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Wed 20 May, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

आयुष अनुदान पोर्टल

  • केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • शुभारंभकर्ता : केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव
  • पूर्व नाम: इसे पहले 'आयुष एनजीओ पोर्टल' के नाम से जाना जाता था, जिसे अब पूरी तरह आधुनिक और उन्नत बनाकर पुनर्गठित किया गया है।
  • उद्देश्य: अनुदान प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया में 100% पारदर्शिता, कार्यकुशलता, जवाबदेही और सुलभता सुनिश्चित करना।
  • विकसित : आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष मंत्रालय द्वारा
  • इस पोर्टल को आयुष मंत्रालय के एमएआईएसपी (माई आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल), जो मंत्रालय की सिंगल-विंडो डिजिटल पहल है, के माध्यम से या सीधे आयुष अनुदान पोर्टल लिंक के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।

'आयुष' (AYUSH) :

फुल फॉर्म :

  • A - Ayurveda (आयुर्वेद)
  • Y - Yoga & Naturopathy (योग और प्राकृतिक चिकित्सा)
  • U - Unani (यूनानी)
  • S - Siddha (सिद्ध)
  • H - Homeopathy (होम्योपैथी)
  • आयुष मंत्रालय का गठन : नवंबर 2014

प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान :

  • अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA): नई दिल्ली
  • राष्ट्रीय संस्थान (National Institute of Ayurveda): जयपुर, राजस्थान
  • राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (NIH): कोलकाता, पश्चिम बंगाल
  • राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (NIUM): बेंगलुरु, कर्नाटक
  • राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (NIS): चेन्नई, तमिलनाडु
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (NIN): पुणे, महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान (NISR): लेह (लद्दाख)
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून (शुरुआत: 2015 से)
  • राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: यह हर साल धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) के दिन मनाया जाता है.
  • विश्व होम्योपैथी दिवस: 10 अप्रैल (होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन के जन्मदिन पर).
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस: 18 नवंबर
  • होम्योपैथी के जनक (Father of Homeopathy): डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन (जर्मनी).
  • आयुर्वेद के जनक: महर्षि चरक (इन्होंने 'चरक संहिता' लिखी थी).
  • सर्जरी (शल्य चिकित्सा) के जनक: महर्षि सुश्रुत (इन्होंने 'सुश्रुत संहिता' लिखी थी).
  • WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (GCTM): जामनगर, गुजरात में स्थापित किया गया है (यह दुनिया में पारंपरिक चिकित्सा का पहला और एकमात्र वैश्विक केंद्र है)

नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता नियम, 2009 में संशोधन करते हुए नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया।
  • मौजूदा नियमों में संशोधन के अनुसार, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के आवेदकों को पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा।
  • 18 मई को मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, “(1) इन नियमों को नागरिकता (संशोधन) नियम , 2026 कहा जा सकता है। (2) ये आधिकारिक राजपत्र में इनके प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।”

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • लक्षित देश: यह कानून विशेष रूप से तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी देशों—पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए प्रवासियों पर लागू होता है।
  • शामिल समुदाय: इन देशों के छह गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदायों—हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को नागरिकता देने का प्रावधान है।
  • कट-ऑफ तिथि: केवल वे प्रवासी इसके पात्र हैं जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किया था
  • निवास अवधि में छूट: देशीयकरण (Naturalisation) द्वारा नागरिकता के लिए भारत में रहने की अनिवार्य अवधि को 11 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है।

नागरिकता से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद :

  • अनुच्छेद 5: संविधान लागू होने (26 जनवरी 1950) के समय भारत में अधिवास करने वाले लोगों के नागरिक बनने की शर्तें बताता है।
  • अनुच्छेद 6: विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए लोगों की नागरिकता के नियम तय करता है।
  • अनुच्छेद 7: जो लोग 1 मार्च 1947 के बाद पाकिस्तान चले गए, उनकी भारतीय नागरिकता समाप्त मानी गई (जब तक वे पुनर्वास के लिए वापस न आए हों)।
  • अनुच्छेद 8: भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों (PIO) की नागरिकता से संबंधित प्रावधान बताता है।
  • अनुच्छेद 9: यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ले लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है (भारत में दोहरी नागरिकता नहीं है)।
  • अनुच्छेद 10: नागरिकता के अधिकार संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अधीन निरंतर बने रहते हैं।
  • अनुच्छेद 11: संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति से संबंधित कानून बनाने का अधिकार देता है; इसी के तहत नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया गया।
  • अधिकार: अनुच्छेद 15, 16, 19, 29 और 30 के तहत मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं, विदेशियों को नहीं

BCCI RTI अधिनियम, 2005 के दायरे में नहीं आता

  • केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने अपने एक फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत "लोक प्राधिकरण" (पब्लिक अथॉरिटी) के दायरे में नहीं आता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

निर्णय का मुख्य आधार:

  • गैर-सरकारी स्थिति: सूचना आयुक्त पी.आर. रमेश ने बताया कि BCCI तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त निजी निकाय है।
  • वित्तपोषण का अभाव: आयोग ने माना कि BCCI अपनी आय मीडिया अधिकारों, प्रायोजनों और टिकटों से खुद कमाता है, न कि इसे सरकार से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005

  • नागरिकों को लोक प्राधिकारियों के नियंत्रण में उपलब्ध सूचना तक पहुंच प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है
  • संसद द्वारा पारित : जून, 2005
  • लागू : अक्टूबर, 2005
  • समन्वयक एजेंसी: कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (MoPPG&P) के तहत कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  • फ़्रीडम ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन एक्ट, 2002 का स्थान ले लिया

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) :

  • गठन: 2005 (सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत)
  • नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा, एक समिति की सिफारिश पर
  • समिति में शामिल : अध्यक्ष : प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता तथा प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
  • वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त: राज कुमार गोयल
  • कार्यकाल: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)
  • पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं हैं

राज्य सूचना आयोग :

  • सांविधिक निकाय है
  • गठन : राज्य सरकार द्वारा
  • नियुक्ति : राज्यपाल द्वारा, एक समिति की सिफारिश पर
  • समित में शामिल : अध्‍यक्ष : मुख्‍यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता, मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक राज्य कैबिनेट मंत्री
  • वेतन, भत्ते एवं अन्य सेवा शर्तें : केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित

'पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026' का उद्घाटन

  • भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • प्रतिभागी राज्य: इस सम्मेलन में 5 पूर्वी राज्यों— ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल
  • उद्देश्य: पूर्वी भारत की उपजाऊ जमीन और पानी की उपलब्धता का उपयोग करके इसे देश के कृषि विकास का "ग्रोथ इंजन" बनाना
  • आयोजक: केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • चर्चा का विषय : किसान रजिस्ट्री की प्रगति, बागवानी क्षेत्र की संभावनाएं, दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS), पीएम-आशा, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन, फार्म क्रेडिट एवं किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मुद्दे

राज्यों द्वारा साझा की गई सर्वश्रेष्ठ प्रथाएं :

  • ओडिशा: धान खरीद प्रणाली, बाजरा संवर्धन (ओडिशा मिलेट मिशन) और 'समृद्ध कृषक योजना'.
  • बिहार: मक्का (Maize) उत्पादन और उसका बेहतर विपणन मॉडल.
  • झारखंड: FPO (किसान उत्पादक संगठन) आधारित मूल्य श्रृंखला और कृषि स्टार्टअप इकोसिस्टम.
  • पश्चिम बंगाल: उन्नत बीज उत्पादन तकनीक

चीता परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में चीता परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना विशेषज्ञ और देश में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े वरिष्ठ प्रक्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे।
  • चीता परियोजना भारत में चीतों के विलुप्त होने के बाद उन्हें पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अग्रणी पहल है। इस कार्यक्रम की शुरुआत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों के एक संस्थापक समूह को स्थानांतरित करके की गई थी, जिसमें समन्वित अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैज्ञानिक योजना के माध्यम से बोत्सवाना से 9 चीतों को और शामिल किया गया।
  • वर्तमान में चीतों की संख्या 53 है, जिनमें से 33 भारत में जन्मे हैं।

नेरीवॉल्म की शासी निकाय की छठी बैठक

  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुवाहाटी में नेरीवॉल्म (NERIWALM) की शासी निकाय की छठी बैठक की अध्यक्षता की।

NERIWALM :

 

 

  • पूर्ण नाम : North Eastern Regional Institute of Water and Land Management
  • स्थापना: यह संस्थान 1989 में असम के तेजपुर में स्थापित किया गया था।
  • मंत्रालय: यह केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के प्रशासनिक नियंत्रण में एक स्वायत्त सोसायटी के रूप में कार्य करता है।
  • मुख्य कार्य: पूर्वोत्तर भारत में सिंचाई, जलभृत (aquifer) प्रबंधन, और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और परामर्श प्रदान करना

ब्रह्मपुत्र बोर्ड के उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा बोर्ड की 14वीं बैठक

  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र बोर्ड के उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्यक्षता की

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • स्थापना व प्रकृति: यह एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है, जिसे 'ब्रह्मपुत्र बोर्ड अधिनियम, 1980' (Brahmaputra Board Act, 1980) के तहत स्थापित किया गया था।
  • मंत्रालय: यह जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय गुवाहाटी, असम में स्थित है।
  • कार्यक्षेत्र (Jurisdiction): मूल रूप से इसका अधिकार क्षेत्र ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी था, लेकिन हाल ही में पुनर्गठन के बाद इसमें सिक्किम और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
  • मुख्य कार्य: ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी में बाढ़ नियंत्रण, तटबंध कटाव (Erosion Mitigation), जल निकासी (Drainage) में सुधार और जल संसाधनों के बहुउद्देशीय उपयोग के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और सर्वेक्षण करना।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

मध्य प्रदेश के उर्टन और धीरौली कोयला खदानों से कोयला उत्पादन शुरू

  • कोयला मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के उर्टन और धीरौली कोयला खदानों से कोयला उत्पादन शुरू किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

उर्टन कोयला खदान (अनूपपुर जिला):

  • यह मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित है
  • इसका आवंटन एम/एस जेएमएस माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (M/s JMS Mining Private Limited) को किया गया है
  • इसमें उत्पादन 15 मई 2026 से शुरू हुआ

धीरौली कोयला खदान (सिंगरौली जिला):

  • यह मध्य प्रदेश के संसाधन संपन्न सिंगरौली जिले में स्थित है।
  • इसका आवंटन एम/एस महान एनर्जेन लिमिटेड (M/s Mahan Energen Limited - अदानी पावर की सहायक कंपनी) को किया गया है।
  • इसमें उत्पादन 17 मई 2026 से शुरू हुआ।
  • यह खदान सिंगरौली क्षेत्र से घरेलू कोयला आपूर्ति को और सुदृढ़ करेगी।

कोयला (Coal):

  • एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीवाश्म ईंधन और ठोस कार्बनिक पदार्थ है, जिसे "काला सोना"भी कहा जाता है
  • काला सोना : उद्योग जगत में कोयले को 'काला सोना' कहा जाता है।
  • चट्टान का प्रकार: कोयला मुख्य रूप से अवसादी चट्टानों में पाया जाता है।
  • सर्वोत्तम कोयला: एंथ्रेसाइट सबसे उच्च गुणवत्ता वाला कोयला है (इसमें कार्बन की मात्रा 80-95% होती है)।
  • सबसे घटिया कोयला: पीठ (Peat) सबसे कम कार्बन वाला और सबसे घटिया कोयला है।
  • भूरा कोयला : लिग्नाइट कोयले को 'भूरा कोयला' भी कहा जाता है।
  • घरेलू कोयला: बिटुमिनस कोयले का उपयोग आमतौर पर घरों और उद्योगों में सबसे ज्यादा होता है।
  • भारत में सर्वाधिक प्रकार: भारत में सबसे अधिक बिटुमिनस प्रकार का कोयला पाया जाता है।
  • भारत की पहली कोयला खदान: भारत में पहली बार कोयला खनन 1774 में रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में शुरू हुआ था।
  • भारत का सर्वाधिक कोयला भंडार: झारखंड राज्य में कोयले का सबसे बड़ा भंडार है।
  • भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक: वर्तमान आँकड़ों के अनुसार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ उत्पादन () में शीर्ष पर रहते हैं।
  • गोंडवाना चट्टानें: भारत का लगभग 98% कोयला गोंडवाना काल की चट्टानों से प्राप्त होता है।
  • नेवेली : तमिलनाडु का नेवेली क्षेत्र लिग्नाइट (भूरा कोयला) के खनन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
  • झरिया : झारखंड का झरिया कोयला क्षेत्र भारत में कोकिंग कोल (Coking Coal) का मुख्य स्रोत है।
  • सिंगरौली : मध्य प्रदेश का सिंगरौली कोयला क्षेत्र अपनी सबसे मोटी कोयला परत के लिए जाना जाता है।
  • कार्बोनीकरण : पेड़-पौधों के मलबे से कोयला बनने की धीमी रासायनिक प्रक्रिया को कार्बोनीकरण कहते हैं।

विज्ञान और प्रौद्यौगिकी

पैंगोलिन की उत्पत्ति और तस्करी मार्गों की पहचान के लिए उन्नत “DNA मानचित्र” विकसित

  • PLOS Biology में प्रकाशित एक अध्ययन में अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने अवैध व्यापार किए जाने वाले पैंगोलिनों के मूल स्थान और तस्करी मार्गों की पहचान के लिए उन्नत DNA‑मानचित्र विकसित किया है।
  • इससे अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क उजागर करने में मदद मिली।
  • टीम उन्नत आनुवंशिक अनुक्रमण का उपयोग करके तीन सबसे अधिक व्यापार की जाने वाली पैंगोलिन प्रजातियों (सफेद पेट वाले पैंगोलिन, सुंडा पैंगोलिन और चीनी पैंगोलिन) के तस्करी मार्गों का मानचित्रण करने में सक्षम रही है।

पैंगोलिन (Pangolin) :

 

 

  • स्तनधारी जीव: पैंगोलिन एक स्तनधारी जीव है
  • शल्कदार आवरण : यह विश्‍व का एकमात्र ऐसा स्तनधारी है जिसके शरीर पर बड़े-बड़े सुरक्षात्मक शल्क पाए जाते हैं
  • केराटिन से निर्मित: इसके शल्क केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं
  • उपनाम: इसे सामान्य भाषा में "शल्कयुक्त चींटीखोर" या हिंदी में "वज्रशल्क" भी कहा जाता है
  • कुल प्रजातियाँ: विश्व भर में पैंगोलिन की 8 प्रजातियाँ पाई जाती हैं (4 एशिया में और 4 अफ्रीका में)
  • भारत में उपस्थिति: भारत में मुख्य रूप से 2 प्रजातियाँ पाई जाती हैं
  • भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata): यह हिमालय के दक्षिण में पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है. यह सभी प्रजातियों में आकार में सबसे बड़ा होता है.
  • चीनी पैंगोलिन (Manis pentadactyla): यह मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी भारत (असम, पूर्वी हिमालय) और बिहार व पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में पाया जाता है.
  • अवैध तस्करी: पैंगोलिन दुनिया में सबसे अधिक अवैध व्यापार का शिकार होने वाला स्तनधारी जीव है. इसके शल्कों का उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा में और मांस का उपयोग व्यंजनों के लिए किया जाता है

IUCN रेड लिस्ट स्थिति:

  • भारतीय पैंगोलिन: संकटग्रस्त (Endangered - EN) श्रेणी में.
  • चीनी पैंगोलिन: गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered - CR) श्रेणी में
  • CITES: इसे CITES (Convention on International Trade in Endangered Species) के परिशिष्ट-I (Appendix I) में रखा गया है, जिसका मतलब है कि इसके अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है.
  • भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: भारत में इसे अनुसूची-I (Schedule I) के तहत उच्चतम कानूनी सुरक्षा प्राप्त है (जैसे बाघ और शेर को प्राप्त है).
  • विश्व पैंगोलिन दिवस : यह हर साल फरवरी के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है ताकि इस जीव के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके

लचीली नैनो-गोल्ड ऊर्जा फिल्म विकसित

  • इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST) के वैज्ञानिकों ने गोल्ड नैनो-कणों से जुड़ी एक अत्यधिक कुशल, अति-पतली और लचीली फिल्म विकसित की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • पायरोइलेक्ट्रिक प्रभाव : यह फिल्म 'पायरोइलेक्ट्रिक प्रदर्शन' पर काम करती है (तापमान में होने वाले मामूली बदलावों या थर्मल उतार-चढ़ाव को सीधे विद्युत संकेतों में परिवर्तित करना)
  • प्रयुक्त सामग्री: इस तकनीक में पॉलीविनाइलिडीन फ्लोराइड (PVDF) नामक एक लचीले बहुलक (Polymer) का उपयोग आधार के रूप में किया गया है।
  • नैनो-गोल्ड का समावेशन: वैज्ञानिकों ने 100 नैनोमीटर से भी कम पतली PVDF फिल्म के भीतर सूक्ष्म षट्कोणीय (Hexagonal) स्वर्ण नैनोकणों को शामिल किया है।
  • दक्षता में सुधार: सोने के नैनोकणों ने फिल्म के भीतर आणविक द्विध्रुवों को अत्यधिक व्यवस्थित किया, जिससे इसकी थर्मल-टू-इलेक्ट्रिकल ऊर्जा रूपांतरण दक्षता काफी बढ़ गई।
  • तापमान सीमा: यह सामग्री 294 से 301 केल्विन के छोटे परिवेशी तापमान रेंज में भी कुशलता से काम करती है

संभावित अनुप्रयोग :

  • पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक्स : इसे स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड या कपड़ों में एकीकृत किया जा सकता है जो शरीर की गर्मी से चार्ज हो सकेंगे।
  • स्मार्ट सेंसर और स्वास्थ्य उपकरण: कम ऊर्जा खपत वाले मेडिकल इंप्लांट्स, ग्लूकोज मॉनिटर और त्वचा के अनुकूल सेंसरों में उपयोगी।
  • पर्यावरण निगरानी: परिवेशी तापमान भिन्नता का उपयोग करके डेटा एकत्र करने वाले स्वायत्त सेंसरों के संचालन में।
  • स्मार्ट फोटोडिटेक्टर: प्रकाश और थर्मल दोनों उद्दीपनों (Stimuli) पर प्रतिक्रिया देने वाले उपकरण बनाने में।

शुक्रयान मिशन

  • स्वीडन ISRO के आगामी शुक्रयान मिशन (शुक्र ग्रह अन्वेषण) में शामिल हुआ।

शुक्रयान मिशन :

 

 

  • प्रक्षेपण: 2028 तक
  • प्रक्षेपण यान : भारत के सबसे भारी रॉकेट LVM-3 (Launch Vehicle Mark-3) द्वारा
  • मिशन का प्रकार: ऑर्बिटर मिशन, शुक्र ग्रह की कक्षा में चक्कर लगाकर अध्ययन करेगा।
  • अनुमोदन: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सितंबर 2024 में मंजूरी

मिशन के मुख्य उद्देश्य :

  • वायुमंडल का अध्ययन: शुक्र के घने वायुमंडल, बादलों और वहां मौजूद सल्फ्यूरिक एसिड के बादलों के रहस्यों का पता लगाना।
  • सतह का मानचित्रण: उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) की मदद से शुक्र की सतह और उपसतह की स्थलाकृति का नक्शा तैयार करना।
  • सौर हवाओं से क्रिया: सूर्य से आने वाली सौर हवाओं (Solar Winds) का शुक्र के आयनमंडल पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसकी जांच करना।
  • तकनीकी प्रदर्शन: भारत पहली बार शुक्र के कठिन वातावरण में एयरोब्रेकिंग (Aerobraking) और ताप प्रबंधन तकनीकों का परीक्षण करेगा

SMILE उपग्रह

  • सोलर विंड मैग्नेटोस्फीयर आयनोस्फीयर लिंक एक्सप्लोरर (SMILE) उपग्रह को फ्रेंच गुयाना स्थित यूरोप के स्पेसपोर्ट से वेगा-सी रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।

SMILE मिशन :

 

 

  • संयुक्त मिशन: यह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और चीनी विज्ञान अकादमी (CAS) का
  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य सूर्य की सौर हवाओं (Solar Winds) और पृथ्वी के चुंबकमंडल के बीच होने वाली अंतःक्रियाओं का अध्ययन करना है
  • प्रयुक्त उपकरण: लाइट आयन एनालाइज़र, मैग्नेटोमीटर, सॉफ्ट एक्स-रे इमेजर, अल्ट्रावायलेट ऑरोरा इमेजर।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

PGSA के गठन की आधिकारिक घोषणा

  • ईरान के शीर्ष सुरक्षा निकाय, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलसंधि में समुद्री यातायात और कार्गो संचालन को नियंत्रित करने के लिए फारस की खाड़ी जलसंधि प्राधिकरण PGSA (Persian Gulf Strait Authority) के गठन की आधिकारिक घोषणा की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

होर्मुज जलडमरूमध्य:

  • किन दो जल निकायों को जोड़ता है? फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman)
  • किन देशों के बीच स्थित है? ईरान (उत्तर में) और ओमान/UAE (दक्षिण में)
  • प्रसिद्धि: इसे 'विश्व की तेल लाइफलाइन' कहा जाता है (वैश्विक तेल का ~20% यहीं से गुजरता है)

विश्‍व के अन्य प्रमुख जलडमरूमध्य :

  • मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait): अंडमान सागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ता है (इंडोनेशिया-मलेशिया)
  • पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait): मन्नार की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी को जोड़ता है (भारत-श्रीलंका)
  • जिब्राल्टर जलडमरूमध्य (Strait of Gibraltar): भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर को जोड़ता है (इसे 'भूमध्य सागर की कुंजी' कहते हैं)
  • बाब-अल-मंडेब (Bab-el-Mandeb): लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है (इसे 'आंसुओं का द्वार' कहा जाता है)

अंतर्राष्ट्रीय संस्थान एवं मुख्यालय :

  • UNCLOS: समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (मुख्यालय: किंग्स्टन, जमैका)।
  • CENTCOM: अमेरिकी सैन्य कमान (मुख्यालय: टैम्पा, फ्लोरिडा, USA)

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिनेवा में 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा को संबोधित किया।
  • उन्‍होंने "सभी के लिए स्वास्थ्य" के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत समान, समावेशी और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA 79) :

 

 

  • आयोजन :18 से 23 मई 2026 तक जिनेवा, स्विट्जरलैंड में
  • मुख्य विषय : "वैश्विक स्वास्थ्य को नया आकार देना: एक साझा जिम्मेदारी"
  • इसमें 165 से अधिक देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया
  • आयोजन का उद्देश्य: समावेशी, सशक्त और सतत स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) :

  • प्रकृति: यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष एजेंसी है जो अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार है
  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  • सदस्य: वर्तमान में 194 सदस्य देश हैं
  • कार्य: वैश्विक स्वास्थ्य मामलों पर नेतृत्व प्रदान करना, स्वास्थ्य अनुसंधान के एजेंडे तय करना, मानक निर्धारित करना और साक्ष्य-आधारित नीति विकल्प प्रदान करना
  • भारत और WHO: भारत WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र का सदस्य है और इसका क्षेत्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है
  • विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 10 अक्तूबर को मनाया जाता है

 

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