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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV का शुभारंभ

Sun 03 May, 2026

संदर्भ :

  • केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा के रायगड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) का शुभारंभ किया।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • केंद्रीय मंत्री ने इस शुभारंभ के साथ ही राज्य को बड़ी विकासात्मक सौगात दिया।
  • सड़क परियोजनाएं: PMGSY-IV के तहत ₹1,698.04 करोड़ की लागत से 827 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1,701 किलोमीटर है।
  • लाभार्थी बस्तियां: इस पहल से ओडिशा की 898 बस्तियों को पहली बार 'ऑल-वेदर' (हर मौसम में उपयोगी) पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
  • रायगड़ा का विशेष योगदान: इस जिले को सबसे अधिक लाभ मिला है, जहाँ ₹562.10 करोड़ की लागत से 274 सड़कों (552.21 किमी) का निर्माण किया जाएगा, जिससे 314 बस्तियाँ लाभान्वित होंगी।
  • अतिरिक्त निधि: मंत्री ने लंबित सड़क कार्यों के लिए ₹147 करोड़ और मनरेगा (MGNREGA) की पहली किस्त के रूप में ₹868 करोड़ जारी करने की घोषणा भी की।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV :

  • केन्‍द्र सरकार से मंजूरी : 2024
  • अवधि: वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक के लिए लागू
  • कुल लक्ष्य: देश भर में 62,500 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कर 25,000 असंबद्ध बस्तियों को जोड़ना
  • कुल परिव्यय: ₹70,125 करोड़ (केंद्र का हिस्सा: ₹49,087.50 करोड़, राज्यों का हिस्सा: ₹21,037.50 करोड़)
  • फंडिंग पैटर्न: सामान्य राज्यों के लिए 60:40 और पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों के लिए 90:10

कवरेज:

  • मैदानी क्षेत्र: 500+ आबादी
  • पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्य और विशेष श्रेणी (जनजातीय, आकांक्षी जिले): 250+ आबादी
  • वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिले: 100+ आबादी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) :

  • शुरुआत : 25 दिसंबर 2000, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा

योजना के प्रमुख उद्देश्य :

  • ग्रामीण बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना
  • कृषि उत्पादों के परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा एवं रोजगार तक पहुंच को सुगम बनाना
  • ग्रामीण–शहरी असमानता को कम करना
  • मंत्रालय : ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार

वित्त पोषण (Funding Pattern) :

  • सामान्य राज्य: केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 होता है।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य: इन राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है (90% केंद्र द्वारा वहन)
  • बिना विधानमंडल वाले केन्‍द्रशासित प्रदेश : 100 प्रतिशत केन्‍द्र सरकार द्वारा

PMGSY चरण - द्वितीय :

  • शुरुआत : 2013
  • दूसरे चरण का मुख्य उद्देश्य : मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत और सुदृढ़ बनाना था
  • इसका लक्ष्य परिवहन दक्षता में सुधार करना और ग्रामीण आर्थिक विकास को गति देना था

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना – (2016) :

  • वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों (RCPLWEA) के लिए 2016 में शुरू सड़क संपर्क परियोजना
  • इसमें नौ राज्यों (आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश) के 44 सबसे गंभीर रूप से प्रभावित वामपंथी उग्रवाद (LWE) जिलों और आसपास के क्षेत्रों को शामिल किया गया है

PMGSY चरण III :

  • शुरुआत : 2019
  • तीसरे चरण का उद्देश्य : 1,25,000 किलोमीटर के मुख्य मार्गों और प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्गों का उन्नयन करना
  • इसमें ग्रामीण कृषि बाजार (ग्राम), उच्च माध्यमिक विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं
  • दिसंबर 2025 तक, कुल लक्ष्य में से 1,22,393 किलोमीटर सड़क मार्ग को स्वीकृति दी जा चुकी है, और देश भर में 1,01,623 किलोमीटर (83 प्रतिशत) का निर्माण हो चुका है

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