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Sat 02 May, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

चार संसदीय समितियों का पुनर्गठन

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्ष 2026-27 के लिए चार संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया।
  • इन समितियों का कार्यकाल 1 मई, 2026 से 30 अप्रैल, 2027 तक रहेगा।

पुनर्गठित समितियां और उनके नव-नियुक्त अध्यक्ष :

  • लोक लेखा समिति (PAC): कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल को पुनः इस महत्वपूर्ण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति में लोकसभा के 15 और राज्यसभा के 7 सदस्य शामिल हैं।
  • प्राक्कलन समिति (Estimates Committee): भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल को इस 30 सदस्यीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति के सभी सदस्य केवल लोकसभा से होते हैं।
  • सार्वजनिक उपक्रम संबंधी समिति (COPU): भाजपा सांसद बैजयंत पांडा को इस समिति का नेतृत्व सौंपा गया है। इसमें लोकसभा के 15 और राज्यसभा के 7 सदस्य होते हैं।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति: भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति में लोकसभा के 20 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं।
  • संवैधानिक आधार: संसदीय समितियां अपना अधिकार संविधान के अनुच्छेद 105 (विशेषाधिकार) और अनुच्छेद 118 (संसद को अपनी प्रक्रिया विनियमित करने का अधिकार) से प्राप्त करती हैं।
  • अध्यक्ष की नियुक्ति: लोकसभा समितियों के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा की जाती है।
  • कार्यकाल: इन समितियों का गठन आमतौर पर एक वर्ष के लिए किया जाता है।
  • महत्व: ये समितियां विधायी कामकाज की बारीकी से जांच करती हैं और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करती हैं।

KKNPP की इकाई 5 और 6 में प्रमुख उपकरणों को लगाने के लिए आधिकारिक अनुमति

  • परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने 30 अप्रैल 2026 को कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना (KKNPP) की इकाई 5 और 6 में प्रमुख उपकरणों को लगाने के लिए आधिकारिक अनुमति जारी किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अनुमति: परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने 30 अप्रैल 2026 को कुडनकुलम की इकाई 5 और 6 में "प्रमुख उपकरणों को लगाने" की मंजूरी दी है।
  • महत्वपूर्ण उपकरण: इस मंजूरी के तहत रिएक्टर प्रेशर वेसल (RPV), स्टीम जेनरेटर और कूलेंट पंप जैसे अहम हिस्सों को स्थापित किया जा सकेगा।
  • पिछला चरण: इससे पहले अप्रैल 2021 में 'फर्स्ट पोर ऑफ कंक्रीट' (FPC) की अनुमति दी गई थी।

कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना (KKNPP) :

  • स्थान: तिरुनेलवेली जिला, तमिलनाडु
  • सहयोग: इसे रूस (पूर्व सोवियत संघ) के तकनीकी सहयोग से बनाया गया है
  • क्षमता: यह भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है। इसकी कुल नियोजित क्षमता 6,000 मेगावाट (1000 MW की 6 इकाइयां) है
  • रिएक्टर प्रकार: इसमें VVER-1000 (वाटर-वाटर पावर रिएक्टर) का उपयोग किया जाता है, जो एक प्रकार का 'प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर' (PWR) है।
  • संचालन: इसका संचालन NPCIL (न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) द्वारा किया जाता है।

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) :

  • स्थापना: 15 नवंबर, 1983
  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र
  • कार्य: भारत में परमाणु ऊर्जा और विकिरण सुरक्षा के लिए नियामक नीतियों और मानकों को विकसित करना।
  • वर्तमान अध्यक्ष: ए.के. बालासुब्रमण्यम
  • मंत्रालय: यह परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के तहत कार्य करता है और सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है

अन्य महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र

  • तारापुर (TAPS): महाराष्ट्र (भारत का सबसे पुराना केंद्र)
  • रावतभाटा (RAPS): राजस्थान (कनाडा के सहयोग से शुरू)
  • कैगा (Kaiga): कर्नाटक (हाल ही में इकाई 5-6 के लिए FPC मंजूरी मिली)
  • नरोरा (NAPS): उत्तर प्रदेश
  • काकरापार (KAPS): गुजरात

देश का पहला पेपरलेस न्यायपालिका वाला राज्य

  • सिक्किम भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ न्यायपालिका पूरी तरह से पेपरलेस (कागज रहित) हो गई है।
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गंगटोक में आयोजित एक सम्मेलन में यह घोषणा की।

सिक्किम:

  • राजधानी : गंगटोक
  • नदियां: रंगीत, रांगपो और लाचुंग
  • राजकीय फूल: येरूम लेयी
  • सिक्किम भारत में पर्यटन का प्रमुख केन्द्र है।
  • लेपचा: सिक्किम और नेपाल के मूल निवासी
  • भारत का सर्वोच्च पर्वत शिखर: कंचनजंगा (सिक्किम)पुरानी पेंशन योजना बहाल करने वाला प्रथम उत्तर-पूर्व राज्य है।
  • सिक्किम का प्रथम रेलवे स्टेशन: रंगपो स्टेशन

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

2 हजार रुपये मूल्य वर्ग के नोट

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, चलन में मौजूद 2 हजार रुपये मूल्य वर्ग के 98.47 प्रतिशत नोट वापसी की घोषणा के तीन साल बाद बैंक में वापस आ गए हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल मूल्य: 19 मई 2023 को जब वापसी की घोषणा हुई थी, तब चलन में मौजूद इन नोटों का कुल मूल्य ₹3.56 लाख करोड़ था।
  • वर्तमान स्थिति: 30 अप्रैल 2026 को कारोबार बंद होने तक, बाजार में केवल ₹5,451 करोड़ मूल्य के नोट ही शेष बचे हैं।
  • कानूनी दर्जा (Legal Tender): यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ₹2,000 के नोट अब भी वैध मुद्रा बने हुए हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) :

  • स्थापना: 1 अप्रैल, 1935 को 'भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934' के प्रावधानों के तहत
  • सिफारिश: हिल्टन यंग आयोग (1926) की सिफारिशों के आधार
  • मुख्यालय: प्रारंभ में इसका केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित किया गया।
  • राष्ट्रीयकरण: शुरुआत में निजी स्वामित्व में होने के बाद, 1 जनवरी, 1949 को इसका पूर्ण राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • गवर्नर: वर्तमान में संजय मल्होत्रा 26वें गवर्नर हैं
  • प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख (1943–1949)। वे अगस्त 1943 में नियुक्त हुए और स्वतंत्रता के समय (1947) भी गवर्नर थे।
  • प्रथम महिला डिप्टी गवर्नर: के.जे. उदेशी (2003)। आरबीआई के इतिहास में इस पद तक पहुँचने वाली वे पहली महिला थीं।
  • प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री जो गवर्नर रहे: डॉ. मनमोहन सिंह। वे आरबीआई के 15वें गवर्नर (1982–1985) थे।
  • प्रथम मुख्यालय: कोलकाता (1935)। इसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।
  • सबसे लंबा कार्यकाल: सर बेनेगल रामा राव (7 साल से अधिक)।
  • सबसे छोटा कार्यकाल: अमिताव घोष (मात्र 20 दिन)

भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार

  • भारत और यूएई (UAE) के बीच द्विपक्षीय व्यापार ने $100 बिलियन ($100 billion) का आंकड़ा पार किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • CEPA समझौता: यह ऐतिहासिक वृद्धि 1 मई, 2022 से लागू हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के कारण हुई है।
  • भारत का स्थान: यूएई वर्तमान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार (Trading Partner) और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य (Export Destination) है।
  • निर्यात की वस्तुएं: भारत मुख्य रूप से रत्न और आभूषण (Gems & Jewellery), इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उत्पादों का निर्यात करता है।
  • आयात की वस्तुएं: भारत यूएई से कच्चे तेल (Crude Oil) और प्राकृतिक गैस का प्रमुख रूप से आयात करता है।
  • नया लक्ष्य: दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को $200 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) :

  • राजधानी: अबू धाबी (Abu Dhabi)
  • मुद्रा (Currency): संयुक्त अरब अमीरात दिरहम (AED)
  • आधिकारिक भाषा: अरबी (Arabic)
  • धर्म: इस्लाम (आधिकारिक)
  • सरकार: सात अमीरातों का एक संघीय संवैधानिक राजतंत्र
  • सात अमीरात: UAE सात राज्यों (अमीरातों) का संघ है: अबू धाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, उम्म अल-कुवैन, फुजैरा और रस अल खैमाह (1972 में शामिल हुआ)।
  • सीमाएँ: यह पश्चिम और दक्षिण में सऊदी अरब तथा दक्षिण-पूर्व में ओमान के साथ सीमा साझा करता है।
  • कर्क रेखा (Tropic of Cancer): यह रेखा UAE (विशेष रूप से अबू धाबी) से होकर गुजरती है।
  • सबसे बड़ा शहर: दुबई (जनसंख्या और क्षेत्रफल के मामले में दूसरा सबसे बड़ा)

अंतरराष्ट्रीय समाचार

कोसी और गंडक परियोजनाओं पर संयुक्त समिति की 11वीं बैठक

  • भारत-नेपाल के बीच कोसी और गंडक परियोजनाओं पर संयुक्त समिति की 11वीं बैठक का आयोजन काठमांडू में किया जा रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रतिनिधित्व: भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने किया। नेपाली पक्ष का नेतृत्व वहां के सिंचाई विभाग के महानिदेशक मित्र बराल ने किया।
  • अतिक्रमण हटाना: नेपाल सरकार पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के नेपाली क्षेत्र में पड़ने वाले 35 किलोमीटर हिस्से से अतिक्रमण हटाने पर सहमत हुई है। इसके अलावा, कोसी और गंडक बैराज क्षेत्रों से भी अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
  • बाढ़ प्रबंधन: आगामी मानसून के मद्देनजर बाढ़ पूर्वानुमान (Flood Forecasting) मॉडल और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। 2 मई 2026 को बाढ़ पूर्वानुमान को लेकर एक अलग संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई।
  • अवसंरचना और रखरखाव: पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के तटबंधों पर लगे बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई है, जिससे नहर के रखरखाव और सर्विस रोड के संचालन में आसानी होगी।
  • गंडक परियोजना: इस परियोजना के तहत जल निकासी अवरोधों के कारण होने वाले जलजमाव, नहरों में जल स्तर बनाए रखने और गाद (silt) नियंत्रण जैसे मुद्दों पर रणनीति बनाई गई।
  • कोसी समझौता: यह संधि भारत और नेपाल के बीच 1954 में हुई थी। (कोसी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है)।
  • गंडक समझौता: यह संधि 1959 में हुई थी।
  • प्रमुख नदियाँ: कोसी नदी को नेपाल में 'सप्तकोशी' के नाम से जाना जाता है और गंडक को 'नारायणी' के नाम से।
  • बैराज की स्थिति: कोसी बैराज हनुमाननगर (नेपाल) में है और गंडक बैराज वाल्मीकिनगर (भारत-नेपाल सीमा) पर स्थित है।

चर्चित व्‍यक्ति

ईशांक सिंह

  • झारखंड के ईशांक सिंह 'पाल्‍क जलडमरूमध्य' को पार करने वाले सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सबसे कम उम्र के तैराक: मात्र 7 वर्ष की आयु में इशांक 'पाल्‍क जलडमरूमध्य' को तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं।
  • समय और दूरी: उन्होंने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोड़ी तक की लगभग 29 किलोमीटर की दूरी को महज 9 घंटे 50 मिनट में पूरा किया।
  • पिछला रिकॉर्ड: इशांक ने तमिलनाडु के जय जसवंत (Jay Jaswanth) का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2019 में 10 साल की उम्र में यह दूरी 10 घंटे 30 मिनट में तय की थी।
  • विश्व रिकॉर्ड मान्यता: उनकी इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम (URF) द्वारा आधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई और उन्हें "द यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाल्क स्ट्रेट स्वीमर" का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

पाल्‍क जलडमरूमध्य (Palk Strait) :

  • स्थान: यह भारत के तमिलनाडु राज्य और श्रीलंका के उत्तरी प्रांत (जाफना जिला) के बीच स्थित है।
  • जोड़ने वाले जल निकाय: यह उत्तर-पूर्व में बंगाल की खाड़ी को दक्षिण-पश्चिम में पाक खाड़ी (Palk Bay) और मन्नार की खाड़ी से जोड़ता है।
  • नाम की उत्पत्ति: इसका नाम ब्रिटिश शासन के दौरान मद्रास प्रेसीडेंसी के गवर्नर (1755-1763) रॉबर्ट पाल्क के नाम पर रखा गया है।
  • नदी का प्रवाह: तमिलनाडु की वैगई नदी इसी जलडमरूमध्य में गिरती है
  • राम सेतु (Adam’s Bridge): यह चूना पत्थर की चट्टानों की एक श्रृंखला है जो भारत के पंबन द्वीप (धनुषकोड़ी) को श्रीलंका के मन्नार द्वीप से जोड़ती है。
  • उथला पानी: इसकी गहराई काफी कम (न्यूनतम 9.1 मीटर से कम) है, जिसके कारण बड़े जहाजों का यहाँ से गुजरना कठिन होता है।
  • सेतुसमुद्रम परियोजना: बड़े जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा यहाँ एक जहाजरानी नहर बनाने की योजना प्रस्तावित है।

रक्षा समाचार

INS महेंद्रगिरी

  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई में प्रोजेक्ट 17A के छठे स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरी' को भारतीय नौसेना को सौंपा गया।
  • ओडिसा की महेंद्रगिरी चोटी के नाम पर निर्मित, यह युद्धपोत उन्नत हथियारों, सेंसर और 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री से युक्त है, जो आत्मनिर्भर भारत का एक प्रमुख प्रतीक है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

प्रोजेक्ट 17ए (नीलगिरी श्रेणी) :

  • कुल जहाज: इस परियोजना के तहत कुल 7 जहाजों का निर्माण किया जा रहा है (4 MDL द्वारा और 3 GRSE द्वारा)।
  • स्टील्थ फीचर्स: इन जहाजों में बेहतर स्टील्थ विशेषताएं (कम रडार सिग्नेचर) और उच्च स्तर का ऑटोमेशन है।
  • डिजाइन: इन जहाजों का डिजाइन भारतीय नौसेना के 'वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो' (WDB) द्वारा इन-हाउस तैयार किया गया है।
  • हथियार प्रणाली: इनमें ब्रह्मोस (सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल), बराक-8 (सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल) और उन्नत रडार प्रणालियां शामिल हैं।

प्रोजेक्ट 17ए के सभी सात जहाज :

  • नीलगिरी (Nilgiri) - प्रथम जहाज (कमीशन: जनवरी 2025)
  • हिमगिरी (Himgiri)
  • उदयगिरी (Udaygiri) (कमीशन: अगस्त 2025)
  • दूनागिरी (Dunagiri)
  • तारागिरी (Taragiri) (कमीशन: अप्रैल 2026)
  • विंध्यगिरी (Vindhyagiri)
  • महेंद्रगिरी (Mahendragiri) - अंतिम जहाज

रक्षा वित्त सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण

  • 1990 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा के अधिकारी विश्‍वजीत सहाय ने रक्षा मंत्रालय में रक्षा वित्त सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पिछला पद: इस पद पर नियुक्त होने से पहले, वे रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के रूप में कार्यरत थे।
  • अनुभव: उन्हें रक्षा वित्त और सार्वजनिक प्रशासन में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है।
  • पूर्व कार्यभार: उन्होंने पूर्व में भारी उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

रक्षा लेखा महानियंत्रक के रूप में कार्यभार ग्रहण

  • भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अनुग्रह नारायण दास ने 1 मई, 2026 को रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अनुभव: उनके पास रक्षा वित्तीय प्रबंधन और लोक सेवा में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
  • शिक्षा: वे भुवनेश्वर के उत्कल विश्वविद्यालय और स्लोवेनिया के आईसीपीई, लुब्लियाना विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।
  • महत्वपूर्ण पद: उन्होंने रक्षा मंत्रालय में अपर वित्तीय सलाहकार और संयुक्त सचिव, सेना मुख्यालय में प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार और CGDA मुख्यालय में विशेष नियंत्रक महालेखाकार जैसे प्रमुख पदों पर कार्य किया है।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

व्हिटली पुरस्कार 2026

  • भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित व्हिटली पुरस्कार, जिसे 'ग्रीन ऑस्कर' भी कहा जाता है, से सम्मानित किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पुरस्कार: व्हिटली पुरस्कार 2026 (Whitley Award 2026)
  • संस्था: यह पुरस्कार यूके स्थित चैरिटी व्हिटली फंड फॉर नेचर (WFN) द्वारा दिया जाता है।
  • कार्य का क्षेत्र: उन्हें संकटग्रस्त पक्षी 'इंडियन स्किमर' (Indian Skimmer) के संरक्षण के लिए यह सम्मान मिला है।
  • सह-विजेता: परवीन शेख के साथ एक अन्य भारतीय संरक्षणवादी, बरखा सुब्बा (Barkha Subba) को भी हिमालयन सैलामैंडर के संरक्षण के लिए यह पुरस्कार मिला है।
  • परवीन शेख बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) में एक वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।
  • उन्होंने चंबल नदी पर "गार्डियंस ऑफ द स्किमर" (Guardians of the Skimmer) नामक एक समुदाय-आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया है।
  • उनके प्रयासों से चंबल में इंडियन स्किमर की आबादी 2017 में 400 से बढ़कर 2025 तक लगभग 1,000 हो गई है और घोंसलों की उत्तरजीविता दर (survival rate) 14% से बढ़कर 27% हो गई है।
  • पुरस्कार से मिली राशि का उपयोग वे गंगा बेसिन के प्रयागराज तक इस संरक्षण मॉडल का विस्तार करने के लिए करेंगी।

इंडियन स्किमर :

  • विशेषता: यह पक्षी अपनी चमकीली नारंगी चोंच और पानी की सतह पर उड़ते हुए मछली पकड़ने (skimming) की अपनी अनूठी शैली के लिए जाना जाता है।
  • आबादी: दुनिया की 90% से अधिक आबादी (लगभग 3,000 पक्षी) भारत में पाई जाती है।
  • पर्यावास: ये पक्षी मौसमी रेत के टीलों (sandbars) और नदी के द्वीपों पर घोंसले बनाते हैं, जो मानवीय हस्तक्षेप और नदी के प्रवाह में बदलाव के कारण खतरे में हैं।

एलुमनाई अवार्ड फॉर प्रोफेशनल अचीवमेंट

  • यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यन को प्रोफेशनल अचीवमेंट के लिए एलुमनाई अवॉर्ड से सम्मानित किया।
  • 1941 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से, यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय अर्थशास्त्री बन गए हैं, जो भारत के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक आर्थिक कार्यों को मान्यता देता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • अवॉर्ड: एलुमनाई अवार्ड फॉर प्रोफेशनल अचीवमेंट।
  • संस्था: शिकागो विश्वविद्यालय (University of Chicago)।
  • महत्व: 85 साल के इतिहास में यह पुरस्कार पाने वाले वे पहले भारतीय अर्थशास्त्री हैं।
  • योगदान: के.वी. सुब्रमण्यन ने 2018-2021 तक CEA के रूप में कार्य करते हुए कोविड-19 संकट के दौरान प्रमुख आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Surveys) तैयार किए।
  • वर्तमान भूमिका: वह वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के कार्यकारी निदेशक हैं।
  • सम्मान समारोह: यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सप्ताहांत (Alumni Weekend) समारोह में प्रदान किया गया।
  • कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यन 2018 से 2021 तक भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे।
  • यूनिवर्सिटी ने उन्हें कोविड-19 संकट के दौरान भारत की प्रमुख आर्थिक आवाज बताया।

 

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