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Sun 03 May, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' का शुभारंभ

  • केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2 मई, 2026 को भारत की आपातकालीन संचार प्रणालियों को सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' (CBS) का शुभारंभ किया।
  • यह प्रणाली आपदाओं और आपात स्थितियों के दौरान नागरिकों को उनके मोबाइल फोन पर वास्तविक समय (real-time) में चेतावनी संदेश भेजने के लिए डिज़ाइन की गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्वदेशी तकनीक: इस प्रणाली को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) द्वारा गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • राष्ट्रव्यापी परीक्षण: लॉन्च के साथ ही पूरे भारत में इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जिसके दौरान नागरिकों को मोबाइल पर सायरन जैसी ध्वनि के साथ अलर्ट मैसेज प्राप्त हुए।

प्रमुख विशेषताएं:

  • जियो-टारगेटिंग: यह संदेशों को विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों (जैसे जिला या सेल टावर स्तर) में रहने वाले लोगों तक सटीकता से पहुँचा सकता है।
  • इंटरनेट की आवश्यकता नहीं: इसके लिए प्राप्तकर्ता के पास इंटरनेट कनेक्शन होना अनिवार्य नहीं है।
  • बहुभाषी सहायता: यह प्रणाली विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में अलर्ट भेजने में सक्षम है।
  • सभी नेटवर्क पर प्रभावी: यह 2G, 3G, 4G और 5G सहित सभी दूरसंचार नेटवर्क पर काम करता है।

PMGSY-IV का शुभारंभ

  • केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा के रायगड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धि तथ्‍य :

  • केंद्रीय मंत्री ने इस शुभारंभ के साथ ही राज्य को बड़ी विकासात्मक सौगात दिया।
  • सड़क परियोजनाएं: PMGSY-IV के तहत ₹1,698.04 करोड़ की लागत से 827 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1,701 किलोमीटर है।
  • लाभार्थी बस्तियां: इस पहल से ओडिशा की 898 बस्तियों को पहली बार 'ऑल-वेदर' (हर मौसम में उपयोगी) पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
  • रायगड़ा का विशेष योगदान: इस जिले को सबसे अधिक लाभ मिला है, जहाँ ₹562.10 करोड़ की लागत से 274 सड़कों (552.21 किमी) का निर्माण किया जाएगा, जिससे 314 बस्तियाँ लाभान्वित होंगी।
  • अतिरिक्त निधि: मंत्री ने लंबित सड़क कार्यों के लिए ₹147 करोड़ और मनरेगा (MGNREGA) की पहली किस्त के रूप में ₹868 करोड़ जारी करने की घोषणा भी की।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV :

  • केन्‍द्र सरकार से मंजूरी : 2024
  • अवधि: वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक के लिए लागू
  • कुल लक्ष्य: देश भर में 62,500 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कर 25,000 असंबद्ध बस्तियों को जोड़ना
  • कुल परिव्यय: ₹70,125 करोड़ (केंद्र का हिस्सा: ₹49,087.50 करोड़, राज्यों का हिस्सा: ₹21,037.50 करोड़)
  • फंडिंग पैटर्न: सामान्य राज्यों के लिए 60:40 और पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों के लिए 90:10

कवरेज:

  • मैदानी क्षेत्र: 500+ आबादी
  • पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्य और विशेष श्रेणी (जनजातीय, आकांक्षी जिले): 250+ आबादी
  • वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिले: 100+ आबादी
  • PMGSY का प्रथम चरण : शुरुआत : 25 दिसंबर 2000, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा
  • PMGSY का नोडल मंत्रालय : ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार

भारत का पहला एकीकृत बासमती और जैविक प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन फार्म

  • भारत के प्रथम एकीकृत बासमती, जैविक प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन फार्म की स्‍थापना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में किया जाएगा।
  • फार्म की स्‍थापना के लिए समझौता : कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) और उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के बीच, 70 साल के पट्टे (Lease) पर हस्ताक्षर
  • क्षेत्र और निवेश: यह केंद्र लगभग 7 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹15 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • उद्देश्य: पारंपरिक और जैविक बासमती खेती का प्रशिक्षण और प्रदर्शन, जिससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को लाभ मिलेगा।
  • सुविधाएं: केंद्र में प्रयोगशाला, संग्रहालय, सभागार और बासमती के लिए AICRP (ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्रोजेक्ट) केंद्र होगा।
  • एआई सर्वे: इस परियोजना के साथ ही, पहला एआई-आधारित बासमती सर्वेक्षण (2026-2028) भी शुरू किया गया है, जो 40 लाख हेक्टेयर को कवर करेगा।
  • लाभार्थी: यह उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा

APEDA :

  • भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है
  • स्थापना : APEDA अधिनियम, 1985 के तहत, वर्ष 1986 में
  • नोडल मंत्रालय : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
  • मुख्यालय :नई दिल्ली

 

भारत की पहली ओपन रोड टोलिंग प्रणाली

  • भारत की पहली ओपन रोड टोलिंग (ORT) या मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) प्रणाली का सफल कार्यान्वयन गुजरात में NH-48 (सूरत-भरूच खंड) के चोर्यासी टोल प्लाजा पर किया गया।
  • इस प्रणाली में वाहनों को टोल भुगतान के लिए रुकने या धीमा होने की आवश्यकता नहीं होती।
  • 'गैन्ट्री' (Gantry) पर लगे सेंसर और कैमरे चलते हुए वाहनों से सीधे टोल वसूल लेते हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रौद्योगिकी: यह RFID (FASTag) और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) प्रौद्योगिकियों के समन्वय पर आधारित है।
  • लाभ: यह समय की बचत करता है, ईंधन की खपत को कम करता है और टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम (Congestion) की समस्या को समाप्त करता है।
  • सतत विकास: यह कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण के अनुकूल परिवहन (Green Mobility) को बढ़ावा देता है
  • कार्यान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और इसकी शाखा IHMCL ने ICICI बैंक के साथ मिलकर इसे विकसित किया है

‘पद्म डोरी’ का अनावरण

  • पूर्वोत्तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम (NEHHDC) ने ‘पद्म डोरी’ का अनावरण किया।
  • NEHHDC पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • दो सांस्कृतिक धरोहरों का संगम: ‘पद्म डोरी’ पूर्वोत्तर भारत की एरी रेशम (Eri Silk) परंपराओं और मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध चंदेरी बुनाई (Chanderi Weaving) विरासत का एक अनूठा संगम है।
  • विशेषता: यह एक 'डबल-GI' (Geographical Indication) हेरिटेज उत्पाद है, जो स्थिरता और आधुनिक बाजार की जरूरतों को पूरा करता है।
  • एरी रेशम (Ahimsa Silk): इसे 'अहिंसा रेशम' के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें रेशम के कीड़ों को मारे बिना धागा निकाला जाता है। यह अपनी गर्माहट और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध है।
  • चंदेरी बुनाई: यह मध्य प्रदेश के चंदेरी में होने वाली अपनी सूक्ष्म बनावट और जटिल डिजाइनों के लिए जानी जाती है।
  • विजन और मंत्रालय: यह पहल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। इसे उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत आने वाले CPSE, NEHHDC द्वारा लॉन्च किया गया है।
  • डबल-GI तालमेल: यह प्रोजेक्ट दो भौगोलिक संकेत (GI) उत्पादों को मिलाकर एक 'डबल-GI' विरासत ब्रांड तैयार करता है, जो वैश्विक स्तर पर नैतिक और टिकाऊ फैशन को बढ़ावा देता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कुल वस्त्र निर्यात :

  • वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्त्र निर्यात (हस्तशिल्प सहित) 2.1% की वृद्धि के साथ ₹3.16 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो पिछले वर्ष 3.9 लाख करोड़ रूपये था।
  • रेडीमेड गारमेंट्स (RMG): यह कुल वस्त्र निर्यात में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहा। इसका निर्यात 2.9% की वृद्धि के साथ ₹1,39,349.6 करोड़ तक पहुंच गया।
  • हस्तशिल्प (Handicrafts): मूल्यवर्धित श्रेणियों में, हस्तशिल्प (हाथ से बने कालीनों को छोड़कर) में सबसे अधिक 6.1% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹15,855.1 करोड़ रही।
  • मानव निर्मित (Man-made) वस्त्र: इस श्रेणी में 3.6% की मजबूत वृद्धि देखी गई, जिसका निर्यात ₹42,687.8 करोड़ रहा।
  • सूती उत्पाद: सूती धागे, कपड़े और हथकरघा उत्पादों के निर्यात में 0.4% की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई।
  • प्रमुख बाजार: निर्यात वृद्धि 120 से अधिक गंतव्यों में देखी गई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ब्रिटेन (UK), जर्मनी, स्पेन और जापान जैसे देशों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
  • प्रमुख लक्ष्य (2030 और 2047) :
  • निर्यात लक्ष्य 2030: वस्त्र और परिधान के निर्यात को तीन गुना बढ़ाकर ₹9 लाख करोड़ ($100 बिलियन) तक पहुंचाना।
  • बाजार का आकार 2030: भारतीय वस्त्र उद्योग के कुल कारोबार को $350 बिलियन (लगभग ₹29 लाख करोड़) तक ले जाना।
  • घरेलू मांग 2030: घरेलू बाजार में वस्त्रों की मांग को $250 बिलियन तक पहुँचाने का अनुमान है।
  • विज़न 2047: स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक $600 बिलियन के निर्यात और $1.8 ट्रिलियन के घरेलू बाजार का लक्ष्य रखा गया है।
  • रोजगार सृजन: 2030 तक इस क्षेत्र में 3.5 करोड़ नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है।

भारत की पहली पोर्टेबल, अल्ट्रा-लो-फील्ड बेडसाइड MRI मशीन

  • एम्स (AIIMS) दिल्ली ने भारत की पहली पोर्टेबल, अल्ट्रा-लो-फील्ड बेडसाइड MRI मशीन पेश की है।
  • यह अत्याधुनिक तकनीक आईसीयू और आपातकालीन वार्डों में गंभीर मरीजों के पास जाकर ब्रेन स्कैन करने में सक्षम है, जिससे उन्हें दूसरे विभाग में ले जाने का जोखिम खत्म हो गया है।
  • यह पहल 'मेक इन इंडिया' के तहत स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों को बढ़ावा देती है।
  • इसे SAMEER (Society for Applied Microwave Electronics Engineering and Research) द्वारा विकसित किया गया है।

MRI :

  • Full Form: Magnetic Resonance Imaging.
  • अन्य नाम: इसे NMRI (Nuclear Magnetic Resonance Imaging) भी कहा जाता है.
  • आविष्कारक: पॉल सी. लॉटरबर (Paul C. Lauterbur) और पीटर मैन्सफील्ड (Peter Mansfield) को MRI के विकास के लिए 2003 में नोबेल पुरस्कार दिया गया था

कार्य सिद्धांत (Working Principle):

  • आधार: यह नाभिकीय चुंबकीय अनुनाद (Nuclear Magnetic Resonance - NMR) के सिद्धांत पर आधारित है.
  • मुख्य घटक: इसमें शक्तिशाली चुंबक (Magnets) और रेडियो तरंगों (Radio Waves) का उपयोग किया जाता है.
  • प्रक्रिया: शरीर के भीतर के हाइड्रोजन परमाणु (प्रोटॉन) चुंबकीय क्षेत्र में एक रेखा में आ जाते हैं। जब रेडियो तरंगें बंद की जाती हैं, तो ये परमाणु ऊर्जा छोड़ते हैं, जिसे कंप्यूटर द्वारा इमेज में बदल दिया जाता है.
  • महत्वपूर्ण अंतर और सुरक्षा (Comparison & Safety)
  • विकिरण (Radiation): X-ray और CT स्कैन के विपरीत, MRI में आयनीकरण विकिरण (Ionizing Radiation) का उपयोग नहीं होता है, इसलिए यह सुरक्षित माना जाता है.
  • उपयोग: यह विशेष रूप से सॉफ्ट टिश्यू (Soft Tissue) जैसे मस्तिष्क, हृदय, मांसपेशियों और लिगामेंट की विस्तृत जांच के लिए श्रेष्ठ है.
  • सावधानी: शरीर में पेसमेकर (Pacemaker) या धातु के इम्प्लांट होने पर MRI खतरनाक हो सकता है क्योंकि मशीन का चुंबकीय क्षेत्र धातु को खींच सकता है

'वाइब्रेंट गुजरात' क्षेत्रीय सम्मेलन

  • सूरत में आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात' क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान गुजरात सरकार ने 3,53,306 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के 2,792 MoU पर हस्ताक्षर किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • दक्षिण गुजरात सम्मेलन (Surat): यह सम्मेलन 1-2 मई 2026 को सूरत की AURO यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया।
  • विशेष अवसर: सूरत सम्मेलन का आयोजन 'गुजरात स्थापना दिवस' (1 मई) के ऐतिहासिक अवसर पर किया गया।

अन्य क्षेत्रीय केंद्र:

  • उत्तर गुजरात: महेसाणा (9-10 अक्टूबर 2025)
  • सौराष्ट्र-कच्छ: राजकोट (11-12 जनवरी 2026)
  • मध्य गुजरात: वडोदरा (प्रस्तावित: 10-11 जून 2026)

प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां (दक्षिण गुजरात) :

  • MoU और निवेश: कुल 2,792 MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका कुल निवेश मूल्य ₹3,53,306 करोड़ से अधिक है।
  • रोजगार: इन समझौतों से लगभग 2.82 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
  • पार्टनर देश: इस सम्मेलन में जापान, सिंगापुर और रूस जैसे 27 देशों ने भागीदारी की।
  • सिंगल क्लिक पेमेंट: सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार ने 'सिंगल क्लिक पेमेंट प्रोग्राम' के तहत ₹1,349.50 करोड़ की राशि सीधे 11,029 लाभार्थियों (MSMEs और कपड़ा इकाइयों) को वितरित की।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' की शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान पीएम) नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

प्रमुख नियुक्तियां

नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त

  • केंद्र सरकार ने शिक्षाविद डॉ. जोराम अनिया और लेखक डॉ. आर बालासुब्रमण्यम को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी, जिसके बाद आयोग में उपाध्यक्ष सहित पूर्णकालिक सदस्यों की कुल संख्या सात हो गई है।

नीति आयोग :

डॉ. जोराम अनिया (Dr. Joram Aniya):

  • अरुणाचल प्रदेश के डेरा नातुंग सरकारी कॉलेज में हिंदी विभाग की प्रमुख हैं।
  • वह निशी (Nyishi) समुदाय से पीएचडी करने वाली पहली महिला हैं।
  • उनके पास शिक्षण, अनुसंधान और सार्वजनिक नीति में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम (Dr. R Balasubramaniam):

  • एक प्रसिद्ध विकास विशेषज्ञ और लेखक हैं।
  • इससे पहले उन्होंने क्षमता निर्माण आयोग के सदस्य (HR) के रूप में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने 'कर्मयोगी सक्षमता ढांचे' को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी

नीति आयोग :

  • स्थापना: 1 जनवरी 2015
  • स्थानांतरित: योजना आयोग
  • फुल फॉर्म (NITI): नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (National Institution for Transforming India)
  • प्रकृति: गैर-संवैधानिक और गैर-सांविधिक निकाय (Think Tank)
  • अध्यक्ष: प्रधानमंत्री (वर्तमान में नरेंद्र मोदी)
  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • उपाध्यक्ष: हाल ही में प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है (उन्होंने सुमन बेरी का स्थान लिया है)

रोहित जैन

  • केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्यकारी निदेशक रोहित जैन को नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है।
  • उनकी नियुक्ति 3 मई 2026 से तीन साल की अवधि के लिए प्रभावी होगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्थान: रोहित जैन, टी. रबी शंकर (T. Rabi Sankar) का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल 2 मई 2026 को समाप्त हो गया।
  • अनुभव: डिप्टी गवर्नर बनने से पहले, रोहित जैन आरबीआई में कार्यकारी निदेशक (ED) के रूप में पर्यवेक्षण विभाग (Department of Supervision) का कार्यभार संभाल रहे थे। उनके पास केंद्रीय बैंकिंग और बैंकिंग पर्यवेक्षण का लगभग 30 वर्षों का अनुभव है।
  • नियुक्ति प्रक्रिया: यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा स्वीकृत की गई है।
  • आरबीआई की संगठनात्मक संरचना (RBI Structure):

आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार, केंद्रीय बैंक में अधिकतम 4 डिप्टी गवर्नर हो सकते हैं। वर्तमान में अन्य तीन डिप्टी गवर्नर निम्नलिखित हैं:

  • स्वामीनाथन जे. (Swaminathan J.)
  • डॉ. पूनम गुप्ता (Dr. Poonam Gupta)
  • शिरीष चंद्र मुर्मू (S. C. Murmu)

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) :

  • स्थापना: 1 अप्रैल, 1935 को 'भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934' के प्रावधानों के तहत
  • सिफारिश: हिल्टन यंग आयोग (1926) की सिफारिशों के आधार
  • मुख्यालय: प्रारंभ में इसका केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित किया गया।
  • राष्ट्रीयकरण: शुरुआत में निजी स्वामित्व में होने के बाद, 1 जनवरी, 1949 को इसका पूर्ण राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • गवर्नर: वर्तमान में संजय मल्होत्रा 26वें गवर्नर हैं
  • प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख (1943–1949)। वे अगस्त 1943 में नियुक्त हुए और स्वतंत्रता के समय (1947) भी गवर्नर थे।
  • प्रथम महिला डिप्टी गवर्नर: के.जे. उदेशी (2003)। आरबीआई के इतिहास में इस पद तक पहुँचने वाली वे पहली महिला थीं।
  • प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री जो गवर्नर रहे: डॉ. मनमोहन सिंह। वे आरबीआई के 15वें गवर्नर (1982–1985) थे।
  • प्रथम मुख्यालय: कोलकाता (1935)। इसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।
  • सबसे लंबा कार्यकाल: सर बेनेगल रामा राव (7 साल से अधिक)।
  • सबसे छोटा कार्यकाल: अमिताव घोष (मात्र 20 दिन)

प्रसून जोशी

  • सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2 मई 2026 को प्रसिद्ध गीतकार और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को प्रसार भारती (भारत के सार्वजनिक सेवा प्रसारक) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पृष्ठभूमि: प्रसून जोशी विज्ञापन, सिनेमा और साहित्य क्षेत्र की एक जानी-मानी हस्ती हैं। वह अगस्त 2017 से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं।
  • रिक्त पद: यह पद पूर्व अध्यक्ष नवनीत कुमार सहगल के इस्तीफे (दिसंबर 2025) के बाद से खाली था
  • दोहरी भूमिका: संभवतः यह पहली बार है जब किसी व्यक्ति को एक साथ CBFC और प्रसार भारती दोनों के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है

प्रसार भारती :

  • प्रकृति: यह एक स्वायत्त वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसे प्रसार भारती अधिनियम, 1990 के तहत 1997 में स्थापित किया गया था।
  • घटक: इसमें दूरदर्शन (DD) और आकाशवाणी (All India Radio - AIR) शामिल हैं
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

अंतर्राष्ट्रीय समाचार

'एथनिक यूनिटी लॉ'

  • यूरोपीय संसद ने चीन के नए 'एथनिक यूनिटी लॉ' (जातीय एकता और प्रगति कानून) की कड़ी निंदा की है।
  • इस कानून को चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस द्वारा 12 मार्च 2026 को पारित किया गया था और यह 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सांस्कृतिक दमन: यूरोपीय संसद ने चेतावनी दी है कि यह कानून तिब्बती और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों (उइगर, मंगोलियाई आदि) की सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक पहचान को व्यवस्थित रूप से मिटाने का एक प्रयास है।
  • मंदारिन भाषा की अनिवार्यता: यह कानून शिक्षा, सार्वजनिक जीवन और मीडिया में स्थानीय भाषाओं की तुलना में मंदारिन (चीनी भाषा) के उपयोग को प्राथमिकता देता है।
  • विचारधारा का थोपा जाना: यह कानून राज्य की आधिकारिक विचारधारा को अनिवार्य बनाता है, जिससे जातीय अल्पसंख्यकों की स्वायत्तता खत्म होने का खतरा है।
  • पुराने कानून से विचलन: सांसदों ने चिंता जताई कि यह कानून 1984 के 'क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता कानून' (Regional Ethnic Autonomy Law) से पूरी तरह अलग है, जो पहले कुछ हद तक क्षेत्रीय स्वायत्तता प्रदान करता था।

मायोन ज्वालामुखी में विस्फोट

  • फिलीपींस के मायोन ज्वालामुखी में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ है, जिसके बाद अधिकारियों ने अलर्ट लेवल 3 जारी किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मायोन ज्वालामुखी (Mayon Volcano) :
  • फिलीपींस के सबसे सक्रिय और प्रसिद्ध ज्वालामुखियों में से एक है
  • स्थान: यह फिलीपींस के लूजोन (Luzon) द्वीप पर अल्बे (Albay) प्रांत में स्थित है।
  • प्रकार: यह एक स्ट्रैटोवोलकानो (Stratovolcano) या मिश्रित ज्वालामुखी है, जो लावा और राख की परतों से बना है।
  • विशेषता: यह अपने "परफेक्ट कोन" (पूर्ण शंकु) आकार के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जो इसकी अत्यधिक समरूपता (Symmetry) को दर्शाता है。
  • ऊंचाई: समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 2,462 मीटर है
  • प्लेट टेक्टोनिक्स: यह यूरेशियन और फिलीपीन प्लेटों की अभिसारी (Convergent) सीमा पर स्थित है।
  • पैसिफिक रिंग ऑफ फायर: यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है, जो दुनिया में सबसे अधिक भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधि वाला क्षेत्र है।

विश्‍व के प्रमुख ज्‍वालामुखी :

  • फ्यूजीयामा : जापान
  • मेयाना : फिलीपींस
  • माउंट इरेबस : रॉस द्वीप (अंटार्कटिका)
  • माउंट एटना : सिसली (इटली)
  • माउंट पीली : मार्टिनीक द्वीप
  • हैकला : आइसलैंड
  • विसुवियस : नेपल्स की खाड़ी (इटली)
  • स्ट्रॉम्बोली : लिपारी द्वीप (भूमध्य सागर)
  • लाकी : आइसलैंड
  • कटमई : अलास्का (USA)
  • माउंट रेनियर : USA
  • माउंट शस्ता : USA
  • चिम्बोराजो : इक्वेडोर
  • ओजोस डेल सलाडो : अर्जेंटीना–चिली
  • कोटोपैक्सी : इक्वेडोर
  • पोपोकैटेपिटल : मैक्सिको
  • पैरिकुटिन : मैक्सिको
  • मौनालोआ : हवाई द्वीप (USA)
  • दामबंद : ईरान
  • कोहसुल्तान : पाकिस्तान
  • माउंट पोपा : म्यांमार (बर्मा)
  • अलबुर्ज : ईरान
  • कराकाटोआ : इंडोनेशिया

 

 

 

 

रिर्पोट एवं सूचकांक

QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2026

  • QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2026 के अनुसार, आईआईएम (IIM) बैंगलोर ने भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • राष्ट्रीय स्तर पर: IIM बैंगलोर भारत का नंबर-1 संस्थान बना हुआ है।
  • ग्लोबल फुल-टाइम MBA रैंकिंग: वैश्विक स्तर पर IIM बैंगलोर ने 52वां स्थान हासिल किया है।
  • एग्जीक्यूटिव MBA (EMBA) रैंकिंग: इस श्रेणी में IIM बैंगलोर दुनिया में 64वें स्थान पर है।
  • प्रमुख संकेतक: संस्थान ने 'एम्प्लॉयर रेप्युटेशन' (नियोक्ता प्रतिष्ठा) में वैश्विक स्तर पर 42वां और 'करियर आउटकम्स' में 47वां स्थान प्राप्त किया है।

न्य प्रमुख भारतीय संस्थान (ग्लोबल MBA रैंकिंग 2026):

  1. IIM अहमदाबाद: वैश्विक रैंक 58
  2. IIM कलकत्ता: वैश्विक रैंक 64
  3. ISB हैदराबाद: वैश्विक रैंक 86

विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026

  • रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) द्वारा जारी विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026 में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर है।
  • यह वर्ष 2025 के 151वें स्थान से 6 पायदान की गिरावट दर्शाता है, जो देश में मीडिया की स्वतंत्रता पर चिंता जताता है।
  • नॉर्वे शीर्ष पर (लगातार 10वीं बार) है, जबकि भारत पड़ोसी देशों की तुलना में पीछे है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संस्था: यह रिपोर्ट रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (Reporters Sans Frontières - RSF) द्वारा प्रतिवर्ष जारी की जाती है।
  • भारत की स्थिति (2026): 157वाँ स्थान (180 देशों में)
  • गिरावट: भारत पिछले वर्ष (2025) 151वें स्थान पर था, यानी 6 पायदान का नुकसान हुआ है
  • वैश्विक रुझान: रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षों में पहली बार वैश्विक औसत स्कोर अपने सबसे निचले स्तर पर है, जिसमें आधे से अधिक देश "कठिन" या "बहुत गंभीर" श्रेणी में हैं
  • शीर्ष देश: नॉर्वे, नीदरलैंड, एस्टोनिया, डेनमार्क और स्वीडन
  • निचले देश: सऊदी अरब, ईरान, चीन, उत्तर कोरिया और इरिट्रिया

मूल्यांकन के मुख्य संकेतक (Indicators):

  • RSF 5 प्रमुख संकेतकों के आधार पर रैंकिंग तय करता है:
  1. राजनीतिक संदर्भ (Political context)
  2. कानूनी ढांचा (Legal framework)
  3. आर्थिक संदर्भ (Economic context)
  4. सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ (Sociocultural context)
  5. सुरक्षा (Safety of journalists)

महत्‍वपूर्ण दिवस

'विश्‍व प्रेस स्वतंत्रता दिवस'

  • प्रतिवर्ष 3 मई को 'विश्‍व प्रेस स्वतंत्रता दिवस' मनाया जाता है, जिसका इस वर्ष विषय 'शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण' है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • घोषणा: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने आधिकारिक तौर पर दिसंबर 1993 में इसकी घोषणा की थी।
  • विंडहोक घोषणा (Windhoek Declaration): यह दिन 1991 में नामीबिया में अपनाई गई 'विंडहोक घोषणा' की वर्षगांठ का प्रतीक है।
  • विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026: 'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (RSF) द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में भारत 157वें स्थान पर है (180 देशों में से)।
  • संवैधानिक जुड़ाव (Static GK): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत 'वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' में ही प्रेस की स्वतंत्रता निहित मानी जाती है, हालांकि संविधान में अलग से "प्रेस" शब्द का उल्लेख नहीं है।
  • गिर्मो कानो पुरस्कार (Guillermo Cano Prize): यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्रतिवर्ष इसी दिन यह पुरस्कार प्रेस स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों या संस्थानों को दिया जाता है।
  • वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी: इस वर्ष मुख्य वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी लुसाका, जाम्बिया (Lusaka, Zambia) शहर कर रहा है। यह सम्मेलन 4-5 मई, 2026 को मुलुंगुशी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।
  • यूनेस्को/गिर्मो कानो पुरस्कार 2026: इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 'सूडानी पत्रकार सिंडिकेट' (Sudanese Journalists Syndicate) को दिया गया है, जिन्होंने संघर्ष क्षेत्रों में साहसी रिपोर्टिंग की है।

 

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