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PSB ने FY26 में सर्वकालिक उच्च शुद्ध लाभ दर्ज किया

Wed 13 May, 2026

संदर्भ :

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में ₹1.98 लाख करोड़ का सर्वकालिक उच्च शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.1% की वार्षिक वृद्धि (y-o-y) को दर्शाता है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • यह लगातार चौथा वर्ष है जब सरकारी बैंकों ने सामूहिक रूप से मजबूत लाभप्रदता का प्रदर्शन किया है, जो भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के "ट्विन बैलेंस शीट संकट" से पूरी तरह उबरने का संकेत है।
  • कुल कारोबार, मार्च 2026 तक : बढ़कर 283.3 लाख करोड़ रुपये,पिछले वर्ष की तुलना में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि
  • वार्षिक आधार पर कुल जमा राशि : बढ़कर 156.3 लाख करोड़ रुपये, 10.6 प्रतिशत की वृद्धि
  • सकल अग्रिम ऋण राशि में वार्षिक आधार पर वृद्धि : 127 लाख करोड़ रुपये तक, 15.7 प्रतिशत की वृद्धि
  • खुदरा, कृषि और लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के लिए ऋणों में वृद्धि : क्रमशः - 18.1 प्रतिशत, 15.5 प्रतिशत और 18.2 प्रतिशत
  • सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां अनुपात (बैंक के कुल ऋण में से फंसे हुए कर्ज जो उधारकर्ताओं द्वारा नहीं लौटाई गई) : घटकर 1.93 प्रतिशत
  • शुद्ध NPA अनुपात (बैंकिंग क्षेत्र का महत्वपूर्ण वित्तीय संकेतक जो दर्शाता है कि प्रावधान के बाद बैंक के पास कितना वास्तविक फंसा हुआ कर्ज है) : 31 मार्च 2026 तक 0.39 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नए बकाया ऋण में लगातार गिरावट जारी रही, जिससे बकाया अनुपात घटकर 0.7 प्रतिशत हो गया
  • बैंकों का कुल परिचालन लाभ : 3.21 लाख करोड़ रुपये
  • कुल शुद्ध लाभ में वार्षिक आधार पर वृद्धि :11.1 प्रतिशत, ऐतिहासिक रूप से 1.98 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया (लगातार चौथे वर्ष लाभप्रदता)
  • कुल CRAR (पूंजी से जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात) : बढ़कर 16.6 प्रतिशत
  • लागत-से-आय अनुपात : बढ़कर 49.67 प्रतिशत

NPA :

  • NPA का पूर्ण रूप: Non-Performing Asset (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति)
  • NPA की समयावधि नियम: जब किसी ऋण की किस्त या ब्याज 90 दिनों तक बकाया रहती है, तो उसे आधिकारिक तौर पर NPA घोषित किया जाता है।
  • कृषि ऋण के लिए नियम: अल्पकालिक फसलों के लिए 2 फसल सीजन और दीर्घकालिक फसलों के लिए 1 फसल सीजन तक भुगतान न होने पर वह ऋण NPA बनता है।
  • बैड बैंक (Bad Bank) क्या है?: यह एक ऐसा वित्तीय संस्थान है जो बैंकों के डूबे हुए कर्ज (NPA) को खरीदता है ताकि बैंक अपने मुख्य व्यवसाय (ऋण देने) पर ध्यान केंद्रित कर सकें। भारत में आधिकारिक बैड बैंक का नाम NARCL (National Asset Reconstruction Company Limited) है।

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण शब्दावली :

  • CRAR / CAR (Capital Adequacy Ratio): पूंजी पर्याप्तता अनुपात। यह बैंक की जोखिम भारित संपत्ति के मुकाबले उसकी उपलब्ध पूंजी का अनुपात है, जो बैंक को दिवालिया होने से बचाता है।
  • ट्विन बैलेंस शीट संकट (Twin Balance Sheet Problem): भारतीय अर्थव्यवस्था की वह स्थिति जब एक साथ बैंक (NPA के कारण) और निजी कॉर्पोरेट कंपनियां (अत्यधिक कर्ज के कारण) दोनों तनाव में आ जाती हैं।
  • विल्फुल डिफॉल्टर (Wilful Defaulter): वह व्यक्ति या संस्था जिसके पास कर्ज चुकाने का पूरा पैसा होने के बावजूद वह जानबूझकर बैंक का लोन नहीं चुकाता (जैसे- विजय माल्या, नीरव मोदी)

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Banks - PSB) :

  • वे वाणिज्यिक (commercial) बैंक जिनमें 51% या उससे अधिक की बहुमत हिस्सेदारी भारत सरकार या देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पास होती है।
  • ये बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित होते हैं।
  • वर्तमान में भारत में कुल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कार्यरत हैं

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India - SBI) :

  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र
  • विशेष तथ्य: यह बाजार पूंजीकरण और परिसंपत्ति के मामले में भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank - PNB) :

  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • विशेष तथ्य: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का इसमें विलय हुआ था।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda - BoB) :

  • मुख्यालय: वडोदरा, गुजरात
  • विशेष तथ्य: देना बैंक और विजया बैंक का इसमें विलय हुआ।

केनरा बैंक (Canara Bank) :

  • मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक
  • विशेष तथ्य: सिंडिकेट बैंक का इसमें विलय किया गया।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) :

  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र
  • विशेष तथ्य: आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का इसमें विलय हुआ।

इंडियन बैंक (Indian Bank) :

  • मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु
  • विशेष तथ्य: इलाहाबाद बैंक का इसमें विलय हुआ।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India - BoI) :

  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) :

  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र

इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank - IOB) :

  • मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु

यूको बैंक (UCO Bank) :

  • मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल

बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) :

  • मुख्यालय: पुणे, महाराष्ट्र

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) :

  • मुख्यालय: नई दिल्ली

 

भारतीय बैंकिंग प्रणाली से महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

वर्तमान आरबीआई नीतियां और दरें :

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा निर्धारित नवीनतम दरें:

  • रेपो रेट (Repo Rate): 5.25% (वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है)
  • रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate): 3.35% (वह दर जिस पर RBI बैंकों से अतिरिक्त धन जमा लेता है)
  • बैंक रेट (Bank Rate): 5.50% (बिना किसी जमानत/Securities के दीर्घकालिक ऋण की दर)
  • नकद आरक्षित अनुपात (CRR): व्यावसायिक बैंकों को अपनी कुल जमा का एक निश्चित प्रतिशत RBI के पास नकद रखना होता है।
  • वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को अपनी जमा का एक निश्चित हिस्सा खुद के पास सोना, नकद या सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखना अनिवार्य है।

भारतीय बैंकिंग का इतिहास (Historical Facts) :

  • भारत का पहला बैंक: बैंक ऑफ हिंदुस्तान (1770), जो कलकत्ता में स्थापित हुआ था
  • पूर्ण रूप से पहला भारतीय बैंक: पंजाब नेशनल बैंक (PNB - 1894), इसकी स्थापना में लाला लाजपत राय का मुख्य योगदान था
  • प्रेसीडेंसी बैंक: बैंक ऑफ बंगाल (1806), बैंक ऑफ बॉम्बे (1840) और बैंक ऑफ मद्रास (1843)
  • इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया: वर्ष 1921 में तीनों प्रेसीडेंसी बैंकों को मिलाकर इसका गठन किया गया
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI): 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक का राष्ट्रीयकरण कर इसका नाम SBI रखा गया (गोरेवाला समिति की सिफारिश पर)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) :

  • स्थापना: 1 अप्रैल 1935 को हिल्टन यंग कमीशन (Royal Commission) की सिफारिश पर ₹5 करोड़ की अधिकृत पूंजी के साथ हुई।
  • राष्ट्रीयकरण (Nationalisation): 1 जनवरी 1949 को
  • मुख्यालय: प्रारंभ में कलकत्ता में था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया
  • प्रथम गवर्नर: सर ऑसबॉर्न स्मिथ
  • प्रथम भारतीय गवर्नर: सी. डी. देशमुख
  • वर्तमान गवर्नर: संजय मल्होत्रा (यह भारत के वर्तमान केंद्रीय बैंक गवर्नर हैं)

बैंकों का राष्ट्रीयकरण :

  • प्रथम चरण (19 जुलाई 1969): इंदिरा गांधी सरकार द्वारा 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया (जिनकी जमा पूंजी ₹50 करोड़ से अधिक थी)
  • द्वितीय चरण (15 अप्रैल 1980): 6 अन्य निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया (जिनकी जमा पूंजी ₹200 करोड़ से अधिक थी)

डिजिटल बैंकिंग और भुगतान प्रणालियाँ :

  • MICR का पूर्ण रूप: Magnetic Ink Character Recognition (चेक को स्कैन करने के लिए 9 अंकों का कोड)
  • IFSC का पूर्ण रूप: Indian Financial System Code (फंड ट्रांसफर के लिए 11 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड, जिसके पहले 4 अक्षर बैंक के नाम को दर्शाते हैं)
  • NEFT: National Electronic Funds Transfer (दिसंबर 2019 से 24x7 उपलब्ध)
  • RTGS: Real Time Gross Settlement (न्यूनतम ट्रांसफर सीमा ₹2 लाख, बड़ी राशियों के त्वरित ट्रांसफर के लिए)
  • UPI: Unified Payments Interface (इसे NPCI - National Payments Corporation of India द्वारा विकसित किया गया है)

विशेष वित्तीय संस्थान :

संस्थान स्थापना वर्ष मुख्यालय मुख्य कार्य
NABARD 12 जुलाई 1982 मुंबई ग्रामीण और कृषि विकास के लिए शीर्ष बैंक (शिवरामन समिति की सिफारिश पर)
SIDBI 2 अप्रैल 1990 लखनऊ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को वित्तीय सहायता
EXIM Bank 1 जनवरी 1982 मुंबई भारत के आयात और निर्यात (Foreign Trade) को बढ़ावा देना
NHB 9 जुलाई 1988 नई दिल्ली

आवास वित्त (Housing Finance) संस्थानों को विनियमित करना

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