GK Update
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
 

or
 
 




GK Update

Fri 24 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

उत्तरी क्षेत्र कृषि सम्मेलन

  • उत्तरी क्षेत्र कृषि सम्मेलन का आयोजन 24 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के 'द सेंट्रम होटल' में किया गया।
  • यह सम्मेलन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अध्यक्षता: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की।
  • सहभागी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश: इसमें उत्तर भारत के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया, जिनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।
  • चर्चा के मुख्य विषय: सम्मेलन के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), कृषि अवसंरचना कोष (AIF), डिजिटल कृषि मिशन (डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री), बागवानी विकास, और दलहन-तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा की गई।
  • यह आयोजन देश भर में आयोजित किए जा रहे क्षेत्रीय सम्मेलनों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका समापन 28-29 मई को नई दिल्ली में होने वाले 'राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन' के साथ होगा।

प्रमुख कृषि योजनाएं :

  • PM-KISAN (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) – शुरुआत: 24 फरवरी, 2019 | मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • PMFBY (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) – शुरुआत: 13 जनवरी, 2016 | मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) – शुरुआत: अगस्त 1998 | मंत्रालय: वित्त मंत्रालय (RBI/NABARD द्वारा कार्यान्वित)
  • PMKSY (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना) – शुरुआत: 1 जुलाई, 2015 | मंत्रालय: जल शक्ति, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • PM-KUSUM (सौर पंप योजना) – शुरुआत: मार्च 2019 | मंत्रालय: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
  • e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) – शुरुआत: 14 अप्रैल, 2016 | मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) – शुरुआत: 19 फरवरी, 2015 | मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • PM-KMY (किसान मान-धन योजना) – शुरुआत: 12 सितंबर, 2019 | मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना' (SASCI)

  • केन्‍द्रीय खान मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना' (SASCI) के तहत ₹5,000 करोड़ का वित्तीय आवंटन शामिल किया।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्यों में खनन क्षेत्र के सुधारों को प्रोत्साहित करना और खनिज उत्पादन को गति देना है।
  • योजना के इस घटक के लिए परिचालन दिशानिर्देश हाल ही में मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 में सरस आजीविका मेला

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरस आजीविका मेलों के कैलेंडर को अंतिम रूप दिया।
  • इसका उद्देश्य देश भर में ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और पारंपरिक शिल्पकला को बढ़ावा देना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सरस आजीविका मेला 2026: 22 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक लीजर वैली पार्क, गुरुग्राम में आयोजित होगा।
  • सरस फूड फेस्टिवल 2026: 21 नवंबर से 8 दिसंबर 2026 तक सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
  • सरस आजीविका मेला 2027: 1 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
  • ये मेले देश भर के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को एक साथ लाने के लिए एक मंच के रूप में काम करते हैं और ग्रामीण महिलाओं को शहरी उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने में सक्षम बनाते हैं, जिससे उनकी आय और दृश्यता में वृद्धि होती है।

सरस आजीविका मेला :

  • आयोजक: ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) के सहयोग से
  • मिशन: यह दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का एक हिस्सा है।

उद्देश्य:

  • ग्रामीण कारीगरों और शिल्पकारों को बाजार तक पहुंच प्रदान करना और बिचौलियों को खत्म करना।
  • ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
  • 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती देना।
  • सरस आजीविका मेला 2026: इसका आयोजन फरवरी 2026 में गुरुग्राम, हरियाणा में किया गया था। इसमें 28 राज्यों की 900 से अधिक महिला उद्यमियों ने भाग लिया。
  • सरस आजीविका मेला 2025: यह नोएडा हाट और दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम जैसे स्थानों पर आयोजित हुआ
  • लखपति दीदी पहल: वर्तमान मेलों का एक प्रमुख फोकस 'लखपति दीदी' (सालाना ₹1 लाख से अधिक कमाने वाली SHG महिलाएं) की निर्यात क्षमता विकसित करना और उन्हें सफल उद्यमी बनाना है।

अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए सहायता

  • केन्‍द्र सरकार ने 2025-26 में 75 लाख से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए 7,981 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: कक्षा 11वीं और उससे ऊपर की पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
  • वित्तीय संरचना: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है। 2020 में कैबिनेट ने इसके "फंडिंग पैटर्न" को बदलकर 60:40 (केंद्र:राज्य) कर दिया था (पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10)।
  • DBT का महत्व: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्रों के आधार-संबद्ध बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
  • फ्रीशिप कार्ड (Freeship Card): पात्र छात्रों को 'फ्रीशिप कार्ड' जारी किए जाते हैं, जिससे उन्हें बिना अग्रिम शुल्क भुगतान के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश मिल सके।

प्रौद्योगिकी विकास और निवेश प्रोत्साहन (TDIP) योजना

 

  • केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने प्रौद्योगिकी विकास और निवेश प्रोत्साहन (TDIP) योजना के संशोधित दिशा-निर्देश जारी किया।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत को दूरसंचार क्षेत्र में केवल एक तकनीक उपभोक्ता के बजाय एक वैश्विक मानक निर्धारक के रूप में स्थापित करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल परिव्यय (Outlay): ₹203 करोड़।
  • अवधि: यह योजना वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए लागू होगी।
  • मुख्य लक्ष्य: 6G और 5G एडवांस जैसी अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों के विकास में तेजी लाना और अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण निकायों (जैसे ITU, 3GPP और oneM2M) में भारत की भागीदारी को मजबूत करना।
  • विस्तारित दायरा: संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत अब स्टार्टअप्स, MSMEs, शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान संगठन और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को भी शामिल किया गया है
  • कार्यान्वयन एजेंसियां: इसे टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी इंडिया (TSDSI), टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (TCoE) और टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (TCIL) के माध्यम से लागू किया जाएगा।

महत्‍वपूर्ण दिवस

'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस'

 

  • 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के लागू होने की स्‍मृति में प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 73वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 को 22 दिसंबर 1992 को लोकसभा और 23 दिसंबर 1992 को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद, यह 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी (लागू) हुआ। इसी तिथि के महत्व को देखते हुए 24 अप्रैल को यह दिवस चुना गया।
  • प्रथम घोषणा: तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2010 में पहले 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' की घोषणा की थी
  • संवैधानिक प्रावधान: इस संशोधन के माध्यम से संविधान में एक नया भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243O) और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं
  • त्रिस्तरीय संरचना: यह अधिनियम ग्राम, ब्लॉक (मध्यवर्ती) और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली का प्रावधान करता है

वर्तमान संदर्भ (2026):

  • 33 वर्ष पूरे: 24 अप्रैल 2026 को इस ऐतिहासिक संशोधन के लागू होने के 33 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
  • नोडल मंत्रालय: इसे प्रतिवर्ष पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • इस अवसर पर पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई)-2.0 की रिपोर्ट और 'मेरी पंचायत मेरी धरोहर' पर 3 पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा।
  • मंत्रालय की 'पंचायत धरोहर पहल' के अंतर्गत ग्रामीण विरासत पर तीन सचित्र पुस्तकें त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ, तिरुपति की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ और 'उत्तरकाशी: सौम्या काशी: हिमालयी विरासत की आत्मा' जारी की जाएगी।

पंचायती राज :

  • पंचायती राज भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) की एक प्रणाली है, जिसे 1992 के 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया

त्रिस्तरीय संरचना :

  • भारत में अधिकांश राज्यों में पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर हैं
  • ग्राम स्तर (Village Level): ग्राम पंचायत
  • ब्लॉक/मध्यवर्ती स्तर (Block Level): पंचायत समिति
  • जिला स्तर (District Level): जिला परिषद

महत्वपूर्ण समितियाँ :

  • बलवंत राय मेहता समिति (1957): इसने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का सुझाव दिया था
  • अशोक मेहता समिति (1977): इसने द्विस्तरीय (Two-tier) संरचना की सिफारिश की थी
  • एल.एम. सिंघवी समिति (1986): इसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने की पुरजोर सिफारिश की थी

संवैधानिक प्रावधान :

  • संविधान का भाग: इसे संविधान के भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243O) में शामिल किया गया है
  • अनुसूची: 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के कार्यक्षेत्र के 29 विषय शामिल हैं।
  • राज्य सूची का विषय: 'स्थानीय स्वशासन' मूल रूप से राज्य सूची (State List) का विषय है।

मुख्य विशेषताएँ :

  • ग्राम सभा: यह पंचायत राज प्रणाली का आधार है, जिसमें गाँव के सभी पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं।
  • आरक्षण: अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST) और महिलाओं (कम से कम 1/3 सीटें) के लिए आरक्षण अनिवार्य है।
  • कार्यकाल: पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निश्चित किया गया है। समय से पहले भंग होने पर 6 महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
  • राज्य चुनाव आयोग: चुनावों के निष्पक्ष संचालन के लिए हर राज्य में एक स्वतंत्र राज्य चुनाव आयोग का प्रावधान है।
  • राज्य वित्त आयोग: पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए हर 5 साल में इसके गठन का प्रावधान है।
  • पहली शुरुआत: आधुनिक भारत में पहली बार 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन किया गया था।

पर्यावरण समाचार

शोध पत्र 'ग्लोबल ड्रॉट एक्सट्रीम्स इन 2025'

 

  • 'नेचर रिव्यूज अर्थ एंड एनवायरनमेंट' जर्नल के एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2025 में वैश्विक सूखे ने लगभग 30% भूमि क्षेत्र को प्रभावित किया।
  • यह 1990 के दशक में दर्ज किए गए 10 प्रतिशत से लगभग तीन गुना अधिक है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • यह अध्ययन यूरोपीय सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स के ERA5-Land डेटासेट और कई उच्च-रिज़ॉल्यूशन जलवायु सूचकांकों पर आधारित है।
  • इस अध्ययन ने 1950 से 2025 तक सूखे की सीमा और गंभीरता का पता लगाया है।
  • अध्‍ययन के अनुसार, वर्ष 2025 1950 के बाद से सूखे से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले वाले वर्षों में छठे स्थान पर रहा।
  • वर्ष 2025 मौसम संबंधी सूखे से प्रभावित वैश्विक भूमि क्षेत्र के 30 प्रतिशत में से, लगभग 1.2 प्रतिशत क्षेत्र अत्यधिक सूखे से प्रभावित था (विशेष रूप से गंभीर नमी की कमी के रूप में परिभाषित किया गया है।)
  • रिर्पोट में कहा गया है कि 2025 का सूखा कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि यह 2000 के बाद वैश्विक सूखे के विस्तार का एक हिस्सा था

रिर्पोट, रैंक एवं सूचकांक

FTO की रैंकिंग का दूसरा चरण जारी

 

  • नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा अनुमोदित उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (FTO) की रैंकिंग का दूसरा चरण (अप्रैल 2026 संस्करण) जारी किया।
  • यह रैंकिंग प्रणाली देश में पायलट प्रशिक्षण को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शुरू की गई है।
  • रैंकिंग का पहला चरण 1 अक्टूबर, 2025 को प्रकाशित हुआ था।

रिर्पोट के अनुसार :

मूल्यांकन के मानक:

  • DGCA ने इन संगठनों को निम्नलिखित 5 मुख्य मापदंडों पर आंका है
  1. सुरक्षा मानक और संस्कृति
  2. कोर्स पूरा करने में लगने वाला औसत समय
  3. छात्र-से-विमान अनुपात (Student-to-aircraft ratio)
  4. बेड़े का आकार (Fleet size) और प्रशिक्षकों की उपलब्धता
  5. नियामक अनुपालन और छात्र सहायता
  • उद्देश्य: इसका मुख्य लक्ष्य 'Train in India, Fly in India' विजन को बढ़ावा देना और भारतीय पायलट प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
  • प्रशासनिक सुधार: रैंकिंग हर छह महीने (1 अप्रैल और 1 अक्टूबर) में जारी की जाती है। यह डेटा-संचालित ढांचा संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है।
  • क्षेत्रीय सुधार: पिछले 8 वर्षों में जारी किए गए कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) की संख्या में 2.5 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जो विमानन क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
  • नियामक पहल: 'भारतीय वायुयान अधिनियम' (Bharatiya Vayuyan Adhiniyam) के तहत पायलट लाइसेंसिंग के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।
  • शीर्ष प्रदर्शन: इस चरण में अव्याना एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (Avyanna Aviation Pvt. Ltd) ने सर्वोच्च 'A' श्रेणी प्राप्त की है। यह पिछले चरण (अक्टूबर 2025) की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है, जब कोई भी संस्थान 'A' या 'A+' श्रेणी में स्थान नहीं बना पाया था।
  • सुधार की प्रवृत्ति: पहले चरण (अक्टूबर 2025) में 35 में से 13 FTO 'B' और 22 'C' श्रेणी में थे। दूसरे चरण के आंकड़े बताते हैं कि कई संस्थानों ने अपनी परिचालन दक्षता और मानकों में सुधार किया है।
  • श्रेणी 'C' (22 संस्थान): 50% से कम अंक प्राप्त करने वाले संस्थान। इन्हें DGCA द्वारा सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया था
  • श्रेणी 'B' में संस्थानों की संख्या 13 से बढ़कर 17 हो गई है, जबकि श्रेणी 'C' में संख्या घटकर 17 रह गई है, जो क्षेत्र में सुधार का संकेत है।

चर्चित व्‍यक्ति

राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल

 

  • आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।
  • राघव चड्ढा ने कहा कि वह राज्यसभा में आप के दो तिहाई सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • दलबदल और विलय: राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि आम आदमी पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से सात (2/3 सदस्य) पार्टी छोड़ रहे हैं और उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा के साथ विलय करने का निर्णय लिया है।
  • कारण: राघव चड्ढा ने पार्टी के सिद्धांतों से भटकने और नेतृत्व से असंतोष का हवाला दिया।
  • विभाजन और विलय: यदि किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य किसी अन्य दल में विलय का फैसला करते हैं, तो उनकी सदस्यता पर दलबदल कानून के तहत खतरा नहीं होता (91वें संविधान संशोधन, 2003 के अनुसार)।
  • अयोग्यता के आधार: यदि कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ता है या दल के निर्देशों (व्हिप) के विरुद्ध मतदान करता है, तो वह अयोग्य ठहराया जा सकता है।
  • निर्णय लेने की शक्ति: अयोग्यता संबंधी प्रश्नों पर निर्णय लेने का अधिकार सदन के अध्यक्ष (राज्‍यसभा के मामले में सभापति) के पास होता है।

'दलबदल विरोधी कानून' :

  • भारतीय संविधान में दलबदल से संबंधित प्रावधान दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) में दिए गए हैं, जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 के माध्यम से जोड़ा गया था। इसे सामान्यतः 'दलबदल विरोधी कानून' (Anti-Defection Law) कहा जाता है।

अनुच्छेद 102 (2) - संसद के लिए :

  • अनुच्छेद 102(1) सामान्य अयोग्यताओं (जैसे लाभ का पद, दिवालियापन आदि) की बात करता है।
  • अनुच्छेद 102(2) विशेष रूप से दसवीं अनुसूची (दलबदल) का संदर्भ देता है।

अनुच्छेद 191 (2) - राज्य विधानमंडलों के लिए :

  • 0वीं अनुसूची: इसमें अयोग्यता के नियम और प्रक्रिया विस्तार से दी गई है।
  • अनुच्छेद 102(2) और 191(2): ये संविधान के मुख्य भाग में वह संवैधानिक आधार (Constitutional Basis) प्रदान करते हैं, जिसके जरिए 10वीं अनुसूची को लागू किया जाता है।
  • नोट: इनके अलावा अनुच्छेद 75(1B) और अनुच्छेद 164(1B) (91वें संशोधन 2003 द्वारा जोड़े गए) यह प्रावधान करते हैं कि दलबदल के आधार पर अयोग्य ठहराया गया व्यक्ति मंत्री पद के लिए भी तब तक अयोग्य रहेगा जब तक वह दोबारा चुनाव न जीत जाए।

जनरल उपेन्‍द्र द्विवेदी

 

  • भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्‍द्र द्विवेदी को अमरीकी आर्मी वॉर कॉलेज के अंतर्राष्‍ट्रीय हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • तीसरे भारतीय सेना प्रमुख: जनरल द्विवेदी यह गौरव प्राप्त करने वाले तीसरे भारतीय सेना प्रमुख हैं। उनसे पहले पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह (2011) और जनरल बिक्रम सिंह को यह सम्मान मिल चुका है।
  • संस्थान के पूर्व छात्र: जनरल द्विवेदी इस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं और उन्हें यहाँ 'डिस्टिंग्विश्ड फेलो' (Distinguished Fellow) की उपाधि भी दी जा चुकी है।
  • सम्मान का आधार: यह सम्मान उन विदेशी सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जो USAWC से स्नातक करने के बाद अपने देश के सशस्त्र बलों में उच्चतम पद (जैसे सेना प्रमुख) तक पहुँचते हैं।
  • महत्व: यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते सैन्य कद और भारत-अमेरिका के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों (विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में) को दर्शाती है

खेल समाचार

87वीं अंतरराज्यीय जूनियर और युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप

 

  • देहरादून में आयोजित 87वीं अंतरराज्यीय जूनियर और युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप में तमिलनाडु ने महाराष्ट्र को हराकर अंडर-19 वर्ग का खिताब जीता।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मेजबानी: यह पहली बार था जब उत्तराखंड ने इस राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस टूर्नामेंट की मेजबानी की।
  • भागीदारी: इस चैंपियनशिप में देश भर के लगभग 29 राज्यों की टीमों ने भाग लिया।
  • आयोजन निकाय: इसका आयोजन भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया।
  • तारीखों में बदलाव: शुरुआत में यह प्रतियोगिता फरवरी-मार्च 2026 के लिए निर्धारित थी, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के कारण इसे अप्रैल 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
  • प्रायोजक: इस चैंपियनशिप का शीर्षक प्रायोजक 'अल्टीमेट टेबल टेनिस' (UTT) था।

मुख्य विवरण और परिणाम :

श्रेणी विजेता (Winner) उपविजेता (Runner-up) विवरण
अंडर-19 लड़कों की टीम तमिलनाडु महाराष्ट्र तमिलनाडु ने फाइनल में महाराष्ट्र को 3-1 से हराया।
अंडर-19 लड़कियों की टीम पश्चिम बंगाल तमिलनाडु बंगाल ने फाइनल में 3-1 से जीत दर्ज की।
अंडर-19 लड़कों का सिंगल्स प्रियनुज भट्टाचार्य (असम) पी. बी. अभिनंद (तमिलनाडु) प्रियनुज ने फाइनल में 4-2 से जीत हासिल की।
अंडर-19 लड़कियों का सिंगल्स सिंड्रेला दास (पश्चिम बंगाल) दिव्यांशी भौमिक (महाराष्ट्र) सिंड्रेला ने 4-1 से जीत के साथ 'डबल क्राउन' पूरा किया।
अंडर-17 लड़कों का सिंगल्स ऋत्विक गुप्ता (जम्मू-कश्मीर) सार्थक आर्य (ओडिशा) ऋत्विक जेएंडके से राष्ट्रीय खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने।
अंडर-17 लड़कियों का सिंगल्स सिंड्रेला दास (पश्चिम बंगाल) दिव्यांशी भौमिक (महाराष्ट्र) सिंड्रेला ने 4-2 से जीत हासिल की।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

'स्टॉरन्थेरा ऑरियोग्लोसा'

 

  • अरुणाचल प्रदेश में 'स्टॉरन्थेरा ऑरियोग्लोसा' नामक पौधे की एक नई प्रजाति खोजी गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • खोज स्थल: इस प्रजाति की खोज अरुणाचल प्रदेश के कामले (Kamle) और ऊपरी सुबनसिरी (Upper Subansiri) जिलों के मध्य-ऊँचाई वाले सदाबहार वनों में की गई है।

विशेषताएँ:

  • यह एक बारहमासी शाकीय (Perennial herb) पौधा है जो नदियों और नालों के किनारे नम चट्टानों और मिट्टी पर उगता है।
  • इसके फूल घंटी के आकार के और नीले-बैंगनी रंग के होते हैं।
  • इसकी सबसे विशिष्ट विशेषता फूल के निचले होंठ के भीतर एक उभरा हुआ पीला, जीभ के आकार का धब्बा है।
  • इसकी पत्तियां हीरे (diamond) या भाले (spear) के आकार की होती हैं।
  • नामकरण: "ऑरियोग्लोसा" (aureoglossa) शब्द का अर्थ 'सुनहरी जीभ' (golden tongue) है, जो इसके फूल के भीतर मौजूद पीले धब्बे को दर्शाता है।
  • संरक्षण स्थिति: वैज्ञानिकों ने इसे अनंतिम रूप से 'लुप्तप्राय' (Endangered) श्रेणी में वर्गीकृत किया है।
  • खतरे: सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं, भूस्खलन और वनों की कटाई के कारण इसके आवास को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
  • खोजकर्ता: इसे ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन (Thackeray Wildlife Foundation) और यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रांस-डिसिप्लिनरी हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा खोजा गया है।

 

Latest Courses