राष्ट्रीय समाचार
वेव्स डॉक बाज़ार का दूसरा संस्करण

- वेव्स डॉक बाज़ार (WAVES Doc Bazaar) का दूसरा संस्करण 16 से 18 जून, 2026 तक मुंबई के एन.एफ.डी.सी. (NFDC) परिसर में आयोजित किया जाएगा।
- यह आयोजन 19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) के साथ आयोजित हो रहा है, जो 15 से 21 जून 2026 तक चलेगा।
सम्बन्धित तथ्य :
- आयोजन: वेव्स डॉक बाज़ार (WAVES Doc Bazaar) का दूसरा संस्करण
- तिथियाँ: यह बाज़ार 16 से 18 जून, 2026 तक चलेगा
- संबंधित महोत्सव: यह 19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) का हिस्सा है, जो 15 से 21 जून 2026 तक आयोजित होगा
- स्थान: NFDC परिसर, मुंबई
- अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) :
- स्थापना: MIFF की शुरुआत 1990 में हुई थी
- महत्व: यह दक्षिण एशिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा गैर-फीचर (वृत्तचित्र, लघु कथा और एनीमेशन) फिल्म महोत्सव है
- अंतराल: यह एक द्विवार्षिक (Biennial) आयोजन है, यानी हर दो साल में एक बार होता है
- आयोजक: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC)
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6 राज्यों के 19 ज़िलों को कवर करने वाली रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे की 23,437 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।
परियोजनाओं का मुख्य विवरण :
- कुल लागत: लगभग ₹23,437 करोड़
- कुल लंबाई: इन तीनों परियोजनाओं को मिलाकर लगभग 901 किमी नया ट्रैक बिछाया जाएगा
- कवर किए गए राज्य (6): उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
- कवर किए गए जिले: कुल 19 जिले
- सबसे बड़ी परियोजना: नागदा-मथुरा मार्ग (568 किमी) पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण
- प्रमुख रेलवे कॉरिडोर: ये परियोजनाएं दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई और नई दिल्ली-गुवाहाटी जैसे व्यस्त रूटों की क्षमता बढ़ाएंगी
- मिशन: यह 'पीएम गति शक्ति' (PM Gati Shakti) नेशनल मास्टर प्लान का हिस्सा है
- पर्यावरण लक्ष्य: तेल आयात में 37 करोड़ लीटर की बचत और 185 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी।
- डेडलाइन: इन प्रोजेक्ट्स को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है
- प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 4,161 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 83 लाख है।
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ब्रिक्स 2026 : दूसरा रोज़गार कार्य समूह सम्मेलन

- भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत रोजगार कार्य समूह की दूसरी बैठक का आयोजन केरल के तिरुवनंतपुरम में किया जा रहा है।
सम्बन्धित तथ्य :
- आयोजन स्थल: तिरुवनंतपुरम, केरल (6-7 मई 2026)
- अध्यक्षता: भारत (श्रम और रोजगार मंत्रालय)
- चार प्राथमिकता वाले क्षेत्र (SSC के लिए महत्वपूर्ण):
- सामाजिक सुरक्षा और श्रम बाजारों का औपचारिकीकरण
- कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी और समावेश
- कौशल मानचित्रण (Skills Mapping) और विकास
- डिजिटल प्रौद्योगिकियों (Gig & Platform workers) का लाभ उठाना
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदार: अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA)
ब्रिक्स (BRICS) :
- विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है
- पूरा नाम: ब्रिक्स का मतलब Brazil (ब्राजील), Russia (रूस), India (भारत), China (चीन) और South Africa (दक्षिण अफ्रीका) है
- संकल्पना: 'BRIC' शब्द पहली बार 2001 में ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील द्वारा दिया गया था
- प्रथम औपचारिक बैठक: विदेश मंत्रियों की पहली बैठक सितंबर 2006 में न्यूयॉर्क में हुई थी
- प्रथम शिखर सम्मेलन: 16 जून, 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ था
- दक्षिण अफ्रीका का शामिल होना: दक्षिण अफ्रीका 2010 में इस समूह का हिस्सा बना, जिसके बाद इसका नाम BRIC से BRICS हो गया
- सदस्य देश: वर्तमान में इसके 10 मुख्य सदस्य हैं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE))
- न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): इसे 'ब्रिक्स बैंक' भी कहा जाता है। इसकी स्थापना जुलाई 2014 में (फोर्टालेज़ा सम्मेलन के दौरान) हुई थी
- NDB मुख्यालय: शंघाई, चीन
- आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था (CRA): वैश्विक तरलता संकट से निपटने के लिए बनाया गया एक ढांचा
- ब्रिक्स विश्व की 45% जनसंख्या तथा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 37.3% हिस्सा रखता है, जो यूरोपीय संघ के 14.5% और G7 के 29.3% से अधिक है।
- ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ब्रिक्स में शामिल होने के साथ ब्रिक्स अब वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन का लगभग 44% हिस्सा रखता है
शिखर सम्मेलन और अध्यक्षता :
- 16वां शिखर सम्मेलन (2024): कज़ान, रूस
- 17वां शिखर सम्मेलन (2025): ब्राजील
- 18वां शिखर सम्मेलन (2026): भारत,1 जनवरी 2026 से
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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी :

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 5 मई 2026 को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात में दो नई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- लगभग 3,936 करोड़ रुपये के निवेश से क्रिस्टल मैट्रिक्स (Mini/Micro-LED) और सुची सेमीकॉन (OSAT) इकाइयां लगेंगी, जिससे 2,230 कुशल रोजगार पैदा होंगे और भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
- परियोजना 1 (क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड - धोलेरा, गुजरात): लगभग ₹3,068 करोड़ की लागत से कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और ATMP सुविधा। यह देश की पहली व्यावसायिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले यूनिट होगी, जो गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक का उपयोग करेगी।
- परियोजना 2 (सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड - सूरत, गुजरात): लगभग ₹868 करोड़ की लागत से आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) सुविधा। यह डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर का निर्माण करेगी।
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चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने चीनी सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- आधार मूल्य: ₹365 प्रति क्विंटल, जो 10.25% की बुनियादी रिकवरी दर पर आधारित है।
- प्रीमियम: रिकवरी दर में 10.25% से ऊपर प्रत्येक 0.1% की वृद्धि के लिए ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम दिया जाएगा।
- न्यूनतम सुरक्षा (Floor Price): रिकवरी दर 9.5% से कम होने पर भी कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को ₹338.30 प्रति क्विंटल का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित किया गया है।
- उत्पादन लागत पर लाभ: यह मूल्य उत्पादन लागत (₹182/क्विंटल) से 100.5% अधिक है।
- वृद्धि: यह पिछले सीजन (2025-26) के ₹355 प्रति क्विंटल के मुकाबले 2.81% (या ₹10) अधिक है।
- निर्धारण प्रक्रिया: गन्ने का FRP कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय किया जाता है।
- कानूनी ढांचा: यह 'गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966' के तहत वैधानिक रूप से अनिवार्य है।
- लाभार्थी: इस निर्णय से लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिवारों के साथ-साथ चीनी मिलों में काम करने वाले लगभग 5 लाख श्रमिकों को लाभ होगा।
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आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) के पांचवें चरण (ECLGS 5.0) को मंजूरी

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) के पांचवें चरण (ECLGS 5.0) को मंजूरी दी।
- इस योजना के अंतर्गत, सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सौ प्रतिशत ऋण गारंटी प्रदान की जाएगी, जबकि गैर-सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और एयरलाइन क्षेत्र को 90 प्रतिशत गारंटी दी जाएगी।
सम्बन्धित तथ्य :
- द्देश्य: पश्चिम एशिया संकट के बीच एमएसएमई (MSME) और एयरलाइन क्षेत्र को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना।
- कुल लक्ष्य: इस चरण के माध्यम से कुल ₹2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से ₹5,000 करोड़ विशेष रूप से एयरलाइन क्षेत्र के लिए आवंटित हैं।
गारंटी कवरेज:
- MSMEs के लिए: 100% गारंटी कवरेज।
- गैर-MSMEs और एयरलाइन क्षेत्र के लिए: 90% गारंटी कवरेज।
- पात्रता: वे MSME और गैर-MSME जिनके पास 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा है, और वे एयरलाइंस जिनके खाते 'स्टैंडर्ड' (Standard) हैं।
ऋण की अवधि (Tenor):
- MSME/गैर-MSME: 5 वर्ष (1 वर्ष के अधिस्थगन/moratorium सहित)।
- एयरलाइन क्षेत्र: 7 वर्ष (2 वर्ष के अधिस्थगन सहित)
- कार्यान्वयन एजेंसी: यह योजना नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के माध्यम से संचालित की जाएगी।
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'कपास उत्पादकता मिशन' (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को 5,659.22 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ 'कपास उत्पादकता मिशन' (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी दी।
- इस पंचवर्षीय मिशन का उद्देश्य उन्नत बीज तकनीक, आधुनिक खेती और बेहतर कृषि पद्धतियों के माध्यम से कपास की उत्पादकता को बढ़ाकर 2031 तक उत्पादन को 498 लाख गांठ तक पहुंचाना और आयात निर्भरता कम करना है।
सम्बन्धित तथ्य :
- मिशन की अवधि: यह 5 साल के लिए है— 2026-27 से 2030-31 तक
- कुल बजट (Outlay): इस मिशन के लिए ₹5,659.22 करोड़ आवंटित किए गए हैं
- उत्पादकता लक्ष्य: कपास की पैदावार को 440 kg/hectare से बढ़ाकर 755 kg/hectare करने का लक्ष्य है
- कुल उत्पादन लक्ष्य: कपास के उत्पादन को 297 लाख गांठों से बढ़ाकर 498 लाख गांठ (1 bale = 170 kg) तक ले जाना
- नोडल मंत्रालय: यह कृषि मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय (Ministry of Textiles) का संयुक्त प्रयास है
- प्रमुख तकनीक (HDPS): इस मिशन में High Density Planting System (HDPS) यानी 'सघन वृक्षारोपण प्रणाली' पर जोर दिया गया है ताकि कम जगह में ज्यादा उत्पादन हो सके
- कस्तूरी कपास (Kasturi Cotton): भारतीय कपास की ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 'कस्तूरी कपास भारत' कार्यक्रम को इसके साथ जोड़ा गया है
- 5F विजन: यह प्रधानमंत्री के 5F विजन (Farm to Fibre, Fibre to Factory, Factory to Fashion, Fashion to Foreign) को पूरा करने की दिशा में एक कदम है
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है
- कपास के लिए काली मिट्टी (Black Soil) सबसे उपयुक्त होती है, जिसे 'रेगुर मिट्टी' भी कहते हैं।
- भारत में गुजरात और महाराष्ट्र सबसे बड़े कपास उत्पादक राज्य हैं
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जालौन में 500 मेगावाट (MW) का सोलर पावर प्लांट

- उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जालौन में 500 मेगावाट (MW) का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दी है, जो यूपीआरवीयूएनएल (UPRVUNL) और कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम (JV) से बनेगा।
- यह परियोजना यूपी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और 2026-27 तक 22,000 MW सौर ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल क्षमता: 500 मेगावाट (MW)
- स्थान: जालौन जिला, उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड क्षेत्र)
- साझेदार: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
- इक्विटी शेयर: कोल इंडिया (51%) और UPRVUNL (49%)
- अनुमानित लागत: लगभग ₹2,500 करोड़
- बिजली खरीदार: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL)
- भूमि: राज्य सरकार द्वारा 22 एकड़ (प्रारंभिक चरण) भूमि आवंटित
- नोडल एजेंसी: उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA)।
- लक्ष्य: 2026-27 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन
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न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या (33 से बढ़ाकर 37) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- प्रस्तावित नई संख्या: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने को मंजूरी दी है
- कुल क्षमता: यदि इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भी शामिल किया जाए, तो कुल स्वीकृत संख्या 38 हो जाएगी (37 न्यायाधीश + 1 CJI)
- विधेयक का नाम: इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 संसद में लाया जाएगा
- पिछला संशोधन: इससे पहले 2019 में संख्या 31 से बढ़ाकर 34 (CJI सहित) की गई थी
- अनुच्छेद 124(1): यह अनुच्छेद संसद को न्यायाधीशों की संख्या निर्धारित करने और सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना करने की शक्ति देता है
- शुरुआती संख्या (1950): मूल संविधान में 1 मुख्य न्यायाधीश और 7 अन्य न्यायाधीश (कुल 8) का प्रावधान था
- नियुक्ति: न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा कोलेजियम की सिफारिश पर की जाती है
- सेवानिवृत्ति आयु: सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं
- शपथ: न्यायाधीशों को शपथ भारत के राष्ट्रपति दिलाते हैं।
- वेतन व भत्ते: न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित होते हैं
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: हीरालाल जे. कानिया (H.J. Kania)
- प्रथम महिला न्यायाधीश: न्यायमूर्ति फातिमा बीवी
- सबसे लंबा कार्यकाल: न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ (2696 दिन)
- सबसे छोटा कार्यकाल: न्यायमूर्ति कमल नारायण सिंह (मात्र 17 दिन)
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भारत का 18वां रेलवे जोन

- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में मुख्यालय वाले दक्षिण तटीय रेलवे जोन की आधिकारिक घोषणा की, जो भारत का 18वां रेलवे जोन होगा।
सम्बन्धित तथ्य :
- जोन का नाम: दक्षिण तटीय रेलवे (South Coast Railway - SCoR)
- कौन सा नंबर है: यह भारत का 18वां रेलवे जोन है
- मुख्यालय (HQ): विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)
- कुल डिवीजन: इसके अंतर्गत 3 डिवीजन आएंगे— विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंतकल
- स्थापना तिथि: 1 जून 2026 से परिचालन (Operational) शुरू होगा
- नया डिवीजन: वाल्टेयर डिवीजन को खत्म कर उसके एक हिस्से से नया रायगढ़ (Rayagada) डिवीजन बनाया गया है (जो पूर्व तटीय रेलवे यानी ECoR का हिस्सा रहेगा)
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प्रमुख समझौते
EV बैटरी पुनर्चक्रण के लिए भारत और यूरोपीय संघ की संयुक्त पहल

- भारत और यूरोपीय संघ ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) के तहत ₹169 करोड़ की एक संयुक्त पहल का शुभारंभ किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल बजट: ₹169 करोड़ (लगभग 15.2 मिलियन यूरो)
- उद्देश्य: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी का पुनर्चक्रण (Recycling) और महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे लिथियम, कोबाल्ट) की रिकवरी
- परिषद का नाम: भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC)
- नोडल मंत्रालय (भारत): भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries - MHI)
- वित्त पोषण कार्यक्रम (EU): होराइजन यूरोप (Horizon Europe)
- TTC की स्थापना: अप्रैल 2022 में (भारत का किसी भी देश के साथ ऐसा पहला मंच है)
- सचिवालय: इसका समन्वय भारत की ओर से विदेश मंत्रालय (MEA) और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया जाता है।
- लक्ष्य वर्ष: यह पहल 2030 तक भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी
यूरोपीय संघ (European Union - EU) :
- स्थापना: 1 नवंबर, 1993 को मास्ट्रिच संधि (Maastricht Treaty) के माध्यम से हुई।
- मुख्यालय: ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में स्थित
- मुद्रा: यूरो (€) आधिकारिक मुद्रा है, जिसे वर्तमान में 21 सदस्य देश उपयोग करते हैं (क्षेत्र को यूरोजोन कहा जाता है)
प्रमुख संस्थाएं :
- यूरोपीय संसद (European Parliament): एकमात्र संस्था जिसके सदस्य सीधे नागरिकों द्वारा चुने जाते हैं
- यूरोपीय परिषद (European Council): रणनीतिक दिशा तय करती है
- यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB): इसका मुख्यालय फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) में है और यह मुद्रा का प्रबंधन करता है
- यूरोपीय न्यायालय (Court of Justice): यह लक्ज़मबर्ग में स्थित है
- नोबेल शांति पुरस्कार: यूरोपीय संघ को साल 2012 में शांति और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
- भाषा: यूरोपीय संघ की 24 आधिकारिक भाषाएं हैं।
- यूरोप दिवस: हर साल 9 मई को मनाया जाता है
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UIDAI और NFSU के बीच समझौता

- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) ने डिजिटल फोरेंसिक और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- समझौते की अवधि: यह साझेदारी 5 वर्ष के लिए की गई है।
- प्रमुख उद्देश्य: डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीक (AI, Deepfake detection) में अनुसंधान और क्षमता निर्माण
- हस्ताक्षरकर्ता: UIDAI के CEO विवेक चंद्र वर्मा और NFSU (गुजरात कैंपस) के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) एस. ओ. जुनारे
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रक्षा मंत्रालय और Bharat Electronics Limited के बीच

- रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए ₹1,476 करोड़ में 5 ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की खरीद हेतु हैदराबाद स्थित Bharat Electronics Limited के साथ अनुबंध किया।
- ये सिस्टम कम से कम 72% स्वदेशी उपकरणों से युक्त होंगे।
- इस प्रणाली से भारतीय सेना की इकाइयों का आधुनिकीकरण होगा और यह देश के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण तंत्र को सुदृढ़ बनाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय समाचार
भारत और सूडान के बीच 9वां FOC

- भारत और सूडान के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) के 9वें दौर का आयोजन पोर्ट सूडान में किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और खनन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा साझा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय साझेदारी को दर्शाता है।
- बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय (MEA) के संयुक्त सचिव (WANA) और सूडान के विदेश मामलों और विदेशी सहयोग के अवर सचिव द्वारा की गई।
- दोनों देश अगला परामर्श नई दिल्ली में आयोजित करने पर सहमत हुए।
सूडान :
- राजधानी: खार्तूम (Khartoum)। यह शहर नीली नील और सफेद नील नदियों के संगम पर स्थित है।
- जनसंख्या: 2025 तक अनुमानित जनसंख्या लगभग 51.8 मिलियन है
- भाषा: आधिकारिक भाषाएँ अरबी और अंग्रेजी हैं
- मुद्रा: सूडानी पाउंड (Sudanese Pound)
- प्राचीन सभ्यता: सूडान अपनी समृद्ध प्राचीन नूबियाई सभ्यता के लिए प्रसिद्ध है। रोचक बात यह है कि सूडान में मिस्र की तुलना में अधिक पिरामिड पाए जाते हैं
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वियतनाम के राष्ट्रपति की प्रथम भारत यात्रा

- वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच हैं।
- गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उनका स्वागत किया।
वियतनाम समाजवादी गणराज्य :
- राजधानी: हनोई
- सबसे बड़ा शहर: हो ची मिन्ह सिटी (Ho Chi Minh City), जिसे पहले साइगॉन के नाम से जाना जाता था
- आधिकारिक भाषा: वियतनामी
- मुद्रा: वियतनामी डोंग (VND)
- भौगोलिक स्थिति: यह इंडोचीन प्रायद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित है और इसका आकार 'S' अक्षर जैसा है।
- सीमाएँ: इसके उत्तर में चीन, पश्चिम में लाओस और कंबोडिया, तथा पूर्व और दक्षिण में दक्षिण चीन सागर स्थित है।
- प्रमुख नदियाँ: मेकोंग (Mekong) और रेड रिवर (Red River) यहाँ की प्रमुख नदियाँ हैं
- वियतनाम की संसद को नेशनल असेंबली (National Assembly) कहा जाता है।
- वियतनामी भाषा में इसका आधिकारिक नाम क्वोक होई (Quốc hội) है
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
भारत पिछले पांच वर्षों में सबसे बड़ी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में से एक

- मूडीज़ रेटिंग्स (Moody's Ratings) की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2020 के बाद से सबसे लचीली (Resilient) और बड़ी उभरती बाजार अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
सम्बन्धित तथ्य :
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मूडीज़ रेटिंग्स और भारत :
- सॉवरेन रेटिंग (Sovereign Rating): मूडीज़ ने भारत की रेटिंग 'Baa3' बनाए रखी है, जो "सबसे कम निवेश श्रेणी" (Lowest investment grade) है।
- दृष्टिकोण (Outlook): भारत के लिए रेटिंग दृष्टिकोण 'स्थिर' (Stable) रखा गया है।
- सबसे लचीली अर्थव्यवस्था: मूडीज़ ने भारत को 2020 के बाद से "सबसे लचीली (Resilient) बड़ी उभरती बाजार अर्थव्यवस्था" के रूप में पहचाना है।
- तुलना: भारत ने क्रेडिट स्प्रेड और मुद्रा स्थिरता जैसे संकेतकों में तुर्की, अर्जेंटीना और नाइजीरिया जैसे देशों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
विकास दर अनुमान : 2025 का अनुमान: मूडीज़ के अनुसार भारत की जीडीपी विकास दर 2025 में लगभग 6.3% रहने की उम्मीद है।
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रक्षा समाचार
INS सुनयना म्यांमार की यात्रा पर

- भारतीय नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत INS सुनयना (INS Sunayna), 4 मई 2026 को म्यांमार के यांगून बंदरगाह पहुंचा।
- यह तैनाती नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की म्यांमार यात्रा के साथ हुई है।
सम्बन्धित तथ्य :
- जहाज का नाम: INS सुनयना (INS Sunayna)
- प्रकार (Type): यह एक NOPV (Naval Offshore Patrol Vessel - नौसेना अपतटीय गश्ती पोत) है।
- श्रेणी (Class): यह 'सरयू श्रेणी' (Saryu-class) का दूसरा जहाज है
- निर्माता: इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा स्वदेशी रूप से बनाया गया है
- मिशन का नाम: इसे 'IOS SAGAR' (Indian Ocean Ship SAGAR) मिशन के तहत तैनात किया गया है।
- गंतव्य बंदरगाह: यांगून बंदरगाह (Yangon Port), म्यांमार
- संबंधित विजन: यह भारत सरकार के SAGAR (Security and Growth for All in the Region) और MAHASAGAR पहल का हिस्सा है
- कमान: यह कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना की दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) के अंतर्गत आता है
भारतीय नौसेना :
- स्थापना: आधुनिक स्वरूप में 26 जनवरी 1950 को (मूल रूप से 1612 में 'ईस्ट इंडिया कंपनी मरीन' के रूप में स्थापित)
- आदर्श वाक्य (Motto): 'शं नो वरुणः' (Shām No Varunaḥ) – जिसका अर्थ है "जल के देवता वरुण हमारे लिए मंगलकारी हों"
- नौसेना दिवस: 4 दिसंबर (1971 के युद्ध में 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' की सफलता की याद में मनाया जाता है)
- सर्वोच्च कमांडर: भारत के राष्ट्रपति (वर्तमान में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु)
- नौसेना प्रमुख (CNS): एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी (26वें प्रमुख)
- मुख्यालय: रक्षा मंत्रालय (नौसेना), नई दिल्ली
भारतीय नौसेना के मुख्य रूप से तीन कमान हैं, जिनका नेतृत्व 'वाइस एडमिरल' रैंक के अधिकारी करते हैं:
- पश्चिमी नौसेना कमान (मुंबई) : अरब सागर में परिचालन
- पूर्वी नौसेना कमान (विशाखापत्तनम) : बंगाल की खाड़ी में परिचालन
- दक्षिणी नौसेना कमान (कोच्चि) : प्रशिक्षण कमान
- अंडमान और निकोबार कमान: यह भारत की एकमात्र ट्राय-सर्विसेज कमान (सेना, नौसेना और वायुसेना का संयुक्त कमान) है, जिसका मुख्यालय पोर्ट ब्लेयर में है
- विमानवाहक पोत (Aircraft Carriers): आईएनएस विक्रमादित्य (INS Vikramaditya) और आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) (भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत)
- विशिष्ट बल: मार्कोस (MARCOS) – भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो
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