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भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर

Tue 28 Apr, 2026

संदर्भ :

  • भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किया।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • भारत-न्यूजीलैंड के बीच FTA की घोषणा : 16 मार्च 2025
  • रिकार्ड : मात्र 9 महीनों में इसे पूरा किया, अब तक का सबसे तेजी से पूरा होने वाला मुक्त व्यापार समझौता
  • वर्तमान में, न्यूजीलैंड ओशिनिया में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
  • 49,380 अमेरिकी डॉलर की आय के साथ, न्यूजीलैंड ओशिनिया के उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में एक है।
  • 2024 में, न्यूजीलैंड का आयात 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • न्यूजीलैंड अपनी जीडीपी का लगभग 8% वार्षिक रूप से विदेशों में निवेश करता है, और मार्च 2025 तक कुल विदेशी निवेश का मूल्य 422.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के लगभग 300,000 लोग और प्रवासी भारतीय रहते हैं, जो इसकी कुल जनसंख्या का लगभग 5% हैं
  • मर्चेंडाइज व्यापार: 2023-24 में 873 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 49% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
  • न्यूजीलैंड को माल निर्यात: 2024-25 में बढ़कर 711 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 32% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
  • सेवा व्यापार: भारत से न्यूजीलैंड को सेवा निर्यात 2024 में 13% बढ़कर 634 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। प्रमुख क्षेत्रों में यात्रा, आईटी और व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं।
  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2015-2016 में 855 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-2025 में 1298 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। निर्यात में 130% की बढ़ोतरी हुई, जबकि आयात में 10 वर्ष में केवल 7.21% की बढ़ोतरी हुई।

मुक्त व्यापार समझौते की प्रमुख विशेषताएं :

  • मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात पर लगने वाला 100% शुल्क खत्म कर दिया गया है।
  • 15 वर्ष में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करती है।
  • भारत ने 70.03% टैरिफ लाइनों में बाजार पहुंच की प्रस्तुति रखी है, जबकि 29.97% टैरिफ लाइनों को इससे बाहर रखा है, जो न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय व्यापार का 95% हिस्सा है।
  • कुछ उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है, जैसे कि दुग्ध उत्पाद (दूध, क्रीम, मट्ठा, दही, पनीर आदि), पशु उत्पाद (भेड़ के मांस को छोड़कर), वनस्पति उत्पाद (प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम आदि), चीनी, कृत्रिम शहद, पशु, वनस्पति या सूक्ष्मजीव वसा और तेल, हथियार और गोला-बारूद, रत्न और आभूषण, तांबा और उससे बनी वस्तुएं (कैथोड, कारतूस, छड़, बार, कॉइल आदि), एल्युमिनियम और उससे बनी वस्तुएं (पिंड, बिलेट, तार की छड़ें) आदि।
  • 30.00% टैरिफ मदों पर तत्काल शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा, जिनमें लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस, चमड़ा (कच्ची खाल) आदि शामिल हैं।
  • 35.60% टैरिफ को 3, 5, 7 और 10 वर्ष में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा, जिनमें पेट्रोलियम तेल, माल्ट का अर्क, वनस्पति तेल, चुनिंदा विद्युत और यांत्रिक मशीनरी, पेप्टोन आदि शामिल हैं।
  • 4.37% उत्पादों, जैसे शराब, दवाइयां, पॉलिमर, एल्युमीनियम, लोहा और इस्पात से बने उत्पाद आदि, पर शुल्क में कमी की गई है।
  • 0.06% उत्पाद, जिनमें मानुका शहद, सेब, कीवी फल और एल्ब्यूमिन (दूध एल्ब्यूमिन सहित) शामिल हैं, शुल्क दर कोटा के अंतर्गत आते हैं।

मुक्त व्यापार समझौते से भारत को होने वाले लाभ :

  • FTA के तहत न्यूजीलैंड को भारत के 100% निर्यातों पर शुल्क-मुक्त पहुंच उपलब्ध है, जिसमें सभी प्रकार के शुल्क शामिल हैं। इससे लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और रोजगार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
  • वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ोतरी होगी।
  • भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र के लिए लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोयला और धातुओं के अपशिष्ट और स्क्रैप सहित शुल्क-मुक्त इनपुट प्राप्त की, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और भारतीय उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
  • व्यापार बाधाओं में कमी और नियामकीय निश्चितता से वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, खाद्य प्रसंस्करण और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए भारतीय विनिर्माण और वैश्विक मूल्य श्रृंखला एकीकरण को मजबूती मिलेगी।
  • एमएसएमई के लिए संरचित सहयोग में व्यापार से संबंधित जानकारी तक बेहतर पहुंच, निर्यात तत्परता कार्यक्रम और न्यूजीलैंड के एसएमई इकोसिस्टम के साथ संबंध शामिल हैं, जिसमें विशेष रूप से स्टार्टअप और महिलाओं और युवाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • कृषि, प्रौद्योगिकी सहयोग और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए लाभ :
  • न्यूजीलैंड ने भारत में कीवी फल, सेब और शहद के उत्पादकों की उत्पादकता, गुणवत्ता और क्षेत्रीय क्षमताओं में सुधार लाने के लिए इन फलों के लिए केंद्रित कार्य योजनाओं पर सहमति जताई है।

सेवाएं :

  • न्यूजीलैंड की ओर से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव: 118 सेवा क्षेत्रों में प्रतिबद्धता, जिनमें से 139 क्षेत्रों में सर्वोच्च राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा प्राप्त है।
  • स्वास्थ्य एवं पारंपरिक चिकित्सा: न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत के साथ आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के व्यापार को सुगम बनाया है।

आवागमन एवं शिक्षा :

  • छात्रों का आवागमन: न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ छात्रों के आवागमन और शिक्षा के बाद काम के लिए वीजा पर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय छात्र अध्ययन के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकते हैं, भले ही भविष्य में नीति में बदलाव हो, और उन्हें पढ़ाई के बाद काम के लिए वीजा की अवधि बढ़ाई जाएगी (एसटीईएम स्नातक: 3 वर्ष; स्नातकोत्तर: 3 वर्ष तक; डॉक्टरेट: 4 वर्ष तक)।
  • व्यावसायिक अवसर: एफटीए के तहत एक नया अस्थायी रोजगार प्रवेश (टीईई) वीजा मार्ग स्थापित किया गया है, जिसमें कुशल भारतीयों के लिए 3 साल तक के प्रवास हेतु 5,000 वीजा का कोटा निर्धारित है।
  • वर्किंग हॉलिडे वीजा: प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने की अवधि के लिए न्यूजीलैंड में बहु-प्रवेश वीजा का लाभ उठा सकते हैं।

भारत के प्रमुख निर्यात :

कृषि:

  • भारत का वैश्विक निर्यात 2024-25 में 51.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2023-24 के 48.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 7.3% अधिक है।
  • न्यूजीलैंड को निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 के 95.62 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 108.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

सामुद्रिक:

  • वित्त वर्ष 2025 में भारत का वैश्विक निर्यात 7.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में 6.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • इसी अवधि में न्यूजीलैंड को निर्यात 1535 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 1589 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

वस्त्र एवं परिधान:

  • भारत का वैश्विक निर्यात 2024-25 में 36.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2023-24 के 34.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 6.1% अधिक है।
  • इसी अवधि में न्यूजीलैंड को निर्यात 98.14 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 103.14 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

इंजीनियरिंग:

  • वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वैश्विक निर्यात 153.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • वित्त वर्ष 2024-25 में न्यूजीलैंड को निर्यात 136.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।

चमड़ा:

  • भारत का वैश्विक निर्यात 2024-25 में 3.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • न्यूजीलैंड को निर्यात 2024-25 में 6.23 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

जूते :

  • भारत का वैश्विक निर्यात 2024-25 में 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • न्यूजीलैंड को निर्यात 2024-25 में 2.28 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

खेल सामग्री :

  • भारत का वैश्विक निर्यात 2024-25 में 571 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • न्यूजीलैंड को निर्यात 2024-25 में 4.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

औषधीय उत्पाद :

  • वैश्विक निर्यात 2024-25 में 24.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2023-24 के 22.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 10.8% अधिक है।
  • न्यूजीलैंड को निर्यात 2024-25 में 57.51 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

प्लास्टिक एवं उससे बने उत्पाद :

  • वित्त वर्ष 2025 में भारत का वैश्विक निर्यात 8.16 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • इसी अवधि में न्यूजीलैंड को निर्यात 13.48 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

रत्न एवं आभूषण :

  • वित्त वर्ष 2025 में भारत का वैश्विक निर्यात 29.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • इसी अवधि के दौरान न्यूजीलैंड को निर्यात 16.91 मिलियन अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं विद्युत मशीनरी :

  • वित्त वर्ष 2025 में भारत का वैश्विक निर्यात 77.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • इसी अवधि के दौरान न्यूजीलैंड को निर्यात 68.26 मिलियन अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा।

रासायनिक एवं इससे जुड़े उत्पाद :

  • वित्त वर्ष 2025 में भारत का वैश्विक निर्यात 64.04 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • इसी अवधि के दौरान न्यूजीलैंड को निर्यात 95.79 मिलियन अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत राज्यवार लाभ :

प्रदेश/केंद्र शासित प्रदेश प्रमुख लाभान्वित क्षेत्र New Zealand के बाजार तक पहुंच से अपेक्षित लाभ
Gujarat पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रत्न एवं आभूषण जामनगर, दहेज, सूरत से निर्यात को बढ़ावा; उच्च मूल्य उत्पादों में विविधीकरण
Maharashtra फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कलपुर्जे, प्रसंस्कृत खाद्य, रसायन शून्य टैरिफ से मुंबई, पुणे, नासिक से निर्यात वृद्धि; वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण
Punjab बासमती चावल, प्रसंस्कृत खाद्य, खेल सामग्री, हस्त उपकरण 5–10% टैरिफ हटाने से कृषि निर्यात व MSME को बढ़ावा
Haryana ऑटोमोबाइल, ऑटो कलपुर्जे, बासमती चावल 2–4% टैरिफ हटाने से प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार
Uttar Pradesh चमड़े के उत्पाद, कालीन, हस्तशिल्प 6–10% टैरिफ हटाने से MSME व कारीगरों को लाभ
Tamil Nadu वस्त्र, परिधान, चमड़ा, ऑटो कलपुर्जे 8–10% टैरिफ हटाने से निर्यात प्रतिस्पर्धा में वृद्धि
Delhi (NCT) मशीनरी, विद्युत सामग्री, रसायन उच्च-तकनीकी निर्यात को प्रोत्साहन
Karnataka फार्मास्यूटिकल्स, कॉफी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार
West Bengal चाय, इंजीनियरिंग सामग्री, मशीनरी मूल्यवर्धन व कृषि आय में वृद्धि
Madhya Pradesh तिलहन, प्रसंस्कृत खाद्य, धातु उत्पाद कृषि प्रसंस्करण व निर्यात बढ़ोतरी
Andhra Pradesh समुद्री उत्पाद, फल, फार्मा समुद्री उत्पाद निर्यात को बढ़ावा
Rajasthan रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, पत्थर वैश्विक बाजारों में विस्तार
Telangana फार्मा, रसायन, हल्दी फार्मा हब को मजबूती
Kerala मसाले, समुद्री उत्पाद, नारियल, खाद्य प्रीमियम बाजारों में विस्तार
Goa समुद्री उत्पाद, काजू, खनिज निर्यात व मूल्यवर्धन में सुधार
Bihar कृषि उत्पाद, रेशम, हस्तशिल्प MSME व ग्रामीण आय में वृद्धि
Odisha समुद्री उत्पाद, धातु तटीय अर्थव्यवस्था को लाभ
Himachal Pradesh औषधीय उत्पाद, ऊनी वस्त्र निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार
Chhattisgarh लोहा-इस्पात धातु निर्यात में वृद्धि
Uttarakhand औषधीय, प्लास्टिक, मशीनरी औद्योगिक क्लस्टरों को बढ़ावा
Jharkhand लोहा-इस्पात, तांबा वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण
Puducherry औषधीय, रबर उत्पाद निर्यात विस्तार
Chandigarh मशीनरी, औजार इंजीनियरिंग निर्यात को बढ़ावा
Jammu and Kashmir हस्तशिल्प, केसर, बागवानी GI उत्पादों की वैश्विक पहुंच
पूर्वोत्तर राज्य (Assam, Arunachal Pradesh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Tripura, Sikkim) चाय, बांस उत्पाद, जैविक कृषि, मसाले निर्यात में वृद्धि व ग्रामीण विकास

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