमेस्टिक इकोनॉमी पॉलिसी रिसर्च' (C-DEP) और 'सेंटर फॉर WTO स्टडीज' (CWS) ने संयुक्‍त रूप से "भारत में एंटी-डंपिंग ड्यूटी का प्रभाव" नामक रिपोर्ट जारी की है।
  • रिर्पोट में कहा गया है कि भारत की घरेलू इंडस्ट्री ने अनुशंसित एंटी-डंपिंग शुल्कों के गैर-लागू होने के कारण महत्वपूर्ण आर्थिक नुकसान उठाया है।
  • यह रिर्पोट देश के घरेलू विनिर्माण और राजकोषीय स्वास्थ्य की रक्षा में व्यापार उपचारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आर्थिक नुकसान: व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) द्वारा अनुशंसित 56 उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क (ADD) समय पर लागू न करने से घरेलू उद्योगों को सालाना ₹11,938 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
  • विदेशी मुद्रा की बचत: यदि ये अनुशंसित शुल्क पूरी तरह लागू होते, तो प्रतिवर्ष 3 अरब डॉलर (लगभग ₹28,540 करोड़) की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती थी
  • निर्भरता: शुल्कों में देरी के कारण विशेष रूप से चीन और वियतनाम से आयातित वस्तुओं की डंपिंग बढ़ रही है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को प्रभावित करती है

'सेंटर फॉर डोमेस्टिक इकोनॉमी पॉलिसी रिसर्च' (C-DEP) :

  • एक स्वतंत्र थिंक-टैंक और अनुसंधान संस्थान है, जो भारतीय घरेलू उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उनके अनुकूल प्रगतिशील नीतियां तैयार करने के लिए काम करता है।

एंटी-डंपिंग शुल्क :

  • एक सुरक्षात्मक सीमा शुल्क (टैरिफ) है, जो सरकार द्वारा उन विदेशी वस्तुओं के आयात पर लगाया जाता है जिन्हें उनके उचित बाजार मूल्य या उत्पादन लागत से कम कीमत पर घरेलू बाजार में 'डंप' (बेचा) किया जा रहा हो। इसका प्राथमिक उद्देश्य विदेशी निर्यातकों की अनुचित व्यापार प्रथाओं से घरेलू उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करना और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बहाल करना है।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) :

  • स्थापना: 1 जनवरी 1995
  • मुख्यालय: Geneva, स्विट्ज़रलैंड
  • गठन का आधार: उरुग्वे दौर वार्ता (Uruguay Round)
  • पूर्व संगठन: GATT (General Agreement on Tariffs and Trade)

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

चीन के बाहर विश्‍व की सबसे बड़ी एकल-स्थान बैटरी स्टोरेज प्रणाली की शुरूआत

  • अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने गुजरात के खावड़ा में 3.37 गीगावाट-घंटे (GWh) की संचयी क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) का वाणिज्यिक संचालन शुरू किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अभूतपूर्व गति: ऑन-साइट निर्माण शुरू होने के मात्र 10 महीनों के भीतर इसे रिकॉर्ड समय में चालू किया गया
  • संचयी क्षमता: 3.37 GWh
  • तकनीक: इसमें ग्रिड की प्रतिक्रियाशीलता और दक्षता को अधिकतम करने के लिए लिथियम-आयन बैटरी तकनीक को उन्नत ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों (EMS) के साथ एकीकृत किया गया है
  • रणनीतिक महत्व: यह प्रणाली खावड़ा में निर्माणाधीन 30 GW के दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क का हिस्सा है, जहां AGEL पहले ही 9.9 GW क्षमता का संचालन कर चुका है
  • वित्त वर्ष 2027 में 10 गीगावाट घंटे से अधिक और अगले पांच वर्षों में 50 गीगावाट घंटे से अधिक बैटरी भंडारण क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है

बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) :

  • पारंपरिक सॉलिड रिचार्जेबल बैटरी: इसमें ऊर्जा को ठोस धातु इलेक्ट्रोड में भंडारित किया जाता है। इसके उदाहरण हैं; लेड-एसिड बैटरी, लिथियम-आयन बैटरी, जिंक-एयर बैटरी आदि।
  • फ्लो बैटरी: इसमें ऊर्जा को अलग-अलग टैंकों में रखे बहने वाले तरल इलेक्ट्रोलाइट्स में भंडारित किया जाता है। इसके उदाहरण हैं-वैनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरियां, जिंक-आयरन फ्लो बैटरियां, जिंक-ब्रोमीन बैटरियां आदि।

भारत सरकार की प्रमुख नीतिगत पहलें :

  • ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए राष्ट्रीय ढांचा (2023): इसका उद्देश्य देश में ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के इकोसिस्टम के विकास को गति देना है।
  • व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना: सरकार 2030-31 तक 4,000 MWh क्षमता वाली BESS परियोजनाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता (VGF) प्रदान कर रही है।
  • ACC बैटरी स्टोरेज के लिए PLI योजना: उन्नत केमिस्ट्री सेल (ACC) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता (विशेषकर चीन पर) को कम करने के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन योजना।
  • विद्युत नियम संशोधन (2022): इसके तहत ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) को विद्युत प्रणाली का एक अनिवार्य और अभिन्न अंग घोषित किया गया है

ताइवान विश्व का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार

  • वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग में ताइवान भारत को पछाड़कर दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।
  • ब्लूमबर्ग (Bloomberg) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर चिप्स की वैश्विक मांग में भारी उछाल के कारण ताइवान का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) $4.95 ट्रिलियन तक पहुंच गया, जिसने भारत के $4.92 ट्रिलियन के मूल्यांकन को पीछे छोड़ दिया है।
  • इसके साथ ही भारत अब इस वैश्विक सूची में 6वें स्थान पर खिसक गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वैश्विक शेयर बाजार की वर्तमान रैंकिंग (मार्केट कैप के आधार पर) : संयुक्त राज्य अमेरिका (US), मुख्य भूमि चीन (Mainland China), जापान (Japan)हांगकांग (Hong Kong), ताइवान (Taiwan), भारत (India)

भारतीय शेयर बाजार :

  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE): यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज (स्थापना 1875) है। इसका प्रमुख सूचकांक SENSEX है, जिसमें देश की 30 सबसे बड़ी और वित्तीय रूप से मजबूत कंपनियां शामिल हैं
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE): यह भारत का सबसे बड़ा आधुनिक और पूरी तरह से स्वचालित एक्सचेंज है। इसका प्रमुख सूचकांक NIFTY 50 है, जो 12 विभिन्न क्षेत्रों की शीर्ष 50 कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है
  • नियामक निकाय (Regulatory Body): भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) भारत के संपूर्ण शेयर बाजार, ब्रोकर्स, डिपॉजिटरी और निवेशकों के हितों को विनियमित तथा सुरक्षित करता है

कला और संस्‍कृति

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप के पवित्र अवशेष

  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के दो सबसे प्रमुख शिष्यों अरहंत सारिपुत्र और अरहंत महामोग्गाल्यान के पवित्र अवशेषों (अस्थि कलशों) को मंगोलिया में एक विशेष 10 दिवसीय धार्मिक प्रदर्शनी के लिए भेजा गया।
  • यह प्रदर्शनी मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर के प्रसिद्ध गंडन तेगचेनलिंग मठ में आयोजित की जा रही है।

सांची स्तूप:

  • स्थान: यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बेतवा नदी के तट पर एक पहाड़ी पर स्थित है
  • निर्माता: इसका मूल निर्माण तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा करवाया गया था।
  • साँची स्तूप की पुनः खोज: वर्ष 1818 में जब ब्रिटिश अधिकारी हेनरी टेलर ने इसकी खोज की थी तब यह पूरी तरह खंडहर अवस्था में था
  • अलेक्जेंडर कनिंघम ने वर्ष 1851 में साँची में प्रथम औपचारिक सर्वेक्षण और उत्खनन का नेतृत्व किया

वास्तुकला:

  • अंडा (Anda): यह स्तूप का मुख्य अर्धगोलाकार टीला होता है, जो पृथ्वी को घेरे हुए स्वर्ग के गुंबद का प्रतीक है।
  • हार्मिका (Harmika): गुंबद के शीर्ष पर स्थित एक वर्गाकार रेलिंग है, जिसे देवताओं का निवास स्थान माना जाता है।
  • यष्टि (Yasti): हार्मिका के केंद्र से उठने वाला एक केंद्रीय मस्तूल या स्तंभ है, जो ब्रह्मांडीय अक्ष (Cosmic Axis) का प्रतीक है।
  • छत्र (Chatra): यष्टि पर स्थित तीन छतरियां हैं, जो बुद्ध, धम्म और संघ (त्रिरत्न) या विभिन्न देवलोकों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • प्रदक्षिणापथ (Ambulatoryway): श्रद्धालुओं के लिए स्तूप के चारों ओर बना परिक्रमा पथ है। सांची में एक निचला और एक ऊपरी प्रदक्षिणापथ है, जो इसकी अनूठी विशेषता है।
  • वेदिका (Vedica): यह पवित्र परिसर को बाहरी दुनिया से अलग करने वाली पत्थर की रेलिंग (बाड़) होती है।
  • तोरण (Torana): चारों दिशाओं (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) में बने भव्य नक्काशीदार प्रवेश द्वार हैं, जिन पर जातक कथाएं उकेरी गई हैं

चर्चित व्‍यक्ति

राजा रणधीर सिंह

  • निशानेबाज और खेल प्रशासक राजा रणधीर सिंह का 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
  • एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और पूर्व अर्जुन पुरस्कार विजेता श्री सिंह ने अपने शानदार करियर में पांच बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • वे भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व महासचिव होने के साथ-साथ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।

वीर सावरकर की जयंती

  • वीर सावरकर (विनायक दामोदर सावरकर) की जयंती प्रतिवर्ष 28 मई को मनाई जाती है।
  • उनका जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भागुर गांव में हुआ था।

वीर सावरकर :

  • इन्हें स्वातंत्र्यवीर सावरकर के नाम से भी जाना जाता है
  • वे एक स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, वकील, लेखक और समाज सुधारक थे
  • मित्र मेला की स्थापना : 1899, 1904 में इसका नाम बदलकर अभिनव भारत सोसाइटी किया गया
  • फ्री इंडिया सोसाइटी की स्थापना : 1906, लंदन में
  • गुरिल्ला युद्ध की वकालत की , कथित तौर पर हस्तनिर्मित बम बनाने में शामिल था , और मदन लाल ढिंगरा को कानूनी सहायता प्रदान की
  • साहित्यिक योगदान: उन्होंने प्रसिद्ध पुस्तक "द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857" (1857 का भारतीय स्वतंत्रता समर) लिखी, जिस पर ब्रिटिश सरकार ने प्रकाशन से पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था. इसके अलावा उन्होंने 1923 में "हिंदुत्व: कौन है हिंदू?" नामक प्रभावशाली कृति की रचना की
  • उन्हें 1909 में मोर्ले-मिंटो सुधार (भारतीय परिषद अधिनियम 1909) के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था , बाद में उन्हें प्रत्यर्पित किया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित सेलुलर जेल (जिसे काला पानी के नाम से भी जाना जाता है ) में भेज दिया गया
  • बाद में उन्हें 1937 तक रत्नागिरी में नजरबंद रखा गया
  • रिहाई के बाद, सावरकर ने हिंदू महासभा के अध्यक्ष (1937-1943) के रूप में कार्य किया और भारत छोड़ो आंदोलन (1942) का विरोध किया
  • 1964 में , भारत की स्वतंत्रता के बाद अपने मिशन को पूरा हुआ महसूस करते हुए, सावरकर ने 1 फरवरी को भूख हड़ताल शुरू की और 26 फरवरी 1966 को उनका निधन हो गया

 

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