20 April, 2026
भारत का प्रथम एकीकृत बासमती और जैविक प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन फार्म
Tue 05 May, 2026
संदर्भ :
- भारत के प्रथम एकीकृत बासमती, जैविक प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन फार्म की स्थापना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में किया जाएगा।
मुख्य बिन्दु :
- उद्देश्य: पारंपरिक और जैविक बासमती खेती का प्रशिक्षण और प्रदर्शन, जिससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को लाभ मिलेगा।
- फार्म की स्थापना के लिए समझौता : कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) और उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के बीच, 70 साल के पट्टे (Lease) पर हस्ताक्षर
- क्षेत्र और निवेश: यह केंद्र लगभग 7 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹15 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
- सुविधाएं: केंद्र में प्रयोगशाला, संग्रहालय, सभागार और बासमती के लिए AICRP (ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्रोजेक्ट) केंद्र होगा।
- एआई सर्वे: इस परियोजना के साथ ही, पहला एआई-आधारित बासमती सर्वेक्षण (2026-2028) भी शुरू किया गया है, जो 40 लाख हेक्टेयर को कवर करेगा।
क्षेत्रीय प्रभाव (Regional Impact) :
- पीलीभीत को बासमती और जैविक खेती के हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल यूपी बल्कि उत्तराखंड के किसान भी लाभान्वित होंगे।
- यह केंद्र बीज उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण जैविक इनपुट के लिए एक समर्पित आउटलेट के रूप में कार्य करेगा।
नोट : यह पहल 'वोकैल फॉर लोकल' और 'जैविक खेती' के सरकारी विजन के अनुरूप है। यह न केवल कृषि उत्पादन को तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगी, बल्कि जलवायु-अनुकूल (Climate-smart) कृषि के माध्यम से छोटे किसानों की आजीविका को सशक्त बनाकर निर्यात को स्थायी आधार प्रदान करेगी।
बासमती चावल :
- भारत के सबसे महत्वपूर्ण कृषि निर्यात उत्पादों में से एक है। इसकी गुणवत्ता और वैश्विक मांग को बनाए रखने के लिए भारत सरकार और APEDA (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) ने कई रणनीतिक पहल और योजनाएं शुरू की हैं।
संस्थागत ढांचा (Institutional Framework) :
- बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (BEDF): यह APEDA द्वारा स्थापित एक स्वायत्त संस्था है। इसका मुख्य कार्य बासमती की शुद्धता बनाए रखना, किसानों को प्रशिक्षण देना और निर्यात मानकों (जैसे कीटनाशक अवशेष नियंत्रण) के प्रति जागरूक करना है।
- बासमती चावल के लिए GI टैग: भारत ने बासमती चावल के लिए भौगोलिक उपदर्शन (Geographical Indication) टैग प्राप्त किया है। यह वर्तमान में 7 राज्यों (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से) के विशिष्ट क्षेत्रों को कवर करता है। यह वैश्विक बाजार में 'बासमती' नाम के दुरुपयोग को रोकता है।
निर्यात संवर्धन एवं गुणवत्ता नियंत्रण (Export & Quality Control) :
- कीटनाशक अवशेष प्रबंधन (Pesticide Residue Management): यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका जैसे देशों के कड़े मानकों को पूरा करने के लिए सरकार एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) को बढ़ावा दे रही है। किसानों को ट्राइसाइक्लाजोल (Tricyclazole) और बुप्रोफेज़िन जैसे रसायनों के सीमित उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- ट्रेसिबिलिटी सिस्टम (Traceability System): बासमती के निर्यात के लिए 'Basmati.net' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है, जिससे खेत से लेकर विदेशी बाजार तक उत्पाद की निगरानी की जा सके।
प्रमुख सरकारी योजनाएं (Major Government Schemes) :
- कृषि निर्यात नीति (Agri Export Policy, 2018): इसका उद्देश्य बासमती जैसे 'रणनीतिक उत्पादों' के निर्यात को दोगुना करना और निर्यात मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY): यह योजना जैविक बासमती (Organic Basmati) के उत्पादन को बढ़ावा देती है। पीलीभीत में बन रहा नया फार्म इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY): इसके माध्यम से राज्यों को बासमती प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Units) और बीज उत्पादन केंद्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
तकनीकी और डिजिटल पहल (Technological Initiatives) :
- AI-आधारित बासमती धान सर्वेक्षण (2026-28): हाल ही में APEDA ने फसल के क्षेत्रफल, स्वास्थ्य और उपज का सटीक अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फसल मैपिंग शुरू करने की घोषणा की है।
- उन्नत किस्मों का विकास: ICAR-IARI (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) द्वारा 'पूसा बासमती 1121', 'पूसा बासमती 1509' और हाल ही में 'पूसा बासमती 1847' (जो झुलसा रोग प्रतिरोधी है) जैसी किस्में विकसित की गई हैं, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ी है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार पहुंच (Market Access) :
- चावल निर्यात संवर्धन मंच (REPF): सरकार ने चावल निर्यात से संबंधित सभी हितधारकों (Stakeholders) के बीच समन्वय के लिए इस मंच का गठन किया है ताकि लॉजिस्टिक्स और वैश्विक व्यापारिक बाधाओं को हल किया जा सके।
APEDA :
- भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है
- स्थापना : APEDA अधिनियम, 1985 के तहत, वर्ष 1986 में
- नोडल मंत्रालय : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
- मुख्यालय :नई दिल्ली









