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‘आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS)

Thu 07 May, 2026

संदर्भ :

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS)’ के पांचवें चरण (ECLGS 5.0) को मंजूरी दी।

प्रमुख बिन्‍दु :

  • उद्देश्य : पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति बाधाओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से प्रभावित व्यवसायों को राहत देने के लिए
  • कवरेज का प्रावधान : MSME के लिए 100% और Non-MSME तथा एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90%
  • कुल वित्तीय लक्ष्य: इस चरण के माध्यम से ₹2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है।
  • कार्यान्वयन एजेंसी : नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC)
  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance)

प्रमुख विशेषताएं:

  • पात्र उधारकर्ता : 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा वाले एमएसएमई और Non-MSME तथा बकाया ऋण सुविधाएं रखने वाली शेड्यूल्ड यात्री एयरलाइन्स, बशर्ते उनके खाते मानक हों।
  • गारंटी कवरेज : MSME के लिए 100 प्रतिशत और Non-MSME के साथ-साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत
  • गारंटी शुल्क : शून्य
  • सहायता की मात्रा : वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण (अधिकतम 100 करोड़ रुपये)। एयरलाइंस के लिए 100 प्रतिशत तक (प्रति उधारकर्ता अधिकतम 1,500 करोड़ रुपये, कुछ विशिष्ट शर्तों को पूरा करने के अधीन)

ऋण की अवधि :

  • MSME /Non-MSME (एयरलाइन क्षेत्र को छोड़कर) के लिए : पहले संवितरण की तिथि से 5 वर्ष, जिसमें 1 वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है।
  • एयरलाइन क्षेत्र के लिए : पहले संवितरण की तारीख से 7 वर्ष, जिसमें 2 वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है।
  • गारंटी कवर की अवधि : गारंटी कवर की अधिकतम अवधि ऋण की अवधि के साथ को-टर्मिनस होगी।
  • योजना की अवधि : यह योजना 31 मार्च 2027 तक मंजूर किए गए सभी ऋणों के लिए लागू रहेगी ।

आपातकालीन ऋण रेखा गारंटी योजना (ECLGS) :

  • शुरुआत: मई 2020 (वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय द्वारा), कोविड-19 लॉकडाउन से प्रभावित व्यवसायों को सहायता के लिए
  • उद्देश्य: व्यवसायों को परिचालन देनदारियों (Operational Liabilities) को पूरा करने और काम फिर से शुरू करने के लिए अतिरिक्त कार्यशील पूंजी (Working Capital) प्रदान करना।
  • गारंटी कवरेज: यह योजना सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLIs) को उधारकर्ताओं द्वारा ऋण न चुकाने की स्थिति में 100% गारंटी प्रदान करती है (ECLGS 5.0 में कुछ क्षेत्रों के लिए 90% है)
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इसे नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा संचालित किया जाता है।
  • बिना गारंटी ऋण: इसके तहत लिए गए ऋण के लिए किसी अतिरिक्त संपत्ति या सुरक्षा (Collateral) की आवश्यकता नहीं होती।

आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) के विभिन्न चरण :

ECLGS 1.0:

  • मुख्य प्रावधान: 29 फरवरी, 2020 तक के कुल बकाया ऋण का 20% तक अतिरिक्त ऋण प्रदान किया गया।
  • विशेषता: यह ऋण बिना किसी संपार्श्विक (Collateral-free) के दिया गया।
  • लाभार्थी: इसमें MSME, व्यावसायिक उद्यमों और मुद्रा उधारकर्ताओं को शामिल किया गया, जिनके लिए 100% सरकारी गारंटी सुनिश्चित की गई।

ECLGS 2.0:

  • फोकस: यह चरण मुख्य रूप से कामथ समिति द्वारा चिह्नित 26 संकटग्रस्त क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (Healthcare Sector) पर केंद्रित था।

ECLGS 3.0:

  • विस्तार: इसके तहत आतिथ्य (Hospitality), पर्यटन, और मनोरंजन (Leisure/Travel) जैसे क्षेत्रों को कवर किया गया।
  • ऋण सीमा: इन क्षेत्रों के लिए बकाया ऋण का 40% तक अतिरिक्त ऋण प्रदान करने का प्रावधान किया गया।

ECLGS 4.0:

  • उद्देश्य: कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों (Oxygen Plants) की स्थापना के लिए ऋण देना।
  • सहायता: अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और मेडिकल कॉलेजों को ₹2 करोड़ तक के 100% गारंटी वाले ऋण दिए गए।
  • ब्याज दर: इस ऋण के लिए ब्याज दर की अधिकतम सीमा (Cap) 7.5% निर्धारित की गई थी।

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