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Thu 07 May, 2026

राष्ट्रीय समाचार

100वें N-Gen डाकघर का उद्घाटन

  • केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने शिलांग (NEHU) में भारतीय डाक के 100वें N-Gen डाकघर का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया
  • स्थान: यह 100वाँ डाकघर NEHU (उत्तर पूर्वी पहाड़ी विश्वविद्यालय), शिलांग (मेघालय) में स्थित है
  • विशेषता: यह एक पूर्णतः महिला संचालित (All-women-led) डाकघर है
  • पहल का नाम: N-Gen (Next Generation) डाकघर
  • पहला N-Gen डाकघर: इस श्रृंखला का पहला डाकघर IIT दिल्ली (हौज खास) में खोला गया था।
  • डिजाइन: शिलांग के इस डाकघर को स्थानीय बांस और पुआल (Eco-friendly materials) से बनाया गया है, जो पूर्वोत्तर की संस्कृति को दर्शाता है।
  • उद्देश्य: युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे डिजिटल पार्सल लॉकर, मुफ्त वाई-फाई और क्यूआर कोड आधारित सेवाएं प्रदान करना
  • भारतीय डाक विभाग की स्थापना: 1 अक्टूबर 1854
  • पिन कोड (PIN Code) प्रणाली: 15 अगस्त 1972 को शुरू हुई थी (6 अंकों का कोड)
  • विश्‍व का सबसे ऊँचा डाकघर: हिक्किम (हिमाचल प्रदेश) में स्थित है

N-Gen (Next Generation) डाकघर :

  • भारतीय डाक (India Post) की एक आधुनिक पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक डाकघरों को डिजिटल रूप से सक्षम और युवा-केंद्रित सेवा केंद्रों में बदलना है।
  • ये मुख्य रूप से IIT, IIM और विश्वविद्यालयों जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के भीतर स्थापित किए जा रहे हैं।
  • भारत के पहले N-Gen (या Gen Z-थीम वाले) डाकघर का उद्घाटन IIT दिल्ली (हौज खास) परिसर में किया गया था

'JANANI' पोर्टल का शुभारंभ

  • केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'JANANI' पोर्टल का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • JANANI पोर्टल का शुभारंभ
  • किसने किया/मंत्रालय : केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW)
  • उद्देश्‍य : देश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना
  • JANANI का पूरा नाम : प्रसव के पहले और बाद तथा नवजात शिशु एकीकृत देखभाल पहल
  • लॉन्च तिथि: 7 मई, 2026
  • किसका स्थान लिया: RCH पोर्टल (Reproductive and Child Health) का उन्नत संस्करण
  • प्रमुख तकनीक: QR-कोड आधारित डिजिटल 'मां और बच्चा स्वास्थ्य' (MCH) कार्ड पेश किया गया है
  • एकीकरण :U-WIN (टीकाकरण के लिए) और POSHAN ट्रैकर को
  • लाभार्थी: 15-49 वर्ष की महिलाएं और उनके बच्चे
  • पंजीकरण: अब तक इस मंच पर 1.34 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है।

'स्वस्थ भारत पोर्टल' का शुभारंभ

  • केन्‍द्र सरकार ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एकीकृत करने के लिए 'स्वस्थ भारत पोर्टल' का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: 'वन स्टॉप सॉल्यूशन' के रूप में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक मंच पर लाना
  • शुभारंभ : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा
  • ABHA का पूर्ण रूप : आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (Ayushman Bharat Health Account)। यह पोर्टल इसी ID से जुड़ा है।
  • प्राथमिक लाभार्थी: इस पोर्टल का सबसे अधिक लाभ आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं और ANMs को मिलेगा, क्योंकि उन्हें अब अलग-अलग ऐप पर डेटा नहीं भरना होगा
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस: 7 अप्रैल को मनाया जाता है

राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान के समान दर्जा

  • केंद्रीय कैबिनेट ने 'वंदे मातरम' को 'जन गण मन' के समान कानूनी दर्जा और सुरक्षा देने के लिए 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन को मंजूरी दी।
  • अब वंदे मातरम का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • यह निर्णय वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष (1875-2025/26) पूरे होने के उपलक्ष्य में लिया गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

नया प्रोटोकॉल (MHA Guidelines):

  • सरकारी कार्यक्रमों में अब गीत के सभी 6 अंतरे (stanzas) गाए जाएंगे।
  • इसकी कुल गायन अवधि 3 मिनट 10 सेकंड (190 सेकंड) तय की गई है।
  • गायन के समय सावधान (Attention) की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' :

  • रचयिता: बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय (चटर्जी)
  • रचना का समय: उन्होंने इसकी रचना 7 नवंबर, 1875 को की थी
  • स्रोत: यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'आनन्दमठ' (1882) में शामिल है
  • भाषा: यह संस्कृत और बांग्ला का मिश्रण है
  • अंगीकरण (Adoption): 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने इसे 'राष्ट्रीय गीत' के रूप में स्वीकार किया। इसे 'जन-गण-मन' (राष्ट्रगान) के समान दर्जा प्राप्त है।
  • प्रथम गायन: इसे पहली बार 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था।
  • स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक: यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों और आम जनता के लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत बना।
  • आंदोलनों में भूमिका: 1905 के स्वदेशी आंदोलन और बंग-भंग विरोधी आंदोलन के समय यह एक प्रमुख नारा बन गया था।
  • अंग्रेजी अनुवाद: इसका प्रथम अंग्रेजी अनुवाद श्री अरविंद (Aurobindo Ghose) द्वारा किया गया था।
  • प्रथम गायन: 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के कलकत्ता अधिवेशन में रबिंद्रनाथ टैगोर द्वारा पहली बार गाया गया।

राष्ट्रगान :

  • रचयिता: रबिंद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore)
  • मूल भाषा: यह मूल रूप से बंगाली (साधु भाषा) में लिखा गया था
  • प्रथम गायन: इसे पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था
  • तत्वबोधिनी पत्रिका: 1912 में यह गीत 'तत्वबोधिनी' पत्रिका में 'भारत भाग्य विधाता' शीर्षक से प्रकाशित हुआ था

आधिकारिक दर्जा (Official Adoption) :

  • संविधान सभा द्वारा स्वीकृति: इसे 24 जनवरी, 1950 को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया।
  • अंग्रेजी अनुवाद: 1919 में रबिंद्रनाथ टैगोर ने स्वयं इसका अंग्रेजी अनुवाद 'Morning Song of India' नाम से किया था।

गायन के नियम और अवधि (Protocols) :

  • पूर्ण अवधि (Full Version): पूरे राष्ट्रगान को गाने में 52 सेकंड का समय लगता है।
  • संक्षिप्त अवधि (Short Version): कुछ विशेष अवसरों पर इसकी पहली और अंतिम पंक्तियाँ गाई जाती हैं, जिसमें 20 सेकंड का समय लगता है।
  • आचरण: राष्ट्रगान बजते समय सावधान (Attention) की मुद्रा में खड़े होना अनिवार्य है।
  • संगीत की धुन: राष्ट्रगान की वर्तमान धुन (Orchestra version) को तैयार करने का श्रेय कैप्टन राम सिंह ठाकुर (INA के सिपाही) को भी दिया जाता है।
  • विदेशी राष्ट्रगान: रबिंद्रनाथ टैगोर दुनिया के एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो देशों ने अपना राष्ट्रगान बनाया (भारत - जन गण मन, बांग्लादेश - आमार सोनार बांग्ला)।
  • कानूनी सुरक्षा: राष्ट्रगान का जानबूझकर अपमान करने या बाधा डालने पर 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' के तहत दंड का प्रावधान है।
  • मौलिक कर्तव्य: संविधान के अनुच्छेद 51A (a) के अनुसार, राष्ट्रगान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है
  • कानूनी संरक्षण: राष्ट्रगान के अपमान को रोकने के लिए 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) प्रभावी है
  • आचार संहिता (Code of Conduct): जब भी राष्ट्रगान गाया या बजाया जाए, सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य है (जब तक कि वह किसी फिल्म या न्यूज़रील का हिस्सा न हो)

वाडिनार में जहाज मरम्मत केंद्र के विकास को मंजूरी

  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुजरात के वाडिनार में एक अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र के विकास को मंजूरी प्रदान की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य:

  • निवेश: इस परियोजना पर कुल ₹1,570 करोड़ की लागत आएगी।
  • कार्यान्वयन: इसे दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जाएगा।
  • सुविधाएं: यह एक ब्राउनफील्ड परियोजना होगी, जिसमें 650 मीटर की जेटी (jetty), दो बड़े फ्लोटिंग ड्राई डॉक और कार्यशालाएं शामिल होंगी।
  • क्षमता: यह केंद्र 300 मीटर तक लंबे बड़े जहाजों की मरम्मत करने में सक्षम होगा।
  • रणनीतिक स्थिति: यह कांडला (दीनदयाल पोर्ट) और मुंद्रा पोर्ट जैसे प्रमुख बंदरगाहों के निकट है।
  • 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' (MIV 2030) का लक्ष्य भारत को वैश्विक जहाज निर्माण और मरम्मत क्षेत्र में शीर्ष 10 देशों में शामिल करना है।
  • इस विजन के तहत, भारत का उद्देश्य जहाज निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 2030 तक वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों में अपनी जगह बनाना है, जो आगे चलकर 2047 तक शीर्ष 5 में पहुंचने की महत्वाकांक्षा रखता है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप

  • बांग्लादेश वर्तमान में खसरे (Measles) के एक विनाशकारी प्रकोप का सामना कर रहा है, जो 2026 की शुरुआत से तेजी से फैल रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य:

प्रकोप की वर्तमान स्थिति :

  • मृत्यु और संक्रमण: मई 2026 की शुरुआत तक, देश में 300 के करीब मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश छोटे बच्चे हैं। संदिग्ध मामलों की संख्या 45,000 के पार पहुंच गई है।
  • प्रभावित क्षेत्र: यह महामारी बांग्लादेश के 64 में से 58 जिलों (लगभग 91%) में फैल चुकी है। राजधानी ढाका सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
  • स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव: अस्पतालों में बिस्तरों और ऑक्सीजन की भारी कमी है, जिससे कई बच्चों का इलाज फर्श पर करने की नौबत आ गई है।

खसरा (Measles):

  • यह एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है।
  • वायरस का नाम: 'पैरामिक्सोवायरस' (Paramyxovirus) परिवार के मोर्बिलीवायरस (Morbillivirus) के कारण होता है।
  • संक्रमण का तरीका: यह हवा के माध्यम से (Airborne) फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो बूंदों (droplets) के जरिए यह दूसरे तक पहुँचता है। यह इतना संक्रामक है कि संक्रमित व्यक्ति के कमरे से चले जाने के 2 घंटे बाद तक वायरस हवा में जीवित रह सकता है।

मुख्य लक्षण (Symptoms):

  • तेज बुखार, खांसी, बहती नाक और आंखों का लाल होना।
  • कोप्लिक स्पॉट्स (Koplik's spots): गाल के अंदरूनी हिस्से में सफेद छोटे धब्बे (यह खसरे का विशिष्ट लक्षण है)।
  • चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैलने वाले लाल चकत्ते (Rashes)।

बचाव और उपचार (Prevention & Treatment):

  • टीकाकरण (Vaccination): इसके बचाव के लिए MMR (Measles, Mumps, and Rubella) या MR वैक्सीन दी जाती है।
  • विटामिन-ए (Vitamin A) की खुराक खसरे के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करने में सहायक होती है।
  • भारत ने 'राष्ट्रीय शून्य खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान 2025-26' के तहत 2026 के अंत तक खसरा और रूबेला को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
  • खसरा प्रतिरक्षण दिवस : 16 मार्च
  • नोट : 16 मार्च को भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Vaccination Day) के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1995 में देश में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई थी।
  • विश्व टीकाकरण सप्ताह (World Immunization Week): यह अप्रैल के अंतिम सप्ताह (24-30 अप्रैल) में मनाया जाता है, जिसके दौरान खसरे सहित सभी निवारक रोगों के टीकाकरण पर जोर दिया जाता है।

भारत और जापान के बीच क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में समझौता

  • भारत और जापान ने मई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित द्विपक्षीय बैठकों के दौरान स्वास्थ्य अनुसंधान और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य:

  • क्वांटम टेक्नोलॉजी: भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और जापान के कैबिनेट कार्यालय के बीच 'आशय पत्र' (Letter of Intent - LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • स्वास्थ्य अनुसंधान: जापान चिकित्सा अनुसंधान एवं विकास एजेंसी (AMED), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और भारत के DST के बीच 'सहयोग ज्ञापन' (MoC) का आदान-प्रदान हुआ।
  • राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: इन समझौतों के तहत भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन में जापानी संस्थानों को जोड़ने पर चर्चा हुई।
  • प्रमुख हस्तियां: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री किमी ओनोडा ने इन बैठकों का नेतृत्व किया।
  • कूटनीतिक संबंध: भारत और जापान के बीच आधिकारिक संबंध 1952 में स्थापित हुए।
  • JIMEX: भारत और जापान के बीच होने वाला द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास।
  • Dharma Guardian (धर्म गार्जियन): दोनों देशों की थल सेनाओं के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास।
  • Veer Guardian (वीर गार्जियन): दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच का संयुक्त अभ्यास।
  • Malabar (मालाबार): यह एक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है जिसमें भारत और जापान के साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं।
  • MAHSR (मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल): भारत की पहली 'बुलेट ट्रेन' परियोजना, जिसे जापानी सहायता से विकसित किया जा रहा है।
  • DMIC (दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर): जापान द्वारा समर्थित एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना।
  • FDI स्रोत: जापान भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का 5वां सबसे बड़ा स्रोत है।
  • निवेश लक्ष्य: जापान ने अगले 5 वर्षों (2022-2027) में भारत में 5 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश का लक्ष्य रखा है。
  • क्वांटम सहयोग: सिंगापुर के बाद जापान के साथ क्वांटम तकनीक पर समझौता करने वाला भारत दूसरा एशियाई देश बना है।

नियुक्तियां

शशि शेखर वेम्पति

  • केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।
  • वेम्पति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए इस पद पर रहेंगे।
  • उन्होंने प्रसून जोशी का स्थान लिया है, जिन्हें अब प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • वे 2017 से 2022 तक प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रह चुके हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

नई नियुक्तियाँ (Current Affairs) :

  • CBFC के नए अध्यक्ष: शशि शेखर वेम्पति (मई 2026 में नियुक्त)
  • किसका स्थान लिया: प्रसून जोशी का
  • प्रसून जोशी की नई भूमिका: वे अब प्रसार भारती के अध्यक्ष बनाए गए हैं
  • पिछला अनुभव: शशि शेखर वेम्पति 2017-2022 तक प्रसार भारती के CEO रह चुके हैं

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) :

  • स्थापना: 15 जनवरी 1951 (मुख्यालय: मुंबई)
  • मंत्रालय: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting)
  • प्रकृति: यह एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है।
  • अधिनियम: सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत कार्य करता है
  • क्षेत्रीय कार्यालय: भारत में कुल 9 क्षेत्रीय कार्यालय हैं (मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम, दिल्ली, कटक और गुवाहाटी)

फिल्म प्रमाणन श्रेणियाँ (Certificates) :

  • U (Unrestricted): बिना किसी प्रतिबंध के, सभी आयु वर्ग के लिए
  • U/A (Unrestricted with Caution): 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता के मार्गदर्शन की आवश्यकता
  • A (Adults Only): केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए
  • S (Specialised): केवल विशेष व्यवसायों या वर्गों (जैसे डॉक्टर या वैज्ञानिक) के लिए

प्रसार भारती (Prasar Bharati)

  • गठन: 23 नवंबर 1997।
  • घटक: इसके दो मुख्य अंग हैं— आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन (DD)
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण समाचार

'इकोसाइड' को पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय अपराध के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव

  • पर्यावरण कार्यकर्ताओं और कई देशों (जैसे वानुअतु, फिजी और समोआ) ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के संस्थापक दस्तावेज़, रोम संविधि (Rome Statute) में संशोधन करके 'इकोसाइड' (Ecocide) को पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय अपराध के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

इकोसाइड क्या है?

  • 'स्टॉप इकोसाइड इंटरनेशनल' द्वारा गठित विशेषज्ञ पैनल (2021) के अनुसार, "इकोसाइड का अर्थ ऐसे गैर-कानूनी या लापरवाह कृत्य हैं, जो इस जानकारी के साथ किए जाते हैं कि उनसे पर्यावरण को गंभीर (Severe), व्यापक (Widespread) या दीर्घकालिक (Long-term) क्षति होने की प्रबल संभावना है।"
  • उत्पत्ति: इस शब्द को 1970 में अमेरिकी जीवविज्ञानी आर्थर गैल्स्टन ने गढ़ा था, जब उन्होंने वियतनाम युद्ध के दौरान 'एजेंट ऑरेंज' (Agent Orange) के उपयोग से हुए विनाश को देखा था।
  • रोम संविधि (Rome Statute): यह वह अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसके द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना 1998 में हुई और यह 2002 से प्रभावी हुआ।
  • ICC का मुख्यालय: हेग (The Hague), नीदरलैंड
  • इकोसाइड शब्द का जनक: इस शब्द को सबसे पहले आर्थर गैल्स्टन (Arthur Galston) ने 1970 में गढ़ा था।
  • प्रस्तावित 5वां अपराध: वर्तमान में ICC के पास 4 प्रमुख अपराधों (Genocide, War Crimes, Crimes Against Humanity, Aggression) पर अधिकार क्षेत्र है। 'इकोसाइड' को 5वें अपराध के रूप में जोड़ने का प्रस्ताव है।
  • प्रस्ताव देने वाले देश: हाल ही में वानुअतु (Vanuatu), फिजी और समोआ जैसे छोटे द्वीप देशों ने इसे शामिल करने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है।
  • कानून बनाने वाला पहला देश: वियतनाम (1990) दुनिया का पहला देश था जिसने 'इकोसाइड' को अपने राष्ट्रीय कानून में अपराध के रूप में शामिल किया।
  • यूरोपीय संघ का रुख: मार्च 2024 में, यूरोपीय संघ (EU) ने अपने पर्यावरण अपराध निर्देश (Environmental Crime Directive) को अपडेट किया है, जो 'इकोसाइड' के समान अपराधों को दंडित करने वाला पहला क्षेत्रीय संगठन बन गया है।
  • भारत और ICC: भारत रोम संविधि का हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) नहीं है।

ANEEL ईंधन परीक्षण सफल

  • क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (CCTE) ने इडाहो नेशनल लेबोरेटरी (INL) के एडवांस्ड टेस्ट रिएक्टर (ATR) में अपने पेटेंट प्राप्त 'ANEEL' ईंधन के लिए 60 GWd/MTU से अधिक का उच्च-बर्नअप विकिरण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

ANEEL ईंधन क्या है? :

  • यह थोरियम (Thorium) और लो-एनरिच्ड यूरेनियम (HALEU) का एक पेटेंट मिश्रण है। इसे विशेष रूप से मौजूदा CANDU (Canada Deuterium Uranium) रिएक्टरों और अन्य PHWR (Pressurized Heavy Water Reactors) में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • ANEEL: Advanced Nuclear Energy for Enriched Life.
  • नामकरण: इसका नाम भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर के सम्मान में रखा गया है
  • यह थोरियम (Thorium) और HALEU (High Assay Low Enriched Uranium) का मिश्रण है.
  • HALEU क्या है? इसमें यूरेनियम-235 की सांद्रता 5% से 20% के बीच होती है
  • परीक्षण स्थल: इदाहो नेशनल लेबोरेटरी (Idaho National Laboratory - INL), अमेरिका.
  • रिकॉर्ड बर्नअप: इसने 60 GWd/MTU (Gigawatt-days per metric ton of heavy metal) से अधिक का बर्नअप हासिल किया है, जो पारंपरिक रिएक्टरों की तुलना में लगभग 8 गुना अधिक है.
  • प्रभाव: हाई-बर्नअप का मतलब है कि समान मात्रा में ईंधन से अधिक ऊर्जा मिलेगी और परमाणु कचरा कम होगा
  • थोरियम भंडार: भारत के पास दुनिया का लगभग 25% थोरियम भंडार (मुख्यतः केरल की मोनोजाइट रेत में) है.
  • रिएक्टर अनुकूलता: ANEEL ईंधन को भारत के मौजूदा PHWR (Pressurised Heavy Water Reactors) में बिना किसी बड़े बदलाव के इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • साझेदारी: भारत की महारत्न कंपनी NTPC Limited ने CCTE के साथ इस ईंधन के विकास के लिए रणनीतिक समझौता किया है

दुर्लभ कैराकल प्रजाति

  • भारत-पाकिस्तान सीमा के पास थार के रेगिस्तान में दुर्लभ कैराकल (सियाह-गोश) प्रजाति देखी गई।
  • यह अत्यंत मायावी मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है, जिसे भारत में स्थानीय रूप से 'पड़ंग' और फारसी में 'सियाह-गोश' (काले कान वाला) कहा जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्थानीय नाम: इसे राजस्थान में 'पड़ंग' और ऐतिहासिक रूप से 'सियाह-गोश' (Siyah-gosh) कहा जाता है।
  • प्रमुख क्षेत्र: भारत में यह मुख्य रूप से राजस्थान (रणथंभौर और जैसलमेर) और गुजरात (कच्छ का रण) में पाया जाता है।
  • शारीरिक विशेषता: इसके कानों के ऊपर काले बालों के गुच्छे (Tufts) होते हैं। यह अपनी लंबी छलांग के लिए प्रसिद्ध है और हवा में उड़ते पक्षियों को पकड़ सकता है।
  • मध्यकालीन इतिहास: यह एसएससी का एक पसंदीदा प्रश्न हो सकता है—मध्यकाल में फिरोज शाह तुगलक और अकबर जैसे शासकों के पास शिकार के लिए प्रशिक्षित कैराकल हुआ करते थे।

संरक्षण स्थिति (Conservation Status):

  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: इसे अनुसूची I के तहत उच्चतम कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
  • IUCN रेड लिस्ट: वैश्विक स्तर पर 'लीस्ट कंसर्न' (Least Concern) है, लेकिन भारत में इसे 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' (Critically Endangered) की श्रेणी में रखा गया है।
  • CITES: इसकी एशियाई आबादी परिशिष्ट I (Appendix I) में सूचीबद्ध है
  • संरक्षण प्रयास: भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने इसके संरक्षण के लिए जैसलमेर में रेडियो-कॉलरिंग और कैमरा ट्रैप की मदद से निगरानी शुरू की है। मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए 'बकरी बैंक' (Goat Bank) मॉडल भी प्रस्तावित किया गया है。

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे के विकास के लिए निवेश

  • एप्पल ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल निवेश राशि: ₹100 करोड़ (शुरुआती निवेश)
  • साझेदार कंपनी: क्लीनमैक्स (CleanMax) - एक प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर
  • कुल ऊर्जा क्षमता: 150 मेगावाट (MW) से अधिक नई नवीकरणीय ऊर्जा
  • लाभार्थी: यह ऊर्जा सालाना लगभग 1.5 लाख भारतीय घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त होगी
  • लक्ष्य वर्ष (Apple 2030): एप्पल का लक्ष्य 2030 तक अपनी पूरी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और उत्पाद जीवनचक्र में कार्बन न्यूट्रल बनना है।

पर्यावरण और स्टार्टअप पहल :

  • प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: एप्पल ने WWF-India के साथ साझेदारी की है।
  • विस्तार क्षेत्र: गोवा के बाद अब कोयंबटूर में भी अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
  • ग्रीन स्टार्टअप सपोर्ट: एप्पल ने क्लीनमैक्स के साथ मिलकर 6 शुरुआती चरणों के ग्रीन स्टार्टअप्स को अनुदान (Grants) देने की घोषणा की है।

एप्पल :

  • एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो अपने प्रीमियम उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सेवाओं के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
  • स्थापना: 1 अप्रैल, 1976 (कैलिफोर्निया, अमेरिका)।
  • संस्थापक: स्टीव जॉब्स, स्टीव वोजनियाक और रोनाल्ड वेन।
  • मुख्यालय: एप्पल पार्क, क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया (USA)।
  • वर्तमान CEO: टिम कुक, जॉन टेर्नस (John Ternus) को अगला CEO नामित किया गया है, जो सितंबर 2026 से कार्यभार संभालेंगे

भारत और वियतनाम का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य

  • भारत और वियतनाम ने वर्ष 2030 तक 25 अरब डॉलर का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रमुख व्यक्तित्व: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम (To Lam)
  • संबंधों का नया स्तर: द्विपक्षीय संबंधों को 'उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Enhanced Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाया गया है

व्यापार और आर्थिक तथ्य :

  • 2030 का लक्ष्य: वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य 25 अरब डॉलर निर्धारित किया गया है。
  • वर्तमान व्यापार: वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर को पार कर चुका है。
  • कृषि व्यापार: भारत से अंगूर और अनार का निर्यात वियतनाम को होगा, जबकि वियतनाम से पोमेलो (चकोतरा) और ड्यूरियन भारत आएंगे।
  • डिजिटल भुगतान: भारतीय RBI और वियतनाम के State Bank of Vietnam के बीच QR कोड-आधारित भुगतान (UPI जैसा सिस्टम) के लिए समझौता हुआ है

रक्षा और रणनीतिक तथ्य :

  • समझौता ज्ञापन (MoUs): इस यात्रा के दौरान कुल 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए。
  • IPOI: वियतनाम आधिकारिक तौर पर भारत की 'इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव' (Indo-Pacific Oceans Initiative) में शामिल हो गया है。
  • दुर्लभ खनिज: दोनों देशों ने रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया है。
  • सांस्कृतिक सहयोग: मुंबई और वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी (Ho Chi Minh City) के बीच शहरी प्रबंधन और सहयोग के लिए सिस्टर-सिटी जैसा समझौता हुआ है

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि :

  • राजनयिक संबंध: भारत और वियतनाम ने 1972 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए थे。
  • रणनीतिक साझेदारी: 2007 में 'रणनीतिक साझेदारी' और 2016 में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) बनी थी。
  • एक्ट ईस्ट पॉलिसी: वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है

भारत की पहली स्पेस-टेक यूनिकॉर्न

  • हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली स्पेस-टेक यूनिकॉर्न बन गई है।
  • कंपनी ने लगभग $60 मिलियन की नई फंडिंग के साथ $1.1 बिलियन (करीब ₹9,200 करोड़) का मूल्यांकन हासिल किया है।

स्काईरूट एयरोस्पेस :

  • संस्थापक (Founders): इसकी स्थापना 2018 में पूर्व ISRO वैज्ञानिकों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने की थी।
  • मुख्यालय (Headquarters): स्काईरूट का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है।
  • विक्रम-S (Vikram-S): यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित रॉकेट था, जिसे 18 नवंबर 2022 को लॉन्च किया गया था।
  • मिशन 'प्रारंभ' (Mission Prarambh): स्काईरूट के पहले रॉकेट लॉन्च के मिशन का नाम 'प्रारंभ' रखा गया था।
  • विक्रम सीरीज: स्काईरूट के रॉकेटों का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है।
  • रॉकेट इंजन 'धवन-1' (Dhawan-1): स्काईरूट ने भारत का पहला निजी क्रायोजेनिक इंजन विकसित किया है, जिसका नाम महान वैज्ञानिक सतीश धवन के नाम पर रखा गया है। यह इंजन 3D-प्रिंटेड है।
  • लॉन्चिंग पैड: स्काईरूट ने अपना निजी लॉन्च पैड और मिशन कंट्रोल सेंटर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा में स्थापित किया है।
  • नियामक संस्था: निजी कंपनियों के स्पेस मिशन को IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र) द्वारा मंजूरी दी जाती है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

विश्व एथलेटिक्स दिवस

  • युवाओं को एथलेटिक्स और खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने, फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने और खेलों में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 7 मई को विश्व एथलेटिक्स दिवस मनाया जाता है।
  • इसकी शुरुआत 1996 में 'इंटरनेशनल एमेच्योर एथलेटिक फेडरेशन' (अब World Athletics) के पूर्व अध्यक्ष प्रिमो नेबियोलो द्वारा की गई थी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

विश्व एथलेटिक्स (World Athletics) :

  • स्थापना वर्ष: 17 जुलाई, 1912 (स्टॉकहोम, स्वीडन)
  • मुख्यालय (Headquarters): मोनाको (Monaco) – यह कई बार पूछा गया है
  • वर्तमान अध्यक्ष: सेबेस्टियन कोए (Sebastian Coe)
  • पुराना नाम: IAAF (International Association of Athletics Federations)

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) :

  • स्थापना: 1946
  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • महत्वपूर्ण दिवस: भारत में 7 अगस्त को 'राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस' (National Javelin Day) के रूप में मनाया जाता है (नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक की याद में)

प्रमुख स्टेडियम और दूरी :

  • मैराथन की आधिकारिक दूरी: 42.195 किलोमीटर (या 26 मील 385 गज)।
  • मानक ट्रैक (Standard Track): एक मानक आउटडोर रनिंग ट्रैक 400 मीटर का होता है।

BRO का स्थापना दिवस

  • सीमा सड़क संगठन (BRO) का स्थापना दिवस हर साल 7 मई को मनाया जाता है।
  • इसकी स्थापना 7 मई 1960 को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और सुरक्षा के लिए की गई थी।
  • यह रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और दुर्गम क्षेत्रों में सड़कें व पुल बनाकर देश की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करता है।

सीमा सड़क संगठन (BRO) :

  • स्थापना: 7 मई, 1960 को की गई थी।
  • मुख्यालय: नई दिल्ली।
  • मंत्रालय: यह रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है (2015 से पूर्णतः)।
  • आदर्श वाक्य (Motto): 'श्रमेण सर्वम् साध्यम्' (परिश्रम से सब कुछ संभव है)।
  • प्रथम परियोजनाएँ: शुरुआत में केवल दो परियोजनाएँ थीं—पूर्व में 'प्रोजेक्ट टस्कर' (अब वर्तक) और उत्तर में 'प्रोजेक्ट बीकन'

 

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