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आठ प्रमुख उद्योगों में गिरावट दर्ज

Thu 23 Apr, 2026

संदर्भ :

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में भारत के आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में पिछले वर्ष की तुलना में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • यह पिछले 19 महीनों में सबसे निचला स्तर है।
  • फरवरी 2026 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 2.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
  • अप्रैल से मार्च 2025-26 के दौरान ICI की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.6 प्रतिशत (अनंतिम) है।

आठ प्रमुख उद्योग :

  • कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, परिष्कृत उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली
  • चार क्षेत्रों में उत्पादन में कमी आई है, जबकि चार क्षेत्रों में वृद्धि देखी गई है

नकारात्मक प्रदर्शन वाले क्षेत्र:

  • उर्वरक (Fertilizers): सबसे बड़ी गिरावट 24.6% रही। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट (विशेषकर ईरान-इजरायल तनाव) के कारण गैस आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हुआ।
  • कच्चा तेल (Crude Oil): उत्पादन में 5.7% की कमी आई।
  • कोयला (Coal): उत्पादन 4.0% गिर गया।
  • बिजली (Electricity): बिजली उत्पादन में 0.5% की मामूली गिरावट देखी गई।

सकारात्मक प्रदर्शन वाले क्षेत्र:

  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas): इसमें 6.4% की उच्चतम वृद्धि दर्ज की गई।
  • सीमेंट (Cement): उत्पादन 4.0% बढ़ा।
  • इस्पात (Steel): 2.2% की वृद्धि के साथ सकारात्मक रहा।
  • रिफाइनरी उत्पाद: 0.1% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
  • IIP पर प्रभाव: आठ प्रमुख उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के कुल भार का 40.27% हिस्सा हैं। कोर सेक्टर में गिरावट के कारण मार्च में IIP वृद्धि दर धीमी होकर 1.0-2.0% के बीच रहने का अनुमान है।
  • वार्षिक वृद्धि (FY 2025-26): पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संचयी वृद्धि दर 2.6% रही, जो पिछले वर्ष (FY 2024-25) के 4.5% की तुलना में काफी कम है।
  • बाहरी कारक: भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर पश्चिम एशिया में) ने ऊर्जा की कीमतों और इनपुट उपलब्धता को प्रभावित किया है, जिससे विशेष रूप से उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण कृषि-आधारित निर्माण क्षेत्र पर दबाव पड़ा है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) :

  • एक समग्र सूचकांक है जो एक निश्चित अवधि के दौरान औद्योगिक उत्पादों के उत्पादन की मात्रा (Volume) में होने वाले परिवर्तनों को मापता है। यह बताता है कि देश के औद्योगिक क्षेत्र में वृद्धि हो रही है या गिरावट।
  • प्रकाशन: इसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा मासिक आधार पर जारी किया जाता है।
  • आधार वर्ष (Base Year): वर्तमान में IIP की गणना के लिए आधार वर्ष 2011-12 है।

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