राष्ट्रीय समाचार
'जीवन ऐप' 'शतायु डैशबोर्ड' का शुभारंभ

- केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 22 मई 2026 को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए 'जीवन ऐप' (JEEVAN Mobile Application) और वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं के लिए 'शतायु डैशबोर्ड' का आधिकारिक शुभारंभ किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
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जीवन (JEEVAN) मोबाइल ऐप :
- लक्षित समूह: देश के वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति)
- मुख्य उद्देश्य: बुजुर्गों को प्रौद्योगिकी के माध्यम से सशक्त बनाना, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सहायता प्रणालियों और कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी आसान पहुँच सुनिश्चित करना
- उपयोगिता: यह ऐप विभिन्न सरकारी सुविधाओं को एक ही स्थान पर लाकर वृद्ध आबादी की सुरक्षा और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देता है।
शतायु (SHATAYU) डैशबोर्ड :
- लक्षित समूह: जेरियाट्रिक केयरगिवर्स (वृद्धावस्था देखभालकर्ता और स्वास्थ्य पेशेवर)
- मुख्य उद्देश्य: बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े कार्यबल और उनकी विशेषज्ञता के संबंध में केंद्रीकृत डेटा और महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना।
- महत्व: यह देखभाल अर्थव्यवस्था (Care Economy) को संस्थागत बनाने और बुजुर्गों के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य सहायकों की उपलब्धता को ट्रैक करने में मदद करेगा
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प्रेगाबालिन दवा को अनुसूची H1 में शामिल करने की अधिसूचना जारी

- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 के अंतर्गत 'प्रेगाबालिन' (Pregabalin) दवा को अनुसूची H1 (Schedule H1) में शामिल करने की अधिसूचना जारी की है।
- यह कदम इस दवा के बढ़ते दुरुपयोग और अवैध तस्करी को रोकने के लिए उठाया गया है।
सम्बन्धित तथ्य :
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प्रेगाबालिन क्या है? :
- उपयोग: यह मुख्य रूप से न्यूरोपैथिक दर्द (नसों का दर्द), फाइब्रोमायल्जिया, क्रोनिक दर्द और मिर्गी (दौरे) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक एंटी-कन्वल्सेंट दवा है।
- दुरुपयोग का कारण: युवाओं द्वारा इस दवा का उपयोग इसके शामक, यूफोरिक (आनंददायक प्रभाव) और मानसिक अलगाव प्रभावों के कारण एक नशे के रूप में किया जा रहा है।
भारतीय औषधि नियम और अधिनियम :
- औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम : यह अधिनियम वर्ष 1940 में पारित हुआ था, और इसके नियम 1945 में बने थे।
- अनुसूची H1 की शुरुआत: भारत सरकार ने दवाओं के दुरुपयोग और एंटीबायोटिक्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए वर्ष 2013 में अनुसूची H1 को पेश किया था।
- रिकॉर्ड रखने की अवधि: अनुसूची H1 के तहत बेची गई दवाओं का रिकॉर्ड और डॉक्टरों का पर्चा मेडिकल स्टोर को 3 वर्ष तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है।
- पहचान: अनुसूची H1 की दवाओं के रैपर/पत्ते पर लाल रंग से 'Rx' लिखा होता है और एक लाल बॉक्स में चेतावनी छपी होती है।
नोडल संबंधित मंत्रालय और संस्थाएं :
- मंत्रालय: दवाओं का विनियमन और स्वास्थ्य नीतियां केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन आती हैं।
- CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन): यह भारत में दवाओं का मुख्य राष्ट्रीय नियामक (Regulatory Body) है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
- DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया): CDSCO के प्रमुख को DCGI कहा जाता है, जो भारत में नई दवाओं की मंजूरी और उनके वर्गीकरण के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च अधिकारी हैं।
अनुसूची H1 (Schedule H1) :
- भारतीय औषधि नियम, 1945 के तहत एक विशेष श्रेणी है, जिसे दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाया गया है
- स्थापना: इसे भारत सरकार द्वारा 30 अगस्त, 2013 को एक अधिसूचना (G.S.R. 588 (E)) के माध्यम से पेश किया गया था और यह 1 मार्च, 2014 से प्रभावी हुई।
- मुख्य उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक दुरुपयोग (जिससे एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस या AMR का खतरा बढ़ता है), टीबी (TB) की दवाओं के गलत इस्तेमाल और आदत लगाने वाली दवाओं की लत पर नियंत्रण लगाना है।
शामिल दवाओं के प्रकार :
- तीसरी और चौथी पीढ़ी के एंटीबायोटिक्स: जैसे सेन्ट्रियाक्सोन (Ceftriaxone), सेफिक्सिम (Cefixime)।
- आदत लगाने वाली/नशीली दवाएं: जैसे अल्पनाजोलम (Alprazolam), डायजेपाम (Diazepam), ट्रामाडोल (Tramadol) और हाल ही में शामिल की गई प्रेगाबालिन (Pregabalin)।
- एंटी-टीबी (Anti-TB) दवाएं: जैसे आइसोनियाज़िड (Isoniazid), रिफैम्पिसिन (Rifampicin)।
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"अरुणाचल कीवी: अरुणाचल प्रदेश की USP" मिशन का शुभारंभ

- केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने "अरुणाचल कीवी: अरुणाचल प्रदेश की USP" मिशन का शुभारंभ किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: अरुणाचल प्रदेश में क्लस्टर-आधारित कीवी खेती और उसकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का विकास करना
- कुल वित्तीय परिव्यय: इस मिशन के लिए लगभग ₹167 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है
- सहयोगात्मक दृष्टिकोण : इसे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, नाबार्ड (NABARD), आईसीएआर (ICAR), एपीडा (APEDA) और निजी निवेशकों की संयुक्त भागीदारी (Convergence) से चलाया जा रहा है
- रणनीतिक स्तंभ: यह मिशन 4 मुख्य स्तंभों पर आधारित है — अभिसरण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, और बाजार एकीकरण
- उत्पादन में हिस्सेदारी: अरुणाचल प्रदेश भारत का सबसे बड़ा कीवी उत्पादक राज्य है, जो देश के कुल कीवी उत्पादन में लगभग 50% का योगदान देता है
"ब्रांड नॉर्थ ईस्ट" और प्रत्येक राज्य की USP (Unique Selling Proposition) :
- यह मिशन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की "ब्रांड नॉर्थ ईस्ट" पहल का एक हिस्सा है, जिसके तहत प्रत्येक पूर्वोत्तर राज्य के लिए एक विशिष्ट उत्पाद (USP) की पहचान की गई है
- अरुणाचल प्रदेश: जैविक कीवी
- सिक्किम: जैविक राज्य
- मिजोरम: अदरक
- नागालैंड: कॉफी
- त्रिपुरा: क्वीन अनानास
- मेघालय: लकडोंग हल्दी
- असम: मूँगा रेशम
- मणिपुर: पोलो हेरिटेज
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार
सियोल में 'भारतीय युद्ध स्मारक' का उद्घाटन

- 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह' और दक्षिण कोरिया के पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री 'क्वोन ओह-यूल' ने सियोल में 'भारतीय युद्ध स्मारक' का उद्घाटन किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- स्मारक का स्थान: दक्षिण कोरिया में सियोल के पास इम्जिंगक पार्क में
- इस क्षेत्र का महत्व : सितंबर 1954 में भारतीय संरक्षक बल (CFI)ने 'हिंद नगर' नाम से एक शिविर बनाया था (इस शिविर में शांतिपूर्ण स्वदेश वापसी से पहले लगभग 22,000 युद्धबंदियों को रखा गया था)
- किन्हें समर्पित है? : कोरियाई युद्ध के दौरान और उसके बाद भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस और कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया (CFI) द्वारा दी गई मानवीय सेवाओं, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को
- विशेष सम्मान : स्मारक के अग्रभाग पर दो महान भारतीय सैन्य नायकों की प्रतिमाएं लगाई गई हैं
- लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) ए. जी. रंगराज (महावीर चक्र) : 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस का नेतृत्व किया था
- जनरल के. एस. थिमैया: युद्धविराम के बाद युद्धबंदियों की मानवीय और निष्पक्ष वापसी की देखरेख के लिए गठित 'तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग' (NNRC) की अध्यक्षता की
- भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के आह्वान पर कोरियाई युद्ध में अपनी कोई लड़ाकू सेना नहीं भेजी थी, बल्कि एक चिकित्सा इकाई (60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस) भेजी थी।
- उनकी निस्वार्थ सेवा और मानवीय दृष्टिकोण के कारण कोरियाई लोगों ने उन्हें अत्यंत सम्मान से "मैरून एंजल्स" नाम दिया था
दक्षिण कोरिया
- राजधानी: सियोल
- मुद्रा: दक्षिण कोरियाई वॉन
- प्रधानमंत्री: हान डक- सू
- सीमाएं: इसकी सीमा उत्तर में 38th पैरेलल (युद्ध से पहले) और डिमिलिटराइज़्ड ज़ोन (DMZ) (युद्ध के बाद) के साथ उत्तर कोरिया से लगती है। यह येलो सी (पश्चिम), ईस्ट चाइना सी (दक्षिण), और सी ऑफ़ जापान/ईस्ट सी (पूर्व) से घिरा हुआ है ।
- उच्चतम शिखर: जेजू द्वीप पर माउंट हल्ला (एक विलुप्त ज्वालामुखी)।
- प्रमुख नदियाँ: हान नदी (सियोल से होकर बहती है) और नाकडोंग नदी (सबसे लंबी)।
- पर्वत श्रृंखला: ताएबेक पर्वत पूर्वी "रीढ़" बनाते हैं।
- चेबोल्स: सैमसंग , हुंडई और LG जैसे बड़े परिवार के मालिकाना हक वाले ग्रुप इसके इंडस्ट्रियल लैंडस्केप पर हावी हैं।
- भारत-दक्षिण कोरिया संबंध
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कान्स फिल्म महोत्सव में AI से बनी नई फिल्म का प्रीमियर

- कान्स फिल्म महोत्सव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी एक नई फिल्म का प्रीमियर हुआ।
- “हेल ग्राइंड” नामक इस 95 मिनट की फिल्म को 15 लोगों की टीम ने केवल 14 दिन में तैयार की है।
- इस पर लगभग 5 लाख डॉलर की लागत आई है।
- सैन फ्रांसिस्को के स्टार्टअप हिग्सफील्ड एआई ने इस फिल्म का ट्रेलर भी जारी किया।
'मुगा सिल्क स्टोल' और 'शिरुई लिली सिल्क स्टोल' उपहार में दिए

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 5 देशों की आधिकारिक यात्रा के अंतिम पड़ाव में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मुगा सिल्क स्टोल' और 'शिरुई लिली सिल्क स्टोल' उपहार में दिए।
सम्बन्धित तथ्य :
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मुगा सिल्क :
- राज्य : यह मुख्य रूप से असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में उत्पादित होता है।
- उपनाम : इसे "गोल्डन सिल्क" (स्वर्ण रेशम) कहा जाता है क्योंकि इसका प्राकृतिक रंग सुनहरा-पीला होता है
- वैज्ञानिक नाम : यह रेशम 'एंथेरिया एसामेंसिस' नामक कीड़े से मिलता है।
- खाद्य पौधे : ये कीड़े 'सोम' और 'सोआलू' नामक पौधों की पत्तियां खाते हैं।
- खासियत: यह विश्व का सबसे मजबूत प्राकृतिक फाइबर माना जाता है, जो बिना किसी कृत्रिम रंग के बुना जाता है।
- टैग : मुगा सिल्क को Geographical Indication (GI Tag) प्राप्त है।
शिरुई लिली सिल्क स्टोल :
- राज्य : यह मणिपुर की संस्कृति और हस्तशिल्प से संबंधित है।
- शिरुई लिली फूल : यह मणिपुर का राजकीय पुष्प है
- वैज्ञानिक नाम: इसका वैज्ञानिक नाम लिलियम मैक्लिनियाई है।
- उत्पत्ति स्थान: यह अत्यंत दुर्लभ घंटी के आकार का फूल पूरी दुनिया में सिर्फ मणिपुर के उखरुल जिले की 'शिरुई काशोंग पहाड़ी' पर ही प्राकृतिक रूप से उगता है।
- जनजाति : मणिपुर का 'तंगखुल नगा' समुदाय इस फूल को अपनी सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता का प्रतीक मानता है
भारत में रेशम (Silk) उत्पादन :
- रेशम के प्रकार: भारत में मुख्य रूप से 4 प्रकार के व्यावसायिक रेशम पाए जाते हैं— शहतूत, टसर, एरी, और मुगा
- मोनोपॉली : भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां रेशम की ये चारों किस्में उत्पादित होती हैं। विशेष रूप से मुगा सिल्क के उत्पादन में भारत का वैश्विक एकाधिकार है।
- शीर्ष उत्पादक राज्य: भारत में कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक शीर्ष स्थान पर है, जबकि 'मुगा रेशम' के उत्पादन में असम नंबर वन है।
- सेरीकल्चर : रेशम के कीड़ों के व्यावसायिक पालन और रेशम उत्पादन के अध्ययन को 'सेरीकल्चर' कहा जाता है।
उपहार :
- इटली के राष्ट्रपति : इन्हें आगरा के कारीगरों द्वारा निर्मित पच्चीकारी मार्बल इनले बॉक्स तथा पंडित भीमसेन जोशी और एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की शास्त्रीय संगीत सीडी दी गई।
- नीदरलैंड के प्रधानमंत्री: इन्हें मछली के रूपांकनों वाली मधुबनी पेंटिंग (बिहार) दी गई।
- स्वीडन के प्रधानमंत्री: इन्हें लद्दाखी शुद्ध पशमीना ऊन का स्टॉल भेंट किया गया।
- UAE के राष्ट्रपति: इन्हें भारत के प्रसिद्ध केसर आम उपहार में दिए गए।
- वायरल मोमेंट: पीएम मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी को भारत की प्रसिद्ध 'पार्ले मेलोडी' टॉफी का पैकेट भी भेंट किया, जो सोशल मीडिया पर "Melodi" ट्रेंड के कारण चर्चा में रहा।
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
मिश्रित ईंधनों के लिए मानक अधिसूचित

- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मई 2026 में देश में ऊर्जा सुरक्षा और जैव ईंधन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए 30% तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के नए मानक अधिसूचित किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- अधिसूचना मानक (IS 19850:2026): BIS ने राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से E22, E25, E27 और E30 ईंधनों के लिए तकनीकी और गुणवत्ता विनिर्देश जारी किए हैं।
- मिश्रण की परिभाषा: ये मानक जल-मुक्त इथेनॉल और मोटर गैसोलीन (पेट्रोल) के मिश्रण को परिभाषित करते हैं, जिनका उपयोग स्पार्क-इग्निशन इंजन वाले वाहनों में किया जाएगा। उदाहरण के लिए, E30 का अर्थ है पेट्रोल में 30% इथेनॉल का मिश्रण।
- DME मिश्रित LPG (IS 18698:2026): इसके साथ ही, BIS ने डाइमिथाइल ईथर (DME) मिश्रित LPG के लिए भी एक नया मानक जारी किया है, जो स्वच्छ सिंथेटिक ईंधन को बढ़ावा देगा।
- महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: यह अधिसूचना तुरंत देशव्यापी बिक्री को अनिवार्य नहीं करती है, बल्कि भविष्य में उच्च मिश्रण वाले ईंधनों को पेश करने के लिए एक तकनीकी खाका तैयार करती है।
- जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018): इस नीति के तहत भारत ने पहले ही पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया है।
- नया लक्ष्य: सरकार अब 2030 तक पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिश्रण (E30) की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसे यह नई अधिसूचना सीधे समर्थन देती है
- मानक अद्यतन : डाइमिथाइल ईथर (DME) मिश्रित तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के लिए पुराने 2024 मानक को प्रतिस्थापित किया
- ईंधन विशेषता : स्वच्छ जलने वाला सिंथेटिक ईंधन, जो एलपीजी (LPG) के समान व्यवहार करता है
- वैश्विक स्थिति : चीन की वैश्विक डीएमई उत्पादन क्षमता में लगभग 90% हिस्सेदारी
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पुरस्कार और सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026

- ताइवानी लेखिका यांग शुआंग-ज़ी और अनुवादक लिन किंग को उनके उपन्यास 'ताइवान ट्रैवलॉग' के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026 प्रदान किया गया।
- यह गौरव हासिल करने वाली यह मंदारिन चीनी भाषा से अनुवादित पहली पुस्तक है।
सम्बन्धित तथ्य :
- मूल भाषा: यह उपन्यास मूल रूप से मंदारिन चीनी भाषा में वर्ष 2020 में प्रकाशित हुआ था। इसके मूल संस्करण को ताइवान का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान 'गोल्डन ट्रिपॉड अवार्ड 2021' मिल चुका है। इसके अंग्रेजी संस्करण को अमेरिका में 'नेशनल बुक अवार्ड फॉर ट्रांसलेटेड लिटरेचर 2024' भी मिल चुका है
- विषय वस्तु : यह 1930 के दशक में जापानी औपनिवेशिक शासन के अधीन ताइवान की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐतिहासिक और उत्तर-औपनिवेशिक उपन्यास है।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार :
- यह पुरस्कार प्रतिवर्ष यूनाइटेड किंगडम (UK) या आयरलैंड में अंग्रेजी में अनुवादित और प्रकाशित होने वाली किसी भी देश की काल्पनिक साहित्यिक कृति को दिया जाता है।
- स्थापना: इसे वर्ष 2005 में 'मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार' के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2016 से इसे प्रतिवर्ष एक एकल पुस्तक को दिया जाने लगा (इससे पहले यह दो साल में एक बार लेखक के समग्र योगदान के लिए मिलता था)।
- बुकर पुरस्कार से अंतर: मुख्य 'बुकर पुरस्कार' मूल रूप से अंग्रेजी में लिखे गए उपन्यासों के लिए होता है, जबकि 'अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार' दुनिया की किसी भी भाषा से अंग्रेजी में अनुवादित उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए समर्पित है।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के भारतीय विजेता:
- गीतांजलि श्री (2022 में): रेत समाधि (टॉम्ब ऑफ सैंड) के लिए, डेज़ी रॉकवेल द्वारा अनुवादित। यह अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली हिंदी कृति थी।
- बानू मुश्ताक (2025 में): हार्ट लैंप पुस्तक के लिए। दीपा भास्थी द्वारा अनुवादित। इस पुरस्कार को जीतने वाली पहली कन्नड़ कृति थी।
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'गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स' पुरस्कार 2026

- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के ऐतिहासिक 'चंद्रयान-3' लूनर मिशन को अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स (AIAA) द्वारा प्रतिष्ठित 'गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया गया।
- यह पुरस्कार 21 मई, 2026 को वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित AIAA ASCEND 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया।
- इसरो (ISRO) की ओर से अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इस सर्वोच्च सम्मान को स्वीकार किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- सर्वोच्च सम्मान: यह अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष अभियानों (Astronautics) में उल्लेखनीय योगदान के लिए AIAA द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।
- इतिहास: इस पुरस्कार की स्थापना आधुनिक रॉकेट विज्ञान के जनक और लिक्विड-प्रोपेलेंट रॉकेट इंजन के अग्रदूत रॉबर्ट एच. गोडार्ड की स्मृति में उनकी पत्नी द्वारा की गई थी।
- वर्तमान स्वरूप: वर्ष 1975 में इसका नाम बदलकर 'गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड' किया गया और इसके चयन मानदंडों में केवल प्रोपल्शन इंजीनियरिंग के बजाय व्यापक अंतरिक्ष विज्ञान उपलब्धियों को शामिल किया गया।
- पूर्व प्राप्तकर्ता: इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से पूर्व में अमेज़न और ब्लू ओरिजिन के संस्थापक जेफ बेजोस और नासा (NASA) के शीर्ष इंजीनियरों को सम्मानित किया जा चुका है।
पुरस्कार मिलने का मुख्य कारण :
- ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग: यह पुरस्कार चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र (South Pole) के निकट की गई अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के लिए दिया गया है, जिसने चंद्रमा और उसके रहस्यों के प्रति वैश्विक समझ को गहरा किया है।
चंद्रयान-3 मिशन:
- लॉन्च तिथि: 14 जुलाई, 2023
- लैंडिंग तिथि: 23 अगस्त, 2023 (इस दिन को भारत सरकार द्वारा 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' के रूप में घोषित किया गया है)।
- लॉन्च व्हीकल: LVM3-M4 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3)
- मिशन के घटक: विक्रम (Lander) और प्रज्ञान (Rover)
- वैश्विक कीर्तिमान: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत विश्व का पहला देश बना था।
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लॉरियल-यूनेस्को फॉर विमेन इन साइंस इंटरनेशनल अवार्ड्स 2026

- पेरिस में आयोजित 28वें लॉरियल-यूनेस्को फॉर विमेन इन साइंस इंटरनेशनल अवार्ड्स 2026 के तहत विश्व के पांच अलग-अलग क्षेत्रों से पांच अग्रणी महिला वैज्ञानिकों को विजेता घोषित किया गया।
- इस वर्ष ये पुरस्कार जीवन और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
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2026 के पुरस्कार विजेता :
- एशिया-प्रशांत: प्रो. फेलिस जैका (ऑस्ट्रेलिया) - पोषण संबंधी मनोचिकित्सा के लिए।
- अफ्रीका/अरब: प्रो. लीज़ल ज़ुहलके (दक्षिण अफ्रीका) - बाल हृदय रोग (RHD) में अनुसंधान के लिए।
- यूरोप: प्रो. सारा ए. टीचमैन (यूके) - एकल-कोशिका जीव विज्ञान और जीनोम विज्ञान के लिए।
- लैटिन अमेरिका: प्रो. राकेल लिया चान (अर्जेंटीना) - सूखा-सहिष्णु फसल विकास/खाद्य सुरक्षा के लिए।
- उत्तरी अमेरिका: प्रो. गोर्डाना वुंजक-नोवाकोविक (अमेरिका) - ऊतक इंजीनियरिंग के लिए
- आयोजन : लोरियल फाउंडेशन (Fondation L’Oréal) और यूनेस्को (UNESCO) द्वारा संयुक्त कार्यक्रम
- उद्देश्य : विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
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'वर्ल्ड सिटीज रिपोर्ट 2026'

- यूएन-हैबिटैट की 'वर्ल्ड सिटीज रिपोर्ट 2026' के अनुसार, विश्व भर में लगभग 3.4 अरब लोगों के पास पर्याप्त आवासीय सुविधाएं नहीं हैं।
- यह रिपोर्ट मई 2026 में बाकू, अज़रबैजान में आयोजित 'वर्ल्ड अर्बन फोरम' (WUF13) के 13वें सत्र के दौरान पेश की गई।
सम्बन्धित तथ्य :
- तीव्र आवास संकट: वैश्विक स्तर पर 3.4 अरब लोग पर्याप्त आवास से वंचित हैं, जिनमें से 1.1 अरब से अधिक लोग झुग्गियों और अनौपचारिक बस्तियों में असुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
- बढ़ती कीमतें : आमदनी की तुलना में घरों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर औसत मूल्य-से-आय अनुपात वर्ष 2010 के 9.5 से बढ़कर 2023 में 11.7 हो गया है।
- जलवायु जोखिम: जलवायु परिवर्तन के खतरों के कारण वर्ष 2040 तक 16.7 करोड़ (167 मिलियन) घरों के नष्ट होने का अनुमान है। वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में अकेले आवास (Housing) क्षेत्र की हिस्सेदारी 17% से 21% के बीच है।
- नीतियों में कमी: अधिकांश राष्ट्रीय आवास नीतियां आवास की पर्याप्तता के प्रमुख आयामों जैसे- सामर्थ्य , कार्यकाल की सुरक्षा और पहुंच को पूरी तरह से शामिल करने में विफल रही हैं।
भारत के संदर्भ में प्रमुख आंकड़े :
- बेघर होने की दर : 'इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल होमलेसनेस' के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बेघर होने की दर प्रति 10,000 व्यक्तियों पर 13 है।
- अफोर्डेबिलिटी संकट: मध्य और दक्षिण एशिया (विशेषकर भारत) में आवास की कीमतों का संकट गहरा है।
- मुंबई और दिल्ली में यह अनुपात क्रमशः 14.3 और 10.1 दर्ज किया गया
- शहरीकरण का दबाव: वर्ष 2050 तक भारत की आधी आबादी शहरी क्षेत्रों में रहने लगेगी, जिससे शहरों के बुनियादी ढांचे पर दबाव और बढ़ेगा।
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महत्वपूर्ण दिवस
'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस'

- पृथ्वी पर जीवों की विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र और मानव जीवन में उनके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 22 मई को 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस' मनाया जाता है।
सम्बन्धित तथ्य :
- इस वर्ष (2026) का विषय : वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना
- यह दिवस 22 मई को ही क्यों मनाया जाता है? – क्योंकि इसी दिन 22 मई 1992 को नैरोबी में 'कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल डायवर्सिटी' (CBD) के पाठ को अपनाया गया था
- संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने इसे कब मंजूरी दी? – दिसंबर 2000 में (इससे पहले यह 29 दिसंबर को मनाया जाता था)
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क क्या है? – दिसंबर 2022 में अपनाया गया एक वैश्विक समझौता, जिसके तहत "30x30 लक्ष्य" (2030 तक पृथ्वी की 30% भूमि और महासागरों का संरक्षण) रखा गया है
- भारत में जैव विविधता अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ था? – वर्ष 2002 में
- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) का मुख्यालय कहाँ है? – चेन्नई, तमिलनाडु (स्थापना: 2003)
- भारत में वर्तमान में कुल कितने रामसर स्थल हैं? – भारत में कुल 98 रामसर स्थल हैं, जो आर्द्रभूमि के संरक्षण से संबंधित हैं
- भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान (National Park) कौन सा है? – जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (उत्तराखंड), जिसे अब रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है (स्थापना: 1936 में हेली नेशनल पार्क के रूप में)
- 'जैव विविधता' (Biodiversity) शब्द सर्वप्रथम किसने दिया था? – वॉल्टर जी. रोसेन ने 1985 में
पर्यावरण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दिवस :
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस : 2 फरवरी
- विश्व वानिकी दिवस : 21 मार्च
- विश्व जल दिवस : 22 मार्च
- पृथ्वी दिवस : 22 अप्रैल
- विश्व पर्यावरण दिवस : 5 जून
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रक्षा समाचार
INS ‘संघमित्रा’ का सफल जलावतरण

- भारतीय नौसेना के नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) प्रोजेक्ट के पहले स्वदेशी युद्धपोत ‘संघमित्रा’ (Yard 3039) का सफल जलावतरण कोलकाता में किया गया।
INS संघमित्रा (Yard 3039) :
- प्रोजेक्ट का नाम: NGOPV (Next Generation Offshore Patrol Vessel) - नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल
- निर्माणकर्ता शिपयार्ड: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता।
- मुख्य उद्देश्य: विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की निगरानी, समुद्री डकैती रोधी अभियान और तटीय सुरक्षा।
- नामकरण का इतिहास: इसका नाम सम्राट अशोक की पुत्री 'संघमित्रा' के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए श्रीलंका की समुद्री यात्रा की थी।
- कुल कितने जहाज बनेंगे?: इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए कुल 11 जहाज बनाए जा रहे हैं।
साझेदार शिपयार्ड: यह काम दो शिपयार्ड मिलकर कर रहे हैं:
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL): यह लीड शिपयार्ड है (7 जहाज बनाएगा)
- GRSE, कोलकाता: यह फॉलो शिपयार्ड है (4 जहाज बनाएगा)
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नियुक्तियां
भरत सिंह चौहान

- भारतीय खेल प्रशासक भरत सिंह चौहान को राष्ट्रमंडल शतरंज संघ के अध्यक्ष के रूप में 2026-2030 के कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति और निर्विरोध रूप से पुनः चुना गया।
- यह चुनाव श्रीलंका के वासाकाडुवा में आयोजित राष्ट्रमंडल शतरंज संघ की वार्षिक आम सभा (AGM) की बैठक के दौरान संपन्न हुआ।
| अन्य नियुक्तियाँ: चुनाव में मलेशिया के अखरामस्याह मुअम्मर उबैदश सानुसी को उपाध्यक्ष और श्रीलंका के जी. लक्ष्मण विजेसुरिया को महासचिव चुना गया है |